जम्मू कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का क्या लाभ है?...


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नमस्कार जम्मू कश्मीर को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से इन दोनों प्रदेशों का विकास होने में सहायता मिलेगी सरकार और अच्छे तरीके से इसमें जनता की सेवा कर सकेगी धन्यवाद

namaskar jammu kashmir ko 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit karne se in dono pradeshon ka vikas hone me sahayta milegi sarkar aur acche tarike se isme janta ki seva kar sakegi dhanyavad

नमस्कार जम्मू कश्मीर को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से इन दोनों प्रदेशों का व

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Sanjoy Sachdev

Life Coach | Chairman Love Commandos

3:27
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जम्मू कश्मीर राज्य को दो भागों में बांटने के यूनियन टेरिटरी बना देने का कोई बड़ा लाभ होने वाला नहीं है लद्दाख के एक हिस्से के लोगों की मांग की यूनियन टेरिटरी बनाकर देने की थी लेकिन लद्दाख के क्षेत्र में यदि पूरी हम करगिल को देखें और लद्दाख को देखे उसमें दो अलग-अलग तरह के लोग हैं कर दिल जहां मुस्लिम शिया डोमिनेटेड है वहां लद्दाख बोदरा मिली और कुल 1 पाली मंत्री क्वेश्चन सी है इसलिए उसको अगर आप रे जूती बना भी दिया तो वहां के जो लोग बहुसंख्यक आबादी है यूनियन टेरिटरी के हक में नहीं है इसी तरह जम्मू-कश्मीर को आप पर यूनियन टेरिटरी बना तो दिया लेकिन वहां के लोगों की भावना ऐसे नहीं यदि हम इतिहास में जाएं तो तब के महाराजा हरि सिंह ने सन 1921 में इंग्लैंड में गोलमेज कांफ्रेंस में डंके की चोट पर कहा था कि मैं भारतीय हूं आया मैंने इंडियन लेकिन उस बात की भावना का आदर नहीं कर पाए हम लोग वही महाराजा हरिसिंह थे जिन्होंने अपने दौर में लगभग 2000 स्कूल बनाए दो बड़े सरकारी अस्पताल एक जम्मू श्रीनगर में बना और जो आजादी की लड़ाई आज जो कश्मीर का हिसाब के साथ जुड़ा है वह action-packed के तथा और उसके रिश्तेदार चमके प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री थे हाजी इतिहास पढ़ाया नहीं जाता अब भ्रष्ट इतिहास पढ़ाया जाता इसलिए लगता है कि इससे कोई लाभ होगा लव कोई नहीं होगा बल्कि ड्यूटीज के बीच में जो एक राज्य था लोगों को आने-जाने और टैक्सेशन में दिक्कतें आएंगी जहां तक सवाल है जम्मू कश्मीर के लोगों को लाभ का तो वहां भी कोई लाभ जैसी स्थिति नजर नहीं आती है क्योंकि इंडस्ट्री की हालत पहले ही वहां नहीं थी नहीं नसीब लगने की कोई संभावना नहीं है वहां के लोग आपस में एक दूसरे के साथ मिलकर थे आज उनके बीच में एक नया अंतर आएगा जो होने वाले काम थे वह तो हुए नहीं लेकिन इस बात को लेकर चला दिया गया धारा 370 को भी खत्म करने की जब बात की जाती है तो 370 कब पार्ट वन तो आपने रिटर्न कर लिया तो 370 खत्म नहीं हुआ हां 35a जिससे वहां के नागरिकों के जम्मू कश्मीर के दोनों खेतों के नागरिकों के दोनों यूपी के नागरिकों के जो मूल अधिकार है उन पर अतिक्रमण होता था उसे खत्म किया गया एक अच्छा कदम रहा लेकिन उसके तहत बने हुए कानूनों को खत्म नहीं किया अब उसी 351 के तहत आपने जो कनूलेक बनाया हुआ जबकि ऐसे उसे आज तक आपने जिंदा रखा है लोगों की जो नागरिक अधिकार है वह बाहर किए नहीं इसके लाभ होने की वजह नुकसान होने की उम्मीद ज्यादा है घर आने वाला समय बताएगा किसका ही मिस क्या होता है

jammu kashmir rajya ko do bhaagon me baantne ke union Territory bana dene ka koi bada labh hone vala nahi hai ladakh ke ek hisse ke logo ki maang ki union Territory banakar dene ki thi lekin ladakh ke kshetra me yadi puri hum kargil ko dekhen aur ladakh ko dekhe usme do alag alag tarah ke log hain kar dil jaha muslim shiya domineted hai wahan ladakh bodra mili aur kul 1 paali mantri question si hai isliye usko agar aap ray juti bana bhi diya toh wahan ke jo log bahusankhyak aabadi hai union Territory ke haq me nahi hai isi tarah jammu kashmir ko aap par union Territory bana toh diya lekin wahan ke logo ki bhavna aise nahi yadi hum itihas me jayen toh tab ke maharaja hari Singh ne san 1921 me england me golamej conference me danke ki chot par kaha tha ki main bharatiya hoon aaya maine indian lekin us baat ki bhavna ka aadar nahi kar paye hum log wahi maharaja harisingh the jinhone apne daur me lagbhag 2000 school banaye do bade sarkari aspatal ek jammu srinagar me bana aur jo azadi ki ladai aaj jo kashmir ka hisab ke saath juda hai vaah action packed ke tatha aur uske rishtedar chamke pradhanmantri shaikh abdullah jammu kashmir ke pradhanmantri the haji itihas padhaya nahi jata ab bhrasht itihas padhaya jata isliye lagta hai ki isse koi labh hoga love koi nahi hoga balki duties ke beech me jo ek rajya tha logo ko aane jaane aur taxation me dikkaten aayengi jaha tak sawaal hai jammu kashmir ke logo ko labh ka toh wahan bhi koi labh jaisi sthiti nazar nahi aati hai kyonki industry ki halat pehle hi wahan nahi thi nahi nasib lagne ki koi sambhavna nahi hai wahan ke log aapas me ek dusre ke saath milkar the aaj unke beech me ek naya antar aayega jo hone waale kaam the vaah toh hue nahi lekin is baat ko lekar chala diya gaya dhara 370 ko bhi khatam karne ki jab baat ki jaati hai toh 370 kab part van toh aapne return kar liya toh 370 khatam nahi hua haan 35a jisse wahan ke nagriko ke jammu kashmir ke dono kheton ke nagriko ke dono up ke nagriko ke jo mul adhikaar hai un par atikraman hota tha use khatam kiya gaya ek accha kadam raha lekin uske tahat bane hue kanuno ko khatam nahi kiya ab usi 351 ke tahat aapne jo kanulek banaya hua jabki aise use aaj tak aapne zinda rakha hai logo ki jo nagarik adhikaar hai vaah bahar kiye nahi iske labh hone ki wajah nuksan hone ki ummid zyada hai ghar aane vala samay batayega kiska hi miss kya hota hai

