JNU के दृष्टि बाधित छात्र और पुलिस के बीच झड़प हुई। क्या आपको लगता है ये सब जान निरर्थक रूप से किया जा रहा है?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जेएनयू में जो छात्रों के द्वारा किया जा रहा है वह वास्तव में अब तक किया जा रहा गलत किया जाता रहा है अनुचित किया जा रहा है भारत की यूनिवर्सिटी में छात्रों से फीस ली जाती है उसकी तुलना में जेएनयू में ओन्ली 20 परसेंट ही बातों से फीस वसूल हो पाती है जबकि देखा जाए तो भारत की जेपी यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी ओपन नहीं मिलता है सर्वाधिक डोनेशन जेन्यूट्यूब या जाता है और उसका सिलाई यह है यह नीचे राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित हो रही है जेएनयू के छात्रों के दौरान राष्ट्रपति कार्य किए जा रहे हैं यह सारे देश की जनता इस बात को सुनती है जेएनयू के छात्रों के द्वारा यहां के जो है वह दुश्मन देशों के नारे लगाते हैं दुश्मन देशों के पक्ष में बोलते हैं जबकि भारत का भारत में रहते हैं भारत की सरकार उनका पैसा देती है भारत के नागरिक देकर के छात्रों के लिए सुविधाएं उठाते हैं उसका सिला इतना गलत देते हैं राष्ट्रीय विरोधी विचार व्यक्त करते हैं यह देश के नागरिकों का बड़ा दुर्भाग्य यह समस्त भारत का दुर्भाग्य है

jnu mein jo chhatro ke dwara kiya ja raha hai vaah vaastav mein ab tak kiya ja raha galat kiya jata raha hai anuchit kiya ja raha hai bharat ki university mein chhatro se fees li jaati hai uski tulna mein jnu mein only 20 percent hi baaton se fees vasool ho pati hai jabki dekha jaaye toh bharat ki jp university university open nahi milta hai sarvadhik donation jenyutyub ya jata hai aur uska silai yah hai yah neeche rashtra virodhi gatividhiyan sanchalit ho rahi hai jnu ke chhatro ke dauran rashtrapati karya kiye ja rahe hain yah saare desh ki janta is baat ko sunti hai jnu ke chhatro ke dwara yahan ke jo hai vaah dushman deshon ke nare lagate hain dushman deshon ke paksh mein bolte hain jabki bharat ka bharat mein rehte hain bharat ki sarkar unka paisa deti hai bharat ke nagarik dekar ke chhatro ke liye suvidhaen uthate hain uska sila itna galat dete hain rashtriya virodhi vichar vyakt karte hain yah desh ke naagrikon ka bada durbhagya yah samast bharat ka durbhagya hai

जेएनयू में जो छात्रों के द्वारा किया जा रहा है वह वास्तव में अब तक किया जा रहा गलत किया जा

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

1:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सिर्फ दिखावे के लिए हैं और ऐसा कुछ नहीं है प्रामाणिक माना है इसका कुछ नहीं है और ऐसी चीजों से रिमोट से जितना हो सके दूर रहना रह सके और न्यू की चाहते हैं हम पढ़े लिखे समझदार हैं हमें मालूम होना चाहिए कि सरकार की संपत्ति की कितनी वैल्यू है हमारी स्कूल की कितनी वैल्यू है जो अपने गुरुजनों का आदर नहीं करते जो सारा देश की जो धरोहर उसको नहीं संभाल सकता तो छात्र के संबंधों से खुलेआम से हो गलती तो दोनों ही कर रहे हैं ना आप अपने विरोध प्रदर्शन किए लेकिन हो एक सीमित दायरे में रहकर ना कि जो है सरकार की नियम का उल्लंघन करके या यूनिवर्सिटी का उल्लंघन किया और नियम का उल्लंघन करके मैं छात्र हूं मैं खुद भी रहा हूं मैं कई जगह चल रहा हूं लेकिन कभी भी मैंने ना उल्लंघन किया ना करने दे हमारे पढ़ने लिखने का मतलब है क्या हम अपने हम गलत है या हमने विरोध किया उससे और हजारों स्टूडेंट को तकलीफ हो रहे एग्जाम पीछे हो रहा है उससे ज्यादा फोकस तुझे अपनी पढ़ाई पर आपके पास इतना हुनर है तो फिर आपको तकलीफ क्या है इनको यह है कि बना बनाया खाना अच्छा जगह मिल जाता है 2 घंटे पड़े उसकी मां की मौज मस्ती करते उनको बुरा लग रहा है उनको पढ़ाई करना क्योंकि यह मेरा निवेदन है किसी बात का मैं जानता मैं रहा हूं मैं उन लोगों के बीच में रहा हूं मुझे आभास है तो मेरा एक सजेशन है कि बच्ची है

