क्या कर्म ही पूजा है?...


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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

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नमस्कार आपका प्रश्न है कर्म ही पूजा है कर्म ही पूजा किंतु आप कर्म करते किसको आपका कर्म है जब आप विद्यार्थी हैं आपका पहला कर्म है विद्या अध्ययन करना युवावस्था में आप का प्रथम कर्म है अपनी जीत को पार्जन के लिए धना धन करना अपने पत्नी अपने बच्चे को लालन-पालन करने के लिए धन का फाल्कन करना अपने बूढ़े माता-पिता की सेवा करना उनका पालन पोषण करना और जो आपकी परमपिता है और इस जगत में जितने भी जीव है उसके जो परम पिता है ईश्वर उनको याद करना भी आप का पुनीत कर्तव्य होता है जो आप को जन्म दिया उनका लालन-पालन करते उसका कर्म समझते हैं तो क्या यह आपका कर्म नहीं है जो इस जगत को बनाया यह जगत के सारे जीव को पटाया उसको भी याद करना आपका पूरी कर्तव्य बनता है कुलिट कर्म बंदा धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai karm hi puja hai karm hi puja kintu aap karm karte kisko aapka karm hai jab aap vidyarthi hain aapka pehla karm hai vidya adhyayan karna yuvavastha me aap ka pratham karm hai apni jeet ko parjan ke liye dhana dhan karna apne patni apne bacche ko lalan palan karne ke liye dhan ka falkan karna apne budhe mata pita ki seva karna unka palan poshan karna aur jo aapki parampita hai aur is jagat me jitne bhi jeev hai uske jo param pita hai ishwar unko yaad karna bhi aap ka puneeth kartavya hota hai jo aap ko janam diya unka lalan palan karte uska karm samajhte hain toh kya yah aapka karm nahi hai jo is jagat ko banaya yah jagat ke saare jeev ko pataya usko bhi yaad karna aapka puri kartavya banta hai kulit karm banda dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है कर्म ही पूजा है कर्म ही पूजा किंतु आप कर्म करते किसको आपका कर्म ह

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Ankur Kanwar

Yoga Teacher

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Neelam Chauhan

Yoga Teacher

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नमः शिवाय आपका प्रश्न है क्या कर्म ही पूजा है तो जी हां अगर हम माने तो कर्म ही पूजा है लेकिन वह कर्म लोक गीत लोक कल्याण के लिए होना चाहिए वह कर्म ईश्वर को स्मरण करके ईश्वर को खुद को समर्पित कर के हमें जीवन में करना चाहिए क्योंकि यह संसार कर्मों की खेती है और मनुष्य इस खेती को करने के लिए भाग्य है जिस प्रकार किसान भी बीज गिरने होता है उसे वही फल करनी पड़ती है इसी प्रकार मनुष्य भी जैसे कर्म करता है उसे वैसा ही फल भोगना पड़ता इसी कमरूपी खेती को काटने के लिए मनुष्य को बार-बार इस संसार में विभिन्न प्रकार की योनि में जन्म और मरना पड़ता है यही बंधन है जो मनुष्य को उसके लक्ष्य उस परम धाम तक पहुंचने नहीं देता मनुष्य इसी कर्म के पतन के कारण ही भटकता रहता है इसलिए हमें जो भी कर्म करना है वह हमें सोच समझकर के परमात्मा का आशीर्वाद समझ कर के करना है उसको समर्पित होकर के समर्पण भाव के साथ हमें हर कर्म करना चाहिए कर्म सफल हो जाता है हमारे संस्कार सात्विक हो जाते हैं हमारे पूर्व जन्म के संस्कार अरे बड़े होते हैं वह भी समाप्त हो जाते हैं तो इसलिए हम कह सकते हैं कि कर्म ही पूजा है

