आज से कुछ दशक पहले UPSC परीक्षा में और आज की UPSC परीक्षा में क्या अंतर है?...


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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:06
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Ansh jalandra

Motivational speaker

1:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यूपी शिक्षा तब भी वही थी आज भी वही है बस इतना है कि तब कंपटीशन कम था लोग दलित नेता लोगों में इस पिक्चर का वह लोग के लिए आज के टाइम में लोगों के पास ही रहता है ज्यादातर कि चाहे कुछ भी हो जाए 1 - 10 दिन तो करके ही देखे हैं मिले सक्सेस मिले या ना मिले और तब भी लोगों को यह रहता था कि कोई भी जॉब मिलो बस मिल जाए बहुत है तो बस इसी वजह से आज के टाइम में कंपटीशन बहुत है बाकी कंपटीशन को देखते हुए हार्ड तो जाम होने लगी है इसलिए बस तब करते जा रहे हैं क्योंकि अगर एग्जाम को हार्ड नहीं बनाएंगे अभी किचन में बिजी होंगे तो फिर आपको पता है कि कचरा जमा हो जाएगा तो कुछ इस लेवल पर लेते हैं जिससे हिसाब से कंपटीशन बनता है फिर बढ़ रही है उसी हिसाब से कंपटीशन कितना हार्ड करते जाएंगे उनको लिखकर ही मिले बाकी बची हुई है वह बाहर निकल जाए

dekhiye up shiksha tab bhi wahi thi aaj bhi wahi hai bus itna hai ki tab competition kam tha log dalit neta logo me is picture ka vaah log ke liye aaj ke time me logo ke paas hi rehta hai jyadatar ki chahen kuch bhi ho jaaye 1 10 din toh karke hi dekhe hain mile success mile ya na mile aur tab bhi logo ko yah rehta tha ki koi bhi job milo bus mil jaaye bahut hai toh bus isi wajah se aaj ke time me competition bahut hai baki competition ko dekhte hue hard toh jam hone lagi hai isliye bus tab karte ja rahe hain kyonki agar exam ko hard nahi banayenge abhi kitchen me busy honge toh phir aapko pata hai ki kachra jama ho jaega toh kuch is level par lete hain jisse hisab se competition banta hai phir badh rahi hai usi hisab se competition kitna hard karte jaenge unko likhkar hi mile baki bachi hui hai vaah bahar nikal jaaye

देखिए यूपी शिक्षा तब भी वही थी आज भी वही है बस इतना है कि तब कंपटीशन कम था लोग दलित नेता ल

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:38
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Dr Jayadev Sarangi

Worked at Indian Administrative Service (AGMUT), Formerly SECRETARY,GOVERNMENT OF NCT OF DELHI/Goa Government .Formerly Expert UNODC

1:33

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नागीन 17 मई के बाद 1979 के बाद जो सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन पेटर्न चेंज हुआ हम लोग ऐसे में आया तू ही तू एग्जामिनेशन सिमरु का जो सिलसिला जारी है ज्यादा लोगों के टाइम में जिससे आप इंटरनेट किया आप घूमना पड़ता था वीडियो में दो आपके पास एक मोबाइल फोन है तो आप हर चीज मिल तो मैं आपके पास इंफॉर्मेशन आ जाता है तो कंपटीशन थोड़ा सा होने लगा पहले क्या था जो लोग काफी सरल रिच कर पाते थे फॉरमेशन को इन लोगों के लिए भी होता था जो लोगों को काफी कोशिश के बावजूद भी ज्यादा हो गया

nagin 17 may ke baad 1979 ke baad jo civil services examination pattern change hua hum log aise mein aaya tu hi tu examination simru ka jo silsila jaari hai zyada logo ke time mein jisse aap internet kiya aap ghumana padta tha video mein do aapke paas ek mobile phone hai toh aap har cheez mil toh main aapke paas information aa jata hai toh competition thoda sa hone laga pehle kya tha jo log kaafi saral rich kar paate the formation ko in logo ke liye bhi hota tha jo logo ko kaafi koshish ke bawajud bhi zyada ho gaya

नागीन 17 मई के बाद 1979 के बाद जो सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन पेटर्न चेंज हुआ हम लोग ऐसे मे

