#TumSENAhoPayega: सोशल मीडिया में क्यूँ उड़ाया जा रहा है शिव सेना का मज़ाक़?...


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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि सोशल मीडिया पर शिवसेना का मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है देखिए शिवसेना का मजाक इसलिए उड़ाया जा रहा है क्योंकि शिवसेना ने बहुत बड़ी गलती की है भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन नहीं कर कर चुनाव बीजेपी और शिवसेना मिलजुलकर लड़ी थी और रिजल्ट भी अच्छे थे बाद में शिवसेना के दो प्रमुख हैं श्रीमान उधव ठाकरे यह महाभारत के गीत राष्ट्र बन गए इनको पुत्र मोह हो गया और यह चाहते थे कि आदित्य ठाकरे शिवसेना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसा बिल्कुल नहीं चाहती थी क्योंकि आदित्य ठाकरे के पास राजनीति का अनुभव बहुत कम है अगर वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते तो महाराष्ट्र का विकास अच्छे से नहीं हो पाता जब महाराष्ट्र का विकास अच्छे से नहीं होता तो भारतीय जनता पार्टी का भी बहुत बदनामी होता है नाम जो मिल होता है इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने अपना समर्थ वापस ले लिया फिर शिवसेना ने 5050 का फार्मूला रखा ढाई साल आप मुख्यमंत्री रहिए भाई साहब आदित्य ठाकरे मुख्यमंत्री रहेंगे लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इस समय इस फार्मूले को भी ठुकरा दिया और अपना समर्थन वापस ले लिया फिर शिवसेना ने यह बोला कि बीजेपी वालों ने हमें धोखा दिया है कि शिवसेना ने यह बोला कि एनसीपी के साथ हम मिलजुल कर सरकार बना रहे हैं एनसीपी को भी इन लोगों ने बाद में बोला कि ऐसी पी वालों ने भी हमें धोखा दिया है फिर यह कांग्रेस के साथ गठबंधन करके सरकार बना रहे थे लेकिन अभी तक इन्होंने यह नहीं बोला है कि कांग्रेस वालों ने भी हमें धोखा दिया दो-तीन दिन में बोलेंगे लो कि कांग्रेस वालों ने भी हमें धोखा दिया है यानी इनको सभी लोगों ने धोखा दिया है बीजेपी वालों ने धोखा दिया जिस बीजेपी के चलते इनको सभी लोग जानते हैं और उसी पार्टी ने ने धोखा दिया है तो अब तक की सबसे बड़ी गलती उधव ठाकरे साहब ने किया है क्योंकि उधव ठाकरे साहब को पुत्र मोह हो गया है और पुत्र होता है तो महाभारत होता है और महाभारत का रिजल्ट क्या होता है यह तो आपको पता ही है जब बालासाहेब ठाकरे हुआ करते थे जब चुनाव बीजेपी और शिवसेना लड़की थी मिलजुलकर तो बालासाहेब ठाकरे यह बोला करते थे कि जिस पार्टी का के विधायक सबसे अधिक जीतकर आएंगे उसी पार्टी का मुख्यमंत्री बनेगा अगर बीजेपी के अधिक विधायक जीत जाते हैं तो बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री बनेगा अगर शिवसेना के विधायक अधिक जीत कर आते हैं तो उस शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा तो अगर उधव ठाकरे साहब को यह बात याद होती तो वह पंडित जी को अपना समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनवाते और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन कब लागू नहीं होता और तालमेल भी बहुत अच्छा रहता बीजेपी का और शिवसेना का और मिलजुलकर जाबे लोग रहते तो इन लोगों का नाम भी अच्छा होता और शिवसेना के लोगों के प्रति महाराष्ट्र की जनता में सम्मान होता प्यार होता मोहब्बत होता महाराष्ट्र की जनता ने शिवसेना को जान लिया है और शिवसेना को अब कभी भी इतना ज्यादा सीट नहीं मिलेगा अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद अब वहां का विकास होगा महाराष्ट्र की जनता का तरक्की होगा और वहां पर डेवलपमेंट का कार्यक्षेत्र होगा धन्यवाद

