जब जनता हमारे देश की पुलीस फ़ोर्स की हमेशा निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते, तो आप को कैसा लगता है?...


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ऐसे और सवाल
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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन जनता हमारे देश की पुलिस फोर्स इमेज धंधा करती है उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैसा लगता है निंदा के समय निंदा की जाती है और उनकी कार्य की प्रशंसा के समय प्रशंसा आज हमारी पुलिस फोर्स आज हमारी आर्मी हमारी सरकारी कर्मचारी कभी अपने कर्तव्य लगे हुए यह प्रशंसनीय क्योंकि वह अपना कर्तव्य निभा रहे हैं लेकिन करता निभाने करके कभी नहीं होता क्या आप दूसरों को पर चर्चा करें अपने कर्तव्य निभाने के साथ आप दूसरों के जीवन में बाधक न बने उनकी कटनी अगर आप बात हुई थी तो उनका मार्ग बदल सकते हैं ना कि उनके ऊपर अत्याचार करें सरकार के आदेश पर पुलिस ने त्वरित व लाठियां चलाती है जब अंडे के नाची है तो क्या वह सही है क्या घोषित उस समय पुलिस की निंदा जरूरी है अन्यथा पुलिस निरंकुश हो जाएगी इतनी अहिंसा हो जाएगी कि वह आम जनता को उग्रवादी और आतंकवादी मानकर किसके साथ क्या कर बैठे आप कल्पना भी नहीं कर सकते इसलिए एक ही इंसान अपनी कृतियों के कारण निंदनीय उठाएं अपनी अच्छाइयों के कारण वह प्रशंसा का पात्र होता है

lekin janta hamare desh ki police force image dhandha karti hai unki mehnat ko nahi samajhte toh aapko kaisa lagta hai ninda ke samay ninda ki jaati hai aur unki karya ki prashansa ke samay prashansa aaj hamari police force aaj hamari army hamari sarkari karmchari kabhi apne kartavya lage hue yah prashansaniya kyonki vaah apna kartavya nibha rahe hain lekin karta nibhane karke kabhi nahi hota kya aap dusro ko par charcha kare apne kartavya nibhane ke saath aap dusro ke jeevan me badhak na bane unki katni agar aap baat hui thi toh unka marg badal sakte hain na ki unke upar atyachar kare sarkar ke aadesh par police ne twarit va lathiyan chalati hai jab ande ke nachi hai toh kya vaah sahi hai kya ghoshit us samay police ki ninda zaroori hai anyatha police nirankush ho jayegi itni ahinsa ho jayegi ki vaah aam janta ko ugravadi aur aatankwadi maankar kiske saath kya kar baithe aap kalpana bhi nahi kar sakte isliye ek hi insaan apni kritiyon ke karan nindaniya uthaye apni acchhaiyon ke karan vaah prashansa ka patra hota hai

लेकिन जनता हमारे देश की पुलिस फोर्स इमेज धंधा करती है उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैस

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Ashok Bohta

Police Officer

2:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुछ लोगों ने कोई सारे लोग पुलिस में ऐसी न्यूज़ एक दो लोग ही ऐसे होते हैं उस सारे होते हैं जो कि जिनकी वजह से पूरा डिपार्टमेंट पर नाम हो जाता है और इसीलिए उसी को देखकर ग्रीनप्लाई पुलिस ने ऐसे कर दिया जी गाजियाबाद में दिल्ली में ऐसे कर दे दी पुलिस ने छोटी-छोटी बातों पर जनता और पब्लिक लोग राजनीतिक पार्टियां उस पर हत्या का आरोप लगा दी पुलिस ने एक पुलिस को बोलते तो बड़ा नेशनल बड़ा बुरा महसूस होता है कि क्योंकि इस सारे डिपार्टमेंट में पुलिस डिपार्टमेंट नहीं है कोई एक दो आदमी सारे डिपार्टमेंट में सभी खराब नहीं होते तो बड़ा अजीब लगता है कि जब कोई ऐसा फ़ोर्स अकादमी अगर ऐसे करता है यह बता दो काफी एक आत्मग्लानि पैदा होती है उससे जनता को भी इतना पता है कि केस क्या है उनको भी पता नहीं होती जैसी बता दिया लोगों ने भी ऐसा हो गया तो वह भी इस बात को समझ लेते हैं कि ऐसी वैसी बात नहीं है पुलिस डिपार्टमेंट 16 उसकी ट्रेनिंग देखिए और उसकी गया और देखिए एक जो है उसका बलिदान अपने जीवन का पूरा बलिदान पुलिस फोर्स का आदमी लगाता है और मैं तो यह समझता गांव की पुलिस फोर्स कोई भी इसमें करने से जनता के बीच में रहकर क्या-क्या हर प्रकार का आदमी उसका मरता है सबको हैंडल 12 की बात नहीं कर रहा मैं एक-दो को छोड़कर सारे अच्छी ड्यूटी करता है

kuch logo ne koi saare log police me aisi news ek do log hi aise hote hain us saare hote hain jo ki jinki wajah se pura department par naam ho jata hai aur isliye usi ko dekhkar grinaplai police ne aise kar diya ji ghaziabad me delhi me aise kar de di police ne choti choti baaton par janta aur public log raajnitik partyian us par hatya ka aarop laga di police ne ek police ko bolte toh bada national bada bura mehsus hota hai ki kyonki is saare department me police department nahi hai koi ek do aadmi saare department me sabhi kharab nahi hote toh bada ajib lagta hai ki jab koi aisa force academy agar aise karta hai yah bata do kaafi ek atmaglani paida hoti hai usse janta ko bhi itna pata hai ki case kya hai unko bhi pata nahi hoti jaisi bata diya logo ne bhi aisa ho gaya toh vaah bhi is baat ko samajh lete hain ki aisi vaisi baat nahi hai police department 16 uski training dekhiye aur uski gaya aur dekhiye ek jo hai uska balidaan apne jeevan ka pura balidaan police force ka aadmi lagaata hai aur main toh yah samajhata gaon ki police force koi bhi isme karne se janta ke beech me rahkar kya kya har prakar ka aadmi uska marta hai sabko handle 12 ki baat nahi kar raha main ek do ko chhodkar saare achi duty karta hai

