हमारे देश की आज जैसी स्थिति है, उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है?...


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Safar Shukla

Journalist

1:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकारिता आजकल कहने का मतलब यह है कि पत्रकारिता बहुत ही ज्यादा सुनने की तरफ बढ़ रही है सबसे बड़ी बात है कि हम सच्चाई को हम प्रकाशित नहीं कर सकते क्योंकि हम सच्चाई प्रकाशित करते हैं तो जो बड़े-बड़े चैनल है या बड़े बड़े अखबार में प्रकाशित होने नहीं देते करेगा उसे अखबार नहीं लगा देगी चैनल जगह नहीं देगा तो फिर छोड़ देगा फिर भी हो रहा है अगर लोग मोबाइल पर आगे लूट देखने लगे तो कहीं ना कहीं टीवी चैनल वालों की कमी है और कहीं ना कहीं एक बार मिल गया की भी कमी है कि बढ़ा चढ़ाकर असलियत को कुछ उल्टा सीधा या जो भी ऐसा चौका लगाते तो मैं समझता हूं कि आज के दौर में सबसे बड़ा पत्रकारिता के लिए वह बहुत ही बड़ा कठिन है कि जमीनी स्तर पर जब पब्लिश नहीं कर पाता तो उसी इलाके से वह तो या तो खुद को काट लेगा अपने आपको दूसरा रास्ता पकड़ना करने को लोग सवाल पूछते हैं तो सवाल पत्रकार पर है

patrakarita aajkal kehne ka matlab yah hai ki patrakarita bahut hi zyada sunane ki taraf badh rahi hai sabse badi baat hai ki hum sacchai ko hum prakashit nahi kar sakte kyonki hum sacchai prakashit karte hain toh jo bade bade channel hai ya bade bade akhbaar mein prakashit hone nahi dete karega use akhbaar nahi laga degi channel jagah nahi dega toh phir chhod dega phir bhi ho raha hai agar log mobile par aage loot dekhne lage toh kahin na kahin TV channel walon ki kami hai aur kahin na kahin ek baar mil gaya ki bhi kami hai ki badha chadhakar asliyat ko kuch ulta seedha ya jo bhi aisa chowka lagate toh main samajhata hoon ki aaj ke daur mein sabse bada patrakarita ke liye vaah bahut hi bada kathin hai ki zameeni sthar par jab publish nahi kar pata toh usi ilaake se vaah toh ya toh khud ko kaat lega apne aapko doosra rasta pakadna karne ko log sawaal poochhte hain toh sawaal patrakar par hai

पत्रकारिता आजकल कहने का मतलब यह है कि पत्रकारिता बहुत ही ज्यादा सुनने की तरफ बढ़ रही है सब

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Anil Sharma

Journalist

2:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिंदी कि आपका जो सवाल है कि आज हमारे देश की जो स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है विचार तो सही कहना चाहेंगे कि यह जो स्थिति है 23 में वह एक अलॉटमेंट कंट्री के रूप में तो देश ऊपर ही रहा है साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी हो रही है जो हर किसी के हिसाब से अपने-अपने विचार होते हैं उसी हिसाब से जो मेरा विचार है तो मेरे विचार से कम 3 है जो उतना डायलॉग कर रही है और यह तो समय की मांग होती है और बदलाव जरूर होना चाहिए सिस्टम भी बदलाव होगा तभी कुछ चीजें निखर कर सामने आएंगे कुछ चीजों का रिजल्ट जो है वह थोड़ा समय के बाद ही पता लगता है चीजों में बदलाव होना बहुत जरूरी है और एक युवक को भी इसमें जो कि मैं कहूंगा एक भागीदारी है वह आजकल जो इंटरनेट ऑन देश में टेक्नोलॉजी पड़ी है इस हिसाब से तो उसमें इस समय की जो है वह 1 दिन की स्थिति बनती जा रही है मेरे हिसाब से जो मेरा विचार है हमारे देश में जो आज की स्थिति बनी हुई है मैक्सिमम जो बेरोजगारी है वह उसका पता नहीं चल रहा है सिस्टम क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है यह सभी चीजें हैं और इसके बारे में पूरा तो पॉलिटिकल चीजें हो रही है राजनीतिक स्तर पर और बिजनेस के स्तर पर आर्थिक लेवल जो होता है उनका तो यह सभी चीजें आंखें ऊंची हुई सी प्रतीत हो रही है लेकिन देखते हैं धीरे-धीरे आगे क्या होता है और जो एक बात है वह है जो समय है वह बदला मांगता है और बदलाव के बदलाव होना चाहिए मेरे हिसाब से जो मेरा

hindi ki aapka jo sawaal hai ki aaj hamare desh ki jo sthiti hai us par ek patrakar ke roop mein aapka kya vichar hai vichar toh sahi kehna chahenge ki yah jo sthiti hai 23 mein vaah ek allotment country ke roop mein toh desh upar hi raha hai saath saath kuch aisi cheezen bhi ho rahi hai jo har kisi ke hisab se apne apne vichar hote hain usi hisab se jo mera vichar hai toh mere vichar se kam 3 hai jo utana dialogue kar rahi hai aur yah toh samay ki maang hoti hai aur badlav zaroor hona chahiye system bhi badlav hoga tabhi kuch cheezen nikhar kar saamne aayenge kuch chijon ka result jo hai vaah thoda samay ke baad hi pata lagta hai chijon mein badlav hona bahut zaroori hai aur ek yuvak ko bhi isme jo ki main kahunga ek bhagidari hai vaah aajkal jo internet on desh mein technology padi hai is hisab se toh usmein is samay ki jo hai vaah 1 din ki sthiti banti ja rahi hai mere hisab se jo mera vichar hai hamare desh mein jo aaj ki sthiti bani hui hai maximum jo berojgari hai vaah uska pata nahi chal raha hai system kya ho raha hai kya nahi ho raha hai yah sabhi cheezen hain aur iske bare mein pura toh political cheezen ho rahi hai raajnitik sthar par aur business ke sthar par aarthik level jo hota hai unka toh yah sabhi cheezen aankhen unchi hui si pratit ho rahi hai lekin dekhte hain dhire dhire aage kya hota hai aur jo ek baat hai vaah hai jo samay hai vaah badla mangta hai aur badlav ke badlav hona chahiye mere hisab se jo mera

हिंदी कि आपका जो सवाल है कि आज हमारे देश की जो स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका

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Mamta Kumari

Journalist.news Editor

0:37
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकार होने के नाते हमारा विचार यह है कि जो देश में घटित हो रहा है उसको हम वह हम सच ही दिखाई ना कि और कुछ बना चढ़ा कर बताएं क्योंकि से लोग उत्तेजित होते हैं और जो भी कोई कोई प्रणाम आता है वह सिर्फ नगदी भी आता है इसे हमें सच ही बताना चाहिए और सच ही दिखाना चाहिए क्योंकि एक पत्रकार का कर्तव्य ही यही है कि वह सच दिखाएं और सच ही बताएं और लोगों तक सच को लेकर लोगों तक सच को ही लेकर जाए

patrakar hone ke naate hamara vichar yah hai ki jo desh mein ghatit ho raha hai usko hum vaah hum sach hi dikhai na ki aur kuch bana chadha kar batayen kyonki se log uttejit hote hain aur jo bhi koi koi pranam aata hai vaah sirf nagadi bhi aata hai ise hamein sach hi bataana chahiye aur sach hi dikhana chahiye kyonki ek patrakar ka kartavya hi yahi hai ki vaah sach dikhaen aur sach hi batayen aur logon tak sach ko lekar logon tak sach ko hi lekar jaaye

पत्रकार होने के नाते हमारा विचार यह है कि जो देश में घटित हो रहा है उसको हम वह हम सच ही दि

