क्या भारत का इकॉनमी ग्रोथ चिंता का विषय बनता जा रहा है? क्या कर रही है मोदी सरकार, आपकी क्या राय है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

8:35

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क्या भारत का इकोनामी ग्रोथ चिंता का विषय बनता जा रहा क्या कर रही है मोदी सरकार आपकी क्या राय है भारत का इकोनामिक ग्रोथ चिंता का विषय तो है ही है क्योंकि जनवरी माह 2015 में भारत का रिकॉर्ड मित्रों 5:30 प्रतिशत रहा था चाइना का ₹700 का फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनामी 2014 और 15 में हमें मिली थी उसने इंडिया का जो पवित्र तथा उसकी ग्रोथ द स्पॉट 15555 सेक्टर 4 कांटेक्ट एग्रीकल्चर ग्रोथ आफ 2% भारत को अगर ग्रुप करने हैं तो भविष्य में इन्वेस्टमेंट बढ़ाना पड़ेगा आईएमएफ के अनुसार जो इंडियन अनुरोध है 7:30 से 7:00 5% 2021 में जाकर होगा यह बहुत ही डेंजरस टाइम है क्योंकि हमारे भाई अमित ने अभी जो आंकड़े दिए हैं उसके हिसाब से तो 2019 में 5% के आसपास हमारी जीडीपी आ जाएगी हर साल 3 से लेकर 3:30 4:00 5% तक की रेंज में हमारा विरोध होता है तो वह व्यक्ति मायने में सही कहा जाता है लेकिन यह सोडा जो हो रहा है वह short-term नहीं ऐसा में नहीं मानना चाहिए कि यह स्लोडाउन जो हो रहा है वह कम है होने का कारण जो हमारे नेहरू विजन है उसकी वजह से लिबरेशन की वजह से मोरे विक्रमजोत काफी कम है 91 को मनमोहन सिंह ने कहा था हिंदी शायरियां अब इंडिया का समय है लेकिन जो कम हुआ है वर्तमान में इस समय जो इंडियन इकोनामी जॉब क्रिएशन में सही साबित नहीं भाई बहुत सारे कारण हैं il&fs की जो सिर सर्वेंट और उनकी लाइफस्टाइल काफी एंजॉय उन्होंने की थी बहुत सारे हुए थे ठीक है जो हो गया सो हो गया लेकिन जो हमें 11 सेक्टर में ध्यान देना चाहिए मोदी सरकार को एक को एक सेक्टर में ध्यान देना पड़ेगा चाहे वही कल्चर सेक्टर हो चाहे इंडस्ट्रियल सेक्टर हो यदि इंडस्ट्रियल सेक्टर हो या सर्विस सेक्टर होते हैं उसमें अगर 11 सेक्टर में अगर ध्यान दिया जाएगा उसको अभी कॉरपोरेट सेक्टर को उन्होंने बढ़ावा देने के लिए जो कदम उठाए लेकिन उसका फल अभी तक नहीं मिला हो सकता है कि आने वाले समय में इसका हमें रिजल्ट देखने को मिले लेकिन मोदी सरकार भले ही और क्षेत्रों में अच्छा कर रही हो दिखाओ कर रही हो अच्छा लेकिन इकोनॉमिक्स क्या है वह अभी तक क्लियर नहीं हो पाया है उसके कारण से जो गिरावट आई है वह तो अपना काम करिए लेकिन इंडियन मार्केट खुदी एक बहुत बड़ा कंस्यूमर मार्केट है अगर हम खाली अपने इंडियन कंजूमर