जम्मू कश्मीर राज्य को दो भागों में बांटने के यूनियन टेरिटरी बना देने का कोई बड़ा लाभ होने

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MRI

Retired Executive (PSU), Electrical Engineer, AUTHOR, हिंदी भषा में चार पुस्तकें प्रकाशित. जल्द ही तीन और प्रकाशित होने वाली हैं ।

1:22
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जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का क्या लाभ है मकसद राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का नहीं है उसका मकसद यह है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया है उसको हटाना है उसके लिए इसको भारत के 2 राज्य डैड बनना ही बना के पहले किन हर्षित खातिरदारी बनाया है और आगे आने वाले समय में उसका कुछ महीनों में या को चालू में यह दोनों केंद्र शासित प्रदेशों हैं राज्य में बदल भी जाए अभी लाने के लिए ताकि भारत के सारे नियम यहां पर लागू होने से अभी कुछ लिए जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते उसको स्पेशल डॉक्टर दिया हुआ है उस पर अधिकार के कारण भारत के सारे कानून जम्मू कश्मीर में लागू नहीं थे केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं बन जाएंगे पाकिस्तानी कानून जम्मू कश्मीर में लागू होंगे जैसे हिंदी पर जो जोर है राजभाषा हिंदी अधिनियम जो है वह जम्मू कश्मीर में लागू नहीं है वह हो जाएगा इससे और भी चीजें हैं और भी कानून लागू हो जाएंगे

jammu kashmir rajya ko 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit karne ka kya labh hai maksad rajya ko kendra shasit pradeshon me vibhajit karne ka nahi hai uska maksad yah hai ki jammu kashmir ko vishesh darja diya gaya hai usko hatana hai uske liye isko bharat ke 2 rajya dad banna hi bana ke pehle kin harshit khatirdari banaya hai aur aage aane waale samay me uska kuch mahinon me ya ko chaalu me yah dono kendra shasit pradeshon hain rajya me badal bhi jaaye abhi lane ke liye taki bharat ke saare niyam yahan par laagu hone se abhi kuch liye jammu kashmir me laagu nahi hote usko special doctor diya hua hai us par adhikaar ke karan bharat ke saare kanoon jammu kashmir me laagu nahi the kendra shasit pradesh ban gaye hain ban jaenge pakistani kanoon jammu kashmir me laagu honge jaise hindi par jo jor hai rajbhasha hindi adhiniyam jo hai vaah jammu kashmir me laagu nahi hai vaah ho jaega isse aur bhi cheezen hain aur bhi kanoon laagu ho jaenge

जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का क्या लाभ है मकसद राज्य

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Lalit Sharma

Director International Dogra Society (Community Work), Assoc CIPD (London)

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Vipin Giri

Journalist

1:53
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जम्मू कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के पीछे सरकार की एक बहुत बड़ी रणनीति है क्योंकि जम्मू कश्मीर में आए दिन आतंकवादी गतिविधियां होती हैं अलगाववादी संगठन और वहां के कुछ तथाकथित नेता जो पत्थरबाजों को पैसे देकर पत्थरबाजी कर आते थे सेना के ऊपर पत्थर पर को आते थे तो इसको लेकर सरकार ने यह एक बड़ी पहल की है और जम्मू कश्मीर से 370 35 से भी हटाया केंद्रशासित बनाने के पीछे वजह है कि वहां की जो सारी शक्तियां है जो सरकार के पास रहती हैं वह अब केंद्र की सरकार के पास रहेंगी जो भी सरकार वहां पर कार्रवाई करेगी वह केंद्र सरकार पूरी तरह उसके लिए स्वतंत्र है और वही कार्रवाई या जम्मू कश्मीर के लोगों को जम्मू कश्मीर की आवाम एक शांत माहौल देगी यह मेरा मानना है और जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने का एक अहम रोल यह भी है कि यह दोनों ही इलाके ऐसे हैं जहां दूसरे देशों की सीमाएं इन से मिलती है तो जब केंद्र शासित प्रदेश रहेंगे तो वहां पर केंद्र के सभी अधिकारी कर्मचारी की तैनाती रहेगी और इससे वे सीधे सरकार से निर्देश मिलने के बाद वहां पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई कर सकेंगे पहले अक्सर ऐसा होता था कि जो वहां की सरकारें रहती थी ना जम्मू-कश्मीर की तो वह अपने मनमाफिक फैसले लेते थे और जम्मू कश्मीर की आवाम को खासा परेशानी में डालते थे तो कुछ फैसले से होते थे जो देश हित में नहीं है अब केंद्र सरकार के पास सारी शक्तियां हैं

jammu kashmir rajya ko kendra shasit pradesh banane ke peeche sarkar ki ek bahut baadi rananiti hai kyonki jammu kashmir mein aaye din aatankwadi gatividhiyan hoti hai alagaavavaadee sangathan aur wahan ke kuch tathakathit neta jo pattharbajon ko paise dekar patharbaji kar aate the sena ke upar patthar par ko aate the toh isko lekar sarkar ne yah ek baadi pahal ki hai aur jammu kashmir se 370 35 se bhi hataya kendrashasit banane ke peeche wajah hai ki wahan ki jo saree shaktiyan hai jo sarkar ke paas rehti hai vaah ab kendra ki sarkar ke paas rahegi jo bhi sarkar wahan par karyawahi karegi vaah kendra sarkar puri tarah uske liye swatantra hai aur wahi karyawahi ya jammu kashmir ke logo ko jammu kashmir ki avam ek shaant maahaul degi yah mera manana hai aur jammu kashmir aur ladakh ko kendrashasit pradesh banane ka ek aham roll yah bhi hai ki yah dono hi ilaake aise hai jaha dusre deshon ki simaye in se milti hai toh jab kendra shasit pradesh rahenge toh wahan par kendra ke sabhi adhikari karmchari ki tainati rahegi aur isse ve sidhe sarkar se nirdesh milne ke baad wahan par kisi bhi tarah ki koi karyawahi kar sakenge pehle aksar aisa hota tha ki jo wahan ki sarkaren rehti thi na jammu kashmir ki toh vaah apne manamafik faisle lete the aur jammu kashmir ki avam ko khasa pareshani mein daalte the toh kuch faisle se hote the jo desh hit mein nahi hai ab kendra sarkar ke paas saree shaktiyan hain

