महाराष्ट्र: राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प है?...


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मुस्कुराओ कृष्णा राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प है रास्ता समझने का कोई भी जरूरत नहीं है उसको अपना बहुमत सिद्ध करना होता है राज्यपाल के समक्ष जाकर में जिसका बहुमत साबित होता है उसके सरकार बन जाती है

muskurao krishna rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ke paas kya vikalp hai rasta samjhne ka koi bhi zarurat nahi hai usko apna bahumat siddh karna hota hai rajyapal ke samaksh jaakar me jiska bahumat saabit hota hai uske sarkar ban jaati hai

मुस्कुराओ कृष्णा राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प है रास्ता सम

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Dr. Ashwani Kumar Singh

Chairman & Director at VEMS

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राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प अगर के महीने के भीतर फिर दो-तीन जो भी राजनीतिक दलों आता है बीजेपी सबसे बड़ी लार्जेस्ट पार्टी है इसे पास 105 ही सीखते हैं उसके बाद शिवसेना है कांग्रेश है वैसे भी अगर मैं बीजेपी के साथ और तीन दलों में से कुछ लोग समर्थन करते हैं तो वह सरकार बना सकती है और उसके पास बहुमत हो जाएगा तो वह जाकर के पास अपने सेक्स रखेगा और राजपाल उसको सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे बीजेपी ऐसा नहीं करती है तो दूसरे को दर्द है शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस मिला कैसे कर सकती है अगर आप ही कोई सहमति बनती और नहीं अगर बनती है तो फिर राष्ट्रपति शासन फिर अगले महीने के बाद फिर अगले देने के लिए शुक्रिया शुभकामनाएं

rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ke paas kya vikalp agar ke mahine ke bheetar phir do teen jo bhi raajnitik dalon aata hai bjp sabse badi largest party hai ise paas 105 hi sikhate hain uske baad shivsena hai congress hai waise bhi agar main bjp ke saath aur teen dalon mein se kuch log samarthan karte hain toh vaah sarkar bana sakti hai aur uske paas bahumat ho jaega toh vaah jaakar ke paas apne sex rakhega aur rajyapal usko sarkar banne liye aamantrit karenge bjp aisa nahi karti hai toh dusre ko dard hai shivsena ncp aur congress mila kaise kar sakti hai agar aap hi koi sahmati banti aur nahi agar banti hai toh phir rashtrapati shasan phir agle mahine ke baad phir agle dene ke liye shukriya subhkamnaayain

राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प अगर के महीने के भीतर फिर दो-त

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी राजनीतिक दलों के पास विकल्प है कि वे अपना एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाकर और संयुक्त गठबंधन करके और अपने पास बहुमत का आंकड़ा समर्थन का राष्ट्रपति को देख सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं उनके पास अब तक 6 महीने की है 6 महीने के अंदर कभी भी प्रकार की कवायद कर सकते हैं और सकते हैं

maharashtra mein rashtrapati shasan lagne ke baad bhi raajnitik dalon ke paas vikalp hai ki ve apna ek common minimum program banakar aur sanyukt gathbandhan karke aur apne paas bahumat ka akanda samarthan ka rashtrapati ko dekh sarkar banane ka daawa pesh kar sakte hain unke paas ab tak 6 mahine ki hai 6 mahine ke andar kabhi bhi prakar ki kavayad kar sakte hain aur sakte hain

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी राजनीतिक दलों के पास विकल्प है कि वे अपना एक