मार्केट हिसाब से भी चले तो हमारी इंडियन इंडस्ट्रीज और इंडियन जो एग्रीकल्चर है और जो सेवा क्षेत्र है उसे बहुत स्कोप है घरेलू उद्योगों को घरेलू खेती को अगर बड़वा मिलेगा तभी जाकर इंडियन इकोनामी ग्रोथ करेगी ना उस को बढ़ावा देना वहीं मोदी सरकार का जन्म होना चाहिए वहीं उनकी फर्ज होनी चाहिए लोकेशन क्षेत्र में तो बहुत इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा तो इसके लिए और वह इनवेस्टमेंट करने के लिए एक विजन चाहिए कि हम किसी को ऐसे ही फैला दे देंगे हम कर्ज माफी की बहुत सारी स्कीम निकाल देंगे तो क्या कर्ज माफी से हमारा जीडीपी बढ़ जाएगा यह सब सोच होती है अलग-अलग नेताओं के अलग अलग सोच होती है और बहुत सारे हमारे को नॉमिस हैं हमारे देश में ऐसा नहीं है रघुराम राजन उसमें से एक थे तो रघुराम राजन जी के सब क्या किया हुआ क्या हुआ उनको फिर से विजय जाना पड़ा तो चलेगा लेकिन जो एक उनका विजन था उनके निधन को माफ तो देना चाहिए अपने जो महत्वाकांक्षा होती हैं जो अपनी सोच होती है कि जैसे कि महाराजा अकबर से तो उनके नवरत्न हुआ करते थे नवरत्न में एक एक से बढ़कर एक रत्न से अब आप उन रखो की कदर नहीं करेंगे तो फिर बाद में कैसे आपको रिजल्ट मिल पाएगा अब यह सोचे कि हम जिसके वह प्रखर विद्वान नहीं है और उस क्षेत्र में आप सोते किए अच्छा करते दिखाएंगे ऐसा कभी नहीं हुआ यही मिशन में फर्क है जो एक खामी हमें दिखाई देती है और रिजल्ट के रूप में भी इस तरह से अभी दिखाई दे रहा है हम्मा हम्मा हमारे नेताओं में एक खामी यह होती है कि वह अपने आप को सही साबित करने के लिए अच्छे-अच्छे जो मास्टर होते हैं उनको बोलना साबित करने की कोशिश करती हमारे देश में बैलेंस की कमी नहीं है ऐसा नहीं है कि टैलेंट नहीं है हमारे देश में अच्छे-अच्छे कॉन्डम्स बाहर जाकर और अपना नाम कर लेते हैं उनको बहुत सारे वर्ड मिल जाते हैं और भारत में उनकी कोई कदर नहीं होती है तो क्यों ना उन लोगों को हम अपने देश में इनवाइट करें और भारत के एक को नवमी को बढ़ावा देने के लिए जीडीपी बढ़ाने के लिए उनके समक्ष क्यों नहीं उनका सरकार ने क्या आता है कौन ना बोलता हमारे राजनेताओं को कौन रोक सकता है कि हम अच्छे इकोनॉमिक क्यों नहीं हम कर सकते जब चाइना कर सकता है अमेरिका कर सकता है काम क्यों नहीं कर सकते इसलिए सोच ऊंची होनी चाहिए और उसके लिए अकेला कोई इंसान नहीं कर सकता पूरी टीम बनानी पड़ती है इसलिए ऐसे सरकार की अपेक्षा हम मोदी जी से करते हैं ऐसे ही जन की अपेक्षा हर एक भारतवासी अपनी वर्तमान सरकार से आशा भरी नजरों से देख रहा धन्यवाद जय हिंद