कुछ लोगों ने कोई सारे लोग पुलिस में ऐसी न्यूज़ एक दो लोग ही ऐसे होते हैं उस सारे होते हैं

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Ansh jalandra

Motivational speaker

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गोपाल पांडेय

Journalist, Counselor, motivational speaker

2:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे या क्वेश्चन बहुत अच्छा लगा हमें इस कारण हम इसी तरह जवाब देना चाहते हैं और यह जवाब है इसी हमारी मानसिकता है हमारी सोच है हो सकता है किसी को पसंद ना आए और हो सकता है किसी को बहुत ज्यादा पसंद है तो भाइयों मेरा कहना यह है कि जब जनता हमारे देश की पुलिस फोर्स की हमेशा निंदा करती है तो मेरे भाई मैं यह चाहूंगा कि और जनता निंदा तो करेगी क्योंकि विपक्ष की भूमिका निभाना बहुत जरूरी है जहां राजा अत्याचारी हो जाए वहां अगर जनता आवाज नहीं उठाएगी तो यार उसको अपनी गलती का एहसास कैसे होगा तो इसलिए मेरे दोस्तों एक चीज तो हरदम समझ के रखना एक सिक्के के हरदम दो पहलू होते हैं एक अच्छा और एक भरा संसार का भी एक नियम है पॉजिटिव और नेगेटिव तो यार हर चीज सिद्धू ही वजह से चलती है अगर आज रामराज जी भी आ जाए तो भी यार यह मानकर चलना रामराज में भी ऐसे थे जो भगवान श्री राम के ऊपर माता सीता के ऊपर जैकसन दे कर सकते हैं उस समय के राज्य में आज ही संदेह करना अच्छा ही होता है जनता की बात कर रहे हैं अगर आप अपनी नजर की बात करते हैं तो यार मैं को लगता कि आप बोल रहे हैं लेकिन जहां तक मुझे लगता है कि आर सी चीज है निंदा की बात कर रहे हैं तो मैं कहना चाहूंगा यार की निंदा तो होती है क्योंकि होता क्या है कि हर जगह हर समय अच्छे व्यक्ति में अच्छे व्यक्ति नहीं होते हैं हो सकता है कई पुलिसवालों की वजह से अच्छे पुलिस वाले भी बदनाम हो जाते हैं तो यार यह प्रकृति का नियम है जहां अच्छाई है वहां बुराई होती ही है इस वजह से किसी भी फील्डिंग को आप सुनेंगे तो वह आज ही चीज इस चीज आराम से मिल जाएगी चाहे आप इसे पुलिस फोर्स से लोग जोड़ लो या आर्मी से जोड़ लो यार एक वजह किसी भी धर्म जाति मजहब किसी में भी जोड़ लो यार यह मानकर चलना जहां अच्छा ही है वहां बुराई तो होगी ही तो इसमें मेरे भाई इसका जवाब यही है कि हर पुलिस की निंदा नहीं होती है उन लोग जब आज हमारे देश के और हमें एक दो लोगों को के लिए उनके बारे में यह चीज नहीं सोचना चाहिए धन्यवाद

namaskar doston main gopal pandey ya question bahut accha laga hamein is karan hum isi tarah jawab dena chahte hain aur yah jawab hai isi hamari mansikta hai hamari soch hai ho sakta hai kisi ko pasand na aaye aur ho sakta hai kisi ko bahut zyada pasand hai toh bhaiyo mera kehna yah hai ki jab janta hamare desh ki police force ki hamesha ninda karti hai toh mere bhai main yah chahunga ki aur janta ninda toh karegi kyonki vipaksh ki bhumika nibhana bahut zaroori hai jaha raja atyachari ho jaaye wahan agar janta awaaz nahi uthayegee toh yaar usko apni galti ka ehsaas kaise hoga toh isliye mere doston ek cheez toh hardum samajh ke rakhna ek sikke ke hardum do pahaloo hote hain ek accha aur ek bhara sansar ka bhi ek niyam hai positive aur Negative toh yaar har cheez sidhu hi wajah se chalti hai agar aaj ramraj ji bhi aa jaaye toh bhi yaar yah maankar chalna ramraj me bhi aise the jo bhagwan shri ram ke upar mata sita ke upar jackson de kar sakte hain us samay ke rajya me aaj hi sandeh karna accha hi hota hai janta ki baat kar rahe hain agar aap apni nazar ki baat karte hain toh yaar main ko lagta ki aap bol rahe hain lekin jaha tak mujhe lagta hai ki R si cheez hai ninda ki baat kar rahe hain toh main kehna chahunga yaar ki ninda toh hoti hai kyonki hota kya hai ki har jagah har samay acche vyakti me acche vyakti nahi hote hain ho sakta hai kai pulisvalon ki wajah se acche police waale bhi badnaam ho jaate hain toh yaar yah prakriti ka niyam hai jaha acchai hai wahan burayi hoti hi hai is wajah se kisi bhi fielding ko aap sunenge toh vaah aaj hi cheez is cheez aaram se mil jayegi chahen aap ise police force se log jod lo ya army se jod lo yaar ek wajah kisi bhi dharm jati majhab kisi me bhi jod lo yaar yah maankar chalna jaha accha hi hai wahan burayi toh hogi hi toh isme mere bhai iska jawab yahi hai ki har police ki ninda nahi hoti hai un log jab aaj hamare desh ke aur hamein ek do logo ko ke liye unke bare me yah cheez nahi sochna chahiye dhanyavad