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Lakshmi Kant

Journalist

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आपका प्रश्न है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विकल्प है जितना भी कल पहले था उतना ही आगे इसको समझने के लिए आपको यह समझना पड़ेगा कि सरकार बनती कैसे मोटे मोटे तौर पर ऐसे समझे कि जिस राज्य में विधानसभा में कितनी सीट होती है उससे आधा से एक ज्यादा होने पर वह सरकार बनाया जा सकता चाहे वह पार्टी का हो या कहीं पार्टी मिलकर एक गठबंधन बनाकर बना सकते हैं किसी भी तरह वह संख्या पहुंचने चाहिए भारत की बात करें तो आपको पता होगा कि महाराष्ट्र में कुल 288 सीटें अब 288 सीट का आधा 144 होता है उसे एक ज्यादा का मतलब है 145 सीट जिसके पास होगी वह सरकार बना सकते हैं फिलहाल बीजेपी के पास 105 शिवसेना के पास चप्पल एलसीडी के पास 4444 को आप जोड़ सकते कौन-कौन मिलकर कैसे सरकार बना सकते हैं वहां के राजनीतिक दलों जहां तक राष्ट्रपति शासन लगने की बात है तो राष्ट्रपति शासन लगने से कोई समस्या नहीं है जिस दिन यह लोग सभी लोग 145 की संख्या को लेकर राज्यपाल के पास जाएंगे लड़की मेरे पास संख्या पर आ गया मैं सरकार बनाना चाहता हूं अगर समर्थन पत्र के आधार पर राशि राज्यपाल संतुष्ट हो गया तो तुम्हें बुला सकते हैं समर्थन पत्र से नहीं संतुष्ट होने पर सभी विधायकों को बुलाकर प्रिंट करा सकते हैं संतुष्ट होने के बाद उन्हें सरकार बनाने के लिए न्योता दिया जाना राजनीतिक बाध्यता नहीं बन सकती है राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल के आने के बाद वहां विधानसभा को भंग कर दी जाएगी यानी कि जब तक राष्ट्रपति शासन किसी भी राज्य में है तो यह समझे कि वह सरकार बनाने के लिए कोई भी कोई भी दल या समूह उतनी संख्या लेकर आए और सरकार धन्यवाद

aapka prashna hai ki maharashtra mein rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ke paas kya vikalp hai jitna bhi kal pehle tha utana hi aage isko samjhne ke liye aapko yah samajhna padega ki sarkar banti kaise mote mote taur par aise samjhe ki jis rajya mein vidhan sabha mein kitni seat hoti hai usse aadha se ek zyada hone par vaah sarkar banaya ja sakta chahen vaah party ka ho ya kahin party milkar ek gathbandhan banakar bana sakte hain kisi bhi tarah vaah sankhya pahuchne chahiye bharat ki baat kare toh aapko pata hoga ki maharashtra mein kul 288 seaten ab 288 seat ka aadha 144 hota hai use ek zyada ka matlab hai 145 seat jiske paas hogi vaah sarkar bana sakte hain filhal bjp ke paas 105 shivsena ke paas chappal LCD ke paas 4444 ko aap jod sakte kaun kaun milkar kaise sarkar bana sakte hain wahan ke raajnitik dalon jaha tak rashtrapati shasan lagne ki baat hai toh rashtrapati shasan lagne se koi samasya nahi hai jis din yah log sabhi log 145 ki sankhya ko lekar rajyapal ke paas jaenge ladki mere paas sankhya par aa gaya main sarkar banana chahta hoon agar samarthan patra ke aadhaar par rashi rajyapal santusht ho gaya toh tumhe bula sakte hain samarthan patra se nahi santusht hone par sabhi vidhayakon ko bulakar print kara sakte hain santusht hone ke baad unhe sarkar banane ke liye nyota diya jana raajnitik baadhyata nahi ban sakti hai rashtrapati dwara rajyapal ke aane ke baad wahan vidhan sabha ko bhang kar di jayegi yani ki jab tak rashtrapati shasan kisi bhi rajya mein hai toh yah samjhe ki vaah sarkar banane ke liye koi bhi koi bhi dal ya samuh utani sankhya lekar aaye aur sarkar dhanyavad

