मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं। क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य है?...


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mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

1:56
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जब आप ध्यान करने बैठते हैं तो आपका मन खुद-ब-खुद चंचलता से शांति की ओर अग्रसर होता है क्योंकि उस समय आपने सोचा कि मैं ध्यान करने बैठता हूं तो आपका मन शांत होगा हो सकता है कि आपके मन में बहुत सारे विचार चल रहे हो लेकिन जो आपके मन में पहले चल चलता ही उससे कम विचार आपके अंदर रह जाएंगे फिर आप इसका धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाते हैं तो वह विचार धीरे-धीरे कम होते चले जाएंगे और जो हमारा मन भर के विचारों में दौड़ रहा था वह हमारे शरीर की ओर शरीर की सूक्ष्मता की ओर प्रस्थान करता है तो जब हम घर की ओर की चंचलता रुक जाती है तो स्वाभाविक रूप से हमारे मन को शांति मिलेगी जो मानसिक शांति भी आप बोल सकते हैं मानसिक शांति मिलती कैसे हैं मानसिक शांति यह सारा खेल हारमोंस का है पिट्यूटरी ग्लैंड जो होता है उसको मास्टरप्लेन बोलते हैं जब आप ध्यान करते हैं तो सीधा असर आपके पीछे टेरेप्लेन पर पड़ता है तो पिट्यूटरी ग्लैंड पर पड़ने से वह हमारे अंदर सिचुएशन उसका एक बैलेंस होता है जिससे हमारे मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और बाहर के विचारों से धीरे-धीरे मुक्ति पाकर हम अपने अंदर की ओर प्रवेश करते हैं जिससे हमें मानसिक शांति का अनुभव होता है और वह सामान्य अवस्था है

jab aap dhyan karne baithate hain toh aapka man khud bsp khud chanchalata se shanti ki aur agrasar hota hai kyonki us samay aapne socha ki main dhyan karne baithta hoon toh aapka man shaant hoga ho sakta hai ki aapke man me bahut saare vichar chal rahe ho lekin jo aapke man me pehle chal chalta hi usse kam vichar aapke andar reh jaenge phir aap iska dhire dhire abhyas badhate hain toh vaah vichar dhire dhire kam hote chale jaenge aur jo hamara man bhar ke vicharon me daudh raha tha vaah hamare sharir ki aur sharir ki sukshmata ki aur prasthan karta hai toh jab hum ghar ki aur ki chanchalata ruk jaati hai toh swabhavik roop se hamare man ko shanti milegi jo mansik shanti bhi aap bol sakte hain mansik shanti milti kaise hain mansik shanti yah saara khel hormones ka hai pituitary gland jo hota hai usko mastaraplen bolte hain jab aap dhyan karte hain toh seedha asar aapke peeche tereplen par padta hai toh pituitary gland par padane se vaah hamare andar situation uska ek balance hota hai jisse hamare mastishk par accha prabhav padta hai aur bahar ke vicharon se dhire dhire mukti pakar hum apne andar ki aur pravesh karte hain jisse hamein mansik shanti ka anubhav hota hai aur vaah samanya avastha hai

जब आप ध्यान करने बैठते हैं तो आपका मन खुद-ब-खुद चंचलता से शांति की ओर अग्रसर होता है क्यों

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आपका प्रश्न है 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य हां जी बिल्कुल सामान्य है आप ध्यान की विस्तृत इंपोस्टर के बाद में आपको कई प्रकार के अनुभव होते हैं और वह अनुभव धीरे धीरे धीरे आपके जैसे जैसे आपका ध्यान बढ़ता है वैसे वैसे आप क्या करते हैं आपके चक्र जो होते हैं कुंडली सकती है वह धीरे जागृत होती है तो ध्यान की स्थिति पर आप पर डिपेंड करता है कि आप किसी स्टेज पर आप ध्यान कर रहे हो अगर लगातार आपको जैसे कई महीने हो चुके होते हैं 6 महीने के आसपास का समय हो चुका होता तो ध्यान की स्थिति एक अलग लेवल पर होती है आप वहां कई नए अनुभवों को सीख सकते हैं वह आपकी ध्यान के ऊपर निर्भर करता है धन्यवाद

aapka prashna hai 45 minute tak dhyan karta hoon kya shuruati logo ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya haan ji bilkul samanya hai aap dhyan ki vistrit impostor ke baad me aapko kai prakar ke anubhav hote hain aur vaah anubhav dhire dhire dhire aapke jaise jaise aapka dhyan badhta hai waise waise aap kya karte hain aapke chakra jo hote hain kundali sakti hai vaah dhire jagrit hoti hai toh dhyan ki sthiti par aap par depend karta hai ki aap kisi stage par aap dhyan kar rahe ho agar lagatar aapko jaise kai mahine ho chuke hote hain 6 mahine ke aaspass ka samay ho chuka hota toh dhyan ki sthiti ek alag level par hoti hai aap wahan kai naye anubhavon ko seekh sakte hain vaah aapki dhyan ke upar nirbhar karta hai dhanyavad

आपका प्रश्न है 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनु

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

0:53
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मैं 45 मिनट का ध्यान करता हूं आपको 45 मिनट ध्यान करने की कोई जरूरत नहीं ओके ध्यान आधा घंटा से ज्यादा किया ही नहीं होता कि रो समाधि अवस्था होती जो कि जनता चलती है सिर्फ एक मोमबत्ती जला दीजिए उसका 5 मिनट तक देखिए उसके लव को सुबह 8:00 में शामिल ओमकार का जाप करिए कि आप इस तरह जाएगा फिर उसी को आप पर आंख बंद कर लीजिए तो आप बंद करके आपके अंदर सेक्स में भी कोई प्रकाश दिखाई पड़ेगा उसी प्रकार से पकड़े पकड़े आप समाधि में चले जाइए वहां सारे ब्रह्मांड का दर्शन हो जाएगा और ज्यादा करें परमात्मा के दर्शन हो जाएगा जो भी आप कर रहे हैं वह अच्छा या बुरा है वह आप जाने हमारे अनुसार यही सही करें तभी आपको आगे का रास्ता सिर्फ आंखें मूंदे बैठे रहने से कोई लाभ नहीं है धन्यवाद

main 45 minute ka dhyan karta hoon aapko 45 minute dhyan karne ki koi zarurat nahi ok dhyan aadha ghanta se zyada kiya hi nahi hota ki ro samadhi avastha hoti jo ki janta chalti hai sirf ek mombatti jala dijiye uska 5 minute tak dekhiye uske love ko subah 8 00 me shaamil omkar ka jaap kariye ki aap is tarah jaega phir usi ko aap par aankh band kar lijiye toh aap band karke aapke andar sex me bhi koi prakash dikhai padega usi prakar se pakde pakde aap samadhi me chale jaiye wahan saare brahmaand ka darshan ho jaega aur zyada kare paramatma ke darshan ho jaega jo bhi aap kar rahe hain vaah accha ya bura hai vaah aap jaane hamare anusaar yahi sahi kare tabhi aapko aage ka rasta sirf aankhen munde baithe rehne se koi labh nahi hai dhanyavad

मैं 45 मिनट का ध्यान करता हूं आपको 45 मिनट ध्यान करने की कोई जरूरत नहीं ओके ध्यान आधा घंटा

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प्रश्न है मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य है देखिए ध्यान जो है वह एक ऐसी क्रिया है जो चेतना को उस पटल पर लेकर आती है जहां वह गहरी विश्रांति का अनुभव करता है यदि आप 45 मिनट अपने ऊपर एक प्रयोग कर रहे हैं एक क्रिया को अपना रहे जिसके द्वारा आप शांति को प्राप्त करें तू जब मानसिक शांति उतरेगी तो शक्ति भी ले करके आएगी यानी कि आप मानसिक शक्ति का भी अनुभव करेंगे इसको आप इस तरीके से समझ ले कि यदि आप तनावग्रस्त हैं तो क्या होता है आपको यह महसूस होता है कि आपकी मां शेर हो रही है यानी दिमाग थका थका सा हो जाता है व्यक्ति के काम करने की क्षमता जो है वह कम हो जाएगी और जो है वह अपना अच्छा रिप्रेजेंटेशन वह नहीं दे पाता लेकिन यह वही आप अगर ध्यान करते हैं और ध्यान करने में क्या होता है विचारों पर थोड़ा कंट्रोल होना शुरू हो जाता है और जब एचआर अपना दबाव आपके मन स्थिति पर नहीं बना पाते तो मंजू है और बाल दिमाग एक गहरी शांति का अनुभव करता था और उस शांति के साथ उतर मानसिक शक्ति जो आपको एक नई शारीरिक स्फूर्ति भी प्रदान करती क्योंकि हमारे पूरे शरीर के ऊपर तो हमारा मस्तिष्क ही राज कर रहा है सब शरीर पर आप देखे तो सबसे ऊपर हमारा जो है वह ब्रेन है और सारा कंट्रोल ही ब्रेन से जुड़ा हुआ है तो जितना अगर हमारा दिमाग जो है वह रिलैक्स कंडीशन में होगा तो बाकी पूरे शरीर पर भी तो उसका प्रभाव है वह अच्छा ही होगा और अगर हम 10 स्टोन के तनाव है हमारे ऑपरेशन में रहते हैं हम तो दिमाग में ही अस्थिरता पैदा होगी और फिर वह चिंता धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों में भी दिखना शुरू हो जाते शरीर अस्वस्थ होने लगता है तो क्या हमारा जो शरीर का पूरा संतुलन है वह तो हमारे दिमाग पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है तो 45 मिनट के ध्यान के द्वारा आप अपने दिमाग को एक अच्छी वर्जिश दे रहे हैं और उस पर जिसके कारण ही आपको मानसिक शक्ति का अनुभव होता है तो शुरुआत में ध्यानी अगर 45 मिनट नहीं कर पा रही है घंटे ध्यान नहीं करवा रहा तू धीरे-धीरे स्टार्ट करें और जैसे-जैसे आप उसकी शक्ति को अनुभव करेंगे और उसके गुड है वह आएंगे तो धीरे-धीरे आप की समय सीमा भी बढ़ती जाएगी और यदि जीवन में 1 घंटे ध्यान को देने लगे आप तो आपके अंदर बहुत सारे रूपांतरण होना शुरू हो जाते हैं धन्यवाद

