रेटायअर होने के बाद एक पूर्व IAS अफ़सर का जीवन कैसा होता है?...


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B San

Entrepreneur | Management | Consultant | Advisor

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लेके प्रश्न है रिटायर्ड होने के बाद एक पूर्व आईएएस ऑफिसर का जीवन कैसा होता है लेकिन रिटायर होने के बाद कोई भी ऑफिसर हो एम्पलाई हो गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर का उसका जीवन कैसा हो वह उसके व्यक्तिगत निर्णय पर आधारित है अखिलेश तो रिटायर्ड सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की बात की जाए तो उनके सेवाकाल में उनका अनुभव उनके कार्य प्रणाली का प्रयोग राष्ट्रीय स्तर के संस्थाएं डेवलपमेंट क्षेत्र में कार्य कर रही है शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करें इंटरनेशनल लेवल की संस्थाएं उनको अपनी आर्गेनाइजेशन में अपने इंस्टिट्यूट में कार्य करने के लिए आमंत्रित करते हैं क्योंकि आईएएस ऑफिसर अपने सेवाकाल में अलग-अलग सिचुएशन में कार्य करने में निपुण और महारत हासिल कर चुके होते हैं तो नेशनल और इंटरनेशनल की डेवलपमेंट एजेंसी ट्यूशन ऑर्गेनाइजेशन आईएस ऑफिसर्स को अपने वहां नियुक्ति प्रदान करते हैं उनके अनुभवों को देश विदेश की तरक्की के लिए प्राप्त करते हैं और रिटायर्ड आईएएस का यह व्यक्तिगत निर्णय है कि वह अपने अनुभव को अग्रसारित करना चाहता है या साझा करना चाहते हैं या बाधा नहीं यहां आईएस टाइड ऑफिसर के पास विकल्प रहते हैं कि वह डर के बाद कार्य करना चाहेंगे या स्वयं का कार्य करेंगे स्वयं के एजेंसी बनाएंगे स्वयं का कोई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू करें हम तो रिटायरमेंट के बाद भी एक आईएएस ऑफिस शिवा काल के समय की महत्ता के संकट से ही महत्त्व रखता है उन्हें सही आफ्टर रिटायरमेंट आईएएस ऑफिसर गवर्नमेंट का ऑफिसर नहीं होगा केंद्र सरकार राज्य सरकार का ऑपरेशन नहीं चलाएगा पर अपने अनुभव अपनी दक्षता को सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रदान कर सकता है वह आईएएस ऑफिसर का प्रैक्टिकल होता है

leke prashna hai retired hone ke baad ek purv IAS officer ka jeevan kaisa hota hai lekin retire hone ke baad koi bhi officer ho employee ho government ya private sector ka uska jeevan kaisa ho vaah uske vyaktigat nirnay par aadharit hai akhilesh toh retired sevanivritt IAS adhikari ki baat ki jaaye toh unke sevakal me unka anubhav unke karya pranali ka prayog rashtriya sthar ke sansthayen development kshetra me karya kar rahi hai shiksha ke kshetra me karya kare international level ki sansthayen unko apni organisation me apne institute me karya karne ke liye aamantrit karte hain kyonki IAS officer apne sevakal me alag alag situation me karya karne me nipun aur maharat hasil kar chuke hote hain toh national aur international ki development agency tuition organization ias officers ko apne wahan niyukti pradan karte hain unke anubhavon ko desh videsh ki tarakki ke liye prapt karte hain aur retired IAS ka yah vyaktigat nirnay hai ki vaah apne anubhav ko agrasarit karna chahta hai ya sajha karna chahte hain ya badha nahi yahan ias tide officer ke paas vikalp rehte hain ki vaah dar ke baad karya karna chahenge ya swayam ka karya karenge swayam ke agency banayenge swayam ka koi development project shuru kare hum toh retirement ke baad bhi ek IAS office shiva kaal ke samay ki mahatta ke sankat se hi mahatva rakhta hai unhe sahi after retirement IAS officer government ka officer nahi hoga kendra sarkar rajya sarkar ka operation nahi chalayega par apne anubhav apni dakshata ko seva nivriti ke baad bhi pradan kar sakta hai vaah IAS officer ka practical hota hai

