क्या पहले अयोग्य नहीं थे कर्नाटक के बागी विधायक जो अब सुप्रीम कोर्ट ने उपचुनाव लड़ने की अनुमति दी है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

0:54

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या पहले आयोग के नीचे कर्नाटक के बागी विधायक जो सुप्रीम कोर्ट ने उप चुनाव लड़ने की अनुमति की सुप्रीम कोर्ट ने उप चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी है लेकिन कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर में उनको चुनाव लड़ने की छूट दी है विभागीय विधायक थे उनको बेल्लैक ठहराया गया था इसीलिए उप चुनाव हो रहे हैं और वह लायक फैलाए गए थे अब वहां के स्पीकर ने उनको गैलेक्सों शेर आया है लेकिन उस चुनाव लड़ने के लिए छूट दे दी है मां के कर्नाटक के स्पीकर का स्टेटमेंट टीवी न्यूज़ चैनलों में आ रहा है

kya pehle aayog ke niche karnataka ke baagi vidhayak jo supreme court ne up chunav ladane ki anumati ki supreme court ne up chunav ladane ki anumati nahi di hai lekin karnataka vidhan sabha ke speaker mein unko chunav ladane ki chhut di hai vibhagiya vidhayak the unko bellaik thehraya gaya tha isliye up chunav ho rahe hai aur vaah layak failayen gaye the ab wahan ke speaker ne unko gailekson sher aaya hai lekin us chunav ladane ke liye chhut de di hai maa ke karnataka ke speaker ka statement TV news channelon mein aa raha hai

क्या पहले आयोग के नीचे कर्नाटक के बागी विधायक जो सुप्रीम कोर्ट ने उप चुनाव लड़ने की अनुमति

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंध्र के स्पीकर ने कांग्रेस और जेडीएस के एम एम ए डिस्को डिस्को लिखाई कर दिया था और 6 साल के लिए इनाम देने से उनको अयोग्य घोषित कर दिया था इसलिए आई एम एम एस सुप्रीम कोर्ट में गए थे जहां पर स्पीकर की असेंबली की योगिता को तो पक्का लेकिन उनके ही सरकार को केवल 6 साल तक आरक्षण नहीं ना सकेंगे इस को खारिज कर दिया है इसलिए वह भाग्य एमएलए अब चुनाव हो सकते हैं

andhra ke speaker ne congress aur JDS ke M imei a disco disco likhai kar diya tha aur 6 saal ke liye inam dene se unko ayogya ghoshit kar diya tha isliye I M imei s supreme court mein gaye the jaha par speaker ki assembly ki yogita ko toh pakka lekin unke hi sarkar ko keval 6 saal tak aarakshan nahi na sakenge is ko khareej kar diya hai isliye vaah bhagya mla ab chunav ho sakte hain

आंध्र के स्पीकर ने कांग्रेस और जेडीएस के एम एम ए डिस्को डिस्को लिखाई कर दिया था और 6 साल क

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अफ्रीका के पहले आई हो कि नहीं कि कर्नाटक के बागी विधायक दो अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने की नशीली है यह प्रश्न भी पुराना हो चुका है क्योंकि जो बागी विधायक देव बागी नहीं जिनको बागी बनाया गया था उनको बागी से मनाया गया कि उनको इस बात का फुल ओपन दिया गया कि अगर आप हमें समर्थन देते हैं तो आपको सरकार में हम मंत्रालय भी देंगे और आपको हर सुख-सुविधा भी देंगे आईएस डायरेक्टली जो कहना था वो कहां गया और उसके पश्चात कांग्रेसी डीडीयू जेडीएस के विधायकों में से कुछ ने उनको दगा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया ऐसी स्थिति में विधानसभा क्षेत्र के जो स्पीकर के विधानसभा के विधानसभा के उन्होंने सरकार गिरने से पहले इन बागी बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करके और फिर से स्टार्ट होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में केस में सुप्रीम कोर्ट ने उनको पुनः चुनाव लड़ने के लिए अनुमति जी यह आपने जनता के द्वारा किए गए वादों को नकारा ज्यादा आप क्या साबित करें क्या इस के योग्य हैं चुने जाने वाले क्या हुआ चुनाव में जनता ने उनका साथ दिया जो पार्टियां बदलते हैं यह जनता की भूल है जो गलत लोगों को बढ़ावा देती है और वह गलत मिनट जो किसी पार्टी का नहीं हुआ वह तो किस पार्टी का क्या होगा एक पार्टी का नहीं हुआ तो दूसरी पार्टी का क्या होगा यह बात जनता नहीं फिर जनता पार्टी के नाम पर वोट अपने बहुमूल्य को कूड़े में डाल देती है क्योंकि पहली बार को चुना गया था तब जनता ने चुना था या जनतंत्र के चुनाव में कहां-कहां गलत है यह जानना बहुत जरूरी

africa ke pehle I ho ki nahi ki karnataka ke baagi vidhayak do ab supreme court ne chunav ladane ki nashili hai yah prashna bhi purana ho chuka hai kyonki jo baagi vidhayak dev baagi nahi jinako baagi banaya gaya tha unko baagi se manaya gaya ki unko is baat ka full open diya gaya ki agar aap hamein samarthan dete hain toh aapko sarkar mein hum mantralay bhi denge aur aapko har sukh suvidha bhi denge ias directly jo kehna tha vo kahaan gaya aur uske pashchat congressi DDU JDS ke vidhayakon mein se kuch ne unko daga dekar bjp ka daman tham liya aisi sthiti mein vidhan sabha kshetra ke jo speaker ke vidhan sabha ke vidhan sabha ke unhone sarkar girne se pehle in baagi baagi vidhayakon ki sadasyata radd karke aur phir se start hone ke baad supreme court mein case mein supreme court ne unko punh chunav ladane ke liye anumati ji yah aapne janta ke dwara kiye gaye vaado ko nakara zyada aap kya saabit kare kya is ke yogya hain chune jaane waale kya hua chunav mein janta ne unka saath diya jo partyian badalte hain yah janta ki bhool hai jo galat logo ko badhawa deti hai aur vaah galat minute jo kisi party ka nahi hua vaah toh kis party ka kya hoga ek party ka nahi hua toh dusri party ka kya hoga yah baat janta nahi phir janta party ke naam par vote apne bahumulya ko koode mein daal deti hai kyonki pehli baar ko chuna gaya tha tab janta ne chuna tha ya jantantra ke chunav mein kahaan kahaan galat hai yah janana bahut zaroori

अफ्रीका के पहले आई हो कि नहीं कि कर्नाटक के बागी विधायक दो अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने

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Ramkesh Meena

Railway Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बा कर्नाटक के बागी विधायक चुनाव लड़ने के लिए योग्य थे परंतु हमारी कानून व्यवस्था थोड़ी बचा रहे न्यायिक प्रक्रिया में फैसले में देर लगा चीजों को समझने में देर लगा उसी का कारण है कि चुनाव लड़ने से पहले योग अघोषित थे कोर्ट का बैलेंस नहीं आया है दूसरा ले सकते

ba karnataka ke baagi vidhayak chunav ladane ke liye yogya the parantu hamari kanoon vyavastha thodi bacha rahe nyayik prakriya mein faisle mein der laga chijon ko samjhne mein der laga usi ka karan hai ki chunav ladane se pehle yog aghoshit the court ka balance nahi aaya hai doosra le sakte

बा कर्नाटक के बागी विधायक चुनाव लड़ने के लिए योग्य थे परंतु हमारी कानून व्यवस्था थोड़ी बचा

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