जम्मू कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के पीछे सरकार की एक बहुत बड़ी रणनीति है क्

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Arpita kumari

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि केंद्र शासित प्रदेश होने पर कितने सारे आप जो है इन देशों को मिलते हैं कंधे पर शासित प्रदेश होने की वजह से वहां पर जीवंत जम्मू कश्मीर चुकी संवेदनशील जगह है वहां पर है कि पाकिस्तान के साथ हमारी तमाम तरह के जो है आपस में तकरार करते रहते हैं वहां की जो पॉलिटिकल पार्टियां है पहले आप देखिए उसके बाद देखने पर सबसे बड़ा कार्य तौर पर जनता को जो राजनेता दूर रहे होते जो पैसा केंद्र सरकार राजपूत है कि उस पर उपयोग जनता की भलाई के लिए हो सकेगा राज्य सरकारें जनता को बेवकूफ बनाते हो और सत्ता में आ जाती है लेकिन भाषा पूरे नहीं करती है और जनता का जीवनी रह जाता है केंद्र शासित प्रदेश होने का सबसे बड़ा पागल ही है कि सड़क जैसे तमाम मुद्दे सुरक्षा जैसे तमाम मुद्दों पर सरकार सीजन ले ले ले सकेगा इसकी वजह से क्या होगा कि वहां के लोगों के यहां पर जो राजनीतिक तौर पर लोगों को गुमराह किया जाता है उनका बच्चा होगा अभी तक हमने देखा है कि जम्मू-कश्मीर में उनकी जिंदगी में वहां पर बहुत अच्छा थोड़ी कम हो सकता है उसके बावजूद वहां के लोग गरीबी में जी रहे हैं इन तमाम तमाम तो देते हैं उन्हें बदलाव होगा और उन्हें बेहतर लाभ मिल पाएगा तो जम्मू कश्मीर सरकार का ध्यान और ज्यादा बेहतर तरीके से वहां के लोगों को फॉरवर्ड कर देते हो पाता है और लद्दाख जम्मू कश्मीर करने के बाद वहां पर जो सुविधाएं हैं केंद्र की तरफ से और बेहतर तरीके से कम हो जाएगी

dekhiye sabse pehle yah samajhna zaroori hai ki kendra shasit pradesh hone par kitne saare aap jo hai in deshon ko milte hain kandhe par shasit pradesh hone ki wajah se wahan par jivant jammu kashmir chuki samvedansheel jagah hai wahan par hai ki pakistan ke saath hamari tamaam tarah ke jo hai aapas me takrar karte rehte hain wahan ki jo political partyian hai pehle aap dekhiye uske baad dekhne par sabse bada karya taur par janta ko jo raajneta dur rahe hote jo paisa kendra sarkar rajput hai ki us par upyog janta ki bhalai ke liye ho sakega rajya sarkaren janta ko bewakoof banate ho aur satta me aa jaati hai lekin bhasha poore nahi karti hai aur janta ka jeevni reh jata hai kendra shasit pradesh hone ka sabse bada Pagal hi hai ki sadak jaise tamaam mudde suraksha jaise tamaam muddon par sarkar season le le le sakega iski wajah se kya hoga ki wahan ke logo ke yahan par jo raajnitik taur par logo ko gumrah kiya jata hai unka baccha hoga abhi tak humne dekha hai ki jammu kashmir me unki zindagi me wahan par bahut accha thodi kam ho sakta hai uske bawajud wahan ke log garibi me ji rahe hain in tamaam tamaam toh dete hain unhe badlav hoga aur unhe behtar labh mil payega toh jammu kashmir sarkar ka dhyan aur zyada behtar tarike se wahan ke logo ko forward kar dete ho pata hai aur ladakh jammu kashmir karne ke baad wahan par jo suvidhaen hain kendra ki taraf se aur behtar tarike se kam ho jayegi

देखिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि केंद्र शासित प्रदेश होने पर कितने सारे आप जो है इन दे

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जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का मेन उद्देश्य था मूल उद्देश्य यह था कि तू वहां की लोकल लीडरशिप थी वहां के अधिकतर लोकल लीडर हुआ करते थे वह जम्मू-कश्मीर के विकास को लेकर गंभीर नहीं थे वो सिर्फ और सिर्फ अपनी राजनीति को लेकर गंभीर हुआ करते थे अब जबकि यह राज्य 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया है वहां पर पूर्ण रूप से केंद्र का हस्तक्षेप होगा और केंद्रीय समितियों और केंद्रीय सचिवों के माध्यम से वहां के विकास पर खासा ध्यान दिया जाएगा और जो विकास किस विकास से अब तक जम्मू कश्मीर अछूता रह गया है पिछले 70 सालों में अगर जम्मू कश्मीर में आप उठाकर देखें जितनी चीजें वहां पर प्राकृतिक संसाधन कितने हैं हमारे पास उसका सदुपयोग नहीं हो रहा है उसका दुरुपयोग किया जा रहा था वहां के लोगों को बरगला कर के आतंकवादी मैं अभी चार धामों से प्रेरित करने में सहयोग करना और यह सारी चीजें वहां की जनता के लिए और भारत की जनता के लिए और बेहद हानिकारक है तो सबसे बड़ा लाभ वहां यह हुआ कि वहां से आतंक वहां से आतंकवाद को समाप्त करने में बहुत सहयोग मिलेगा और काफी हद तक वहां पर सरकारी दिखने लगी है धीरे-धीरे जम्मू कश्मीर में धन्यवाद

jammu kashmir rajya ko 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit karne ka main uddeshya tha mul uddeshya yah tha ki tu wahan ki local leadership thi wahan ke adhiktar local leader hua karte the vaah jammu kashmir ke vikas ko lekar gambhir nahi the vo sirf aur sirf apni raajneeti ko lekar gambhir hua karte the ab jabki yah rajya 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit kar diya gaya hai wahan par purn roop se kendra ka hastakshep hoga aur kendriya samitiyon aur kendriya sachivon ke madhyam se wahan ke vikas par khasa dhyan diya jaega aur jo vikas kis vikas se ab tak jammu kashmir achuta reh gaya hai pichle 70 salon me agar jammu kashmir me aap uthaakar dekhen jitni cheezen wahan par prakirtik sansadhan kitne hain hamare paas uska sadupyog nahi ho raha hai uska durupyog kiya ja raha tha wahan ke logo ko bargala kar ke aatankwadi main abhi char dhamo se prerit karne me sahyog karna aur yah saari cheezen wahan ki janta ke liye aur bharat ki janta ke liye aur behad haanikarak hai toh sabse bada labh wahan yah hua ki wahan se aatank wahan se aatankwad ko samapt karne me bahut sahyog milega aur kaafi had tak wahan par sarkari dikhne lagi hai dhire dhire jammu kashmir me dhanyavad

जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का मेन उद्देश्य था मूल उद्द

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Prakhar Srivastava

IAS Aspirant

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इससे बाकी जो भी कानूनी प्रक्रियाएं हैं जो भी वहां प्रशासनिक अधिकारी है जैसे कि आर्मी पुलिस फोर्स उस किस सरकार में क्या हाथ में चली जाती है राज्य सरकार उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती और केंद्र सरकार अपने हिसाब से वहां पर उनको निर्देश देती है इससे यह फायदा होता है कि केंद्र जब चाहे तब वहां की परिस्थितियों से निपटने के लिए वहां की पुलिस फोर्स और आर्मी फौज को निर्देश दे सकती

isse baki jo bhi kanooni prakriyaen hain jo bhi wahan prashaasnik adhikari hai jaise ki army police force us kis sarkar mein kya hath mein chali jaati hai rajya sarkar usme hastakshep nahi kar sakti aur kendra sarkar apne hisab se wahan par unko nirdesh deti hai isse yah fayda hota hai ki kendra jab chahen tab wahan ki paristhitiyon se nipatane ke liye wahan ki police force aur army fauj ko nirdesh de sakti

इससे बाकी जो भी कानूनी प्रक्रियाएं हैं जो भी वहां प्रशासनिक अधिकारी है जैसे कि आर्मी पुलिस

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हेलो दोस्तों हाउ आर यू देखेंगे प्रश्न हमारे सामने कि जम्मू-कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का क्या लाभ है तू सबसे पहली बात यह है कि जम्मू कश्मीर राज्य का जो स्पेशल स्टेटस का दर्जा था अनुच्छेद 370 के अंतर्गत उसको भारतीय रेल भारतीय संसद ने जो है सवाल कर दिया है और अब यह जो पहले स्पेशल राज्य का दर्जा हुआ करता था कश्मीर में जिसके अंतर्गत उसका अपना नवीनतम अपना संविधान था और उसका प्रोविजन पूरे जम्मू कश्मीर में भारत देश से अलग लागू होता था तो अब भारत की भारत सरकार की सोच है क्योंकि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है भारतीय संप्रभुता के अंतर्गत है तो अब समय आ चुका है जब कश्मीर को हम पूरी तरीके से भारतीय गणराज्य में शामिल करें और उसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जो पूरे देश की राजनीतिक संप्रभुता है वह जम्मू-कश्मीर पर लागू हो जाएगी दूसरा जम्मू कश्मीर में अराजकता और विघटनकारी तत्वों की को देखा जा सकता है कि अभी भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों के द्वारा जो है कश्मीर में सदैव डिस्टेबलाइजेशन का कार्य किया जाता है वहां के लोगों को भड़काने का काम किया जाता है और जिसके कारण समय-समय पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां हमारे देश में बनी रहती हैं तो ऐसी स्थिति में जब स्पेशल स्टेटस दर्जा जो खत्म कर दिया जाएगा तो पाकिस्तानी जो लोग हैं उनको उनके अंदर अब यह डिसकैरेज होंगे इस बात के लिए कि अब जो है यह कश्मीर का जो स्पेशल स्टेटस है उसको मजबूत करने के बीच में पॉलिटिक्स कहां पर होती थी जो विघटनकारी तत्व पॉलिटिक्स खेलते थे उनके लिए मौके खत्म हो जाएंगे दूसरी बात यह है कि इसके बाद कश्मीर में आर्थिक विकास की संभावनाओं को देखा जा सकेगा अगर स्पेशल स्टेटस पर पहले था कि कोई भी औद्योगिकरण जो है वहां पर उसको विशेष परमिट लेनी पड़ती थी वहां से अब वह सीधे भारत सरकार या संबंधित मंत्रालयों से परमिट लेकर कश्मीर में उद्योगों की स्थापना कर सकेंगे कश्मीर से संबंधित एग्रीकल्चर इंडस्ट्री मोबाइल इंडस्ट्री इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट से संबंधित कई वहां पर रोजगार की संभावनाएं भी विद्यमान है इसके अलावा ऊर्जा भूतापीय ऊर्जा से संबंधित जो है काफी वहां पर संभावना है इनके उपयोग के लिए जो है अब हमारे जो निवेशक हैं वह पैसा लगा सकेंगे इंपॉर्टेंट चीज है रोजगार की हमें सबसे पहले जो कश्मीर में डेवलपमेंट के सूर्य की भी बने हुए हैं क्योंकि वहां के रोजगार दो युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को ढूंढना पड़ेगा जिससे कि वह जो है भारतीय भारत की जो विकास की धारा से समाहित हो सके अपने आप को संभाल कर सके विकास की मुख्यधारा में इसके लिए हमें वहां पर बेहतर एक औद्योगिक ढांचा खड़ा करना पड़ेगा जिससे कि लो अच्छी शिक्षा के साथ रोजगार में रोजगार भी पा सकें और अलगाववाद के जो वहां बारिश हुई है उनसे उनका ध्यान बढ़ सके या उधर से वह घर रोजगार और विकास की बात से किसे जो है अपने आपको जोड़ सकें तो जम्मू कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाने से एकतरफा लगाओ और जो पृथ्वी करण की भावना थी वह खत्म हो गई और दूसरी तरफ के तौर पर जम्मू कश्मीर राज्य का सम्मिश्रण जो है देश की राष्ट्रीय एकता के अंतर्गत होगा और इससे जुड़े हमारे देश की संप्रभुता एकता और अखंडता की भावना और मजबूत होगी इसके साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे लोगों को लोगों को वहां पर जमीन खरीदने की आवश्यकता उपलब्ध होगी तो इससे जो है हमारे देश के जोक जोक सांस्कृतिक जो हमारा ध्यान उस रहे वह मजबूत होगा हम ज्यादा एक-दूसरे के नजदीक आ सकेंगे और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बनने की ओर आगे बढ़