aapka sawaal hai ki social media par shivsena ka mazak kyon udaya ja raha hai dekhiye shivsena ka mazak isliye udaya ja raha hai kyonki shivsena ne bahut badi galti ki hai bharatiya janta party se gathbandhan nahi kar kar chunav bjp aur shivsena miljulakar ladi thi aur result bhi acche the baad mein shivsena ke do pramukh hain shriman udhav thakare yah mahabharat ke geet rashtra ban gaye inko putra moh ho gaya aur yah chahte the ki aditya thakare shivsena maharashtra ke mukhyamantri bane lekin bharatiya janta party aisa bilkul nahi chahti thi kyonki aditya thakare ke paas raajneeti ka anubhav bahut kam hai agar vaah maharashtra ke mukhyamantri bante toh maharashtra ka vikas acche se nahi ho pata jab maharashtra ka vikas acche se nahi hota toh bharatiya janta party ka bhi bahut badnami hota hai naam jo mil hota hai isliye bharatiya janta party ne apna samarth wapas le liya phir shivsena ne 5050 ka formula rakha dhai saal aap mukhyamantri rahiye bhai saheb aditya thakare mukhyamantri rahenge lekin bharatiya janta party ne is samay is formulae ko bhi thukara diya aur apna samarthan wapas le liya phir shivsena ne yah bola ki bjp walon ne hamein dhokha diya hai ki shivsena ne yah bola ki ncp ke saath hum miljul kar sarkar bana rahe hain ncp ko bhi in logon ne baad mein bola ki aisi p walon ne bhi hamein dhokha diya hai phir yah congress ke saath gathbandhan karke sarkar bana rahe the lekin abhi tak inhone yah nahi bola hai ki congress walon ne bhi hamein dhokha diya do teen din mein bolenge lo ki congress walon ne bhi hamein dhokha diya hai yani inko sabhi logon ne dhokha diya hai bjp walon ne dhokha diya jis bjp ke chalte inko sabhi log jante hain aur usi party ne ne dhokha diya hai toh ab tak ki sabse badi galti udhav thakare saheb ne kiya hai kyonki udhav thakare saheb ko putra moh ho gaya hai aur putra hota hai toh mahabharat hota hai aur mahabharat ka result kya hota hai yah toh aapko pata hi hai jab balasaheb thakare hua karte the jab chunav bjp aur shivsena ladki thi miljulakar toh balasaheb thakare yah bola karte the ki jis party ka ke vidhayak sabse adhik jeetkar aayenge usi party ka mukhyamantri banega agar bjp ke adhik vidhayak jeet jaate hain toh bjp ka koi mukhyamantri banega agar shivsena ke vidhayak adhik jeet kar aate hain toh us shivsena ka mukhyamantri banega toh agar udhav thakare saheb ko yah baat yaad hoti toh vaah pandit ji ko apna samarthan dekar mukhyamantri banvaate aur maharashtra mein rashtrapati shasan kab laagu nahi hota aur talmel bhi bahut accha rehta bjp ka aur shivsena ka aur miljulakar jabe log rehte toh in logon ka naam bhi accha hota aur shivsena ke logon ke prati maharashtra ki janta mein sammaan hota pyar hota mohabbat hota maharashtra ki janta ne shivsena ko jaan liya hai aur shivsena ko ab kabhi bhi itna zyada seat nahi milega ab maharashtra mein rashtrapati shasan laagu kar diya gaya hai rashtrapati shasan laagu hone ke baad ab wahan ka vikas hoga maharashtra ki janta ka tarakki hoga aur wahan par development ka karyakshetra hoga dhanyavad

आपका सवाल है कि सोशल मीडिया पर शिवसेना का मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है देखिए शिवसेना का मजा