kya bharat ka economy growth chinta ka vishay baata ja raha kya kar rahi hai modi sarkar aapki kya rai hai bharat ka economic growth chinta ka vishay toh hai hi hai kyonki january mah 2015 mein bharat ka record mitron 5 30 pratishat raha tha china ka Rs ka fastest growing economy 2014 aur 15 mein hamein mili thi usne india ka jo pavitra tatha uski growth the spot 15555 sector 4 Contact agriculture growth of 2 bharat ko agar group karne hai toh bhavishya mein investment badhana padega imf ke anusaar jo indian anurodh hai 7 30 se 7 00 5 2021 mein jaakar hoga yah bahut hi dangerous time hai kyonki hamare bhai amit ne abhi jo aankade diye hai uske hisab se toh 2019 mein 5 ke aaspass hamari gdp aa jayegi har saal 3 se lekar 3 30 4 00 5 tak ki range mein hamara virodh hota hai toh vaah vyakti maayne mein sahi kaha jata hai lekin yah soda jo ho raha hai vaah short term nahi aisa mein nahi manana chahiye ki yah slowdown jo ho raha hai vaah kam hai hone ka karan jo hamare nehru vision hai uski wajah se liberation ki wajah se more vikramjot kaafi kam hai 91 ko manmohan Singh ne kaha tha hindi shayriyan ab india ka samay hai lekin jo kam hua hai vartaman mein is samay jo indian economy job creation mein sahi saabit nahi bhai bahut saare karan hai il fs ki jo sir servant aur unki lifestyle kaafi enjoy unhone ki thi bahut saare hue the theek hai jo ho gaya so ho gaya lekin jo hamein 11 sector mein dhyan dena chahiye modi sarkar ko ek ko ek sector mein dhyan dena padega chahen wahi culture sector ho chahen Industrial sector ho yadi Industrial sector ho ya service sector hote hai usme agar 11 sector mein agar dhyan diya jaega usko abhi corporate sector ko unhone badhawa dene ke liye jo kadam uthye lekin uska fal abhi tak nahi mila ho sakta hai ki aane waale samay mein iska hamein result dekhne ko mile lekin modi sarkar bhale hi aur kshetro mein accha kar rahi ho dikhaao kar rahi ho accha lekin economics kya hai vaah abhi tak clear nahi ho paya hai uske karan se jo giraavat I hai vaah toh apna kaam kariye lekin indian market khudi ek bahut bada consumer market hai agar hum khaali apne indian consumer market hisab se bhi chale toh hamari indian industries aur indian jo agriculture hai aur jo seva kshetra hai use bahut scope hai gharelu udhyogo ko gharelu kheti ko agar barava milega tabhi jaakar indian economy growth karegi na us ko badhawa dena wahi modi sarkar ka janam hona chahiye wahi unki farz honi chahiye location kshetra mein toh bahut investment karna padega toh iske liye aur vaah investment karne ke liye ek vision chahiye ki hum kisi ko aise hi faila de denge hum karj maafi ki bahut saree scheme nikaal denge toh kya karj maafi se hamara gdp badh jaega yah sab soch hoti hai alag alag netaon ke alag alag soch hoti hai aur bahut saare hamare ko namis hai hamare desh mein aisa nahi hai raghuram rajan usme se ek the toh raghuram rajan ji ke sab kya kiya hua kya hua unko phir se vijay jana pada toh chalega lekin jo ek unka vision tha unke nidhan ko maaf toh dena chahiye apne jo mahatwakanksha hoti hai jo apni soch hoti hai ki jaise ki maharaja akbar se toh unke navratna hua karte the navratna mein ek ek se badhkar ek ratna se ab aap un rakho ki kadar nahi karenge toh phir baad mein kaise aapko result mil payega ab yah soche ki hum jiske vaah prakhar vidhwaan nahi hai aur us kshetra mein aap sote kiye accha karte dikhayenge aisa kabhi nahi hua yahi mission mein fark hai jo ek khami hamein dikhai deti hai aur result ke roop mein bhi is tarah se abhi dikhai de raha hai hamma hamma hamare netaon mein ek khami yah hoti hai ki vaah apne aap ko sahi saabit karne ke liye acche acche jo master hote hai unko bolna saabit karne ki koshish karti hamare desh mein balance ki kami nahi hai aisa nahi hai ki talent nahi hai hamare desh mein acche acche kandams bahar jaakar aur apna naam kar lete hai unko bahut saare word mil jaate hai aur bharat mein unki koi kadar nahi hoti hai toh kyon na un logo ko hum apne desh mein invite kare aur bharat ke ek ko navami ko badhawa dene ke liye gdp badhane ke liye unke samaksh kyon nahi unka sarkar ne kya aata hai kaun na bolta hamare rajnetao ko kaun rok sakta hai ki hum acche economic kyon nahi hum kar sakte jab china kar sakta hai america kar sakta hai kaam kyon nahi kar sakte isliye soch uchi honi chahiye aur uske liye akela koi insaan nahi kar sakta puri team banani padti hai isliye aise sarkar ki apeksha hum modi ji se karte hai aise hi jan ki apeksha har ek bharatvasi apni vartaman sarkar se asha bhari nazro se dekh raha dhanyavad jai hind