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PRAMOD KUMAR

Retired IFS Officer | Advisor to TRIFED

3:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपने पूछा है क्या आज से कुछ दशक पहले यूपीएससी परीक्षा है और आज की विश्वकप में क्या अंतर है मैं आपको यूपीएससी एग्जाम उसको दो पार्ट में डिवाइड करना चाहता हूं एक कोठारी कमीशन का पहले का और कोटा रिजर्वेशन कबका कोठारी कमीशन का रिपोर्ट से आया था उससे पहले का तस्वीर से उस एग्जामिनेशन का परिपथ डे था और कोठारी को बुखार आने के बाद जो चेंज हुआ उसके बारे में बताता हूं कोठारी कमीशन के पहले रिजर्वेशन तो अभी उसके बाद फिर एग्जामिनेशन शुरुआती सेलिब्रेशन प्रोसेस में बूचड़खाने भी है बट एक तरफ जरूरी है क्योंकि इसको लेना ही पड़ेगा नहीं तो इतने सारे कैंडीडेट्स अप्लाई करते हैं तो रुको आप सिलत करेंगे बट कभी-कभी तो सुबह से शुरू करता है कि आप कोली रियल टेस्ट होता है या नहीं होता पहले क्या होता था सिर्फ विदाई आपको मेंस एग्जाम में बैठने पर एक मेजर चंदिया से क्लीनर को करना है सबसे बड़ा इंपॉर्टेंट जाता है जबकि और सीमेंट का पहले का जो बात है उस टाइम पर पर पर पर पर था जो एयरपोर्ट धोते थे जिसमें आपको इंडियन एडमिशन सर्विस ऑल इंडियन फॉरेन सर्विस और दोनों के एग्जाम बैठते थे तो आपको एक्स्ट्रा पेपर हार्ड पेपर देना पड़ता आपको मेन सब्जेक्ट में अभी खत्म हो गया कोठारी कमीशन के बाद एक ही एग्जाम हो गया जिसमें सभी के लिए सामान रह गया आप का सब्जेक्ट है और पिछले कुछ साल में फिर बीच में ऐसे को पूरा खत्म कर दिया गया था इंग्लिश एस्से को फिर बाद में उसको इंट्रोड्यूस क्या-क्या तो इसका काफी सारे चेंज हुआ है यूपीएससी सिविल सर्विसेज अभी कुछ साल पहले दोस्तों सब से दुआ करता था अभी एक ही अफसरों सब्जेक्ट ले गया कोई एक इस अवसर पर शुभ होता है क्या हुआ कि आपके जंगल का ओपन कब स्टेशन बढ़िया अभिषेक मेंस एग्जाम आप देखेंगे कि 17 से 50 नंबर का एग्जाम होती है जिसमें चार पेपर जनरल नॉलेज का होती है उसको होती है पहले जनरल नॉलेज का पुरवा करता था और सब्जेक्ट कर दो सब्जेक्ट का 1234 होता था तभी सब्जेक्ट इंपोर्टेंट थोड़ा कम हो गया और जनरल नॉलेज कई गुना ज्यादा हो गया अभी का जो सफलता सक्सेस का जो मेल की है जालंधर जिसका जन्म स्थल इसका ऊपर अच्छा ग्रुप है इसका राइटिंग स्किल जनरल इसको अच्छा है पर इंटर संस्कृत बढ़िया है और इन टेक्नोलॉजी जुलूस का उपाय सुपर सट्टा में रहता है क्योंकि सब्जेक्ट में एक ही शब्द अलग होती है तो जो भी सब्जेक्ट है तो आप कोई भी उसको आराम से कर सकते का खुद का सबसे छोटा था एक आपको कोई बाहर का सौदा कृपया करना पड़ता था तो उस समय उसका बहुत सारे इंपोर्टेंट था उसके बाद फिर आपके जैसे यह है