prashna hai main 45 minute tak dhyan karta hoon kya shuruati logo ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya hai dekhiye dhyan jo hai vaah ek aisi kriya hai jo chetna ko us patal par lekar aati hai jaha vaah gehri vishraanti ka anubhav karta hai yadi aap 45 minute apne upar ek prayog kar rahe hain ek kriya ko apna rahe jiske dwara aap shanti ko prapt kare tu jab mansik shanti utregi toh shakti bhi le karke aayegi yani ki aap mansik shakti ka bhi anubhav karenge isko aap is tarike se samajh le ki yadi aap tanaavgrast hain toh kya hota hai aapko yah mehsus hota hai ki aapki maa sher ho rahi hai yani dimag thaka thaka sa ho jata hai vyakti ke kaam karne ki kshamta jo hai vaah kam ho jayegi aur jo hai vaah apna accha riprejenteshan vaah nahi de pata lekin yah wahi aap agar dhyan karte hain aur dhyan karne me kya hota hai vicharon par thoda control hona shuru ho jata hai aur jab hr apna dabaav aapke man sthiti par nahi bana paate toh manju hai aur baal dimag ek gehri shanti ka anubhav karta tha aur us shanti ke saath utar mansik shakti jo aapko ek nayi sharirik sfurti bhi pradan karti kyonki hamare poore sharir ke upar toh hamara mastishk hi raj kar raha hai sab sharir par aap dekhe toh sabse upar hamara jo hai vaah brain hai aur saara control hi brain se juda hua hai toh jitna agar hamara dimag jo hai vaah relax condition me hoga toh baki poore sharir par bhi toh uska prabhav hai vaah accha hi hoga aur agar hum 10 stone ke tanaav hai hamare operation me rehte hain hum toh dimag me hi asthirata paida hogi aur phir vaah chinta dhire dhire sharir ke baki angon me bhi dikhana shuru ho jaate sharir aswasth hone lagta hai toh kya hamara jo sharir ka pura santulan hai vaah toh hamare dimag par bahut zyada nirbhar karta hai toh 45 minute ke dhyan ke dwara aap apne dimag ko ek achi varjish de rahe hain aur us par jiske karan hi aapko mansik shakti ka anubhav hota hai toh shuruat me dhyani agar 45 minute nahi kar paa rahi hai ghante dhyan nahi karva raha tu dhire dhire start kare aur jaise jaise aap uski shakti ko anubhav karenge aur uske good hai vaah aayenge toh dhire dhire aap ki samay seema bhi badhti jayegi aur yadi jeevan me 1 ghante dhyan ko dene lage aap toh aapke andar bahut saare rupantaran hona shuru ho jaate hain dhanyavad

प्रश्न है मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभ

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नमस्कार 45 मिनट के ध्यान से बहुत अधिक लाभ होता है क्योंकि आज के भागदौड़ भरे जीवन में व्यक्ति 10 मिनट भी बिना कुछ किए नहीं रह सकता आज जब हर तरफ सब कुछ बंद है उसके बावजूद भी लोग ध्यान नहीं कर पा रहे यदि आप लगातार 39 मिनट ध्यान कर रहे हैं तो सचमुच में इसके परिणाम बहुत ही अच्छे होंगे कुछ मानसिक शक्तियों का आपको अनुभव होगा अपने जीवन में सकारात्मकता का अनुभव आप करेंगे और धीरे-धीरे इस ध्यान का असर आपके आसपास के लोगों पर भी होगा धन्यवाद

namaskar 45 minute ke dhyan se bahut adhik labh hota hai kyonki aaj ke bhagdaud bhare jeevan me vyakti 10 minute bhi bina kuch kiye nahi reh sakta aaj jab har taraf sab kuch band hai uske bawajud bhi log dhyan nahi kar paa rahe yadi aap lagatar 39 minute dhyan kar rahe hain toh sachmuch me iske parinam bahut hi acche honge kuch mansik shaktiyon ka aapko anubhav hoga apne jeevan me sakaraatmakata ka anubhav aap karenge aur dhire dhire is dhyan ka asar aapke aaspass ke logo par bhi hoga dhanyavad

नमस्कार 45 मिनट के ध्यान से बहुत अधिक लाभ होता है क्योंकि आज के भागदौड़ भरे जीवन में व्यक्

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Anil

Accounts depertment

0:35
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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

2:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि आपने कहा कि मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं ध्यान दें जीवन में जब आप कोई भी प्रयोग करते हैं तो उसका प्रभाव पड़ता है जैसे न्यूटन ने कहा है कि प्रतिक्रिया की प्रतिक्रिया होती है कोई भी चीज हो आप जब ध्यान करते हैं या कोई रत्न पहनते हैं या कोई पूजा करते हैं या कुछ खाना खाते है या कोई वस्त्र पहनते हैं आप कुछ भी करते हैं या चलते हैं सभी चीजों का कुछ ना कुछ प्रभाव होता है बिना प्रभाव का कुछ नहीं है इसलिए जब आपको एक साधारण व्यक्ति हैं और आपके अंदर में ज्ञानेंद्रियां हैं और कर्मेंद्रियां है आप ज्ञानेंद्रियों को समझने के लिए आध्यात्म से जोड़ते हैं तब आप ज्ञानेंद्रियों के द्वारा उन बातों का अनुभव कर सकते हैं ज्यादातर लोग जो ज्ञानेंद्रियां है और कर्मेंद्रियां हैं तो कर्मेंद्रियों तक ही सीमित रहते हैं लेकिन जब व्यक्ति कोई विशेष तक करता है ध्यान करता है किसी चीज में समा जाता है तब तो फिर उस प्रकार का प्रभाव होने लगता है और कभी-कभी ऐसा समझ लीजिए आपकी अगर ऐसा ना हो तो कोई ध्यान क्यों करेगा कोई तब क्यों करेगा अगर जीवन में किसी काम को करने से प्रभाव ना मिलता हो तो फिर उस चीज को कोई क्यों करेगा अगर आप किसी व्यक्ति को लाठी से मारते हैं यहां से थप्पड़ मारते हैं तो भी उसको जितनी चोट लगती है थोड़ा आभास उस मारने वाले व्यक्ति को भी होता है जब किताब में सारी बातें लिखी होती है और जब किताबों को हम पढ़ते हैं तो पढ़ने के बाद हम कभी न कभी थोड़ी देर के लिए खो जाते हैं वही बातों में इसलिए मेरे मन से मेरे विचार से कि ऐसा होना चाहिए अगर ऐसा नहीं होता तो मैं मानता की आपका ध्यान ही नहीं लग रहा है और आप सही दिशा में नहीं जा रहे हैं आप सही दिशा में जा रहे हैं बिल्कुल मन को शांत चित्त रखें और बिल्कुल आप इस प्रकार से अपने क्रिया योग करते रहे लाभ मिलेगा जय राम जी की

ki aapne kaha ki main 45 minute tak dhyan karta hoon dhyan de jeevan me jab aap koi bhi prayog karte hain toh uska prabhav padta hai jaise newton ne kaha hai ki pratikriya ki pratikriya hoti hai koi bhi cheez ho aap jab dhyan karte hain ya koi ratna pehente hain ya koi puja karte hain ya kuch khana khate hai ya koi vastra pehente hain aap kuch bhi karte hain ya chalte hain sabhi chijon ka kuch na kuch prabhav hota hai bina prabhav ka kuch nahi hai isliye jab aapko ek sadhaaran vyakti hain aur aapke andar me gyanendriyan hain aur karmendriyan hai aap gyanendriyon ko samjhne ke liye aadhyatm se jodte hain tab aap gyanendriyon ke dwara un baaton ka anubhav kar sakte hain jyadatar log jo gyanendriyan hai aur karmendriyan hain toh karmendriyon tak hi simit rehte hain lekin jab vyakti koi vishesh tak karta hai dhyan karta hai kisi cheez me sama jata hai tab toh phir us prakar ka prabhav hone lagta hai aur kabhi kabhi aisa samajh lijiye aapki agar aisa na ho toh koi dhyan kyon karega koi tab kyon karega agar jeevan me kisi kaam ko karne se prabhav na milta ho toh phir us cheez ko koi kyon karega agar aap kisi vyakti ko lathi se marte hain yahan se thappad marte hain toh bhi usko jitni chot lagti hai thoda aabhas us maarne waale vyakti ko bhi hota hai jab kitab me saari batein likhi hoti hai aur jab kitabon ko hum padhte hain toh padhne ke baad hum kabhi na kabhi thodi der ke liye kho jaate hain wahi baaton me isliye mere man se mere vichar se ki aisa hona chahiye agar aisa nahi hota toh main maanta ki aapka dhyan hi nahi lag raha hai aur aap sahi disha me nahi ja rahe hain aap sahi disha me ja rahe hain bilkul man ko shaant chitt rakhen aur bilkul aap is prakar se apne kriya yog karte rahe labh milega jai ram ji ki