आपका प्रश्न है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या विक

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:30

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महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या-क्या विकल्प है राष्ट्रपति शासन लगने के बाद दो विकल्प है एक तो यह है कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस तीनों मिलकर दोनों पार्टियां सम्मती पत्र दे कि शिवसेना को सरकार बनाने उसमें तीनों की अनुमति 15455 या 160th भी हो सकती है जो दूसरे इनिशियल जो एमएलए हैं वह बीच में आ सकते हैं वह आंकड़ा 16566 तक भी जा सकता है लेकिन यह सरकार का इससे बहुत लंबा होगा ऐसा शंकर के दायरे में आता है क्योंकि सब लोगों की जो अपेक्षा है तीनों पार्टी की बहुत ज्यादा है उधर से शरद पवार को पीएम बनना है उधर से उधव ठाकरे को भी सीएम बनना है आदित्य ठाकरे तो खैर उनकी उम्र कम है इसलिए नहीं बन पाएंगे और जो कांग्रेस है वह भी अपनी पार्टी के प्रतिनिधि जो है उनके महाराष्ट्र मिले तो उसको भी बहुत हैवी वेट पोर्टफोलियो देने की मांग कर सकते दो उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं अगर इस तरह की सरकार का गठन होता है और ऐसा अगर नहीं होता है तो फिर बाकी जो पॉसिबिलिटी है और जो कि सही है वह है कि शिवसेना जो एनडीएमएस से बाहर निकल गई है और जो उसने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और महाराष्ट्र की जनता ने वह अपना मंदिर दिया है कि उन दोनों को ही सरकार बनानी चाहिए और कांग्रेस और एनसीपी को विरोध पसंद है जो मेंढक मिला तो वही सही फैसला होगा कि राजनीतिक कुछ भी इंपॉसिबल नहीं होता है सब कुछ सच होता है कोई पूरे समय हमेशा का दुश्मन नहीं होता है और कोई हमेशा के दोस्त नहीं होता है सब लोग समय-समय पर अपना हक यू बदलते रहते हैं इसलिए दोही पॉसिबिलिटी क्या तो यह तीनों मिलकर सरकार बनाएं MP3 शिवसेना और कांग्रेस और क्या तो बीजेपी और शिवसेना देखिए क्या होता है अधिकतर ज्यादा पॉसिबिलिटी मुझे मेरे ख्याल से यह लगती है कि शिवसेना को अगर आत्मज्ञान उद्धव ठाकरे जी को हो गया तो वह पब्लिक के 2 मिनट का सम्मान करते हुए फिर से बीजेपी में एनडीए में दाखिल हो जाएंगे और 5 साल तक को शांति से रहेंगे सरकारी दोनों मिलकर बनाएं को ज्यादा देखता होगा बहुत-बहुत धन्यवाद

maharashtra rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ke paas kya kya vikalp hai rashtrapati shasan lagne ke baad do vikalp hai ek toh yah hai ki shivsena ncp aur congress tatvo milkar dono partyian sammati patra de ki shivsena ko sarkar banane usme tatvo ki anumati 15455 ya 160th bhi ho sakti hai jo dusre initial jo mla hain vaah beech mein aa sakte hain vaah akanda 16566 tak bhi ja sakta hai lekin yah sarkar ka isse bahut lamba hoga aisa shankar ke daayre mein aata hai kyonki sab logo ki jo apeksha hai tatvo party ki bahut zyada hai udhar se sharad power ko pm bana hai udhar se udhav thakare ko bhi cm bana hai aditya thakare toh khair unki umr kam hai isliye nahi ban payenge aur jo congress hai vaah bhi apni party ke pratinidhi jo hai unke maharashtra mile toh usko bhi bahut heavy wait portfolio dene ki maang kar sakte do up mukhyamantri ho sakte hain agar is tarah ki sarkar ka gathan hota hai aur aisa agar nahi hota hai toh phir baki jo possibility hai aur jo ki sahi hai vaah hai ki shivsena jo NDMS se bahar nikal gayi hai aur jo usne bjp ke saath milkar chunav lada hai aur maharashtra ki janta ne vaah apna mandir diya hai ki un dono ko hi sarkar banani chahiye aur congress aur ncp ko virodh pasand hai jo mendak mila toh wahi sahi faisla hoga ki raajnitik kuch bhi Impossible nahi hota hai sab kuch sach hota hai koi poore samay hamesha ka dushman nahi hota hai aur koi hamesha ke dost nahi hota hai sab log samay samay par apna haq you badalte rehte hain isliye dohi possibility kya toh yah tatvo milkar sarkar banaye MP3 shivsena aur congress aur kya toh bjp aur shivsena dekhiye kya hota hai adhiktar zyada possibility mujhe mere khayal se yah lagti hai ki shivsena ko agar atmagyan uddhav thakare ji ko ho gaya toh vaah public ke 2 minute ka sammaan karte hue phir se bjp mein nda mein dakhil ho jaenge aur 5 saal tak ko shanti se rahenge sarkari dono milkar banaye ko zyada dekhta hoga bahut bahut dhanyavad

महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास क्या-क्या विकल्प है राष्ट्रपति

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों की स्थिति वैसी की वैसी ही है यदि भारतीय जनता पार्टी जो की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में महाराष्ट्र में बुरी है जिसके पास में अधिक प्रतिनिधि है क्या यह पहले की विधायक है तो वह किसी एक पार्टी के साथ जोड़कर अपनी सरकार बना सकती है भाजपा के साथ में काम मिल पाएंगे हम केवल उनके पास विकल्प शिवसेना की शिवरात्रि की कुछ भी नहीं है तो शिवसेना को पुनः वापस बैठक करके यह सूचना अपने आप को जो काले होली भी जीत जाए कुछ कुछ तो दोनों मिलकर समझौता करके राज्यपाल के पास में अपने प्रस्ताव लेकर जा सकते हैं और बैठते हैं परंतु यदि वह नहीं बना पाते हैं तो जो अन्य दो पाटी कांग्रे से और शरद पवार जी की तो उनमें से कोई ऐसा व्यक्ति प्रतिनिधियों करने को तैयार हूं उनके साथ में गठबंधन के लिए शिवसेना और कांग्रेसी हो जाए या कांग्रेसी साथ में एयरटेल ऑफिस जाना जुड़ जाए तुझे संबंधी वर्तमान दशा तो यह बता दीजिए कि एक दूसरे को कोई समझने को तैयार नहीं होंगे वहां फिलहाल तो राष्ट्रपति शासन रहेगा 6 माह की अवधि के अंतर्गत सीमा में कोई प्रस्तुत कर देता है तो अपनी सरकार बना कर बैठ सकते हैं

maharashtra mein rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ki sthiti vaisi ki vaisi hi hai yadi bharatiya janta party jo ki sabse badi party ke roop mein maharashtra mein buri hai jiske paas mein adhik pratinidhi hai kya yah pehle ki vidhayak hai toh vaah kisi ek party ke saath jodkar apni sarkar bana sakti hai bhajpa ke saath mein kaam mil payenge hum keval unke paas vikalp shivsena ki shivratri ki kuch bhi nahi hai toh shivsena ko punh wapas baithak karke yah soochna apne aap ko jo kaale holi bhi jeet jaaye kuch kuch toh dono milkar samjhauta karke rajyapal ke paas mein apne prastaav lekar ja sakte hain aur baithate hain parantu yadi vaah nahi bana paate hain toh jo anya do paati kangre se aur sharad power ji ki toh unmen se koi aisa vyakti pratinidhiyo karne ko taiyar hoon unke saath mein gathbandhan ke liye shivsena aur congressi ho jaaye ya congressi saath mein airtel office jana jud jaaye tujhe sambandhi vartaman dasha toh yah bata dijiye ki ek dusre ko koi samjhne ko taiyar nahi honge wahan filhal toh rashtrapati shasan rahega 6 mah ki awadhi ke antargat seema mein koi prastut kar deta hai toh apni sarkar bana kar baith sakte hain

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों की स्थिति वैसी की वैसी ही है यदि