namah shivay aapka prashna hai kya karm hi puja hai toh ji haan agar hum maane toh karm hi puja hai lekin vaah karm lok geet lok kalyan ke liye hona chahiye vaah karm ishwar ko smaran karke ishwar ko khud ko samarpit kar ke hamein jeevan me karna chahiye kyonki yah sansar karmon ki kheti hai aur manushya is kheti ko karne ke liye bhagya hai jis prakar kisan bhi beej girne hota hai use wahi fal karni padti hai isi prakar manushya bhi jaise karm karta hai use waisa hi fal bhogna padta isi kamrupi kheti ko katne ke liye manushya ko baar baar is sansar me vibhinn prakar ki yoni me janam aur marna padta hai yahi bandhan hai jo manushya ko uske lakshya us param dhaam tak pahuchne nahi deta manushya isi karm ke patan ke karan hi bhatakta rehta hai isliye hamein jo bhi karm karna hai vaah hamein soch samajhkar ke paramatma ka ashirvaad samajh kar ke karna hai usko samarpit hokar ke samarpan bhav ke saath hamein har karm karna chahiye karm safal ho jata hai hamare sanskar Satvik ho jaate hain hamare purv janam ke sanskar are bade hote hain vaah bhi samapt ho jaate hain toh isliye hum keh sakte hain ki karm hi puja hai

नमः शिवाय आपका प्रश्न है क्या कर्म ही पूजा है तो जी हां अगर हम माने तो कर्म ही पूजा है लेक

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Yogi ki Yogshala

Yoga Teacher & Motivational Speaker

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नमस्कार मित्रों मैं आपके साथ आपका योगी क्या कर्म ही पूजा है देखिए अलग-अलग कारी सिद्धांतों पर अलग-अलग बातें निर्भर करती हैं इसी का धर्म ही पूजा है किसी का कर्म ही पूजा है इस तरह से अलग-अलग लोग अपनी धारणा से काम करते हैं अब काम आप क्या कर रहे हैं आपकी कर्मी पूजा उठना बैठना खाना-पीना चलना फिरना नौकरी करना पैसा करना पैसा इकट्ठा करना है हमारे घर में आज के टाइम में तो कर्म होना कैसा शब्द है कर्म ही पूजा है जवाब किसी के लिए अच्छा काम करते हैं किसी को आप परेशान नहीं करते जीवन में हर तरफ से हर परेशानी में लोगों की सहायता करता है इस तरह से बहुत सारी चीजें होती है यह सारी चीजें होने के बाद ही यह निर्भर करता है कि आप किस तरफ के कर्म पर लिखते हैं और बहुत से कर्म है तो ऐसे हैं जो लोग को परेशान करने का है लोगों को दंडित करने का है लोग को मारने का है यह भी एक कर्म कर्म का मतलब है काम से आपके काम क्या है वह काम आपको बनाते हैं और काम अच्छे हैं तो आपको वह कर्म उस कर्म से आपकी ख्याति भी रोटी है और कुछ काम ऐसे होते हैं जो आप बुरा काम करते हैं उससे तो आपको हानि भी होती है तो बहुत सारी चीजें अलग अलग कारी सिद्धांतों पर ही यह दीक्षित करता है कि कर्म किस तरह से होना चाहिए और कर्म ही पूजा है काम को ही कर्म कहा गया है और काम हम क्या कर रहे हैं वह आप और हम अपने अपने बेहतर ढंग से जानते हैं क्योंकि हम अच्छा काम करेंगे तो अच्छी बातें होंगी हम बुरा काम करेंगे तो बुरा काम हो गए इसलिए कर्म ही पूजा है लेकिन का कर्म ही पूजा तब होगी जब आप अपने कर्मों पर सही और का खरे निकलेंगे अब जैसे कि राम ने कर्तव्य राम का जो कर्म थार राम ने अपने प्रति भक्ति का कार्य किया राम ने मात्र भक्ति का काम किया माता ने अपने पति के द्वारा उनके तीन वरदान थे स्थित जो मांगने थे कि कई ने वह मांग लिया उसमें राम को वनवास का भी जो है उसमें एक बात कही गई थी जो कि राम ने सहर्ष स्वीकार कर लिया ईजी कर्म था इन्होंने जोश में काम किया है यह पूजा लायक होती है इस तरह बहुत सारी चीजें जो भी है कर्म से रिलेटेड कर्म तभी प्रधान होगा जब आपके कर्म अच्छे होंगे या नहीं आपका काम अच्छा होगा कर्म तभी पूजा बन सकता है जब आप अच्छे कामों पर अच्छा कार्य करते हुए लोगों के साथ लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं तब आपका काम है आपको ऊपर लिखे जाता है अच्छा काम करेंगे तो अच्छा रिस्पॉन्स रहेगा बुरा काम करेंगे तो बुरा रहेगा