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे या क्वेश्चन बहुत अच्छा लगा हमें इस कारण हम इसी तरह जवाब दे

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Dr. Ved Thapar

Medico / Health Guide/ Health Speaker /Motivator

2:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जबा जब जनता हमारे देश की पुलिस पोस्ट निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैसा लगता है निंदा करती है यह बात बिल्कुल ठीक है लोग उनकी मेहनत को नहीं समझते यह बात बिल्कुल ठीक है इसके लिए पुलिस प्रशासन को मिलजुलकर बैठकर उनके थिंक टैंक्स को विचार करना होगा कि जनता के साथ कैसा व्यवहार और कैसा रिश्ता बनाए जाए क्योंकि देश के अंदर पुलिस का सम्मान होना ही चाहिए लेकिन वह तब होगा जब पुलिस महकमे में कुछ बदलाव आए हैं लोगों के प्रति रुझान बढ़े प्यार बड़े उनको सुनने का एक एनजीओ फिर हूं मेरे पास 19600 बच्चे हैं जिनको मैं प्रोस्टेट की डिजास्टर मैनेजमेंट एंड शब्द फैंस की ट्रेनिंग देता हूं स्वीट कॉम्बैट कि मैं छोटे-छोटे बच्चों द्वारा 13 साल के बच्चों को कई बार पुलिस स्टेशन में भेजता हूं कि जो अपने क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में जाओ और हम जो सड़क पर प्रोग्राम कर रहे अपार माया जुहू बीच में प्रोग्राम कर रहा हूं तेरे परमिशन लेकर आओ स्टेशन टारगेट क्लॉक करते हैं सामने चावल एप्लीकेशन इसी तरीके से क्योंकि मैं पुलिस को भी ट्रेंड करता हूं एंटी करप्शन ब्यूरो के साथ में मिलकर करप्शन से रिलेटेड चीजों को उनको मैं अवेयर करता हूं मैं वहां भी इस चीज को कहता हूं तो इसमें जनता की गलती मैं नहीं मानता हूं कम से कम 90% और पुलिस को सुधार की जरूरत जरूर है हमेशा पॉजिटिव होते रहने से काम नहीं चलेगा कि नहीं चाहे गड़बड़ हो रहा है लेकिन फिर भी हम सोचते रह पाते थे गेटकीपर ग्रेफाइट ऑफ द लाइफ इज वेरी स्ट्रांग एंड वेरी गुड लेकिन इस बात को जरूर ध्यान में रखिए कि बदलाव की जरूरत है जहां जरूरत है वहां जरूरत है और आपने कहा कि जब निंदा करते हैं तो कैसा लगता है आपने पूछा अच्छा नहीं लगता जैसे हम मिलिट्री का सम्मान करते हैं मिलिट्री हमसे बहुत दूर है उनके काम को हम देखते नहीं हैं वह बॉर्डर पर तो हमारे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान और बहुत अनुशासित भी जनता में रहते हुए यदि उस अनुशासन का प्रेम के साथ जनता के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर पालन किया जाए तो पुलिस का भी उतना ही सम्मान होगा इस बारे में कोई दो राय नहीं फिर उनके निंदा करने वाले लोग कम से कम से कम हो जाएंगे तो पुलिस को किस चीज की जरूरत है सामाजिक दायरे में मनोवैज्ञानिक स्तर पर कुछ बदलाव की जरूरत है आपका सवाल बहुत अच्छा है खुश रहिए

jaba jab janta hamare desh ki police post ninda karti hai aur unki mehnat ko nahi samajhte toh aapko kaisa lagta hai ninda karti hai yah baat bilkul theek hai log unki mehnat ko nahi samajhte yah baat bilkul theek hai iske liye police prashasan ko miljulakar baithkar unke think tanks ko vichar karna hoga ki janta ke saath kaisa vyavhar aur kaisa rishta banaye jaaye kyonki desh ke andar police ka sammaan hona hi chahiye lekin vaah tab hoga jab police mahkame me kuch badlav aaye hain logo ke prati rujhan badhe pyar bade unko sunne ka ek ngo phir hoon mere paas 19600 bacche hain jinako main prostate ki disaster management and shabd fans ki training deta hoon sweet combat ki main chote chote baccho dwara 13 saal ke baccho ko kai baar police station me bhejta hoon ki jo apne kshetra ke police station me jao aur hum jo sadak par program kar rahe apaar maya juhoo beech me program kar raha hoon tere permission lekar aao station target clock karte hain saamne chawal application isi tarike se kyonki main police ko bhi trend karta hoon anti corruption bureau ke saath me milkar corruption se related chijon ko unko main aveyar karta hoon main wahan bhi is cheez ko kahata hoon toh isme janta ki galti main nahi maanta hoon kam se kam 90 aur police ko sudhaar ki zarurat zaroor hai hamesha positive hote rehne se kaam nahi chalega ki nahi chahen gadbad ho raha hai lekin phir bhi hum sochte reh paate the gatekeeper graphite of the life is very strong and very good lekin is baat ko zaroor dhyan me rakhiye ki badlav ki zarurat hai jaha zarurat hai wahan zarurat hai aur aapne kaha ki jab ninda karte hain toh kaisa lagta hai aapne poocha accha nahi lagta jaise hum miltary ka sammaan karte hain miltary humse bahut dur hai unke kaam ko hum dekhte nahi hain vaah border par toh hamare man me unke prati bahut sammaan aur bahut anushasit bhi janta me rehte hue yadi us anushasan ka prem ke saath janta ke saath acche rishte banakar palan kiya jaaye toh police ka bhi utana hi sammaan hoga is bare me koi do rai nahi phir unke ninda karne waale log kam se kam se kam ho jaenge toh police ko kis cheez ki zarurat hai samajik daayre me manovaigyanik sthar par kuch badlav ki zarurat hai aapka sawaal bahut accha hai khush rahiye

