हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है?...


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Aditya Vikram Lohia

Certified Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपना जो भी लाइफ का गोल है और जो भी फास्ट है वह इसलिए होना चाहिए कि हम लोग कहीं जाकर सेटिस्फाइड अल्टीमेटली कारण ही होता है सारा गुलजार सब चीज का क्योंकि मैं नीचे पीपल हूं ठीक है मगर इसका उपाय है इसका उपाय यह है कि ग्रैजुअली वन हस टुडे लाइफ एक्सप्लेनेशन नाउ हम लोग गोल किए और ठीक है गोल है मगर हमारा लाइक कमेंट में रह रहे हैं उसमें व्हेन ई स्टार्ट लिविंग इन द प्रेजेंट पार्क

apna jo bhi life ka gol hai aur jo bhi fast hai vaah isliye hona chahiye ki hum log kahin jaakar setisfaid altimetli karan hi hota hai saara guljar sab cheez ka kyonki main niche pipal hoon theek hai magar iska upay hai iska upay yah hai ki graijuali van has today life explanation now hum log gol kiye aur theek hai gol hai magar hamara like comment mein reh rahe hain usme when ee start living in the present park

अपना जो भी लाइफ का गोल है और जो भी फास्ट है वह इसलिए होना चाहिए कि हम लोग कहीं जाकर सेटिस्

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी पहले तो आपको यह डिसाइड करना है कि आप खुश रहना चाहते हैं जो आप डिसाइड करेंगे कि आप खुश रहना चाहते हैं तो आपके जो थॉट्स होंगे जो आपकी चॉइस लाइफ में ऐसी डायरेक्शन में होंगे कि अब वही चीजें करेंगे जिससे आपको खुशी मिलती है आपका बर्ताव का दिनचर्या आपका बिहेवियर सब ऐसे ही रहेगा जहां पर आप फ्रेंडली रहे खुश रहे जहां पर लोग आपको पसंद करें और आप अप्रोचेबल होता के लोग आपसे आकर मिल सके आपका जो काम हो उसमें आप मन लगा सकते हैं खुश होंगे और आपके रिश्ते हेल्दी होंगे रिश्ते भी आपके बहुत ही डिसाइड कर लेता है कि वह संतुष्ट रहेगा उसके पास जो है और आगे आने वाली चीजों के लिए मेहनत करता है यह जानते हुए कि जो भी होगा उसे वह संतुष्ट ही रहेगा वह उसके होंठ या उसकी सोच है उसकी इमोशंस को बदलेगा नहीं तो संतुष्ट रहना आसान है लेकिन मैं यहां यह भी कहना चाहूंगी कि हमें चाहिए कि हम आज के आज कल के स्ट्रेस और टेंशन से अगर मैं बाहर आना है तो थोड़ा वक्त अकेले में बताना जरूरी है अगर आप यह रोज नहीं कर सकते तो हफ्ते में एक बार जाकर आप अकेले बैठ जाइए कमरे में और आपको चाहिए कि कोई मेरे शंकर म्यूजिक लगाइए और बस सिर्फ आगरा मेडिटेशन नहीं कर सकते तो बस आंख बंद करके बैठ गई आपको कोई थॉट्स अगर डिस्टर्ब करते हैं तो उन्हें जाने दीजिए उसके बारे में सोचिए मत यह खा बैठे जो प्रेक्टिस करें तो आ जाएगा मेडिटेशन संसार एकदम काम हो जाता है उनके दिमाग में थॉट इतने सारे नहीं आते आप देखेंगे कि एक नॉरमल इंसान के दिमाग में इतने सारे थॉट्स एक साथ रहते हैं कि वह काफी डिस्टर्ब होता है लेकिन ध्यान और मेडिटेशन करने के बाद दूध थॉट आते हैं वह काफी कम हो जाते हैं और एक वक्त ऐसा भी आता है कि थॉट तभी आएंगे जब आप उन्हें बुलाएंगे तो आपको चाहिए कि आप अपने माइंड को कंट्रोल में रखें अपने सीलिंग स्कोर आप पॉजिटिव रखें और डिसाइड करें कि आप संतुष्ट और खुश रहना चाहते हैं

dekhi pehle toh aapko yah decide karna hai ki aap khush rehna chahte hai jo aap decide karenge ki aap khush rehna chahte hai toh aapke jo thoughts honge jo aapki choice life mein aisi direction mein honge ki ab wahi cheezen karenge jisse aapko khushi milti hai aapka bartaav ka dincharya aapka behaviour sab aise hi rahega jaha par aap friendly rahe khush rahe jaha par log aapko pasand kare aur aap aprochebal hota ke log aapse aakar mil sake aapka jo kaam ho usme aap man laga sakte hai khush honge aur aapke rishte healthy honge rishte bhi aapke bahut hi decide kar leta hai ki vaah santusht rahega uske paas jo hai aur aage aane wali chijon ke liye mehnat karta hai yah jante hue ki jo bhi hoga use vaah santusht hi rahega vaah uske hooth ya uski soch hai uski emotional ko badlega nahi toh santusht rehna aasaan hai lekin main yahan yah bhi kehna chahungi ki hamein chahiye ki hum aaj ke aaj kal ke stress aur tension se agar main bahar aana hai toh thoda waqt akele mein bataana zaroori hai agar aap yah roj nahi kar sakte toh hafte mein ek baar jaakar aap akele baith jaiye kamre mein aur aapko chahiye ki koi mere shankar music lagaaiye aur bus sirf agra meditation nahi kar sakte toh bus aankh band karke baith gayi aapko koi thoughts agar disturb karte hai toh unhe jaane dijiye uske bare mein sochiye mat yah kha baithe jo practice kare toh aa jaega meditation sansar ekdam kaam ho jata hai unke dimag mein thought itne saare nahi aate aap dekhenge ki ek normal insaan ke dimag mein itne saare thoughts ek saath rehte hai ki vaah kaafi disturb hota hai lekin dhyan aur meditation karne ke baad doodh thought aate hai vaah kaafi kam ho jaate hai aur ek waqt aisa bhi aata hai ki thought tabhi aayenge jab aap unhe bulaayenge toh aapko chahiye ki aap apne mind ko control mein rakhen apne ceiling score aap positive rakhen aur decide kare ki aap santusht aur khush rehna chahte hain

देखी पहले तो आपको यह डिसाइड करना है कि आप खुश रहना चाहते हैं जो आप डिसाइड करेंगे कि आप खुश

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे ख्याल से जीवन में संतोष आता है ज्ञान से अंडरस्टैंडिंग से आपको इन बातों को बहुत गहराई से समझना होता है कि आपके पास जो कुछ है उतने में आप खुश हो और जो इसको प्रैक्टिकली अप्लाई करने के लिए मैं छोटी से 1 साइज बता सकती हूं कि आप रोज सुबह उठकर अपने जीवन में जो अच्छी बातें हैं आपके पास जो कुछ है उसके लिए धन्यवाद करें भगवान का ईश्वर का अल्लाह जिसे भी आप मानते हैं तो रोज जब आप की आदत बन जाएगी क्या आपके पास जो चीजें हैं आप उसके लिए बहुत खुश हो तो आपके मन में धीरे-धीरे वह संतोष की भावना पैदा हो जाएगी और कुछ समय बाद आपके पास जो है आप उसी में बहुत खुश रहा करो कि और मेरे ख्याल से इसे ही संतोष कहते हैं

mere khayal se jeevan mein santosh aata hai gyaan se understanding se aapko in baaton ko bahut gehrai se samajhna hota hai ki aapke paas jo kuch hai utne mein aap khush ho aur jo isko practically apply karne ke liye main choti se 1 size bata sakti hoon ki aap roj subah uthakar apne jeevan mein jo achi batein hain aapke paas jo kuch hai uske liye dhanyavad kare bhagwan ka ishwar ka allah jise bhi aap maante hain toh roj jab aap ki aadat ban jayegi kya aapke paas jo cheezen hain aap uske liye bahut khush ho toh aapke man mein dhire dhire vaah santosh ki bhavna paida ho jayegi aur kuch samay baad aapke paas jo hai aap usi mein bahut khush raha karo ki aur mere khayal se ise hi santosh kehte hain

मेरे ख्याल से जीवन में संतोष आता है ज्ञान से अंडरस्टैंडिंग से आपको इन बातों को बहुत गहराई

