क्या आप के अनुसार एक लड़की का व्यव्हार विवाह के बाद बदलता है?...


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Vishal Gupta

Astrologer (मार्गदर्शक)

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आपका सवाल है क्या आपके अनुसार एक लड़की का व्यवहार विवाह के बाद बदलता है किसी भी व्यक्ति का व्यवहार जयपुर लड़का हो या लड़की परिस्थितियों के हिसाब से दिखाई पड़ना शुरू हो जाता है हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कोई व्यक्ति कभी बदलता नहीं है कोई व्यक्ति कभी बदलता ही नहीं है बस समय-समय पर उस व्यक्ति की रियालिटी या व्यवहार और स्वभाव बाहर आना शुरू हो जाता है जिसे अगर हम आपसे कहे कि यहां से आप अपने घर तक जाइए तो या तो आप पैदल चलेंगे लेकिन अगर कोई आपको पीछे से दौड़ा ले तो अब दौड़ना शुरू कर देंगे अगर माली जो कुत्ता दौड़ा ले पीछे से तो आप दौड़ना शुरू करेंगे ना वहीं अगर आपको बहुत जोर से प्यास लगी हो तो भी आप दौड़ कर जाएंगे तो परिस्थितियों के हिसाब से आप अपने कर्म को बदल रहे हैं ना एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी नहीं बदलता इस बात को विशेष ध्यान रखें कि कोई व्यक्ति कभी बदलता नहीं है बस हम उस व्यक्ति को जान और समझ नहीं पाते हैं बस अब हम आपको इस बात को विस्तार से कहते हैं आपने जो बात की शादी के बाद गौहर बदल जाता है हमारे पूर्वज लोग कहते थे हमने सुना भी है कि असली जीवन जो है वह विवाह के बाद शुरू होता है असली जीवन जो है मतलब जीवन मतलब यह कहते थे कि जीवन जो शुरू होता है शादी के बाद जीवन शुरू ही होता शादी के पहले जीवन होता है कि नहीं वह तो खेलकूद में चला जाता है उनका यह कहना था और वास्तविकता भी यही है कि शादी के बाद सत्य जीवन जो है वह आरंभ होता है लोगों में बहुत से लोगों में आत्मविश्वास बहुत अधिक होता है उनको लगता है कि वो जीवन में सब कुछ कर ले जाएंगे शादी के बाद भी वह सब कुछ अपने हिसाब से कर ले जाएंगे लेकिन व्यक्ति इसके भीतर आत्मविश्वास होता है जरूरी यह नहीं कि उसका आत्मविश्वास सही ही हो क्योंकि जो लोग जीवन में बहुत सफल हो जाते हैं उन्होंने अपने को बड़ा अनूप उन्हें अपने को बड़ा विश्वास हो जाता है लेकिन जीवन यह आप यह बात हमेशा ध्यान रखें कि जीवन में जब भी परिस्थितियां बदलती जब भी परिस्थितियां बदलती हैं तब इंसान की वास्तविकता बाहर आती है और जैसे हम आपको एक किस में उदाहरण देते हैं कि अगर आपसे कोई भावुकता वश यह कह रहा है कि भावुकता में यह कहना कि हम तुमसे बहुत प्यार करते हैं हम तुम्हारे बिना जीने सकते हैं और हम तुम्हारे बिना रह नहीं पाएंगे तुम चले जाओगे तो मेरा क्या हाल होगा भावुक होकर बहुत ज्यादा भावुक है मतलब उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा मैं जा रहा है तू भावुक लोग जीवन में समस्या आने पर बहुत जल्दी डर जाते हैं उन्होंने नहीं ले पाते और जैसी उनके जीवन में समस्या आएगी उन्हें क्या सही निर्णय लेना है या नहीं लेना है वह समझ नहीं पाएंगे और वहीं निर्णय लेंगे जहां पर अपने आप को सिक्योर समझेंगे बाबू के लोग किए कमी होती है भगत लोग भाग आपो जल्दी कर लेते हैं बहुत तेजी से वादा करेंगे वह जल्दी वादा करेंगे वो जल्दी कसमें खा लेंगे बहुत जल्दी बहुत जल्दी कसम ले लेंगे किसी से क्योंकि उन्हें कुछ समझ में नहीं आता कि क्या नहीं क्या बसु तुरंत भाग हो गए कोई भी कुछ भी बात बोल देते हैं तो ऐसा व्यक्ति जब समस्याओं में फंस जाता है ना शादी के बाद अब समस्याएं आती हैं जीवन में आती तो है जीवन में आती है तब समझ में नहीं था कि हम करें या क्या करें क्या करें क्या ना करें