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Aditya shukla

Journalist

9:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय हिंद आदित्य शुक्ला आप सभी भाइयों से बताना चाहूंगा कि हमारे देश की स्थिति आपको सबको पता है कैसा चल रहा है दी सबकी अपनी-अपनी लाइफ होती है सबका अपना भी होता है मेरे हिसाब से बताना चाहूंगा कि अपने देश की स्थिति बहुत ही बुरी है इस से ज्यादा कुछ नहीं हो सकता बुरा कि आए दिन या रोज की न्यूज़ में आपको ऐसी खबरें मिलती रहती है कि किसी लड़की के साथ के साथ सामूहिक बलात्कार हो गया किसी लड़की के साथ को जलाकर मार दिया क्या यह तो आपको खबरें मिलती है बाकी कुछ खबरें कुछ क्या ज्यादातर खबरें ऐसी होती है जो आपको सुनने भी नहीं थी आप इसी से अंदाजा लगा सकते हो कितना बुरा चल रहा है पूरे देश में कितना ज्यादा बलात्कार हो रहा है कितना लड़की के साथ अन्याय हो रहा है यह हम आप सोचते थे कि नहीं हम अब कहने का मतलब यह है कि हम दही नहीं रोका की बंदूक गंदा है या मेरे मंदा है मैं काम की बात कर रहा हूं एक आम इंसान कितना बुरा हो गया है कि वह जरा सा भी नहीं सोचता है इतना गंदा काम करने के लिए क्या करें उसकी गरिमा होती होगी वह रोती होगी आप इतना गिर गए हो मैं सबसे बड़ा बुरा तो ही रहता है मुझे पहला और दूसरा यह कि राजनीति पहले क्या हुआ था हुआ करता था कि राजनीति में आम इंसान नहीं पड़ता था उन्होंने अपना वोट डाला जो नेता पसंद आया जिसको लगा कि हां वह लायक है 19 को जीता है आम पब्लिक ने काम किया लेकिन अभी क्या है हम और आप सारे के सारे पॉलिटिशन बन गए सारे के सारे ध्यान रखना अच्छी बात है आपके अंदर ज्ञान होगा अच्छी लेकिन उस ज्ञान का दुरूपयोग या फिर किसी के साथ फालतू की बहस करना फालतू की चीजें पोस्ट करना यह बहुत ही ज्यादा बुरा है मैं हमेशा देखते रहता हूं फेसबुक पर मेरे मेरा फेसबुक पेज है मेरे फेसबुक का अकाउंट है उसमें देखते रहता हूं और भी सोशल मीडिया पर देखता रहता हूं फालतू की चीजों पर बहस किए जाते हैं इतना गुस्सा भरा भरा सबके अंदर कि वह एक दूसरे को गाली तक देने को तैयार है फेसबुक पर किसी ने कुछ कोई पोस्ट किया किसी नेता को सपोर्ट किया तो उस पर अगला बंदा गाली देने को तैयार है उसको कुछ भी बोलेंगे और बहुत गिर के हम लोग पोस्ट डालते थे पोस्ट पड़ती है जरा सब्सटेंस यूज नहीं करते कि हम डाल कर आ रहे हैं इसे साफ मानसिकता पता चलती मैं कभी नहीं कहूंगा कि गलती मेरा काम नेता हमारे देश में नेता वही बनते हैं जो बहुत गिरे हुए होते हैं बहुत कम लोगों का नाम ऐसा होगा जिनका बोल सकते कहा वह बहुत ही अच्छे बाकी मैं नहीं जानता हूं कि कोई नेता ऐसा है जो अच्छा हो और अच्छा नेता हो मेरी बात अगर वह अच्छा है तो अच्छा रहता नहीं हो सकता हमारे देश में ही चलता है बस यही कहूंगा आप सबसे की हो सके तो अगर मेरी आवाज जहां तक पहुंचे आप लोग दिल से दिमाग से दोनों चीजों से सोच कर देखो कि कितना बुरा हो रहा है सबसे बड़ी बात यह रहती है कि हम आप जानते हैं कि हम आप इस दुनिया में आए हैं तो कुछ अच्छा करके जाए वह नहीं करता कोई सब अपने में लगे पड़े सब अपने के पीछे भाग रहे यह करना है वह करना है सब अपने की पिक्चर अगर हम आप एक दूसरे के बारे में सोचना शुरू कर दे तो मैं आपको चैलेंज करता हूं कि नेता की जरूरत नहीं है मैं बहुत आगे हमारा देश बहुत अच्छा हो जाएगा खुशहाली आ जाएगी अगर देश में और हां सबसे बड़ा पॉइंट चाहिए मैं बोलूंगा वह तो रही हमारी बात लेकिन मेरे से बड़े यह बोलूंगा कि आज अपने देश में कभी किसी पार्टी का सपोर्ट नहीं करता हूं ना भाजपा ने कांग्रेस आम आदमी पार्टी ने सपा ने बसपा में किसी बस इतना कहूंगा जो अच्छा काम करेगा हम उसके साथ लेकिन आपको पता है अब आप क्या करते हैं हम आप जैसे किसी पार्टी को सपोर्ट किए वह पार्टी जीत गई फिर वह पार्टी का तो गलत कर रही है फिर भी हम उसका सपोर्ट फिर भी करेंगे क्यों क्योंकि हम गलत न साबित हो जाए कहीं यह ना हो जाए कि हमें सब लोग बोले की नई-नई आपने वोट किया है तो आप गलत आप उसी को बचाने के चक्कर में ना अब तो सपोर्ट करते जाते हो गलत कभी सपोर्ट करते जाते सबसे बड़ा गलत काम यह गलत का सपोर्ट करना बंद करिए मैं सब से रिक्वेस्ट कर रहा हूं इस बात को लेकर जब भी आपको पता लगेगा आपको अपने जिस नेता को सिलेक्ट किया है अगर वह गलती कर रहा है आप उस पर आवाज उठाओ ना कि आप विरोध करो किसी का की कहा वह गलत बोला तो कभी नहीं गलती कैसे वह मैंने इसको वोट किया तो गलत हो ही सकता ऐसी बात नहीं है क्योंकि जब अपना महीने करवा कुछ लक्षण गलत है क्योंकि जब वह आप वोट करते हो ना तो नेता जो चेहरा लेकर आ के सामने आता है ना आदमी समझ नहीं पाता उसका वह चेहरा अलग होता है और इलेक्शन जीतने के बाद चेहरा अलग हो जाता है तो अपने वोट की अच्छी बात है वोट करना है व्हाट्सएप को करना है कि गलत का सपोर्ट बिल्कुल मत करिए आम आदमी के बारे में सोचिए हिंदू मुस्लिम सिख इसाई यह भी सारे लोग रहते हैं तो हो सके तो भाई सब मिलकर रहो यार किसी नेता के बांटने पर बटों में हमारी कितनी कितना नुकसान होने पर आपको दिख रहा है देश में आर्थिक मंदी भैरव तरीके से आते जा रही है अभी आप करोगे नहीं मिल रही है पहले भी इतनी अच्छी नहीं थी मेरे को तो बहुत अच्छी थी लेकिन अब और ज्यादा मुश्किल हो गया है जो प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते थे निकाला जा रहा है अच्छी-अच्छी कंपनियां निकाल दे रही है मैं ठीक है अच्छा काम कर रहे हो सपोर्ट करता हूं लेकिन आम आदमी को जीने दो जब उसके पास नौकरी ही नहीं होगी वह करेगा जो आर्थिक मंदी बहुत ज्यादा है जिसकी वजह से सारी अच्छी-अच्छी कंपनियां बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने वर्करों को निकाल रही सबसे बड़ा बुरा है हमारे देश के लिए बहुत ज्यादा बुरा है कब तक भरेंगे से मुझे नहीं पता यह ऐसा कुछ मुझे अभी तक तो मुझे भी लग रहा है कि ऐसा कुछ सरकार इस पर कुछ खास काम कर रही हो जैसे अब हर चीज महंगाई बढ़ जा रही है जब यही सरकार खुशी तो होती है तो इनको दिखता है कहा महंगाई बढ़ रही है आर्थिक मंदी आ रही है यह प्रॉब्लम है लेकिन जब यह सरकार आती है अपने जगह पर जमीन को चुनकर लाते हैं तभी को नहीं समझ में आता है अपने राम मंदिर का फैसला लिया मैं बहुत खुश हूं सारे लोग खुश हैं यहां तक कि मुस्लिम भाइयों ने भी सपोर्ट किया जो अच्छे लोग हैं उनको पता है कि सही क्या होता है सपोर्ट किया ठीक है अपने धारा 370 खत्म किया पति से हटाया बहुत अच्छा लगा लेकिन हमारे आम पब्लिक है हम हमारे जो आम भाई हैं उनको क्या मिल रही बात को सोचकर बार देखना मैं कभी किसी के अंदर सपोर्ट कर सकता हूं किसी का ना भाई इस बार करता हूं बस एक बार सोच कर देखो आप यह मत सोचना कि ख्वाब मेरे पास पैसा है मैं जॉब है मेरे पास तो मैं खुश हूं तो खुश हूं ऐसा नहीं होता मैंने भी स्टार्टिंग आपसे बोला था कि जो जब अपने देश में ऐसा होगा ना हमें दूसरे के बारे में सोचेंगे तभी परदेस आगे बढ़े यही यही प्रॉब्लम है कि हम आप एक दूसरे के बारे में नहीं सोचते आप यह मत देखो कि हां मेरे पास जवाब है मेरे पास गाड़ी है मैं कुछ पैसा नहीं आप वह भी देखो ना किसी घर में चार बेटी है शादी नहीं हो रही है उनकी क्योंकि पैसे नहीं उनके पास उनका एक बेटा है जॉब नहीं के पास पीतल आचार्य काम नहीं कर सकता है क्या स्थिति है आप को देखो पहले आपको खुशी दिखा रहे हो खुद दिखा दे तू ऊपर से दिखाते अंदर कितनी तकलीफ है ना एक बार उस जगह जाकर सोचना किसी को देखकर किस किसी के साथ चल मत रखो किसी से हिसाब मत रखो मैं आपसे यही कहूंगा बार बार हो सके तो किसी का हेल्प कर दो और अगर हेल्प नहीं कर पा रहा अब मैं ज्यादा ज्ञानी तो हूं नहीं प्लीज इतना बजे पता मैंने आपको बताया बाकी चीजें तो बहुत सारी है प्रॉब्लम तो बहुत सारे हैं गिरा नहीं पाऊंगा बस यह है कि मुझे आपको सबको पर थोड़ा सा दिमाग चेंज करना पड़ेगा थोड़ा सा ना बहुत हाई लेवल से नीचे आकर थोड़ा सा पिछले हफ्ते में सोचो एक बार नहीं समझ आ रहा छोड़ दो बत्ती मां अकादमी से लगते अपना दिमाग खराब करने से बेहतर है कि आप उसकी से साइड हो जाओ उसे बहस मत करो ठीक है धन्यवाद आप लोगों के जरिए थोड़ा मेरे मन से बात निकली जैन

