एक तरफ़ जहाँ चायनीज़ चीज़ों का लोग इस्तेमाल करने से डरते हैं वहीं अलीबाबा जैसी कम्पनी के समान तेज़ी से बिक रहे हैं? उसपर आपकी क्या राय है? ...


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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका बस में एक तरफ जहां चाइनीस चीजों को लोग स्नान करने से डरते हैं वहीं अलीबाबा जैसे कंपनी का समान तेरी से बिक रहे हैं उस पर आपकी क्या राय है तो देखे बिल्कुल सही मुद्दा यहां पर आप उठाया है कि हम लोग कब ऐसे सदस्य चिल्लाते बहुत हैं व्हाट्सएप पर फेसबुक पर बहुत सारे मैसेज पढ़ भी करते हैं लेकिन जब खुद अपनाने की बारी आती है तो पीछे हट जाते हैं क्यों क्योंकि चाइनीस प्रोडक्ट एक चीज जरूर है कि जितने कम पैसों में जितने रेफ्रिजर 40 मिनट के अंदर मिल जाते हैं उतने दूसरे किसी भी कंट्री की डिवाइस हो या कुछ भी हो यह दूसरी कंपनी के प्रोडक्ट हूं उसमें इतना ज्यादा है आपको फीचर किसने अदा कम पैसों में चीजें नहीं मिल पाते हैं और यही कारण है कि लोग जब कंपैरिजन में जाते हैं तो फिर वह चाइनीस प्रोडक्ट उनको ज्यादा बेहते हैं ज्यादा पसंद आते हैं भले ही वह कितने भी शोर-शराबा करने मंे कितना वह मेक इन इंडिया मेड इन इंडिया के बातें कर ले लेकिन जब खरीद की बारी आती है तो वह खुद उसी लाइन में खड़े होते हैं जहां पर चाइनीस प्रोडक्ट बिक रहे होते हैं वह यह थोड़ा सा अकाउंट एडिक्शन है लोगों की सोच में भी और लोगों के व्यवहार में भी में शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

namaskar aapka bus me ek taraf jaha Chinese chijon ko log snan karne se darte hain wahi alibaba jaise company ka saman teri se bik rahe hain us par aapki kya rai hai toh dekhe bilkul sahi mudda yahan par aap uthaya hai ki hum log kab aise sadasya chillate bahut hain whatsapp par facebook par bahut saare massage padh bhi karte hain lekin jab khud apnane ki baari aati hai toh peeche hut jaate hain kyon kyonki Chinese product ek cheez zaroor hai ki jitne kam paison me jitne refrijar 40 minute ke andar mil jaate hain utne dusre kisi bhi country ki device ho ya kuch bhi ho yah dusri company ke product hoon usme itna zyada hai aapko feature kisne ada kam paison me cheezen nahi mil paate hain aur yahi karan hai ki log jab kampairijan me jaate hain toh phir vaah Chinese product unko zyada behte hain zyada pasand aate hain bhale hi vaah kitne bhi shor sharaba karne mane kitna vaah make in india made in india ke batein kar le lekin jab kharid ki baari aati hai toh vaah khud usi line me khade hote hain jaha par Chinese product bik rahe hote hain vaah yah thoda sa account addiction hai logo ki soch me bhi aur logo ke vyavhar me bhi me subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

नमस्कार आपका बस में एक तरफ जहां चाइनीस चीजों को लोग स्नान करने से डरते हैं वहीं अलीबाबा जै

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका की चाइनीस जो सस्ता होता है समान चाइनीस चीजें लोग बिल्कुल इस्तेमाल कर रहे हैं और अलीबाबा अमेजॉन जैसी कंपनियां जो है उनका सामान थी उसी से बिक रहा है तू इंडियन इकॉनमी का क्या होगा उसे बड़ी बात है कि जैसे-जैसे ग्लोबलाइजेशन इंडस लाइजेशन आ रहा है भारत के व्यापारियों को भी उसी तरीके से अपने आपको तैयार करना होगा नहीं पहले जैसे जो है व्यापार होता था उसे बदलनी पड़ेगी आप उसी तरीके से कंपटीशन में आना होगा उसी तरीके से कंप्लीट करना होगा जैसे-जैसे जो है दुनिया कर रही है या फिर जो कुछ चैट जियो अलीबाबा या में सोनिया चाइनीस प्रोडक्ट यूज कर रहे हैं उससे कुछ अलग ऐसी चीजें लानी होंगी जिससे लोग जो है आकर्षित होने वाली ना पसंद करें दिखी व्यापार जो है वह पहले भी मुश्किल ही था ऐसा नहीं है क्या पहले अगर व्यापार करना चाहे अगर आप किसी पुराने व्यापारी से पूछ रहे हो और उसे कहे कि क्या उस टाइम पर व्यापार आसान था नहीं व्यापार हमेशा से ही मुश्किल था प्रतिस्पर्धा हमेशा से ही थी लेकिन नई-नई से आ रही है नई-नई आज है डिफिकल्टीज आ रही है जिनका सामना जो है करना होगा गुड लक

