धर्म का मतलब क्या है?...


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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दीक्षित धर्म जो है वह आपको सारे ही धर्म अगर आप उनके बिल्कुल बेसिक पर चले जाए तो उनका एक ही मतलब होता है वह सारे धर्म जो है आपको एक ही चीज दिखाते हैं और वह एक दूसरे से प्यार करना दूसरों को माफ कर देना दया भाईचारा यह सारी चीजें सारे ही धर्म है वह सिखाते हैं इसके अलावा जो धर्म है एक तो वह आपको आईडेंटिटी देता ऑर्डिनरी में तो पहचान देता जैसे कि मैं हिंदू हूं मैं मुसलमान हूं इसके अलावा धन वह है जब जो आपको एक चीज देता है खूब देता है उम्मीद है जब आप अपनी जिंदगी में बहुत परेशान होते हैं क्या कुछ समझ में नहीं आ रहा होता कहां जाएं क्या करें चाहे वह आपके रिलेशनशिप हो जाए वह घर की फाइनैंशल सिचुएशन हो तो आप क्या करते आप उस धर्म के आप जिस भी धर्म के हैं और आप जिस पर भगवान को मानते हैं उसकी तरफ मुख मोड़ते हैं एक सपोर्ट के लिए मोड़ ऑफ मेंटल सपोर्ट के लिए कि हां कुछ हायर पावर है जो इस सिचुएशन को संभाल सकते हैं जो मैं नहीं संभाल पा रहा हूं

dixit dharm jo hai vaah aapko saare hi dharm agar aap unke bilkul basic par chale jaaye toh unka ek hi matlab hota hai vaah saare dharm jo hai aapko ek hi cheez dikhate hain aur vaah ek dusre se pyar karna dusro ko maaf kar dena daya bhaichara yah saree cheezen saare hi dharm hai vaah sikhaate hain iske alava jo dharm hai ek toh vaah aapko identity deta ardinari mein toh pehchaan deta jaise ki main hindu hoon main muslim hoon iske alava dhan vaah hai jab jo aapko ek cheez deta hai khoob deta hai ummid hai jab aap apni zindagi mein bahut pareshan hote kya kuch samajh mein nahi aa raha hota kahaan jayen kya kare chahen vaah aapke Relationship ho jaaye vaah ghar ki fainainshal situation ho toh aap kya karte aap us dharm ke aap jis bhi dharm ke hain aur aap jis par bhagwan ko maante hain uski taraf mukh modte hain ek support ke liye mod of mental support ke liye ki haan kuch hire power hai jo is situation ko sambhaal sakte hain jo main nahi sambhaal paa raha hoon

दीक्षित धर्म जो है वह आपको सारे ही धर्म अगर आप उनके बिल्कुल बेसिक पर चले जाए तो उनका एक ही

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आचार्य प्रशांत

IIT-IIM Alumnus, Ex Civil Services Officer, Mystic

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म का अर्थ है धर्म का अर्थ है तीर और कुछ नहीं धर्म का अर्थ है मैं मुर्ख नहीं हूं मुझे धर्म का अर्थ इस मैकेनिकल और कंडीशन नहीं है उसके अलावा भी कुछ हूं

dharm ka earth hai dharm ka earth hai thir aur kuch nahin dharm ka earth hai murkh nahin hoon mujhe dharm ka earth is maikenikal aur kandishan nahin hai uske alaava bhi kuch hoon

धर्म का अर्थ है धर्म का अर्थ है तीर और कुछ नहीं धर्म का अर्थ है मैं मुर्ख नहीं हूं मु

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं हम जिस घर में पैदा होते हैं वह अलग है और जो लोगों का धर्म है वह अलग है लेकिन लाइफ में आपका जो धर्म होगा वह इस पर डिपेंड करता है कि आप कौन से धर्म को अपनाते हो अभी के बहुत सारे लोग होते हैं जो हिंदू होते हैं लेकिन हिंदू होने के बावजूद वह दूसरे धर्म को मानते हैं प्यार करते हैं इज्जत देते हैं वहीं पर कहीं लोग होते हैं जो हिंदू नहीं क्वेश्चन है और वह उसको बुद्धिज्म पसंद है मतलब उसको आदि के बुद्धिज्म तू क्रिश्चियनिटी नहीं है लेकिन उनको उनका धर्म अच्छा लग गया और अगर वह उसको प्रैक्टिस करना चाहते हैं धर्म यह होता है कि जो इंसान नहीं एक्चुली बनाया है और हर एक धर्म जो है वह घूम घुमा फिरा कर सेन सीजी कह रहा होता है कि शांति से रहिए खुश रहिए और खुशी बाटी है दूसरों को तंग मत कीजिए तो धर्म यह है लेकिन आपके नजरिए से अच्छा बुरा क्या है पर्सनली धर्म उसे कहते हैं सबके आंखों में जो है उसके डेफिनेशन चालू होता है लेकिन घुमा फिरा कर जो है रियालिटी हर धर्म का हर फेथ का वह एक ही होता है तो हां यही है