namaskar mitron main aapke saath aapka yogi kya karm hi puja hai dekhiye alag alag kaari siddhanto par alag alag batein nirbhar karti hain isi ka dharm hi puja hai kisi ka karm hi puja hai is tarah se alag alag log apni dharana se kaam karte hain ab kaam aap kya kar rahe hain aapki karmi puja uthna baithana khana peena chalna phirna naukri karna paisa karna paisa ikattha karna hai hamare ghar me aaj ke time me toh karm hona kaisa shabd hai karm hi puja hai jawab kisi ke liye accha kaam karte hain kisi ko aap pareshan nahi karte jeevan me har taraf se har pareshani me logo ki sahayta karta hai is tarah se bahut saari cheezen hoti hai yah saari cheezen hone ke baad hi yah nirbhar karta hai ki aap kis taraf ke karm par likhte hain aur bahut se karm hai toh aise hain jo log ko pareshan karne ka hai logo ko dandit karne ka hai log ko maarne ka hai yah bhi ek karm karm ka matlab hai kaam se aapke kaam kya hai vaah kaam aapko banate hain aur kaam acche hain toh aapko vaah karm us karm se aapki khyati bhi roti hai aur kuch kaam aise hote hain jo aap bura kaam karte hain usse toh aapko hani bhi hoti hai toh bahut saari cheezen alag alag kaari siddhanto par hi yah dixit karta hai ki karm kis tarah se hona chahiye aur karm hi puja hai kaam ko hi karm kaha gaya hai aur kaam hum kya kar rahe hain vaah aap aur hum apne apne behtar dhang se jante hain kyonki hum accha kaam karenge toh achi batein hongi hum bura kaam karenge toh bura kaam ho gaye isliye karm hi puja hai lekin ka karm hi puja tab hogi jab aap apne karmon par sahi aur ka khare nikalenge ab jaise ki ram ne kartavya ram ka jo karm thar ram ne apne prati bhakti ka karya kiya ram ne matra bhakti ka kaam kiya mata ne apne pati ke dwara unke teen vardaan the sthit jo mangne the ki kai ne vaah maang liya usme ram ko vanvas ka bhi jo hai usme ek baat kahi gayi thi jo ki ram ne saharsh sweekar kar liya easy karm tha inhone josh me kaam kiya hai yah puja layak hoti hai is tarah bahut saari cheezen jo bhi hai karm se related karm tabhi pradhan hoga jab aapke karm acche honge ya nahi aapka kaam accha hoga karm tabhi puja ban sakta hai jab aap acche kaamo par accha karya karte hue logo ke saath logo ke dilon me jagah bana lete hain tab aapka kaam hai aapko upar likhe jata hai accha kaam karenge toh accha rispans rahega bura kaam karenge toh bura rahega

नमस्कार मित्रों मैं आपके साथ आपका योगी क्या कर्म ही पूजा है देखिए अलग-अलग कारी सिद्धांतों

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बिल्कुल कर्म ही पूजा है वह इस वरशिप पैसा रविंद्र नाथ टैगोर ने भी कहा है कि कार्य ही पूजा है आप जैसा कर्म करेंगे हमेशा ही हमें फल मिलेगा अदा में मानना चाहिए कि हमारा कर्म है अच्छा होना चाहिए वह हमारी पूजा साधना है

bilkul karm hi puja hai vaah is worship paisa ravindra nath tagore ne bhi kaha hai ki karya hi puja hai aap jaisa karm karenge hamesha hi hamein fal milega ada mein manana chahiye ki hamara karm hai accha hona chahiye vaah hamari puja sadhna hai