hello doston how R you dekhenge prashna hamare saamne ki jammu kashmir rajya ko 2 kendra shasit pradeshon mein vibhajit karne ka kya labh hai tu sabse pehli baat yah hai ki jammu kashmir rajya ka jo special status ka darja tha anuched 370 ke antargat usko bharatiya rail bharatiya sansad ne jo hai sawaal kar diya hai aur ab yah jo pehle special rajya ka darja hua karta tha kashmir mein jiske antargat uska apna navintam apna samvidhan tha aur uska provision poore jammu kashmir mein bharat desh se alag laagu hota tha toh ab bharat ki bharat sarkar ki soch hai kyonki jammu kashmir bharat ka abhinn hissa hai bharatiya samprabhuta ke antargat hai toh ab samay aa chuka hai jab kashmir ko hum puri tarike se bharatiya ganrajya mein shaamil kare aur uska sabse bada labh yah hoga ki jo poore desh ki raajnitik samprabhuta hai vaah jammu kashmir par laagu ho jayegi doosra jammu kashmir mein arajkata aur vightankaari tatvon ki ko dekha ja sakta hai ki abhi bhi pakistan prayojeet aatankwadion ke dwara jo hai kashmir mein sadaiv distebalaijeshan ka karya kiya jata hai wahan ke logo ko bhadkaane ka kaam kiya jata hai aur jiske karan samay samay par suraksha sambandhi chunautiyaan hamare desh mein bani rehti hai toh aisi sthiti mein jab special status darja jo khatam kar diya jaega toh pakistani jo log hai unko unke andar ab yah diskairej honge is baat ke liye ki ab jo hai yah kashmir ka jo special status hai usko majboot karne ke beech mein politics kahaan par hoti thi jo vightankaari tatva politics khelte the unke liye mauke khatam ho jaenge dusri baat yah hai ki iske baad kashmir mein aarthik vikas ki sambhavanaon ko dekha ja sakega agar special status par pehle tha ki koi bhi audyogikaran jo hai wahan par usko vishesh permit leni padti thi wahan se ab vaah sidhe bharat sarkar ya sambandhit mantralayon se permit lekar kashmir mein udhyogo ki sthapna kar sakenge kashmir se sambandhit agriculture industry mobile industry electronics development se sambandhit kai wahan par rojgar ki sambhavnayen bhi vidyaman hai iske alava urja bhutapiye urja se sambandhit jo hai kaafi wahan par sambhavna hai inke upyog ke liye jo hai ab hamare jo niveshak hai vaah paisa laga sakenge important cheez hai rojgar ki hamein sabse pehle jo kashmir mein development ke surya ki bhi bane hue hai kyonki wahan ke rojgar do yuvaon ke liye rojgar ki sambhavanaon ko dhundhana padega jisse ki vaah jo hai bharatiya bharat ki jo vikas ki dhara se samahit ho sake apne aap ko sambhaal kar sake vikas ki mukhyadhara mein iske liye hamein wahan par behtar ek audyogik dhancha khada karna padega jisse ki lo achi shiksha ke saath rojgar mein rojgar bhi paa sake aur alagaavavaad ke jo wahan barish hui hai unse unka dhyan badh sake ya udhar se vaah ghar rojgar aur vikas ki baat se kise jo hai apne aapko jod sake toh jammu kashmir rajya ko kendra shasit pradesh banane se ektarfa lagao aur jo prithvi karan ki bhavna thi vaah khatam ho gayi aur dusri taraf ke taur par jammu kashmir rajya ka sammishran jo hai desh ki rashtriya ekta ke antargat hoga aur isse jude hamare desh ki samprabhuta ekta aur akhandata ki bhavna aur majboot hogi iske saath saath rojgar ke avsar badhenge logo ko logo ko wahan par jameen kharidne ki avashyakta uplabdh hogi toh isse jo hai hamare desh ke joke joke sanskritik jo hamara dhyan us rahe vaah majboot hoga hum zyada ek dusre ke nazdeek aa sakenge aur jammu kashmir bharat ka abhinn ang banne ki aur aage badh

हेलो दोस्तों हाउ आर यू देखेंगे प्रश्न हमारे सामने कि जम्मू-कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित

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Sandeep Singh

Business Owner

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जम्मू कश्मीर को अलग सबको मिलाकर जो अभी जो जम्मू कश्मीर का वादा किया है केंद्र शासित प्रदेश वालों का सबसे ज्यादा लाभ है कि पहले जैसे कि लड़ाकू और यह कश्मीर और जो फंड वगैरह देते हो डायरेक्ट कश्मीर और जम्मू कश्मीर में आते थे और बोलो क्या कर देते हैं कि कुमार लता को बिल्कुल मां मतलब उतना पढ़ नहीं दे रहे थे बस नॉर्मल सा कुछ फोन दे रहे थे उसी से लगा चल रहा था तो मां भी क्या होगा यह दोनों केंद्र शासित प्रदेश होने के बाद लडाका बजट लगा के लिए अलग जाएगा और जम्मू कश्मीर का जो बजट जम्मू कश्मीर का आएगा तो हमसे दोनों अच्छा डायलॉग कर पाएंगे क्योंकि जो आग लगा को बिल्कुल बजट में देने के लिए जो पैसा जा रहा था वह बिल्कुल नहीं मिल रहा था क्योंकि जब बस में सरकार उसको पूरा अपने-अपने कश्मीर के लिए उसको यूज कर रही थी और लता के लोगों के लिए इतना फल नहीं दे रहे थे जितना लॉर्ड आपको चिंता का बिल अदा को पूरा उनका पूरा बजट मिलेगा उनको पूरा पैसा मिलेगा यही फायदा 2 केंद्र शासित प्रदेश होने से दोनों देशों को अपने हिसाब से फायदा जय हिंद जय भारत

jammu kashmir ko alag sabko milakar jo abhi jo jammu kashmir ka vada kiya hai kendra shasit pradesh walon ka sabse zyada labh hai ki pehle jaise ki ladaku aur yah kashmir aur jo fund vagera dete ho direct kashmir aur jammu kashmir me aate the aur bolo kya kar dete hain ki kumar lata ko bilkul maa matlab utana padh nahi de rahe the bus normal sa kuch phone de rahe the usi se laga chal raha tha toh maa bhi kya hoga yah dono kendra shasit pradesh hone ke baad ladaka budget laga ke liye alag jaega aur jammu kashmir ka jo budget jammu kashmir ka aayega toh humse dono accha dialogue kar payenge kyonki jo aag laga ko bilkul budget me dene ke liye jo paisa ja raha tha vaah bilkul nahi mil raha tha kyonki jab bus me sarkar usko pura apne apne kashmir ke liye usko use kar rahi thi aur lata ke logo ke liye itna fal nahi de rahe the jitna lord aapko chinta ka bill ada ko pura unka pura budget milega unko pura paisa milega yahi fayda 2 kendra shasit pradesh hone se dono deshon ko apne hisab se fayda jai hind jai bharat