namaste doston meri yani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain hum jis ghar mein paida hote hai vaah alag hai aur jo logo ka dharm hai vaah alag hai lekin life mein aapka jo dharm hoga vaah is par depend karta hai ki aap kaunsi dharm ko apanate ho abhi ke bahut saare log hote hai jo hindu hote hai lekin hindu hone ke bawajud vaah dusre dharm ko maante hai pyar karte hai izzat dete hai wahi par kahin log hote hai jo hindu nahi question hai aur vaah usko buddhijm pasand hai matlab usko aadi ke buddhijm tu krishchiyaniti nahi hai lekin unko unka dharm accha lag gaya aur agar vaah usko practice karna chahte hai dharm yah hota hai ki jo insaan nahi ekchuli banaya hai aur har ek dharm jo hai vaah ghum ghuma fira kar sen CG keh raha hota hai ki shanti se rahiye khush rahiye aur khushi bati hai dusro ko tang mat kijiye toh dharm yah hai lekin aapke nazariye se accha bura kya hai personally dharm use kehte hai sabke aankho mein jo hai uske definition chaalu hota hai lekin ghuma fira kar jo hai reality har dharm ka har faith ka vaah ek hi hota hai toh haan yahi hai

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं ह

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Dr Vikas Khanna

Founder, Orange Pines

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ढिशुम का मतलब क्या है धर्म जैसा में दिखता है समाजिक आईडेंटिटी बन गई है जैसे हमारी और अलग-अलग तरह की आइडेंटिटी नगर में पुरुषों और स्त्रियों पढ़ा हूं छोटा movieswep.in धर्म एक आईडेंटिटी है एक हमारी ही एक्सचेंज संधि को कि सचिन है जिसकी वजह से कुछ भी धर्म के बारे में अपने धर्म के बारे में कोई सुन नहीं सकता कि मैं ठीक हूं एक्सटेंशन है खून खौल जाता है मैं हिंदू तुम्हें हिंदुओं के बारे में कुछ नहीं सुन सकता हां मुझे इन वो की परवाह हो या ना हो लेकिन क्योंकि मैं अपने आपको इंतजार करता हूं हिंदू नेचर में कुदरत में सारी लाइफ़फॉर्म्स जानवर पेड़ पौधे वनस्पति चलो जीते हैं और हम हमारे को सरस शब्द शब्द लाइफ नहीं है सब धर्म शेख

dhishum ka matlab kya hai dharm jaisa mein dikhta hai samajik identity ban gayi hai jaise hamari aur alag alag tarah ki identity nagar mein purushon aur sthreeyon padha hoon chota movieswep in dharm ek identity hai ek hamari hi exchange sandhi ko ki sachin hai jiski wajah se kuch bhi dharm ke bare mein apne dharm ke bare mein koi sun nahi sakta ki main theek hoon extension hai khoon khaul jata hai hindu tumhe hinduon ke bare mein kuch nahi sun sakta haan mujhe in vo ki parvaah ho ya na ho lekin kyonki main apne aapko intejar karta hoon hindu nature mein kudrat mein saree laifafarms janwar ped paudhe vanaspati chalo jeete hain aur hum hamare ko saras shabd shabd life nahi hai sab dharm shaikh

ढिशुम का मतलब क्या है धर्म जैसा में दिखता है समाजिक आईडेंटिटी बन गई है जैसे हमारी और अलग-

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तरुण से तात्पर्य है जड़ विचारों के साथ में पुष्प उत्पादन किया जाए जिसको माना जाए जिस पर चला जाए वह धर्म में सभी धर्म में से एक से सिद्धांत से भरे हुए सभी धर्म कहते हैं कि सच्चाई के रास्ते पर चलो ईमानदारी से कार्य करो निष्ठा पूर्वक कार्य करो मानवता का हित करो परोपकार की तारीख को सभी धर्म ऐसा कहते तुम मेरे चाचा धर्मों के नामों में अंतर हैं बाकी धर्मों के मूल कर्तव्य मूल विचार है संभवत नहीं किंतु हां आज दुर्भाग्य का विषय है कि हम उसके कारण से विभिन्न धर्मों के क्षणों में पड़े हुए हैं हमने मानता तो बंद कर दी और हम धर्म के जूता नंबरों में अधिक होता है अशिक्षा के कारण यदि किसी भी धर्म के मूल में जाएंगे आप उसका पालन करेंगे तो वहां पर आप यह पाएंगे मानवता के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव के प्रति सद्भाव रखे मानवता के प्रति सद्भाव रखे कि हमारा सबसे बड़ा धर्म है उसका मैं पालन करना चाहिए यह मैं एक बात अवश्य करना चाहता हूं देश भक्ति से बढ़कर में किसी धर्म को नहीं मानता मैं किसी जाति को मानता ना मैं किसी अन्य को मानता देशभक्ति अवश्य होनी चाहिए और हम भारत के लोगों को जब विशेष तौर से होना चाहिए क्योंकि मैथिलीशरण गुप्त कभी नहीं यह बात निश्चित रूप से कही है जो भरा नहीं जो भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं वह हृदय नहीं वह पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं देश भक्ति ही सबसे बड़ा धर्म है मैं तो इसी को सबसे बड़ा धर्म मानता हूं

