अंतिरिक्ष में पृथ्वी घूमती हैं लेकिन पृथ्वी में हम क्यों नहीं घूमते हैं?...


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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंतरिक्ष में पृथ्वी घूमती है लेकिन पृथ्वी में हम क्यों नहीं घूमते हैं आप ही कहना चाह रहे हैं हमारी पृथ्वी क्यों घूमती है लेकिन हम क्यों नहीं घूमती है प्रतिशत में तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि हम भी पृथ्वी के साथ में घूमते हैं लेकिन जिस किसी पृथ्वी अंतरिक्ष में पहुंच रही है पृथ्वी के साथ सब उसी गति से हम घूम रहे हैं हंस की भाषा में कहते हैं लेकिन एचडी लिटिल वैल्यू सिटी चलना आपको मैं बताना चाहूंगा कि पृथ्वी किस गति से घूमती है

antariksh me prithvi ghoomti hai lekin prithvi me hum kyon nahi ghumte hain aap hi kehna chah rahe hain hamari prithvi kyon ghoomti hai lekin hum kyon nahi ghoomti hai pratishat me toh main aapko batana chahunga ki hum bhi prithvi ke saath me ghumte hain lekin jis kisi prithvi antariksh me pohch rahi hai prithvi ke saath sab usi gati se hum ghum rahe hain hans ki bhasha me kehte hain lekin hd little value city chalna aapko main batana chahunga ki prithvi kis gati se ghoomti hai

अंतरिक्ष में पृथ्वी घूमती है लेकिन पृथ्वी में हम क्यों नहीं घूमते हैं आप ही कहना चाह रहे ह

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी हम भी पृथ्वी के साथ-साथ घूमते हैं इसलिए में पता नहीं चलता इस से रिलेटेड मोशन का जाता है दो बजट सब एक ही वेलोसिटी से मुंह करती है तो मैं उन दोनों की स्पीड का पता नहीं चलता है यह पैसे भी समझ सकते हैं कि जब आप रोड पर जा रहे हैं 2:00 बजे स्पेशल चलती है और दोनों एक ही स्पीड से चल रही है तो आपको लगेगा कि वह दूसरी परिचय फॉरेस्ट में ठीक है तो ऐसा ही होता है जब हम पृथ्वी पर है और हम भी उसी वेलोसिटी से मुंह करें जिसमें लॉटरी वेलोसिटी से पृथ्वी माफ कर दिया तो मैं उसकी फ्रेंड का पता ही नहीं चलता

vicky hum bhi prithvi ke saath saath ghumte hain isliye mein pata nahi chalta is se related motion ka jata hai do budget sab ek hi velocity se mooh karti hai toh main un dono ki speed ka pata nahi chalta hai yah paise bhi samajh sakte hain ki jab aap road par ja rahe hain 2 00 baje special chalti hai aur dono ek hi speed se chal rahi hai toh aapko lagega ki vaah dusri parichay forest mein theek hai toh aisa hi hota hai jab hum prithvi par hai aur hum bhi usi velocity se mooh kare jisme lottery velocity se prithvi maaf kar diya toh main uski friend ka pata hi nahi chalta

विकी हम भी पृथ्वी के साथ-साथ घूमते हैं इसलिए में पता नहीं चलता इस से रिलेटेड मोशन का जाता

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Randheer

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए नमस्कार आपका प्रश्न है कि अंतरिक्ष में जो है बुद्धि भी घूमती है और हम लोग क्यों नहीं घूमते हैं क्यों नहीं बोलते हैं तो देखिए पृथ्वी के साथ साथ हम लोग भी घूमते हैं लेकिन हम लोग का कोई दिल नहीं होता कि हम लोग भी मौका रह पृथ्वी के साथ-साथ क्योंकि जिस गति से पृथ्वी की घूर्णन करती है उसका 30 हम लोग भी खनन करते हैं इसका एक रीजन है जो पृथ्वी का ऊपरी ले रहा है क्रस्ट कहते हैं तो बहुत सारे भेज दे लेट्स में बैठे हुए हैं और यह बहुत बड़े प्ले उससे है बहुत बड़े-बड़े प्ले टोकन छोटे-छोटे टुकड़े हैं इसलिए हम लोगों का यह अनुभव नहीं होता है कि हम लोग घूम रहे हैं क्योंकि भारत देश है जो है वह है टेक्टोनिक प्लेट्स परिस्थिति सबसे बड़ा प्लेटफार्म

dekhiye namaskar aapka prashna hai ki antariksh me jo hai buddhi bhi ghoomti hai aur hum log kyon nahi ghumte hain kyon nahi bolte hain toh dekhiye prithvi ke saath saath hum log bhi ghumte hain lekin hum log ka koi dil nahi hota ki hum log bhi mauka reh prithvi ke saath saath kyonki jis gati se prithvi ki ghurnan karti hai uska 30 hum log bhi khanan karte hain iska ek reason hai jo prithvi ka upari le raha hai Crust kehte hain toh bahut saare bhej de lets me baithe hue hain aur yah bahut bade play usse hai bahut bade bade play token chote chote tukde hain isliye hum logo ka yah anubhav nahi hota hai ki hum log ghum rahe hain kyonki bharat desh hai jo hai vaah hai tectonic plates paristhiti sabse bada platform

