इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं,ऐसा क्यों?...


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Aditya Kumar Tiwari

Director, Eduvento Classes

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दोस्त है आपका प्रश्न किस गली में सफाई का कोई साथ नहीं देता सारे लोग दूध का हिसाब से कहूंगा कि अपना विचार है ऐसा नहीं है यह हो सकता है कि आपका मुंह में भी प्रवृत्त है सही काम कर रहे हैं पढ़ाई कर रहे हैं अगर सारे लोग का ही साथ दे रहे हो बिल्कुल भी ऐसी ना राष्ट्रवादी सोच मत रखिए दुनिया बिल्कुल ऐसी नहीं है तो बहुत सारी आशाएं बहुत सारी अच्छाई को सपोर्ट करने वाले लोग अवेलेबल है और हमेशा रहेंगे

dost hai aapka prashna kis gali mein safaai ka koi saath nahi deta saare log doodh ka hisab se kahunga ki apna vichar hai aisa nahi hai yah ho sakta hai ki aapka mooh mein bhi parvirt hai sahi kaam kar rahe hain padhai kar rahe hain agar saare log ka hi saath de rahe ho bilkul bhi aisi na rashtrawadi soch mat rakhiye duniya bilkul aisi nahi hai toh bahut saree ashaen bahut saree acchai ko support karne waale log available hai aur hamesha rahenge

दोस्त है आपका प्रश्न किस गली में सफाई का कोई साथ नहीं देता सारे लोग दूध का हिसाब से कहूंगा

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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बहुत सही कहा है आपने कि कलयुग में लोग सच्चाई का साथ नहीं देते सारे लोग झूठ का साथ देते हैं इसका बहुत छोटा सा है मेरे जो झूठ का रास्ता होता है वह शुरू में बहुत ही सुंदर और आसान दिखाई देता है और उसका अंत हमेशा बहुत ही बुरा दर्दनाक और बहुत मुश्किल होता है लेकिन जो सच्चाई का रास्ता है वह शुरू में दिखाई देता है कि मुश्किल होगा बहुत सारी परेशानियां होंगी लेकिन अंत में वह हमेशा बहुत ही साफ सुथरा सुंदर और आसान होता है अब यहां बात है इंसान की समझ कि जैसे-जैसे कलयुग भर रहा है इंसान विज्ञान के साथ उन्नति करते जा रहा है तो उसका ध्यान बहिर्मुखी होते जा रहा है वह बाहर की चीजों को देखता है अपनी अंदरुनी शक्तियों को पहचानना उनका इस्तेमाल करना उसने बहुत कम कर दिया और उसके हिसाब से उसकी सजगता भी कम होते जा रही है तो उसे जो सिर्फ आंखों से दिखाई दे रहा है वह सिर्फ उसी पर यकीन करता है और अपनी अंतर की जो उसकी क्षमता है इंसान के पास कि हम जो चीजें हमारी आंखों से ना दिखाई देती है हम उसे भी समझने की पावर रखते हैं वह उस पावर का इस्तेमाल नहीं करता तो उसे यही दिखाई देता है कि झूठ का रास्ता आसान है इसी पर चलो इसीलिए सारे लोग झूठ के रास्ते पर ही चलते जाने

bahut sahi kaha hai aapne ki kalyug mein log sacchai ka saath nahi dete saare log jhuth ka saath dete hai iska bahut chota sa hai mere jo jhuth ka rasta hota hai vaah shuru mein bahut hi sundar aur aasaan dikhai deta hai aur uska ant hamesha bahut hi bura dardanak aur bahut mushkil hota hai lekin jo sacchai ka rasta hai vaah shuru mein dikhai deta hai ki mushkil hoga bahut saree pareshaniya hongi lekin ant mein vaah hamesha bahut hi saaf suthara sundar aur aasaan hota hai ab yahan baat hai insaan ki samajh ki jaise jaise kalyug bhar raha hai insaan vigyan ke saath unnati karte ja raha hai toh uska dhyan bahurmukhi hote ja raha hai vaah bahar ki chijon ko dekhta hai apni andaruni shaktiyon ko pahachanana unka istemal karna usne bahut kam kar diya aur uske hisab se uski sajgata bhi kam hote ja rahi hai toh use jo sirf aankho se dikhai de raha hai vaah sirf usi par yakin karta hai aur apni antar ki jo uski kshamta hai insaan ke paas ki hum jo cheezen hamari aankho se na dikhai deti hai hum use bhi samjhne ki power rakhte hai vaah us power ka istemal nahi karta toh use yahi dikhai deta hai ki jhuth ka rasta aasaan hai isi par chalo isliye saare log jhuth ke raste par hi chalte jaane

