क्या किसी ने आपके विचारों को चुराने की कोशिश की, क्या वे सफल थे?...


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sadhak vijay

Yoga Teacher

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क्या किसी ने आपके विचार को चुराने की कोशिश कि क्या वे सफल थे विचार कभी भी कोई किसी के नहीं चुरा सकता विचारों को अपना सकता और विचार कोई किसी की इतनी संपत्ति नहीं है विचार मेरे विचार हैं या आपके विचार हैं आप भी अपने मां बाप से लाए मैं भी अपने मां-बाप से मैंने भी समाज यहीं से समाज से सीखे हैं विचार अपने भी समाज से ही सीखे हैं तो विचार घूमते रहते हैं आपस में बस आपका कहने का तरीका अलग है जैसे वही होता है एक मैथ का टीचर क्वेश्चन वही करा रहा है उसका मैथिली डाला के समझाने का दूसरा मैच का महत्व डा लगे उसे दांत को नहीं चेंज कर सकता हूं भी कहीं से सीखा है उसने भी किसी और के विचार अपने टीचर्स के विचार उसके अंदर है चलने का स्टाइल कहीं ना कहीं किसी और का को पिया तो मैं नहीं मानता कोई ऐप विचार बना सकता है अपने विचार कोई भी नहीं बना सकता या तो वह भेद की बात कह रहा है पुराणों की बात किया था शास्त्रों की बात कह रहा उपनिषदों की बात कह रहा है धार्मिक ग्रंथों की बात कह रहा है मनुष्य कितनी पावनी हो अपने विचार अपने आप ही बना रहे हो कैसे वह इतना अभी ईश्वर की सत्ता के खिलाफ हो जाएगी यह बातें तो क्योंकि जो भी विचार आपके मन में उठता है ईश्वर की वाणी है और ईश्वर का दिया हुआ ज्ञान है बस वह विचार गलत ना हो गलत विचार भी आपके हैं और अच्छे विचार भी आपके ही हैं तो कोई चुरा नहीं सकता उसको अपना सकते हैं अप्लाई कर सकते हैं जीवन में धन्यवाद

kya kisi ne aapke vichar ko churane ki koshish ki kya ve safal the vichar kabhi bhi koi kisi ke nahi chura sakta vicharon ko apna sakta aur vichar koi kisi ki itni sampatti nahi hai vichar mere vichar hain ya aapke vichar hain aap bhi apne maa baap se laye main bhi apne maa baap se maine bhi samaj yahin se samaj se sikhe hain vichar apne bhi samaj se hi sikhe hain toh vichar ghumte rehte hain aapas mein bus aapka kehne ka tarika alag hai jaise wahi hota hai ek math ka teacher question wahi kara raha hai uska maithali dala ke samjhane ka doosra match ka mahatva da lage use dant ko nahi change kar sakta hoon bhi kahin se seekha hai usne bhi kisi aur ke vichar apne teachers ke vichar uske andar hai chalne ka style kahin na kahin kisi aur ka ko piya toh main nahi manata koi app vichar bana sakta hai apne vichar koi bhi nahi bana sakta ya toh vaah bhed ki baat keh raha hai purano ki baat kiya tha shastron ki baat keh raha upnishadon ki baat keh raha hai dharmik granthon ki baat keh raha hai manushya kitni pavani ho apne vichar apne aap hi bana rahe ho kaise vaah itna abhi ishwar ki satta ke khilaf ho jayegi yah batein toh kyonki jo bhi vichar aapke man mein uthata hai ishwar ki vani hai aur ishwar ka diya hua gyaan hai bus vaah vichar galat na ho galat vichar bhi aapke hain aur acche vichar bhi aapke hi hain toh koi chura nahi sakta usko apna sakte hain apply kar sakte hain jeevan mein dhanyavad

क्या किसी ने आपके विचार को चुराने की कोशिश कि क्या वे सफल थे विचार कभी भी कोई किसी के नहीं

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