जम्मू कश्मीर को अलग सबको मिलाकर जो अभी जो जम्मू कश्मीर का वादा किया है केंद्र शासित प्रदेश

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ताकि दोनों राज्यों में शांति स्थापित की जा सके ताकि पूरे जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सकती

taki dono rajyo me shanti sthapit ki ja sake taki poore jammu kashmir aur ladakh kshetra me shanti sthapit ki ja sakti

ताकि दोनों राज्यों में शांति स्थापित की जा सके ताकि पूरे जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र मे

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जम्मू कश्मीर राज्य को हाल ही में 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है जिसमें यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू-कश्मीर व यूनियन टेरिटरी ऑफ लता का निर्माण हुआ है ऐसा करने से काफी लाभ प्राप्त हुए हैं सर्वप्रथम जो जम्मू के लोगों के साथ जो शोषण होता था वह कुछ हद तक कम होगा इससे पहले आप देख सकते हैं कि यदि जम्मू कश्मीर में किसी भी प्रकार की नौकरियां नौकरियों के पद निकलते थे तो कश्मीर के लोग जो है वह ज्यादा मात्रा में चुने जाते थे अब जबकि यह दोनों टेरिटरीज मैं वो केंद्र के अधीन हो चुकी हैं तो यहां पर कश्मीर के लोगों और जम्मू के लोगों को एक जैसा न्याय मिलने की पूरी संभावना बन गई है इसके अलावा क्योंकि अब राजनीतिक दल जो है वह उन्हें अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा अगले विधानसभा चुनावों के लिए तो हो सकता है कि डीलिमिटेशन कमिशन भी बैठाया जाए और जम्मू की जो सीटें हैं उन्हें बराबर किया जा सके ताकि जम्मू जम्मू क्षेत्र से भी मुख्यमंत्री जो है वह चुना जा सके इसलिए हम कह सकते हैं कि यूनियन टेरिटरी बनाने से जम्मू कश्मीर के लोगों को फायदा ही फायदा हुआ है नुकसान जो है वह लेश मात्र भी नहीं हुआ आशा करता हूं आप को यह मेरा यह उत्तर समझ आ गया होगा धन्यवाद

jammu kashmir rajya ko haal hi me 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit kiya gaya hai jisme union Territory of jammu kashmir va union Territory of lata ka nirmaan hua hai aisa karne se kaafi labh prapt hue hain sarvapratham jo jammu ke logo ke saath jo shoshan hota tha vaah kuch had tak kam hoga isse pehle aap dekh sakte hain ki yadi jammu kashmir me kisi bhi prakar ki naukriyan naukriyon ke pad nikalte the toh kashmir ke log jo hai vaah zyada matra me chune jaate the ab jabki yah dono teritrij main vo kendra ke adheen ho chuki hain toh yahan par kashmir ke logo aur jammu ke logo ko ek jaisa nyay milne ki puri sambhavna ban gayi hai iske alava kyonki ab raajnitik dal jo hai vaah unhe abhi thoda intejar karna padega agle vidhan sabha chunavon ke liye toh ho sakta hai ki dilimiteshan commission bhi baithaya jaaye aur jammu ki jo seaten hain unhe barabar kiya ja sake taki jammu jammu kshetra se bhi mukhyamantri jo hai vaah chuna ja sake isliye hum keh sakte hain ki union Territory banane se jammu kashmir ke logo ko fayda hi fayda hua hai nuksan jo hai vaah lesh matra bhi nahi hua asha karta hoon aap ko yah mera yah uttar samajh aa gaya hoga dhanyavad

जम्मू कश्मीर राज्य को हाल ही में 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है जिसमें यू