लेके प्रश्न है रिटायर्ड होने के बाद एक पूर्व आईएएस ऑफिसर का जीवन कैसा होता है लेकिन रिटायर

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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आपके प्रश्न के उत्तर में यही कहूंगा कि रिटायरमेंट के बाद एक पूर्व आईएएस अफसर का जीवन आर्थिक रूप से बहुत संपन्न होता है जब दूसरे मोटी पेंशन मिलती है 70809 रुपए ₹90000 एक लाख अभी तक उसकी पद की शपथ मिलती आर्थिक रूप से संपन्न होता है लेकिन सामाजिक रूप से कटा हुआ 9 की नौकरी के समय में यह लोग सामाजिक लोगों से मिलना जुलना सामाजिक मिलनसार ताल में विश्वास नहीं करती हूं इसलिए यह समाज की बात वक्त होता है सामाजिक समय बिताने का नौकरी में इनको एशियन मत होती है और आपस में एक दूसरे से मिलती है

aapke prashna ke uttar me yahi kahunga ki retirement ke baad ek purv IAS officer ka jeevan aarthik roop se bahut sampann hota hai jab dusre moti pension milti hai 70809 rupaye Rs ek lakh abhi tak uski pad ki shapath milti aarthik roop se sampann hota hai lekin samajik roop se kata hua 9 ki naukri ke samay me yah log samajik logo se milna julana samajik milansaar taal me vishwas nahi karti hoon isliye yah samaj ki baat waqt hota hai samajik samay bitane ka naukri me inko asian mat hoti hai aur aapas me ek dusre se milti hai

आपके प्रश्न के उत्तर में यही कहूंगा कि रिटायरमेंट के बाद एक पूर्व आईएएस अफसर का जीवन आर्थ

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Dr. P. N. Jha

TOPPERS IAS app. Sr.Facuty, IAS Coaching.