tarun se tatparya hai jad vicharon ke saath mein pushp utpadan kiya jaye jisko mana jaye jis par chala jaye wah dharm mein sabhi dharm mein se ek se siddhant se bhare hue sabhi dharm kehte hain ki sacchai ke raste par chalo imandari se karya karo nishtha purvak karya karo manavta ka hit karo paropkaar ki tarikh ko sabhi dharm aisa kehte tum mere chacha dharmon ke namon mein antar hain baki dharmon ke mul kartavya mul vichar hai sambhavat nahi kintu haan aaj durbhagya ka vishay hai ki hum uske kaaran se vibhinn dharmon ke kshanon mein pade hue hain humne manata toh band kar di aur hum dharm ke juta numberon mein adhik hota hai asiksha ke kaaran yadi kisi bhi dharm ke mul mein jaenge aap uska palan karenge toh wahan par aap yeh payenge manavta ke liye karya karna hi sabse bada dharm mein manav ki seva karna hi sabse bada dharm mein manav ke prati sadbhav rakhe manavta ke prati sadbhav rakhe ki hamara sabse bada dharm hai uska main palan karna chahiye yeh main ek baat avashya karna chahta hoon desh bhakti se badhkar mein kisi dharm ko nahi manata main kisi jati ko manata na main kisi anya ko manata deshbhakti avashya honi chahiye aur hum bharat ke logo ko jab vishesh taur se hona chahiye kyonki maithalisharan gupt kabhi nahi yeh baat nishchit roop se kahi hai jo bhara nahi jo bhavon se behti jisme rasdhar nahi wah hriday nahi wah patthar hai jisme swadesh ka pyar nahi desh bhakti hi sabse bada dharm hai toh isi ko sabse bada dharm manata hoon

तरुण से तात्पर्य है जड़ विचारों के साथ में पुष्प उत्पादन किया जाए जिसको माना जाए जिस पर चल

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Ghanshyam Vyas

Cultural Guide & Speaker

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धर्म का महत्व इतना ही है कि वह हमें जो है अपने जीवन का जो लक्ष्य है अपने जीवन का लक्ष्य क्या है हमारी संस्कृति कहती है कि और जो जियो यहां पर जन्म लेता है वह अपनी मुक्ति के लिए और विश्व के अक्षय के लिए कार्य करता है जो अच्छा कार्य करते करते जो मुक्त हो जाता है बादशाह कार्यक्रम आई धर्म है ऐसा मेरा विचार और भारतीय जनमानस इसी का पालन करता है सदैव बाकी वर्तमान में जो धर्म की रूपरेखा है रूप से नफरत हो गई है हमें वसुदेव कुटुंबकम की भावना से यदि हम काम करते हैं तो वही धर्म है ऐसा मेरा स्पष्ट विचार है

dharam ka mahatva itna hi hai ki vaah hamein jo hai apne jeevan ka jo lakshya hai apne jeevan ka lakshya kya hai hamari sanskriti kehti hai ki aur jo jio yahan par janam leta hai vaah apni mukti ke liye aur vishwa ke akshay ke liye karya karta hai jo accha karya karte karte jo mukt ho jata hai badshah karyakram I dharm hai aisa mera vichar aur bharatiya janmanas isi ka palan karta hai sadaiv baki vartaman mein jo dharm ki rooprekha hai roop se nafrat ho gayi hai hamein vasudev kutumbakam ki bhavna se yadi hum kaam karte hain toh wahi dharm hai aisa mera spasht vichar hai

धर्म का महत्व इतना ही है कि वह हमें जो है अपने जीवन का जो लक्ष्य है अपने जीवन का लक्ष्य क्

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Imran Ansari

Electrician at Treasure Xpart

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लिखित धर्म के मायने फिल्म होता है क्या होता है धर्म के मायने जिंदगी होती है धर्म के माने इंसानियत होता है अब इनसे जो मतलब है धर्म का इल्म से मतलब यह है कि धर्म हम को सही और गलत को पहचानने का तरीका सिखाता है धर्म हमको इंसान के के साथ इंसानियत का हक अदा करने का तरीका बताता है धर्म हमको सच बोलना सिखाता है तो यह चीज है धर्म धर्म के अंदर में अगर धर्म नहीं होता तो किताबें नहीं होती ज्ञान नहीं होता और ज्ञान हमको किसी से मिला है ज्ञान हमको धर्म से मिला है और धर्म देने वाला कौन है परमेश्वर है वह परमेश्वर ने ज्ञान को धरती पर उतारा जिसके जरिए हमें ज्ञान मिला यही वह ज्ञान है जिसके जरिए से हम सही और गलत में फैसला कर पाते हैं तो मेरी नजर में धर्म का यही मतलब है

likhit dharm ke maayne film hota hai kya hota hai dharm ke maayne zindagi hoti hai dharm ke maane insaniyat hota hai ab inse jo matlab hai dharm ka ilm se matlab yeh hai ki dharm hum ko sahi aur galat ko pahachanane ka tarika sikhata hai dharm hamko insaan ke ke saath insaniyat ka haq ada karne ka tarika batata hai dharm hamko sach bolna sikhata hai toh yeh cheez hai dharm dharam ke andar mein agar dharm nahi hota toh kitaben nahi hoti gyaan nahi hota aur gyaan hamko kisi se mila hai gyaan hamko dharm se mila hai aur dharm dene vala kaun hai parmeshwar hai wah parmeshwar ne gyaan ko dharti par utara jiske jariye humein gyaan mila yahi wah gyaan hai jiske jariye se hum sahi aur galat mein faisla kar paate hain toh meri nazar mein dharm ka yahi matlab hai

लिखित धर्म के मायने फिल्म होता है क्या होता है धर्म के मायने जिंदगी होती है धर्म के माने इ