कि आपने कहा कि मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं ध्यान दें जीवन में जब आप कोई भी प्रयोग करते

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B R Parashar

Retired Person

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मित्र ने बोला है कि 45 मिनट में ध्यान करता हूं तो मैं तो उनको कहूंगा बहुत-बहुत बधाई हो आप 39 मिनट ध्यान करते हैं इससे अच्छी बात ही नहीं होती और 45 मिनट आप निकाल के ध्यान में चले जाते हैं ध्यान का जो मतलब समझते हैं ध्यान कोई आंख बंद करके बैठना नहीं है कंसंट्रेशन नहीं हम अपने मन की स्थिति को जानने के लिए हम जहर निर्विचार स्थिति को जानने के लिए आपने अंतर आकाश में अंतर आकाश का मतलब आप अंदर के जो कुछ हमें दिखाई दे रहा है हम वही रहे हम उसी को निहारते निहारते रहे हमें विचार आएंगे निर्विचार सी तिथि जब हो जाएगी हमारी उद्यान है और ध्यान को चाहे करते करते ही आप आगे बढ़ेगी ध्यान से समाधि पर भी जाओगे समाधि भी आएगी आपको और प्रफुल्लित रहना बहुत अच्छी बात है ध्यान से ही मन की शांति मिलेगी मित्र का प्रश्न यह भी कहा कि शांति मिलेगी बिल्कुल मिलेगी ध्यान से ही शांति मिलती है और किसी चीज से शांति नहीं मिलेगी मेरा काम आना है धन्यवाद प्रणाम

mitra ne bola hai ki 45 minute me dhyan karta hoon toh main toh unko kahunga bahut bahut badhai ho aap 39 minute dhyan karte hain isse achi baat hi nahi hoti aur 45 minute aap nikaal ke dhyan me chale jaate hain dhyan ka jo matlab samajhte hain dhyan koi aankh band karke baithana nahi hai kansantreshan nahi hum apne man ki sthiti ko jaanne ke liye hum zehar nirvichar sthiti ko jaanne ke liye aapne antar akash me antar akash ka matlab aap andar ke jo kuch hamein dikhai de raha hai hum wahi rahe hum usi ko niharate niharate rahe hamein vichar aayenge nirvichar si tithi jab ho jayegi hamari udyan hai aur dhyan ko chahen karte karte hi aap aage badhegi dhyan se samadhi par bhi jaoge samadhi bhi aayegi aapko aur prafullit rehna bahut achi baat hai dhyan se hi man ki shanti milegi mitra ka prashna yah bhi kaha ki shanti milegi bilkul milegi dhyan se hi shanti milti hai aur kisi cheez se shanti nahi milegi mera kaam aana hai dhanyavad pranam

मित्र ने बोला है कि 45 मिनट में ध्यान करता हूं तो मैं तो उनको कहूंगा बहुत-बहुत बधाई हो आप

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Vishal Gupta

Astrologer (मार्गदर्शक)

6:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने लिखा है कि हम 45 मिनट तक ध्यान करते हैं और शुरुआती समय में कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव होता है सामान्य करना आना मारुति का अनुभव करना क्या सामान्य है देखिए पहली बात तो यह जान लीजिए कि ध्यान कई तरह के होते हैं उदाहरण के तौर पर रावण भी ध्यान कथा राम जी की ध्यान करते थे लेकिन दोनों के ध्यान करने में जमीन आसमान का अंतर का रावण भी बहुत तपस्या करता था भगवान शिव को मनाने के लिए कई कई हफ्तों तक ध्यान करता था और भगवान राम भी ध्यान करते थे और दोनों एक ही का ध्यान करते थे भगवान राम विश्व की जी का ध्यान करते थे और रावण विष्णु जी का ध्यान करता था लेकिन दोनों में जमीन आसमान का अंतर था एक्ने एक्ने धर्म की स्थापना की और एक नया धर्म की स्थापना करने का प्रयास किया तो अंतर कदमों में की एक जमीन पर थे और एक जमीन से ऊपर होने की कोशिश कर रहे थे तो भगवान श्रीराम ने उनका अहंकार तोड़ा तो यहां पर पहली बात तो आप यह जान लीजिए कि ध्यान करने से शक्ति नहीं मिलती है हमारा शक्ति होती है वह जागृत हो जाती है और दूसरी चीज है कि ध्यान करने की शक्ति ध्यान कर नहीं सकती का प्राप्त करने का कोई हो रही उसका बच्चा कहते हैं जिस ध्यान को करने से शक्ति प्राप्त होती है तपस्या कहते हैं और जिस ध्यान को करने से ईश्वर की प्राप्ति होती है उसे आस्था कहते हैं दोनों में अंतर है और ध्यान करने से व्यक्ति के अंदर एकाग्रता बढ़ती है शक्ति के अंदर सत्यता बढ़नी चाहिए जिस ध्यान को करने के बाद व्यक्ति को आलस और ध्यान करने के बाद सुकून महसूस हो ध्यान करने के बाद शरीर में ऐंठन होने लगे या शरीर जाम होने लगे जाम होने से आरतियां की सरी कुछ समय के लिए से पैर पैर जाम हो जाता है कुछ लोगों का ध्यान करते करते तो वह जब आंख खोलते हैं तो ऐसा लगता है कि पैर ही नहीं पाएगा तो इसका अर्थ है कि आप गलत तरह से ध्यान लगा रहे हैं उसके बाद कुछ लोगों के अंदर ध्यान लगाने के बाद काफी ज्यादा शक्ति लगता है जैसे लगा कि हम क्या पाली हैं कई लोगों के अलग-अलग हैं अपने अनुभव को क्लियर नहीं किया क्या अनुभव किस प्रकार से हो रहा है तो उस हिसाब से हम उस बात का जवाब देते लेकिन आजकल के समय में लोग अधूरा ज्ञान जानते हैं वह बस कहते कि मेडिटेशन करो मेडिटेशन करो मैं स्टेशन करूं एड्रेस लेने से ही होता है मेडिटेशन करने से होता है लेकिन मैं स्टेशन का अगर अगर हम उनका अर्थ पूछ ले तो मैं स्टेशन कार्ड भी लोग नहीं बता पाता कि मेडिसिन का अर्थ क्या होता है ध्यान लगाने का असली महावर स्वामी विवेकानंद ने भी ध्यान लगाया और आज भी बहुत से लोग ध्यान लगा रहे हैं लेकिन दोनों में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिलता है भगवान बुद्ध ने ध्यान लगा तो गौतम से वह सॉरी सिद्धार्थ गौतम बुद्ध बन गए हो महात्मा बुद्ध बन गए समीकरण ध्यान लगाया तो वह महात्मा बन गए लेकिन आज भी बहुत से लोग ध्यान लगाते हैं कई-कई दिन तक ध्यान लगाने का प्रयास करते लेकिन कुछ भी नहीं बन पाते कुछ भी तो छोड़ी अपने घर में भी उस नहीं बन पाते हो तो ध्यान लगाने का जो वास्तविक अर्थ होता है एक अच्छा गुरु आपको सही तरह से ध्यान लगाने की शिक्षा दे सकता है और अपने दिखाएं 45 मिनट ध्यान लगा तो पहली बार ध्यान लगाने में मंटो की गिनती नहीं हो पाती एक अच्छा साधक जो होगा वह समय को नहीं मिल पाएगा ध्यान लगाते समय आवारा पीके कि हम 45 मिनट लड़की देख कर ध्यान लगा लेते हैं तो वह ध्यान आप नहीं लगा रहे हो आपके कैलकुलेशन ऑफ कर रहे हैं और यह गलत तरीका है ध्यान लगाने समय समय का तो बहुत ही नहीं होना चाहिए अगर समय का बोध हुआ आपने 45 मिनट लिखा होगा अगर आप रोक सकते कि हां हम एक आध घंटा ध्यान लगा लेते हैं लगभग एक घंटा ध्यान लगा लेते हैं तो समझना 45 मिनट ध्यान लगा लेते हैं तो मुझे ताकि आप समय को गिनती दे रहे हैं समय को गिन रहे हैं अनुभव समझने के बाद डायरेक्ट बात करने के बाद चीजें पता लगती है हम आप पर आरोप नहीं लगा रहे हैं और इस बात को समझिए कि हां रावण भी ध्यान लगाता है राम जी भी ध्यान लगाते थे और दोनों भगवान शिव का ही ध्यान लगाते थे लेकिन दोनों के कर्म में जमीन आसमान का अंतर था आपको शक्तियां जो प्राप्त हो रही हैं सकते जो अनुभव हो रही है वह तामसिक शक्तियां है या सात्विक शक्तियां हैं इसको भी समझना बहुत जरूरी है कि कई लोग ऐसे मिलते हैं कि धान लगाने के बाद और अहंकारी बन जाते हैं और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ध्यान लगाने के बाद और अच्छे हो जाते हैं तो दोनों में बहुत सारा अंतर होता है हम तो ऐसे लोगों से भी मिल चुके हैं जो कई कई घंटे में ध्यान लगाते हैं और फिर इतना कुतर्क करते हैं इतना कुतर्क करते हैं कि आप आपका सर दर्द करने लगेगा तो वह अपने आप को इतना ज्यादा श्रेष्ठ समझने लगते हैं ध्यान लगाने के बाद कि जैसे लगता क्यों भगवान राम ही बन गए हो वह स्वयं को ज्ञानी समझने लगते हैं तो यह चीजें बहुत जरूरी है कि आपका ध्यान किस रूप से लग पा रहा है और यह कच्छा गुरु बता सकता है कि आपका ध्यान किस रूप से लग रहा है नहीं तो ध्यान आप लगाते रहिए आपके अंदर तामसिक शक्ति का उदय हो रहा है या शिव शक्ति का उदय हो रहा है आपके अंदर अच्छे क्या पैदा हो रही है बुरी शक्तियां पैदा हो रही है यह तो देखने के बाद ही पता लगेगा और फिर जीवन किशोर जाता है क्योंकि कई लोग ध्यान लगाने के बाद अपने जीवन को बर्बाद कर डालते हैं तो इसे समझना बहुत जरूरी है उसके बाद किसी नतीजे पर पहुंचे और इतनी छोटे से सवाल से अपने जीवन को स्थिर निर्णय लेने का प्रयास ना करें तो यह आपके लिए बेहतर होगा मेरी किसी बात का बुरा लगा हो तो मुझे माफ कीजिएगा लेकिन जो मुझे सही लगा वह हमने बताया और ना किसी भी सवाल का जवाब होता है वह एक तरफ से दिया जाता है लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी चाहिए होते कि सवाल और जवाब आपने सामने हो रहा हो तभी बात का पूर्ण रूप से मतलब निकल पाता है तभी उस सवाल का जवाब है तभी उसका उद्देश्य पूरा हो पाता है नहीं तो सवाल किसी ने किया जवाब कौन दे रहा है और जब आपको समझ में आ भी रहा है या नहीं या हम जिस तरह जवाब देना चाहते हैं वह आपको समझ में आ रहा है नहीं इन सभी चीजों को गणना करना बहुत जरूरी है फिर किसी नतीजे पर पहुंची और हम भी आपको किसी तरह से आरोप नहीं लगा रहे चीजों को समझिए कि रावण का ध्यान लगाना और राम जी का ध्यान लगाने में अंतर्दा आप कौन सा लगा रहे हैं यह समझना बहुत जरूरी है धन्यवाद