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Ajay Kumar

Motivational Guru

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन में संतोष मिलना केवल और केवल हमारी इच्छा पर निर्भर करता है जितनी कम इच्छाएं होंगी जीवन में उतना ही संतोष होगा और मन शांत होगा जितनी इच्छा है अधिक होगी मन उतना ही इच्छाओं के पीछे भागेगा और जब मांग मन भागता ही रहेगा तो ना तो शांति मिलेगी और ना ही संतोष इसलिए अपने जीवन में जितना हो सके उतना इच्छा पर नियंत्रण रखें तभी आप को शांति और संतोष दोनों मिलेंगे

jeevan mein santosh milna keval aur keval hamari iccha par nirbhar karta hai jitni kam ichhaen hongi jeevan mein utana hi santosh hoga aur man shaant hoga jitni iccha hai adhik hogi man utana hi ikchao ke peeche bhagega aur jab maang man bhagta hi rahega toh na toh shanti milegi aur na hi santosh isliye apne jeevan mein jitna ho sake utana iccha par niyantran rakhen tabhi aap ko shanti aur santosh dono milenge

जीवन में संतोष मिलना केवल और केवल हमारी इच्छा पर निर्भर करता है जितनी कम इच्छाएं होंगी जीव

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Arjun Gaur

International Life Strategist

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है तो जीवन में संतोष सेटिस्फेक्शन जब भी मिलती है जब हम वह करते हैं जो हम करना चाहते हैं हम अपने पैशन को फॉलो करते हैं अपनी ड्रीम को फॉलो करते हैं हम अपने परिवार को अपने साथ रखते हैं और सबसे बड़ी बात है कि जब हम हम वह करते हैं जिसमें हमारे जिसे हमें खुशी मिलती है जिसमें हमें हैप्पीनेस मिलती है जिसमें हमें मजा आता है तो हम जीवन का हर एक कण इंजॉय करते हैं और एक और एक हर 1 सेकंड को अपने सेटिस्फेक्शन मानते हैं एक संतोष मानते हैं क्योंकि लाइफ हमारी जिंदगी मारी बहुत क्रिएटिव है बहुत इनोवेटिव होती है बहुत ही अच्छी होती है लेकिन हम लोग बहुत बार ऐसा करते हैं हम लोग को काम कर रहे होते जिसका हमारे को करने का मन नहीं करता है जिसके कारण हम हर रोज परेशान रहते हैं कि आज क्या करें क्या करें अब क्या करें और हमें क्या नया करना चाहिए आप जो नया करना चाहते हो जो डिफरेंट करना चाहते हो तो अलग करना चाहते हो और झुक कर रहे हो वो अलग वही आपके जीवन में सेटिस्फेक्शन दे सकता है कोई भी पैसा संतोष नहीं दे सकता कोई भी आपको फिल्म संतोष नहीं दे सकता आपको संतोष वही चीज देगी जो रोज आप करने की सोचते हो और उसको कर रहे हो और उसी में ही आप सफल होते हो जिंदगी में तो हमेशा वही करिए जो करने का मन है और उन सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ी है जो सपने अपने बचपन से अब तक देखे थे धन्यवाद

bahut hi accha question hai jeevan mein santosh kaise mil sakta hai toh jeevan mein santosh setisfekshan jab bhi milti hai jab hum vaah karte hain jo hum karna chahte hain hum apne passion ko follow karte hain apni dream ko follow karte hain hum apne parivar ko apne saath rakhte hain aur sabse badi baat hai ki jab hum hum vaah karte hain jisme hamare jise hamein khushi milti hai jisme hamein Happiness milti hai jisme hamein maza aata hai toh hum jeevan ka har ek kan enjoy karte hain aur ek aur ek har 1 second ko apne setisfekshan maante hain ek santosh maante hain kyonki life hamari zindagi mari bahut creative hai bahut innovative hoti hai bahut hi achi hoti hai lekin hum log bahut baar aisa karte hain hum log ko kaam kar rahe hote jiska hamare ko karne ka man nahi karta hai jiske karan hum har roj pareshan rehte hain ki aaj kya kare kya kare ab kya kare aur hamein kya naya karna chahiye aap jo naya karna chahte ho jo different karna chahte ho toh alag karna chahte ho aur jhuk kar rahe ho vo alag wahi aapke jeevan mein setisfekshan de sakta hai koi bhi paisa santosh nahi de sakta koi bhi aapko film santosh nahi de sakta aapko santosh wahi cheez degi jo roj aap karne ki sochte ho aur usko kar rahe ho aur usi mein hi aap safal hote ho zindagi mein toh hamesha wahi kariye jo karne ka man hai aur un sapno ko pura karne ke liye aage badhi hai jo sapne apne bachpan se ab tak dekhe the dhanyavad

बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है तो जीवन में संतोष सेटिस्फेक्शन ज

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker | Career Coach | Business Coach | Marketing & Management Expert's

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सेटिस्फेक्शन जो है ना अब वह होता है कि हम लोग भी कुछ काम कर रहे हैं आज सेटिस्फेक्शन या संतोष से जो है वह कैसा मींस इसका यह है कि अगर हम लोगों का कभी कभी क्या होता है जैसे मान लो किसी इंसान का यह रहता है कि उसने ₹100000 कमा लिया फिर वह चाहता है कि मैं दो लाख तीन लाख कमाओ चावला कमाओ उसकी केटेगरी वह जाती जाती है तो इसके लिए इंसान को कुछ नहीं करना इसके लिए एक टारगेट फिक्स करके उस पर वर्क करना है और उस टारगेट के उस डायरी में उसको काम करना है एग्जांपल मैं आपको बताना चाहूंगा एक बार क्या हुआ कि विवेक बिंद्रा सॉरी संदीप जी संदीप माहेश्वरी जी का नाम सुना है आपने जो होते हैं उनकी कंपनी इंडिया की इमेजेस बाजार रोड इमेजेस बाजार डॉट कॉम जो कंपनी है वह काफी अच्छी ग्रोथ कर दी थी और इंडिया के जितने भी बड़े बड़े बिजनेसमैन ही सोच रहे थे कि यह कंपनी काफी बड़ी ग्रोथ करके और काफी आगे जाएगी लेकिन संदीप माहेश्वरी जी ने क्या किया और अपने को बैंक में ले लिया पीछे ले लिया क्योंकि वह कहते हैं वह सर यह बोल कि किसी दुनिया की सबसे बड़ी चीज को पाने से कोई मतलब नहीं है मतलब दुनिया में सबसे बड़ा बनने से कोई मतलब नहीं है वह करना चाहिए जो अपना दिल करता है वह करना चाहिए जो अपना मन करता है और उसमें संतोष आपको अपने आप मिल जाएगा और उस उस चीज के लिए आप संतोष ले पाओगे और उस चीज को कर पाओगे तो कहने का मींस यह है कि आप जब तक जब तक किसी काम को लगे रहोगे करते रहोगे दिन रात चलते रहोगे जब तक वह वह काम आप करते रहोगे लेकिन उसमें संतोष तभी मिलेगा जब आप उसको दिल से माइंड से और एक यह सोच कर रखोगे कि मुझे इस लेवल आपको फिक्स करना पड़ेगा और उस लेवल तक आपको काम करना पड़ेगा

setisfekshan jo hai na ab vaah hota hai ki hum log bhi kuch kaam kar rahe hain aaj setisfekshan ya santosh se jo hai vaah kaisa means iska yah hai ki agar hum logo ka kabhi kabhi kya hota hai jaise maan lo kisi insaan ka yah rehta hai ki usne Rs kama liya phir vaah chahta hai ki main do lakh teen lakh kamao chawla kamao uski category vaah jaati jaati hai toh iske liye insaan ko kuch nahi karna iske liye ek target fix karke us par work karna hai aur us target ke us diary mein usko kaam karna hai example main aapko bataana chahunga ek baar kya hua ki vivek bindra sorry sandeep ji sandeep maheswari ji ka naam suna hai aapne jo hote hain unki company india ki images bazaar road images bazaar dot com jo company hai vaah kaafi achi growth kar di thi aur india ke jitne bhi bade bade bussinessmen hi soch rahe the ki yah company kaafi badi growth karke aur kaafi aage jayegi lekin sandeep maheswari ji ne kya kiya aur apne ko bank mein le liya peeche le liya kyonki vaah kehte hain vaah sir yah bol ki kisi duniya ki sabse badi cheez ko paane se koi matlab nahi hai matlab duniya mein sabse bada banne se koi matlab nahi hai vaah karna chahiye jo apna dil karta hai vaah karna chahiye jo apna man karta hai aur usme santosh aapko apne aap mil jaega aur us us cheez ke liye aap santosh le paoge aur us cheez ko kar paoge toh kehne ka means yah hai ki aap jab tak jab tak kisi kaam ko lage rahoge karte rahoge din raat chalte rahoge jab tak vaah vaah kaam aap karte rahoge lekin usme santosh tabhi milega jab aap usko dil se mind se aur ek yah soch kar rakhoge ki mujhe is level aapko fix karna padega aur us level tak aapko kaam karna padega