बिल्कुल कर्म ही पूजा है वह इस वरशिप पैसा रविंद्र नाथ टैगोर ने भी कहा है कि कार्य ही पूजा ह

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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क्या कर्म ही पूजा है अगर कर्म समझ के साथ किया जाए और पूजा की भी समझ रखी जाए आप कर्म क्या कर रहे हो पूजा किसकी कर रहे हो क्या कर रहे हो अगर यह सारी चीजें क्लियर है इनकी सही अंडरस्टैंडिंग है आपको तो कर्म पूजा है अन्यथा कर्म विक्रम हो जाता है आप समझते हो कि जो आप कर रहे हो वह सही है वह कर्म पूजा नहीं होता हां अगर आपके कर्म करने से आप ईश्वर के करीब पहुंचते हो हर कर्म अगर ईश्वर के लिए किया जाए ईश्वर के साथ किया जाए ईश्वर को समर्पित करके किया जाए तो वह पूजा अदर वाइज वह दूजा है ठीक है नमस्कार

kya karm hi puja hai agar karm samajh ke saath kiya jaaye aur puja ki bhi samajh rakhi jaaye aap karm kya kar rahe ho puja kiski kar rahe ho kya kar rahe ho agar yah saree cheezen clear hai inki sahi understanding hai aapko toh karm puja hai anyatha karm vikram ho jata hai aap samajhte ho ki jo aap kar rahe ho vaah sahi hai vaah karm puja nahi hota haan agar aapke karm karne se aap ishwar ke kareeb pahunchate ho har karm agar ishwar ke liye kiya jaaye ishwar ke saath kiya jaaye ishwar ko samarpit karke kiya jaaye toh vaah puja other wise vaah dooja hai theek hai namaskar

क्या कर्म ही पूजा है अगर कर्म समझ के साथ किया जाए और पूजा की भी समझ रखी जाए आप कर्म क्या क

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Rasbihari Pandey

लेखन / कविता पाठ

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अंग्रेजी में कहां है वर्क इज वरशिप गीता में भी भगवान कृष्ण ने कहा है कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन अर्थात अपना कर्म करो फल की चिंता बिलकुल न करो क्योंकि अगर फल की चिंता करोगे तो तुम फिर बंधन में फर्क कर्म बंधने फस जाओगे इसलिए आप यह मान सकते हैं कर्म ही पूजा है आज का क्रम में कल का भाग्य है

angrezi mein kahaan hai work is worship geeta mein bhi bhagwan krishna ne kaha hai karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan arthat apna karm karo fal ki chinta bilkul na karo kyonki agar fal ki chinta karoge toh tum phir bandhan mein fark karm bandhane fas jaoge isliye aap yah maan sakte hain karm hi puja hai aaj ka kram mein kal ka bhagya hai

अंग्रेजी में कहां है वर्क इज वरशिप गीता में भी भगवान कृष्ण ने कहा है कर्मण्येवाधिकारस्ते म