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Santosh Sawant

Tet Qualified Government Teacher

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नमस्कार दोस्तों जैसा कि आज का प्रश्न है कि जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का क्या लाभ है तो इस प्रश्न का हल किए प्रश्न जो है शमशान समसामयिक मुद्दे से जुड़ा हुआ है तो इस प्रश्न के जवाब को ढूंढने के लिए हमें कहना कह एक बार पुनः जो है अनुच्छेद 370 35a को जानना है आखिर क्या सब चीजें थी जो उस समय थी और जो वर्तमान समय में अस्तित्व में आया कहना क्या बैरियर 370 a35 है जिसके कारण जो है वर्तमान के लाभों को उसके टेंपरेचर और लाइसेंस पर देखा जा सकता है तो सबसे पहले कहीं ना कहीं अगर शुरुआती दौर की बात करें 9048 कि जब राजा हरि सिंह ने जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन के साथ मिलकर हस्ताक्षर करी थी तो कहना था और उसमें उसमें यही बने बाद में भी की संचार विदेशी मामला और अच्छा इन तीनों को छोड़कर जो है भारत सरकार अन्य चीज जो है उस पर नहीं सोच सकती है और बाद में आप पैसे के तहत जो है जम्मू कश्मीर के विधान मंडल को ₹90 में जो एक विशेष शक्ति प्रदान करें कि आने वाले समय में अगर भारत सरकार के द्वारा अगर किसी भी प्रोविजन भारत सरकार का जो कंस्ट्रक्शन में अगर उसको लागू करने का प्रयास होता है तो सबसे पहले वहां की मौजूदा विधानमंडल जो है वह उस पर विचार विमर्श करेगी और उसके सहमति के बाद ही जो है वहां जो है कोई भी भारत का कानून और भारत की योजनाओं कार्यक्रमों को अस्तित्व में आ पाएगा कि उसका उपाय जो है तो इंस्पेक्शन था और वहां कहीं ना कहीं जब हम 1960 के दशक के बाद जब देश में राजनीति के संदर्भों को देखे तो जहां पहले एक सिरे का था लेकिन बाद में केंद्र में अलग शासक और राज्य में अलग पार्टी के साथ दोनों की कहना कहीं विचार नहीं मिलना मनभेद मतभेद दोनों होते होते जो है कहीं क्षेत्रीय लगाओ उस समय से लेकर अभी तक अगर हम देखें तो बहुत सारे जो आतंकी घटनाएं हुई बहुत सारे जो मुठभेड़ हुए या बहुत सारी सीमाओं का उल्लंघन विदर्भ उत्तम में कहीं ना कहीं हम लोग आज महसूस कर सकते हैं उसके लिए तैनात a370 जो है वह जिम्मेदार है भारत का कोई मजदूरी अधिनियम चाहे वह शिक्षा का अधिकार अधिनियम जो पूरे देश के बच्चे को 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा वितरण कब की अनिवार्य करता है वह नहीं बहन की मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक तत्व के बीच सभी अवयव जो है वहां के लोगों को जो है वह नसीब में नहीं था तो समझ सकते हैं कि मनीष के सर्वांगीण विकास के लिए जो है और यह सब चीज नहीं होने के बावजूद लोगों की समस्याएं थी कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत एक है लेकिन वह एक नहीं था वह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक आने के बाद ही जो है वह जो है ऐसा हो पाया है और विभाजित करने के सिवा जिद करने से इसके दो फायदे हैं सबसे पहले कि हम प्रशासनिक प्रशासनिक फायदा देखेंगे कि जम्मू-कश्मीर एक बहुत बड़ा एरिया हो जाता था इसमें लद्दाख जम्मू कश्मीर तीनों आ जाते थे तो ले लेता को अलग करने से क्या होता है कि वह जो है वह अक्सर जो है अधिकांश जाए वहां ठंड रहती है उसके बाद वहां की जो भौगोलिक है सांस्कृतिक है वहां की आर्थिक क्रिया है समाजिक है वहां की भाषाई बहुत ही जो है वह दिलरुबा कश्मीर का पेड़ का फोटो है कहीं का डोगरी है कहीं कश्मीरी है विकास का रोशनी पहुंच पाया है उस जम्मू कश्मीर तक ही सीमित रह चुका था लद्दाख तक नहीं जा पाता और हमारा जो वर्तमान उसका भी दिए हैं कि सबका साथ सबका विकास हम मिनिमम मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस आशंका जो समृद्ध तम रूप है वह सब जगह पहुंचे जिसके आलोक में जो है जम्मू कश्मीर को उद्योग केंद्र शासित प्रदेश जम्मू जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में किया गया और उससे होने से क्या हो गया कि अभी जो है वह राष्ट्रपति व केंद्र सरकार जो है मंत्री परिषद जो भी है मंत्रिमंडल जो भी है सब लोग जो है अपनी सुविधानुसार अपने देखरेख में जो जम्मू कश्मीर को आगे बढ़ाने का बढ़ाने को प्रयासरत है आलिया संदर्भ में देखें तो वहां के लोग को सैनिक भर्ती में जो अभी रोचक भरी है या फिर खेलो इंडिया या जो भी भारत सरकार के मुंह में तो वहां उसमें सब लोग और भाई सलमान लग रहा है कि दोनों कैसा प्रदेश होने से एक एक बार पुणे जो है पुनर उदय हुआ है और आने वाले समय में ऐसा की 15 वा वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने भी जो जो अधिभार था जो राज्यों को 42% ब्याज आय 1% घटकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख उसको विकास के लिए दिया गया तो यह भी कहना कि आने वाले 5 वर्षों में जो है यह साथ और जम्मू-कश्मीर और लता का जो है भौगोलिक के आधार पर क्या करें धन्यवाद

