क्यूँ BPCL को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली नहीं लगाएगी?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:24

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या बीपीसीएल को करने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली नहीं लगाई और कोई दूसरी सरकारी कंपनी गोली मार देले बा प्राइवेट सेक्टर की कोई भी कंपनी हो सकता है भूले लगाए लेकिन पुत्र को भारत सरकार परिभाषा 51256 भारत सरकारी करें इस बीपीसीएल कंपनी में अपना होल्डिंग बता रही है लेकिन उसको दे देना सीतारमण ने कर दिया है और उसी की है जो किसी की जो है किंतु साथ ही उनका आगे का कार्यक्रम है इसलिए कोई दूसरी सरकारी कंपनी इसको नहीं करेगी लेकिन दूसरी प्रवेश करती जो पीएसयू कंपनी को अपना सहयोग बढ़ाने पर विचार जरूर करें धन्यवाद

kya BPCL ko karne ke liye koi sarkari company boli nahi lagayi aur koi dusri sarkari company goli maar dele ba private sector ki koi bhi company ho sakta hai bhule lagaye lekin putra ko bharat sarkar paribhasha 51256 bharat sarkari kare is BPCL company mein apna holding bata rahi hai lekin usko de dena sitaraman ne kar diya hai aur usi ki hai jo kisi ki jo hai kintu saath hi unka aage ka karyakram hai isliye koi dusri sarkari company isko nahi karegi lekin dusri pravesh karti jo PSU company ko apna sahyog badhane par vichar zaroor kare dhanyavad

क्या बीपीसीएल को करने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली नहीं लगाई और कोई दूसरी सरकारी कंपनी गोल

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखे आपका सवाल है क्या बीपीसीएल को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली नहीं लगाएगी सरकारी कंपनी भला क्यों बोली लगाएगी सरकार खुद चाहती है कि वह जितने भी मुझे बिजनेस है सरकार के अधीन जो कंपनियां हैं वह उनका प्राइवेटाइजेशन से करें इसीलिए सरकारी कंपनी का बोली लगाने का तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और इसमें जो है कि मेरा जातक नॉलेज है बीपीसीएल पर वेदांता ने भी अपनी इच्छा जाहिर की कि वह बोली लगाएगी और इसका मार्च तक पूरा क्लियर हो जाएगा जैसे क्या होगा रिलायंस भी इसमें अपना इंटरेस्ट दे रही थी पर रिलायंस पर अभी एक प्रॉब्लम खड़ी हो गई है तो उस हिसाब से रिलायंस के विषय में भी नहीं सकता हूं मैं पर विदांता का पूरा पूरा रुझान है बीपीसीएल को लेने का सरकार का जो शेर है बीपीसीएल पर वह 75% है तो वह शेर हो सकता है आने वाले समय में वेदांता जैसी दिग्गज कंपनियां जो भारत की है वह इस पर अपनी बोली लगाए और सफल हुए

dikhen aapka sawaal hai kya BPCL ko kharidne ke liye koi sarkari company boli nahi lagaegi sarkari company bhala kyon boli lagaegi sarkar khud chahti hai ki vaah jitne bhi mujhe business hai sarkar ke adheen jo companiya hain vaah unka privatisation se kare isliye sarkari company ka boli lagane ka toh koi prashna hi nahi uthata hai aur isme jo hai ki mera jatak knowledge hai BPCL par vedanta ne bhi apni iccha jaahir ki ki vaah boli lagaegi aur iska march tak pura clear ho jaega jaise kya hoga reliance bhi isme apna interest de rahi thi par reliance par abhi ek problem khadi ho gayi hai toh us hisab se reliance ke vishay mein bhi nahi sakta hoon main par vidanta ka pura pura rujhan hai BPCL ko lene ka sarkar ka jo sher hai BPCL par vaah 75 hai toh vaah sher ho sakta hai aane waale samay mein vedanta jaisi diggaj companiya jo bharat ki hai vaah is par apni boli lagaye aur safal hue

दिखे आपका सवाल है क्या बीपीसीएल को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली नहीं लगाएगी सरकारी

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Raj Kumar

Sports Coach

0:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी आजकल के पेपर में पैसा पड़ा रहा है आज के पेपर में मुख्य सरकार की ओर से यह कहा गया है कि बीपीसीएल को को खरीदने के लिए कोई भी सरकारी कंपनी होली नहीं लगाए कि यह सरकार की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है

abhi aajkal ke paper mein paisa pada raha hai aaj ke paper mein mukhya sarkar ki aur se yah kaha gaya hai ki BPCL ko ko kharidne ke liye koi bhi sarkari company holi nahi lagaye ki yah sarkar ki taraf se spasht kar diya gaya hai

अभी आजकल के पेपर में पैसा पड़ा रहा है आज के पेपर में मुख्य सरकार की ओर से यह कहा गया है कि

