महाराष्ट्र की राजनीतिक हालत क्या है?...


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महाराष्ट्र में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है और वहां पर किसी भी दल के द्वारा सरकार नहीं बनाई जा सकी 6 महीने तक राष्ट्रपति के महीने के अंदर कोई दल सरकार बनाने का दावा पेश करके सरकार बना सकता है तो बना सकता है

maharashtra mein is samay rashtrapati shasan laagu hai aur wahan par kisi bhi dal ke dwara sarkar nahi banai ja saki 6 mahine tak rashtrapati ke mahine ke andar koi dal sarkar banane ka daawa pesh karke sarkar bana sakta hai toh bana sakta hai

महाराष्ट्र में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है और वहां पर किसी भी दल के द्वारा सरकार नहीं ब

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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मस्ती राजनीति का लगता है महाराष्ट्र में चुनाव निर्विरोध बीजेपी और शिवसेना के साथ मिलकर चुना गया और उनको बीजेपी को 105 और शिवसेना को 74 सीट मिली है इस तरह से लिया है कि बीजेपी शिवसेना की सरकार बने नाकोड़ा ट्रस्ट का होना ही चाहिए इसलिए एनसीपी सरकार की और कांग्रेस का सरकार लेकर वर्तमान में दावा पेश करेंगे कौन से खाते दिए जाएंगे यह सब बातों का कॉमन शिवसेना और कांग्रेस और एनसीपी सरकार पन्नालाल राष्ट्रपति शासन और सरकार का गठन

masti raajneeti ka lagta hai maharashtra mein chunav nirvirodh bjp aur shivsena ke saath milkar chuna gaya aur unko bjp ko 105 aur shivsena ko 74 seat mili hai is tarah se liya hai ki bjp shivsena ki sarkar bane nakoda trust ka hona hi chahiye isliye ncp sarkar ki aur congress ka sarkar lekar vartaman mein daawa pesh karenge kaunsi khate diye jaenge yah sab baaton ka common shivsena aur congress aur ncp sarkar PANNALAAL rashtrapati shasan aur sarkar ka gathan

मस्ती राजनीति का लगता है महाराष्ट्र में चुनाव निर्विरोध बीजेपी और शिवसेना के साथ मिलकर चुन

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विकी महाराष्ट्र की राजनीति का याद किया गरम बात करें जब 24 तारीख को नतीजे घोषित होते तो बीजेपी शिवसेना के गठबंधन को जनता ने जो है महंगी दिया था इन्हीं जनादेश उनके पक्ष में आया था लेकिन शिवसेना ने इस जनादेश को ना मानते हुए बीजेपी के साथ सरकार बनाने से इस शर्त पर सरकार बनाने कि 19th मांग रखी कि पीटी पीटी फैमिली के जरिए जो है 5 साल की सरकार चलेगी या नहीं भेजा था कि दोनों ही पॉलीटिकल पार्टीज का सीएम होगा इसको बीजेपी ने नहीं माना क्योंकि बीजेपी को ज्यादा सीटें मिली हुई थी और उन्हें लगा कि देवेंद्र सैंडविच एक बार खिलता है मुख्यमंत्री बनेंगे परंतु आज शिवसेना ने इस बात पर उसका साथ में क्या 8 तारीख को देवेंद्र फडणवीस ने अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें कि 9 तारीख को जो है विधानसभा के प्रति जो कि वह खत्म हो रही थी तो ऐसा लगा था कि राज्यपाल राष्ट्रपति शासन आएंगी अली की नाते पाक ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पहले शिवसेना को और उसके बाद एनसीपी को जो है सरकार बनाने का मौका देगी लेकिन दोनों ही पॉलीटिकल पार्टीज है वह एक सरकार बनाने में नाकाम रही है दावा पेश करने में नाकाम रही और उसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने जो है वह राष्ट्रपति शासन की मांग करते हुए किन सरकार को प्रस्ताव भेज दिया जिस पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति पद से करवा कर वहां पर जय महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भी प्रकाश लगवा दिया तो अब राज्य के पास के मुख्यमंत्री नहीं है और वहां पर कोई सरकार नहीं है लेकिन आज की बड़ी कन्फ्यूजिंग हालत है क्योंकि तीनों ही पॉलीटिकल पार्टीज कांग्रेस बीजेपी या कांग्रेस शिवसेना और एनसीपी जो है साथ में आ रही है लेकिन तीनों के बीच मतभेद है जहां शिवसेना ही गलत सोच रही पॉलीटिकल पार्टी है जो एनडीए से अलग हो चुकी है और लग रहा है कि नोटों के साथ सरकार बनाना चाहती है लेकिन वह बेचारी मतभेदों की बहुत बड़ी एक तकरार यह तीनों पॉलीटिकल पार्टीज नहीं देखने को मिल रही है हालांकि आज कि हम अगर आज भी हालत की बात करें तो कल जो राष्ट्रपति शासन लगा था महाराष्ट्र में उसे चुनौती देने के लिए पिन कोड पर कि याचिका दायर की थी शिवसेना के द्वारा जिसे शिवसेना ने वापस ले लिया है और मेरे ख्याल से अब वह इस बात का क्या कर रही है कि कांग्रेस और एनसीपी में कब तक यह बात बनेगी वहीं बीजेपी नहीं भेजे हुए वेतन वॉच की पॉलिसी अप को अपनाया है कि वह देखना चाहिए कि आखिर क्यों पॉलीटिकल पार्टीज किस हद तक जो है वह एक दूसरे के साथ में सामंजस्य बिठा पाते हैं लेकिन इसमें पूरा नुकसान जो है वह महाराष्ट्र की जनता का ही हो रहा है क्योंकि कोई सरकार नहीं है और कोई ऐसी एक ऐसी संस्था ने जो एक प्रकाश राज्य को अच्छे चला सके और किसानों का बहुत बड़ा नुकसान है क्योंकि किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना ने बीजेपी को बहुत गिरा था लेकिन अभी तक इनकी नो पॉलीटिकल पार्टीज पिक्चर पर बात नहीं बन सकी तो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के जरिए ही यह सरकार कराने की कोशिश एक प्रकाश सिंह की हो रही थी अभी तलक पात्रे की कब तक जो पलटी की पार्टी देख सकता पाएंगी और कब तक यहां पर एक सरकार बन पाएगी या फिर जो राज्यपाल शासन है या राष्ट्रपति शासन है वह जारी रहेगा महाराष्ट्र में अक्षय मैंने बाद हमें चुनाव से देखने पड़ सकते हैं यह बहुत दिलचस्प बात अधिक नहीं करेगी