aapne likha hai ki hum 45 minute tak dhyan karte hain aur shuruati samay me kuch mansik shakti ka anubhav hota hai samanya karna aana maaruti ka anubhav karna kya samanya hai dekhiye pehli baat toh yah jaan lijiye ki dhyan kai tarah ke hote hain udaharan ke taur par ravan bhi dhyan katha ram ji ki dhyan karte the lekin dono ke dhyan karne me jameen aasman ka antar ka ravan bhi bahut tapasya karta tha bhagwan shiv ko manane ke liye kai kai hafton tak dhyan karta tha aur bhagwan ram bhi dhyan karte the aur dono ek hi ka dhyan karte the bhagwan ram vishwa ki ji ka dhyan karte the aur ravan vishnu ji ka dhyan karta tha lekin dono me jameen aasman ka antar tha acne acne dharm ki sthapna ki aur ek naya dharm ki sthapna karne ka prayas kiya toh antar kadmon me ki ek jameen par the aur ek jameen se upar hone ki koshish kar rahe the toh bhagwan shriram ne unka ahankar toda toh yahan par pehli baat toh aap yah jaan lijiye ki dhyan karne se shakti nahi milti hai hamara shakti hoti hai vaah jagrit 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aur ram ji ka dhyan lagane me antarda aap kaun sa laga rahe hain yah samajhna bahut zaroori hai dhanyavad

आपने लिखा है कि हम 45 मिनट तक ध्यान करते हैं और शुरुआती समय में कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब भी हम ध्यान करते हैं तो ध्यान में हमें अनुरोध ही होता है आपका क्वेश्चन मुझे ऐसे समझ में नहीं आया है आपने लिखा है पहचान में ध्यान करता हूं तो क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का सामान है हर ध्यान में होता है जैसे-जैसे अभियान में डूब जाएंगे अपने चेतना के स्तर से परे हो जाएंगे आपको अनुभव होना शुरू हो जाएगा आप क्या करें 1 घंटा बैठ सकते हैं लेकिन ध्यान जो लगता है मुश्किल से 5 या 3 मिनट का लगता है क्यों लगता है बाकी सब बैठे हैं

jab bhi hum dhyan karte hain toh dhyan me hamein anurodh hi hota hai aapka question mujhe aise samajh me nahi aaya hai aapne likha hai pehchaan me dhyan karta hoon toh kya shuruati logo ke liye kuch mansik shakti ka saamaan hai har dhyan me hota hai jaise jaise abhiyan me doob jaenge apne chetna ke sthar se pare ho jaenge aapko anubhav hona shuru ho jaega aap kya kare 1 ghanta baith sakte hain lekin dhyan jo lagta hai mushkil se 5 ya 3 minute ka lagta hai kyon lagta hai baki sab baithe hain

जब भी हम ध्यान करते हैं तो ध्यान में हमें अनुरोध ही होता है आपका क्वेश्चन मुझे ऐसे समझ मे

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Pt.BRAJESH JI.

Astrologer,Rashi Ratna & Vastu Visesagya.

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसका आपका प्रश्न प्रणाम है कि आपको 45 मिनट ध्यान करते हैं कितने समय से करते हैं यह किसने लिखा और आप यह जानना चाहते कि आपको कुछ अनुभव हो रहा है क्या यह सामान्य है बिल्कुल सामान्य है क्योंकि जब आदमी ध्यान मेडिटेशन करता है तो जो शक्तियां है मानसिक मन में सभी प्रकार की शक्तियों का संचय है वह जिस चीज को सोचेगा उस चीज से व्यक्ति व्यवस्था को प्राप्त कर सकता है तो आपको क्या है कोई भी मानसिक अनामिका से आपको अवगत कराए जा सकते हैं भाई सबसे अधिक शक्तियां जो है वह आपको बता रही है क्या पर मेडिसिन का फल जो है वह आपको मिलने लगा है और ठीक है

kiska aapka prashna pranam hai ki aapko 45 minute dhyan karte hain kitne samay se karte hain yah kisne likha aur aap yah janana chahte ki aapko kuch anubhav ho raha hai kya yah samanya hai bilkul samanya hai kyonki jab aadmi dhyan meditation karta hai toh jo shaktiyan hai mansik man me sabhi prakar ki shaktiyon ka sanchaya hai vaah jis cheez ko sochega us cheez se vyakti vyavastha ko prapt kar sakta hai toh aapko kya hai koi bhi mansik anamika se aapko avgat karae ja sakte hain bhai sabse adhik shaktiyan jo hai vaah aapko bata rahi hai kya par medicine ka fal jo hai vaah aapko milne laga hai aur theek hai

किसका आपका प्रश्न प्रणाम है कि आपको 45 मिनट ध्यान करते हैं कितने समय से करते हैं यह किसने

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पर्सनल में 45 मिनट तक ध्यान करता हूं वेरी गुड अच्छी बातें करते हो क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य की शुरुआत में जवाब ध्यान करते हो मेडिटेशन करते हो तो दिक्कत रहती है ठीक है फिर भी दिल की आदत हो जाएगी तब शारीरिक मानसिक काफी सारी प्रॉब्लम से रोग से बच सकते हो ठीक है और यही मैन फायदा है और आपने जो कहा है कि सामान्य अनुभव होता है धीरे-धीरे को अच्छा बेनिफिट होगा ओके

aapka personal mein 45 minute tak dhyan karta hoon very good achi batein karte ho kya suruaati logon ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya ki shuruaat mein jawab dhyan karte ho meditation karte ho toh dikkat rehti hai theek hai phir bhi dil ki aadat ho jayegi tab sharirik mansik kafi saree problem se rog se bach sakte ho theek hai aur yahi man fayda hai aur aapne jo kaha hai ki samanya anubhav hota hai dhire dhire ko accha benefit hoga ok