क्या भारत का इकोनामी ग्रोथ चिंता का विषय बनता जा रहा क्या कर रही है मोदी सरकार आपकी क्या र

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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मुझे लगता है यह एक झूठा और भ्रामक प्रचार है अगर लोगों को अपने राष्ट्रीय हित की इतनी चिंता है तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय सामान समाचार को भी सुनना और समझना चाहिए जिससे उन्हें यह पता चले कि भारत विश्व में किस तरह की तरक्की कर रहा है और उसके स्वाभिमान और उसकी प्रतिष्ठा किस तरह से आप लोगों के बीच सम्मानित हो रही है अगर वे इस बात को नहीं समझते तो मैं उन्हें अपनी तरफ से यह कहना चाहूंगा कि यह झूठा प्रचार है और आप राष्ट्र की किसी भी योजना के प्रति अगर संकीर्णता को त्याग कर खुली आंखों से इतने देखेंगे तो एक नया भारत आपको बनता हुआ दिखाई देगा जिसके लिए प्रत्येक भारतीय जिम दायित्व के साथ आज माननीय प्रधानमंत्री के साथ जुड़ा हुआ है

mujhe lagta hai yah ek jhutha aur bhramak prachar hai agar logo ko apne rashtriya hit ki itni chinta hai toh unhe antararashtriya saamaan samachar ko bhi sunana aur samajhna chahiye jisse unhe yah pata chale ki bharat vishwa mein kis tarah ki tarakki kar raha hai aur uske swabhiman aur uski prathishtha kis tarah se aap logo ke beech sammanit ho rahi hai agar ve is baat ko nahi samajhte toh main unhe apni taraf se yah kehna chahunga ki yah jhutha prachar hai aur aap rashtra ki kisi bhi yojana ke prati agar sankirnata ko tyag kar khuli aankho se itne dekhenge toh ek naya bharat aapko baata hua dikhai dega jiske liye pratyek bharatiya gym dayitva ke saath aaj mananiya pradhanmantri ke saath juda hua hai

मुझे लगता है यह एक झूठा और भ्रामक प्रचार है अगर लोगों को अपने राष्ट्रीय हित की इतनी चिंता