jai hind aditya shukla aap sabhi bhaiyon se bataana chahunga ki hamare desh ki sthiti aapko sabko pata hai kaisa chal raha hai di sabki apni apni life hoti hai sabka apna bhi hota hai mere hisab se bataana chahunga ki apne desh ki sthiti bahut hi buri hai is se zyada kuch nahi ho sakta bura ki aaye din ya roj ki news mein aapko aisi khabren milti rehti hai ki kisi ladki ke saath ke saath samuhik balatkar ho gaya kisi ladki ke saath ko jalakar maar diya kya yah toh aapko khabren milti hai baki kuch khabren kuch kya jyadatar khabren aisi hoti hai jo aapko sunane bhi nahi thi aap isi se andaja laga sakte ho kitna bura chal raha hai poore desh mein kitna zyada balatkar ho raha hai kitna ladki ke saath anyay ho raha hai yah hum aap sochte the ki nahi hum ab kehne ka matlab yah hai ki hum dahi nahi roka ki bandook ganda hai ya mere manda hai main kaam ki baat kar raha hoon ek aam insaan kitna bura ho gaya hai ki vaah zara sa bhi nahi sochta hai itna ganda kaam karne ke liye kya karen uski 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kuch bhi bolenge aur bahut gir ke hum log post daalte the post padti hai zara sabsatens use nahi karte ki hum daal kar aa rahe hain ise saaf mansikta pata chalti main kabhi nahi kahunga ki galti mera kaam neta hamare desh mein neta wahi bante hain jo bahut gire hue hote hain bahut kam logon ka naam aisa hoga jinka bol sakte kaha vaah bahut hi acche baki main nahi jaanta hoon ki koi neta aisa hai jo accha ho aur accha neta ho meri baat agar vaah accha hai toh accha rehta nahi ho sakta hamare desh mein hi chalta hai bus yahi kahunga aap sabse ki ho sake toh agar meri awaaz jahan tak pahuche aap log dil se dimag se dono chijon se soch kar dekho ki kitna bura ho raha hai sabse badi baat yah rehti hai ki hum aap jante hain ki hum aap is duniya mein aaye hain toh kuch accha karke jaaye vaah nahi karta koi sab apne mein lage pade sab apne ke peeche bhag rahe yah karna hai vaah karna hai sab apne ki picture agar hum aap ek dusre ke bare mein sochna shuru kar de toh main aapko challenge karta hoon ki neta ki zaroorat nahi hai main bahut aage hamara desh bahut accha ho jaega khushahali aa jayegi agar desh mein aur haan sabse bada point chahiye main boloonga vaah toh rahi hamari baat lekin mere se bade yah boloonga ki aaj apne desh mein kabhi kisi party ka support nahi karta hoon na bhajpa ne congress aam aadmi party ne sapa ne BSP mein kisi bus itna kahunga jo accha kaam karega hum uske saath lekin aapko pata hai ab aap kya karte hain hum aap jaise kisi party ko support kiye vaah party jeet gayi phir vaah party ka toh galat kar rahi hai phir bhi hum uska support phir bhi karenge kyon kyonki hum galat na saabit ho jaaye kahin yah na ho jaaye ki hamein sab log bole ki nayi nayi aapne vote kiya hai toh aap galat aap usi ko bachane ke chakkar mein na ab toh support karte jaate ho galat kabhi support karte jaate sabse bada galat kaam yah galat ka support karna band kariye main sab se request kar raha hoon is baat ko lekar jab bhi aapko pata lagega aapko apne jis neta ko select 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nikaala ja raha hai achi achi companiyan nikaal de rahi hai main theek hai accha kaam kar rahe ho support karta hoon lekin aam aadmi ko jeene do jab uske paas naukri hi nahi hogi vaah karega jo aarthik mandi bahut zyada hai jiski wajah se saree achi achi companiyan badi badi companiyan apne warkaron ko nikaal rahi sabse bada bura hai hamare desh ke liye bahut zyada bura hai kab tak bharenge se mujhe nahi pata yah aisa kuch mujhe abhi tak toh mujhe bhi lag raha hai ki aisa kuch sarkar is par kuch khas kaam kar rahi ho jaise ab har cheez mahangai badh ja rahi hai jab yahi sarkar khushi toh hoti hai toh inko dikhta hai kaha mahangai badh rahi hai aarthik mandi aa rahi hai yah problem hai lekin jab yah sarkar aati hai apne jagah par jameen ko chunkar laate hain tabhi ko nahi samajh mein aata hai apne ram mandir ka faisla liya main bahut khush hoon saare log khush hain yahan tak ki muslim bhaiyon ne bhi support kiya jo acche log hain unko pata hai ki sahi kya hota hai support kiya theek hai apne dhara 370 khatam kiya pati se hataya bahut accha laga lekin hamare aam public hai hum hamare jo aam bhai hain unko kya mil rahi baat ko sochkar baar dekhna main kabhi kisi ke andar support kar sakta hoon kisi ka na bhai is baar karta hoon bus ek baar soch kar dekho aap yah mat sochna ki khwaab mere paas paisa hai main job hai mere paas toh main khush hoon toh khush hoon aisa nahi hota maine bhi starting aapse bola tha ki jo jab apne desh mein aisa hoga na hamein dusre ke bare mein sochenge tabhi pardes aage badhe yahi yahi problem hai ki hum aap ek dusre ke bare mein nahi sochte aap yah mat dekho ki haan mere paas jawab hai mere paas gaadi hai main kuch paisa nahi aap vaah bhi dekho na kisi ghar mein char beti hai shadi nahi ho rahi hai unki kyonki paise nahi unke paas unka ek beta hai job nahi ke paas pital aacharya kaam nahi kar sakta hai kya sthiti hai aap ko dekho pehle aapko khushi dikha rahe ho khud dikha de tu upar se dikhate andar kitni takleef hai na ek baar us jagah jaakar sochna kisi ko dekhkar kis kisi ke saath chal mat rakho kisi se hisab mat rakho main aapse yahi kahunga baar baar ho sake toh kisi ka help kar do aur agar help nahi kar paa raha ab main zyada gyani toh hoon nahi please itna baje pata maine aapko bataya baki cheezen toh bahut saree hai problem toh bahut saare hain gira nahi paunga bus yah hai ki mujhe aapko sabko par thoda sa dimag change karna padega thoda sa na bahut high level se neeche aakar thoda sa pichhle hafte mein socho ek baar nahi samajh aa raha chhod do batti maa academy se lagte apna dimag kharaab karne se behtar hai ki aap uski se side ho jao use bahas mat karo theek hai dhanyavad aap logon ke jariye thoda mere man se baat nikli jain

जय हिंद आदित्य शुक्ला आप सभी भाइयों से बताना चाहूंगा कि हमारे देश की स्थिति आपको सबको पता

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Asad Ashraf

One of India's leading journalists on minority issues

1:25
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मुझे लगता है कि आप जो सरकार के या तो देश में जिस तरह की वह जो रियल मुद्दे हैं जमीन तो सुबह अच्छे हैं और अभी किसी ने डांस किया था कि कुछ टाइम में 200 टेस्ट मैच पाकिस्तान पर कहां है और हमारी कभी हाथ नहीं है और देश की सरकार की बात कर रही है यह भी मानते हैं कि हमेशा रहेंगे

mujhe lagta hai ki aap jo sarkar ke ya toh desh mein jis tarah ki vaah jo real mudde hain jameen toh subah acche hain aur abhi kisi ne dance kiya tha ki kuch time mein 200 test match pakistan par kahaan hai aur hamari kabhi hath nahi hai aur desh ki sarkar ki baat kar rahi hai yah bhi maante hain ki hamesha rahenge

मुझे लगता है कि आप जो सरकार के या तो देश में जिस तरह की वह जो रियल मुद्दे हैं जमीन तो सुबह

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आज हमारे देश की स्थिति बहुत या राजग सरकार अच्छे दोस्त से नए-नए बिल पारित कर रही है लेकिन यहां पर जो विपक्ष करके कॉन्ग्रेस और लेफ़्टिस्ट यह दोनों मिलकर देश में इस तरह का माहौल बना रहे हैं कि देश चारों ओर से सुलग उठा है हमारे विचार में ऐसा है कि लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहें और जब तक पूरे मामले को समझे नहीं पूरी बात को समझे नहीं तब तक किसी प्रकार का कदम नहीं उठाएं यही देश हित में अच्छा रहेगा धन्यवाद

aaj hamare desh ki sthiti bahut ya rajag sarkar acche dost se naye naye bill paarit kar rahi hai lekin yahan par jo vipaksh karke congress aur leftist yah dono milkar desh mein is tarah ka maahaul bana rahe hain ki desh charo aur se sulag utha hai hamare vichar mein aisa hai ki log shantipurna dhang se rahein aur jab tak poore mamle ko samjhe nahi puri baat ko samjhe nahi tab tak kisi prakar ka kadam nahi uthaen yahi desh hit mein accha rahega dhanyavad

आज हमारे देश की स्थिति बहुत या राजग सरकार अच्छे दोस्त से नए-नए बिल पारित कर रही है लेकिन य

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अगर आप मुझसे पूछेंगे कि आज की राजनीति और आज के देश के हाल क्या हैं तो मैं यह कहूंगा कि आज जो वातावरण के माहौल बना है उसमें ही उससे की जा रही है हमारी सरकार कहीं ना कहीं जो अहम मुद्दे हैं उन पर बात नहीं करना चाहती है उन पर बात करने से कतराती है इसी वजह से दूसरे मुद्दे उठाए जा रहे हैं मसलन देश में रोजगार की कमी है नौकरियां जा रही हैं इकोनामिक हमारी अर्थव्यवस्था एकदम निचले स्तर पर पहुंच चुकी है प्याज के दाम आसमान पर हैं दूसरी चीज़ों के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं कई परेशानियां हैं जो हमारी सीधे हमारी खाली पड़े हमारी जेब पर असर डाल रहे हैं लेकिन सिर्फ इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सीए एनआरसीसी जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं जिन पर जिन के अलावा दूसरी चीजें जिनसे जिनकी वजह से हमारा ध्यान जो है इनमें इन मुद्दों पर ना चाहे सरकार को यह करना यह चाहिए कि एनआरसी सीएबी चाय वापस के समर्थन में हो या विष का विरोध करते हो इसको आराम से लाया जा सकता था बात की जा सकती थी लेकिन अभी इनकी जरूरत के बदले जरूरत थी कि आप जो अहम मुद्दे हैं रोजगार के ऑटो सेक्टर की जो स्थिति बनी हुई है और जो इकोनामी का ढर्रा के नीचे गिरता जा रहा है उसको संभाल लेगी तो इसमें सुधार की काफी जरूरत मुझे महसूस होती है पर आज की राजनीति आज के समय में जो राजनीति हो रही है इसी कारण की राजनीति है इसमें सिर्फ धर्म को एक आधार बनाकर कर चीजों को और जिंबोला इस किया जा रहा है और मेन मुद्दों से ध्यान भटका या जा रहा है

agar aap mujhse puchhenge ki aaj ki raajneeti aur aaj ke desh ke haal kya hain toh main yah kahunga ki aaj jo vatavaran ke maahaul bana hai usmein hi usse ki ja rahi hai hamari sarkar kahin na kahin jo aham mudde hain un par baat nahi karna chahti hai un par baat karne se katrati hai isi wajah se dusre mudde uthye ja rahe hain maslan desh mein rojgar ki kami hai naukriyan ja rahi hain economic hamari arthavyavastha ekdam neechle sthar par pahunch chuki hai pyaaz ke daam aasman par hain dusri cheezon ke daam bhi dhire dhire badh rahe hain kai pareshaniyan hain jo hamari seedhe hamari khaali pade hamari jeb par asar daal rahe hain lekin sirf in muddon se dhyan bhatkane ke liye ca NRCC jaise mudde uthye ja rahe hain jin par jin ke alava dusri cheezen jinse jinki wajah se hamara dhyan jo hai inmein in muddon par na chahen sarkar ko yah karna yah chahiye ki NRC CAB chai wapas ke samarthan mein ho ya vish ka virodh karte ho isko aaram se laya ja sakta tha baat ki ja sakti thi lekin abhi inki zaroorat ke badle zaroorat thi ki aap jo aham mudde hain rojgar ke auto sector ki jo sthiti bani hui hai aur jo economy ka dharra ke neeche girta ja raha hai usko sambhaal legi toh isme sudhaar ki kafi zaroorat mujhe mahsus hoti hai par aaj ki raajneeti aaj ke samay mein jo raajneeti ho rahi hai isi karan ki raajneeti hai isme sirf dharam ko ek aadhaar banakar kar chijon ko aur jimbola is kiya ja raha hai aur main muddon se dhyan bhataka ya ja raha hai