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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क्या कर्म ही पूजा है जी आप लोग कहते हैं कि वर्क इज वरशिप कोई भी काम जो होता है जी हम ईश्वर को हाजिर नाजिर मानकर और कोई भी काम करते हैं तो हमें ईश्वर की शक्ति हमारे में रहती है और हमको भगवान का नाम लेकर ही शुरु करते अच्छे समय में और अच्छी तरह से कोई भी कर्म भगवान को साक्षी मानकर करते हैं तो कर्म पूजा अब कोई गलत कर्म करने वाला वह उसको कहेगा कि यह कर्म ही पूजा है तू गलत कार्यों को पूजा में सम्मिलित नहीं किया जा सकता जो सही कर्म सत्कर्म जो इंसान करते हैं वह पूजा के समान हो जाते हैं क्योंकि पूजा की विधि जो होती है वह तो हम ऐसे ही कर लेते हैं ब्राह्मणों को बुलाकर और भगवान की आराधना करते हैं लेकिन हमारे कार्यों में सब कार्यों में जो हम कर्म कर रहे हैं उससे हमारी हो सकता है आज का भी चलती हूं किसी और के लिए आगे पर चलती हो और उस पर मीठे फल बहुत से लोगों को प्राप्त हो रहे हो मीठे फल प्राप्त होते हैं और बहुत सारे जो लोग लाभान्वित होते हैं बहुत से लोगों का अगर भला होता है वह पूजा के समान है और ऐसे कर्म का फल अवश्य सभी लोगों को साथ साथ हमें भी मिलता है और हमारे प्रभु हमारे भगवान हमने अच्छा कर्म करते लोगों को भी इससे लाभान्वित किया है और इसका हमें देश सफेद लाभ जरूर मिलता है आत्मशांति मकड़ी करना कि हमें धन्यवाद

kya karm hi puja hai ji aap log kehte hain ki work is worship koi bhi kaam jo hota hai ji hum ishwar ko haazir najir maankar aur koi bhi kaam karte hain toh hamein ishwar ki shakti hamare mein rehti hai aur hamko bhagwan ka naam lekar hi shuru karte acche samay mein aur achi tarah se koi bhi karm bhagwan ko sakshi maankar karte hain toh karm puja ab koi galat karm karne vala vaah usko kahega ki yah karm hi puja hai tu galat karyo ko puja mein sammilit nahi kiya ja sakta jo sahi karm satkarm jo insaan karte hain vaah puja ke saman ho jaate hain kyonki puja ki vidhi jo hoti hai vaah toh hum aise hi kar lete hain brahmanon ko bulakar aur bhagwan ki aradhana karte hain lekin hamare karyo mein sab karyo mein jo hum karm kar rahe hain usse hamari ho sakta hai aaj ka bhi chalti hoon kisi aur ke liye aage par chalti ho aur us par meethe fal bahut se logo ko prapt ho rahe ho meethe fal prapt hote hain aur bahut saare jo log labhanvit hote hain bahut se logo ka agar bhala hota hai vaah puja ke saman hai aur aise karm ka fal avashya sabhi logo ko saath saath hamein bhi milta hai aur hamare prabhu hamare bhagwan humne accha karm karte logo ko bhi isse labhanvit kiya hai aur iska hamein desh safed labh zaroor milta hai atmashanti makdi karna ki hamein dhanyavad

क्या कर्म ही पूजा है जी आप लोग कहते हैं कि वर्क इज वरशिप कोई भी काम जो होता है जी हम ईश्वर

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

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बिल्कुल सही है कि कर्म ही पूजा है जो व्यक्ति बहुत ईमानदारी के साथ अपने कार्य को करते रहते हैं जिसमें पूरी लगन है पूरी अपनी एनर्जी डाल देते हैं तो उनको एक्यूमेंट भी अच्छा होता है प्रॉपर प्लानिंग के साथ अगर वह कर्म करते हैं तो बहुत अच्छा है सामाजिक रूप से अगर उसको फायदा होता है तो और भी बढ़िया कर मैं क्योंकि हम समाज में बैठे हुए जितने भी हैं लोग अगर वह जो भी उन्होंने अपनी पढ़ाई करी है या उन्हें भी पढ़ाई करी हो जो भी वह कार्य करें हैं कर रहे हैं उसको अगर वह ईमानदारी से करें तो वह पूजा के समान ही है इसलिए अपने कार्य को पूजा के सामान जो व्यक्ति करता है वह भी उतना ही आगे बढ़ने के काबिल होता है जो कि भगवान में ध्यान लगाकर करता है