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Raj Kiran Sharma Bhartiya

LifeCoach MotivationalSpeaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म क्या है धर्म स्वतंत्रता का नाम है धर्म स्वतंत्रता आप कुछ भी कर सके कहीं भी जा सके कहीं भी आ सके कुछ भी कह सकें कहीं भी बोल सके कुछ भी बोल सके कहीं भी रह सके यही धर्म है इसमें कुछ लोग यह कहते हैं कि स्वतंत्रता वैसी जिससे किसी को नुकसान ना हो नहीं हर तरह की स्वतंत्रता यही धर्म धर्म का हिंदू मुस्लिम सिख इसाई से कोई लेना देना नहीं असल में वास्तविकता में 2 धर्म है आज की दुनिया में एक वह जो हकीकत में स्वतंत्रता और दूसरा वह जो लोगों ने बनाया या समय नहीं बनाया है समय के साथ लोगों ने डेवलप किया अब मैं अगर कह रहा हूं कि स्वतंत्रता तो उसके पीछे कारण है वह यह है कि आप भगवान नहीं सभी को रचा है कोई एक है सर्वशक्तिमान है जिसने सबको बनाया जीव-जंतु पेड़ पौधे जानवर बगैरा तो उदाहरण के तौर पर को लीजिए जैसे हम बोलते हैं कि किसी को मारना अधर्म है नहीं शेर हिरण को मारता है तो क्या अब जाकर शेर को कहेंगे कि आप ना प्लीज ऐसा मत करिए ना उसको दर्द होता है उसको मत खाइए और को भगवान ने वैसा ही बनाया है हर किसी को भगवान ने उसके जैसा बनाया अगर कोई आपको मार नहीं आता है तो वह अपना धर्म कर रहे हैं आपको अगर अपने आप को बचाना अपना धर्म करिए धर्म का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्वतंत्रता से होता है किसी भी हाल में किसी भी रूप में क्योंकि स्वतंत्रता ही वह चीज है जो भगवान ने सब को दी है और भगवान ने सब को स्वतंत्र बनाया भगवान ने किसी जानवर को पालने के लिए नहीं बनाया कुत्ते को भी आजा घूमने की बिल्ली को भी आजाद घूमने के लिए बताएं तो धर्म मतलब स्वतंत्रता किसी भी सूरत में आशा है कि आपको यह जवाब पसंद है जय हिंद जय भारत

dharam kya hai dharm swatantrata ka naam hai dharm swatantrata aap kuch bhi kar sake kahin bhi ja sake kahin bhi aa sake kuch bhi keh sake kahin bhi bol sake kuch bhi bol sake kahin bhi reh sake yahi dharm hai ismein kuch log yeh kehte hain ki swatantrata waisi jisse kisi ko nuksan na ho nahi har tarah ki swatantrata yahi dharm dharam ka hindu muslim sikh isai se koi lena dena nahi asal mein vastavikta mein 2 dharm hai aaj ki duniya mein ek wah jo haqiqat mein swatantrata aur doosra wah jo logo ne banaya ya samay nahi banaya hai samay ke saath logo ne develop kiya ab main agar keh raha hoon ki swatantrata toh uske peeche kaaran hai wah yeh hai ki aap bhagwan nahi sabhi ko racha hai koi ek hai sarvashaktimaan hai jisne sabko banaya jeev jantu pedh paudhe janwar bagera toh udaharan ke taur par ko lijiye jaise hum bolte hain ki kisi ko marna adharma hai nahi sher hiran ko maarta hai toh kya ab jaakar sher ko kahenge ki aap na please aisa mat kariye na usko dard hota hai usko mat khayiye aur ko bhagwan ne waisa hi banaya hai har kisi ko bhagwan ne uske jaisa banaya agar koi aapko maar nahi aata hai toh wah apna dharm kar rahe hain aapko agar apne aap ko bachaana apna dharm kariye dharm ka matlab sirf aur sirf swatantrata se hota hai kisi bhi haal mein kisi bhi roop mein kyonki swatantrata hi wah cheez hai jo bhagwan ne sab ko di hai aur bhagwan ne sab ko swatantra banaya bhagwan ne kisi janwar ko palne ke liye nahi banaya kutte ko bhi aajad ghoomne ki billi ko bhi azad ghoomne ke liye bataye toh dharm matlab swatantrata kisi bhi surat mein asha hai ki aapko yeh jawab pasand hai jai hind jai bharat

धर्म क्या है धर्म स्वतंत्रता का नाम है धर्म स्वतंत्रता आप कुछ भी कर सके कहीं भी जा सके कही

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सर धर्म का मतलब मत निकालिए सर धर्म का अर्थ समझ ले धर्म का अर्थ है दूसरों की सेवा करना गरीबों की मदद करना असहाय ओं का सा असहाय ओं को सहारा देना और अगर कोई बुरी पश्चिम फंसा हुआ है तो उसकी मदद करना हमेशा लोगों की हेल्प करना और इंसानियत से अपने को ही धर्म कहते हैं यह नहीं कि आप हिंदू हैं तो यह होगा मुस्लिम है तो आप मीट खाएंगे ऐसा किसी भी धर्म में नहीं होता है जीवो पर दया कीजिए और जो आपकी जिंदगी की जो सिद्धांत हैं बस वही धर्म में कुछ भी धर्म नहीं है जिस तरह से आप अपनी लाइफ को जीते हैं और अगर आपको लगता है कि यह मेरे मेरे लिए बहुत अच्छा है मैं जो करता हूं बहुत अच्छा अगर आपकी अंतरात्मा की आवाज देती है तू वही आपके भीतर में आप उसे ही कीजिएगा बस यही कहना चाहूंगा कि इंसानियत से रहिए और सबको प्यार दीजिए प्यार बांट दिए प्यार दीजिए गिव रिस्पेक्ट गिव रिस्पेक्ट रिस्पेक्ट डीसी के साथ जय हिंद