yah sirf dikhaave ke liye hain aur aisa kuch nahi hai pramanik mana hai iska kuch nahi hai aur aisi chijon se remote se jitna ho sake dur rehna reh sake aur new ki chahte hain hum padhe likhe samajhdar hain hamein maloom hona chahiye ki sarkar ki sampatti ki kitni value hai hamari school ki kitni value hai jo apne gurujanon ka aadar nahi karte jo saara desh ki jo dharohar usko nahi sambhaal sakta toh chatra ke sambandhon se khuleaam se ho galti toh dono hi kar rahe hain na aap apne virodh pradarshan kiye lekin ho ek simit daayre mein rahkar na ki jo hai sarkar ki niyam ka ullanghan karke ya university ka ullanghan kiya aur niyam ka ullanghan karke main chatra hoon main khud bhi raha hoon main kai jagah chal raha hoon lekin kabhi bhi maine na ullanghan kiya na karne de hamare padhne likhne ka matlab hai kya hum apne hum galat hai ya humne virodh kiya usse aur hazaron student ko takleef ho rahe exam peeche ho raha hai usse zyada focus tujhe apni padhai par aapke paas itna hunar hai toh phir aapko takleef kya hai inko yah hai ki bana banaya khana accha jagah mil jata hai 2 ghante pade uski maa ki mauj masti karte unko bura lag raha hai unko padhai karna kyonki yah mera nivedan hai kisi baat ka main jaanta main raha hoon main un logon ke beech mein raha hoon mujhe aabhas hai toh mera ek suggestion hai ki bachi hai

यह सिर्फ दिखावे के लिए हैं और ऐसा कुछ नहीं है प्रामाणिक माना है इसका कुछ नहीं है और ऐसी ची

