सच्चाई और अच्छाई सबको पसंद है, लेकिन उस रास्ते पर चलना क्यों नहीं चाहता?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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सच्चाई और अच्छाई सबको पसंद है लेकिन उस रास्ते पर चलना क्यों नहीं चाहता यह बात तो सही है कि सबको पसंद है अच्छाई भी सबको पसंद है सुंदरता सबको पसंद है सब लोग को उस रास्ते पर चलने का मन भी होता है लेकिन वर्तमान समय की परिस्थितियों को देखते हुए इस पर रोक करने से कतराते हैं क्योंकि उन्हें तरह-तरह की जरूरत का सामना करना पड़ता है कोई उनको सहयोग करना नहीं चाहता या कम सहयोग मिलता है बहुत ही तकलीफों का भी सामना करना पड़ता है आईडियोलॉजी में सिर्फ विश्वास रखने वाले सिर्फ भाषण दे सकता लेकिन भाषणों से उसका पेट नहीं भरता इसलिए अभी और सच्चाई का रास्ता फुल कठिन होता है थोड़ा नहीं बिल्कुल ज्यादा कठिन होता है लेकिन वही सच्चा रास्ता होता है अगर उस रास्ते पर हम आने वाली मुसीबतों से जूझ और उसे परास्त करके और आगे बढ़ी तो हमें एक तरह की अशांति मिलती है और हमें आत्मा शांति मिलने से हमारा और बता और हमारा जो बोलने का जो नजरिया है बोलने के हमारे विचार रखने की जो बातें हैं बहुत वजन हो जाता है इसलिए सुबह की तकलीफों को सोचकर लड़कर तकलीफों से गुजरने के बाद फिर अपना जो रास्ता ना छोड़े तो हम एक दिन जरूर अपनी सिद्धि को प्राप्त कर सकते हैं और कोशिश थी वह गोल प्राप्त करने के बाद हमें बहुत ही आत्म शांति मिलती है इसलिए लोग जलते हो जैसा सोचते लोगों की सोच उनको मुबारक और हमको अच्छाई और सच्चाई का रास्ता वही चुनना चाहिए उसी से आगे बढ़ना चाहिए हो सकता है लंबा को कठिनता वाला हो लेकिन सफलता उसे जल्दी से

sacchai aur acchai sabko pasand hai lekin us raste par chalna kyon nahi chahta yah BA at toh sahi hai ki sabko pasand hai acchai bhi sabko pasand hai sundarta sabko pasand hai sab log ko us raste par chalne ka man bhi hota hai lekin vartaman samay ki paristhitiyon ko dekhte hue is par rok karne se katrate hai kyonki unhe tarah tarah ki zarurat ka samana karna padta hai koi unko sahyog karna nahi chahta ya kam sahyog milta hai BA hut hi takaleephon ka bhi samana karna padta hai aidiyolaji mein sirf vishwas rakhne waale sirf bhashan de sakta lekin bhashano se uska pet nahi bharta isliye abhi aur sacchai ka rasta full kathin hota hai thoda nahi bilkul zyada kathin hota hai lekin wahi saccha rasta hota hai agar us raste par hum aane wali musibaton se joojh aur use parast karke aur aage BA dhi toh hamein ek tarah ki ashanti milti hai aur hamein aatma shanti milne se hamara aur BA ta aur hamara jo bolne ka jo najariya hai bolne ke hamare vichar rakhne ki jo BA tein hai BA hut wajan ho jata hai isliye subah ki takaleephon ko sochkar ladkar takaleephon se guzarne ke BA ad phir apna jo rasta na chode toh hum ek din zaroor apni siddhi ko prapt kar sakte hai aur koshish thi vaah gol prapt karne ke BA ad hamein BA hut hi aatm shanti milti hai isliye log jalte ho jaisa sochte logo ki soch unko mubarak aur hamko acchai aur sacchai ka rasta wahi chunana chahiye usi se aage BA dhana chahiye ho sakta hai lamba ko kathinata vala ho lekin safalta use jaldi se

सच्चाई और अच्छाई सबको पसंद है लेकिन उस रास्ते पर चलना क्यों नहीं चाहता यह बात तो सही है कि

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