sar dharm ka matlab mat nikaliye sar dharm ka arth samajh le dharm ka arth hai dusro ki seva karna garibon ki madad karna asahay yuvaon ka sa asahay yuvaon ko sahara dena aur agar koi buri paschim fansa hua hai toh uski madad karna hamesha logo ki help karna aur insaniyat se apne ko hi dharm kehte hain yeh nahi ki aap hindu hain toh yeh hoga muslim hai toh aap meat khayenge aisa kisi bhi dharm mein nahi hota hai jeevo par daya kijiye aur jo aapki zindagi ki jo siddhant hain bus wahi dharm mein kuch bhi dharm nahi hai jis tarah se aap apni life ko jeete hain aur agar aapko lagta hai ki yeh mere mere liye bahut accha hai jo karta hoon bahut accha agar aapki antaraatma ki awaaz deti hai tu wahi aapke bheetar mein aap use hi kijiyega bus yahi kehna chahunga ki insaniyat se rahiye aur sabko pyar dijiye pyar baant diye pyar dijiye give respect give respect respect dc ke saath jai hind

सर धर्म का मतलब मत निकालिए सर धर्म का अर्थ समझ ले धर्म का अर्थ है दूसरों की सेवा करना गरीब

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Er Sanjeev S Yadav

I can give a better solution.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म एक बहुत महत्वपूर्ण विषय यूं तो धमकी कहीं परिभाषाएं दी गई हैं किंतु किसी भी यह परिभाषा को सर्वमान्य नहीं माना जा सकता है धर्म समय परिस्थिति स्थान व्यक्ति विशेष के अनुसार बदलता रहता है धन की परिभाषा समय के हिसाब से बदलती रहती है परिस्थिति के हिसाब से बदलती रहती है यदि किसी धर्म में अहिंसा को परम धर्म माना गया है अहिंसा परमो धर्मा कहते हैं तो सर्वमान्य नहीं है हमेशा लिए सत्य नहीं है परिस्थिति विशेष में हिंसा को ही धर्म माना गया है जैसे यदि कोई एक सैनिक है और उसकी सीमा पर उसके देश की सीमा पर कोई घुसपैठिए आतंकवादी होश ना चाहता है तो उसको हिंसा करना ही होगा किंतु उसी से अनेकों यदि वह घर पर अपनी पारिवारिक जीवन में तो उसकी उम्मीद नहीं की जाती कुकर में किसी परिवार के सदस्य किसी को मृत्युदंड दे या जान से मार दे इसका अर्थ क्या हुआ जम्मू सीमा पर था तो उसने किसी व्यक्ति को मारा उसका घर मध्य प्रदेश के अंदर है अपने परिवार के संबंधियों के बीच में तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसे ही हर एक फील्ड में किसी भी विषय में बताएं धमकी प्रवाह सुनिश्चित रहती नहीं है लेकिन रिसोर्ट का फिल्म जग्गू समझे कैसे धर्म क्या है धर्म यह होता है कि एक ऐसा कृत्य जो व्यक्ति करें मानवता के हित में हो जिससे इंसानियत अपने अस्तित्व में रहे हमारे अंदर मानवीय गुणों का मूल हो कर उड़ा है दया है प्रेम है लोगों का सम्मान करना है सत्कार करना है सबसे प्रेम से बात करना है एक दूसरे का सहयोग करना है ना सिर्फ इंसान जाति का बल्कि जीव मात्र के हित के बारे में सोचना है इस साल के धर्म की विषय होती और इनको धर्म कहते हैं और जो इनके अपोजिट चलता है उसे अंदर कहते हैं बिल्कुल संक्षेप में कहा जाए तो मानवीय कृत्य जो किसी को भी हट ना करें किसी को तकलीफ ना दे ऐसा करना ही धर्म है

dharam ek bahut mahatvapurna vishay yun toh dhamki kahin paribhashayen di gayi hain kintu kisi bhi yah paribhasha ko sarvmanya nahi mana ja sakta hai dharm samay paristithi sthan vyakti vishesh ke anusaar badalta rehta hai dhan ki paribhasha samay ke hisab se badalti rehti hai paristithi ke hisab se badalti rehti hai yadi kisi dharm mein ahinsa ko param dharm mana gaya hai ahinsa paramo dharma kehte hain toh sarvmanya nahi hai hamesha liye satya nahi hai paristithi vishesh mein hinsa ko hi dharm mana gaya hai jaise yadi koi ek sainik hai aur uski seema par uske desh ki seema par koi ghuspaithiye aatankwadi hosh na chahta hai toh usko hinsa karna hi hoga kintu usi se anekon yadi vaah ghar par apni parivarik jeevan mein toh uski ummid nahi ki jaati cooker mein kisi parivar ke sadasya kisi ko mrityudand de ya jaan se maar de iska arth kya hua jammu seema par tha toh usne kisi vyakti ko mara uska ghar madhya pradesh ke andar hai apne parivar ke sambandhiyon ke beech mein toh use aisa nahi karna chahiye aise hi har ek field mein kisi bhi vishay mein bataye dhamki pravah sunishchit rehti nahi hai lekin resort ka film jaggu samjhe kaise dharm kya hai dharm yah hota hai ki ek aisa kritya jo vyakti kare manavta ke hit mein ho jisse insaniyat apne astitva mein rahe hamare andar manviya gunon ka mul ho kar uda hai daya hai prem hai logo ka sammaan karna hai satkar karna hai sabse prem se baat karna hai ek dusre ka sahyog karna hai na sirf insaan jati ka balki jeev matra ke hit ke bare mein sochna hai is saal ke dharm ki vishay hoti aur inko dharm kehte hain aur jo inke opposite chalta hai use andar kehte hain bilkul sankshep mein kaha jaaye toh manviya kritya jo kisi ko bhi hut na kare kisi ko takleef na de aisa karna hi dharm hai

