एक उद्यमी के रूप में आपको अपनी कम्पनी शुरू करने का ख़याल कैसे आया?...


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Binay Krishna Shivam

Co-Founder & COO @ TapChief

2:03

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तृषा को शुरू करने से पहले और हमारे को फाउंडर थे हम लोगों ने कंपनी को एक था कि वह जो वह बच्चे हैं जो स्टूडेंट आते हैं उनके दो अलग-अलग डिफरेंट फॉर डिफरेंट कंपनी शुरू करने की कोशिश की जब कॉलेज के दौरान कोशिश कर रहे थे ना कि जो भारत देश है उसे बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो पूरा का पूरा जो उनकी जो लोग एक दूसरे को तो बात ही अलग तरीके की प्रोडक्टिविटी या अलग तरीके से पूरी ताजी चलती थी तो जरूर है जहां पर आप को कभी किसी की जरूरत पड़े कुछ करने के लिए सीखने के लिए या कोई सवाल है जो आपको किसी ने किसी तरह से आप अपनी लाइफ में आगे बढ़ने से रोक रहा है उस समय पर अगर आप पहचानी को पहुंच पाए तो उसी को शुरू जा चुका है वहीं कर चुका है ऑनलाइन एक दूसरे से बात करने की चीजें बन चुकी थी फेसबुक एप दुनिया कैसे जगह थी जहां पर हमारा शुरुआत

trisha ko shuru karne se pehle aur hamare ko founder the hum logo ne company ko ek tha ki vaah jo vaah bacche hai jo student aate hai unke do alag alag different for different company shuru karne ki koshish ki jab college ke dauran koshish kar rahe the na ki jo bharat desh hai use bahut saare aise log hai jo pura ka pura jo unki jo log ek dusre ko toh baat hi alag tarike ki productivity ya alag tarike se puri taazi chalti thi toh zaroor hai jaha par aap ko kabhi kisi ki zarurat pade kuch karne ke liye sikhne ke liye ya koi sawaal hai jo aapko kisi ne kisi tarah se aap apni life mein aage badhne se rok raha hai us samay par agar aap pahchani ko pohch paye toh usi ko shuru ja chuka hai wahi kar chuka hai online ek dusre se baat karne ki cheezen ban chuki thi facebook app duniya kaise jagah thi jaha par hamara shuruaat

तृषा को शुरू करने से पहले और हमारे को फाउंडर थे हम लोगों ने कंपनी को एक था कि वह जो वह बच्

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Rajesh Rana

Educator, Lawyer

2:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए एक व्यक्ति जब नौकरी करता है तो वह दूसरों को कमा कर देता है और अपने परिवार के लिए कमाता है अपने लिए नहीं जीता वह तो एक नौकर है सफर के लिए भी सौ ग्राम का नौकर है और कंपनी के लिए भी सौ ग्राम का नौकर मतलब घर आएगा तो सौ ग्राम खाना मिल जाएगा जिंदगी चलेगी ऑफिस जाएगा सोना 100 ग्राम पैसे मिल जाएंगे जिंदगी चलेगी बस इससे ज्यादा कुछ नहीं इससे भी बड़ी बात क्या है कि उसके बच्चे कल बड़े होंगे तो वह भी जो की लाइन में खड़े होंगे जो पुणे में कीजिए और ज्यादा से ज्यादा सवा सौ ग्राम के नौकर बन के रह जाएंगे अगर थोड़ा बहुत पढ़ाई अच्छी कर ली होगी तो और थोड़ी और ज्यादा कर ली तो डेढ़ सौ ग्राम दिनों पर बन जाएंगे लेकिन अगर आप अपना काम शुरू करते हैं तो सबसे पहली बात है कि 200 ग्राम का नौकर है ना इस कैटेगरी से आभार आ जाएंगे और कम से कम 500 ग्राम के मालिक बन जाएंगे अपनी मर्जी से खाना पर सारी चीजें समय भी आपका आपके पास क्वालिटी ऑफ मानेगी ब्यान क्वालिटी का बताएं यह दोनों चीजें और उस अगर हिम्मत करके उस स्वरोजगार से आकर भड़के आपने बिजनेसमैन बन गए आप तो सबसे बड़ी बात यह रहेगी कि आपकी आपकी आने वाली पीढ़ियों को सौ ग्राम सभा सौ ग्राम का नौकर नहीं बनना पड़ेगा नौकरी की लाइन में नहीं लगना पड़ेगा इस चिंता में किसी एक अनु नौकरी लग जाएगी चिंता में m.a. कालू नौकरी लग जाएगी इस चिंता में कि कंप्यूटर कोर्स कर दो नौकरी लग जाएगी उसकी जिंदगी के हसीन 30 साल बर्बाद नहीं होंगे अगर आप बिल का बिजनेस है तो आप बच्चा दसवीं क्लास के बाद ही आपके साथ आपकी कंपनी में जाना शुरु कर देगा उसके साथ साथ पढ़ाई शुरु कर देगा मतलब आपके साथ एक बिजनेसमैन और तैयार हो जाएगा और जहां एक नौकरी पेशे का बच्चा जो 30 साल की पढ़ाई के बाद भी यह पूछता है इंटरनेट पर कि अब मैं क्या करूं नौकरी कैसे मिलेगी वह आपका बच्चा उस आदमी का नौकरी देखा कि आज हमें नौकरी यह फायदा है कंपनी खोलने का बिजनेस करने का अब यह हमारे ऊपर 500 ग्राम के नौकर बनना चाहते हैं या 100 ग्राम के नौकर बनना चाहते हैं