bilkul sahi hai ki karm hi puja hai jo vyakti bahut imaandaari ke saath apne karya ko karte rehte hain jisme puri lagan hai puri apni energy daal dete hain toh unko ekyument bhi accha hota hai proper planning ke saath agar vaah karm karte hain toh bahut accha hai samajik roop se agar usko fayda hota hai toh aur bhi badhiya kar main kyonki hum samaj mein baithe hue jitne bhi hain log agar vaah jo bhi unhone apni padhai kari hai ya unhe bhi padhai kari ho jo bhi vaah karya kare hain kar rahe hain usko agar vaah imaandaari se kare toh vaah puja ke saman hi hai isliye apne karya ko puja ke saamaan jo vyakti karta hai vaah bhi utana hi aage badhne ke kaabil hota hai jo ki bhagwan mein dhyan lagakar karta hai

बिल्कुल सही है कि कर्म ही पूजा है जो व्यक्ति बहुत ईमानदारी के साथ अपने कार्य को करते रहते

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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यस कर्म ही पूजा है आपके शहर में ही आपको जब भी बनाएंगे लोकप्रिय बनाएंगे और आपके पुष्कर में आपको संसार की घटना का कारण बनेगी क्योंकि व्यवहार से ही कर्म से ही इंसान महान बनता है और कर्म से आदमी बनता है राक्षस बनता है और जनता की गणना का कारण बनता है

Yes karm hi puja hai aapke shehar mein hi aapko jab bhi banayenge lokpriya banayenge aur aapke pushkar mein aapko sansar ki ghatna ka karan banegi kyonki vyavhar se hi karm se hi insaan mahaan banta hai aur karm se aadmi banta hai rakshas banta hai aur janta ki ganana ka karan banta hai

यस कर्म ही पूजा है आपके शहर में ही आपको जब भी बनाएंगे लोकप्रिय बनाएंगे और आपके पुष्कर में

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Shashikant Mani Tripathi

Yoga Expert | Life Coach

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कर्म ही पूजा है यह बिल्कुल सत्य है क्योंकि अगर कर्म पूजा योग्य नहीं हुआ तो निश्चित ही लोग पूजा को कर्म बना लेंगे आज वर्तमान दौर में आप अगर विचार करें तो आपको ऐसे लोग सहित दिखाई देंगे कि जब आपके कर्म में ऐसी कोई अभिव्यक्ति नहीं होगी जिसमें भगवता हो जिसमें दूसरों का कल्याण हो लोक कल्याण आर्थ कोई कर्म अगर नहीं किया जाएगा तब ऐसे कर्म नहीं करने वाले लोग पूजा को अपनाकर बना लेते हैं और पूरे जीवन पूजा करना अपना धर्म समझते हैं जबकि कर्म का सीधा संबंध धर्म से है जीवन धर्म से जीवन धर्म से तात्पर्य आप अपने जीवन को जैसा समझते हैं वैसा ही जीवन अन्य लोग भी जीते हैं या जीने का उद्देश्य ते हैं ऐसे में धर्म से युक्त कर्म पूजा है जीवन धर्म से युक्त कर्म यहां धर्म से आशय मेरा जीवन धर्म से है जिसे एक व्यक्ति अपने जीवन में जिन जिन चीजों की आकांक्षा करता है दूसरा व्यक्ति भी ऐसा ही है अगर यह आपको समझ में आ जाए तो आपके कर्म में समरूपता होगी आपके कर्म में विषमता का दर्शन नहीं होगा आपका कर्म पूजा योग्य होगा और वही कर्म आपको पूजनीय बना देगा परंतु जब ऐसे कर्म का जीवन में अभाव होगा तो निश्चित ही धर्म से व्यक्ति उचित होगा और धर्म से वंचित व्यक्ति की रक्षा फिर नहीं हो पाती और फिर उसके लिए वह धर्म को कर्म बना देता है धन्यवाद