namaskar aapne poocha hai kya aaj se kuch dashak pehle upsc pariksha hai aur aaj ki vishwacup mein kya antar hai aapko upsc exam usko do part mein divide karna chahta hoon ek kothari commision ka pehle ka aur quota reservation kabaka kothari commision ka report se aaya tha usse pehle ka tasveer se us examination ka paripath day tha aur kothari ko bukhar aane ke baad jo change hua uske bare mein batata hoon kothari commision ke pehle reservation toh abhi uske baad phir examination shuruati celebration process mein bucharkhane bhi hai but ek taraf zaroori hai kyonki isko lena hi padega nahi toh itne saare kaindidets apply karte hain toh ruko aap silat karenge but kabhi kabhi toh subah se shuru karta hai ki aap koli real test hota hai ya nahi hota pehle kya hota tha sirf vidai aapko mens exam mein baithne par ek major chandia se cleaner ko karna hai sabse bada important jata hai jabki aur cement ka pehle ka jo baat hai us time par par par par par tha jo airport dhote the jisme aapko indian admission service all indian foreign service aur dono ke exam baithate the toh aapko extra paper hard paper dena padta aapko main subject mein abhi khatam ho gaya kothari commision ke baad ek hi exam ho gaya jisme sabhi ke liye saamaan reh gaya aap ka subject hai aur pichle kuch saal mein phir beech mein aise ko pura khatam kar diya gaya tha english essay ko phir baad mein usko introduce kya kya toh iska kaafi saare change hua hai upsc civil services abhi kuch saal pehle doston sab se dua karta tha abhi ek hi afsaron subject le gaya koi ek is avsar par shubha hota hai kya hua ki aapke jungle ka open kab station badhiya abhishek mens exam aap dekhenge ki 17 se 50 number ka exam hoti hai jisme char paper general knowledge ka hoti hai usko hoti hai pehle general knowledge ka purva karta tha aur subject kar do subject ka 1234 hota tha tabhi subject important thoda kam ho gaya aur general knowledge kai guna zyada ho gaya abhi ka jo safalta success ka jo male ki hai jalandhar jiska janam sthal iska upar accha group hai iska writing skill general isko accha hai par inter sanskrit badhiya hai aur in technology jhullus ka upay super satta mein rehta hai kyonki subject mein ek hi shabd alag hoti hai toh jo bhi subject hai toh aap koi bhi usko aaram se kar sakte ka khud ka sabse chota tha ek aapko koi bahar ka sauda kripya karna padta tha toh us samay uska bahut saare important tha uske baad phir aapke jaise yah hai

नमस्कार आपने पूछा है क्या आज से कुछ दशक पहले यूपीएससी परीक्षा है और आज की विश्वकप में क्या

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:08
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नितिन दे आंखें कुछ और करने और आज की यूपी की परीक्षा में बहुत अंतर है यूपी वही है परीक्षा में वही है लेकिन परीक्षा के स्तन में परीक्षा के रूप में बहुत बदलाव में आगे पीछे की परीक्षा एक बहुत बड़ी कॉम्पिटेटिव और बहुत बड़ा मैटर में टेस्टी की सुकन्या स्टेटस सिंबल बन गई है जो देखो बेचारी जो देखो यूपी से चालीसगांव से हट जाते हैं और लोग क्या सोचते हैं कि बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है देखो 40 पड़ रहा है गाना भीलवाड़ा है डॉक्टर साहब भी दौड़ रहे हैं इंजीनियर साहब भी दौड़ रहे हैं सभी लाइन में लगे कुछ बुद्धिजीवी वर्ग में बांटा महसूस करते हैं और वह उस परीक्षा में सम्मिलित होना नहीं चाहते आज की स्थिति है प्राचीन काल में यूपीएससी के फॉर्म भरने से पहले 10 बार इंसान को चाटा संसाधनों को तलाक का क्या सहयोग को चलाता था और परिवार की तरफ से भी संदेश मिलता था अगर आप में योग्यता है तो जरूर आप करें हम आप को सपोर्ट करेंगे आज से 40 साल पहले यूपी अच्छे बहुत बड़ी परेशानी है क्योंकि हर बड़ा गर्व होता था अगर कोई व्यक्ति आईएसीआई PS2 टाटा सामाजिक आर्थिक से व्यवहारिक से हर नजरिए से दृष्टिकोण में अंतर

nitin de aankhen kuch aur karne aur aaj ki up ki pariksha mein bahut antar hai up wahi hai pariksha mein wahi hai lekin pariksha ke stan mein pariksha ke roop mein bahut badlav mein aage peeche ki pariksha ek bahut badi competitive aur bahut bada matter mein tasty ki sukanya status symbol ban gayi hai jo dekho bechari jo dekho up se chalisgaon se hut jaate hain aur log kya sochte hain ki bahut zyada mahatvapurna nahi hai dekho 40 pad raha hai gaana bhilwara hai doctor saheb bhi daudh rahe hain engineer saheb bhi daudh rahe hain sabhi line mein lage kuch buddhijeevi varg mein baata mehsus karte hain aur vaah us pariksha mein sammilit hona nahi chahte aaj ki sthiti hai prachin kaal mein upsc ke form bharne se pehle 10 baar insaan ko chaanta sansadhano ko talak ka kya sahyog ko chalata tha aur parivar ki taraf se bhi sandesh milta tha agar aap mein yogyata hai toh zaroor aap kare hum aap ko support karenge aaj se 40 saal pehle up acche bahut badi pareshani hai kyonki har bada garv hota tha agar koi vyakti IACI PS2 tata samajik aarthik se vyavaharik se har nazariye se drishtikon mein antar

