महात्मा बुध्द के बचपन का नाम क्या था?...


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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

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महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम क्या था तुम आत्मा बुद्ध के बचपन का नाम गौतम था सिद्धार्थ बाद में गौतम बुद्ध हो गए छोटे में इनका नाम सिद्धार्थ

mahatma buddha ke bachpan ka naam kya tha tum aatma buddha ke bachpan ka naam gautam tha siddharth baad me gautam buddha ho gaye chote me inka naam siddharth

महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम क्या था तुम आत्मा बुद्ध के बचपन का नाम गौतम था सिद्धार्थ बाद

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आप ने सवाल किया है कि महात्मा बुध के बचपन का नाम क्या था तो इसका जवाब होगा कि महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था

aap ne sawaal kiya hai ki mahatma buddha ke bachpan ka naam kya tha toh iska jawab hoga ki mahatma buddha ke bachpan ka naam siddharth tha

आप ने सवाल किया है कि महात्मा बुध के बचपन का नाम क्या था तो इसका जवाब होगा कि महात्मा बुद्

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Munni Kumari

Trainer At Bihar Skill Development Mission (KYP)

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महात्मा बुध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था महात्मा बुध जो है वह बौद्ध धर्म के संस्थापक थे उनके पिता का नाम शोधन और माता का नाम महामाया था इनके पिता कपिलवस्तु के साथ जन्नत के प्रमुख थे और माता कौशल जनपद की राजकुमार थी कौशल अर्जित का अभी जो नाम है वह उत्तर प्रदेश है गौतम बुध का जन्म 56320 कपिलवस्तु लुंबिनी नामक ग्राम में हुआ था और कहा जाता है कि इनके जन्म के समय स्वर्ग लोक से फूलों की वर्षा हुई थी और तरह-तरह की भविष्यवाणियां की गई थी आदमी के द्वारा किया गया था आज उनका नाम गौर से गौतम था इसलिए उन्हें गौतम बुध भी कहते हैं 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह जो है यशोधरा से करता कर दिया गया जिससे 1 पुत्र राहुल हुआ बचपन से ही बुद्धत्व की थी चिंतन में हमेशा डूबे रहते थे ग्रेस जीवन में आने के बाद उन्होंने मानव जीवन में चार अवस्था वृद्धि रोक दी मृतक सन्यासी को देखा और उसी को देखकर उनके मन में बैराग का भाव उत्पन्न हो गया एक रात जब नृत्य संगीत का कार्यक्रम के पश्चात सभी व्यक्ति गहरी निद्रा में सो गए थे तो उन्हें निद्रा में ही छोड़कर 29 वर्ष की अवस्था में उन्होंने आगरे का प्रतीक का परित्याग कर दिया और गौतम बुद्ध के जीवन का जरिया घटना है वहां वह जो है महाभिनिष्क्रमण हत्या करने के बाद वैशाली औलाद कलाम राजगिरी में राम पुत्र ऋषि के आश्रम में जाकर ज्ञान प्राप्त करने लगे लेकिन उन्हें वहां संतोष नहीं मिला राजगिरी के बाद में गया के पास उरुवेला आ गए और उन्होंने वहां पर एक ब्राह्मण थे और घोर तपस्या काम प्रारंभ कर दिए लेकिन कुछ समय के बाद सुजाता नामक स्त्री के हाथों खीर खा लेने के बाद उनकी तपस्या जो है वह भंग हो गई इस घटना से उनके अन्य सभी साथी जो थे उनको बागी करार देती है और उन्हें पाखंडी क्या कि उनका साथ छोड़ दिया प्रारंभ की उस समय उनकी आयु लगभग 35 वर्ष की उन्होंने ज्ञान प्राप्ति के रूप में मध्यम मार्ग पर चलने का ज्ञान प्राप्त हुआ ज्ञान प्राप्ति के बाद सबसे पहले सारनाथ वहां पहुंचे वहां पांच साथियों को पुनः उपदेश दिया और जो उन्हें छोड़कर चले गए थे वहीं उनका जो दोस्त था इस घटना को धर्म चक्र प्रवर्तन कर देने का अनुरोध एंड टाइम था को धर्म चक्र परिवर्तन कहते हैं मगर कौशांबी और अन्य जनपदों में घूम-घूम कथा 16 जनपद था जिसमें उन्होंने पाली भाषा में दिया करते थे उन्होंने सर्वाधिक उपदेश होते हैं वह कौशल की राजधानी अजन नहीं यह जो है ना कि माता जो थी वह कौशल की है ना तो वहां पर बुद्ध के समकालीन कई राजा थे उनका नाम जानना चाहिए जो कुछ के बारे में जानते हैं अनजाने के लिए क्या करते हैं जिसे मगध का राजा अजातशत्रु और बबीता का जो तेनजिंग कौशांबी का राजा उदयन था आम्रपाली ज्योति रोज है कि पहली महिला आइए बनी थी पुत्र भी आम आम बौद्ध धर्म को स्वीकार कर ली 40 वर्षों तक उन्होंने 20 किलोमीटर का पद यात्रा की और मानव जीवन के बारे में संदेश दिया आम जीवन काल में बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु कुशीनगर कुर्ती मारा देवरिया जिला यूपी में है वहां पहुंचे वहां चंद नामक एक सुनार ने समझा जाता है कि खाने में सूअर का मानदेय दिया था जिससे उसके उदर विकार पैदा हुआ उसे उनकी मौत हो गई थी और निर्माण कहते हैं संस्कार के बाद बालाघाट टू का निर्माण करवाया अशोक का दरबार हुआ था प्रथम बौद्ध का पवित्र ग्रंथ ग्रंथ की रचना वैशाली में हुआ था इसका आयोजन हुआ क्या था कि बौद्ध धर्म पाटलिपुत्र पटना में हुआ किसके पुत्र था अशोक धाम की नीति का पालन किया था चतुर्थ शताब्दी में हुआ था