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जेएनयू के दृष्टिबाधित छात्र और पुलिस के बीच झड़प क्या आपको लगता है यह सब जान तक रूप से किया जा रहा है विकी जो भी हो रहा है जेएनयू में वह सही तो नहीं है जैन के छात्र जो अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि पहले जितनी चाहिए तो यह बिल्कुल संभव नहीं है क्योंकि सब क्षेत्रों में भाव बड़े हो जाने के छात्र किस देश पर कह रहे हैं कि ₹10 में ही हो उनको यह सब मिलना चाहिए और जो हवा से भी है उस दिन किसी से और यह सब पुराने ही रहना चाहिए यह तो गलत बात हुई कि छात्रों को भी होना चाहिए खाली छात्र शक्ति होती है तो इसका मतलब यह तो नहीं है कि इस तरह 144 कलम और गुंडाराज की तरह वहां पर दिया करें और सब डेडीकेटिंग को है यह सब बिल्कुल गलत है और आप अच्छे प्रतिनिधियों को बुलाया भी गया था उनसे बातचीत भी हुई थी चर्चाएं हुई थी और संवाद हुआ था और खाली संवाद के द्वारा ही स्थित संवाद के द्वारा इस प्रकार आ सकता है यह छात्रों को समझना चाहिए और दृष्टिबाधित छात्र हैं अगर और उनके साथ अगर पुलिस के बीच झड़प हुई है तो ऐसे छात्र वहां पर आए थे उनको ऐसे जब हो हल्ला हो रहे हो इतना जो बैलेंस की स्थिति हो रही है तो ऐसे छात्रों को इस सब से दूर रहना चाहिए पुलिस जब लाठी चल आती है तब यह विनती है कि कौन सा छात्र दृष्टिबाधित पर कौन सा शास्त्र बिल्कुल स्वस्थ है इसलिए यह थोड़ा पुलिस प्रशासन के ऊपर इस तरह का अक्षत करना वह भी सही भी है और पुलिस प्रशासन तो मैंने कह दिया था कि हमारी आपसे कोई दुश्मनी नहीं है और हम आपके ऊपर जाते नहीं करना चाहते हैं आप यहां से चले जाएंगे कलम 144 लागू है विपत्ति छात्रावास में ट्रेनिंग और धरना प्रदर्शन करते रहे इस सब निरर्थक है ऐसा नहीं कहेंगे जब उनके आंदोलन की मूंद ली जा रही है उसको बापू के लिए चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है तुमको अपना पक्ष सही तरीके से रखना चाहिए और जो भी फैसला हो उसमें अपना पार्टिसिपेट कर सकते हैं और अपनी जो मांगे वह शांतिपूर्ण ढंग से रख सकते हैं पढ़ाई ट्रांसफर करना क्योंकि आने वाले समय में निपट जाएगा

jnu ke drishtibadhit chatra aur police ke beech jhadap kya aapko lagta hai yah sab jaan tak roop se kiya ja raha hai vicky jo bhi ho raha hai jnu mein vaah sahi toh nahi hai jain ke chatra jo apni is maang par ade hain ki pehle jitni chahiye toh yah bilkul sambhav nahi hai kyonki sab kshetro mein bhav bade ho jaane ke chatra kis desh par keh rahe hain ki Rs mein hi ho unko yah sab milna chahiye aur jo hawa se bhi hai us din kisi se aur yah sab purane hi rehna chahiye yah toh galat baat hui ki chhatro ko bhi hona chahiye khaali chatra shakti hoti hai toh iska matlab yah toh nahi hai ki is tarah 144 kalam aur gundaraj ki tarah wahan par diya karen aur sab dedicating ko hai yah sab bilkul galat hai aur aap acche pratinidhiyo ko bulaya bhi gaya tha unse batchit bhi hui thi charchaen hui thi aur samvaad hua tha aur khaali samvaad ke dwara hi sthit samvaad ke dwara is prakar aa sakta hai yah chhatro ko samajhna chahiye aur drishtibadhit chatra hain agar aur unke saath agar police ke beech jhadap hui hai toh aise chatra wahan par aaye the unko aise jab ho halla ho rahe ho itna jo balance ki sthiti ho rahi hai toh aise chhatro ko is sab se dur rehna chahiye police jab lathi chal aati hai tab yah vinati hai ki kaun sa chatra drishtibadhit par kaun sa shastra bilkul swasth hai isliye yah thoda police prashasan ke upar is tarah ka akshat karna vaah bhi sahi bhi hai aur police prashasan toh maine keh diya tha ki hamari aapse koi dushmani nahi hai aur hum aapke upar jaate nahi karna chahte hain aap yahan se chale jaenge kalam 144 laagu hai vipatti chhaatravaas mein training aur dharna pradarshan karte rahe is sab nirarthak hai aisa nahi kahenge jab unke aandolan ki mund li ja rahi hai usko bapu ke liye charcha ke liye bulaya ja raha hai tumko apna paksh sahi tarike se rakhna chahiye aur jo bhi faisla ho usmein apna participate kar sakte hain aur apni jo mange vaah shantipurna dhang se rakh sakte hain padhai transfer karna kyonki aane waale samay mein nipat jaega

जेएनयू के दृष्टिबाधित छात्र और पुलिस के बीच झड़प क्या आपको लगता है यह सब जान तक रूप से किय

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