नितिन दे आंखें कुछ और करने और आज की यूपी की परीक्षा में बहुत अंतर है यूपी वही है परीक्षा म

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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले की यूपीएससी एग्जाम में एग्जाम के जो पैटर्न होते थे और थोड़े शार्ट होते थे ज्यादा लंबी नहीं होते थे और वह थोड़े इजी क्वेश्चन इंक्लूड किए जाते थे आज के प्रतिद्वंदी समय में प्रतिस्पर्धा में है क्या प्रतिद्वंदी ज्यादा बढ़ गया जिससे एग्जाम पैटर्न को ज्यादा हार्ड किया जा रहा है तो यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन में अगर आपको फाइट करने तो आपको बहुत मेहनत करना है और एक फोकस बनाना है कंटिन्यू रहना है तभी आप सफलता को प्राप्त करेंगे

pehle ki upsc exam me exam ke jo pattern hote the aur thode shaart hote the zyada lambi nahi hote the aur vaah thode easy question include kiye jaate the aaj ke pratidwandi samay me pratispardha me hai kya pratidwandi zyada badh gaya jisse exam pattern ko zyada hard kiya ja raha hai toh union public service commision me agar aapko fight karne toh aapko bahut mehnat karna hai aur ek focus banana hai continue rehna hai tabhi aap safalta ko prapt karenge

पहले की यूपीएससी एग्जाम में एग्जाम के जो पैटर्न होते थे और थोड़े शार्ट होते थे ज्यादा लंबी

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज से कुछ दशक पहले यूपीएससी की परीक्षा में और आज की यूपीएससी परीक्षा में क्या अंतर है दोस्तों समय के को ध्यान में रखते हुए हमें यह आभास होता है कि पहले की जो परीक्षा होती थी और आज की परीक्षा में काफी अंतर क्योंकि दोस्तों पहले परीक्षा होती वह मालवीय साक्षात्कार की वजह से और जिसमें आपको पता है कि पेपर के माध्यम से होती और आज दोस्तों आधुनिक तरीके से ऑनलाइन तरीके से एग्जाम हो रहे हैं उसमें तकनीकी जो पहले कमियां थी जैसे पहले ओ मार्कशीट नहीं होती थी दोस्तों सीधे उत्तर पुस्तिका ही दी जाती थी और आज और मार्कशीट का प्रयोग किया जाता है जिसे व्यक्ति अपना समय परीक्षण कर सकता है कि मैंने कौन से उत्तर लिखे हैं और जिसकी संपूर्ण जानकारी उनके पास में रहती है और वह जब चाहे तब कोर्ट से याचिका दायर करके अपना फैसला सुरक्षित देख सकता है इसलिए दोस्तों आज की परीक्षा में और पहली परीक्षा में काफी अंतर आए हैं आशा करता हूं कि सर जी द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे धन्यवाद दोस्तों जय हिंद जय भारत बने रहिए इस मौके पर

aaj se kuch dashak pehle upsc ki pariksha mein aur aaj ki upsc pariksha mein kya antar hai doston samay ke ko dhyan mein rakhte hue hamein yah aabhas hota hai ki pehle ki jo pariksha hoti thi aur aaj ki pariksha mein kaafi antar kyonki doston pehle pariksha hoti vaah malaviya sakshatkar ki wajah se aur jisme aapko pata hai ki paper ke madhyam se hoti aur aaj doston aadhunik tarike se online tarike se exam ho rahe hain usme takniki jo pehle kamiyan thi jaise pehle o marksheet nahi hoti thi doston sidhe uttar pustika hi di jaati thi aur aaj aur marksheet ka prayog kiya jata hai jise vyakti apna samay parikshan kar sakta hai ki maine kaunsi uttar likhe hain aur jiski sampurna jaankari unke paas mein rehti hai aur vaah jab chahen tab court se yachika dayar karke apna faisla surakshit dekh sakta hai isliye doston aaj ki pariksha mein aur pehli pariksha mein kaafi antar aaye hain asha karta hoon ki sir ji dwara di gayi jaankari se aap santusht honge dhanyavad doston jai hind jai bharat bane rahiye is mauke par

आज से कुछ दशक पहले यूपीएससी की परीक्षा में और आज की यूपीएससी परीक्षा में क्या अंतर है दोस्

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