अगर आप मुझसे पूछेंगे कि आज की राजनीति और आज के देश के हाल क्या हैं तो मैं यह कहूंगा कि आज

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Rahul Shukla

Journalist

2:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज हमारे देश में जो परिस्थिति हैं वह बड़ी डामाडोल है क्योंकि अगर मैं पत्रकार के रूप में देखूं तो जिस तरीके से यहां पर सरकार के द्वारा एक हिंदू छवि बनाने की कोशिश हो रही है और सरकार जो है वह वोट बैंक अपनाने के लिए नए नए तरीके के अपने जो संशोधन बिल हैं वह पारित करवाने की कोशिश कभी अपने बहुमत का जो गलत इस्तेमाल है वह कहीं न कहीं करती नजर आ रही है क्योंकि अगर देखें तो हम भी अपने इस देश में रहते हैं एक कदर हम कहीं अपने बाहर जाते हैं अपने एरिया से बाहर जाते तो हम अपने एरिया को प्रसन्न करते हैं अपने शहर से बाहर जाते हैं तो हम अपने फिर शहर को प्रसन्न करते हैं और ऐसे ही अगर मप्र राज्य के बाहर जाते हैं तो हम उस राज्य को प्रसन्न करते हैं देश के बाहर जाते हैं उस देश को ही प्रजेंट करते हैं तो जो हमारे देश के बाहर रहने वाले हमारे जो इंडियन है आज कहीं न कहीं खुद को ठगा सा महसूस करते दिखाई देते होंगे क्योंकि उनके ऊपर बहुत सारे ऐसे सवाल जरूर गिरता हुआ कि हिंदुस्तान में किस तरीके की परिस्थितियां बन रही है क्योंकि अगर देखें तो संविधान में डेमोक्रेटिक कंट्री है किसी धर्मनिरपेक्ष के द्वारा इसे एक थोपना वह सही नहीं है तो जिस तरीके से आज हालात बनाए जा रहे हैं एक दूसरे धर्म के अंदर अंदर का भावनाएं उत्पन्न की जा रही है तो यह कहीं ना कहीं धर्म के नाम पर जो एक राजनीति हो रही है वह एक बड़ी गंभीर समस्या है और सरकार जो है ना इसे आर्थिक आधार को नहीं देख पा रही है जिस लड़की से हमारी ड्यूटी पर डाउन हो रही है जो शिक्षा प्रणाली एजुकेशन सिस्टम है वह कहीं ना कहीं खत्म होता नजर आ रहा है और बेरोजगारी जो है वह लगातार बढ़ती जा रही है मन गायों का लोगों को सामना करना पड़ रहा तो इस तरीके के जो आमतौर पर जो नागरिक मुसीबतें खेलते हैं वह दिक्कतें हैं वह लगातार चलती आ रही है तो पत्रकार के तौर पर बस मैं यही कहना इस सरकार जो है वह देश में जो जैसी स्थिति है उस स्थिति को गड़बड़ा रही कोशिश कर रही है उसको लोगों के अंदर एक नया सा भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है सोशल मीडिया हो या न्यू मीडिया जो ब्रॉडकास्ट मीडिया प्रिंट मीडिया हो कई तरह की की जो है वह देखने को मिलते हैं पूर्ण जानकारियां हमें सिक्के के दोनों पहलू होते हैं वह हमें देखने को नहीं मिला तो इस तरीके की स्थिति हम देख रहे हो तो मैं पत्रकार के द्वारा मुझे यह चीजें दिखती है और वही बस इसी के लिए मैं लोगों से यही अपील करना चाहता हूं कि सत्य रूप से किसी चीज को देखें सिक्के के हर दोनों पहलू को देखकर अगर आप पत्रकार बने तो ज्यादा ही अच्छा होगा

aaj hamare desh mein jo paristhiti hain vaah badi damadol hai kyonki agar main patrakar ke roop mein dekhu toh jis tarike se yahan par sarkar ke dwara ek hindu chhavi banaane ki koshish ho rahi hai aur sarkar jo hai vaah vote bank apnane ke liye naye naye tarike ke apne jo sanshodhan bill hain vaah paarit karwane ki koshish kabhi apne bahumat ka jo galat istemal hai vaah kahin na kahin karti nazar aa rahi hai kyonki agar dekhen toh hum bhi apne is desh mein rehte hain ek kadar hum kahin apne bahar jaate hain apne area se bahar jaate toh hum apne area ko prasann karte hain apne shehar se bahar jaate hain toh hum apne phir shehar ko prasann karte hain aur aise hi agar mapra rajya ke bahar jaate hain toh hum us rajya ko prasann karte hain desh ke bahar jaate hain us desh ko hi present karte hain toh jo hamare desh ke bahar rehne waale hamare jo indian hai aaj kahin na kahin khud ko thaga sa mahsus karte dikhai dete honge kyonki unke upar bahut saare aise sawaal zaroor girta hua ki Hindustan mein kis tarike ki paristhiyaann ban rahi hai kyonki agar dekhen toh samvidhan mein democratic country hai kisi dharmanirapeksh ke dwara ise ek thopna vaah sahi nahi hai toh jis tarike se aaj haalaat banaye ja rahe hain ek dusre dharam ke andar andar ka bhavnaayen utpann ki ja rahi hai toh yah kahin na kahin dharam ke naam par jo ek raajneeti ho rahi hai vaah ek badi gambhir samasya hai aur sarkar jo hai na ise aarthik aadhaar ko nahi dekh paa rahi hai jis ladki se hamari duty par down ho rahi hai jo shiksha pranali education system hai vaah kahin na kahin khatam hota nazar aa raha hai aur berojgari jo hai vaah lagatar badhti ja rahi hai man gayon ka logon ko samana karna pad raha toh is tarike ke jo aamtaur par jo nagarik musibatein khelte hain vaah dikkaten hain vaah lagatar chalti aa rahi hai toh patrakar ke taur par bus main yahi kehna is sarkar jo hai vaah desh mein jo jaisi sthiti hai us sthiti ko gadbada rahi koshish kar rahi hai usko logon ke andar ek naya sa bharam paida karne ki koshish kar rahi hai social media ho ya new media jo Broadcast media print media ho kai tarah ki ki jo hai vaah dekhne ko milte hain purn jankariyan hamein sikke ke dono pahaloo hote hain vaah hamein dekhne ko nahi mila toh is tarike ki sthiti hum dekh rahe ho toh main patrakar ke dwara mujhe yah cheezen dikhti hai aur wahi bus isi ke liye main logon se yahi appeal karna chahta hoon ki satya roop se kisi cheez ko dekhen sikke ke har dono pahaloo ko dekhkar agar aap patrakar bane toh zyada hi accha hoga

आज हमारे देश में जो परिस्थिति हैं वह बड़ी डामाडोल है क्योंकि अगर मैं पत्रकार के रूप में दे

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Nakul Chaturvedi

News Anchor

2:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज हमारे देश में जो कुछ भी चल रहा है उस पर एक पत्रकार के रूप में मेरी राय यही है कि आज हमारे देश में बहुत सारी चीजें सही हो रही है बहुत सारी चीजें सही हो रही है और बहुत सारी गलत भी लेकिन आज व्हाट्सएप इतना ही है कि जो सही चीजें हो रही है उन्हें ज्यादा ज्यादा ज्यादा बढ़ा करके दिखाया जा रहा है और जो गलत हो रही है उन पर थोड़ा-थोड़ा पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और एक पत्रकार के रूप में मैं यह जो देख रहा हूं यह वाकई में बेहद चिंताजनक है चिंताजनक इसलिए क्योंकि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अगर चीजों को सही तरीके से तालमेल के साथ पेश नहीं करेगा तो यह जनता के साथ धोखा है लोकतंत्र का लोकतंत्र के साथ धोखा है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने का मकसद सिर्फ हम लोग को दिखाना नहीं है खबरों को सही तरीके से जनता तक पहुंचाना भी है सही तरीके से यहां पर आज देखते हैं हर चैनल पर हर टीवी चैनल पर देखेंगे तो शाम को डिबेट शुरू हो जाती है 5:00 बजे से कई चालू पर तो दोपहर से भी शुरू हो जाती है मुद्दों पर होती है बहुत अच्छी बात है लेकिन मेरा मानना है कि इन द बेस्ट के दौरान जो लगातार डे बसंती आप 12 डिबेट कराइए ठीक है लेकिन जो लगातार चलती है इनकी बजाए जनता के मुद्दों को दिखाया जाए गांव गांव में जाए जाए देहातों में भेजा जाए रिपोर्ट उसको सिर्फ दिल्ली में बैठकर लोग देखते हैं उसके बाद कुछ राज्यों की खबरें आती हैं छुटपुट और बस सब कुछ खत्म हो जाता है आज एक पत्रकार के रूप में हमारे देश में हमारा देश विकास के पथ पर दौड़ रहा है दुनिया में भारत को लेकर एक अलग उत्साह बढ़ रहा है यह बहुत अच्छा हो रहा है देश में अगर का काम की बात करूं तरक्की की बात करूं तो तरक्की भी हो रही है लोदाम लोगों में जो सरकार सोती है या पार्टी या कोई पॉलिटिकल पार्टी राजनीतिक पार्टी उसके प्रति विश्वास को इस दौर में देखा जा रहा है कि सारी चाहिए अच्छी होती है लोकतंत्र है लेकिन लोकतंत्र में अगर पत्रकारिता अगर अपने मुद्दे से भटक भटक न लग जाएगी तो फिर यह बेहद दुखद है बस इतना ही कहना चाहूंगा कि धन्यवाद सभी का