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखे हाल ही में दो जगह पर दो स्टेज पर चुनाव हुए थे विधानसभा के लिए एक था हरियाणा दूसरा था महाराष्ट्र महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन करके चुनाव में लड़ने की अपनी योजना बनाएं और उन्होंने चुनाव लड़ा अब लोगों ने जो उनको वोट दिया तो उसमें बीजेपी के लोग भी थे और शिवसेना के बेटे और दोनों हिंदुत्व हिंदुत्व का मुद्दा रखते हैं एक पार्टी वह है जो कि अभय जैन का चीफ मिनिस्टर था और देवेंद्र पढ़ना वैसा वह महाराष्ट्र के 5 साल के लिए चीफ मिनिस्टर के यहां पर हुआ क्या है कि भाई उद्धव ठाकरे जी जो कि शिवसेना प्रमुख हैं उनका पुत्र योगी आदित्य ठाकरे हैं उन्होंने भी चुनाव लड़ा पहली बार और एमएलए के लिए और वह भी जीत गए ना को यह लगता है कि भाई बीजेपी अकेले बिना हमारे सरकार नहीं बना सकते हैं यह बात बीजेपी भी जानती है तो शिवसेना ने यह सोच राखी भाई चलो हम बीजेपी के साथ रहेंगे लेकिन चीफ मिनिस्टर जो है वह हमारा होना चाहिए अब बीजेपी को शायद यह बात गवारा नहीं था तो इसी कारण से यहां पर मतभेद शुरू हो गया अब मत भेज शुरू हो गया और शिवसेना को लगा कि भाई बीजेपी चीफ मिनिस्टर हमको नहीं देगी चीफ मिनिस्टर की कुर्सी तो शिवसेना ने सोचा कि चलो मुझे बाकी लोगों के साथ मिलकर बाकी दलों के साथ मिलकर इसकी योजना बनानी चाहिए तो शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के पास पहुंच गई कि वही चलो आप के समर्थन से हम महाराष्ट्र में सरकार बनाते हैं और चीफ मिनिस्टर फिर भी हम ही रहेंगे शिवसेना का उम्मीदवार ही रहेगा तो पहली बात तो यह कि भाई आज जब इनके विरोधी थे एनसीपी और कांग्रेस वगैरा आता भी है उनके साथ क्यों गठबंधन करना चाहते हैं विजय होने के बाद जबकि चुनाव इन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन करके जीता बीजेपी इनको चीफ मिनिस्टर का पोजीशन नहीं दे रही है तो यह इन्होंने रुख कर लिया एनसीपी और कांग्रेस के लिए और कांग्रेस है जो कि वैसे ही लोगों को पसंद नहीं था क्योंकि लोगों ने वोट तो शिवसेना और बीजेपी को दिया था अब जब इनके पास गए शिवसेना की भाई आप अपना समर्थन दे दो और इन्होंने दावा पेश कर दिया गवर्नर को कि मैं यहां हमको समर्थन मिल गया है मिल जाएगा वगैरा-वगैरा लेकिन अंत में उनको समर्थन नहीं मिला कांग्रेस और शिवसेना से बल्कि अभी कल की बात है कि भाई एनसीपी ने यह क्लियर कर दिया कि हमारी तो अभी अंदर की बात ही नहीं हुई है हम लोग अभी अप्रोच ही नहीं किए गए हैं आज शिवसेना की तरफ से उन्होंने गवर्नर को जाकर कैसे बोल दिया कि भाई हमें बहुत नहीं गया वगैरा वगैरा तो इसका मतलब क्या हुआ कि भाई ना ही कांग्रेस से नाही एनसीपी से शिवसेना को सपोर्ट मिला अब शिवसेना के लिए थोड़ी सी विडंबना वाली स्थिति होगी क्योंकि जीता उन्होंने बीजेपी के साथ था हालांकि उन्होंने अपने बलबूते भी भी जितनी सीट से वह तो हासिल की लेकिन अगर वह बीजेपी के साथ जाते तो आराम से सरकार में रहते उनके कैमरे पर वहां पर होते कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन क्योंकि उनको अपने बाप ने पार्टी का चीफ मिनिस्टर चाहिए था तो इसलिए वह शिवसेना अभी नहीं अब उसने जब रुख किया कांग्रेसका और एनसीपी की तरफ उन्होंने मुंह फेर लिया तो अब क्या हो गया भैया पर कहानी हो गए कि शिवसेना को भी बहुमत नहीं है वहां पर बीजेपी को भी नहीं है एनसीपी और कांग्रेस अपने आप में अगर दोनों भी मिल जाए तो अभी कुछ नहीं कर सकते तो यहां पर शिवसेना को जैसे कहते हैं कि मुंह की खानी पड़ी थी अपने शत्रुओं के पास भी गए या उनको अपने प्रतिस्पर्धा याद वंदे के पास भी गए लेकिन उनको को सपोर्ट नहीं मिला तो फायदा क्या हुआ तो यह बात लोगों को थोड़ा ठीक नहीं लग रही है ओके भाई सिर्फ चीफ मिनिस्टर की कुर्सी के लिए आपने 20 दिन निकाल दिए चुनाव के नतीजे आने के बाद और आप सरकार नहीं बना पा रहे बनवा पा रहे और किसी को आप सपोर्ट नहीं दे रहे जबकि आपके पास एक अच्छी खासी रेडी है मेजॉरिटी मतलब ऐसा नहीं किया सरकार बना किसी को भी समर्थक अच्छा नहीं लग रहा बाकी पार्टी इसको भी अच्छा नहीं लगा बल्कि पूरे इंडिया कोई अच्छा नहीं लग रहा कि यह कौन सा रवैया हुआ अगर हम बात करें बाला साहब ठाकरे जी की तो उनकी आईडी वाले जी सोती थी फिलॉस्फी होती थी अब प्रिंसिपल सोते थे जिन पर वह काम करते थे और इसीलिए उनको लोग पसंद भी करते थे उन्होंने लोगों के हित का काम किया लेकिन यहां पर आज अगर हम देखा जाए तो 20 दिन हो गए हैं और किसी को अपने अलावा लोगों के हित या उनकी परवाह नहीं है वह खाली है देखने की चीफ मिनिस्टर मेरा होना चाहिए यह बात सही नहीं है तो इसीलिए की तारीख में आज शिवसेना जो है वह ठीक से लोगों को समझ नहीं आ रही है कि यह बात सही नहीं है अच्छा नहीं है और इसके लिए आपको ऐसा लगता है कि उनका मजाक उड़ाया जा रहा है और चली में देखा जाए तो इतना एडमिन नहीं होना चाहिए था और मेरे हिसाब से भी यह मेरा निजी मत है शिवसेना को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने में सहयोग करना चाहिए था और लोगों का समर्थन तो वैसे तो क्या गया है कृपया प्रेसिडेंट रूल लागू हो गया है जो कि 6 महीने तक चलेगा अब इसमें कोई सा भी हो सकता है कि दोबारा से चुनाव की कराई जाए तो शिवसेना को वोट से कम ही मिलेंगे व्हाट्सएप बीजेपी को मिलेगा क्यों क्योंकि राम मंदिर वाला भी मसला बीजेपी ने हाल कर दिया है वहां पर भी लोगों का उनको समर्थन मिल गया है तो लोग काफी प्रभावित हैं बीजेपी से लेकिन शिवसेना ने जो यह रवैया अपनाए हैं वह रवैया नहीं सही नहीं था कि एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर कैसे करके सरकार बना ले और राज्य में और अपने उम्मीदवार को 8 मिनट की कुर्सी देते तो यह बात सही नहीं है हमें हमेशा यह देखना है कि लोगों के हित में हम क्या कर रहे हैं यह सारी चीजें तो कर ऊपर नीचे होती रहती है अगर हमने काम किया है तो डेफिनिटी लोग हमारे साथ होंगे आज नहीं तो कल आज अगर मालो चीफ मिनिस्टर नहीं है हमारा तो कल तो हो सकता है ना इस हिसाब से लेकर आगे चलना चाहिए था लेकिन उन्होंने इतना प्रेशर बनाया कि भाई हमारा चीफ मिनिस्टर है यह बात सही नहीं लग रही है