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रिटायरमेंट के बाद भी आईएएस ऑफिसर्स के जीवन में काफी रोमांच होता है क्योंकि अपने पूरे सेवाकाल में वह कई सारे विभागों में अपने कार सेवा प्रदान किया होता है और उनको कई सारे विभागों से कई सारे दफ्तरों से उनका तालुकात रहा होता है उनको उसकी जानकारी अथवा होती है और बहुत सारे ऐसे उनकी जिंदगी के लंबे होते हैं जिसमें की बहुत समस्याओं के बीच वह रास्ता निकाल कर आते हैं स्त्रियों को स्पष्ट करके आते हैं समस्या को सुलझा कर आते हैं सरकार इंसानों का सर सदैव संज्ञान लेती रहती है और देश-विदेश में अपनी सेवा को देखकर इसके अतिरिक्त विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विभिन्न उद्योग धंधों में उनकी भागीदारी कहीं ना कहीं रहती है अपने पूरे सेवाकाल के दौरान जब वह रिटायर हो जाते हैं कहने के लिए तो रिटायर जरूर कर लिया था लेकिन बहुत सारे से हमारे पास में संस्थान है एवं शिक्षा उद्योग ओके रामरक्षा हो उनमें सब में सलाहकार की आवश्यकता होती है इस दिन जो कंपनियां है वह कंपनियां भी बहुत सारे अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स कभी मानकर कितनी प्राइवेट कंपनियां भी अपने विकास के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर सुविधाओं के लिए अच्छा सुझाव के लिए ताकि कंपनी क्यों करें मोड ऑफ डायरेक्टर्स बनाते दिए जो रिटायर्ड ऑफिसर्स बड़े काम की चीज होते हैं वह बहुत सारे संस्थाओं के कहीं ना कहीं एडवाइजर सोते हैं राजनीति से जुड़ जाते हैं जो सैनिक का अनुभव होता है या फिर वहीं टेशन होता है इतना ही नहीं जितने भी प्राइवेट कंपनियां से बड़ी-बड़ी फेवरेट कंपनी है या वह उसमें वह वाला बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में से वह डायरेक्टर्स बनते हैं देश-विदेश के कई सारे सेलम है कि कई सारे ऐसे संबंध आते हैं उसे कि अभिषेक अनोखी बात होती है आपको तो याद ही होगा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 संभाला 2014 में एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिस भूपेंद्र मिश्रा जी को बहुत साल तक का रिटर्न और बहुत साल तक अपनी सेवा प्रधानमंत्री ऑफिस को देने के बाद वह बिल्कुल वापस आ चुके थे उनको फिर से नियम कानून में दीपावली में परिवर्तन करके फिर चल को वापस बुलाया और अपना सलाहकार बनाया अपना सब कुछ बनाया और इस तरीके से उनको वापस काम पर लाकर उनके अनुभव से फायदा उठाने का प्रयास किया तो यह सूचना लगातार चलता रहता है हर लेवल पर रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर स्केल जीवन होता है वह एक का बिल्कुल एक कलरफुल होता है रोमांच से परिपूर्ण होता है वह जब तक अपनी एक सच्ची साग एक मानसिक स्थिति में होते हैं सरकार उनका हमेशा से अनुभव का लाभ उठाने का प्रयास करता है चाहे वो राज्य स्तर पर हो चारों केंद्र स्तर पर कई तारीख कमेटियां होती है फैक्ट फाइंडिंग कमेटी होती है कई बार इस तरीके से कमिटी बनती है जो किसी तह तक जांच करने के लिए की जाती है तो वह उसमें ऐसे लोगों को रखा जाता है कई विश्वविद्यालय होते हैं जिनकी चांसलर के रूप में उनकी नियुक्ति होती है और रिप्लाई नहीं आता कोई अगर अपने जीवन काल में सेवाकाल में बड़ी अच्छी भूमिका निभाया है और तमाम समाजिक समस्याओं को समाप्त कर उनकी और गवर्नर के रूप में आगे बढ़ते हैं बहुत सारे गवर्नर विष्णु देखे जा सकते हैं जो पूछा यह सब सिर्फ रहे हैं आईपीएस ऑफिसर है अगर आज आप देखें तो हमारे पूर्व आईपीएस ऑफिसर अजीत डोभाल जी किस प्रकार से अपनी भूमिका को निभाने रिटायरमेंट के बाद भारत सरकार की हर एक पल सिस्को वृक्षाचे वह दुकान का मामला हो चाहे वो तबलीगी का मामला हो चाहे वह दिल्ली में राष्ट्रवाद सुंदर में अपनी रिपोर्ट देने का मामला हो तो वह आप देख सकते हैं कि किस प्रकार चाहिए आईएस आईपीएस अधिकारी अपनी भूमिका को रिटायरमेंट के बाद भी बनाए रखते हैं और सरकार का लाभ उठाते रहते