aaj hamare desh mein jo kuch bhi chal raha hai us par ek patrakar ke roop mein meri rai yahi hai ki aaj hamare desh mein bahut saree cheezen sahi ho rahi hai bahut saree cheezen sahi ho rahi hai aur bahut saree galat bhi lekin aaj whatsapp itna hi hai ki jo sahi cheezen ho rahi hai unhe zyada zyada zyada badha karke dikhaya ja raha hai aur jo galat ho rahi hai un par thoda thoda parda dalne ki koshish ki ja rahi hai aur ek patrakar ke roop mein main yah jo dekh raha hoon yah vaakai mein behad chintajanak hai chintajanak isliye kyonki loktantra ka chautha stambh agar chijon ko sahi tarike se talmel ke saath pesh nahi karega toh yah janta ke saath dhokha hai loktantra ka loktantra ke saath dhokha hai loktantra ka chautha stambh kahlane ka maksad sirf hum log ko dikhana nahi hai khabaro ko sahi tarike se janta tak pahunchana bhi hai sahi tarike se yahan par aaj dekhte hain har channel par har TV channel par dekhenge toh shaam ko debate shuru ho jaati hai 5 00 baje se kai chaalu par toh dopahar se bhi shuru ho jaati hai muddon par hoti hai bahut achi baat hai lekin mera manana hai ki in the best ke dauran jo lagatar day basanti aap 12 debate karaiye theek hai lekin jo lagatar chalti hai inki bajaye janta ke muddon ko dikhaya jaaye gaon gaon mein jaaye jaaye dehaton mein bheja jaaye report usko sirf delhi mein baithkar log dekhte hain uske baad kuch rajyon ki khabren aati hain chutput aur bus sab kuch khatam ho jata hai aaj ek patrakar ke roop mein hamare desh mein hamara desh vikas ke path par daudh raha hai duniya mein bharat ko lekar ek alag utsaah badh raha hai yah bahut accha ho raha hai desh mein agar ka kaam ki baat karun tarakki ki baat karun toh tarakki bhi ho rahi hai lodam logon mein jo sarkar soti hai ya party ya koi political party raajnitik party uske prati vishwas ko is daur mein dekha ja raha hai ki saree chahiye achi hoti hai loktantra hai lekin loktantra mein agar patrakarita agar apne mudde se bhatak bhatak na lag jayegi toh phir yah behad dukhad hai bus itna hi kehna chahunga ki dhanyavad sabhi ka

आज हमारे देश में जो कुछ भी चल रहा है उस पर एक पत्रकार के रूप में मेरी राय यही है कि आज हमा

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हमारे देश में आज जैसी स्थिति उस पर एक पत्रकार रूप में मेरा विचार है कि देश सही दिशा में चल रहा है और अभी ज्यादा ऐसा कुछ नहीं है जिससे कि देश के बारे में कुछ खिलाफत या कोई नेगेटिव सोच आ जा सके देश में शांति व्यवस्था कायम है और देश उन्नति के पथ पर अग्रसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की कर रहा है छोटी-मोटी कोई समस्या जरूर होती है जिससे समय-समय पर में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनके विभिन्न मंत्रियों को भी पत्र लिखकर अवगत कराता रहता हूं और मैं जवाब भी इसके लिए देते हैं कि इसके बारे में क्या कर रहा है तो आज हमारे देश की अच्छी है सुंदर है मजबूर थे और हमें हमारी सरकार पर भरोसा करना चाहिए

hamare desh mein aaj jaisi sthiti us par ek patrakar roop mein mera vichar hai ki desh sahi disha mein chal raha hai aur abhi zyada aisa kuch nahi hai jisse ki desh ke bare mein kuch khilafat ya koi Negative soch aa ja sake desh mein shanti vyavastha kayam hai aur desh unnati ke path par agrasar pradhanmantri narendra modi ke netritva mein desh tarakki kar raha hai choti moti koi samasya zaroor hoti hai jisse samay samay par mein pradhanmantri ko patra likhkar unke vibhinn mantriyo ko bhi patra likhkar avgat karata rehta hoon aur main jawab bhi iske liye dete hain ki iske bare mein kya kar raha hai toh aaj hamare desh ki achi hai sundar hai majboor the aur hamein hamari sarkar par bharosa karna chahiye

हमारे देश में आज जैसी स्थिति उस पर एक पत्रकार रूप में मेरा विचार है कि देश सही दिशा में चल

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

8:06
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हमारे देश की आज की जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है देखिए पत्रकार का जो है या पत्रकार जो हुआ करता है उसमें सबसे प्रथम को उसकी निष्पक्षता का हुआ होता है किसी पक्ष की या किसी के हितों की बात नहीं किया करता है वह निष्पक्ष अपनी रिपोर्ट को प्रस्तुत कर किया करता है और बताया तो यहां तक गया है कि पत्रकार को अपने निजी जो वह दृष्टिकोण व्यक्तिगत दृष्टिकोण भी उसको उसमें व्यक्त नहीं करना चाहिए जैसी जो स्थिति है उसको उसी रूप में व्यक्त करना लेकिन वर्तमान बीच में ऐसा क्या हो रहा है कोई ना कोई पत्रकारिता भी किसी ना पक्ष और विपक्ष की भूमिकाओं में उलझी हुई है और उनका भी जो दायित्व है जो कर्तव्य है उसका वह वह भी भली भाग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं यदि कुछ इसमें यह यह यदि कहा जाए कि सभी लोग ऐसे हैं तो ऐसा कहना भी गलत होगा और जो निर्भीक हैं जो निष्पक्ष है वह है किसी बात को लेकर के किसी बड़े आदमी से उलझ जाया करते हैं तो उनको उनकी भूमिका भी याद दिला दी जाती है और संभवत आए ऐसी संस्थानों से उनको निकाल भी दिया है जाया करता है और ऐसे उदाहरण भी आपके समक्ष में अप्रतिम इस बात का आता है सरकार जो कार्य किया करती है वैद्य मुद्दों से बड़का या करती है जो देश के अंदर जो वर्तमान में मुद्दे हुआ करते हैं जो समस्याएं हुआ करती हैं उन मुद्दों को भड़काया करते हैं सरकारों का यह कार है उस मुद्दों को भड़काना और वह ऐसी चर्चा कर आया करती हैं जिसका कि उन्हें जो उज्जवल अंत मुद्दे वर्तमान में चल रहे हैं उनसे ध्यान भट्ट के और यही बात में हकीकत में हो रहा है दीपक पाकिस्तान कितना मसाला नहीं है जिस पर की चर्चाएं की जा रही है आर्थिक भी देश के बहुत से मुद्दे हैं इस बात की चर्चा होनी चाहिए और पत्रकारिता में पत्रकारों को भी चाहिए कि जो आर्थिक मछली हैं या जो समस्याएं हैं देश की आर्थिक उसको निजात दिलाई जाए जैसे कि बेरोजगारी का मुद्दा इसमें ही तमाम बेरोजगार आज की स्थिति में शिक्षकों करके उनको रोजगार मुहैया नहीं हो पा रहा है या जो बेरोजगार हैं या अशिक्षित भी हैं उनको भी रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है ऐसे करें काफी मुद्दे सामने हैं और यही स्थिति विपक्ष की है विपक्ष भी अपनी सही भूमिका का निर्वाह नहीं कर पा रहा है उसका मात्र कारण है विरोध करना चाहे वह सरकार के सही काम हो अथवा गलत काम हो और ऐसी और भी संस्थाएं हैं जो अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही हैं लेकिन पत्रकारिता कम है इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है जो देश के ज्वलंत मुद्दे हैं जिन पर कीचड़ जामुनी चाहिए और उसमें वाद विवाद भी होना चाहिए लेकिन वह नहीं हो पा रहा है अब आप स्वयं समझ लें इसमें कौन-कौन हैं की क्या भूमिका है और वह दोनों के दायित्व है वह अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं जबकि होना यह चाहिए कि वर्तमान में जो देश के सामने जैसी स्थितियां होती हैं और जो लोग उस स्थिति से परेशान हुआ करते हैं उन पर चर्चा होनी चाहिए उस पर वार्तालाप होना चाहिए और पत्रकारों को पत्रकारिता का भी है ऐसी समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और उसको उठाना चाहिए और उसका क्या निदान हो वही पत्रकारिता में आना चाहिए इसका क्या निदान हो सकता है लेकिन यह स्वार्थों के बस चाहे वह सरकार हो चाहे वह विपक्ष हो या कोई विभिन्न विभिन्न पार्टियों की दल हूं या पत्रकार ता हूं तो ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं हम आप सब लोग अपने मुद्दों से भटक रहे हैं और वह उसका जो खामियाजा है वह उस देश के नागरिकों को भुगतना पड़ता है जिस पर की जन समस्याओं का वार्तालाप आदि के द्वारा या चर्चा में उठाकर के हल निकाला जा सकता है वह हल नहीं चला करती है और यह भी देखा गया है बहुत से छोटे-छोटे मुद्दे हैं उसको बड़ा विस्तृत रूप दे दिया जाता है और जो देश के बड़े बड़े मुद्दे होते हैं उस पर कोई चर्चा भी नहीं की जाती जाती है उसको समाचार पत्रों में उस पर या मीडिया में उसको कहीं कोई स्थान नहीं दिया जाता है कहने का मतलब आशय यह है कि सभी अपनी स्थितियों से बचना चाहते हैं और दोषारोपण दूसरे पर थोपना चाहती हैं यही सिलसिला चल रहा है यदि यद्यपि चुंगी प्रजातंत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में जो जनता हुआ करती है वह सब समझा करती है और अपनी बात को समझने की अब उसके अंदर ताकत आ चुकी है और समझदारी है जिसका की हुआ है समय-समय पर प्रयोग भी किया करती है भले यह लोग अपनी भूमिकाओं का सही निर्वाहन ना करें लेकिन वह अपनी भूमिका का सही निर्वहन करती है और जब निर्वाचन आया करता है तब वह अपने मताधिकार के द्वारा अपनी अभिव्यक्ति कर दिया करती है धन्यवाद