आपका पर्सनल में 45 मिनट तक ध्यान करता हूं वेरी गुड अच्छी बातें करते हो क्या शुरुआती लोगों

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Neha Singh

Tarot Card Reader

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिओ बिल्कुल ना माताजी कौन है यार

jio bilkul na mataji kaun hai yaar

जिओ बिल्कुल ना माताजी कौन है यार

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Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने जानना चाहा कि 45 मिनट का ध्यान करता है और शुरुआती लोगों को कुछ मानसिक शक्ति काम को करना सामान्य आया निश्चित रूप से ध्यान के माध्यम से मानसिक शक्ति का अनुभव होता है उसको भी आप मुझे बताएंगे तो इसमें कुछ विशिष्ट जानकारियों को दी जा सकेगी ऐसे इंसान को यूनिको चौक में 1 सर्वोत्कृष्ट ध्यान पद्धति माना है इसमें विहंगम योग को जोड़ा गया है और 2013 से संगम योग संस्थान के माध्यम से संपूर्ण ज्ञान के माध्यम से लोगों के अंदर हिंदुओं में शिव मंदिर शांति आश्रम में आनंद को लाने के लिए प्रयासरत हैं उनकी विशेष टेक्निक को तकनीकी को समझने के लिए आप संपर्क कर सकते हैं 70043 18121 ज्ञान के सिद्धांत को समझने के लिए आप स्वर्वेद स्वर्वेद के माध्यम से ध्यान के तकनीक को समझा जा सकता है

apne janana chaha ki 45 minute ka dhyan karta hai aur suruaati logon ko kuch mansik shakti kaam ko karna samanya aaya nishchit roop se dhyan ke madhyam se mansik shakti ka anubhav hota hai usko bhi aap mujhe batayenge toh isme kuch vishisht jankariyon ko di ja sakegi aise insaan ko yuniko chauk mein 1 sarvotkrisht dhyan paddhatee mana hai isme vihangam yog ko joda gaya hai aur 2013 se sangam yog sansthan ke madhyam se sampurna gyaan ke madhyam se logon ke andar hinduon mein shiv mandir shanti aashram mein anand ko lane ke liye prayasarat hain unki vishesh technique ko takniki ko samjhne ke liye aap sampark kar sakte hain 70043 18121 gyaan ke siddhant ko samjhne ke liye aap swarved swarved ke madhyam se dhyan ke takneek ko samjha ja sakta hai

अपने जानना चाहा कि 45 मिनट का ध्यान करता है और शुरुआती लोगों को कुछ मानसिक शक्ति काम को कर

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

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मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य है यह ध्यान का विषय है इसके पूरे प्रश्न के उत्तर के लिए आप को बताना पड़ेगा आपका गुरु कौन सा है ध्यान में आप क्या करते हैं इसके बाद तब इस प्रश्न का उत्तर दिया जाना संभव है

main 45 minute tak dhyan karta hoon kya suruaati logon ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya hai yah dhyan ka vishay hai iske poore prashna ke uttar ke liye aap ko bataana padega aapka guru kaun sa hai dhyan mein aap kya karte hain iske baad tab is prashna ka uttar diya jana sambhav hai

मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना साम

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Ashish Lavania

Yoga Trainer

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अगर आप 45 मिनट तक ध्यान कर पा रहे हैं तो यह बहुत ही अच्छी बात है परंतु शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का माफ करना सामान्य बिल्कुल सामान्य यह बिल्कुल हो सकता है अगर आप प्रॉपर ध्यान लगा पा रहे हैं क्योंकि ध्यान लगाना बहुत ही कठिन चीज होती है हम कहीं ना कहीं मन में हमारे बहुत सारे ख्याल होते हैं वह बीच में आ जाते हैं कोई हमें तो बता कर देता है वह बीच में आ जाते हैं तो ध्यान लगाना तो बहुत ही आप ध्यान की जो मुद्रा होती आप उसमें बैठे रहिए सुखासन में जा सके वह ध्यान मुद्रा करिए या वज्रासन में करेंगे तो दिक्कत आएगी थोड़ी सी पर सुखासन में कोई भी पद्मासन सुखासन आपको प्रशंसक सिद्धि कहते हैं और आप तो क्या करें क्योंकि 45 फुट का ध्यान लगा रहे हैं तो आपके समझ लिया आप मानसिक दिमागी तौर पर बहुत मजबूत इंसान है

agar aap 45 minute tak dhyan kar paa rahe hain toh yah bahut hi achi baat hai parantu suruaati logon ke liye kuch mansik shakti ka maaf karna samanya bilkul samanya yah bilkul ho sakta hai agar aap proper dhyan laga paa rahe hain kyonki dhyan lagana bahut hi kathin cheez hoti hai hum kahin na kahin man mein hamare bahut saare khayal hote hain vaah beech mein aa jaate hain koi hamein toh bata kar deta hai vaah beech mein aa jaate hain toh dhyan lagana toh bahut hi aap dhyan ki jo mudra hoti aap usmein baithe rahiye sukhasan mein ja sake vaah dhyan mudra kariye ya vajrasan mein karenge toh dikkat aaegi thodi si par sukhasan mein koi bhi padmasana sukhasan aapko prasanshak siddhi kehte hain aur aap toh kya karen kyonki 45 foot ka dhyan laga rahe hain toh aapke samajh liya aap mansik dimagi taur par bahut mazboot insaan hai

अगर आप 45 मिनट तक ध्यान कर पा रहे हैं तो यह बहुत ही अच्छी बात है परंतु शुरुआती लोगों के लि

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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आप 45 मिनट ध्यान करते हैं ध्यान कौन सा करते हैं क्या करते हैं यह सब आपका कुछ नहीं लिखा है और मानसिक शक्ति आप क्या समझ रहे हैं यह भी नहीं पता मानसिक शक्ति तो सबकी एक सी होती है आप क्या अनुभव कर रहे हैं यह भी नहीं पता था थोड़ा सा स्पष्ट करें और अगर जरूरत लगे तो मुझे कॉल करें मैं आपको बताऊंगा धन्यवाद नमस्कार

aap 45 minute dhyan karte hain dhyan kaun sa karte hain kya karte hain yah sab aapka kuch nahi likha hai aur mansik shakti aap kya samajh rahe hain yah bhi nahi pata mansik shakti toh sabki ek si hoti hai aap kya anubhav kar rahe hain yah bhi nahi pata tha thoda sa spasht kare aur agar zarurat lage toh mujhe call kare main aapko bataunga dhanyavad namaskar

आप 45 मिनट ध्यान करते हैं ध्यान कौन सा करते हैं क्या करते हैं यह सब आपका कुछ नहीं लिखा है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल जब कोई तन से मन से ध्यान करता है तो उसका फल आपस मिलने लगता है कुछ लोगों को जल्दी मिलता है कुछ लोगों को बाद में मिलता है लेकिन जिसको जल्दी मिलता है उसके लिए समस्या रहती है कि उसका शरीर इतना मजबूत नहीं होता है कि जब मैं ट्यूशन के बाद जो कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है तो उसको संभाल सके तो प्रयास आपको है कि सबसे पहले आपको अपने शरीर को मजबूत करना है मजबूत करने के बाद ही आप इसका अभ्यास करें लंबा व्यस्त अभी करें आप 10 मिनट 15 मिनट तक अभ्यास आराम से कर सकते बस 45 मिनट का अगर आप अभ्यास करें तो आपको पता होना चाहिए कि आपका शरीर कितना मजबूत है बशर्ते ध्यान रहे जब भी आप मेडिसन करते हैं तो आपको कमर गर्दन आते तीनों एक सीध में ही रखने कभी भी इनमें से किसी भी एंगल को झुकाना नहीं है अगर आप झुकाते हैं तो जब आपका कुंडली सकती है आपकी कोई भी चकरा एक्टिव होता तो उसको संभालना कठिन हो जाता है शुरुआती पीरियड मैं अगर आप कर रहे हैं सुबह के समय है आपका business-level हैं तो आप किसी भी टीचर्स के या किसी भी जोश का अधिक ज्ञान रखता है आपके आसपास में कुछ है तो उसके माध्यम से करें या उसके सामने करें तो ज्यादा प्यार का आनंद ले पाएंगे धन्यवाद

bilkul jab koi tan se man se dhyan karta hai toh uska fal aapas milne lagta hai kuch logo ko jaldi milta hai kuch logo ko baad me milta hai lekin jisko jaldi milta hai uske liye samasya rehti hai ki uska sharir itna majboot nahi hota hai ki jab main tuition ke baad jo kundalini shakti jagrit hoti hai toh usko sambhaal sake toh prayas aapko hai ki sabse pehle aapko apne sharir ko majboot karna hai majboot karne ke baad hi aap iska abhyas kare lamba vyast abhi kare aap 10 minute 15 minute tak abhyas aaram se kar sakte bus 45 minute ka agar aap abhyas kare toh aapko pata hona chahiye ki aapka sharir kitna majboot hai basharte dhyan rahe jab bhi aap medicine karte hain toh aapko kamar gardan aate tatvo ek seedh me hi rakhne kabhi bhi inmein se kisi bhi Angle ko jhukana nahi hai agar aap jhukate hain toh jab aapka kundali sakti hai aapki koi bhi chakra active hota toh usko sambhaalna kathin ho jata hai shuruati period main agar aap kar rahe hain subah ke samay hai aapka business level hain toh aap kisi bhi teachers ke ya kisi bhi josh ka adhik gyaan rakhta hai aapke aaspass me kuch hai toh uske madhyam se kare ya uske saamne kare toh zyada pyar ka anand le payenge dhanyavad