देखिए नमस्कार आपका प्रश्न है कि अंतरिक्ष में जो है बुद्धि भी घूमती है और हम लोग क्यों नहीं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

न्यूटन की सापेक्षता के सिद्धांत से हर वस्तु गतिशील है और किसी भी वस्तु की निश्चित गति का मान निकाल पाना असंभव है केवल एक पिंड की दूसरी पिंडी के सापेक्ष गति का अनुमान ही लगाया जा सकता है जैसे अगर अपन किसी पास में बैठे हैं तो अपने आसपास का वातावरण गतिशील दिखाई देगा और यदि उसके के जमीन पर खड़े हैं और बस गतिशील एवं प्रगतिशील दिखाई देगी इसीलिए कह सकते हैं पृथ्वी के सापेक्ष अपना बैग जीरो होता है मतलब केवल पृथ्वी के साथ ही घूमते हैं इसलिए अपन को एहसास नहीं होता और पृथ्वी गैलेक्सी गैलेक्सी में इसलिए घूमती हुई दिखाई देती है क्योंकि गैलेक्सी का बैग पृथ्वी के बैग से कम है और पृथ्वी के बीच जाता है इसलिए पृथ्वी घूमती हुई चीज होती है

newton ki sapekshata ke siddhant se har vastu gatisheel hai aur kisi bhi vastu ki nishchit gati ka maan nikaal paana asambhav hai keval ek pind ki dusri pindi ke sapeksh gati ka anumaan hi lagaya ja sakta hai jaise agar apan kisi paas mein baithe hain toh apne aaspass ka vatavaran gatisheel dikhai dega aur yadi uske ke jameen par khade hain aur bus gatisheel evam pragatisheel dikhai degi isliye keh sakte hain prithvi ke sapeksh apna bag zero hota hai matlab keval prithvi ke saath hi ghumte hain isliye apan ko ehsaas nahi hota aur prithvi galaxy galaxy mein isliye ghoomti hui dikhai deti hai kyonki galaxy ka bag prithvi ke bag se kam hai aur prithvi ke beech jata hai isliye prithvi ghoomti hui cheez hoti hai

न्यूटन की सापेक्षता के सिद्धांत से हर वस्तु गतिशील है और किसी भी वस्तु की निश्चित गति का म

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Roshan Prasad Jaiswal

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंधी से पृथ्वी घूमती हुई पृथ्वी में हम क्यों नहीं कौन सी हमारी बेटी है भारी गति से अपनी दूरी पर घूम रही होती और हम भी उसके साथ अब उसके गति में घूम रहे होते हैं इसलिए हमें हमारा घूमना महसूस नहीं होता अगर पृथ्वी घूमना बंद कर दे तो निश्चित ही हम उसकी गति महसूस कर पाएंगे पृथ्वी अपनी धुरी पर फाइटर प्लेन की लगभग दोगुनी होती है जो कि सेकंड किलोमीटर पर आवर होती है बहुत तेज गति होती है इसे हम एक उदाहरण से समझ सकता है जब भी हम हवाई जहाज या ट्रेन से सफर कर रहे होते और चाहत एक समान रफ्तार के बिना किसी रब्बा के चल रहा है तो वह आसानी का जो आसानी से कप में चाय डाल पाता है क्योंकि चाय कब हम आदि भी जहाज की गति से गति कर रहे होते हैं अगर जहाजिया ट्रेन अपनी गली से बदलाव कर या कोई रुकावट आए या ब्रेक लगा दिया जाए तो क्या गिर जाती है तो इसी तरह प्रीति के गति से अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण ही हम उसे * को महसूस नहीं कर पाता

andhi se prithvi ghoomti hui prithvi mein hum kyon nahi kaun si hamari beti hai bhari gati se apni doori par ghum rahi hoti aur hum bhi uske saath ab uske gati mein ghum rahe hote hain isliye hamein hamara ghumana mehsus nahi hota agar prithvi ghumana band kar de toh nishchit hi hum uski gati mehsus kar payenge prithvi apni dhuri par fighter plane ki lagbhag doguni hoti hai jo ki second kilometre par hour hoti hai bahut tez gati hoti hai ise hum ek udaharan se samajh sakta hai jab bhi hum hawai jahaj ya train se safar kar rahe hote aur chahat ek saman raftaar ke bina kisi rabba ke chal raha hai toh vaah aasani ka jo aasani se cup mein chai daal pata hai kyonki chai kab hum aadi bhi jahaj ki gati se gati kar rahe hote hain agar jahajiya train apni gali se badlav kar ya koi rukavat aaye ya break laga diya jaaye toh kya gir jaati hai toh isi tarah preeti ke gati se apne aksh par ghurnan ke karan hi hum use ko mehsus nahi kar pata

आंधी से पृथ्वी घूमती हुई पृथ्वी में हम क्यों नहीं कौन सी हमारी बेटी है भारी गति से अपनी दू

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