retirement ke baad bhi IAS officers ke jeevan me kaafi romanch hota hai kyonki apne poore sevakal me vaah kai saare vibhagon me apne car seva pradan kiya hota hai aur unko kai saare vibhagon se kai saare daftaron se unka talukat raha hota hai unko uski jaankari athva hoti hai aur bahut saare aise unki zindagi ke lambe hote hain jisme ki bahut samasyaon ke beech vaah rasta nikaal kar aate hain sthreeyon ko spasht karke aate hain samasya ko suljha kar aate hain sarkar insano ka sir sadaiv sangyaan leti rehti hai aur desh videsh me apni seva ko dekhkar iske atirikt vibhinn shikshan sansthano me vibhinn udyog dhandhon me unki bhagidari kahin na kahin rehti hai apne poore sevakal ke dauran jab vaah retire ho jaate hain kehne ke liye toh retire zaroor kar liya tha lekin bahut saare se hamare paas me sansthan hai evam shiksha udyog ok ramraksha ho unmen sab me salahkar ki avashyakta hoti hai is din jo companiya hai vaah companiya bhi bahut saare ab board of directors kabhi maankar kitni private companiya bhi apne vikas ke liye board of director suvidhaon ke liye accha sujhaav ke liye taki company kyon kare mode of directors banate diye jo retired officers bade kaam ki cheez hote hain vaah bahut saare sasthaon ke kahin na kahin advisor sote hain raajneeti se jud jaate hain jo sainik ka anubhav hota hai ya phir wahi teshan hota hai itna hi nahi jitne bhi private companiya se badi badi favourite company hai ya vaah usme vaah vala board of directors me se vaah directors bante hain desh videsh ke kai saare selim hai ki kai saare aise sambandh aate hain use ki abhishek anokhi baat hoti hai aapko toh yaad hi hoga ki jab pradhanmantri narendra modi ne 70 sambhala 2014 me ek retired IAS office bhupendra mishra ji ko bahut saal tak ka return aur bahut saal tak apni seva pradhanmantri office ko dene ke baad vaah bilkul wapas aa chuke the unko phir se niyam kanoon me deepawali me parivartan karke phir chal ko wapas bulaya aur apna salahkar banaya apna sab kuch banaya aur is tarike se unko wapas kaam par lakar unke anubhav se fayda uthane ka prayas kiya toh yah soochna lagatar chalta rehta hai har level par retired IAS officer scale jeevan hota hai vaah ek ka bilkul ek colourful hota hai romanch se paripurna hota hai vaah jab tak apni ek sachi saag ek mansik sthiti me hote hain sarkar unka hamesha se anubhav ka labh uthane ka prayas karta hai chahen vo rajya sthar par ho charo kendra sthar par kai tarikh kametiyan hoti hai fact Finding committee hoti hai kai baar is tarike se committee banti hai jo kisi tah tak jaanch karne ke liye ki jaati hai toh vaah usme aise logo ko rakha jata hai kai vishwavidyalaya hote hain jinki chancellor ke roop me unki niyukti hoti hai aur reply nahi aata koi agar apne jeevan kaal me sevakal me badi achi bhumika nibhaya hai aur tamaam samajik samasyaon ko samapt kar unki aur governor ke roop me aage badhte hain bahut saare governor vishnu dekhe ja sakte hain jo poocha yah sab sirf rahe hain ips officer hai agar aaj aap dekhen toh hamare purv ips officer ajit dobhal ji kis prakar se apni bhumika ko nibhane retirement ke baad bharat sarkar ki har ek pal Cisco vrikshache vaah dukaan ka maamla ho chahen vo tabaligi ka maamla ho chahen vaah delhi me rashtravad sundar me apni report dene ka maamla ho toh vaah aap dekh sakte hain ki kis prakar chahiye ias ips adhikari apni bhumika ko retirement ke baad bhi banaye rakhte hain aur sarkar ka labh uthate rehte

रिटायरमेंट के बाद भी आईएएस ऑफिसर्स के जीवन में काफी रोमांच होता है क्योंकि अपने पूरे सेवाक

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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रिटायर होने के बाद एक पूर्व आईएएस ऑफिसर जीवन कैसा होता है अवकाश प्राप्त हर व्यक्ति का जीवन एक समान अब वह घर पर बैठकर परिवार के साथ जीवन काटता है तो कितना मुश्किल होता है क्योंकि अतीत की यादों में खोया रहता है और जो सुखचैन सकून इंसान को अपने कार्यकाल में मिलता है वह सुखचैन शिक्षकों ने इंसान को रिटायर होने के बाद नहीं मिलता ना अध्यात्मिक नेपाल बारिश नई समाधि इंसान 1 तारीख से अकेला हो जाता है ले अपने परिवार में साथ चले ना इटली मानना है के रिटायर होने के बाद भी अपनी संपत्ति लोगों के साथ बैठकर समाज में जीवन यापन बताएं समाज सेवा की योजना बनाएं सांची गाने सनी और शिवा भी करें और अपने जीवन यापन का आर्मी उठाएं पेंशन पर डिपेंड ना करें पेंशन मिलेगी तो जीवन का खर्च कर जाएगा जब तक जब तक शरीर को क्रियाशील रखना उसे समाज की सेवा भी हो और आपको निरंतर आएगी और ताकि आपको उससे क्रियाशीलता बनाए रखने में आपको आनंद