धर्म एक बहुत महत्वपूर्ण विषय यूं तो धमकी कहीं परिभाषाएं दी गई हैं किंतु किसी भी यह परिभाषा

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Dharmendra

Civil services student

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म का अर्थ क्या है धर्म क्या है यह सवाल बहुत ही अच्छी दिखे सबसे बड़ी बात यह है कि मैं इस धरती पर क्यों आया हूं सिर्फ कमाने खाने के लिए जी नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं हम इस धरती पर आए हैं लोक कल्याण के लिए लोगों के हित में कुछ करने के लिए आए हैं लोगों की भलाई करने के लिए आए हैं चाहे कोई भी इंसान महापुरुष हो जो धर्म प्रधान हो जाए और गौतम बुध हो गया महावीर हो गए हो क्या श्रीकृष्ण हुए हो जो भी हुए हो आप किसी किसी को भी उठा कर देख सकते हैं और एग्जांपल क्या किया अपने जीवन में लोग कन्या कि लोक कल्याण तू ही कि तू हमारा जो परम धर्म है और लोग कल्याण होना चाहिए हम लोगों को सेवा करने के लिए यहां पर आए हैं ठीक है आशिकी लोग यह भूल चुके हैं कभी आप लोगों को हेल्प करके देखिएगा उसमें जो खुशी मिलेगी जो आपको आनंद मिलेगा वह किसी काम से कई गुना वह छोटी कि वह अपने से होगा तो हमारा परम उद्देश्य परम धर्म है लोक कल्याण लोगों के हित में कुछ करें वही हमारा परम धर्म है

dharam ka arth kya hai dharm kya hai yeh sawal bahut hi acchi dikhe sabse badi baat yeh hai ki main is dharti par kyon aaya hoon sirf kamane khane ke liye ji nahi aisa bilkul nahi hum is dharti par aaye hain lok kalyan ke liye logo ke hit mein kuch karne ke liye aaye hain logo ki bhalai karne ke liye aaye hain chahe koi bhi insaan mahapurush ho jo dharm pradhan ho jaye aur gautam buddha ho gaya mahavir ho gaye ho kya shrikrishna hue ho jo bhi hue ho aap kisi kisi ko bhi utha kar dekh sakte hain aur example kya kiya apne jeevan mein log kanya ki lok kalyan tu hi ki tu hamara jo param dharm hai aur log kalyan hona chahiye hum logo ko seva karne ke liye yahan par aaye hain theek hai aashiki log yeh bhul chuke hain kabhi aap logo ko help karke dekhiega usme jo khushi milegi jo aapko anand milega wah kisi kaam se kai guna wah choti ki wah apne se hoga toh hamara param uddeshya param dharm hai lok kalyan logo ke hit mein kuch karein wahi hamara param dharm hai

धर्म का अर्थ क्या है धर्म क्या है यह सवाल बहुत ही अच्छी दिखे सबसे बड़ी बात यह है कि मैं इस

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SwamiDhyan

Meditations Teacher

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धर्म का अर्थ है परमात्मा को धारण करना और जो परमात्मा को धारण करता है वह उसके साथ एक हो जाता है इसी तरीके से जूनून भी परमात्मा को धारण करा उस सब को एक धारा में ले आना ही धर्म है बुद्ध ने धारण किया तो बुद्ध धर्म में आ गए जीसस में धारण करा तो जीसस धर्म में आ गए धर्म किसी जाति विशेष का नहीं होता धर्म है यूनिवर्सल परमात्मा को धारण करना धर्म है ब्रह्मांड को धारण करना धर्म का अर्थ है परमात्मा से एक हो जाना किसी विशेष जाति को लेकर नहीं विशेष जाति को लेकर वह समूह होता है धर्म नहीं होता सीखे बहुत-बहुत प्रेम आपको आनंदित रहें खुश रहें और जो जीवन जीने आए हैं वही जीवन जी है ना की जीवन कथा

dharam ka arth hai paramatma ko dharan karna aur jo paramatma ko dharan karta hai wah uske saath ek ho jata hai isi tarike se juunuun bhi paramatma ko dharan kara us sab ko ek dhara mein le aana hi dharm hai buddha ne dharan kiya toh buddha dharm mein aa gaye jesus mein dharan kara toh jesus dharm mein aa gaye dharm kisi jati vishesh ka nahi hota dharm hai universal paramatma ko dharan karna dharm hai brahmaand ko dharan karna dharm ka arth hai paramatma se ek ho jana kisi vishesh jati ko lekar nahi vishesh jati ko lekar wah samuh hota hai dharm nahi hota sikhe bahut bahut prem aapko anandit rahen khush rahen aur jo jeevan jeene aaye hain wahi jeevan ji hai na ki jeevan katha