bahut hi accha sawaal hai aapka ki Chinese jo sasta hota hai saman Chinese cheezen log bilkul istemal kar rahe hain aur alibaba amazon jaisi companiya jo hai unka saamaan thi usi se bik raha hai tu indian economy ka kya hoga use badi baat hai ki jaise jaise globalization indus laijeshan aa raha hai bharat ke vyapariyon ko bhi usi tarike se apne aapko taiyar karna hoga nahi pehle jaise jo hai vyapar hota tha use badalni padegi aap usi tarike se competition mein aana hoga usi tarike se complete karna hoga jaise jaise jo hai duniya kar rahi hai ya phir jo kuch chat jio alibaba ya mein sonia Chinese product use kar rahe hain usse kuch alag aisi cheezen lani hongi jisse log jo hai aakarshit hone wali na pasand kare dikhi vyapar jo hai vaah pehle bhi mushkil hi tha aisa nahi hai kya pehle agar vyapar karna chahen agar aap kisi purane vyapaari se puch rahe ho aur use kahe ki kya us time par vyapar aasaan tha nahi vyapar hamesha se hi mushkil tha pratispardha hamesha se hi thi lekin nayi nayi se aa rahi hai nayi nayi aaj hai difficulties aa rahi hai jinka samana jo hai karna hoga good luck

बहुत ही अच्छा सवाल है आपका की चाइनीस जो सस्ता होता है समान चाइनीस चीजें लोग बिल्कुल इस्तेम

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक तरफ जहां चाइनीस चीजों का लोग इस्तेमाल करने से डरते हैं वही अलीबाबा जैसी कंपनी के समय तेजी सभी करें इस पर आती क्या है जी हां बिल्कुल सत्य वचन है कि चाइनीस चीजों का माल लोक करने से डरते हैं परहेज करते हैं क्योंकि इसकी जुराब लिपि के होती है उसकी लाइफ बहुत कम लेकिन भारत के लोग की खासियत यह है कि वह लोग हमेशा सस्ता खुश थे 25 जून को सस्ते से सस्ती चाहिए वहां अच्छे से अच्छे चाहिए अच्छी नहीं मिल रही है तब भी सस्ती मिल रही है तो लोग उसको लेते हैं अलिबाबा के सी साइट पर उनको सस्ती चीजें मिल जाती है भले वह चाइनीस है उसके वीवो v11 काम हो लेकिन सस्ता होने कारण उसका माल अलीबाबा के साथ धड़ाधड़ बिखरा जो चाल है लोगों की मानसिकता है उसको हम बदल नहीं सकते महात्मा गांधी ने कहा था स्वदेशी अपनाओ लेकिन महात्मा गांधी जी की बात को कौन मानता है महात्मा गांधी जी ने बहुत कुछ कहा था लेकिन उनके विचारों को आज के परिपेक्ष में लोग नहीं मानते हैं और अलिबाबा के साइड से धड़ाधड़ चाइनीस सामान खरीद रहे हैं और सस्ता पड़ रहा है उनको बस उनको यही चाहिए कम से कम पैसे में अच्छे से अच्छा सामान हम अपने घर में ले हैं मंगवाने कहीं जाना भी नहीं पड़ता है ऑनलाइन आ जाता तहसील देवरी का फैसिलिटी है एडवांस पेमेंट नहीं देना है ऊपर से अगर हमें चीज पसंद ना आए तो हर एक का 10 से 15 दिन का लिमिट होता है मुझको वापस भी दे सकते हैं इसलिए इतनी फैसिलिटी जब मिल रही है तो लोग अलिबाबा के साइड से चाइनीस सामान खरीद रहे हैं यह लोगों की मानसिकता धीरे-धीरे बढ़ने से रोकना मुश्किल धन्यवाद