सेटिस्फेक्शन जो है ना अब वह होता है कि हम लोग भी कुछ काम कर रहे हैं आज सेटिस्फेक्शन या संत

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Laveenaa Sethi

Counsellor Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन में संतोष पाने के लिए आपको पहले तो वह हर चीज आईडेंटिफाई करनी पड़ेगी जो आप को खुश रखती है और वह चीज जो आपको है ना खुश रखती पहले आपको एक नोटबुक में लिखना चाहिए और हर वह चीज करनी चाहिए जो आपको खुश रखे तब जाकर आप जिंदगी में संतोष हो सकते हैं

jeevan mein santosh paane ke liye aapko pehle toh vaah har cheez aidentifai karni padegi jo aap ko khush rakhti hai aur vaah cheez jo aapko hai na khush rakhti pehle aapko ek notebook mein likhna chahiye aur har vaah cheez karni chahiye jo aapko khush rakhe tab jaakar aap zindagi mein santosh ho sakte hain

जीवन में संतोष पाने के लिए आपको पहले तो वह हर चीज आईडेंटिफाई करनी पड़ेगी जो आप को खुश रखती

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Kavita Chandak

Psychologist, Psychotherapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अखिलेश संतोष अगेन फीलिंग है हम उसके ऊपर क्या करता है मतलब हमारी क्या है वह डिलीट रहेंगी तो मैं अभी हमारी जो संतोष है वह हमें जल्दी खराब हो जाएगा और वही चीज में तुम तो शौक नहीं कर पाते और हम अंतरिक्ष और हमेशा उसको चीज को पाने के लिए हम ऊपर रहते हैं तो हमें स्मार्ट स्मार्ट अच्छी होनी चाहिए होनी चाहिए जो हम चाहते हैं हम

akhilesh santosh again feeling hai hum uske upar kya karta hai matlab hamari kya hai vaah delete rahegi toh main abhi hamari jo santosh hai vaah hamein jaldi kharab ho jaega aur wahi cheez mein tum toh shauk nahi kar paate aur hum antariksh aur hamesha usko cheez ko paane ke liye hum upar rehte hain toh hamein smart smart achi honi chahiye honi chahiye jo hum chahte hain hum

अखिलेश संतोष अगेन फीलिंग है हम उसके ऊपर क्या करता है मतलब हमारी क्या है वह डिलीट रहेंगी तो

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पाकिस्तान सेटलाइट सेटिस्फेक्शन देखिए इसका एक जवाब नहीं है क्योंकि इसी का एक जीवन नहीं है हर इंसान का जीवन उसकी अपनी जानी है तो जितने लोग आज सुन रहे हैं अधिक में लोग अभी तक इस धरती पर है आज सब का अपना जीवन है सबका अपनी जवानी है और उसमें हर एक इंसान की अपनी प्रॉब्लम से अपनी सलूशन से अपनी पर्सनालिटी है जिससे उनका सोचने का ढंग उनका अपना किस चीज से खुश होते हैं उसको वह बिल्कुल अलग अलग है तो अगर किसी एक के बारे में कहा जाए तो सही नहीं होगा आपको जीवन में एक रिट पिटिशन क्या चीज देती है कोई एक चीज नहीं है वह डिपेंड करती है कि आप जीवन से क्या चाहते हो आप की महत्वाकांक्षा मैंने आपका एंबीशन क्या है ना इसको लेकर आप रोज कैसे करते हो लाइफ को और जो भी चीज आपकी इच्छा है लाइफ में पानी की उसको पाने के लिए आप ने कितनी मेहनत की है या करते हुए स्नान करते हुए क्या से मुझे मिलेगी अगर आपको मिल जाए तो अपने आप ही आप संतुष्ट हो जाओगे और यह हर इंसान के लिए किसी के लिए पैसे से सेटिस्फेक्शन नहीं किसी के लिए एक बहुत ही सिंपल लाइफ रिप्रोडक्शन दे देगी और होगा तो हर इंसान के लिए क्योंकि हर इंसान की नींद और सोच और सेटिस्फेक्शन का जोश 8th है मतलब जो पॉइंट है जिसे कोटा टिकट होगा या होगी वह अलग है तो एक इंसान के लिए कहना मुश्किल है

pakistan setlait setisfekshan dekhiye iska ek jawab nahi hai kyonki isi ka ek jeevan nahi hai har insaan ka jeevan uski apni jani hai toh jitne log aaj sun rahe hain adhik mein log abhi tak is dharti par hai aaj sab ka apna jeevan hai sabka apni jawaani hai aur usme har ek insaan ki apni problem se apni salution se apni personality hai jisse unka sochne ka dhang unka apna kis cheez se khush hote hain usko vaah bilkul alag alag hai toh agar kisi ek ke bare mein kaha jaaye toh sahi nahi hoga aapko jeevan mein ek writ pitishan kya cheez deti hai koi ek cheez nahi hai vaah depend karti hai ki aap jeevan se kya chahte ho aap ki mahatwakanksha maine aapka embishan kya hai na isko lekar aap roj kaise karte ho life ko aur jo bhi cheez aapki iccha hai life mein paani ki usko paane ke liye aap ne kitni mehnat ki hai ya karte hue snan karte hue kya se mujhe milegi agar aapko mil jaaye toh apne aap hi aap santusht ho jaoge aur yah har insaan ke liye kisi ke liye paise se setisfekshan nahi kisi ke liye ek bahut hi simple life reproduction de degi aur hoga toh har insaan ke liye kyonki har insaan ki neend aur soch aur setisfekshan ka josh 8th hai matlab jo point hai jise quota ticket hoga ya hogi vaah alag hai toh ek insaan ke liye kehna mushkil hai

पाकिस्तान सेटलाइट सेटिस्फेक्शन देखिए इसका एक जवाब नहीं है क्योंकि इसी का एक जीवन नहीं है ह

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त यह संतोष क्या है क्या कोई वस्तु है मार्केट से मिलती है यह कौन सा प्लेटफार्म पर मिलती है कि नहीं संतोष माने साड़ी स्पार्किंग यह तो एक अवस्था है और यह फिजिकल अवस्था नहीं है यह आपकी मानसिक अवस्थाएं दिस इज नथिंग बट योर स्टेटस माइंड द रिजल्ट बहुत बहुत आभार रहे लेकिन अगर आप मानसिक रूप से संतोषजनक अवस्था में है तो कोई दिक्कत परेशानी आपको नहीं होगी आपका जीवन बहुत सुख तरीके से बीतेगा सोच कर देखिए तो वही अगला सवाल आता है तो मेरा जीवन संतोषजनक क्यों नहीं है देखिए प्राइमरी जब हम मैन्युफैक्चर हुए थे जब हम प्रोड्यूस हुए थे या जो हम ओरिजिनल है हमारा ओरिजिनल या आइडियल फॉर्म यही है कि हम पीस वाले इंसान हैं हम संतोष वाले इंसान हैं हमें खुशी या खुशी देना या खुशी वाले स्टेटस अच्छा लगता है हम ऐसे हैं लेकिन टाइम के साथ हमने क्या किया यह सारी चीजें हटाकर हमें दूसरी चीज़ों को जगह दे दी हम आज संतुष्ट हो गए किस्से भी उसके पास तो अच्छी नौकरी है उसका बिजनेस को बहुत अच्छा बढ़ रहा है उसके पास तो इतनी अच्छी लड़की है उसके पास गाड़ी है बंगला है यह कार है वह मॉडल का फोन है वगैरा-वगैरा तो हमने क्या किया हमने अपने आपको दूसरे से काम किया और पाया कि नहीं मैं उससे कम हूं और यहां पर शुरू शुरू हो गया और संतोष या अंतर्दृष्टि का कारण भले ही मेरे पास एडेक्वेट यह सफिशिएंट सुख है भौतिक सुख है जो भी कुछ चीजें परिवार का शुक्र है लेकिन जब मैं अपने आप को कम पर करता हूं तो मैं दुखी हो जाता हूं तो हमें अपने आप को कम प्यार नहीं करना चाहिए हमें यह देखना चाहिए कि मेरे पास जो है वह मेरे लिए काफी है इस जीवन के सर्वाइवल के लिए और अपलिफ्टमेंट के लिए नहीं है तो प्रयास कीजिए उसको भाई है लेकिन आशुतोष मत रहिए कोशिश कीजिए बी हैप्पी