बिल्कुल जब कोई तन से मन से ध्यान करता है तो उसका फल आपस मिलने लगता है कुछ लोगों को जल्दी म

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव होता है ऐसा क्वेश्चन है करना सामान्य बात सामान्य है देखिए शुरुआती दौर में अगर आप भी 40 होकर ध्यान को करते हैं पुण्यतिथि की शुरुआती दौर में भी आपको काफी फायदे मिलने शुरू हो जाएंगे विचार को रोकना नहीं है आना विचार को पैदा करना है ध्यान करते समय विचार को रोकना नहीं है विचार सुनने हो जाना है सिर्फ और सिर्फ अपने आते-जाते श्वास को देखना है धीरे-धीरे कुछ महीनों में अगर शुरू में नहीं हो रहा तो कुछ महीनों में आपको मानसिक शक्ति का अनुभव जरूर होना शुरू हो जाएगा ऐसा नहीं है प्रत्येक व्यक्ति का दिमाग अलग अलग है शरीर भी अलग कुछ लोगों को शुरुआती दौर में ही मानसिक शक्ति का अनुभव होने लगता है बहुत हमको महीनों लग जाते हैं बहुत लोग कुछ सालों तक लग जाते हैं उस चीज को उस व्यक्ति के दिमाग के ऊपर और चंचलता के ऊपर शारीरिक चंचलता मानसिक चंचलता के ऊपर डिपेंड करती है तो इसको करने के बाद आप परिणाम भी करें एल्बम फिल्म और मेरा मानना है कि कुछ देर तक एक 2 मिनट कम से कम सर्वांगासन भी करें तो आपको ज्यादा फायदा होगा धन्यवाद

aapka question hai main 45 minute tak dhyan karta hoon kya suruaati logon ke liye kuch mansik shakti ka anubhav hota hai aisa question hai karna samanya baat samanya hai dekhiye suruaati daur mein agar aap bhi 40 hokar dhyan ko karte hain punyatithi ki suruaati daur mein bhi aapko kafi fayde milne shuru ho jaenge vichar ko rokna nahi hai aana vichar ko paida karna hai dhyan karte samay vichar ko rokna nahi hai vichar sunane ho jana hai sirf aur sirf apne aate jaate swas ko dekhna hai dhire dhire kuch mahinon mein agar shuru mein nahi ho raha toh kuch mahinon mein aapko mansik shakti ka anubhav zaroor hona shuru ho jaega aisa nahi hai pratyek vyakti ka dimag alag alag hai sharir bhi alag kuch logon ko suruaati daur mein hi mansik shakti ka anubhav hone lagta hai bahut hamko mahinon lag jaate hain bahut log kuch salon tak lag jaate hain us cheez ko us vyakti ke dimag ke upar aur chanchalata ke upar sharirik chanchalata mansik chanchalata ke upar depend karti hai toh isko karne ke baad aap parinam bhi karen album film aur mera manana hai ki kuch der tak ek 2 minute kam se kam sarvangasan bhi karen toh aapko zyada fayda hoga dhanyavad

आपका क्वेश्चन है मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति

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Aditi Garg

Meditation Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब आप कह रहे हैं मैं 45 मिनट तक का ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य है देखिए अनुभव जो है वह होते ही है जब आप मेडिटेशन करते हैं और अगर मेडिटेशन सही तरीके से लगता है तो डेफिनिटी आप बहुत कुछ फील करते हैं तो ऐसा होना सामान्य है आप परेशान मत होइए अपना मेडिटेशन करते रहिए और 45 मिनट का ध्यान शुरुआत में बहुत अच्छा है थैंक यू

ab aap keh rahe hain main 45 minute tak ka dhyan karta hoon kya suruaati logon ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya hai dekhiye anubhav jo hai vaah hote hi hai jab aap meditation karte hain aur agar meditation sahi tarike se lagta hai toh definiti aap bahut kuch feel karte hain toh aisa hona samanya hai aap pareshan mat hoiye apna meditation karte rahiye aur 45 minute ka dhyan shuruaat mein bahut accha hai thank you

अब आप कह रहे हैं मैं 45 मिनट तक का ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्

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seema bhatia

Motivational Counsellor/Meditation Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना संभव है यह तो आप पर डिपेंड करता है आप किस तरीके से ध्यान कर रहे हैं और किस चीज का ध्यान कर रहे हैं और आप का ध्यान लग रहा है नहीं लग रहा है यह अनुभव करना बहुत जरूरी बहुत सारी चीजें इसमें ऐसी हैं कि लोग बैठ तो जाते हैं पर दिमाग इधर उधर चला मान होता है कुछ और सोच रहे होते हैं कुछ और बोल रहे होते हैं कुछ और बड़बड़ा रहे होते हैं तो पहले तो ध्यान का हमें कारण समझना चाहिए ध्यान किया है और दूसरा अगर आपका ध्यान अच्छे से लगता है तो आपको जरूर बहुत ही अनुभव हो सकते हैं बहुत सुंदर अनुभव हो सकते हैं कुछ डरावने भी अनुभव हो सकते हैं तो आप ध्यान करते रहिए अनुभव तो आपको निश्चित होंगे यह गारंटी है और आपको एनर्जी भी बहुत पावर मिलेगी इसमें तो आप अगर ध्यान कर रहे हैं तो आगे कंटिन्यू करते रहिए और एक ही चीज पर ध्यान 21 दिन तक कम से कम करिए तभी आपको बेहतर रिजल्ट मिलेंगे थैंक यू सो मच

main 45 minute tak dhyan karta hoon kya suruaati logo ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna sambhav hai yah toh aap par depend karta hai aap kis tarike se dhyan kar rahe hain aur kis cheez ka dhyan kar rahe hain aur aap ka dhyan lag raha hai nahi lag raha hai yah anubhav karna bahut zaroori bahut saari cheezen isme aisi hain ki log baith toh jaate hain par dimag idhar udhar chala maan hota hai kuch aur soch rahe hote hain kuch aur bol rahe hote hain kuch aur badbada rahe hote hain toh pehle toh dhyan ka hamein karan samajhna chahiye dhyan kiya hai aur doosra agar aapka dhyan acche se lagta hai toh aapko zaroor bahut hi anubhav ho sakte hain bahut sundar anubhav ho sakte hain kuch daravane bhi anubhav ho sakte hain toh aap dhyan karte rahiye anubhav toh aapko nishchit honge yah guarantee hai aur aapko energy bhi bahut power milegi isme toh aap agar dhyan kar rahe hain toh aage continue karte rahiye aur ek hi cheez par dhyan 21 din tak kam se kam kariye tabhi aapko behtar result milenge thank you so match

मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना संभ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय गुरुदेव हंसने की में पंचायत समिति का गठन करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव करना सामान्य है यदि आप लोग ध्यान करते हो आधा घंटे करते हो या 45 मिनट करते हो तो इसके लिए जो की शुरुआत से तो मानसिक शक्ति का विकास होने का जो कि सामान्य बसों को ज्यादा हो जाएगा क्योंकि हम करेंगे उसका प्रभाव पड़ेगा लेकिन यदि आप लोग भावातीत ध्यान करते हो तो इसमें से बहुत सारे आपकी मानसिक शक्ति का विकास होगा स्वास्थ्य में फोन करते तो जरूर कमला के मानसिक शक्ति का विकास होगा अनुभव होगा और धीरे-धीरे आप उसको बढ़ाते जाएंगे 1 महीना 2 महीना 6 महीना 1 साल तो पहले भी आपको जितना अच्छा लगा होगा वह कोई मत समझिए कि नहीं जो मेरा शुरुआत से बहुत मानसिक शक्ति का हाथ मिला गलत बात है क्योंकि आप बहुत अच्छी चीजों की आपको अच्छा लगेगा क्रोम एक घंटा दो घंटा 3 घंटा कर सकते हो तो उस समय भी आप ऐसी रूम में है लेकिन आपका जो पहले जो आपको महसूस किया क्योंकि आपका बॉडी का टेंपरेचर पूरा हो जाएगा हो सकता है क्योंकि आप लोग आए थे फिर भी आपको ठीक उसी तरह जिस तरह आप बाहर आ जाने के बाद आपको समझ में आया कि मैं रूम में था कि कुछ इस तरह दिया ब्लॉक शुरुआत से ध्यान करते करते फिर आप लोग तो उसको बढ़ाते महीना 1 साल तो आप लोगों की आपका माइंड एंड बॉडी में जो की हार्दिक शुभ हो जाएगा आपको फिर भी उतना ही अच्छा महसूस होगा जब आप पहले किए थे लेकिन आपको पता नहीं चलता है लेकिन जब आप लोगे तब आपको पता चलेगा कितना अच्छा सच में भी उन्नति कर सकते हैं समाज उन्नति कर सकते हैं तब जाती इसका हमारा विकास हो जाता है मानसिक शक्ति का विकास स्वास्थ्य में उन्नति सामाजिक व्यवहार किस किस किस किस किस किस इस पुरुष प्रधान समाज में पड़ेगा दी समस्त जाएगी तो उसका प्रभाव राष्ट्रपति का प्रभाव पड़ेगा जय गुरुदेव