retire hone ke baad ek purv IAS officer jeevan kaisa hota hai avkash prapt har vyakti ka jeevan ek saman ab vaah ghar par baithkar parivar ke saath jeevan katata hai toh kitna mushkil hota hai kyonki ateet ki yaadon me khoya rehta hai aur jo sukhchain sakun insaan ko apne karyakal me milta hai vaah sukhchain shikshakon ne insaan ko retire hone ke baad nahi milta na adhyatmik nepal barish nayi samadhi insaan 1 tarikh se akela ho jata hai le apne parivar me saath chale na italy manana hai ke retire hone ke baad bhi apni sampatti logo ke saath baithkar samaj me jeevan yaapan bataye samaj seva ki yojana banaye sanchi gaane sunny aur shiva bhi kare aur apne jeevan yaapan ka army uthaye pension par depend na kare pension milegi toh jeevan ka kharch kar jaega jab tak jab tak sharir ko kriyasheel rakhna use samaj ki seva bhi ho aur aapko nirantar aayegi aur taki aapko usse kriyashilta banaye rakhne me aapko anand

रिटायर होने के बाद एक पूर्व आईएएस ऑफिसर जीवन कैसा होता है अवकाश प्राप्त हर व्यक्ति का जीवन

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आप कब तक में रिटायरमेंट होने के बाद एक फूल आईएएस ऑफिसर का जीवन कैसा होता है होता है हमारा और आपका होता है रिटायरमेंट के बाद ऐसे ऑफिसर से बहुत कम लोग मिलते हैं उसका कारण यह है कि जब रहते हैं बहुत से दूरी बनाते हैं रिटायरमेंट के बाद समाज ने उनसे दूरी बना कर रखा है

aap kab tak me retirement hone ke baad ek fool IAS officer ka jeevan kaisa hota hai hota hai hamara aur aapka hota hai retirement ke baad aise officer se bahut kam log milte hain uska karan yah hai ki jab rehte hain bahut se doori banate hain retirement ke baad samaj ne unse doori bana kar rakha hai

आप कब तक में रिटायरमेंट होने के बाद एक फूल आईएएस ऑफिसर का जीवन कैसा होता है होता है हमारा

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Dr Jayadev Sarangi

Worked at Indian Administrative Service (AGMUT), Formerly SECRETARY,GOVERNMENT OF NCT OF DELHI/Goa Government .Formerly Expert UNODC

1:28

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बढ़ा शांतिपूर्ण है क्योंकि आपकी स्तुति संस्कृत ज्यादा ना हो तो आपके रिटायरमेंट के बाद आप जो चाहो कर सकते हो क्योंकि आपकी दुआ है आप तो पढ़े-लिखे ऊपर वाले की मर्जी हो जो कुछ भी यूज करते हो या कोई ऐसी आशा है कि किसी भी तरह की समस्या लेकर आता है अभी सुना दे पाती हो आप पहले तो सोचा की लोकेशन में क्या फिगर था तो आप फेसबुक में हमारे लगभग 5 सीटें होंगी नौकरी में उसको क्या परेशानी है आपको पिक्चर में कोई सवाल करता है आपके पास कोई आपकी आप जहां पर मदद करना चाहते हो अभी से अभी तक चालू नहीं होता था

badha shantipurna hai kyonki aapki stuti sanskrit zyada na ho toh aapke retirement ke baad aap jo chaho kar sakte ho kyonki aapki dua hai aap toh padhe likhe upar waale ki marji ho jo kuch bhi use karte ho ya koi aisi asha hai ki kisi bhi tarah ki samasya lekar aata hai abhi suna de pati ho aap pehle toh socha ki location mein kya figure tha toh aap facebook mein hamare lagbhag 5 seaten hongi naukri mein usko kya pareshani hai aapko picture mein koi sawaal karta hai aapke paas koi aapki aap jaha par madad karna chahte ho abhi se abhi tak chaalu nahi hota tha