dost yah santosh kya hai kya koi vastu hai market se milti hai yah kaun sa platform par milti hai ki nahi santosh maane saree sparking yah toh ek avastha hai aur yah physical avastha nahi hai yah aapki mansik avasthae this is nothing but your status mind the result bahut bahut abhar rahe lekin agar aap mansik roop se santoshjanak avastha mein hai toh koi dikkat pareshani aapko nahi hogi aapka jeevan bahut sukh tarike se bitegaa soch kar dekhiye toh wahi agla sawaal aata hai toh mera jeevan santoshjanak kyon nahi hai dekhiye primary jab hum mainyufaikchar hue the jab hum produce hue the ya jo hum original hai hamara original ya ideal form yahi hai ki hum peace waale insaan hai hum santosh waale insaan hai hamein khushi ya khushi dena ya khushi waale status accha lagta hai hum aise hai lekin time ke saath humne kya kiya yah saree cheezen hatakar hamein dusri cheezon ko jagah de di hum aaj santusht ho gaye kisse bhi uske paas toh achi naukri hai uska business ko bahut accha badh raha hai uske paas toh itni achi ladki hai uske paas gaadi hai bangla hai yah car hai vaah model ka phone hai vagaira vagaira toh humne kya kiya humne apne aapko dusre se kaam kiya aur paya ki nahi main usse kam hoon aur yahan par shuru shuru ho gaya aur santosh ya antardrishti ka karan bhale hi mere paas edekwet yah sufficient sukh hai bhautik sukh hai jo bhi kuch cheezen parivar ka shukra hai lekin jab main apne aap ko kam par karta hoon toh main dukhi ho jata hoon toh hamein apne aap ko kam pyar nahi karna chahiye hamein yah dekhna chahiye ki mere paas jo hai vaah mere liye kaafi hai is jeevan ke survival ke liye aur apaliftament ke liye nahi hai toh prayas kijiye usko bhai hai lekin ashutosh mat rahiye koshish kijiye be happy

दोस्त यह संतोष क्या है क्या कोई वस्तु है मार्केट से मिलती है यह कौन सा प्लेटफार्म पर मिलती

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Akashdeep Ghoshal

Clinical Psychologist

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्ती तो पहले जो है कि यह आइडिया होना चाहिए दिमाग में कुछ चाहिए क्या संतोष नहीं मिल पाता दुकान क्यूटी इंसान के दिमाग में प्रायोरिटी प्रायोरिटी बनना होगा फिर कम से कम अपने आप

dosti toh pehle jo hai ki yah idea hona chahiye dimag mein kuch chahiye kya santosh nahi mil pata dukaan cuttie insaan ke dimag mein priority priority banna hoga phir kam se kam apne aap

दोस्ती तो पहले जो है कि यह आइडिया होना चाहिए दिमाग में कुछ चाहिए क्या संतोष नहीं मिल पाता

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Narinder Bhatia

Life Coach, Mentor, Blogger & Motivational Speaker

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सेटिस्फेक्शन अटेंड करनी है मुश्किल भी है जरूरी आने जाना कि मैं किस से कुकस करता हूं लाइफ में अगर आप एक फोन में चले जाओगे कि मुझे ज्यादा से ज्यादा लेना है जल्दी से जल्दी लेना है तो वह उससे तो कोई अगर आप सोच भी जो मेरे पास है इस समय जो मेरे पास है मेरे ख्याल से मुझे इस समय के हिसाब से उतना ही मिलना है आगे मुझे और मिल सकता हार्ड वर्क करूं मेहनत करो इक्विलाइजेशन आपने लेकर चलना है तो किस साइड में हुई है वह टाइट लेखनी देहाती में प्लेट में इंजॉय जार्जिंस क्योंकि इस समय हो सकता है इसके लिए और इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कर सकता था इसलिए मुझे यही मिला तो दो मोर एंड मोर ज्यादा से ज्यादा और जल्दी से जल्दी की होड़ में लगोगे सेटिस्फेक्शन नहीं मिलेगा आपको इतने लग जाएगा तो भी उसे कोई नहीं होता उसका फीलिंग हैप्पी अबाउट व्हाट यू हैव वॉटर इंजॉय डूइंग अबाउट व्हाट इज वॉकिंग वृद्धि हो थैंक्स विल गेट का ताला एंड यू विल गेट व्हाट इज योर फ्यूचर इज एंजॉय करो जो आपको प्रेजेंट मोमेंट है उसे बेस्ट अपडेट करने की कोशिश करो

setisfekshan attend karni hai mushkil bhi hai zaroori aane jana ki main kis se kukas karta hoon life mein agar aap ek phone mein chale jaoge ki mujhe zyada se zyada lena hai jaldi se jaldi lena hai toh vaah usse toh koi agar aap soch bhi jo mere paas hai is samay jo mere paas hai mere khayal se mujhe is samay ke hisab se utana hi milna hai aage mujhe aur mil sakta hard work karu mehnat karo ikwilaijeshan aapne lekar chalna hai toh kis side mein hui hai vaah tight lakhni dehati mein plate mein enjoy jarjins kyonki is samay ho sakta hai iske liye aur isse zyada main kuch nahi kar sakta tha isliye mujhe yahi mila toh do mor and mor zyada se zyada aur jaldi se jaldi ki hod mein lagoge setisfekshan nahi milega aapko itne lag jaega toh bhi use koi nahi hota uska feeling happy about what you have water enjoy doing about what is walking vriddhi ho thanks will gate ka tala and you will gate what is your future is enjoy karo jo aapko present moment hai use best update karne ki koshish karo

सेटिस्फेक्शन अटेंड करनी है मुश्किल भी है जरूरी आने जाना कि मैं किस से कुकस करता हूं लाइफ म

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मिस्टर आपका प्रश्न है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है लेकिन संतोष प्राप्ति का एकमात्र मार्ग होता है हमारी इच्छाएं हमारे विचार और हमारी भाभी यदि हम अपने मन से जितना है जो भी साधन आपके पास है उसमें संतोष प्राप्त कर लेते हैं तो हमें जीवन में संतोष मिलेगा यदि चाहे आपके पास कितनी है सुख सुविधाएं हूं उनसे भी आपने असंतोष नहीं मिल रहा है तो ऐसी कोई भी वस्तु नहीं है जो आपको संतोष प्रदान कर पाए इसलिए संतोष आपका मानसिक विचार या मानसिक भागना है यदि आप उसको अपने अंदर उत्पन्न कर सकते हैं तो चाहे कम हो या दादा वह आपके मस्तिष्क में है तो इसलिए आपको अपने अनुसार संतोष प्राप्त करने की अनुभूति होनी चाहिए धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

mister aapka prashna hai hamein jeevan mein santosh kaise mil sakta hai lekin santosh prapti ka ekmatra marg hota hai hamari ichhaen hamare vichar aur hamari bhabhi yadi hum apne man se jitna hai jo bhi sadhan aapke paas hai usme santosh prapt kar lete hain toh hamein jeevan mein santosh milega yadi chahen aapke paas kitni hai sukh suvidhaen hoon unse bhi aapne asantosh nahi mil raha hai toh aisi koi bhi vastu nahi hai jo aapko santosh pradan kar paye isliye santosh aapka mansik vichar ya mansik bhaagna hai yadi aap usko apne andar utpann kar sakte hain toh chahen kam ho ya dada vaah aapke mastishk mein hai toh isliye aapko apne anusaar santosh prapt karne ki anubhuti honi chahiye dhanyavad aapka din shubha ho

मिस्टर आपका प्रश्न है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है लेकिन संतोष प्राप्ति का एकमात्र