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Mohitg

Student & Shopkeeper

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क्या पहले के समय 125 करोड़ खर्च कर सकता ना नहीं बड़ा उसके साथ खर्चा बढ़ गया तो ऐड में पर है हंड्रेड रूपीस ₹800 उसके 1200 खर्च कर सकता था और दोस्तों के साथ तो कुछ भी नहीं कर सकता था कि ₹100 में डेढ़ सौ खर्चा 450 चेक करता था लेकिन आज वह ₹100 के बाद क्या खर्च करेगा और क्या बचाएगा यही सबसे बड़ा ग्रोथ का दिक्कत है कि भारत की जनसंख्या भारत की जिंदगी इतनी अधिक हो चुकी है और लगता है आने वाले का 10 साल में भारत रिकॉर्ड तोड़ रिकॉर्ड रोड जंक्शन क्या करते कभी चीज में इस समय जनसंख्या वृद्धि को लगाम लगा लिया गया तो फिर वहां पर हम दो हमारे एक की स्कीम पूरी तरह पूरे देश में मारी गई है यही हम चाहते कि भारत भी हम दो हमारे दो की बातें कहती है 12 तारीख की बच्ची पैदा करें तो को एक को बढ़ाएं एक ही करेगा तो बड़े अच्छे तरीके से पूरी तरह को निष्ठावान होकर बस अच्छे संस्कार दें जिससे आपको फ्यूचर में आपके लिए कुछ कार्य करें जो दो बच्चे मिलकर लिख दो कानों में तू आजा वीडियो में लड़ाई हो गई बाकी आपकी जो भी प्रॉब्लम आने के लिए किसानों को फायदा की बुक कब होगी आप अच्छी तरीके से पढ़ अच्छे संस्कार दें कि आपकी बात कहे परवाने आपको यदि लगता है कि वही वाला बाप की प्रॉपर्टी किसी को दान दे सकते किसी और दूसरे बच्चे वर्ड ऑफ भी कर सकते आपके बहुत सारे लेकिन आप को कम कर सकते हो जिससे भारत की ग्रोथ बड़े कोई खोलो मिक्स ग्रोथ अभी भारत की आदत थोड़ी हंसता हुई है पिछले कुछ हफ्तों से कुछ महीनों से क्योंकि भारत में जो जीएसटी अब आएगा इसका सपोर्ट ज्यादा पढ़ा है इसके लिए भारत सरकार का यूज कर रही हो इकोनॉमिक्स कर सके लेकिन अभी इसे तो फिलहाल लवर फलक पढ़ा नहीं है जब तक इन्वेस्टर किया नए तरह के कोई मार्केट में इकोनॉमिक्स के कोई बौद्ध कालीन कब तक भारत सरकार को देना पड़ेगा

kya pehle ke samay 125 crore kharch kar sakta na nahi bada uske saath kharcha badh gaya toh aid mein par hai hundred Rupees Rs uske 1200 kharch kar sakta tha aur doston ke saath toh kuch bhi nahi kar sakta tha ki Rs mein dedh sau kharcha 450 check karta tha lekin aaj vaah Rs ke baad kya kharch karega aur kya bachega yahi sabse bada growth ka dikkat hai ki bharat ki jansankhya bharat ki zindagi itni adhik ho chuki hai aur lagta hai aane waale ka 10 saal mein bharat record tod record road junction kya karte kabhi cheez mein is samay jansankhya vriddhi ko lagaam laga liya gaya toh phir wahan par hum do hamare ek ki scheme puri tarah poore desh mein mari gayi hai yahi hum chahte ki bharat bhi hum do hamare do ki batein kehti hai 12 tarikh ki bachi paida kare toh ko ek ko badhaye ek hi karega toh bade acche tarike se puri tarah ko nisthawan hokar bus acche sanskar de jisse aapko future mein aapke liye kuch karya kare jo do bacche milkar likh do kanon mein tu aajad video mein ladai ho gayi baki aapki jo bhi problem aane ke liye kisano ko fayda ki book kab hogi aap achi tarike se padh acche sanskar de ki aapki baat kahe parvane aapko yadi lagta hai ki wahi vala baap ki property kisi ko daan de sakte kisi aur dusre bacche word of bhi kar sakte aapke bahut saare lekin aap ko kam kar sakte ho jisse bharat ki growth bade koi kholo mix growth abhi bharat ki aadat thodi hansata hui hai pichle kuch hafton se kuch mahinon se kyonki bharat mein jo gst ab aayega iska support zyada padha hai iske liye bharat sarkar ka use kar rahi ho economics kar sake lekin abhi ise toh filhal lover falk padha nahi hai jab tak investor kiya naye tarah ke koi market mein economics ke koi Baudh kaleen kab tak bharat sarkar ko dena padega

क्या पहले के समय 125 करोड़ खर्च कर सकता ना नहीं बड़ा उसके साथ खर्चा बढ़ गया तो ऐड में पर ह

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santosh kumar jain

Motivational Speaker

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पिछले 5 सालों में शांत

pichhle 5 salon mein shaant

पिछले 5 सालों में शांत

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