धर्म का अर्थ है परमात्मा को धारण करना और जो परमात्मा को धारण करता है वह उसके साथ एक हो जात

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Prakash Arya

MBA Aspirant

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देखिए धर्म का मतलब होता है वह गुण या क्वालिटी जो धारण करने योग्य है उसे धारण करना चाहिए इसे धर्म कहते हमारे हिंदू धर्म के उदाहरण से समझते हैं जैसे सच बोलना एक अच्छी आदत है पूरे विश्व को हमेशा सदैव सच बोलना चाहिए और यह एक ऐसी चीज है जो सब को धारण करनी चाहिए तो यही हमारा धर्म हुआ कि हम सच बोलें दूसरा उदाहरण लेते एक विद्यार्थी होता है विद्यार्थी का धर्म होता है कर्म होता है कि वह पढ़ाई करे उसकी क्वालिटी होनी चाहिए अच्छे से पढ़ाई करें माता पिता की सेवा करे गुरुजनों का आदर करें यह एक विद्यार्थी का गुण है क्वालिटी है जो उसमें होना ही चाहिए तो इसको जब जो धारण कर लेगा ना तुम बोलेंगे कि हां यह धर्म कर रहा है जैसे चूड़ी ना करना एक अच्छी आदत है तो पूरी दुनिया को यह सब गंदी आदत पर मैं किसी को भी यह गंदी आदत नहीं धारण करनी चाहिए जवाब चोरी नहीं करेंगे तो समझ लीजिए कि आप अपने धर्म को फॉलो किया सिंपल वर्ड्स जो गुण जो क्वालिटी धारण करने योग्य हैं उन्हें धारण कर लेना ही उनको फॉलो करना ही धर्म कहलाता है हमारे हिंदू धर्म में अब दूसरे धर्मों में जाओगे ना तब पता चलेगा कि ट्यूशन कहता है कि वो कहता है कि मुसलमान बनो वरना आपको जन्म जन्म जन्म में डाल देंगे नर्क में डाल देंगे वगैरा-वगैरा इन हमारा धर्म है वह ताकि इंसान बनो मनुष्य को मनुष्य के उस दिन आप सच बोलोगे नहीं करोगे माता-पिता का आदर करो कि गुरुजनों का आदर करो कि पढ़ाई करोगे आगे बढ़ो और समाज को आगे बढ़ाओ के पिन वन टो विश्वम आर्यम जो सरस्वती महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जरिया बना रहा है उस पर आप काम करोगे तो यह घर में जो भी good-quality सिंपल बता रहा हूं कि जो भी good-quality अच्छाई धारण करने योग्य है उसे धारण कर लेना ही धर्म कहते हैं आपने मेरा जवाब सुनाएं के लिए धन्यवाद

dekhie dharm ka matlab hota hai wah gun ya quality jo dharan karne yogya hai use dharan karna chahiye ise dharm kehte hamare hindu dharm ke udaharan se samajhte hai jaise sach bolna ek acchi aadat hai poore vishwa ko hamesha sadaiv sach bolna chahiye aur yeh ek aisi cheez hai jo sab ko dharan karni chahiye to yahi hamara dharm hua ki hum sach bolen doosra udaharan lete ek vidyarthi hota hai vidyarthi ka dharm hota hai karm hota hai ki wah padhai kare uski quality honi chahiye acche se padhai kare mata pita ki seva kare gurujanon ka aadar kare yeh ek vidyarthi ka gun hai quality hai jo usamen hona hi chahiye to isko jab jo dharan kar lega na tum bolenge ki haan yeh dharm kar raha hai jaise chudi na karna ek acchi aadat hai to puri duniya ko yeh sab gandi aadat par main kisi ko bhi yeh gandi aadat nahi dharan karni chahiye jawab chori nahi karenge to samajh lijiye ki aap apne dharm ko follow kiya simple words jo gun jo quality dharan karne yogya hai unhen dharan kar lena hi unko follow karna hi dharm kehlata hai hamare hindu dharm mein ab dusre dharmon mein jaoge na tab pata chalega ki tuition kahata hai ki vo kahata hai ki muslim bano varna aapko janm janm janm mein dal denge nark mein dal denge vagera vagaira in hamara dharm hai wah taki insaan bano manushya ko manushya ke us din aap sach bologe nahi karoge mata pita ka aadar karo ki gurujanon ka aadar karo ki padhai karoge aage badho aur samaj ko aage badhao ke pin van to vishvam aryam jo saraswati maharshi dayanad saraswati G ka jariya bana raha hai us par aap kaam karoge to yeh ghar mein jo bhi good-quality simple bata raha hoon ki jo bhi good-quality acchai dharan karne yogya hai use dharan kar lena hi dharm kehte hai aapne mera jawab sunaen ke liye dhanyavad

देखिए धर्म का मतलब होता है वह गुण या क्वालिटी जो धारण करने योग्य है उसे धारण करना चाहिए इस