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Sanjeev

Teacher

3:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इसका बहुत सीधा सा जवाब बीपीसीएल को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली क्यों नहीं लगाएगी इसका सीधा-सीधा जवाब है एक सरकारी कंपनी को खरीदकर एक्सरसाइज सरकारी कंपनी अपना पैसा लगाकर दूसरी सरकारी कंपनियों खरीदे तो उसका एक बात है कि मैं अपनी जेब से एक जेब से पैसा निकाल कर दूसरी जेब में डाल देता हूं उसे मेरे वेल्थ पर कोई असर नहीं पड़ता है जाहिर सी बात है सरकारी कंपनियां तो सरकार बैठ होगी सरकार की पूंजी होगी तो सरकार को चाहिए पूंजी अभी और डेबिट में फिस्कल डेफिसिट में हलिया में उसने का पूरे ट्रैक ट्रैक पैंट खत आया है वह पैसे के लिए अपने रिसोर्सेज पर दांव लगा रहे हैं कि हमारी कुछ कंपनी बिक जाए कुछ पैसे आ जाए ताकि हम सरकारी खर्च निकाल सके भाई सरकार चला मैं तो उसके लिए खर्चे को चाहिए ढेर सारी योजनाएं गरीबों को देने के लिए और मोदी जी को देखना है कि भाई बड़े रोजगार और गरीबी हमारे भूखे नंबर है तो दोनों तरफ से देखना है हमको तो अब एक कंपनी का पैसा ऐसे मोदी जी दूसरी कंपनी खरीदें तो उसे उनको पैसा नहीं मिलने वाला कोई प्राइवेट कंपनी ही बोली लगाएगी और इससे प्रक्रिया से सरकारी कंपनियां दूर होंगी ताकि सरकार को अपना पैसा ना देना पड़े अभिज्ञ से निकल के छाव सरकार दूसरी जेब में पैसा डाल दे तो उसे यह तो है ना कि सरकार के पास पैसा बढ़ जाएगा नहीं रहेगा सरकार को चाहिए उसके लिए बीपीसीएल को सरकार इंडिया विथ नहीं रही है वह भी मिट जाएगी इस समय से थोड़ा समय लगेगा तो आगे बहुत सारे देशों में सफर करना है उनको आगे बढ़ानी है तो कुछ तो स्टेप लेना है बैठकर तो काम होगा नहीं तो कहीं ज्यादा बेहतर है कि कंपनियों को बेच करके एक चांस लिया जाए कि हल्की बता रहा है कि जो टैक्स कम हुआ है आगे चलकर के सरकार के खजाने को बढ़ाएगा ही लेकिन अभी एक-दो साल 3 साल के लिए थोड़ा सा परेशानी होगी जो टैक्स कम कर दिया है तू उसको कवर करने के लिए सरकार को बहुत सरकार का पेट बिल्कुल खाली है भूखी है सरकार उसके पास कुछ नहीं है जल्दी से जल्दी चाहती है कि मैं बस कुछ पैसा आ जाए ताकि हमारे योजनाएं चल सके गरीबों को लाभ मिल सके और से बातें कोई भी सरकार आमिर की सारी चीजें तो बीवी से मिलने के लिए कोई सरकारी पैसा चाहिए सीधी सी बात है

dekhiye iska bahut seedha sa jawab BPCL ko kharidne ke liye koi sarkari company boli kyon nahi lagaegi iska seedha seedha jawab hai ek sarkari company ko kharidkar exercise sarkari company apna paisa lagakar dusri sarkari companion kharide toh uska ek baat hai ki main apni jeb se ek jeb se paisa nikaal kar dusri jeb mein daal deta hoon use mere wealth par koi asar nahi padta hai jaahir si baat hai sarkari companiya toh sarkar baith hogi sarkar ki punji hogi toh sarkar ko chahiye punji abhi aur debit mein fiskal deficit mein haliya mein usne ka poore track track pant khat aaya hai vaah paise ke liye apne resources par dav laga rahe hain ki hamari kuch company bik jaaye kuch paise aa jaaye taki hum sarkari kharch nikaal sake bhai sarkar chala main toh uske liye kharche ko chahiye dher saree yojanaye garibon ko dene ke liye aur modi ji ko dekhna hai ki bhai bade rojgar aur garibi hamare bhukhe number hai toh dono taraf se dekhna hai hamko toh ab ek company ka paisa aise modi ji dusri company khariden toh use unko paisa nahi milne vala koi private company hi boli lagaegi aur isse prakriya se sarkari companiya dur hongi taki sarkar ko apna paisa na dena pade abhigya se nikal ke chav sarkar dusri jeb mein paisa daal de toh use yah toh hai na ki sarkar ke paas paisa badh jaega nahi rahega sarkar ko chahiye uske liye BPCL ko sarkar india with nahi rahi hai vaah bhi mit jayegi is samay se thoda samay lagega toh aage bahut saare deshon mein safar karna hai unko aage badhani hai toh kuch toh step lena hai baithkar toh kaam hoga nahi toh kahin zyada behtar hai ki companion ko bech karke ek chance liya jaaye ki halki bata raha hai ki jo tax kam hua hai aage chalkar ke sarkar ke khajaane ko badhayega hi lekin abhi ek do saal 3 saal ke liye thoda sa pareshani hogi jo tax kam kar diya hai tu usko cover karne ke liye sarkar ko bahut sarkar ka pet bilkul khaali hai bhukhi hai sarkar uske paas kuch nahi hai jaldi se jaldi chahti hai ki main bus kuch paisa aa jaaye taki hamare yojanaye chal sake garibon ko labh mil sake aur se batein koi bhi sarkar aamir ki saree cheezen toh biwi se milne ke liye koi sarkari paisa chahiye seedhi si baat hai

देखिए इसका बहुत सीधा सा जवाब बीपीसीएल को खरीदने के लिए कोई सरकारी कंपनी बोली क्यों नहीं लग

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