jai gurudev hasne ki me panchayat samiti ka gathan karta hoon kya shuruati logo ke liye kuch mansik shakti ka anubhav karna samanya hai yadi aap log dhyan karte ho aadha ghante karte ho ya 45 minute karte ho toh iske liye jo ki shuruat se toh mansik shakti ka vikas hone ka jo ki samanya bason ko zyada ho jaega kyonki hum karenge uska prabhav padega lekin yadi aap log bhavatit dhyan karte ho toh isme se bahut saare aapki mansik shakti ka vikas hoga swasthya me phone karte toh zaroor kamla ke mansik shakti ka vikas hoga anubhav hoga aur dhire dhire aap usko badhate jaenge 1 mahina 2 mahina 6 mahina 1 saal toh pehle bhi aapko jitna accha laga hoga vaah koi mat samjhiye ki nahi jo mera shuruat se bahut mansik shakti ka hath mila galat baat hai kyonki aap bahut achi chijon ki aapko accha lagega chrome ek ghanta do ghanta 3 ghanta kar sakte ho toh us samay bhi aap aisi room me hai lekin aapka jo pehle jo aapko mehsus kiya kyonki aapka body ka temperature pura ho jaega ho sakta hai kyonki aap log aaye the phir bhi aapko theek usi tarah jis tarah aap bahar aa jaane ke baad aapko samajh me aaya ki main room me tha ki kuch is tarah diya block shuruat se dhyan karte karte phir aap log toh usko badhate mahina 1 saal toh aap logo ki aapka mind and body me jo ki hardik shubha ho jaega aapko phir bhi utana hi accha mehsus hoga jab aap pehle kiye the lekin aapko pata nahi chalta hai lekin jab aap loge tab aapko pata chalega kitna accha sach me bhi unnati kar sakte hain samaj unnati kar sakte hain tab jaati iska hamara vikas ho jata hai mansik shakti ka vikas swasthya me unnati samajik vyavhar kis kis kis kis kis kis is purush pradhan samaj me padega di samast jayegi toh uska prabhav rashtrapati ka prabhav padega jai gurudev

जय गुरुदेव हंसने की में पंचायत समिति का गठन करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक

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Charchit Baliyan

Psychiatrist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां शुरू में कुछ मानसिक शक्तियों का अनुभव हो सकता है परंतु यह प्रत्येक व्यक्ति को नहीं होता है और अच्छी बात है अगर कुछ मानसिक शक्तियों का आपको अनुभव हो रहा है तो आप को निरंतर उस व्यक्ति के साथ आपको ध्यान करना चाहिए महर्षि पतंजलि कहते हैं विश्व कावा ज्योतिषमति कि जो ऐसी लगती है जो जो कराई तब रखती है उसका ध्यान हम निरंतर करना चाहिए जो प्रभावशाली बत्ती है अगर आंच पर लगातार उसका ध्यान करते रहेंगे तो आपको रक्षक शंभू भविष्य में प्राप्त हो सकते हैं और निरंतर आप इसमें किसी भी शरीर के अंग में या न किसी नदी में यात्री चक्रों पर संयम करेंगे तो आपको लख-लख जो भूतिया भी मिलेंगी प्राप्त होंगी पर वह बहुत बड़ा लंबा प्रोसेस है परंतु एकाग्रता के लिए भूमध्य पर ध्यान लगाना अच्छा रहेगा स्थिरता के लिए पूर्व लाडी में ध्यान लगाना अच्छा रहेगा वह सारी सिद्धियां है तो आप जो अभी शुरुआत में लगे हुए हैं 45 मिनट का ध्यान करें तो बहुत अच्छी शुरुआत है आपकी आपको शुभकामनाएं परमपिता परमेश्वर आपको इसमें आगे और ले जाए और आपकी एकाग्रता बनी रहे और आप निरंतर ध्यान करते रहेंगे ऐसी हमारी शुभकामनाएं आपको

haan shuru me kuch mansik shaktiyon ka anubhav ho sakta hai parantu yah pratyek vyakti ko nahi hota hai aur achi baat hai agar kuch mansik shaktiyon ka aapko anubhav ho raha hai toh aap ko nirantar us vyakti ke saath aapko dhyan karna chahiye maharshi patanjali kehte hain vishwa kawa jyotishmati ki jo aisi lagti hai jo jo karai tab rakhti hai uska dhyan hum nirantar karna chahiye jo prabhavshali batti hai agar aanch par lagatar uska dhyan karte rahenge toh aapko rakshak sambhu bhavishya me prapt ho sakte hain aur nirantar aap isme kisi bhi sharir ke ang me ya na kisi nadi me yatri chakron par sanyam karenge toh aapko lakh lakh jo bhutiya bhi milegi prapt hongi par vaah bahut bada lamba process hai parantu ekagrata ke liye bhumadhya par dhyan lagana accha rahega sthirta ke liye purv ladi me dhyan lagana accha rahega vaah saari siddhiyan hai toh aap jo abhi shuruat me lage hue hain 45 minute ka dhyan kare toh bahut achi shuruat hai aapki aapko subhkamnaayain parampita parmeshwar aapko isme aage aur le jaaye aur aapki ekagrata bani rahe aur aap nirantar dhyan karte rahenge aisi hamari subhkamnaayain aapko

हां शुरू में कुछ मानसिक शक्तियों का अनुभव हो सकता है परंतु यह प्रत्येक व्यक्ति को नहीं होत

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ज्ञान में जितना सेटिंग बढ़ता जाएगा उतना ही आपकी मानसिक शांति भी मिलेगी और आपकी जो सत्य है वह जागृत होती जाएंगी आपको सब फिलिंग्स अपने आप होने लगेंगे और अपने आप सब आते खुद-ब-खुद सामने आने लगे विज्ञान का फायदा

gyaan me jitna setting badhta jaega utana hi aapki mansik shanti bhi milegi aur aapki jo satya hai vaah jagrit hoti jayegi aapko sab feelings apne aap hone lagenge aur apne aap sab aate khud bsp khud saamne aane lage vigyan ka fayda

ज्ञान में जितना सेटिंग बढ़ता जाएगा उतना ही आपकी मानसिक शांति भी मिलेगी और आपकी जो सत्य है

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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छी क्वेश्चन है आपकी मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मानसिक शक्ति का अनुभव कराना सामान्य है बिल्कुल सामान्य है सामान्य इसलिए है कि मैं बाकी लोगों को कराऊंगा जाकर आउंगी तो इससे पहले मेरे अंदर में वह चीज होना चाहिए अगर मेरे अंदर में है तो मैं बाकी लोगों को भी करा सकता हूं क्यों नहीं एकदम करा सकता हूं जरूर मानसिक शक्ति मानसिक शक्ति का अर्थ क्या है पहले मन की शक्ति मन की शक्ति मन कहां से आई आत्मा से आए आत्मा कहां से आए परमात्मा के पास है परमात्मा कौन है रहते कहां है इसको जाना अति आवश्यक जिस तरह से मोबाइल से बातें करते हैं तो इस पर टावर नहीं रहती तुम्हारे बातें नहीं होती है उस पर चार्ज नहीं देती है तो हमारा मोबाइल चलता नहीं है स्विच ऑफ हो जाता है इसी तरह हमारी आत्मा की कनेक्शन परमात्मा से यानी टावर उनसे टावर मिलती है और रही चार्ज जब तक परमात्मा से हमारी ज्ञान रूपी बुद्धि चार्ज नहीं होगी तब तक हमारी मन को शक्ति नहीं मिलेगी और हमारी मन को शक्ति नहीं मिलेगी तो हम मानसिक शक्ति दूसरे को अनुभव कर आ नहीं सकती अब हमारे अंदर वह जागृत हो जाए तो हम 45 मिनट में क्या हम 10 सेकंड में करवा सकते हैं 1 सेकंड में करा सकते हैं एकदम एक्यूरेट पहले अपने अंदर होना चाहिए और इसको करने के लिए जागरूक करने के लिए जाने के लिए आपको प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजयोग मेडिटेशन द्वारा 7 दिन की निशुल्क क्लासेस कराई जाएगी और यह मेडिटेशन सिखाई जाती है परमात्मा से कनेक्शन जोड़ने की शक्ति अनुभूति करने की शक्ति चर्चा करने की शक्ति प्रत्यक्ष करने की शक्ति यह आपके ऊपर है अगर साथ रोती क्लास एक रस्सी स्थिति से आप करोगे तो एक्यूरेट आपको अनुभूति हो जाएगी और आप भी दूसरे को अनुभूति करा सकते हो यह मैं गारंटी के साथ कह रही हूं यह मेरा शिव बाबा का फायदा है आप अपनी गूगल पर यूट्यूब पर सर्च करके आप देखिए आपको इसकी और भी डिटेल मिल जाएगी लंदन खुलती है तो आप अपने आसपास सेंटर होगी वहां जाकर 7 दिन की क्लासेस कीजिए