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है सिंपल चीजें ज्यादा रखोगे तो संतोष लाने के लिए 19 तारीख है पूरी करनी पड़ेगी इच्छा कम रखोगे तो संतोष जितनी चाहे उतनी इच्छा पूरी करने के लिए संतोष रखना पड़ेगा कभी कबार हमारी बहुत सारी इच्छा होती है लेकिन कम इच्छाएं पूरी होती है और कुछ इच्छा पूरी नहीं होती तो वहां हमें सुकून वाली लाइट चाहिए कि हां ले लिया इतनी ही बहुत बड़ी बात है तो सुकून चाहिए तब हमें संतोष लाना चाहिए तो वह भी अपने है कि कोई सब कुछ पूरा करेगा अंसारी 6 पूरी करेगा कोई कम इच्छा पूरी करेगा किसी की ज्यादा हुई इच्छापुर है उसको खिलौने 45 है उसको 5 के पास खिलौने चाहिए लेकिन उसे 5 किलो ने नहीं मिलेगा कोई एक ही मिलेगा दूसरी चार खिलौने वह और चार बच्चों बच्चे उन्हें मिल जाएगा तो होना चाहिए खिलौने ओके मेरे पास एक आ गए मुझे चाहिए था सारे नहीं मिल सकते क्योंकि सब को भी एक-एक देना है और कोई बच्चा ऐसा होगा नहीं मुझे सभी चाहिए तो उसे सभी नहीं मिल पाएंगे उस टाइम भी उसे एक खिलौना करना पड़ेगा जी हां तो मदर फादर है वह बच्चों को बाद में दूसरे नया बड़ा वाला खिलौना देंगे तो वह मान जाएगा मिलता है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

aapka prashna hai hamein jeevan mein santosh kaise mil sakta hai simple cheezen zyada rakhoge toh santosh lane ke liye 19 tarikh hai puri karni padegi iccha kam rakhoge toh santosh jitni chahen utani iccha puri karne ke liye santosh rakhna padega kabhi kabar hamari bahut saree iccha hoti hai lekin kam ichhaen puri hoti hai aur kuch iccha puri nahi hoti toh wahan hamein sukoon wali light chahiye ki haan le liya itni hi bahut badi baat hai toh sukoon chahiye tab hamein santosh lana chahiye toh vaah bhi apne hai ki koi sab kuch pura karega ansari 6 puri karega koi kam iccha puri karega kisi ki zyada hui icchapur hai usko khilone 45 hai usko 5 ke paas khilone chahiye lekin use 5 kilo ne nahi milega koi ek hi milega dusri char khilone vaah aur char baccho bacche unhe mil jaega toh hona chahiye khilone ok mere paas ek aa gaye mujhe chahiye tha saare nahi mil sakte kyonki sab ko bhi ek ek dena hai aur koi baccha aisa hoga nahi mujhe sabhi chahiye toh use sabhi nahi mil payenge us time bhi use ek khilona karna padega ji haan toh mother father hai vaah baccho ko baad mein dusre naya bada vala khilona denge toh vaah maan jaega milta hai aapka din shubha ho dhanyavad

आपका प्रश्न है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है सिंपल चीजें ज्यादा रखोगे तो संतोष लाने

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Aditi Garg

Meditation Expert

0:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न काफी इंटरेस्टिंग है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है लेकिन संतोष पानी का स्तर एक ही एक ही एक मार्ग है और वह मेडिटेशन जब हम वेट करते हैं तो हमें बहुत शांति मिलती है सुकून मिलती है अपनी परेशानियों से लड़ने की हिम्मत मिलती है तो अगर आप जीवन में संतोष चाहते हैं तो उसका एकमात्र मार्ग यही है क्या मेडिटेशन पीछे ठीक है और हो सके तो आपको चैटिंग भी कर सकते सेंटेंस बहुत शांति पर मिलती है और जीवन की भागदौड़ है जो आपाधापी है उसे बहुत सुकून महसूस होता है आप हरे रामा हरे कृष्णा की पेंटिंग कर सकते इस्कॉन के मंत्र की या फिर आप ओम नमः शिवाय के चयन कर सकते हैं जो हमसे चैटिंग करते हैं काफी देर तक तो आप पाएंगे कि इन 5 मिनट बाद 1 मिनट बाद आपको माइंड बहुत रिलैक्स हो जाता है और आपको संतोष की अनुभूति होती है तो यह तरीके हैं संतोष पानी के थैंक यू

aapka prashna kaafi interesting hai hamein jeevan mein santosh kaise mil sakta hai lekin santosh paani ka sthar ek hi ek hi ek marg hai aur vaah meditation jab hum wait karte hai toh hamein bahut shanti milti hai sukoon milti hai apni pareshaniyo se ladane ki himmat milti hai toh agar aap jeevan mein santosh chahte hai toh uska ekmatra marg yahi hai kya meditation peeche theek hai aur ho sake toh aapko chatting bhi kar sakte sentence bahut shanti par milti hai aur jeevan ki bhagdaud hai jo apadhapi hai use bahut sukoon mehsus hota hai aap hare rama hare krishna ki painting kar sakte iskcon ke mantra ki ya phir aap om namah shivay ke chayan kar sakte hai jo humse chatting karte hai kaafi der tak toh aap payenge ki in 5 minute baad 1 minute baad aapko mind bahut relax ho jata hai aur aapko santosh ki anubhuti hoti hai toh yah tarike hai santosh paani ke thank you

आपका प्रश्न काफी इंटरेस्टिंग है हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है लेकिन संतोष पानी का स

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Ravinder Dahiya

Counselor, Motivational Speaker. C.E.O And Founder Of Shiva Follow On Youtube- Education World

0:46
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देखिए बहुत ही बड़े सवाल है कि जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है बता देता हूं आपको अपने दिमाग पर कंट्रोल करना होगा क्वालिटी अच्छी उतना क्या धीरे-धीरे खुद से

dekhiye bahut hi bade sawaal hai ki jeevan mein santosh kaise mil sakta hai bata deta hoon aapko apne dimag par control karna hoga quality achi utana kya dhire dhire khud se

देखिए बहुत ही बड़े सवाल है कि जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है बता देता हूं आपको अपने दिमाग

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Nupur Gupta

( Licensed Clinical Psychologist)

1:05
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हिमेश का आप का सवाल है जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है तो संतोष पाने के लिए आपको हमेशा अलग रहना है अपनी रिलैक्सेशन एक्सरसाइजेज आफ रेगुलर ली करें आप चैटिंग कर सकते हैं आप अपने माइंड में रीडिंग कर सकते हैं कुछ पढ़ सकते हैं जिससे आप को स्ट्रांग महसूस हो आपको अपने आप को आप बिजी रख सकते हैं किसी भी काम में सुधा टॉप सेटिस्फाइड रहे और सेटिस्फेक्शन ऐसा नहीं है कि किसी कोई चांटिंग से आ जाएगा या कुछ आप अगर ओम का उच्चारण करोगे तो आपको एकदम अशांति मिलेगा और टेंपरेरी रहता है पर रेगुलर बेसिस पर अपने माइंड को पीसफुल रखना जरूरी है रिलायंस ट्रैक्टर जरूरी है परिस्थिति को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना हर सिचुएशन से डाटा छोकर उसको आप सर्च करना और पॉजिटिव एटीट्यूड रखेंगे तो जरूर संतुष्ट महसूस करेंगे सिनेमा

himesh ka aap ka sawaal hai jeevan mein santosh kaise mil sakta hai toh santosh paane ke liye aapko hamesha alag rehna hai apni Relaxation eksarasaijej of regular li kare aap chatting kar sakte hain aap apne mind mein reading kar sakte hain kuch padh sakte hain jisse aap ko strong mehsus ho aapko apne aap ko aap busy rakh sakte hain kisi bhi kaam mein sudha top setisfaid rahe aur setisfekshan aisa nahi hai ki kisi koi chanting se aa jaega ya kuch aap agar om ka ucharan karoge toh aapko ekdam ashanti milega aur tempareri rehta hai par regular basis par apne mind ko peaceful rakhna zaroori hai reliance tractor zaroori hai paristithi ko apne upar haavi nahi hone dena har situation se data chokar usko aap search karna aur positive attitude rakhenge toh zaroor santusht mehsus karenge cinema

हिमेश का आप का सवाल है जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है तो संतोष पाने के लिए आपको हमेशा अलग