mahatma buddha ke bachpan ka naam siddharth tha mahatma buddha jo hai vaah Baudh dharm ke sansthapak the unke pita ka naam sodhan aur mata ka naam mahamaya tha inke pita kapilvastu ke saath jannat ke pramukh the aur mata kaushal janpad ki rajkumar thi kaushal arjit ka abhi jo naam hai vaah uttar pradesh hai gautam buddha ka janam 56320 kapilvastu lumbini namak gram me hua tha aur kaha jata hai ki inke janam ke samay swarg lok se fulo ki varsha hui thi aur tarah tarah ki bhavishyavaniyan ki gayi thi aadmi ke dwara kiya gaya tha aaj unka naam gaur se gautam tha isliye unhe gautam buddha bhi kehte hain 16 varsh ki aayu me unka vivah jo hai yashodhara se karta kar diya gaya jisse 1 putra rahul hua bachpan se hi buddhatwa ki thi chintan me hamesha doobe rehte the graze jeevan me aane ke baad unhone manav jeevan me char avastha vriddhi rok di mritak sanyaasi ko dekha aur usi ko dekhkar unke man me bairaag ka bhav utpann ho gaya ek raat jab nritya sangeet ka karyakram ke pashchat sabhi vyakti gehri nidra me so gaye the toh unhe nidra me hi chhodkar 29 varsh ki avastha me unhone agre ka prateek ka parityag kar diya aur gautam buddha ke jeevan ka zariya ghatna hai wahan vaah jo hai mahavinashkarnam hatya karne ke baad vaishali aulad kalam rajgiri me ram putra rishi ke ashram me jaakar gyaan prapt karne lage lekin unhe wahan santosh nahi mila rajgiri ke baad me gaya ke paas uruvela aa gaye aur unhone wahan par ek brahman the aur ghor tapasya kaam prarambh kar diye lekin kuch samay ke baad sujata namak stree ke hathon kheer kha lene ke baad unki tapasya jo hai vaah bhang ho gayi is ghatna se unke anya sabhi sathi jo the unko baagi karar deti hai aur unhe pakhandi kya ki unka saath chhod diya prarambh ki us samay unki aayu lagbhag 35 varsh ki unhone gyaan prapti ke roop me madhyam marg par chalne ka gyaan prapt hua gyaan prapti ke baad sabse pehle sarnath wahan pahuche wahan paanch sathiyo ko punh updesh diya aur jo unhe chhodkar chale gaye the wahi unka jo dost tha is ghatna ko dharm chakra pravartan kar dene ka anurodh and time tha ko dharm chakra parivartan kehte hain magar kaushambi aur anya janpado me ghum ghum katha 16 janpad tha jisme unhone paali bhasha me diya karte the unhone sarvadhik updesh hote hain vaah kaushal ki rajdhani azn nahi yah jo hai na ki mata jo thi vaah kaushal ki hai na toh wahan par buddha ke samkalin kai raja the unka naam janana chahiye jo kuch ke bare me jante hain anjaane ke liye kya karte hain jise magadh ka raja ajatashatru aur Babita ka jo tenjing kaushambi ka raja udayan tha amrapali jyoti roj hai ki pehli mahila aaiye bani thi putra bhi aam aam Baudh dharm ko sweekar kar li 40 varshon tak unhone 20 kilometre ka pad yatra ki aur manav jeevan ke bare me sandesh diya aam jeevan kaal me Baudh dharm ke prachar hetu kushinagar kurtee mara devariya jila up me hai wahan pahuche wahan chand namak ek sonar ne samjha jata hai ki khane me suar ka manday diya tha jisse uske udar vikar paida hua use unki maut ho gayi thi aur nirmaan kehte hain sanskar ke baad balaghat to ka nirmaan karvaya ashok ka darbaar hua tha pratham Baudh ka pavitra granth granth ki rachna vaishali me hua tha iska aayojan hua kya tha ki Baudh dharm patliputra patna me hua kiske putra tha ashok dhaam ki niti ka palan kiya tha chaturth shatabdi me hua tha