karm hi puja hai yah bilkul satya hai kyonki agar karm puja yogya nahi hua toh nishchit hi log puja ko karm bana lenge aaj vartaman daur mein aap agar vichar kare toh aapko aise log sahit dikhai denge ki jab aapke karm mein aisi koi abhivyakti nahi hogi jisme bhagvata ho jisme dusro ka kalyan ho lok kalyan aarth koi karm agar nahi kiya jaega tab aise karm nahi karne waale log puja ko apnakar bana lete hain aur poore jeevan puja karna apna dharm samajhte hain jabki karm ka seedha sambandh dharm se hai jeevan dharm se jeevan dharm se tatparya aap apne jeevan ko jaisa samajhte hain waisa hi jeevan anya log bhi jeete hain ya jeene ka uddeshya te hain aise mein dharm se yukt karm puja hai jeevan dharm se yukt karm yahan dharm se aashay mera jeevan dharm se hai jise ek vyakti apne jeevan mein jin jin chijon ki aakansha karta hai doosra vyakti bhi aisa hi hai agar yah aapko samajh mein aa jaaye toh aapke karm mein samrupta hogi aapke karm mein vishamata ka darshan nahi hoga aapka karm puja yogya hoga aur wahi karm aapko pujaniya bana dega parantu jab aise karm ka jeevan mein abhaav hoga toh nishchit hi dharm se vyakti uchit hoga aur dharm se vanchit vyakti ki raksha phir nahi ho pati aur phir uske liye vaah dharm ko karm bana deta hai dhanyavad

कर्म ही पूजा है यह बिल्कुल सत्य है क्योंकि अगर कर्म पूजा योग्य नहीं हुआ तो निश्चित ही लोग

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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जी हां कर्म ही पूजा है यदि हम कोई भी कर्म करते हैं वह पुजारी है इसलिए इंसान को सदा शुभ कर्म करने चाहिए पुण्य कर्म करने चाहिए जो हम ईश्वर की आपने किसकी पूजा करते हैं वह भी कर्म करने में जाता है क्योंकि बिना कर्म किए को शक्ति पूजा ही कर्म है भगवान ने गीता में लिखा है कर्म किए जा फल की इच्छा मत कर कर्म ही पूजा

ji haan karm hi puja hai yadi hum koi bhi karm karte hain vaah pujari hai isliye insaan ko sada shubha karm karne chahiye punya karm karne chahiye jo hum ishwar ki aapne kiski puja karte hain vaah bhi karm karne mein jata hai kyonki bina karm kiye ko shakti puja hi karm hai bhagwan ne geeta mein likha hai karm kiye ja fal ki iccha mat kar karm hi puja

जी हां कर्म ही पूजा है यदि हम कोई भी कर्म करते हैं वह पुजारी है इसलिए इंसान को सदा शुभ कर्

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कर्म ही पूजा है मेरे ख्याल से रखते हैं कि कर्म ही पूजा है आप जिस काम करती हो तो लगन मेहनत ईमानदारी के साथ कीजिए कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है भगवान ने आपको उसी काम के लिए का होगा या आप जो काम करते हो अच्छा काम है उसका मन लगा कि किसी तो अब उसमें सफलता उसे मिलती है तो कोई काम छोटा बड़ा होता नहीं भेज वासी पैसा करती है करम है अपना कोई पूजा होती है और उसे पूजा मानकर उसे ही करना चाहिए

karm hi puja hai mere khayal se rakhte hain ki karm hi puja hai aap jis kaam karti ho toh lagan mehnat imaandaari ke saath kijiye koi kaam chota ya bada nahi hota hai bhagwan ne aapko usi kaam ke liye ka hoga ya aap jo kaam karte ho accha kaam hai uska man laga ki kisi toh ab usme safalta use milti hai toh koi kaam chota bada hota nahi bhej waasi paisa karti hai karam hai apna koi puja hoti hai aur use puja maankar use hi karna chahiye

कर्म ही पूजा है मेरे ख्याल से रखते हैं कि कर्म ही पूजा है आप जिस काम करती हो तो लगन मेहनत