क्या करें क्या ना करें कुछ समझ में नहीं आता इसलिए इस बात को विशेष का ध्यान रखें कोई भी व्यक्ति हो या पुरुष और शादी के पहले हो या बाद में जीवन में हर व्यक्ति परिस्थितियों के हिसाब से बदल जाते हैं अच्छा होता क्या है कि शादी के बाद में व्यक्ति पारिवारिक हो जाता है उसे परिवार को संभालना होता उसे अपने माता-पिता को संभालना होता है ससुराल में मायके में सबको संभालना होता है परिवार में है मायके में है ससुराल में है नमन है देवरानी जेठानी है या बहुत से लोग संभालना होता है संभालने की बात आती है ना तब समझ में आता था वो लड़का और लड़की हम दोनों के लिए बात कह रहे हैं चाहे वह लड़का हो या लड़की तब दोनों को समझ में आ जाता है कि जीवन चलता कैसे है और जिस दिन संतान होती है जो संतान या व्यक्ति एवं संतान समय प्रारंभ जिस दिन हो जाता है उस दिन उसकी जीवन में बहुत बड़े बड़े बदलाव आना शुरू होते हैं क्योंकि जाहिर सी बात है अगर हम आपसे कहे कि 10 किलो का पत्थर उठाओ तो जो 10 किलो का पत्थर उठाएंगे ना तब आपको समझना कि वह कितना भारी है देख कर नहीं पता लगता है कितना भारी उठाने में पता लगता है कितना भारी और उठाकर जब 10 किलोमीटर चलना होगा तब आपको समझ में आएगा कि कितना भारी है चलते समय भार उठाना बड़ी बात नहीं है 10 किलो का पत्थर थाना बड़ी बात नहीं है 10 किलो का पत्थर उठा कर चलना बड़ी बात होती है उसी प्रकार जीवन का भी यही नियम है कि जीवन का भार उठाया उसके बाद उसे उठा उसको उठाकर चलते रहना बहुत यही जीवन का सीट आपको देता है तो इसीलिए किसी भी व्यक्ति को इस रूप से ना समझे कि वह विवाह के बाद एक विवाह के पहले हैं कुल मिला के यहां रिस्पांसिबिलिटी की बात आती यहां पर कुल कुल मिलाकर कर्तव्य की बात आती है जब कर्तव्य इंसान के ऊपर आता है तब उसकी वास्तविकता खोलकर बाहर आती है और शादी के पहले हम तभी तो होते नहीं घर में और बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जीवन में बहुत से लड़के लड़कियां ऐसे होते हैं जो जीवन के बहुत ही कम उम्र में भाग लेते हैं घर का तो आप उनसे पूछिए अच्छा ऐसे उठाई बहुत जल्दी जाता उनका चेहरा बहुजन ढल जाता है जो परिवार का भार उठा लेते हैं समय से पहले उनका चेहरा ढल जाता है लेकिन ऐसा है कि जो लोग परिवार का भार जल्दी से जल्दी उठा लेते हैं उनकी समस्या के जीवन में नहीं दे रही होती है क्योंकि उन्हें पता है कि सब कुछ कैसे हैंडल करना है उन्हें कॉन्फिडेंट हो जाता है क्योंकि वह देख चुके होते हैं सब कुछ लेकिन जिसने कभी बाहर नहीं उठाया होता है ना जब वह भारत आता है तो उसे लगता है अरे अब समझ में आया कि कैसे करते थे मेरे माता पिता है लेकिन लोगों का सबसे बड़ा तो यह माइनस पॉइंट है समझते हैं चीजों को लोगों भावुकता में आकर बहुत बड़े-बड़े निर्णय ले लेते हैं विवाह का निर्णय है तो घर से भागने का निर्णय है तो पैसा कमाने का निर्णय है तो बहुत बड़े भाई ने न केवल भावुकता में आकर कि हम कर लेंगे हम काम कर लेंगे देखा जाए तो ऐसे कर लेंगे लेकिन जब करने की बात भी तो समझ में आती अरे हम क्या कह दिया तो भावनाओं में रहकर कोई भी निर्णय मेरा सबसे पहले यही आपसे निवेदन है कि कोई भी निर्णय भावनाओं में आकर नाले भावनाओं के बस में आकर नलिन भावनाओं से निकलकर कोई निर्णय जीवन के हर स्टेज को समझ ले क्या आने वाला है और तब किसी निर्णय को ले तो आपका जीवन सुखमय होगा धन्यवाद

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आपका सवाल है क्या आपके अनुसार एक लड़की का व्यवहार विवाह के बाद बदलता है किसी भी व्यक्ति का

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