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Mahjabeen Ali

RJ | Cook | TV Anchor | VO Artist

1:48
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अपनी जिंदगी को दूसरों की जिंदगी के साथ कंपेयर करना बंद कर दें हमें जरूर से संतुष्टि की प्राप्ति होगी संतोष मिलेगा हमें अपने जीवन से क्योंकि हम आज कल क्या करने लग गए हैं कि हम दूसरे इंसान को देखते हैं यह देखते हैं कि उसके पास बड़ा बंगला है फाइव स्टार होटल में खाना खाने जाते हैं और ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं इसका मतलब यह इंसान बहुत खुश है और मुझे भी ऐसी जिंदगी चाहिए हालत यह जरूरी नहीं है हो सकता है कि आप दो रोटी खाकर सूती के कपड़े पहन कर अपने टू बीएचके फ्लैट में खुश रह सकते हैं लेकिन नहीं क्योंकि आपके सामने वाली की जिंदगी देखी है आप कंप्लीट करना शुरू कर देते हैं और वहीं पर से ही आपकी जिंदगी का सुकून जो है वह गायब होने लग जाता है सबसे बड़ा रीजन आजकल जो हम को संतुष्ट कर देता है वह है सोशल लाइफ जो सोशल मीडिया जो हमने सोशल मीडिया पर जो लाइफ जी रहे हो Facebook इंस्टाग्राम इस पर हम यह देखते हैं कि लोग किस तरीके के अपलोड कर रहे हैं लोगों की जिंदगी कितनी है लिंग हो रखी है हाला क्यों अपलोड में कोई सच्चाई नहीं होगी यह जरूरी नहीं है कि अगर इंसान ने बैलेंस में जाकर छुट्टी बनाई हैं आप स्टोर में जाकर छुट्टी बनाई है तो वह इंसान आपको कुछ दिख रहा है और वह कुछ है नहीं यह जरूरी नहीं है आपको पता ही नहीं है कि सिर्फ जानकी इंटर लाइफ में चल क्या रहा है सिर्फ और सिर्फ कुछ नहीं खाती हुई फोटो आपने अपलोड कर दी सोशल मीडिया पर तो आपको लगता है कि उस इंसान की जिंदगी तो बहुत आपने बोला क्या मुझे भी ऐसी जिंदगी चाहिए हाल है क्या मैं फोन नहीं कर सकते और हमें जरूरत भी नहीं है हम शाम में टाइप इंसान भी नहीं है हमें डाउनलोड करना पसंद ही नहीं है लेकिन क्योंकि हमें भी दूसरों को जलाने हम उसके बारे में सोचने लग जाते बहुत ही सीरियस कि यह सारी चीजें हमें करना बंद कर देना चाहिए अपनी जिंदगी में जो है जैसा है उससे ही संतुष्ट रहना सीखना चाहिए तो हमें खुशी की प्राप्ति होगी और हमने संतोष भी मिलेगा

apni zindagi ko dusro ki zindagi ke saath compare karna band kar de hamein zaroor se santushti ki prapti hogi santosh milega hamein apne jeevan se kyonki hum aaj kal kya karne lag gaye hai ki hum dusre insaan ko dekhte hai yah dekhte hai ki uske paas bada bangla hai five star hotel mein khana khane jaate hai aur branded kapde pehente hai iska matlab yah insaan bahut khush hai aur mujhe bhi aisi zindagi chahiye halat yah zaroori nahi hai ho sakta hai ki aap do roti khakar suti ke kapde pahan kar apne to BHK flat mein khush reh sakte hai lekin nahi kyonki aapke saamne wali ki zindagi dekhi hai aap complete karna shuru kar dete hai aur wahi par se hi aapki zindagi ka sukoon jo hai vaah gayab hone lag jata hai sabse bada reason aajkal jo hum ko santusht kar deta hai vaah hai social life jo social media jo humne social media par jo life ji rahe ho Facebook instagram is par hum yah dekhte hai ki log kis tarike ke upload kar rahe hai logo ki zindagi kitni hai ling ho rakhi hai haala kyon upload mein koi sacchai nahi hogi yah zaroori nahi hai ki agar insaan ne balance mein jaakar chhutti banai hai aap store mein jaakar chhutti banai hai toh vaah insaan aapko kuch dikh raha hai aur vaah kuch hai nahi yah zaroori nahi hai aapko pata hi nahi hai ki sirf janki inter life mein chal kya raha hai sirf aur sirf kuch nahi khati hui photo aapne upload kar di social media par toh aapko lagta hai ki us insaan ki zindagi toh bahut aapne bola kya mujhe bhi aisi zindagi chahiye haal hai kya main phone nahi kar sakte aur hamein zarurat bhi nahi hai hum shaam mein type insaan bhi nahi hai hamein download karna pasand hi nahi hai lekin kyonki hamein bhi dusro ko jalane hum uske bare mein sochne lag jaate bahut hi serious ki yah saree cheezen hamein karna band kar dena chahiye apni zindagi mein jo hai jaisa hai usse hi santusht rehna sikhna chahiye toh hamein khushi ki prapti hogi aur humne santosh bhi milega

अपनी जिंदगी को दूसरों की जिंदगी के साथ कंपेयर करना बंद कर दें हमें जरूर से संतुष्टि की प्र

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आज के दौर में संतोष मिल सकता पर यह आसान नहीं है फिर भी असंभव संतोष कैसे मिल सकता है इनका बहुत आता है तो अपनी सोच कर लेना होगा जिसकी सोच छोटी हो जाएगी खुश हो जाएगा

aaj ke daur mein santosh mil sakta par yah aasaan nahi hai phir bhi asambhav santosh kaise mil sakta hai inka bahut aata hai toh apni soch kar lena hoga jiski soch choti ho jayegi khush ho jaega

आज के दौर में संतोष मिल सकता पर यह आसान नहीं है फिर भी असंभव संतोष कैसे मिल सकता है इनका ब

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Raj Kiran Sharma Bhartiya

LifeCoach MotivationalSpeaker

2:00
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हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है इसे समझने के लिए हमें यह जानना होगा हम अपने जीवन में असंतुष्ट क्यों रहते हैं या हमारे जीवन में असंतोष है क्यों यह तब होता है जब हम असंतोष क्या है असंतोष एक ऐसी परिस्थिति है जब आप और कान्हा और कान्हा और कान्हा और कान्हा और कान्हा के लिए काम कर रहे होते हैं और पाना है और पाना है और पाना असंतोष की परिस्थिति वह परिस्थिति है जिसमें और पाने के चक्कर में हो सकता है कभी आपको कुछ कम मिले तो फिर आपको दुख होता है इससे आपकी खुशी दूर होती है इससे आपको टेंशन मिलता है यह सारे जो हैं जो भी आपको खुशी से दूर लेकर जाए वह सारे आपके जीवन में उज्ज्वल ना पैदा करते हैं और यहीं से असंतोष पैदा होता है असंतोष को संतोष में बदलने के लिए आपको संतुष्ट होने के लिए सबसे पहले तो यह करना होगा कि अपने जीवन को एक्सेप्ट करिए उसको मजा लेना चालू करिए जीत और हार से परिणाम है आपका जीवन आपके परिणाम से बहुत बड़ा है इसी के परिणाम से बहुत बड़ा है आप जीवन का आनंद लेना चालू करिए जीटीए तो खुश मत होइए और हार ये तो दुखी मत होइए ऐसे जैसे कुछ हुआ ही नहीं है मतलब जो भी होता है क्या जो भी हुआ है अच्छे के लिए हुआ है ऐसा करने से होता क्या है कि हमारे जीवन में खुशियों की वृद्धि होती है हम खुश रहना चालू कर देते हैं हम जीवन में कभी अगर तकलीफ है तो उसको भी मुस्कुराते हुए खेलना चालू कर लेते हैं और इसे हमें बहुत ताकत मिलती है हमारे अंदर की शक्तियां बढ़ती है और जब हम अपने अंदर से मजबूत हो जाते हैं तब हमारे जीवन में संतोष आना चालू होता है हम खुश रहना चालू करते हैं तो संतोष का मतलब खुशी से है जय हिंद जय भारत