hamare desh ki aaj ki jaisi sthiti hai us par ek patrakar ke roop mein aapka kya vichar hai dekhiye patrakar ka jo hai ya patrakar jo hua karta hai usme sabse pratham ko uski nishpakshata ka hua hota hai kisi paksh ki ya kisi ke hiton ki baat nahi kiya karta hai vaah nishpaksh apni report ko prastut kar kiya karta hai aur bataya toh yahan tak gaya hai ki patrakar ko apne niji jo vaah drishtikon vyaktigat drishtikon bhi usko usme vyakt nahi karna chahiye jaisi jo sthiti hai usko usi roop mein vyakt karna lekin vartmaan beech mein aisa kya ho raha hai koi na koi patrakarita bhi kisi na paksh aur vipaksh ki bhoomikaon mein ulajhi hui hai aur unka bhi jo dayitva hai jo kartavya hai uska vaah vaah bhi bhali bhag se nirvahan nahi kar rahe hain yadi kuch isme yah yah yadi kaha jaaye ki sabhi log aise hain toh aisa kehna bhi galat hoga aur jo nirbheek hain jo nishpaksh hai vaah hai kisi baat ko lekar ke kisi bade aadmi se ulajh jaaya karte hain toh unko unki bhumika bhi yaad dila di jaati hai aur sambhavat aaye aisi sansthano se unko nikaal bhi diya hai jaaya karta hai aur aise udaharan bhi aapke samaksh mein apratim is baat ka aata hai sarkar jo karya kiya karti hai vaidhy muddon se badka ya karti hai jo desh ke andar jo vartmaan mein mudde hua karte hain jo samasyaen hua karti hain un muddon ko bhadkaya karte hain sarkaro ka yah car hai us muddon ko bhadkaana aur vaah aisi charcha kar aaya karti hain jiska ki unhe jo ujjawal ant mudde vartmaan mein chal rahe hain unse dhyan bhatt ke aur yahi baat mein haqiqat mein ho raha hai deepak pakistan kitna masala nahi hai jis par ki charchaen ki ja rahi hai aarthik bhi desh ke bahut se mudde hain is baat ki charcha honi chahiye aur patrakarita mein patrakaron ko bhi chahiye ki jo aarthik machli hain ya jo samasyaen hain desh ki aarthik usko nijat dilai jaaye jaise ki berojgari ka mudda isme hi tamaam berozgaar aaj ki sthiti mein shikshakon karke unko rojgar muhaiya nahi ho paa raha hai ya jo berozgaar hain ya ashikshit bhi hain unko bhi rojgar uplabdh nahi ho paa raha hai aise kare kafi mudde saamne hain aur yahi sthiti vipaksh ki hai vipaksh bhi apni sahi bhumika ka nirvah nahi kar paa raha hai uska matra karan hai virodh karna chahen vaah sarkar ke sahi kaam ho athva galat kaam ho aur aisi aur bhi sansthayen hain jo apne dayitvo ka nirvahan nahi kar paa rahi hain lekin patrakarita kam hai is aur dhyan nahi ja raha hai jo desh ke jwalant mudde hain jin par kichad jamuni chahiye aur usme vad vivaad bhi hona chahiye lekin vaah nahi ho paa raha hai ab aap swayam samajh lein isme kaun kaun hain ki kya bhumika hai aur vaah dono ke dayitva hai vaah apne dayitvo ka nirvahan nahi kar rahe hain jabki hona yah chahiye ki vartmaan mein jo desh ke saamne jaisi sthitiyan hoti hain aur jo log us sthiti se pareshan hua karte hain un par charcha honi chahiye us par vartalaap hona chahiye aur patrakaron ko patrakarita ka bhi hai aisi samasyaon ko prathamikta deni chahiye aur usko uthaana chahiye aur uska kya nidan ho wahi patrakarita mein aana chahiye iska kya nidan ho sakta hai lekin yah swarthon ke bus chahen vaah sarkar ho chahen vaah vipaksh ho ya koi vibhinn vibhinn partiyon ki dal hoon ya patrakar ta hoon toh aisa lagta hai ki kahin na kahin hum aap sab log apne muddon se bhatak rahe hain aur vaah uska jo khamiyaja hai vaah us desh ke naagrikon ko bhugatna padta hai jis par ki jan samasyaon ka vartalaap aadi ke dwara ya charcha mein uthaakar ke hal nikaala ja sakta hai vaah hal nahi chala karti hai aur yah bhi dekha gaya hai bahut se chhote chhote mudde hain usko bada vistrit roop de diya jata hai aur jo desh ke bade bade mudde hote hain us par koi charcha bhi nahi ki jaati jaati hai usko samachar patron mein us par ya media mein usko kahin koi sthan nahi diya jata hai kehne ka matlab aashay yah hai ki sabhi apni sthitiyo se bachana chahte hain aur dosharopan dusre par thopna chahti hain yahi silsila chal raha hai yadi yadyapi chungi prajaatantr mein loktantrik vyavasthaon mein jo janta hua karti hai vaah sab samjha karti hai aur apni baat ko samjhne ki ab uske andar takat aa chuki hai aur samajhdari hai jiska ki hua hai samay samay par prayog bhi kiya karti hai bhale yah log apni bhoomikaon ka sahi nirvahan na kare lekin vaah apni bhumika ka sahi nirvahan karti hai aur jab nirvachan aaya karta hai tab vaah apne matadhikar ke dwara apni abhivyakti kar diya karti hai dhanyavad

हमारे देश की आज की जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है देखिए पत्

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

1:26
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आज के समय जो हमारे देश की स्थिति है उसमें पत्रकार की बहुत अधिक इसे कहते हैं कि योगदान हो सकता है अगर वह चाहेगा जो आज का दूसरी कैसे हो गया है कि जितने भी एक और न्यूज़ चलने उसमें हो गए आप भी देखिए उसमें से आपको दुखी नहीं हो गया आज तक हो गया और यह आपका रिपब्लिकन जलन हो गया इनमें इस समय जो आपको न्यूज़ सुनाई देगी वह सिर्फ भाजपा के स्वर में थोड़ा जल्दी जी एनडीटीवी जल्दी सो जाते हैं उसमें आपको कभी भी भाजपा की अच्छे काम करते नहीं मिलेगी तो मुझे सरकार है उसकी कोई भी तारीख कब कमी मिली हो ट्राई की न्यूज़ चैनल भी एक तरह से अपना जो मात्र थे वह नहीं रख पा रहे निष्पक्ष रुप से जो उनका पत्रकारिता और जो पकने का था वह बिल्कुल नहीं हो पा रहा है तो इस तरीके से आंख की जोड़ी पत्रकारिता थोड़ी सी आमंत्रित हो चुकी है तो उसको मैं थोड़ा सा बदलना होगा हमें ऐसे पत्रकार के जो जनता के सामने वास्तु न्यूज़ लेकर वास्तु सच्चाई को लेकर डिबेट हो उनको बिल्कुल लंड फोकी में डिबेट कराएं जो सही है जो गलत है

aaj ke samay jo hamare desh ki sthiti hai usmein patrakar ki bahut adhik ise kehte hain ki yogdan ho sakta hai agar vaah chahega jo aaj ka dusri kaise ho gaya hai ki jitne bhi ek aur news chalne usmein ho gaye aap bhi dekhiye usmein se aapko dukhi nahi ho gaya aaj tak ho gaya aur yah aapka republican jalan ho gaya inmein is samay jo aapko news sunayi degi vaah sirf bhajpa ke swar mein thoda jaldi ji NDTV jaldi so jaate hain usmein aapko kabhi bhi bhajpa ki acche kaam karte nahi milegi toh mujhe sarkar hai uski koi bhi tarikh kab kami mili ho try ki news channel bhi ek tarah se apna jo matra the vaah nahi rakh paa rahe nishpaksh roop se jo unka patrakarita aur jo pakne ka tha vaah bilkul nahi ho paa raha hai toh is tarike se aankh ki jodi patrakarita thodi si aamantrit ho chuki hai toh usko main thoda sa badalna hoga hamein aise patrakar ke jo janta ke saamne vastu news lekar vastu sacchai ko lekar debate ho unko bilkul lund foki mein debate karaye jo sahi hai jo galat hai

आज के समय जो हमारे देश की स्थिति है उसमें पत्रकार की बहुत अधिक इसे कहते हैं कि योगदान हो स

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देश की वर्तमान स्थिति पर आपका सवाल उन लोगों के लिए है उन लोगों से है जिनको देश का चौथा स्तंभ माना गया है और यह चौथा स्तंभ बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के कंधे पर देश की हर तरह की सच्ची तस्वीर सामने रखने की जिम्मेदारी होती है आज की परिस्थिति में अगर हम देखें तो जिस पत्रकार को निष्पक्ष होना चाहिए था वह गिनती में बहुत कम रह गया है और अधिकांश पत्रकार पक्ष या विपक्ष के रूप में नजर आते हैं जो कि स्थिति बड़ा ही कष्टप्रद है इनके माध्यम मीडिया के रूप में देश को बाद में अपनी क्षमता और आय वृद्धि पहले सोच रहे हैं भारतीय अर्थव्यवस्था राजनीतिक व्यवस्था हो या समाज की व्यवस्था हो पढ़ो से संबंध हो शिक्षा चिकित्सा की स्थिति हो रोजगार की बात हो किसानों की दशा हो देश की सीमाओं पर हर्ष में अपनी जान जोखिम में डालने वाले सैनिक हो हर जगह पर उम्मीद के अनुसार पत्रकारों के द्वारा अपना कार्य नहीं किया जा रहा है जो पत्रकार अच्छा कार्य कर रहे हैं उनकी संख्या बहुत कम है और अधिकांश अपने कर्तव्य से भटके हुए जब तक के भटकाव रुकेगा नहीं पत्रकारिता अपने कर्तव्य और अधिकार के साथ नहीं जुड़े इमानदारी की ओर नहीं रुकेगी तब तक हम देश की वास्तविक स्थिति को नहीं जान सकेंगे और यह बात स्पष्ट था कही जा सकती है कि देश की स्थिति को इतनी खराब भी नहीं है कि जिससे हम सब को भयभीत होने की आवश्यकता धन्यवाद