जबा जब जनता हमारे देश की पुलिस पोस्ट निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपको कैस

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Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

1:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप मुझे नहीं लगता कि ऐसी बात है कि आम आदमी जो है इसके बारे में कम ही करती है जैसे प्रति कितना बिल है कई कई लोगों के पास और समाज में कोई प्रॉब्लम है तो समझते हैं कि कुछ भी करते हो लेकिन इसमें जो बात जो कि आवश्यक है वह यह है कि आपके जो इंटेंशन व्याप्ति सुदेश सरकार में हैं आपकी टेंशन है सही मायने में अच्छे होने चाहिए मतलब आपकी जो जो नियत है जो ईमान है वह सही रहनी चाहिए तो जनता से बहुत ज्यादा आपको प्लीज और अप्रिशिएसन और राम सपोर्ट मैं कहना चाहूंगा कि कई प्रिंस आते जाते हैं टेंशन है कि याद आती है तो आप की यही कोशिश होनी चाहिए कि उन दोषियों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए उन्हें किया जाएगा काम करते हैं तो मुझे नहीं लगता है कि भारत में किसी भी जगह पर जनता जो है वह इतनी आती है कि वह पुलिस के खिलाफ कंप्लेंट कर कंपनी करती है

aap mujhe nahi lagta ki aisi baat hai ki aam aadmi jo hai iske bare mein kam hi karti hai jaise prati kitna bill hai kai kai logo ke paas aur samaj mein koi problem hai toh samajhte hain ki kuch bhi karte ho lekin isme jo baat jo ki aavashyak hai vaah yah hai ki aapke jo intention vyapti sudesh sarkar mein hain aapki tension hai sahi maayne mein acche hone chahiye matlab aapki jo jo niyat hai jo iman hai vaah sahi rehni chahiye toh janta se bahut zyada aapko please aur aprishiesan aur ram support main kehna chahunga ki kai prince aate jaate hain tension hai ki yaad aati hai toh aap ki yahi koshish honi chahiye ki un doshiyon ko jald se jald theek kiya jaaye unhe kiya jaega kaam karte hain toh mujhe nahi lagta hai ki bharat mein kisi bhi jagah par janta jo hai vaah itni aati hai ki vaah police ke khilaf complaint kar company karti hai

आप मुझे नहीं लगता कि ऐसी बात है कि आम आदमी जो है इसके बारे में कम ही करती है जैसे प्रति कि

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Agam Jain

IPS Officer

2:52

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Vikas Yadav

UPSC Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जनता जो हमारे पुलिस की निंदा करती है हमारी फूड्स के बारे सेना की निंदा करती है तो उसमें कहीं ना कहीं वह कुछ ना कुछ कारण भी होता है कोई व्यक्ति ऐसे किसी की निंदा करता है उसका कुछ ना कुछ होता है उसका परिणाम उसे नेगेटिव और पॉजिटिव प्राप्त होता है तो सही है हमारी सेना हमारे लिए बहुत कुछ है सब कुछ है चलो से बढ़कर इस देश के लिए कुछ नहीं है सहना है तभी हमें नहीं तो कुछ भी नहीं है तो सेना की जज्बे को हमारा सलाम है और हमें पूरा भरोसा है इस देश की जनता को सिर्फ सेना पर ही भरोसा है कि वह मेहनत से 24 घंटे लगन से मेहनत करके देश सेवा के लिए कार्य करती है तो हम कभी भी उसके निंदा नहीं करनी चाहिए हमें कभी भी उसका उपहास उड़ाना चाहिए और हमें प्रयास करना चाहिए हमारे आसपास के जितने युवा है उसे जुड़े सेना में जाएं तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा और इस देश को अच्छे से इनको की आवश्यकता है जिससे हमारा देश 7 सप्ताह में दुनिया का सबसे अच्छा देश बने जय हिंद

dekhiye janta jo hamare police ki ninda karti hai hamari foods ke bare sena ki ninda karti hai toh usme kahin na kahin vaah kuch na kuch karan bhi hota hai koi vyakti aise kisi ki ninda karta hai uska kuch na kuch hota hai uska parinam use Negative aur positive prapt hota hai toh sahi hai hamari sena hamare liye bahut kuch hai sab kuch hai chalo se badhkar is desh ke liye kuch nahi hai sahna hai tabhi hamein nahi toh kuch bhi nahi hai toh sena ki jajbe ko hamara salaam hai aur hamein pura bharosa hai is desh ki janta ko sirf sena par hi bharosa hai ki vaah mehnat se 24 ghante lagan se mehnat karke desh seva ke liye karya karti hai toh hum kabhi bhi uske ninda nahi karni chahiye hamein kabhi bhi uska upahas udana chahiye aur hamein prayas karna chahiye hamare aaspass ke jitne yuva hai use jude sena mein jaye tabhi hamara desh aage badhega aur is desh ko acche se inko ki avashyakta hai jisse hamara desh 7 saptah mein duniya ka sabse accha desh bane jai hind