hamein jeevan mein santosh kaise mil sakta hai ise samjhne ke liye hamein yah janana hoga hum apne jeevan mein asantusht kyon rehte hain ya hamare jeevan mein asantosh hai kyon yah tab hota hai jab hum asantosh kya hai asantosh ek aisi paristithi hai jab aap aur kanha aur kanha aur kanha aur kanha aur kanha ke liye kaam kar rahe hote hain aur paana hai aur paana hai aur paana asantosh ki paristithi vaah paristithi hai jisme aur paane ke chakkar mein ho sakta hai kabhi aapko kuch kam mile toh phir aapko dukh hota hai isse aapki khushi dur hoti hai isse aapko tension milta hai yah saare jo hain jo bhi aapko khushi se dur lekar jaaye vaah saare aapke jeevan mein ujjwal na paida karte hain aur yahin se asantosh paida hota hai asantosh ko santosh mein badalne ke liye aapko santusht hone ke liye sabse pehle toh yah karna hoga ki apne jeevan ko except kariye usko maza lena chaalu kariye jeet aur haar se parinam hai aapka jeevan aapke parinam se bahut bada hai isi ke parinam se bahut bada hai aap jeevan ka anand lena chaalu kariye GTA toh khush mat hoiye aur haar ye toh dukhi mat hoiye aise jaise kuch hua hi nahi hai matlab jo bhi hota hai kya jo bhi hua hai acche ke liye hua hai aisa karne se hota kya hai ki hamare jeevan mein khushiyon ki vriddhi hoti hai hum khush rehna chaalu kar dete hain hum jeevan mein kabhi agar takleef hai toh usko bhi muskurate hue khelna chaalu kar lete hain aur ise hamein bahut takat milti hai hamare andar ki shaktiyan badhti hai aur jab hum apne andar se majboot ho jaate hain tab hamare jeevan mein santosh aana chaalu hota hai hum khush rehna chaalu karte hain toh santosh ka matlab khushi se hai jai hind jai bharat

हमें जीवन में संतोष कैसे मिल सकता है इसे समझने के लिए हमें यह जानना होगा हम अपने जीवन में

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Rakesh Verma

चलो कुछ अच्छा किया जाऐं।

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जीवन में जो भी प्राप्त होता है चाहे वह सुख हो या दुख हो उसे सिंह करना सीखो तभी आपको संतोष मिल सकता है

jeevan mein jo bhi prapt hota hai chahen vaah sukh ho ya dukh ho use Singh karna sikho tabhi aapko santosh mil sakta hai

जीवन में जो भी प्राप्त होता है चाहे वह सुख हो या दुख हो उसे सिंह करना सीखो तभी आपको संतोष

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:59
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जीवन में संतोष की हर इंसान की अपनी अलग मापदंड है हर व्यक्ति की अलग सोच है अलग नजरिया है कि वह संतोष को कौन से पैमाने से मांगता है लेकिन हमारी पुरानी कहावत है कि संतोषी सदा सुखी ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति संतोष धारण कर लेता है यह जो व्यक्ति संतोष को अपना लेता है वह हमेशा सुखी रहता है क्योंकि संतोष एक ऐसी चीज है जो व्यक्ति को आत्मिक और दिली खुशी देती है वरना आप किसी भी चीज से असंतुष्ट होकर कभी भी सुख को नहीं पा सकते हैं क्योंकि इंसान का नेचर ही ऐसा होता है कि जो उसके पास होता है उसमे स्कोर कमी नजर आती है और वह उससे भी और ज्यादा पाने की कोशिश करता है और यही असंतोष उसे जीवन के प्रति नजरिए को बदलने पर मजबूर कर देता है और इसी असंतोष के कारण उसके जीवन में कई सारी कठिनाइयां कई सारे दुख और कई सारे अभाव पैदा हो जाते हैं अगर जो उसके पास है उसी में वह संतोष रख लें और उसी में जीने की कोशिश करें तो वह सुख से रह सकता है लेकिन महत्वकांक्षी लोग ऐसा नहीं सोचते हैं पर मुझे लगता है की महत्वकांक्षा एक अलग चीज है और संतोष महत्वाकांक्षी होना चाहिए इंसान को क्या यार उसके पास ₹1 है तो कोशिश करें कि वह ₹2 कमाए लेकिन दो रुपए के लिए वह जो एक रुपए के सुख उसके पास है उनमें उसकी कमी नहीं होनी चाहिए उन सुखों को उसे बोलना चाहिए इसी को संतोष खा जाता है लेकिन महत्वकांक्षी जरूर होना चाहिए इंसान को अपना जो कुछ भी उसके पास है उसे बढ़ाना जरूर चाहिए उसे उसकी जरूर से कोशिश करनी चाहिए लेकिन असंतोषी होकर नहीं संतोष में रहकर सुख में रहकर खुशी खुशी से अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करना चाहिए

jeevan mein santosh ki har insaan ki apni alag maapdand hai har vyakti ki alag soch hai alag najariya hai ki vaah santosh ko kaunsi paimane se mangta hai lekin hamari purani kahaavat hai ki santosh sada sukhi aisa mana jata hai ki jo vyakti santosh dharan kar leta hai yah jo vyakti santosh ko apna leta hai vaah hamesha sukhi rehta hai kyonki santosh ek aisi cheez hai jo vyakti ko atmik aur dilli khushi deti hai varna aap kisi bhi cheez se asantusht hokar kabhi bhi sukh ko nahi paa sakte hai kyonki insaan ka nature hi aisa hota hai ki jo uske paas hota hai usme score kami nazar aati hai aur vaah usse bhi aur zyada paane ki koshish karta hai aur yahi asantosh use jeevan ke prati nazariye ko badalne par majboor kar deta hai aur isi asantosh ke karan uske jeevan mein kai saree kathinaiyaan kai saare dukh aur kai saare abhaav paida ho jaate hai agar jo uske paas hai usi mein vaah santosh rakh le aur usi mein jeene ki koshish kare toh vaah sukh se reh sakta hai lekin mahatwakankshi log aisa nahi sochte hai par mujhe lagta hai ki mahatwakanksha ek alag cheez hai aur santosh mahatwakanshi hona chahiye insaan ko kya yaar uske paas Rs hai toh koshish kare ki vaah Rs kamaye lekin do rupaye ke liye vaah jo ek rupaye ke sukh uske paas hai unmen uski kami nahi honi chahiye un sukho ko use bolna chahiye isi ko santosh kha jata hai lekin mahatwakankshi zaroor hona chahiye insaan ko apna jo kuch bhi uske paas hai use badhana zaroor chahiye use uski zaroor se koshish karni chahiye lekin asantoshi hokar nahi santosh mein rahkar sukh mein rahkar khushi khushi se apni mahatwakanksha ko pura karna chahiye

जीवन में संतोष की हर इंसान की अपनी अलग मापदंड है हर व्यक्ति की अलग सोच है अलग नजरिया है कि

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Ambuj Singh

Media Professional

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस सवाल का जवाब के लिए इंसान को अपने गिरेबान में खुद ही झांकना होगा क्योंकि उसे अगर संतोषी सेटिस्फेक्शन लेवल चाहिए जिंदगी में तो वह खुद से ही आत्म चिंतन करनी होगी कि वह कहां जा रहा है उसकी जिंदगी कहां जा रही है या या हमने जो सोच रखी वह हम उस पर खरे उतर पा रहे हैं या नहीं इसीलिए अगर संतोष सैनी सेटिस्फेक्शन पाना है जिंदगी में तो आपको हाथ में चिंतन करना होगा और उससे भी ऊपर उठ कर एक मानव यानी मानव का मानव से मानव से मानव के लिए योगदान एक दूसरे के प्रति प्यार सही व्यवहार दयालु पहनना और बहुत सारे अच्छाई है जो इंसान को संतोष यह संदेश सकता है यह पैसे यह शोहरत यह नाम और जुनून फिल्म के पीछे लोग हो जाते भागते हैं तो इससे आपको संतोष नहीं मिलेगा क्योंकि यह सभी चीजें माया मोह

is sawaal ka jawab ke liye insaan ko apne gireban mein khud hi jhankana hoga kyonki use agar santosh setisfekshan level chahiye zindagi mein toh vaah khud se hi aatm chintan karni hogi ki vaah kahaan ja raha hai uski zindagi kahaan ja rahi hai ya ya humne jo soch rakhi vaah hum us par khare utar paa rahe hain ya nahi isliye agar santosh saini setisfekshan paana hai zindagi mein toh aapko hath mein chintan karna hoga aur usse bhi upar uth kar ek manav yani manav ka manav se manav se manav ke liye yogdan ek dusre ke prati pyar sahi vyavhar dayalu pahanna aur bahut saare acchai hai jo insaan ko santosh yah sandesh sakta hai yah paise yah shoharat yah naam aur junun film ke peeche log ho jaate bhagte hain toh isse aapko santosh nahi milega kyonki yah sabhi cheezen maya moh