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास केवल एक ही विकल्प है कि वह आपस में गठबंधन करके सहयोग बनाकर अपने पार्टी के मतों को स्पष्ट करें तब अपनी पार्टी को समर्थन देकर राष्ट्रपति शासन को हटाया जा सकता है

maharashtra mein rashtrapati shasan lagne ke baad raajnitik dalon ke paas keval ek hi vikalp hai ki vaah aapas mein gathbandhan karke sahyog banakar apne party ke maton ko spasht kare tab apni party ko samarthan dekar rashtrapati shasan ko hataya ja sakta hai

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजनीतिक दलों के पास केवल एक ही विकल्प है कि वह

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द क्वेश्चन इज व्हाट आर द पॉलिटिकल पार्टीज हैव बीन आफ्टर इन पोजीशन ऑफ द प्रेसिडेंट रूल अकॉर्डिंग टू आर्टिकल 300 666 ऑफ आवर कंस्टीटूशन सो कॉल्ड द प्रेसिडेंट रूल डांसर विनर डे विल हेव टू प्रूफ द मेजॉरिटी टो फॉर्म गवर्नमेंट बाय मेकिंग एंड लायन विथ द पार्टी विद द लीडर्स ऑफ टू और मोर पार्टीज कंबाइंड टुगेदर विल वी कॉल द कोलिशन गवर्नमेंट अदर वाइज इलेक्शन विल बे कंडक्टेड अगेन

the question is what R the political parties have bin after in position of the president rule according to article 300 666 of hour constitution so called the president rule dancer winner day will hev to proof the mejariti toe form government bye making and lion with the party with the leaders of to aur mor parties Combined together will v call the kolishan government other wise election will be conducted again

द क्वेश्चन इज व्हाट आर द पॉलिटिकल पार्टीज हैव बीन आफ्टर इन पोजीशन ऑफ द प्रेसिडेंट रूल अकॉर

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद भी दल हैं जैसे किसी से ना एनसीपी कांग्रेस पार्टी बीजेपी जो है अपना पूर्ण बहुमत बना ले और उसको राष्ट्रपति तक पहुंचा दें मेरे पास बहुमत हो गया है तो वहां पर संगठित किया जा सकता है

maharashtra mein rashtrapati shasan lagne ke bawajud bhi dal hain jaise kisi se na ncp congress party bjp jo hai apna purn bahumat bana le aur usko rashtrapati tak pohcha de mere paas bahumat ho gaya hai toh wahan par sangathit kiya ja sakta hai

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद भी दल हैं जैसे किसी से ना एनसीपी कांग्रेस पा

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगी है ऐसा ही बिहार में भी 2015 में हुआ था जब नीतीश कुमार राजद के साथ जो है गठबंधन तोड़ के बीजेपी के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया और कुछ दिन के लिए राष्ट्रपति शासन भी लगी थी और महाराष्ट्र में थी ठीक वैसा ही सिचुएशन है सरकार के पास महाराष्ट्र के लोगों के पास महाराष्ट्र के पार्टी के पास महाराष्ट्र के राजनीतिक दल के पास बहुत से विकल्प हैं पहला विकल्प यह है कि अब तो राष्ट्रपति शासन लगा है फिर भी पार्टी के पास जो है बहुमत आज मतलब कम से कम 6 महीना का समय है सरकार बनाने का सोच विचार के साथ वह लोग सरकार बनाएगा सरकार बनेंगे

maharashtra mein rashtrapati shasan lagi hai aisa hi bihar mein bhi 2015 mein hua tha jab nitish kumar rajad ke saath jo hai gathbandhan tod ke bjp ke saath bjp ka daman tham liya aur kuch din ke liye rashtrapati shasan bhi lagi thi aur maharashtra mein thi theek waisa hi situation hai sarkar ke paas maharashtra ke logo ke paas maharashtra ke party ke paas maharashtra ke raajnitik dal ke paas bahut se vikalp hain pehla vikalp yah hai ki ab toh rashtrapati shasan laga hai phir bhi party ke paas jo hai bahumat aaj matlab kam se kam 6 mahina ka samay hai sarkar banane ka soch vichar ke saath vaah log sarkar banayega sarkar banenge

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगी है ऐसा ही बिहार में भी 2015 में हुआ था जब नीतीश कुमार र

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