देखिए जनता जो हमारे पुलिस की निंदा करती है हमारी फूड्स के बारे सेना की निंदा करती है तो उस

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पुलिस जो पुलिस में भर्ती होता है उसकी सोच क्या होती है इसके ऊपर डिपेंड करता है पुलिस एक ग्लामौर है जो भी पुलिस में जॉइनिंग होता है उसको यह लगता है कि मैं पावर और वह आम आदमी को आदमी आम आदमी के ऊपर अपना मतलब में क्या बोलते हैं थोड़ा पावा दिखाता है और बड़े लोगों के सामने सर झुकाना इसी वजह से लोग पुलिस को पसंद नहीं करते हैं और ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि जो गरीब होते हैं या जो नासमझ होते हैं उनकी पुलिस मदद नहीं करती बल्कि उनको उल्टा डराती है धमका आती है और बड़े लोगों के तलवे चाटती है इसी वजह से समाज में पुलिस के प्रति एक पूर्वाग्रह बन गया है जो कि कुछ हद तक सही भी है और कुछ हद तक गला के लिए यहां बहुत लोग पॉसिबल भी होते हैं कितने अच्छे भी रहते हैं लेकिन ज्यादातर पुली इसी घमंड में चूर रहता है कि हमें कैसा पद मिला है इसमें कुछ भी सकते हैं इसके वजह से वो लोग भ्रष्टाचार भी करते हैं पैसा भी लेते हैं और ज्यादातर गरीब कमजोर तबके से इसे समाज में पुलिस के प्रति गलत धारणा बनी हुई है

police jo police me bharti hota hai uski soch kya hoti hai iske upar depend karta hai police ek glamaur hai jo bhi police me joining hota hai usko yah lagta hai ki main power aur vaah aam aadmi ko aadmi aam aadmi ke upar apna matlab me kya bolte hain thoda pawa dikhaata hai aur bade logo ke saamne sir jhukana isi wajah se log police ko pasand nahi karte hain aur jyadatar mamlon me dekha gaya hai ki jo garib hote hain ya jo nasamajh hote hain unki police madad nahi karti balki unko ulta darati hai dhamka aati hai aur bade logo ke talave chatti hai isi wajah se samaj me police ke prati ek purvagrah ban gaya hai jo ki kuch had tak sahi bhi hai aur kuch had tak gala ke liye yahan bahut log possible bhi hote hain kitne acche bhi rehte hain lekin jyadatar pauly isi ghamand me chur rehta hai ki hamein kaisa pad mila hai isme kuch bhi sakte hain iske wajah se vo log bhrashtachar bhi karte hain paisa bhi lete hain aur jyadatar garib kamjor tabke se ise samaj me police ke prati galat dharana bani hui hai

पुलिस जो पुलिस में भर्ती होता है उसकी सोच क्या होती है इसके ऊपर डिपेंड करता है पुलिस एक ग्

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जनता उनकी निंदा करते हैं और जो अच्छे काम करते हैं जनता उनकी कभी निंदा नहीं करता है वह अपने मेक पॉप चलते आज बहुत ही मचाई पर सब सारा उनको सब सारा बहुत सारा काम करते हैं जो किसी से घोषित नहीं लगता है हर किसी को अपना हक दिलाते हैं उनका हक दिलाता है सब किसी को और कुछ पुलिस अफसर मूवी होता है जो घोसले काम करते हैं जनता उन्हीं की अच्छे लोगों की जनता निंदा निंदा नहीं करते हैं

janta unki ninda karte hain aur jo acche kaam karte hain janta unki kabhi ninda nahi karta hai vaah apne make pop chalte aaj bahut hi machai par sab saara unko sab saara bahut saara kaam karte hain jo kisi se ghoshit nahi lagta hai har kisi ko apna haq dilate hain unka haq dilata hai sab kisi ko aur kuch police officer movie hota hai jo ghosle kaam karte hain janta unhi ki acche logo ki janta ninda ninda nahi karte hain

जनता उनकी निंदा करते हैं और जो अच्छे काम करते हैं जनता उनकी कभी निंदा नहीं करता है वह अपने