dekhiye ek vyakti jab naukri karta hai toh vaah dusro ko kama kar deta hai aur apne parivar ke liye kamata hai apne liye nahi jita vaah toh ek naukar hai safar ke liye bhi sau gram ka naukar hai aur company ke liye bhi sau gram ka naukar matlab ghar aayega toh sau gram khana mil jaega zindagi chalegi office jaega sona 100 gram paise mil jaenge zindagi chalegi bus isse zyada kuch nahi isse bhi badi baat kya hai ki uske bacche kal bade honge toh vaah bhi jo ki line mein khade honge jo pune mein kijiye aur zyada se zyada sava sau gram ke naukar ban ke reh jaenge agar thoda bahut padhai achi kar li hogi toh aur thodi aur zyada kar li toh dedh sau gram dino par ban jaenge lekin agar aap apna kaam shuru karte hain toh sabse pehli baat hai ki 200 gram ka naukar hai na is category se abhar aa jaenge aur kam se kam 500 gram ke malik ban jaenge apni marji se khana par saree cheezen samay bhi aapka aapke paas quality of manegi byan quality ka bataye yah dono cheezen aur us agar himmat karke us swarojgar se aakar bhadake aapne bussinessmen ban gaye aap toh sabse badi baat yah rahegi ki aapki aapki aane wali peedhiyon ko sau gram sabha sau gram ka naukar nahi banna padega naukri ki line mein nahi lagna padega is chinta mein kisi ek anu naukri lag jayegi chinta mein m a kalu naukri lag jayegi is chinta mein ki computer course kar do naukri lag jayegi uski zindagi ke Haseen 30 saal barbad nahi honge agar aap bill ka business hai toh aap baccha dasavi class ke baad hi aapke saath aapki company mein jana shuru kar dega uske saath saath padhai shuru kar dega matlab aapke saath ek bussinessmen aur taiyar ho jaega aur jaha ek naukri peshe ka baccha jo 30 saal ki padhai ke baad bhi yah poochta hai internet par ki ab main kya karu naukri kaise milegi vaah aapka baccha us aadmi ka naukri dekha ki aaj hamein naukri yah fayda hai company kholne ka business karne ka ab yah hamare upar 500 gram ke naukar banna chahte hain ya 100 gram ke naukar banna chahte hain

देखिए एक व्यक्ति जब नौकरी करता है तो वह दूसरों को कमा कर देता है और अपने परिवार के लिए कमा

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Prakash Kumar

Business Owner

0:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक आदमी के रूप में आपको अपनी कंपनी शुरू करने का ख्याल कैसे आया मुझे अपनी कंपनी का ख्याल आया कि मैं बचपन से ही चाहता था मैं अपना बिजनेस करूं इसलिए मैंने कभी जॉब के लिए नहीं सोचा और ना मेरी चाह हुई मैंने हमेशा ही अपनी नौकरी करनी चाहिए जिससे कि मैं अच्छा कमा सकूं और मुझे इंटरेस्ट भी जॉब करने में नहीं अपना बिजनेस करने में था तो इसलिए मैंने पहले छोटा बिजनेस स्टार्ट किया छोटे से फिर बड़ा किया जो आज मैं अपना बिजनेस कर रहा हूं

ek aadmi ke roop mein aapko apni company shuru karne ka khayal kaise aaya mujhe apni company ka khayal aaya ki main bachpan se hi chahta tha main apna business karu isliye maine kabhi job ke liye nahi socha aur na meri chah hui maine hamesha hi apni naukri karni chahiye jisse ki main accha kama saku aur mujhe interest bhi job karne mein nahi apna business karne mein tha toh isliye maine pehle chota business start kiya chote se phir bada kiya jo aaj main apna business kar raha hoon

एक आदमी के रूप में आपको अपनी कंपनी शुरू करने का ख्याल कैसे आया मुझे अपनी कंपनी का ख्याल आय

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