जब जनता हमारे देश की पुलीस फ़ोर्स की हमेशा निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते, तो आप को कैसा लगता है?...


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Dr. Ved Thapar

Medico / Health Guide/ Health Speaker /Motivator

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जबा जब जनता हमारे देश की पुलिस पोस्ट निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैसा लगता है निंदा करती है यह बात बिल्कुल ठीक है लोग उनकी मेहनत को नहीं समझते यह बात बिल्कुल ठीक है इसके लिए पुलिस प्रशासन को मिलजुलकर बैठकर उनके थिंक टैंक्स को विचार करना होगा कि जनता के साथ कैसा व्यवहार और कैसा रिश्ता बनाए जाए क्योंकि देश के अंदर पुलिस का सम्मान होना ही चाहिए लेकिन वह तब होगा जब पुलिस महकमे में कुछ बदलाव आए हैं लोगों के प्रति रुझान बढ़े प्यार बड़े उनको सुनने का एक एनजीओ फिर हूं मेरे पास 19600 बच्चे हैं जिनको मैं प्रोस्टेट की डिजास्टर मैनेजमेंट एंड शब्द फैंस की ट्रेनिंग देता हूं स्वीट कॉम्बैट कि मैं छोटे-छोटे बच्चों द्वारा 13 साल के बच्चों को कई बार पुलिस स्टेशन में भेजता हूं कि जो अपने क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में जाओ और हम जो सड़क पर प्रोग्राम कर रहे अपार माया जुहू बीच में प्रोग्राम कर रहा हूं तेरे परमिशन लेकर आओ स्टेशन टारगेट क्लॉक करते हैं सामने चावल एप्लीकेशन इसी तरीके से क्योंकि मैं पुलिस को भी ट्रेंड करता हूं एंटी करप्शन ब्यूरो के साथ में मिलकर करप्शन से रिलेटेड चीजों को उनको मैं अवेयर करता हूं मैं वहां भी इस चीज को कहता हूं तो इसमें जनता की गलती मैं नहीं मानता हूं कम से कम 90% और पुलिस को सुधार की जरूरत जरूर है हमेशा पॉजिटिव होते रहने से काम नहीं चलेगा कि नहीं चाहे गड़बड़ हो रहा है लेकिन फिर भी हम सोचते रह पाते थे गेटकीपर ग्रेफाइट ऑफ द लाइफ इज वेरी स्ट्रांग एंड वेरी गुड लेकिन इस बात को जरूर ध्यान में रखिए कि बदलाव की जरूरत है जहां जरूरत है वहां जरूरत है और आपने कहा कि जब निंदा करते हैं तो कैसा लगता है आपने पूछा अच्छा नहीं लगता जैसे हम मिलिट्री का सम्मान करते हैं मिलिट्री हमसे बहुत दूर है उनके काम को हम देखते नहीं हैं वह बॉर्डर पर तो हमारे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान और बहुत अनुशासित भी जनता में रहते हुए यदि उस अनुशासन का प्रेम के साथ जनता के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर पालन किया जाए तो पुलिस का भी उतना ही सम्मान होगा इस बारे में कोई दो राय नहीं फिर उनके निंदा करने वाले लोग कम से कम से कम हो जाएंगे तो पुलिस को किस चीज की जरूरत है सामाजिक दायरे में मनोवैज्ञानिक स्तर पर कुछ बदलाव की जरूरत है आपका सवाल बहुत अच्छा है खुश रहिए

jaba jab janta hamare desh ki police post ninda karti hai aur unki mehnat ko nahi samajhte toh aapko kaisa lagta hai ninda karti hai yah baat bilkul theek hai log unki mehnat ko nahi samajhte yah baat bilkul theek hai iske liye police prashasan ko miljulakar baithkar unke think tanks ko vichar karna hoga ki janta ke saath kaisa vyavhar aur kaisa rishta banaye jaaye kyonki desh ke andar police ka sammaan hona hi chahiye lekin vaah tab hoga jab police mahkame me kuch badlav aaye hain logo ke prati rujhan badhe pyar bade unko sunne ka ek ngo phir hoon mere paas 19600 bacche hain jinako main prostate ki disaster management and shabd fans ki training deta hoon sweet combat ki main chote chote baccho dwara 13 saal ke baccho ko kai baar police station me bhejta hoon ki jo apne kshetra ke police station me jao aur hum jo sadak par program kar rahe apaar maya juhoo beech me program kar raha hoon tere permission lekar aao station target clock karte hain saamne chawal application isi tarike se kyonki main police ko bhi trend karta hoon anti corruption bureau ke saath me milkar corruption se related chijon ko unko main aveyar karta hoon main wahan bhi is cheez ko kahata hoon toh isme janta ki galti main nahi maanta hoon kam se kam 90 aur police ko sudhaar ki zarurat zaroor hai hamesha positive hote rehne se kaam nahi chalega ki nahi chahen gadbad ho raha hai lekin phir bhi hum sochte reh paate the gatekeeper graphite of the life is very strong and very good lekin is baat ko zaroor dhyan me rakhiye ki badlav ki zarurat hai jaha zarurat hai wahan zarurat hai aur aapne kaha ki jab ninda karte hain toh kaisa lagta hai aapne poocha accha nahi lagta jaise hum miltary ka sammaan karte hain miltary humse bahut dur hai unke kaam ko hum dekhte nahi hain vaah border par toh hamare man me unke prati bahut sammaan aur bahut anushasit bhi janta me rehte hue yadi us anushasan ka prem ke saath janta ke saath acche rishte banakar palan kiya jaaye toh police ka bhi utana hi sammaan hoga is bare me koi do rai nahi phir unke ninda karne waale log kam se kam se kam ho jaenge toh police ko kis cheez ki zarurat hai samajik daayre me manovaigyanik sthar par kuch badlav ki zarurat hai aapka sawaal bahut accha hai khush rahiye

जबा जब जनता हमारे देश की पुलिस पोस्ट निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैस

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