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Ankit

Sewing artisans of readymade garments Work Experience 15 Year

1:41
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नमस्कार आपका सवाल है जबकि जनता हमारे देश की पुलिस फोर्स की निंदा करती है और उनकी मेहनत को नहीं समझते तो आपके मन में कैसा लगता है आपको कैसा लगता था उसका एक ही सवाल है कि पुलिस फोर्स ने अपनी इमेज को डाउन करो कि कहीं पर भी चौराहे पर खड़े होकर ₹50 में लोगों को ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने देना या मतलब अगर मुझसे कोई गुस्सा तो मेरे हिसाब से भारत में कोई संस्था सबसे ज्यादा करप्ट है तो वह भारत के पुलिस ही होगी भारत की पुलिस में बहुत ही ज्यादा कर पचाने यहां आज तो अच्छा काम कर रहे हैं हमारे लिए करो 9:00 कोर्णाक एक महामारी में संकट में तो उन्होंने मानस साथ दिया यह औरोराल आप देखा जाए तो एक कंप्लेंट दर्ज करवाने के लिए भी हमसे सो पचास डेट ₹200 तक वह ले लेते हैं और कहीं बात तो कंप्लेंट दर्ज भी नहीं होती हैं प्याली भक्ते कई बार भगा दिया जाता है तो पुलिस को खुद हमारे अपनी इमेज को सुधारना पड़ेगा यह काला सच है कि पुलिस बहुत ही ज्यादा भ्रष्ट है एक तो वह लोग बदतमीजी भी बहुत ज्यादा करते हैं मतलब इंसान देख कर भी बात नहीं करते कि कोई सभ्य समाज का अच्छा व्यक्ति है उससे तो आप कम से कम अच्छे से बातचीत कर सकते हैं पर आज कल के कुछ जवान जो आए हैं नए-नए लड़के फोन में चेंज देखने को मिल रहा है यह का आशा की किरण हो सकता

namaskar aapka sawaal hai jabki janta hamare desh ki police force ki ninda karti hai aur unki mehnat ko nahi samajhte toh aapke man me kaisa lagta hai aapko kaisa lagta tha uska ek hi sawaal hai ki police force ne apni image ko down karo ki kahin par bhi chauraahe par khade hokar Rs me logo ko traffic signal todne dena ya matlab agar mujhse koi gussa toh mere hisab se bharat me koi sanstha sabse zyada corrupt hai toh vaah bharat ke police hi hogi bharat ki police me bahut hi zyada kar pachane yahan aaj toh accha kaam kar rahe hain hamare liye karo 9 00 kornak ek mahamari me sankat me toh unhone manas saath diya yah auroral aap dekha jaaye toh ek complaint darj karwane ke liye bhi humse so pachaas date Rs tak vaah le lete hain aur kahin baat toh complaint darj bhi nahi hoti hain pyaali bhakte kai baar bhaga diya jata hai toh police ko khud hamare apni image ko sudharna padega yah kaala sach hai ki police bahut hi zyada bhrasht hai ek toh vaah log badatamiji bhi bahut zyada karte hain matlab insaan dekh kar bhi baat nahi karte ki koi sabhya samaj ka accha vyakti hai usse toh aap kam se kam acche se batchit kar sakte hain par aaj kal ke kuch jawaan jo aaye hain naye naye ladke phone me change dekhne ko mil raha hai yah ka asha ki kiran ho sakta

नमस्कार आपका सवाल है जबकि जनता हमारे देश की पुलिस फोर्स की निंदा करती है और उनकी मेहनत को

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हमें तेरी जनता पब्लिक स्कूल कि नहीं सच निंदा करती है क्योंकि वह समझती है पुलिस वाले अच्छे नहीं होते हैं लेकिन किसी एक व्यक्ति के एक व्यक्ति परिवार सभी ग्रुप के लोगों को मतलब गलत नहीं समझ सकते हैं एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है तो दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में तकरार चलना उसके लिए हम सारी रात सारी रात सारी देश की पुलिस को गलत निर्णय बदलना पड़ेगा कि पुलिस वाले गलत नहीं होते गलत नहीं होती धन्यवाद

hamein teri janta public school ki nahi sach ninda karti hai kyonki vaah samajhti hai police waale acche nahi hote hain lekin kisi ek vyakti ke ek vyakti parivar sabhi group ke logo ko matlab galat nahi samajh sakte hain ek machli poore taalab ko ganda kar deti hai toh delhi tees hazari court mein takrar chalna uske liye hum saree raat saree raat saree desh ki police ko galat nirnay badalna padega ki police waale galat nahi hote galat nahi hoti dhanyavad

हमें तेरी जनता पब्लिक स्कूल कि नहीं सच निंदा करती है क्योंकि वह समझती है पुलिस वाले अच्छे

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मैं अपने देश के फौजी पुलिस वाले को सादर प्रणाम करता हूं और मेरी तरफ से ही कहना है कि हमारे देश की रक्षा के लिए हमारे देश के राजा राज पुलिस कर्मी व अधिकारी कितना करते हैं उसमें शादी किसी देश की फौज करती होगी वह लोग अपने परिवार को छोड़कर के हम जनता की सेवा के लिए दृष्टि रहते हैं और हर वक्त हर समय पर हमारा साथ देते हैं यह मानता हूं पुस्तक कैसे हैं जो पुलिस डिपार्टमेंट लूटपाट का नाम गंदा कहते हैं लेकिन हर पुलिस फोर्स इस प्रगति का नहीं होता है शायद यह मेरा मानना है कि दरजी नेशनल पुलिस फोर्स इमानदारी और लगन से कार्य करते हर बुरे वक्त पर हमारे यहां तक खुलेआम हो सकती है आ सकती है जा सकती है इसकी रक्षा के लिए हमारे वीर जवान दुष्कर्मी हमेशा तत्पर रहते हैं चल पुलिसकर्मी अधिकारियों को सादर प्रणाम करता हूं वंदन करता हूं कि भविष्य में भी इसी प्रकार से देश की सुरक्षा करेंगे इसके साथ मैप में सपोर्ट राम देता हूं जय हिंद जय भारत