desh ki vartaman sthiti par aapka sawaal un logo ke liye hai un logo se hai jinako desh ka chautha stambh mana gaya hai aur yah chautha stambh bahut hi mahatvapurna hai kyonki isi ke kandhe par desh ki har tarah ki sachi tasveer saamne rakhne ki jimmedari hoti hai aaj ki paristhiti me agar hum dekhen toh jis patrakar ko nishpaksh hona chahiye tha vaah ginti me bahut kam reh gaya hai aur adhikaansh patrakar paksh ya vipaksh ke roop me nazar aate hain jo ki sthiti bada hi kashtaprad hai inke madhyam media ke roop me desh ko baad me apni kshamta aur aay vriddhi pehle soch rahe hain bharatiya arthavyavastha raajnitik vyavastha ho ya samaj ki vyavastha ho padho se sambandh ho shiksha chikitsa ki sthiti ho rojgar ki baat ho kisano ki dasha ho desh ki seemaon par harsh me apni jaan jokhim me dalne waale sainik ho har jagah par ummid ke anusaar patrakaron ke dwara apna karya nahi kiya ja raha hai jo patrakar accha karya kar rahe hain unki sankhya bahut kam hai aur adhikaansh apne kartavya se bhatke hue jab tak ke bhatkaav rukega nahi patrakarita apne kartavya aur adhikaar ke saath nahi jude imaandari ki aur nahi rukegi tab tak hum desh ki vastavik sthiti ko nahi jaan sakenge aur yah baat spasht tha kahi ja sakti hai ki desh ki sthiti ko itni kharab bhi nahi hai ki jisse hum sab ko bhayabhit hone ki avashyakta dhanyavad

देश की वर्तमान स्थिति पर आपका सवाल उन लोगों के लिए है उन लोगों से है जिनको देश का चौथा स्

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देसी हमारे देश की आज जो स्थिति है वह बिल्कुल सही है और हमारे देश की स्थिति धीरे-धीरे सुधार रही है यदि पहले से बेहतर पहले हमारे देश में कई चीजों की कमी थी अब देखी वह धीरे-धीरे पूरी हो रही है पहली देखी हर एक घर में लाइट नहीं थी लेकिन अब धीरे-धीरे हर एक चीजें लाइट का आना और रोडो का चौड़ा होना और कई बदलाव बदलाव हो रहे

desi hamare desh ki aaj jo sthiti hai vaah bilkul sahi hai aur hamare desh ki sthiti dhire dhire sudhaar rahi hai yadi pehle se behtar pehle hamare desh mein kai chijon ki kami thi ab dekhi vaah dhire dhire puri ho rahi hai pehli dekhi har ek ghar mein light nahi thi lekin ab dhire dhire har ek cheezen light ka aana aur rodo ka chauda hona aur kai badlav badlav ho rahe

देसी हमारे देश की आज जो स्थिति है वह बिल्कुल सही है और हमारे देश की स्थिति धीरे-धीरे सुधार

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K.K.Sharma

Journalist

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हमारे देश की हालत बहुत ही बेकार है क्योंकि इस देश की हालत को बेहतर करने वाला कोई और नहीं बल्कि वही लोग हैं जो इस देश में रह रहे हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए वह इस देश का इस्तेमाल कर रहे हैं

hamare desh ki halat bahut hi bekar hai kyonki is desh ki halat ko behtar karne vala koi aur nahi balki wahi log hain jo is desh mein reh rahe hain aur apni raajnitik rotiyan sekne ke liye vaah is desh ka istemal kar rahe hain

हमारे देश की हालत बहुत ही बेकार है क्योंकि इस देश की हालत को बेहतर करने वाला कोई और नहीं ब

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हमारे देश की जो मौजूदा राजनीतिक स्थिति है जिसमें जी देखा जा रहा है कि छात्र आंदोलन कर रहे हैं और कोई भी भारत सरकार से खुश नहीं है ऐसे लगता है कि हम एक ग्रह युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं

hamare desh ki jo maujuda raajnitik sthiti hai jisme ji dekha ja raha hai ki chatra aandolan kar rahe hain aur koi bhi bharat sarkar se khush nahi hai aise lagta hai ki hum ek grah yudh ki aur badh rahe hain

हमारे देश की जो मौजूदा राजनीतिक स्थिति है जिसमें जी देखा जा रहा है कि छात्र आंदोलन कर रहे

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Amit

Journalist

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आज हमारे देश में पत्रकारों की स्थिति दयनीय है इसका मुख्य उद्देश्य है कि सरकार की नीति अच्छी तरह से गठित नहीं है दूसरी और कंपनी के मालिकों द्वारा जो प्रावधान है वही पत्रकारों के हित में नहीं है आज भी लोग पत्रकारिता को एक जोखिम के रूप में

aaj hamare desh mein patrakaron ki sthiti dayaniye hai iska mukhya uddeshya hai ki sarkar ki niti achi tarah se gathit nahi hai dusri aur company ke maalikon dwara jo pravadhan hai wahi patrakaron ke hit mein nahi hai aaj bhi log patrakarita ko ek jokhim ke roop mein

आज हमारे देश में पत्रकारों की स्थिति दयनीय है इसका मुख्य उद्देश्य है कि सरकार की नीति अच्छ

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Sushil Bhardwaj Chhata Mathura

Lawyer and social worker and Politician

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देखिए हमारे देश की जो वर्तमान स्थिति है बस वक्त बहुत अजीबोगरीब स्थिति में चल रहा है हमारा देश क्योंकि हमारे देश के लोगों में सबसे बड़ी जो हमारे देश की राजनीति है वह बहुत कष्ट में जा चुकी है हमारे जिस देश के राजनेता है उनको केवल अपना व अपने परिवार की राजनीति वह गाना है उन्हें देश से कोई मतलब नहीं है ना किसी मजहब से मतलब ना देश के दिखाते वक्त तो मैं यह कहना चाहूंगा कि भारत की जो वर्तमान स्थिति है जो राजनीति की स्थिति है वह बिल्कुल ही खराब पड़ी है अलग-थलग पड़ी है अब देना चाहेंगे क्योंकि हमारे देश में सांप्रदायिकता धर्म वर्ग बाद का जहर फैला हुआ है क्योंकि हमारे चुराता है कुछ पार्टियां धर्म के नाम पर देश को चलाना चाहती है हां तो मेरे हिसाब से ज्यादा कहना चाहूंगा कि हम स्वयं को ऐसा कुछ करना होगा कि देश के विकास के लिए क्योंकि पहले कोई भी ईश्वर ही नहीं कहता कि इंसान को भूखा रखा जाए पहले रोटी फिर शाम प्रिंस आफ ऐसी स्थिति पर स्कूल जाने की आवश्यकता है और मैं कहना चाहूंगा कि आज की जो स्थिति है हम एक भावुकता में अपना मतदान भी करते हैं क्योंकि आज देखे आज जो मंदिर का जो मुद्दा है जो राम जन्मभूमि का चमकता है बहुत गर्म होता हिंदुस्तान में चल रहा है अब इसका श्रेय बीजेपी लिया है लेकिन नाथ आज स्थिति यही है इसमें पीजी में कोई रोल नहीं रहा ना भाजपा ने मंदिर का ही बनवाया था ना कई बार मा पाएगी ना बनवाना चाहती है क्योंकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से मंदिर बनने का आदेश हुआ है और सीक्रेट पार्टी लाया जा रही है क्योंकि जब शुरू से ही केस न्यायालय में विचाराधीन था तो हमारे देश की पब्लिक को इस मुद्दे पर जिन पार्टियों ने जिले की कहीं तुमको मत ही जाना चाहिए था आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार धर्म के नाम पर मंदिर मुद्दे के नाम पर बनी है जबकि मंदिर बदले में बीजेपी का कोई भी रोल नहीं रहा पिछले 40 साल से लेकर 70 साल से जो कैसे चल रहे थे उनके आधार पर हाई कोर्ट जजमेंट दिया सुप्रीम कोर्ट जजमेंट दिया तो उसमें बीजेपी का क्या नाम जहां कुछ नहीं तो मैं अकेला ही चाहूंगा कि हमें अपने देश के विकास के लिए कुछ ऐसा करना है और ऐसे राजनेताओं को बिल्कुल हटाना है और देश का विकास कृपया आवाज बढ़ाने के लिए एक अच्छे को आगे बढ़ाना है और उन्हीं से राज्य की गाने का अफसर है और इन वर्तमान के राज्यपाल को भी को हटाना है

dekhiye hamare desh ki jo vartmaan sthiti hai bus waqt bahut ajeebogarib sthiti mein chal raha hai hamara desh kyonki hamare desh ke logon mein sabse badi jo hamare desh ki raajneeti hai vaah bahut kasht mein ja chuki hai hamare jis desh ke raajneta hai unko keval apna v apne parivar ki raajneeti vaah gaana hai unhe desh se koi matlab nahi hai na kisi majahab se matlab na desh ke dikhate waqt toh main yah kehna chahunga ki bharat ki jo vartmaan sthiti hai jo raajneeti ki sthiti hai vaah bilkul hi kharaab padi hai alag thalag padi hai ab dena chahenge kyonki hamare desh mein saampradayikta dharam varg baad ka zehar faila hua hai kyonki hamare churata hai kuch partyian dharam ke naam par desh ko chalana chahti hai haan toh mere hisab se zyada kehna chahunga ki hum swayam ko aisa kuch karna hoga ki desh ke vikas ke liye kyonki pehle koi bhi ishwar hi nahi kahata ki insaan ko bhukha rakha jaaye pehle roti phir shaam prince of aisi sthiti par school jaane ki avashyakta hai aur main kehna chahunga ki aaj ki jo sthiti hai hum ek bhavukata mein apna matdan bhi karte hain kyonki aaj dekhe aaj jo mandir ka jo mudda hai jo ram janmbhoomi ka chamakta hai bahut garam hota Hindustan mein chal raha hai ab iska shrey bjp liya hai lekin nath aaj sthiti yahi hai isme PG mein koi roll nahi raha na bhajpa ne mandir ka hi banwaya tha na kai baar ma payegi na banwana chahti hai kyonki maananeey sarvoch nyayalaya ke aadesh se mandir banne ka aadesh hua hai aur secret party laya ja rahi hai kyonki jab shuru se hi case nyayalaya mein vicharadhin tha toh hamare desh ki public ko is mudde par jin partiyon ne jile ki kahin tumko mat hi jana chahiye tha aaj bharatiya janta party ki sarkar dharam ke naam par mandir mudde ke naam par bani hai jabki mandir badle mein bjp ka koi bhi roll nahi raha pichhle 40 saal se lekar 70 saal se jo kaise chal rahe the unke aadhar par high court judgement diya supreme court judgement diya toh usmein bjp ka kya naam jahan kuch nahi toh main akela hi chahunga ki hamein apne desh ke vikas ke liye kuch aisa karna hai aur aise rajnetao ko bilkul hatana hai aur desh ka vikas kripya awaaz badhane ke liye ek acche ko aage badhana hai aur unhin se rajya ki gaane ka afsar hai aur in vartmaan ke rajyapal ko bhi ko hatana hai