namaskar doston jaisa ki aaj ka prashna hai ki jammu kashmir rajya ko 2 kendra shasit pradeshon me vibhajit karne ka kya labh hai toh is prashna ka hal kiye prashna jo hai shamshan samasamayik mudde se juda hua hai toh is prashna ke jawab ko dhundhne ke liye hamein kehna keh ek baar punh jo hai anuched 370 35a ko janana hai aakhir kya sab cheezen thi jo us samay thi aur jo vartaman samay me astitva me aaya kehna kya Barrier 370 a35 hai jiske karan jo hai vartaman ke labho ko uske temperature aur license par dekha ja sakta hai toh sabse pehle kahin na kahin agar shuruati daur ki baat kare 9048 ki jab raja hari Singh ne jawaharlal nehru aur mountbatten ke saath milkar hastakshar kari thi toh kehna tha aur usme usme yahi bane baad me bhi ki sanchar videshi maamla aur accha in tatvo ko chhodkar jo hai bharat sarkar anya cheez jo hai us par nahi soch sakti hai aur baad me aap paise ke tahat jo hai jammu kashmir ke vidhan mandal ko Rs me jo ek vishesh shakti pradan kare ki aane waale samay me agar bharat sarkar ke dwara agar kisi bhi provision bharat sarkar ka jo construction me agar usko laagu karne ka prayas hota hai toh sabse pehle wahan ki maujuda vidhanmandal jo hai vaah us par vichar vimarsh karegi aur uske sahmati ke baad hi jo hai wahan jo hai koi bhi bharat ka kanoon aur bharat ki yojnao karyakramon ko astitva me aa payega ki uska upay jo hai toh Inspection tha aur wahan kahin na kahin jab hum 1960 ke dashak ke baad jab desh me raajneeti ke sandarbhon ko dekhe toh jaha pehle ek sire ka tha lekin baad me kendra me alag shasak aur rajya me alag party ke saath dono ki kehna kahin vichar nahi milna manbhed matbhed dono hote hote jo hai kahin kshetriya lagao us samay se lekar abhi tak agar hum dekhen toh bahut saare jo aatanki ghatnaye hui bahut saare jo muthbhed hue ya bahut saari seemaon ka ullanghan vidarbh uttam me kahin na kahin hum log aaj mehsus kar sakte hain uske liye tainat a370 jo hai vaah zimmedar hai bharat ka koi mazdoori adhiniyam chahen vaah shiksha ka adhikaar adhiniyam jo poore desh ke bacche ko 6 varsh se 14 varsh ke baccho ko nishulk aur anivarya shiksha vitaran kab ki anivarya karta hai vaah nahi behen ki maulik adhikaar aur niti nirdeshak tatva ke beech sabhi avyav jo hai wahan ke logo ko jo hai vaah nasib me nahi tha toh samajh sakte hain ki manish ke Sarvangiṇa vikas ke liye jo hai aur yah sab cheez nahi hone ke bawajud logo ki samasyaen thi ki kashmir se lekar kanyakumari tak bharat ek hai lekin vaah ek nahi tha vaah jammu kashmir punargathan vidhayak aane ke baad hi jo hai vaah jo hai aisa ho paya hai aur vibhajit karne ke siva jid karne se iske do fayde hain sabse pehle ki hum prashaasnik prashaasnik fayda dekhenge ki jammu kashmir ek bahut bada area ho jata tha isme ladakh jammu kashmir tatvo aa jaate the toh le leta ko alag karne se kya hota hai ki vaah jo hai vaah aksar jo hai adhikaansh jaaye wahan thand rehti hai uske baad wahan ki jo bhaugolik hai sanskritik hai wahan ki aarthik kriya hai samajik hai wahan ki bhashai bahut hi jo hai vaah dilruba kashmir ka ped ka photo hai kahin ka dogri hai kahin kashmiri hai vikas ka roshni pohch paya hai us jammu kashmir tak hi simit reh chuka tha ladakh tak nahi ja pata aur hamara jo vartaman uska bhi diye hain ki sabka saath sabka vikas hum minimum minimum government maximum Governance ashanka jo samriddh tum roop hai vaah sab jagah pahuche jiske alok me jo hai jammu kashmir ko udyog kendra shasit pradesh jammu jammu evam kashmir tatha ladakh me kiya gaya aur usse hone se kya ho gaya ki abhi jo hai vaah rashtrapati va kendra sarkar jo hai mantri parishad jo bhi hai mantrimandal jo bhi hai sab log jo hai apni suvidhanusar apne dekhrekh me jo jammu kashmir ko aage badhane ka badhane ko prayasarat hai aliya sandarbh me dekhen toh wahan ke log ko sainik bharti me jo abhi rochak bhari hai ya phir khelo india ya jo bhi bharat sarkar ke mooh me toh wahan usme sab log aur bhai salman lag raha hai ki dono kaisa pradesh hone se ek ek baar pune jo hai punar uday hua hai aur aane waale samay me aisa ki 15 va vitt aayog ke adhyaksh NK Singh ne bhi jo jo adhibhar tha jo rajyo ko 42 byaj aay 1 ghatakar jammu kashmir aur ladakh usko vikas ke liye diya gaya toh yah bhi kehna ki aane waale 5 varshon me jo hai yah saath aur jammu kashmir aur lata ka jo hai bhaugolik ke aadhar par kya kare dhanyavad

नमस्कार दोस्तों जैसा कि आज का प्रश्न है कि जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों म

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जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से भारत की संसद द्वारा पारित कानूनों जो कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 के कारण पूरी तरीके से लागू नहीं हो पाते थे उन कानूनों का प्रभाव होने से वहां की जनता को इसका पूरा लाभ मिलेगा साथ ही धारा 370 लगी होने के कारण लद्दाख क्षेत्र के निवासियों को पूरी तरीके से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था साथ ही पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों को दोहरी नागरिकता प्राप्त होती थी जहां एक और पाकिस्तान के नागरिक कहलाते थे ताकि वह कर जम्मू कश्मीर राज्य की भी नागरिकता प्राप्त कर लेते थे तथा इस कारण से आतंकवादी अपनी कांवरियों को सरेआम अंजाम देते थे लद्दाख क्षेत्र के निवासियों को शासन की संपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलेगा एवं जम्मू कश्मीर की जनता पूरे राष्ट्र के मान से पूरे समान कानूनों का लाभ प्राप्त करेगी

jammu kashmir rajya ko 2 kendra shasit pradeshon mein vibhajit karne se bharat ki sansad dwara paarit kanuno jo ki jammu kashmir mein dhara 370 ke karan puri tarike se laagu nahi ho paate the un kanuno ka prabhav hone se wahan ki janta ko iska pura labh milega saath hi dhara 370 lagi hone ke karan ladakh kshetra ke nivasiyon ko puri tarike se yojnao ka labh nahi mil paa raha tha saath hi pakistan se aane waale nagriko ko dohari nagarikta prapt hoti thi jaha ek aur pakistan ke nagarik kehlate the taki vaah kar jammu kashmir rajya ki bhi nagarikta prapt kar lete the tatha is karan se aatankwadi apni kanvariyon ko sareaam anjaam dete the ladakh kshetra ke nivasiyon ko shasan ki sampurna yojnao ka labh milega evam jammu kashmir ki janta poore rashtra ke maan se poore saman kanuno ka labh prapt karegi

जम्मू कश्मीर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से भारत की संसद द्वारा पारि

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जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के उसके लिए आवश्यक था के जो है आप लद्दाख और जम्मू कश्मीर 2 केंद्र शासित प्रदेश बना दिए जाएं जम्मू और लद्दाख जो है वह सीमा पर है और जो जम्मू कश्मीर के साथ रहने से उसका विकास नहीं हो पा रहा था इसलिए उसको अलग किया गया और जम्मू कश्मीर जो है उसमें धारा 370 हटा ली थी और उसके अलावा जो है जो एक नौकरी बनी हुई थी कि जो कश्मीरी है कश्मीरी मुसलमान का ही बोलबाला था और वहां पर बहुत कम हिंदू रह गए हुए थे उनको तो है हटाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश बनाए थे

jammu kashmir se dhara 370 hatane ke uske liye aavashyak tha ke jo hai aap ladakh aur jammu kashmir 2 kendra shasit pradesh bana diye jayen jammu aur ladakh jo hai vaah seema par hai aur jo jammu kashmir ke saath rehne se uska vikas nahi ho paa raha tha isliye usko alag kiya gaya aur jammu kashmir jo hai usme dhara 370 hata li thi aur uske alava jo hai jo ek naukri bani hui thi ki jo kashmiri hai kashmiri musalman ka hi bolbala tha aur wahan par bahut kam hindu reh gaye hue the unko toh hai hatane ke liye kendra shasit pradesh banaye the

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के उसके लिए आवश्यक था के जो है आप लद्दाख और जम्मू कश्मीर 2

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