main apne desh ke fauji police waale ko sadar pranam karta hoon aur meri taraf se hi kehna hai ki hamare desh ki raksha ke liye hamare desh ke raja raj police karmi va adhikari kitna karte hain usme shaadi kisi desh ki fauj karti hogi vaah log apne parivar ko chhodkar ke hum janta ki seva ke liye drishti rehte hain aur har waqt har samay par hamara saath dete hain yah maanta hoon pustak kaise hain jo police department lutpat ka naam ganda kehte hain lekin har police force is pragati ka nahi hota hai shayad yah mera manana hai ki darji national police force imaandari aur lagan se karya karte har bure waqt par hamare yahan tak khuleaam ho sakti hai aa sakti hai ja sakti hai iski raksha ke liye hamare veer jawaan dushkarmee hamesha tatpar rehte hain chal policekarmi adhikaariyo ko sadar pranam karta hoon vandan karta hoon ki bhavishya me bhi isi prakar se desh ki suraksha karenge iske saath map me support ram deta hoon jai hind jai bharat

मैं अपने देश के फौजी पुलिस वाले को सादर प्रणाम करता हूं और मेरी तरफ से ही कहना है कि हमा

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SKS Pawar

Teacher

4:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जी बात ऐसी है कि पूरे विश्व में पुलिस जैसा कोई पद ही नहीं था पुलिस व्यवस्था ही नहीं थी हमारे तत्कालीन ब्रिटिश भारत में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में पुलिस व्यवस्था ही नहीं थी आर्मी होती थी 1950 से 18 सो 57 की क्रांति के बाद अंग्रेजों को यह लगा कि जब यह क्रांति हुई तो भारी मात्रा में हथियारों के साथ यह क्रांति हुई थी आमजन हत्यारों के साथ उतरा था तभी एक इट इस भारत की ज्वाला अंग्रेजों ने नियम बनाया कि कोई भी अगर लाइसेंस को करवाना है ना वह हथियार वापस लाइन के लिए लाइसेंस की व्यवस्था की जाए ताकि काउंटिंग हो सके कि आम आदमियों के पास कितनी व्यवस्था है हथियारों की पुलिस व्यवस्था का अहसास था कि 18 सो 57 की क्रांति में जब इतने सारे लोग सड़कों पर आए थे अंग्रेजों के विरुद्ध तक उन्होंने की व्यवस्था की थी कि अगर उस समय के 19 के उस समय जो भारत था कि अगर सरकार के खिलाफ ब्रिटिश भारत में सरकार के खिलाफ अगर कोई भी आदमी आवाज उठाता है कोई भी व्यक्ति अगर आवाज उठाता है तो सिर्फ कुछ नहीं करना है उसे उठाकर अंदर ले जाए जेल में ले जाए छाम छाम उसके चार्ज एस लगाएं और उसको जेल भेज दे एक बार में एक नियम आया था ना पीला पीला दलित वही वाला जो ब्रिटिश भारत का जो अधिनियम है ना अभी भी चल रहा है हमारे देश में अभी भी बहुत सारे लोगों को पता नहीं है मुझे एक चीज बताइए कि एक आदमी को हत्या के छोरी के बलात्कार के किसी भी आरोप में गिरफ्तार किया जाता है गिरफ्तार करके उसको जेल भेजते हैं मानो बलात्कार के आरोप में उसको गिरफ्तार किया गया 3 मैंने तक उसके जमानत नहीं होती व्यक्ति जेल में रहता है फिर उसकी कोर्ट में पेशी होती कुछ सबूत दिए जाते हैं फिर वह जेल में रहता है 5 साल तक कोर्ट में केस चलता है और 5 साल के बाद फिर कुछ पेश होने के बाद उस व्यक्ति को हो जाता है 10 साल 10 साल के बाद यह पता चलता है कि उस व्यक्ति ने बलात्कार किया ही नहीं था फिर कोर्ट उसको बाइज्जत बरी कर दी जाती कर देती है अब एक चीज मुझे बताइए कि जिस व्यक्ति को 10 साल तक जेल में रहना पड़ा फिर उसको कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया तो उस 10 साल उसने जो जेल में गुजारे हैं उसका जिम्मेदार कौन उस व्यक्ति को वह 10 साल कौन लौट आएगा एक बार दूसरी बात यह है कि पुलिस वाले आम आदमी को लट्ठ लेकर पीटते रहते हैं आम आदमी को वह चौराहे पर मार सकते किसी के घर में भी जाकर मारपीट कर सकते हैं बिना कारण बताए जेल में बंद कर सकते हैं और अगर कारण बताता भी अंदर ले जाने के उपाय कोई भी चार्ज लगा देता है और अगर वह आदमी इसका विरोध करता और पुलिस वाले को हाथ पकड़ ले वर्दी पकड़ ले धक्का-मुक्की कर ले तो शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के जुर्म में उसके ऊपर एक और आईपीसी लगा देते हैं और हमेशा के लिए उसको अंदर ले जाते हो कुत्ते रहते हैं सवाल यह है कि जो व्यक्ति दोषी था ही नहीं बाद में पुलिस ने उसे बंद के बाद में कोर्ट की नजर में वह प्यार बाय चेक बेगुनाह साबित होता है तो उसके जो तूने जो जेल में समय बिताया ना पा साल 10 साल उसको कौन लौट आएगा नियम अनुसार तो जिन लोगों ने इन्वेस्टिगेशन किया था ना उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए कोई होना चाहिए क्या आपने जब इसको जेल में भेजा तो गलत आईपीसी लगा कर भेजा तो भी निर्दोष व्यक्ति था उसके बाद में उस पुलिस अधिकारी को जेल में जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है मेरे दोस्तों एक ही बात कह सकते हैं कि जनता का पुलिस पर सिर्फ इसलिए विश्वास नहीं होता है कि पुलिस कोई भी आईपीसी लगाकर हमें अंदर डाल देगी इसलिए तो बचना चाहता है बचने के प्रयास में उपदेश केंद्रित कोई न कोई कार्रवाई करता है या भागने का प्रयास करता है लेकिन यह भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए जो ब्रिटिश भारत का पुलिस अधिनियम है ना उसे बदलकर वर्तमान भारत में जो है मानवाधिकार को ध्यान में रखते हो कोई नया अधिनियम बनाना चाहिए थैंक यू