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दिखे हाल ही में दो जगह पर दो स्टेज पर चुनाव हुए थे विधानसभा के लिए एक था हरियाणा दूसरा था

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिव सैनिकों ने अपना मजाक स्वयं बुलवाया है कोई उनका मजाक नहीं उड़ा रहा है शिव सैनी का महत्व सीखिए भारतीय जनता पार्टी के 25 साल पुराने साथ छोड़ा है सिर्फ सत्ता के लालच में और वहां पर भी मुंह की खाई है वे सरकार बनाने के अपने दावे को राज्यपाल के सामने सिद्ध नहीं कर पाएंगे उनके हाथ से लिख रही है ऐसे में शिवसेना का मजाक में जुड़ेगा

shiv sainikon ne apna mazak swayam bulvaya hai koi unka mazak nahi uda raha hai shiv saini ka mahatva sikhiye bharatiya janta party ke 25 saal purane saath choda hai sirf satta ke lalach mein aur wahan par bhi mooh ki khai hai ve sarkar banaane ke apne daave ko rajyapal ke saamne siddh nahi kar payenge unke hath se likh rahi hai aise mein shivsena ka mazak mein judega

शिव सैनिकों ने अपना मजाक स्वयं बुलवाया है कोई उनका मजाक नहीं उड़ा रहा है शिव सैनी का महत्व

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तुमसे ना हो पाएगा सोशल मीडिया में क्यों उड़ाया जा रहा है शिवसेना का मजा है कि सोशल मीडिया तो समय-समय पर मजाक उड़ाता है और जबकि शिवसेना शिवसेना के उदय ठाकरे ने काम ही ऐसा किया वह 5050 का फार्मूला लेकर उसकी जीत पर आए थे और अब छुट्टी छुट्टी की जगह उनको one-third से ही संतोष करना पड़ेगा तो उद्धव ठाकरे और उनके सुपुत्र आदित्य ठाकरे के डिसीजन पूरा लोगों को हंसी आती है कि वह क्या करना चाहते हैं कितने 30 साल पुराने सहयोगी को छोड़कर अरविंद सावंत का वहां पर से दिल्ली से रेसिग्नेशन दिलवा कर अपना अलग हो चुके हैं एनडीए से और कहीं ऐसा ना हो कि एनडीए से अलग हो जाएं और महाराष्ट्र में सरकार बिना बना पाए उनको 24 घंटे की मोहलत दी गई थी और 24 घंटे में वह अभी तक कांग्रेस का जो सहमति पत्र नहीं जुटा पाए उन्होंने उद्धव ठाकरे ने ताज होटल में शरद पवार के साथ मीटिंग की उन दोनों की सहमति तो बन गई है ऐसा स्टेटमेंट आ रहा है लेकिन कांग्रेस का जो है अभी तक सहमति नहीं आया क्योंकि कांग्रेस की सहमति वहां के जो विधान सभा विधान सभ्य हैं उनकी बातों को भी एक तरीके से अभी जा रही है लेकिन जो पूरा फैसला है वह अंतिम फैसला सोनिया गांधी के ऊपर छोड़ा गया सोनिया गांधी जी क्योंकि साउथ इंडियन शो है के वेणुगोपाल है और वह सब जो एक एंटोनी उनके प्रति जो शिवसेना का रवैया था वह भी एक रोड़ा बना हुआ है और कांग्रेस ने चौकी साउथ इंडियन नेता का प्रभुत्व है अभी और वह भी इसका विरोध कर रहे हैं और वह ऐसा नहीं चाहते हैं कि शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बना की बहुत पहले शिवसेना और कांग्रेस साथ में ही थे और शिवसेना को आगे ले आने में बालासाहेब ठाकरे ने कांग्रेस का ही साथ लिया था और बहुत ही अच्छे तरीके से चल रहा था लेकिन जब वह हिंदुत्व का एजेंडा बालासाहेब ठाकरे ने पकड़ लिया तब उनके जो सैद्धांतिक विरोध कांग्रेस के साथ हुए शिवसेना की जो हटा करता जो हर किसी से ना कहीं चीफ मिनिस्टर बनना चाहिए लेकिन उनके पास सिर्फ 56 एमएलए हैं और 56 एमएलए वह चाहते हैं कि हमारा चीफ मिनिस्टर बन जाए तो जितनी कैपेसिटी थी उतना उन्होंने चुनाव भी लड़ा और जीत भी है लेकिन सीटों का जो कैलकुलेशन है वह येन केन प्रकारेण और सरकार बनाने चले हैं लेकिन सरकार अगर ना बन पाए तो बहुत ही हास्यास्पद स्थिति में शिवसेना को ऊपर उठाकर रख दें क्या यह यही बालासाहेब ठाकरे की रणनीति क्या बालासाहेब ठाकरे ने को जबकि कहा था कि ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य कभी चुनाव नहीं लड़ेगा लेकिन आदित्य ठाकरे चुनाव में जीते लेकिन जो सब की महत्वाकांक्षा जो है वही आगे आती है राजकरण में महत्वाकांक्षा और जो इगो यह अगर समय के अनुसार ना कंट्रोल किया जाए उसके साथ ना चला जाए तो इस तरह के लोग किस से बन रहे उठा के द्वारा बनते रहेंगे हालांकि कांग्रेस ने अभी तक कोई अपना प्रभाव नहीं दिया है समस्या है हो सकता है कि 5050 चांसों कांग्रेसी और ना भेजें अगर इस स्थिति में अगर कांग्रेस सहमति पत्र अपना नहीं देती है सोनिया गांधी नहीं मांगती है तो ठाकरे जी की क्या हालत होगी वह खुद वही बड़ा कर सकते हैं धन्यवाद वेट एंड वॉच