बहुत सही कहा है आपने कि कलयुग में लोग सच्चाई का साथ नहीं देते सारे लोग झूठ का साथ देते हैं

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:39
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इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग का ही साथ देते ऐसा क्यों इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता यह सही बात है 50% लोग सच्चाई का साथ दें बाकी जो 30% है ठीक है कल के कारण यह चीज होती है और कुछ नहीं आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

is kalyug mein sacchai ka koi saath nahi deta hai saare log ka hi saath dete aisa kyon is kalyug mein sacchai ka koi saath nahi deta yah sahi baat hai 50 log sacchai ka saath de baki jo 30 hai theek hai kal ke karan yah cheez hoti hai aur kuch nahi aapka din shubha ho dhanyavad

इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग का ही साथ देते ऐसा क्यों इस कलयुग में

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:31
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इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं कलयुग है उस बात का शिकार करता हूं और सच्चाई का साथ देने वाले भी हैं और बुराई के साथ भी जाने वाले लोग इसका जवाब देते हैं ऐसे भी लोग होते हैं लेकिन अगर हम हजार इंसानों को देखें तो बाजार में से आपको सच्चाई का साथ देने वाले राष्ट्रवादी जरूर मिलेंगे 706 से इतने आपको जरूर मिलेंगे कि जो सच्चाई का साथ देने के लिए क्योंकि हमारे विश्व में से जो अधिकतर लोग अच्छे हैं लेकिन परिस्थिति में और समय संजीव को के हिसाब से अपने स्वार्थ के कारण लोग बुरे का साथ देते हैं जो उसका साथ देते लेकिन अंतिम अंतरात्मा में को मालूम होता है कि सच क्या है झूठ क्या है लेकिन अधिकतर इंसान सच्चाई का साथ देते हैं अगर जिस दिन बुराई का साथ देने वालों की बहुत संख्या हो गई बहुमत होगा तो पूरा विश्व ही अभी नागौर कलयुग नहीं आया प्रयोग की पराकाष्ठा हो सकता है ऐसा हो सकती है कि लोग झूठ का हिसाब से लेकिन अच्छा तो ही यह दुनिया कायम है और सच्चाई है कोई हम एक दूसरे का फिल्म प्यार और परस्पर भाईचारे से सकते हैं इसीलिए दुनिया जीने लायक लगती है वरना झूठ की जिंदगी का हिस्सा तो बहुत कम होता है और झूठ का साथ देने वाले भी समय पर अपना किनारा कर लेते हैं प्लीज हम निराशा विदेश वादी विचार न रखकर आशावादी बने और सच्चाई का साथ दें उसी में मनोज आपका कल्याण है धन्यवाद

is kalyug mein sacchai ka koi saath nahi deta hai saare log jhuth ka hi saath dete hai kalyug hai us baat ka shikaar karta hoon aur sacchai ka saath dene waale bhi hai aur burayi ke saath bhi jaane waale log iska jawab dete hai aise bhi log hote hai lekin agar hum hazaar insano ko dekhen toh bazaar mein se aapko sacchai ka saath dene waale rashtrawadi zaroor milenge 706 se itne aapko zaroor milenge ki jo sacchai ka saath dene ke liye kyonki hamare vishwa mein se jo adhiktar log acche hai lekin paristithi mein aur samay sanjeev ko ke hisab se apne swarth ke karan log bure ka saath dete hai jo uska saath dete lekin antim antaraatma mein ko maloom hota hai ki sach kya hai jhuth kya hai lekin adhiktar insaan sacchai ka saath dete hai agar jis din burayi ka saath dene walon ki bahut sankhya ho gayi bahumat hoga toh pura vishwa hi abhi nagaur kalyug nahi aaya prayog ki parakashtha ho sakta hai aisa ho sakti hai ki log jhuth ka hisab se lekin accha toh hi yah duniya kayam hai aur sacchai hai koi hum ek dusre ka film pyar aur paraspar bhaichare se sakte hai isliye duniya jeene layak lagti hai varna jhuth ki zindagi ka hissa toh bahut kam hota hai aur jhuth ka saath dene waale bhi samay par apna kinara kar lete hai please hum nirasha videsh wadi vichar na rakhakar aashavadi bane aur sacchai ka saath de usi mein manoj aapka kalyan hai dhanyavad

इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं कलयुग है उस ब

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

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इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं ऐसा क्यों ऐसी बात नहीं है लोग साथ तो सिर्फ स्वार्थ की वजह से देते हैं ना उन्हें सत्य से कुछ लेना-देना है ना झूठ से कुछ लेना-देना उन्हें तो इस से मतलब है कि तुम से उनका काम बनेगा तो तुम्हारा वह साथ देंगे अगर काम नहीं बनेगा तो नहीं देंगे लेकिन फिर भी ऐसे लोग हैं जो जानते हुए भी कि एक गलत है आपका साथ छोड़ दें तो ऐसे लोग आपका साथ नहीं देंगे जो सत्य पड़ सकता है तो सत्य को मानने वाले लोग आपका साथ नहीं देंगे अभी आप गलत होंगे लेकिन अगर आप सही होंगे तो ही आपका साथ देंगे तो इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता यह गलत बात है क्योंकि सच्चाई का साथ देने वाले लोग अभी हैं सत्य के मार्ग पर चलने वाले लोग अभी है नहीं तो पृथ्वी में चली जाएगी भैया इस पृथ्वी को थामने वाले जो सत्य है कौन है किन के पास है वह किसी ना किसी के पास तो है और ज्यादातर लोगों के पास है भैया यह बात अलग है कि हमारे आसपास ना हो और हम इसलिए समझते हो कि सत्य का कोई साथ नहीं देता सच्चाई हमारी दे सकता है उसको कुछ दिन के लिए जा सकता है परास्त नहीं किया जा सकता है थोड़े दिन के लिए परेशान किया जा सकता है परास्त नहीं शत्रु परास्त हो जाएगा तो फिर तू सृष्टि खत्म हो जाएगी इसलिए सारे लोग झूठ का ही काट देते हैं यह धारणा भी गलत है सत्य का साथ देने वाले लोग भी हैं इसलिए भ्रम मत पाली के इस कलयुग में सच्चाई का साथ कोई नहीं देता ऐसी बात नहीं है सत्य का साथ देने वाले लोग सदैव हैं सदैव थे वह सदैव रहेंगे क्योंकि सत्य ही सृष्टि का आधार है जब सही नहीं रहेगा तो सृष्टि कला हो जाएगा इसलिए सोचना गलत है कि सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं ऐसी बात नहीं है लोग साथ तो सिर्फ स्वार्थ के वजह से देता है झूठ सत्य से उन्हें कुछ लेना देना नहीं है उन्हें सिर्फ अपना काम बनाना है आपका साथ देखकर आपकी चाय बात झूठी हो या गलत तो उन्हें तो साथ देना है तो वह अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए साथ दे रहा है वरना यहां कोई किसी का साथ नहीं देता सब स्वार्थी हैं इसलिए झूठ और सच है या नहीं है इसलिए यह सोचना कलयुग में सब लोग सच्चाई का साथ नहीं देते ऐसी बात नहीं है सच्चाई का साथ हर कोई देता है बशर्ते कि सत्य पर चलने का सामर्थ लोग पैदा करें छत पर चलने की लोकेशन मत करें यदि लोग सत्य पर चलना छोड़ देंगे तो दुनिया रहने लायक जगह नहीं बचेगी अभी जिंदा है धन्यवाद