dekhiye ji baat aisi hai ki poore vishwa me police jaisa koi pad hi nahi tha police vyavastha hi nahi thi hamare tatkalin british bharat me hi nahi balki sampurna vishwa me police vyavastha hi nahi thi army hoti thi 1950 se 18 so 57 ki kranti ke baad angrejo ko yah laga ki jab yah kranti hui toh bhari matra me hathiyaron ke saath yah kranti hui thi aamjan hatyaron ke saath utara tha tabhi ek it is bharat ki jwala angrejo ne niyam banaya ki koi bhi agar license ko karwana hai na vaah hathiyar wapas line ke liye license ki vyavastha ki jaaye taki counting ho sake ki aam adamiyo ke paas kitni vyavastha hai hathiyaron ki police vyavastha ka ehsaas tha ki 18 so 57 ki kranti me jab itne saare log sadkon par aaye the angrejo ke viruddh tak unhone ki vyavastha ki thi ki agar us samay ke 19 ke us samay jo bharat tha ki agar sarkar ke khilaf british bharat me sarkar ke khilaf agar koi bhi aadmi awaaz uthaata hai koi bhi vyakti agar awaaz uthaata hai toh sirf kuch nahi karna hai use uthaakar andar le jaaye jail me le jaaye cham cham uske charge S lagaye aur usko jail bhej de ek baar me ek niyam aaya tha na peela peela dalit wahi vala jo british bharat ka jo adhiniyam hai na abhi bhi chal raha hai hamare desh me abhi bhi bahut saare logo ko pata nahi hai mujhe ek cheez bataiye ki ek aadmi ko hatya ke chhori ke balatkar ke kisi bhi aarop me giraftar kiya jata hai giraftar karke usko jail bhejate hain maano balatkar ke aarop me usko giraftar kiya gaya 3 maine tak uske jamanat nahi hoti vyakti jail me rehta hai phir uski court me pepsi hoti kuch sabut diye jaate hain phir vaah jail me rehta hai 5 saal tak court me case chalta hai aur 5 saal ke baad phir kuch pesh hone ke baad us vyakti ko ho jata hai 10 saal 10 saal ke baad yah pata chalta hai ki us vyakti ne balatkar kiya hi nahi tha phir court usko baijjat bari kar di jaati kar deti hai ab ek cheez mujhe bataiye ki jis vyakti ko 10 saal tak jail me rehna pada phir usko court ne baijjat bari kar diya toh us 10 saal usne jo jail me gujare hain uska zimmedar kaun us vyakti ko vaah 10 saal kaun lot aayega ek baar dusri baat yah hai ki police waale aam aadmi ko latth lekar pitate rehte hain aam aadmi ko vaah chauraahe par maar sakte kisi ke ghar me bhi jaakar maar peet kar sakte hain bina karan bataye jail me band kar sakte hain aur agar karan batata bhi andar le jaane ke upay koi bhi charge laga deta hai aur agar vaah aadmi iska virodh karta aur police waale ko hath pakad le wardi pakad le dhakka mukki kar le toh shaaskiye karya me badha pahunchane ke jurm me uske upar ek aur ipc laga dete hain aur hamesha ke liye usko andar le jaate ho kutte rehte hain sawaal yah hai ki jo vyakti doshi tha hi nahi baad me police ne use band ke baad me court ki nazar me vaah pyar bye check begunah saabit hota hai toh uske jo tune jo jail me samay bitaya na paa saal 10 saal usko kaun lot aayega niyam anusaar toh jin logo ne investigation kiya tha na unke khilaf anushasnatmak karyawahi honi chahiye koi hona chahiye kya aapne jab isko jail me bheja toh galat ipc laga kar bheja toh bhi nirdosh vyakti tha uske baad me us police adhikari ko jail me jana chahiye lekin aisa nahi hota hai mere doston ek hi baat keh sakte hain ki janta ka police par sirf isliye vishwas nahi hota hai ki police koi bhi ipc lagakar hamein andar daal degi isliye toh bachna chahta hai bachne ke prayas me updesh kendrit koi na koi karyawahi karta hai ya bhagne ka prayas karta hai lekin yah bharat sarkar ko is par sangyaan lena chahiye jo british bharat ka police adhiniyam hai na use badalkar vartaman bharat me jo hai manavadhikar ko dhyan me rakhte ho koi naya adhiniyam banana chahiye thank you

देखिए जी बात ऐसी है कि पूरे विश्व में पुलिस जैसा कोई पद ही नहीं था पुलिस व्यवस्था ही नहीं

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Yogi

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