बढ़ा शांतिपूर्ण है क्योंकि आपकी स्तुति संस्कृत ज्यादा ना हो तो आपके रिटायरमेंट के बाद आप ज

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Rihan Shah

I want to become An IAS Officer (Love Realationship Full Experience)

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आपकी रिटायर होने के बाद पूर्व एक आईएएस अफसर अली मिटाने के बाद अपनी बात अपने चार आदमी की भेज में रख सकता है

aapki retire hone ke baad purv ek IAS officer ali mitne ke baad apni baat apne char aadmi ki bhej mein rakh sakta hai

आपकी रिटायर होने के बाद पूर्व एक आईएएस अफसर अली मिटाने के बाद अपनी बात अपने चार आदमी की भे

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रिटायर्ड आईएएस अफसर जो होता है उसका जीवन हलक रिटायर होने के बाद वह एक आम नागरिक हो जाता है उसको सिर्फ उसके जो ओहदे की पहले एक रिटायर्ड का पर लग जाता है तो यदि वह मैच्यूट है तो हर जगह उसकी वैली होगी वह अपना काम निकालते और अपना मिल दिनचर्या जो है ना बहुत अच्छे तरीके से हो सकते आईएसी नहीं और भी अन्य क्षेत्रों के जो लोग हैं वह भी वह भी अपना जीवन रिटायर होने के बाद अच्छे से गुजार सकते हैं वह कुछ इस तरह सोशल वर्क में लग जाए या फिर सोशल वर्क में लग जाएंगे टीचिंग में लग जाएगा रहते हैं यदि को डॉक्टर से डॉक्टर थे थे गुड डॉक्टर के पीछे में लग जा सकते जा सकते हैं तू कई चीजें हैं इंजीनियरिंग फील्ड है तो उसमें कई पढ़ा सकते मीनिंग ऑफ कोचिंग बच्चों को पढ़ा सकते हैं एक नए साइंटिस्ट क्रिएट कर सकते हैं तो यह सब डिपेंड होता है उसके शाह क्या रहा है यह सब सर का जीवन बहुत ही हालत ही अच्छा रहता है एक के रिटायर होने के बावजूद भी अच्छा रहता है एक मान सम्मान उसके आसपास रहता है कि उस और कहा जाता है कि यह कलेक्टर है या पश्चिम रही है जो भी रहे यह चीज रहती है

retired IAS officer jo hota hai uska jeevan halak retire hone ke baad vaah ek aam nagarik ho jata hai usko sirf uske jo ohade ki pehle ek retired ka par lag jata hai toh yadi vaah maichyut hai toh har jagah uski valley hogi vaah apna kaam nikalate aur apna mil dincharya jo hai na bahut acche tarike se ho sakte IAC nahi aur bhi anya kshetro ke jo log hain vaah bhi vaah bhi apna jeevan retire hone ke baad acche se gujar sakte hain vaah kuch is tarah social work mein lag jaaye ya phir social work mein lag jaenge teaching mein lag jaega rehte hain yadi ko doctor se doctor the the good doctor ke peeche mein lag ja sakte ja sakte hain tu kai cheezen hain Engineering field hai toh usme kai padha sakte meaning of coaching baccho ko padha sakte hain ek naye scientist create kar sakte hain toh yah sab depend hota hai uske shah kya raha hai yah sab sir ka jeevan bahut hi halat hi accha rehta hai ek ke retire hone ke bawajud bhi accha rehta hai ek maan sammaan uske aaspass rehta hai ki us aur kaha jata hai ki yah collector hai ya paschim rahi hai jo bhi rahe yah cheez rehti hai

रिटायर्ड आईएएस अफसर जो होता है उसका जीवन हलक रिटायर होने के बाद वह एक आम नागरिक हो जाता है

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