कौन सी ज़िंदगी बेस्ट है ! बचपन, स्कूल ,कॉलेज या शादीशुदा?...


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Tilak Singh

Sch.Topper,Parnassian & Author

0:32

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आप मुझे कौन सी जिंदगी बेस्ट है वैसे हाई जिंदगी वेस्ट है लेकिन उसे देखने का नजरिया अलग अलग होता है आप कोई बचपन में बहुत कुछ कहता है कोई स्कूल में कोई कॉलेज में कोई शादी के बाद तो हर किसी की अपनी अपनी थिंकिंग होती है मेरे हिसाब से मैं अपने बचपन से बहुत खुश हूं मैंने अपने बचपन में इतने ही काम किए हैं वैसे अभी भी सोचता हूं तो मुझे बहुत खुशी मिलती है बहुत आनंद मिलता है

ji aap mujhe kaun si zindagi best hai waise high zindagi west hai lekin use dekhne ka najariya alag alag hota hai aap koi BA chpan mein BA hut kuch kahata hai koi school mein koi college mein koi shadi ke BA ad toh har kisi ki apni apni thinking hoti hai mere hisab se main apne BA chpan se BA hut khush hoon maine apne BA chpan mein itne hi kaam kiye hai waise abhi bhi sochta hoon toh mujhe BA hut khushi milti hai BA hut anand milta hai

जी आप मुझे कौन सी जिंदगी बेस्ट है वैसे हाई जिंदगी वेस्ट है लेकिन उसे देखने का नजरिया अलग अ

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे तो लगता है कि हमारी बचपन की जिंदगी सबसे अच्छी रहती है क्योंकि उस समय हमें किसी भी बात की चिंता नहीं रहती है और हम अपने में ही मस्त रहते हैं हमारा मन साफ होता है और किसी भी प्रकार का झूठ हमारे मन में नहीं होता है हम खेलते हैं खाते पीते हैं मौज मस्ती करते हैं पढ़ाई करते हैं और बस इसमें ही रे हमारा पूरा टाइम भी जाता है तो इसी वजह से मुझे लगता है कि जो बचपन का समय होता है वही सबसे बेहतर होता है उस समय हम नई-नई चीजें सीखते हैं और हमेशा सभी लोगों के साथ मिलजुल कर रहने की भावना हमारे अंदर रहती है ज्यादा से ज्यादा हम दोस्त बनाना पसंद करते हैं लेकिन यही और जब हम बड़े हो जाते हैं तो हमारे मन में बहुत सारी ऐसी बुराइयां जाती हैं जिसकी वजह से हम अपने स्वार्थ के लिए कई बार लोगों से दोस्ती कर लेते हैं या हमारे मन में दूसरों के प्रति भेदभाव यह सारी चीजें आ जाती हैं और लोग बड़े होने के बाद पैसे के पीछे भागते रहते हैं और अपनों का साथ हो देते हैं तो यही वजह है जिसकी वजह से मुझे लगता है कि बचपन के जूते

mujhe toh lagta hai ki hamari BA chpan ki zindagi sabse achi rehti hai kyonki us samay hamein kisi bhi BA at ki chinta nahi rehti hai aur hum apne mein hi mast rehte hai hamara man saaf hota hai aur kisi bhi prakar ka jhuth hamare man mein nahi hota hai hum khelte hai khate peete hai mauj masti karte hai padhai karte hai aur bus isme hi ray hamara pura time bhi jata hai toh isi wajah se mujhe lagta hai ki jo BA chpan ka samay hota hai wahi sabse behtar hota hai us samay hum nayi nayi cheezen sikhate hai aur hamesha sabhi logo ke saath miljul kar rehne ki bhavna hamare andar rehti hai zyada se zyada hum dost BA nana pasand karte hai lekin yahi aur jab hum BA de ho jaate hai toh hamare man mein BA hut saree aisi buraiyan jaati hai jiski wajah se hum apne swarth ke liye kai BA ar logo se dosti kar lete hai ya hamare man mein dusro ke prati bhedbhav yah saree cheezen aa jaati hai aur log BA de hone ke BA ad paise ke peeche bhagte rehte hai aur apnon ka saath ho dete hai toh yahi wajah hai jiski wajah se mujhe lagta hai ki BA chpan ke joote

मुझे तो लगता है कि हमारी बचपन की जिंदगी सबसे अच्छी रहती है क्योंकि उस समय हमें किसी भी बात

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदित्य अपने पूछा कि कौन सी जिंदगी फास्ट है हर एक जिंदगी का अहम रोल होता है अपने लाइफ में बचपन खेलने कूदने के दिन स्कूल दोस्तों के साथ पढ़ने के दिन मस्ती करने के दिन कॉलेज अपने आप से चलकर लेकर ज्यादातर फिक्र होने के दिन आप शादीशुदा अपने फैमिली फैमिली को अपने लाइफ में लाना और साथ ही साथ उनके साथ तेरा जिंदगी व्यतीत करने के लिए पतंजलि बचपन में कैसे जीते हैं स्कूल में अच्छे से पढ़ाई करते हैं कॉलेज में अच्छे से पढ़ाई करते हैं अच्छे जॉब पाते हैं थोड़ा शादी होती है तब तक जी पाते हैं तो जिंदगी है

aditya apne poocha ki kaun si zindagi fast hai har ek zindagi ka aham roll hota hai apne life mein BA chpan khelne koodne ke din school doston ke saath padhne ke din masti karne ke din college apne aap se chalkar lekar jyadatar fikra hone ke din aap shaadishuda apne family family ko apne life mein lana aur saath hi saath unke saath tera zindagi vyatit karne ke liye patanjali BA chpan mein kaise jeete hai school mein acche se padhai karte hai college mein acche se padhai karte hai acche job paate hai thoda shadi hoti hai tab tak ji paate hai toh zindagi hai

आदित्य अपने पूछा कि कौन सी जिंदगी फास्ट है हर एक जिंदगी का अहम रोल होता है अपने लाइफ में ब

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