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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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जी बिल्कुल ही आपकी क्वेश्चन अच्छी है क्या कर्म ही पूजा है बिल्कुल अच्छे कर्म करोगे तो भगवान भी आपको आशीर्वाद देगी मात-पिता की भी आपको आशीर्वाद मिलेगी समाज की भी दुआ मिलेगी छोटू का बड़ों का प्यार मिलेगा कर्म ही सर्वश्रेष्ठ है कर्म ही करेंगे तो आपको धर्म भी श्रेष्ठ होगा बिना कर्म के देश नहीं कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है कर्म ही अच्छा करते हैं तो अच्छे घर में हमारा जन्मदिन कर्म ही हमारा सेटर अच्छा होता तो हमारा शरीर भी जो है बहुत सुंदर होता है कर्म ही हमारा अच्छा होता है तो हमारी मन की स्थिति बहुत तेज होती है कर्म ही हमारा अच्छा होता है तो लोकप्रिय हम

ji bilkul hi aapki question achi hai kya karm hi puja hai bilkul acche karm karoge toh bhagwan bhi aapko ashirvaad degi maat pita ki bhi aapko ashirvaad milegi samaj ki bhi dua milegi chotu ka badon ka pyar milega karm hi sarvashreshtha hai karm hi karenge toh aapko dharm bhi shreshtha hoga bina karm ke desh nahi karm hi sabse badi puja hai karm hi accha karte hain toh acche ghar me hamara janamdin karm hi hamara setter accha hota toh hamara sharir bhi jo hai bahut sundar hota hai karm hi hamara accha hota hai toh hamari man ki sthiti bahut tez hoti hai karm hi hamara accha hota hai toh lokpriya hum

जी बिल्कुल ही आपकी क्वेश्चन अच्छी है क्या कर्म ही पूजा है बिल्कुल अच्छे कर्म करोगे तो भगवा

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क्या कर्म ही पूजा है हां ईशान का सच्चा कर्म ही सबसे बड़ा पूजा है अगर हम कहीं भी पूजा पाठ करते हैं और हम सच्चा करना नहीं करेंगे तो वह पूजा हमें कोई लाभ नहीं मिलेगा वह पूजा हमें कोई लाभ नहीं देगा और हम सबको कोई फल प्राप्त नहीं होगा इसलिए हम जो सच्चा कर्म करेंगे तो हम सबका इस बार हम को सही फल प्रदान करेगा और फल मांगने का जरूरत भी नहीं पड़ेगा ईश्वर ने हमको सच्चा कर्म करने के लिए ही यहां इस धरती लोक में भेजा है हम सबको इसलिए कर्म ही पूजा है

kya karm hi puja hai haan ishan ka saccha karm hi sabse bada puja hai agar hum kahin bhi puja path karte hain aur hum saccha karna nahi karenge toh vaah puja hamein koi labh nahi milega vaah puja hamein koi labh nahi dega aur hum sabko koi fal prapt nahi hoga isliye hum jo saccha karm karenge toh hum sabka is baar hum ko sahi fal pradan karega aur fal mangne ka zarurat bhi nahi padega ishwar ne hamko saccha karm karne ke liye hi yahan is dharti lok me bheja hai hum sabko isliye karm hi puja hai

क्या कर्म ही पूजा है हां ईशान का सच्चा कर्म ही सबसे बड़ा पूजा है अगर हम कहीं भी पूजा पाठ क

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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का क्या कर्म ही पूजा है बिल्कुल यही सत्य है आप जैसा कर्म करेंगे वही पूजा है आपको उसी का फल अवश्य मिलेगा कर्म का फल अवश्य मिलता है बिना किसी मत के

ka kya karm hi puja hai bilkul yahi satya hai aap jaisa karm karenge wahi puja hai aapko usi ka fal avashya milega karm ka fal avashya milta hai bina kisi mat ke

का क्या कर्म ही पूजा है बिल्कुल यही सत्य है आप जैसा कर्म करेंगे वही पूजा है आपको उसी का फल

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