bahut achi question hai aapki main 45 minute tak dhyan karta hoon kya shuruati logo ke liye kuch mansik shakti ka anubhav krana samanya hai bilkul samanya hai samanya isliye hai ki main baki logo ko karaunga jaakar aungi toh isse pehle mere andar me vaah cheez hona chahiye agar mere andar me hai toh main baki logo ko bhi kara sakta hoon kyon nahi ekdam kara sakta hoon zaroor mansik shakti mansik shakti ka arth kya hai pehle man ki shakti man ki shakti man kaha se I aatma se aaye aatma kaha se aaye paramatma ke paas hai paramatma kaun hai rehte kaha hai isko jana ati aavashyak jis tarah se mobile se batein karte hain toh is par tower nahi rehti tumhare batein nahi hoti hai us par charge nahi deti hai toh hamara mobile chalta nahi hai switch of ho jata hai isi tarah hamari aatma ki connection paramatma se yani tower unse tower milti hai aur rahi charge jab tak paramatma se hamari gyaan rupee buddhi charge nahi hogi tab tak hamari man ko shakti nahi milegi aur hamari man ko shakti nahi milegi toh hum mansik shakti dusre ko anubhav kar aa nahi sakti ab hamare andar vaah jagrit ho jaaye toh hum 45 minute me kya hum 10 second me karva sakte hain 1 second me kara sakte hain ekdam ekyuret pehle apne andar hona chahiye aur isko karne ke liye jagruk karne ke liye jaane ke liye aapko prajapita brahmakumari ishwariya vishwavidyalaya rajyog meditation dwara 7 din ki nishulk classes karai jayegi aur yah meditation sikhai jaati hai paramatma se connection jodne ki shakti anubhuti karne ki shakti charcha karne ki shakti pratyaksh karne ki shakti yah aapke upar hai agar saath roti class ek rassi sthiti se aap karoge toh ekyuret aapko anubhuti ho jayegi aur aap bhi dusre ko anubhuti kara sakte ho yah main guarantee ke saath keh rahi hoon yah mera shiv baba ka fayda hai aap apni google par youtube par search karke aap dekhiye aapko iski aur bhi detail mil jayegi london khulti hai toh aap apne aaspass center hogi wahan jaakar 7 din ki classes kijiye

बहुत अच्छी क्वेश्चन है आपकी मैं 45 मिनट तक ध्यान करता हूं क्या शुरुआती लोगों के लिए कुछ मा

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Brajwasi sharma

Astrologer

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आपस में तो ध्यान करते बड़ी अच्छी बातें लेकर मात्र का भी जाप किया करिए कभी मंत्र का जाप करने से आदमी में शांति सुख समृद्धि का विकास होने लगता है सबसे पहले मन शांत होने लगता कि शांति मिलती है उसे मानसिक शांति मिलती है अंत में आपका मंगल करें धन्यवाद

aapas me toh dhyan karte badi achi batein lekar matra ka bhi jaap kiya kariye kabhi mantra ka jaap karne se aadmi me shanti sukh samridhi ka vikas hone lagta hai sabse pehle man shaant hone lagta ki shanti milti hai use mansik shanti milti hai ant me aapka mangal kare dhanyavad

आपस में तो ध्यान करते बड़ी अच्छी बातें लेकर मात्र का भी जाप किया करिए कभी मंत्र का जाप करन

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मुनि श्री अशोक कुमार मेरा नाम है

Business Owner ज्योतिष के विशेषज्ञ जनरल रोज

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prakash dev

Astrologer and meditation guru

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हरि ओम देखिए शुरुआती लोगों के लिए भी ध्यान से मानसिक शांति का अनुभव करना सामान्य है और कई बार ऐसा भी होता है कि जो व्यक्ति पहली बार ध्यान कर रहा है उसका ध्यान जो व्यक्ति पिछले 5 साल से ध्यान कर है उससे भी आगे का देखिए ध्यान तब तक पूरा नहीं कह सकते जब तक आप निर्विचार ताकि स्थिति पर नहीं पहुंचा नहीं पहुंच पाते इसलिए सबसे पहले में जितने भी लोग ध्यान करते हैं उनको यही कहूंगा कि ध्यान क्या है और ध्यान कैसे करना है इस बात को भली प्रकार से समझें और एक बात कहना चाहूंगा कि ध्यान मात्र अगर आपका ध्यान 1 मिनट के लिए भी लग जाए तो भी बड़ी बात है और जिस दिन वाक्य में ही आपका ध्यान लग जाएगा और आप यह कहना ही छोड़ देंगे कि मैं ध्यान करता हूं क्योंकि करना शरीर का धर्म है इंद्रियों का धर्म है आत्मा तो करता है और ध्यान का संबंध हमारी चेतना से है हमारी तहसील नहीं है इसलिए आपको जब आप ध्यान की गहराई में उतरते हैं तो सिर्फ उस चैतन्या को सिर्फ आपको अपना ही बहुत रहता है शरीर एक पल से ऊपर उठने की बात आ जाती है ओशो आती लोग भी जरूर प्रयास करें पर एक बात का ध्यान रखें कि कहीं पर कंसंट्रेट नहीं करना को कि ध्यान मेडिटेशन इज नॉट कर सकते हैं ध्यान कहीं एकाग्रता ना बन जाए ध्यान करने वालों की एकाग्रता स्वयं बन जाते हैं अपने आप और में एकाग्रता आ जाती है पर ध्यान एकाग्रता का विषय नहीं है ध्यान शरीर से अलग होने का विषय है इस बात को अगर आपके जीवन में कोई सद्गुरु है कोई ग्रुप है तो वह आपको वही प्रकार समझा सकते हैं और कई बार क्या होता है कुछ लोग किसी जगह पर केंद्रित कर लेते हैं दोनों आंखों के बीच में ध्यान केंद्रित करते हैं तो उससे कोई इंसान होने का भी डर बना रहता है धन्यवाद

hari om dekhiye shuruati logo ke liye bhi dhyan se mansik shanti ka anubhav karna samanya hai aur kai baar aisa bhi hota hai ki jo vyakti pehli baar dhyan kar raha hai uska dhyan jo vyakti pichle 5 saal se dhyan kar hai usse bhi aage ka dekhiye dhyan tab tak pura nahi keh sakte jab tak aap nirvichar taki sthiti par nahi pohcha nahi pohch paate isliye sabse pehle me jitne bhi log dhyan karte hain unko yahi kahunga ki dhyan kya hai aur dhyan kaise karna hai is baat ko bhali prakar se samajhe aur ek baat kehna chahunga ki dhyan matra agar aapka dhyan 1 minute ke liye bhi lag jaaye toh bhi badi baat hai aur jis din vakya me hi aapka dhyan lag jaega aur aap yah kehna hi chhod denge ki main dhyan karta hoon kyonki karna sharir ka dharm hai indriyon ka dharm hai aatma toh karta hai aur dhyan ka sambandh hamari chetna se hai hamari tehsil nahi hai isliye aapko jab aap dhyan ki gehrai me utarate hain toh sirf us chaitanya ko sirf aapko apna hi bahut rehta hai sharir ek pal se upar uthane ki baat aa jaati hai osho aati log bhi zaroor prayas kare par ek baat ka dhyan rakhen ki kahin par concentrate nahi karna ko ki dhyan meditation is not kar sakte hain dhyan kahin ekagrata na ban jaaye dhyan karne walon ki ekagrata swayam ban jaate hain apne aap aur me ekagrata aa jaati hai par dhyan ekagrata ka vishay nahi hai dhyan sharir se alag hone ka vishay hai is baat ko agar aapke jeevan me koi sadguru hai koi group hai toh vaah aapko wahi prakar samjha sakte hain aur kai baar kya hota hai kuch log kisi jagah par kendrit kar lete hain dono aakhon ke beech me dhyan kendrit karte hain toh usse koi insaan hone ka bhi dar bana rehta hai dhanyavad

हरि ओम देखिए शुरुआती लोगों के लिए भी ध्यान से मानसिक शांति का अनुभव करना सामान्य है और कई

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