tumse na ho payega social media mein kyon udaya ja raha hai shivsena ka maza hai ki social media toh samay samay par mazak udata hai aur jabki shivsena shivsena ke uday thakare ne kaam hi aisa kiya vaah 5050 ka formula lekar uski jeet par aaye the aur ab chhutti chhutti ki jagah unko one third se hi santosh karna padega toh uddhav thakare aur unke suputr aditya thakare ke decision pura logon ko hansi aati hai ki vaah kya karna chahte hain kitne 30 saal purane sahayogi ko chhodkar arvind savant ka wahan par se delhi se resigneshan dilwa kar apna alag ho chuke hain nda se aur kahin aisa na ho ki nda se alag ho jayen aur maharashtra mein sarkar bina bana paye unko 24 ghante ki mohalat di gayi thi aur 24 ghante mein vaah abhi tak congress ka jo sahmati patra nahi jutta paye unhone uddhav thakare ne taj hotel mein sharad power ke saath meeting ki un dono ki sahmati toh ban gayi hai aisa statement aa raha hai lekin congress ka jo hai abhi tak sahmati nahi aaya kyonki congress ki sahmati wahan ke jo vidhan sabha vidhan sabhya hain unki baaton ko bhi ek tarike se abhi ja rahi hai lekin jo pura faisla hai vaah antim faisla sonia gandhi ke upar choda gaya sonia gandhi ji kyonki south indian show hai ke venugopal hai aur vaah sab jo ek antony unke prati jo shivsena ka ravaiya tha vaah bhi ek roda bana hua hai aur congress ne chowki south indian neta ka parbhutwa hai abhi aur vaah bhi iska virodh kar rahe hain aur vaah aisa nahi chahte hain ki shivsena ke saath milkar sarkar bana ki bahut pehle shivsena aur congress saath mein hi the aur shivsena ko aage le aane mein balasaheb thakare ne congress ka hi saath liya tha aur bahut hi acche tarike se chal raha tha lekin jab vaah hindutv ka agenda balasaheb thakare ne pakad liya tab unke jo saiddhaantik virodh congress ke saath hue shivsena ki jo hata karta jo har kisi se na kahin chief minister banna chahiye lekin unke paas sirf 56 mla hain aur 56 mla vaah chahte hain ki hamara chief minister ban jaaye toh jitni capacity thi utana unhone chunav bhi lada aur jeet bhi hai lekin seaton ka jo calculation hai vaah yen cane prakaren aur sarkar banaane chale hain lekin sarkar agar na ban paye toh bahut hi hasyaspad sthiti mein shivsena ko upar uthaakar rakh dein kya yah yahi balasaheb thakare ki rananiti kya balasaheb thakare ne ko jabki kaha tha ki thakare parivar ka koi bhi sadasya kabhi chunav nahi ladega lekin aditya thakare chunav mein jeete lekin jo sab ki mahatwakanksha jo hai wahi aage aati hai rajyakaran mein mahatwakanksha aur jo ego yah agar samay ke anusaar na control kiya jaaye uske saath na chala jaaye toh is tarah ke log kis se ban rahe utha ke dwara bante rahenge halanki congress ne abhi tak koi apna prabhav nahi diya hai samasya hai ho sakta hai ki 5050 chanson congressi aur na bheje agar is sthiti mein agar congress sahmati patra apna nahi deti hai sonia gandhi nahi mangati hai toh thakare ji ki kya halat hogi vaah khud wahi bada kar sakte hain dhanyavad wait and watch

तुमसे ना हो पाएगा सोशल मीडिया में क्यों उड़ाया जा रहा है शिवसेना का मजा है कि सोशल मीडिया

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