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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आदित्य धर्म क्या है और धमकी तो बहुत सही परिभाषा लेकिन आप की परिभाषा बताना चाहूंगा किसी भी वस्तु के स्वाभाविक गुण को सिद्ध करते हैं मतलब होता है उसका दाम कहते हैं बुझी अग्नि का धर्म होता है उसकी गर्मी होती है और गर्मी होती का कोई पता नहीं है कुरान कहता है नामली कि ज्यादातर कुरान जो होते हुए कहते कि मुसलमानों बाइबल के साथ होते हैं वह कहते हैं

aditya dharm kya hai aur dhamki to bahut sahi paribhaasaa lekin aap ki paribhaasaa batana chahunga kisi bhi vastu K swabhavik gun co siddha karte hain matlab hota hai uska dama kehte hain bujhi agni ka dharm hota hai uski garmi hoti hai aur garmi hoti ka koi patta nahin hai quran kehta hai namli qi jyadatar quran joe hote huye kehte qi musalemano bible K sathe hote hain wah kehte hain

आदित्य धर्म क्या है और धमकी तो बहुत सही परिभाषा लेकिन आप की परिभाषा बताना चाहूंगा किसी भी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए देखिए धर्म शब्द अपने आप में एक बहुत बड़ा शब्द है बहुत से शब्द के लिए जितनी की जाए उतना कम है ना कर पाए हो इसका अंत है इसका कोई पार नहीं है तुम मेरे समझ से अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा दे कोई एक अच्छा इंसान बना उसको एक जिम्मेदारी उसको एक जिम्मेदार नागरिक है और अपने समाज के प्रति परिवार को पूरा बोध और कर्तव्य इसको बोलते हैं करना चाहिए

dekhie dekhie dharm shabd apne aap mein ek bahut bada shabd hai bahut se shabd ke liye jitni ki jaye utana kam hai na kar paye ho iska ant hai iska koi par nahi hai tum mere samajh se accha jeevan jeene ki prerna de koi ek accha insaan bana usko ek jimmedari usko ek zimmedar nagarik hai aur apne samaj ke prati parivar ko pura bodh aur kartavya isko bolte hain karna chahiye

देखिए देखिए धर्म शब्द अपने आप में एक बहुत बड़ा शब्द है बहुत से शब्द के लिए जितनी की जाए उत

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म का होता है धारण अर्थात जिसे धारण किया जा सके धर्म कर्म प्रधान है गुणों को जो प्रदर्शित करें वह धर्म है धर्म को घुन भी कह सकते हैं यहां उल्लेखनीय है कि धर्म शब्द में गुण अर्थ केवल मानव से संबंधित नहीं पदार्थ के लिए भी धर्म शब्द प्रयुक्त होता है यथा पानी का धर्म है बहना अग्नि का धर्म प्रकाश सुषमा देना और संपर्क में आने वाली वस्तु को जलाना व्यापकता की दृष्टि कौन से धर्म को गुण कहना सजीव निर्जीव दोनों के अर्थ में नितांत ही उपयुक्त है और धर्म सर्व भौमिक होता है पदार्थ हो या मानव पूरी पृथ्वी के किसी भी कोने कोने में बैठे मानव यह पदार्थ का धर्म एक ही होता है उसके देश रंग रूप की कोई बाधा नहीं है धर्म सर्वकालिक होता है यानी कि प्रत्येक काल में युग में धर्म का स्वरूप वही रहता है धर्म कभी बदलता नहीं है उदाहरण के लिए पानी अग्नि आदि पदार्थ का धर्म सृष्टि निर्माण से आज पर्यंत सामान धर्म संप्रदाय में मूलभूत अंतर है धर्म का अर्थ जब गुण और जीवन में धारण करने योग्य होता है तो वह प्रत्येक मानव के लिए समान होना चाहिए जो पत्थर का धर्म सार्वभौमिक है तो मानव जाति के लिए भी तो इसकी सार्वभौमिकता होनी चाहिए अतः मानव के संदर्भ में धर्म की बात करें तो वह केवल मानव धर्म है हिंदू मुस्लिम ईसाई जैनिया बहुत आदि धर्म ना होकर संप्रदाय समुदाय मात्र है

dharm ka hota hai dharan arthat jise dharan kiya ja skye dharm karma pradhan hai gunon co joe pradarshit karein wah dharm hai dharm co ghun bhi keh sakte hain yahaan ullekhniya hai qi dharm shabd mein gun earth keval manav se sambadhit nahin padarth K lie bhi dharm shabd prayukt hota hai yatha pani ka dharm hai bahana agni ka dharm prakash sushma dena aur sampark mein aane wali vastu co jalaana vyapkata ki drishti kaunsi dharm co gun kahuna sajeev nirjeev donon K earth mein nitant hea upyukt hai aur dharm serve bhowmik hota hai padarth ho ya manav poori prithvi K kisi bhi kone kone mein baithe manav yeh padarth ka dharm ek hea hota hai uske desh rang roop ki koi baadha nahin hai dharm sarvakalik hota hai yaanee qi pratiek kaal mein yuga mein dharm ka swarup whey rehta hai dharm kabhi badlata nahin hai udaaharan K lie pani agni aadi padarth ka dharm shrushti nirman se aj paryat saamaan dharm sampradaya mein mulbhut antar hai dharm ka earth jab gun aur jeevan mein dharan karne yogya hota hai to wah pratiek manav K lie saman hona chahie joe patthar ka dharm sarvabhaumik hai to manav jati K lie bhi to essaki sarvabhaumikta honi chahie atah manav K sadarbh mein dharm ki baat karein to wah keval manav dharm hai hindu muslim isai jainiya bahut aadi dharm na hokra sampradaya samudaya maatr hai

धर्म का होता है धारण अर्थात जिसे धारण किया जा सके धर्म कर्म प्रधान है गुणों को जो प्रदर्शि

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