महात्मा बुध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था महात्मा बुध जो है वह बौद्ध धर्म के संस्थापक थे उनक

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महात्मा बुध के बचपन का नाम क्या था तो मैं बताना चाहूंगा कि महात्मा बुध के बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम था और यह बौद्ध धर्म के संस्थापक थे

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अपने प्रश्न किया है महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम क्या था तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था थैंक यू

apne prashna kiya hai mahatma buddha ke bachpan ka naam kya tha toh aapki jaankari ke liye bata doon mahatma buddha ke bachpan ka naam siddharth tha thank you

अपने प्रश्न किया है महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम क्या था तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं मह

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आपके प्रश्न का उत्तर है महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था थैंक यू

aapke prashna ka uttar hai mahatma buddha ke bachpan ka naam siddharth tha thank you

आपके प्रश्न का उत्तर है महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था थैंक यू

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम लिखें कि आपने पूछा है तुमको गौतम बुद्धा भी बोला जाता है इनके बचपन का नाम जो है सिद्धार्थ गौतम आता और तद्भव बुद्धाय राष्ट्र के फाउंडर भी ठीक तरीके से देखा जाता बुद्धिज्म के विषय में उनके फाउंडर थे

mahatma buddha ke bachpan ka naam likhen ki aapne poocha hai tumko gautam buddha bhi bola jata hai inke bachpan ka naam jo hai siddharth gautam aata aur tadbhav buddhay rashtra ke founder bhi theek tarike se dekha jata buddhijm ke vishay mein unke founder the

महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम लिखें कि आपने पूछा है तुमको गौतम बुद्धा भी बोला जाता है इनके

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