क्या है अब ये रविदास मंदिर विवाद? आपकी क्या राय है?...


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Rahul Agrawal

Career Counsellor

1:07

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदि के दिल्ली के तुगलकाबाद एरिया में यह संत रविदास मंदिर था तो सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद डीडीए ने यानी कि दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इसको तोड़ दिया इसे डिमोलिश कर दिया अब इसके डिमोलिशन के बाद हजारों की संख्या में पंजाब हरियाणा दिल्ली राजस्थान उत्तर प्रदेश से दलित हजारों की संख्या में दिल्ली में सड़कों में विरोध कर रहे हैं कि भाई आपने संत रविदास मंदिर को क्यों तोड़ा तो फिर पुलिस भी उनके ऊपर लाठी चार्ज कर रही है आंसू गैस के गोले उनके ऊपर फायर किए जा रहे हैं आ मारा-पीटा भी जा रहे उनके ऊपर फोर्स का भी यूज किया जा रहा कई सारे लोग इंजन भी हुए कई सारे लोगों को चोटें भी आई तो रविदास मंदिर का जो मामला है वह यह है कि डीडीए ने इसको तोड़ दिया था सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद दलित लीडर्स का कहना है कि सरकार जो है दलितों के सेंटीमेंट्स को नुकसान पहुंचा रही है हम संत रविदास को बहुत मानते और इस तरीके से मंदिर तोड़ना बिल्कुल गलत था तो यह है टोटल मामला धन्यवाद

aadi ke delhi ke tugalakabad area mein yah sant ravidas mandir tha toh supreme court ke order ke baad supreme court ke order ke baad DDA ne yani ki delhi development authority ne isko tod diya ise dimolish kar diya ab iske dimolishan ke baad hazaro ki sankhya mein punjab haryana delhi rajasthan uttar pradesh se dalit hazaro ki sankhya mein delhi mein sadkon mein virodh kar rahe hain ki bhai aapne sant ravidas mandir ko kyon toda toh phir police bhi unke upar lathi charge kar rahi hai aasu gas ke gole unke upar fire kiye ja rahe hain aa mara pita bhi ja rahe unke upar force ka bhi use kiya ja raha kai saare log engine bhi hue kai saare logo ko chotein bhi I toh ravidas mandir ka jo maamla hai vaah yah hai ki DDA ne isko tod diya tha supreme court ke order ke baad dalit leaders ka kehna hai ki sarkar jo hai dalito ke sentiments ko nuksan pohcha rahi hai hum sant ravidas ko bahut maante aur is tarike se mandir todna bilkul galat tha toh yah hai total maamla dhanyavad

आदि के दिल्ली के तुगलकाबाद एरिया में यह संत रविदास मंदिर था तो सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के ब

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या है अब यह रविदास मंदिर बाद आपकी दीदी रविदास मंदिर रविदास के माननीय वाले लोगों को जो विश्वास करते हैं उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए लोग इसका बहुत ही विरोध करते हैं और जैसे उनका विरोध करना क्योंकि कोई भी मंदिर या कोई भी इस तरह की धार्मिक थानाध्यक्ष टूटते हैं तो लोगों का विरोध होता है लेकिन जो प्रगति करनी है कोई भी सुधार करना है और कोई भी पब्लिक फ्रूट्स बनाने हैं यार कोई भी अच्छा करना है तो कुछ ना कुछ किराने पड़ता है लेकिन उसे धार्मिक भावना का होना स्वाभाविक है लेकिन हमें कहीं जाकर इसका शिकार करना पड़ता है एक तरफ विकास चाहते हैं हम चाहते हैं कि हमारे पास 24 लड़के हो बाग बगीचे हो जानू अगर हम कुछ भी गंवाना नहीं चाहते लेकिन इसको एक तरह से किसी विशेष जाति की धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखना यह गलत होगा कि रविदास जयंती मनाई जाती है वहां तो उस समय पहले पूजा होती है वह मंदिर जोशी जी कार्ड बन सकता है ऐसा नहीं है कि सब के आगे भी होते हैं रविदास रविदास गुरु हैं इन सब बातों को बुलाना पड़ता है और 24 मिनट अगर करना है तो दीजिए वही करने का प्रयास कर रही है और अपने आपको हमेशा और पब्लिक में शांति व्यवस्था को कायम रखना चाहिए

kya hai ab yah ravidas mandir baad aapki didi ravidas mandir ravidas ke mananiya waale logo ko jo vishwas karte hain unki dharmik bhaavnaye aahat hui hain isliye log iska bahut hi virodh karte hain aur jaise unka virodh karna kyonki koi bhi mandir ya koi bhi is tarah ki dharmik thanadhyaksh tutate hain toh logo ka virodh hota hai lekin jo pragati karni hai koi bhi sudhaar karna hai aur koi bhi public Fruits banane hain yaar koi bhi accha karna hai toh kuch na kuch kirane padta hai lekin use dharmik bhavna ka hona swabhavik hai lekin hamein kahin jaakar iska shikaar karna padta hai ek taraf vikas chahte hain hum chahte hain ki hamare paas 24 ladke ho bagh bagiche ho janu agar hum kuch bhi ganvana nahi chahte lekin isko ek tarah se kisi vishesh jati ki dharmik bhavnao se jodkar dekhna yah galat hoga ki ravidas jayanti manai jaati hai wahan toh us samay pehle puja hoti hai vaah mandir joshi ji card ban sakta hai aisa nahi hai ki sab ke aage bhi hote hain ravidas ravidas guru hain in sab baaton ko bulana padta hai aur 24 minute agar karna hai toh dijiye wahi karne ka prayas kar rahi hai aur apne aapko hamesha aur public mein shanti vyavastha ko kayam rakhna chahiye