vicky maharashtra ki raajneeti ka yaad kiya garam baat kare jab 24 tarikh ko natije ghoshit hote toh bjp shivsena ke gathbandhan ko janta ne jo hai mehengi diya tha inhin janaadesh unke paksh mein aaya tha lekin shivsena ne is janaadesh ko na maante hue bjp ke saath sarkar banane se is sart par sarkar banane ki 19th maang rakhi ki PT PT family ke jariye jo hai 5 saal ki sarkar chalegi ya nahi bheja tha ki dono hi political parties ka cm hoga isko bjp ne nahi mana kyonki bjp ko zyada seaten mili hui thi aur unhe laga ki devendra saindavich ek baar khilta hai mukhyamantri banenge parantu aaj shivsena ne is baat par uska saath mein kya 8 tarikh ko devendra fadnavis ne apne mukhyamantri pad se istifa de de ki 9 tarikh ko jo hai vidhan sabha ke prati jo ki vaah khatam ho rahi thi toh aisa laga tha ki rajyapal rashtrapati shasan aayengi ali ki naate pak ne apne adhikaaro ka istemal karte hue pehle shivsena ko aur uske baad ncp ko jo hai sarkar banane ka mauka degi lekin dono hi political parties hai vaah ek sarkar banane mein nakam rahi hai daawa pesh karne mein nakam rahi aur uske baad rajyapal bhagat Singh koshyari ne jo hai vaah rashtrapati shasan ki maang karte hue kin sarkar ko prastaav bhej diya jis par kendra sarkar ne rashtrapati pad se karva kar wahan par jai maharashtra mein rashtrapati shasan bhi prakash lagwa diya toh ab rajya ke paas ke mukhyamantri nahi hai aur wahan par koi sarkar nahi hai lekin aaj ki baadi kanfyujing halat hai kyonki tatvo hi political parties congress bjp ya congress shivsena aur ncp jo hai saath mein aa rahi hai lekin tatvo ke beech matbhed hai jaha shivsena hi galat soch rahi political party hai jo nda se alag ho chuki hai aur lag raha hai ki noton ke saath sarkar banana chahti hai lekin vaah bechari matbhedon ki bahut baadi ek takrar yah tatvo political parties nahi dekhne ko mil rahi hai halaki aaj ki hum agar aaj bhi halat ki baat kare toh kal jo rashtrapati shasan laga tha maharashtra mein use chunauti dene ke liye pin code par ki yachika dayar ki thi shivsena ke dwara jise shivsena ne wapas le liya hai aur mere khayal se ab vaah is baat ka kya kar rahi hai ki congress aur ncp mein kab tak yah baat banegi wahi bjp nahi bheje hue vetan watch ki policy up ko apnaya hai ki vaah dekhna chahiye ki aakhir kyon political parties kis had tak jo hai vaah ek dusre ke saath mein samanjasya bitha paate hai lekin isme pura nuksan jo hai vaah maharashtra ki janta ka hi ho raha hai kyonki koi sarkar nahi hai aur koi aisi ek aisi sanstha ne jo ek prakash rajya ko acche chala sake aur kisano ka bahut bada nuksan hai kyonki kisano ke mudde par congress ncp aur shivsena ne bjp ko bahut gira tha lekin abhi tak inki no political parties picture par baat nahi ban saki toh common minimum program ke jariye hi yah sarkar karane ki koshish ek prakash Singh ki ho rahi thi abhi talaq patre ki kab tak jo palati ki party dekh sakta paayengi aur kab tak yahan par ek sarkar ban payegi ya phir jo rajyapal shasan hai ya rashtrapati shasan hai vaah jaari rahega maharashtra mein akshay maine baad hamein chunav se dekhne pad sakte hai yah bahut dilchasp baat adhik nahi karegi

विकी महाराष्ट्र की राजनीति का याद किया गरम बात करें जब 24 तारीख को नतीजे घोषित होते तो बीज

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अबे महाराज की राजनीतिक हालत किसी को समझ में नहीं आ रही कि वहां चल क्या रहा है जिस वजह से वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है

abe maharaj ki raajnitik halat kisi ko samajh mein nahi aa rahi ki wahan chal kya raha hai jis wajah se wahan par rashtrapati shasan laagu kar diya gaya hai

अबे महाराज की राजनीतिक हालत किसी को समझ में नहीं आ रही कि वहां चल क्या रहा है जिस वजह से व

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