is kalyug me sacchai ka koi saath nahi deta hai saare log jhuth ka hi saath dete hain aisa kyon aisi baat nahi hai log saath toh sirf swarth ki wajah se dete hain na unhe satya se kuch lena dena hai na jhuth se kuch lena dena unhe toh is se matlab hai ki tum se unka kaam banega toh tumhara vaah saath denge agar kaam nahi banega toh nahi denge lekin phir bhi aise log hain jo jante hue bhi ki ek galat hai aapka saath chhod de toh aise log aapka saath nahi denge jo satya pad sakta hai toh satya ko manne waale log aapka saath nahi denge abhi aap galat honge lekin agar aap sahi honge toh hi aapka saath denge toh is kalyug me sacchai ka koi saath nahi deta yah galat baat hai kyonki sacchai ka saath dene waale log abhi hain satya ke marg par chalne waale log abhi hai nahi toh prithvi me chali jayegi bhaiya is prithvi ko thamne waale jo satya hai kaun hai kin ke paas hai vaah kisi na kisi ke paas toh hai aur jyadatar logo ke paas hai bhaiya yah baat alag hai ki hamare aaspass na ho aur hum isliye samajhte ho ki satya ka koi saath nahi deta sacchai hamari de sakta hai usko kuch din ke liye ja sakta hai parast nahi kiya ja sakta hai thode din ke liye pareshan kiya ja sakta hai parast nahi shatru parast ho jaega toh phir tu shrishti khatam ho jayegi isliye saare log jhuth ka hi kaat dete hain yah dharana bhi galat hai satya ka saath dene waale log bhi hain isliye bharam mat paali ke is kalyug me sacchai ka saath koi nahi deta aisi baat nahi hai satya ka saath dene waale log sadaiv hain sadaiv the vaah sadaiv rahenge kyonki satya hi shrishti ka aadhar hai jab sahi nahi rahega toh shrishti kala ho jaega isliye sochna galat hai ki saare log jhuth ka hi saath dete hain aisi baat nahi hai log saath toh sirf swarth ke wajah se deta hai jhuth satya se unhe kuch lena dena nahi hai unhe sirf apna kaam banana hai aapka saath dekhkar aapki chai baat jhuthi ho ya galat toh unhe toh saath dena hai toh vaah apne swarth siddh karne ke liye saath de raha hai varna yahan koi kisi ka saath nahi deta sab swaarthi hain isliye jhuth aur sach hai ya nahi hai isliye yah sochna kalyug me sab log sacchai ka saath nahi dete aisi baat nahi hai sacchai ka saath har koi deta hai basharte ki satya par chalne ka samarth log paida kare chhat par chalne ki location mat kare yadi log satya par chalna chhod denge toh duniya rehne layak jagah nahi bachegi abhi zinda hai dhanyavad

इस कलयुग में सच्चाई का कोई साथ नहीं देता है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं ऐसा क्यों ऐसी

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सवाल इस कलयुग में सच्चाई कोई साथ नहीं देता है और झूठ का ही साथ देता है ऐसा क्यों है सारे लोग झूठ का ही साथ देते हैं तो नीलम सूट के साथ देते हैं कोई-कोई लोग झूठ ही साथ देते हैं इसलिए है क्योंकि जो झूठ बोले तू है उससे बच सके झूठ बोलकर विष्णु के लिए तो कोई कुछ बोलता है यह होना होगा किसी ना किसी से दरकिनार को नहीं पड़ता है

sawaal is kalyug mein sacchai koi saath nahi deta hai aur jhuth ka hi saath deta hai aisa kyon hai saare log jhuth ka hi saath dete hain toh neelam suit ke saath dete hain koi koi log jhuth hi saath dete hain isliye hai kyonki jo jhuth bole tu hai usse bach sake jhuth bolkar vishnu ke liye toh koi kuch bolta hai yah hona hoga kisi na kisi se darakinar ko nahi padta hai

सवाल इस कलयुग में सच्चाई कोई साथ नहीं देता है और झूठ का ही साथ देता है ऐसा क्यों है सारे ल

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ठीक है ऐसी बात नहीं है सच्चाई का सब लोग साथ देते हैं और हमें हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए सच ही बोलना चाहिए तो ज्यादा बैटर होता है

theek hai aisi baat nahi hai sacchai ka sab log saath dete hain aur hamein hamesha sacchai ka saath dena chahiye sach hi bolna chahiye toh zyada better hota hai

ठीक है ऐसी बात नहीं है सच्चाई का सब लोग साथ देते हैं और हमें हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहि

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