क्या है अब यह रविदास मंदिर बाद आपकी दीदी रविदास मंदिर रविदास के माननीय वाले लोगों को जो वि

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संत रविदास का मंदिर विवाद जो है वह दिल्ली में गहराया है दिल्ली में कोर्ट ने आदेश दिया कि मंदिर यहां से हटाइए पर यह मार्ग का है सड़क मार्ग का है और यहां पर मंडी हटाकर मार्ग को चौड़ा के परिणाम स्वरूप उच्च कोर्ट के आदेश के बाद भी तो विवाद खड़ा हो गया और मंजू को तोड़ा गया छोड़ने के बाद मनजीत को दूसरी जगह बचाने की बात कही गई जो मुकदमा अभी भी कोर्ट में लंबित है और यह समुदाय को और सरकार के बीच में बहुत बड़ा विवाद का कारण बन गया है मंदिर मंदिर होता है मंदिर को हर कहीं स्थान पर नहीं बताया जाता कि जहां देखा वही मंदिर बसा लिया बल्कि जहां भी आपको स्थान मिलता है और जो आपके लिए आपकी भावनाओं से जुड़ा है आपकी श्रद्धा से जुड़ा हुआ है उस स्थान को आप भी पवित्र स्थान दे सकते हैं और वहां अपनी देवी देवता या अपने आप उस धार्मिक स्थल को स्थापित कर सकते हैं कोडकोव इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि धार्मिक स्थलों के विषय में वह विचार बड़े काले चने कहीं भी विरोध जताया वाद-विवाद की स्थिति

sant ravidas ka mandir vivaad jo hai vaah delhi mein gahraya hai delhi mein court ne aadesh diya ki mandir yahan se hataiye par yah marg ka hai sadak marg ka hai aur yahan par mandi hatakar marg ko chauda ke parinam swaroop ucch court ke aadesh ke baad bhi toh vivaad khada ho gaya aur manju ko toda gaya chodne ke baad manjit ko dusri jagah bachane ki baat kahi gayi jo mukadma abhi bhi court mein lambit hai aur yah samuday ko aur sarkar ke beech mein bahut bada vivaad ka karan ban gaya hai mandir mandir hota hai mandir ko har kahin sthan par nahi bataya jata ki jaha dekha wahi mandir basa liya balki jaha bhi aapko sthan milta hai aur jo aapke liye aapki bhavnao se juda hai aapki shraddha se juda hua hai us sthan ko aap bhi pavitra sthan de sakte hain aur wahan apni devi devta ya apne aap us dharmik sthal ko sthapit kar sakte hain kodkov is baat ka dhyan rakhna chahiye ki dharmik sthalon ke vishay mein vaah vichar bade kaale chane kahin bhi virodh jataya vad vivaad ki sthiti

संत रविदास का मंदिर विवाद जो है वह दिल्ली में गहराया है दिल्ली में कोर्ट ने आदेश दिया कि म

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Kishan Kumar

Motivational speaker

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड आप का क्वेश्चन है क्या है अब यह दास मंदिर विवाद आपकी क्या राय है दोस्तों मंदिर तो मंदिर होता है चाहे किसी भी धर्म का हो कोर्ट ने आदेश दिया कि तोड़ने का 2 लोगों ने तोड़ा उसके बदले में उसी के आसपास कहीं मंदिर बनाकर उस धर्म के लोगों को दे जिससे वह भी अपना एक आस्था उनका भी है अभी पूजा पाठ कर सके और एकता के बंधन में सब लोग रहे समाज में विद्रोह ना फैले एकता की भावना है थैंक्यू हम यही चाहते हैं

hello friend aap ka question hai kya hai ab yah das mandir vivaad aapki kya rai hai doston mandir toh mandir hota hai chahen kisi bhi dharm ka ho court ne aadesh diya ki todne ka 2 logo ne toda uske badle mein usi ke aaspass kahin mandir banakar us dharm ke logo ko de jisse vaah bhi apna ek astha unka bhi hai abhi puja path kar sake aur ekta ke bandhan mein sab log rahe samaj mein vidroh na failen ekta ki bhavna hai thainkyu hum yahi chahte hain

हेलो फ्रेंड आप का क्वेश्चन है क्या है अब यह दास मंदिर विवाद आपकी क्या राय है दोस्तों मंदिर

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