इस सवाल का जवाब के लिए इंसान को अपने गिरेबान में खुद ही झांकना होगा क्योंकि उसे अगर संतोषी

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

0:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आइए तो आपका एक मात्र ही तय करता है क्या को संतोष कैसे मिल सकता है कई बार कई लोग अपनी जिंदगी में लाइफ में इतने बिजी होते हैं घंटे जो पार्टनर होते हैं वह असत्य शासन और प्रशासन से मिलवाते हैं तो उनका जो पर्सनल प्राइवेट टाइम होता है वह उनका बहुत इंपॉर्टेंट बन जाता है तो मुझे ऐसा लगता है कि डिपेंड करता पसंद पसंद कि आपके लिए किस तरह से काम करेंगे चीजें पीस मिलने का तरीका सिलसिले साक्षर भी है बिलीव PACL रिलीज हुई है छोटे कामों को पूरा करने से भी खुशी मिलती है तो बहुत कुछ है डिपेंड करता है पसंद पसंद किया आप किन चीजों में और दक्षिण सुनते हो

aaiye toh aapka ek matra hi tay karta hai kya ko santosh kaise mil sakta hai kai baar kai log apni zindagi mein life mein itne busy hote hai ghante jo partner hote hai vaah asatya shasan aur prashasan se milvate hai toh unka jo personal private time hota hai vaah unka bahut important ban jata hai toh mujhe aisa lagta hai ki depend karta pasand pasand ki aapke liye kis tarah se kaam karenge cheezen peace milne ka tarika silsile sakshar bhi hai believe PACL release hui hai chote kaamo ko pura karne se bhi khushi milti hai toh bahut kuch hai depend karta hai pasand pasand kiya aap kin chijon mein aur dakshin sunte ho

आइए तो आपका एक मात्र ही तय करता है क्या को संतोष कैसे मिल सकता है कई बार कई लोग अपनी जिंदग

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

0:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संतोष पांडे का जो है वह खाली एक ही रास्ता है क्या आपके पास जितना भी है जो भी है आप उसी में सेट फायदा है और खुश रहें अब इससे होने का मतलब यह नहीं है कि जीवन में जो है वह आगे बढ़ने से रुक जाए जो इंसान की चाह होती है इंसान कितना भी मिल जाएगा और और और और हमेशा करता ही रहता है तो यह जो है इंसान को दिखा देता है तो संतोष पानी के जो है आपके पास उसी में खुश रहे और खुशियां बांटे और जो और चाहने की इच्छा है उसको ना रखें तो आपको जो संतोषी जरूर मिलेगा

santosh pandey ka jo hai vaah khaali ek hi rasta hai kya aapke paas jitna bhi hai jo bhi hai aap usi mein set fayda hai aur khush rahein ab isse hone ka matlab yah nahi hai ki jeevan mein jo hai vaah aage badhne se ruk jaaye jo insaan ki chah hoti hai insaan kitna bhi mil jaega aur aur aur aur hamesha karta hi rehta hai toh yah jo hai insaan ko dikha deta hai toh santosh paani ke jo hai aapke paas usi mein khush rahe aur khushiya bante aur jo aur chahne ki iccha hai usko na rakhen toh aapko jo santosh zaroor milega

संतोष पांडे का जो है वह खाली एक ही रास्ता है क्या आपके पास जितना भी है जो भी है आप उसी में

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उत्तम जी दी हमने मानव जीवन में हमने कदम मिला है मानव जीवन जी रहे हैं हम और संतोष आज के समय में मिलना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि जिसको संतोष मिल जाए वह तो एकदम मतलब महान ही बन जाता है पर संतोष माई लाइफ में है ही नहीं पेशेंट्स Android यह सब हमारे पास नहीं है एक तो हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जो कंपटीशन या फिर सेल्फिश नेट खुद के बारे में सोचना यह सब चीजें बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है ऐसे समय में संतोष या पेशेंट या कंटेंट फिल करना उतना पॉसिबल नहीं है अभी मैंने पढ़ाई की और एक 12 साल का लड़का एक हीरा व्यापारी का बेटा है वह एक 12 साल का लड़का दीक्षा लेने वाला है और वह बौद्ध धर्म को अपनाने वाला है क्योंकि उसे लगता है कि यह बातें सारी मटेरियलिस्टिक शीशे है

uttam ji di humne manav jeevan mein humne kadam mila hai manav jeevan ji rahe hain hum aur santosh aaj ke samay mein milna bahut hi mushkil hai kyonki jisko santosh mil jaaye vaah toh ekdam matlab mahaan hi ban jata hai par santosh my life mein hai hi nahi patients Android yah sab hamare paas nahi hai ek toh hum aise daur mein ji rahe hain jo competition ya phir selfish net khud ke bare mein sochna yah sab cheezen bahut hi zyada badh chuki hai aise samay mein santosh ya patient ya content fill karna utana possible nahi hai abhi maine padhai ki aur ek 12 saal ka ladka ek heera vyapaari ka beta hai vaah ek 12 saal ka ladka diksha lene vala hai aur vaah Baudh dharm ko apnane vala hai kyonki use lagta hai ki yah batein saree materialistic shishe hai

उत्तम जी दी हमने मानव जीवन में हमने कदम मिला है मानव जीवन जी रहे हैं हम और संतोष आज के समय

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो व्यक्ति संतुष्ट रहता है वही खुश भी रहता है मनुष्य में बहुत सारे गुण होते हैं और बहुत सारे अवगुण भी होते हैं और इन्हीं सभी में से एक गुण है संतोष जिस इंसान के पास संतोष है वह हमेशा खुश रहता है उसे कभी किसी बात की कमी नहीं होती है और हम यह सोचते हैं कि इतनी जो भाग दौड़ की जिंदगी है हमारी इसमें संतुष्ट कर के रहना कोई आसान काम तो है नहीं क्योंकि कई बार हम दूसरों के पास कुछ ऐसी चीजें देखने हैं जो हमें काफी पसंद आ जाती है लेकिन हम उसे पाने में सक्षम नहीं होते हैं हो सकता हमारे पास इतने पैसे नहीं है कि उसे हम खरीद पाए तो अगर इस कंडीशन में हम संतोष से काम लेंगे तो बिल्कुल खुश रहेंगे और अगर हम ऐसा सोचेंगे कि नहीं हमें भी वह चीज चाहिए तो उसके लिए हम हमेशा परेशानी महसूस करेंगे तो बहुत सारे व्यक्ति यह मानते हैं कि संतोष में सुकून छिपा है और यह बिल्कुल सही बात है क्योंकि हम अगर संतोष से रहेंगे तो बिल्कुल खुश रहेंगे इसलिए हमें

jo vyakti santusht rehta hai wahi khush bhi rehta hai manushya mein bahut saare gun hote hain aur bahut saare avgun bhi hote hain aur inhin sabhi mein se ek gun hai santosh jis insaan ke paas santosh hai vaah hamesha khush rehta hai use kabhi kisi baat ki kami nahi hoti hai aur hum yah sochte hain ki itni jo bhag daudh ki zindagi hai hamari isme santusht kar ke rehna koi aasaan kaam toh hai nahi kyonki kai baar hum dusro ke paas kuch aisi cheezen dekhne hain jo hamein kaafi pasand aa jaati hai lekin hum use paane mein saksham nahi hote hain ho sakta hamare paas itne paise nahi hai ki use hum kharid paye toh agar is condition mein hum santosh se kaam lenge toh bilkul khush rahenge aur agar hum aisa sochenge ki nahi hamein bhi vaah cheez chahiye toh uske liye hum hamesha pareshani mehsus karenge toh bahut saare vyakti yah maante hain ki santosh mein sukoon chhipa hai aur yah bilkul sahi baat hai kyonki hum agar santosh se rahenge toh bilkul khush rahenge isliye hamein

जो व्यक्ति संतुष्ट रहता है वही खुश भी रहता है मनुष्य में बहुत सारे गुण होते हैं और बहुत सा

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