ek taraf jaha Chinese chijon ka log istemal karne se darte hain wahi alibaba jaisi company ke samay teji sabhi kare is par aati kya hai ji haan bilkul satya vachan hai ki Chinese chijon ka maal lok karne se darte hain parhej karte hain kyonki iski jurab lipi ke hoti hai uski life bahut kam lekin bharat ke log ki khasiyat yah hai ki vaah log hamesha sasta khush the 25 june ko saste se sasti chahiye wahan acche se acche chahiye achi nahi mil rahi hai tab bhi sasti mil rahi hai toh log usko lete hain alibaba ke si site par unko sasti cheezen mil jaati hai bhale vaah Chinese hai uske vivo v11 kaam ho lekin sasta hone karan uska maal alibaba ke saath dhadadhad bikhra jo chaal hai logo ki mansikta hai usko hum badal nahi sakte mahatma gandhi ne kaha tha swadeshi apnao lekin mahatma gandhi ji ki baat ko kaun manata hai mahatma gandhi ji ne bahut kuch kaha tha lekin unke vicharon ko aaj ke paripeksh mein log nahi maante hain aur alibaba ke side se dhadadhad Chinese saamaan kharid rahe hain aur sasta pad raha hai unko bus unko yahi chahiye kam se kam paise mein acche se accha saamaan hum apne ghar mein le hain mangwane kahin jana bhi nahi padta hai online aa jata tehsil deori ka facility hai advance payment nahi dena hai upar se agar hamein cheez pasand na aaye toh har ek ka 10 se 15 din ka limit hota hai mujhko wapas bhi de sakte hain isliye itni facility jab mil rahi hai toh log alibaba ke side se Chinese saamaan kharid rahe hain yah logo ki mansikta dhire dhire badhne se rokna mushkil dhanyavad

एक तरफ जहां चाइनीस चीजों का लोग इस्तेमाल करने से डरते हैं वही अलीबाबा जैसी कंपनी के समय ते

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I T BRAIN

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर हमको अपने देश के बारे में सोचना है तो हमें घर में अपने आसपास बनी हुई चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए दिखा देते नहीं जाना चाहिए

agar hamko apne desh ke bare mein sochna hai toh hamein ghar mein apne aaspass bani hui chijon ka istemal karna chahiye dikha dete nahi jana chahiye

अगर हमको अपने देश के बारे में सोचना है तो हमें घर में अपने आसपास बनी हुई चीजों का इस्तेमाल

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santosh kumar jain

Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इन कंपनियों के बढ़ने की एक वजह है हर चीजों का हर जगह उपलब्ध नहीं होता हो ना जैसे मुझे पानी की बोतल चाहिए 2 लीटर की कैपेसिटी में लेकिन वह मुझे मिल नहीं रही है तो मुझे मजबूरन ऑनलाइन मंगाना पड़ेगा साथ में यह प्रयास सिर्फ जनता ही क्यों करें सरकार तो अपने बड़े-बड़े 3000 करोड़ की मूर्ति का जो ठेका है वह चीन की कंपनी को दे दिया तो बड़े-बड़े टेंडर्स विदेशों को दे रही है अब इसमें जनता ही अपनी जिम्मेदारी निभाएगी तो कैसे काम चलेगा इसलिए जनता के साथ-साथ सरकार का भी सहयोग अपेक्षित है

in companion ke badhne ki ek wajah hai har chijon ka har jagah uplabdh nahi hota ho na jaise mujhe paani ki bottle chahiye 2 litre ki capacity mein lekin vaah mujhe mil nahi rahi hai toh mujhe majaburan online maangna padega saath mein yah prayas sirf janta hi kyon kare sarkar toh apne bade bade 3000 crore ki murti ka jo theka hai vaah china ki company ko de diya toh bade bade tenders videshon ko de rahi hai ab isme janta hi apni jimmedari nibhayegi toh kaise kaam chalega isliye janta ke saath saath sarkar ka bhi sahyog apekshit hai

इन कंपनियों के बढ़ने की एक वजह है हर चीजों का हर जगह उपलब्ध नहीं होता हो ना जैसे मुझे पानी

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