देखिए हमारे देश की जो वर्तमान स्थिति है बस वक्त बहुत अजीबोगरीब स्थिति में चल रहा है हमारा

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Hemant rajbale

शिक्षा सेवा, लेखक, विचारक

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आज हमारे देश की जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है तो हमारे देश की स्थिति कैसी है अभी समय यह है कि बिल्कुल लॉक डाउन चल रहा है अर्थव्यवस्था ठाकुर पड़ी है कारोबार ठप पड़ा है रोजगार नहीं है लोग करो मैं उस पर एक पत्रकार ग्रुप में आपका क्या विचार है तभी चार क्या होगा जान है तो जहान है मेरी जान ही नहीं बची तो यह जहान क्या बचेगा इसलिए खाना ठंडा हो जाने दीजिए मेरी गरम खाने में उंगलियां डालेंगे तो मिले जल सकती है थोड़ा धैर्य धारण कीजिए अपने घरों में दुबके रहिए यह जिद करने का एक तरीका है बाहर लड़ने की अब जरूरत नहीं है अंदर बैठकर लड़ी है आज हमारा देश की स्थिति बहुत विकट से पार पाना पवार देश का गरीब मजदूर असहाय स्थिति में कहां जाए कहां खाना लेकर आए अपने बच्चों को क्या खिलाएं दबाव सोशलिस्ट एन सिंह का पालन करेंगे सरकार की गाइडलाइंस का पालन करेंगे हाथी के मास्क लगाएंगे दूरी बनाएंगे और काम भी करेंगे ऐसा बोलने वाला तमर देश की स्थिति जरूर सुधरेगी अर्थव्यवस्था दूसरे की 20 लाख करोड़ का पैकेज आवाज मोदी जी ने आपको देशवासियों को दे दिया गांव के अंदर रोजगार खोलने की बात चली गई बहुत अच्छी बात है शेरों से दबाव कम होगा गांव में रोजगार मिलेगा लोग गांव के अंदर रहना पसंद करेंगे गांव में जमीन भी है खेती भी कर सकता है छोटे-मोटे उद्योग भी कर सकते हैं तो अब हमें इस बीमारी से लड़ते हुए जीना जीना पड़ेगा जब तक इसका वेट चेन्नई आ जाता है लेकिन हम मिल सकते हैं और उतरेंगे धन्यवाद

aaj hamare desh ki jaisi sthiti hai us par ek patrakar ke roop me aapka kya vichar hai toh hamare desh ki sthiti kaisi hai abhi samay yah hai ki bilkul lock down chal raha hai arthavyavastha thakur padi hai karobaar thap pada hai rojgar nahi hai log karo main us par ek patrakar group me aapka kya vichar hai tabhi char kya hoga jaan hai toh jahaan hai meri jaan hi nahi bachi toh yah jahaan kya bachega isliye khana thanda ho jaane dijiye meri garam khane me ungaliyan daalenge toh mile jal sakti hai thoda dhairya dharan kijiye apne gharon me dubke rahiye yah jid karne ka ek tarika hai bahar ladane ki ab zarurat nahi hai andar baithkar ladi hai aaj hamara desh ki sthiti bahut vikat se par paana power desh ka garib majdur asahay sthiti me kaha jaaye kaha khana lekar aaye apne baccho ko kya khilayen dabaav socialist N Singh ka palan karenge sarkar ki gaidalains ka palan karenge haathi ke mask lagayenge doori banayenge aur kaam bhi karenge aisa bolne vala tamar desh ki sthiti zaroor sudharegi arthavyavastha dusre ki 20 lakh crore ka package awaaz modi ji ne aapko deshvasiyon ko de diya gaon ke andar rojgar kholne ki baat chali gayi bahut achi baat hai sheron se dabaav kam hoga gaon me rojgar milega log gaon ke andar rehna pasand karenge gaon me jameen bhi hai kheti bhi kar sakta hai chote mote udyog bhi kar sakte hain toh ab hamein is bimari se ladte hue jeena jeena padega jab tak iska wait Chennai aa jata hai lekin hum mil sakte hain aur utarenge dhanyavad

आज हमारे देश की जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है तो हमारे देश

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Mr Praveen kr yadav

Social Worker

1:01
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यह प्रश्न जो है कि हमारे देश की आज जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है तो किसी भी देश का हालात बिगाड़ने और संभालने का जो मुख्य तत्व जो दिखाने का और बोलने का और समझाने का और पारदर्शिता का जो दायित्व आता है वह पत्रकार के ऊपर रहता है और आज जो भी स्थिति हम देख रहे हैं इसमें अहम भूमिका पत्रकारिता है जो भी स्थिति खराब हो या बढ़िया वैसे तो खराब ही है और पत्रकार की बहुत कुछ पत्रकार ऐसे हुए हैं जिन्होंने पत्रकारिता का गरिमा को ठेस पहुंचाया है यह बहुत अच्छी बात है ऐसा नहीं करना चाहिए अपना धर्म निभाना चाहिए थैंक यू

yah prashna jo hai ki hamare desh ki aaj jaisi sthiti hai us par ek patrakar ke roop me aapka kya vichar hai toh kisi bhi desh ka haalaat bigadne aur sambhalne ka jo mukhya tatva jo dikhane ka aur bolne ka aur samjhane ka aur pardarshita ka jo dayitva aata hai vaah patrakar ke upar rehta hai aur aaj jo bhi sthiti hum dekh rahe hain isme aham bhumika patrakarita hai jo bhi sthiti kharab ho ya badhiya waise toh kharab hi hai aur patrakar ki bahut kuch patrakar aise hue hain jinhone patrakarita ka garima ko thes pahunchaya hai yah bahut achi baat hai aisa nahi karna chahiye apna dharm nibhana chahiye thank you

यह प्रश्न जो है कि हमारे देश की आज जैसी स्थिति है उस पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या वि

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हमारे देश की आज जैसी है पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है मैं आपको बताना चाहूंगा कि आज जो स्थिति बनी हुई है बहुत ही भयावह मतलब बहुत डरावनी होती है मैं इसलिए कह रहा हूं कि आज स्थिति बनी हुई है ना तू लोन पास रोजगार है जो शिक्षा है वो ढंग से उनको नहीं मिल पा रही है उसका कारण है कि कपिल की फीस में बढ़ोतरी कर दी जाती है कभी उनको जो इंस्ट्रूमेंट जो उनके पढ़ाई के जो भी एक कपूर की बात की जाए क्लास की बात की जाए उनको उनसे नहीं मिल पा रही है या मैं कहूं आपको कि जगह-जगह विरोध प्रदर्शन होता है मूवी किसान धरने पर बैठ जाते हैं उनको सरकार ने बोला था कि आप क्यों नहीं कर देंगे लेकिन नहीं कर पाए तो वहीं पर काम करते हैं वहीं देश की ज्योति बनी हुई है आज उसके कारण यही है कि जितनी कंपनियां थी देश के अंदर इन्वेस्ट कर रही थी सबसे ज्यादा जाकिर बंद कर दी जाती है कंपनी बंद कर दी जाती हैं उन्होंने ताला लगा दिया है किस-किस ने लगाया क्या कुछ कारण रहे हैं कहीं गलत होगा मैं सरकार को ही ज्यादा ब्लेम नहीं कर रहा हूं फोन किया होगा उसके बाद क्या आज युवाओं के पास नौकरी की बहुत कमी है लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहे किसी भी एक्टर की बात की जाए कंपनियां जीडीपी जरूर था वह नीचे गिर चुका है आज ऐसी स्थिति है कि आम लोगों को अपना पेट पालना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है आगे से पीछे जाए हम 5 साल 10 साल पीछे जाएं लोगों को इतना कुछ प्रॉब्लम नहीं हो रही थी हां तरीके सरकार उदाहरण देती है कि नोटबंदी हमने कि उसे काला धन जो था वो खत्म किया है हमने लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि काला धन जो भी था ठीक है लेकिन जिस तरीके से चौथा पैसों का लोगों के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी रोजगार की कोई कमी नहीं थी बोलती थी उस टाइम पर उसके बाद एवं नहीं तो दूसरा डिसीजन लिया सब जो टैक्स वाला जो डिसीजन लिया एक टेक्स उन्होंने बनाया किया एक टेक्स किया लेकिन उससे भी जो बहुत सारी फैक्ट्रियां बंद होगी कंपनियां बंद होगी तो आप ही कहती है कि ज्यादातर कंपनियां घाटे में चल रही है किसी भी कारण से लगा लीजिए मुझे ज्यादा नहीं कहना चाह में पागल हो गई आपकी हीरो होंडा होगी मारुति होगी आपकी और बड़ी बड़ी कंपनी प्लांट बंद हो रहे हैं तुम लोगों के पास रोजगार नहीं होंगे तो क्या करेंगे वह दोनों ही बातें अपराध बढ़े हैं जरा जब्ती बढ़ेगी स्नैचिंग बढ़ेगी मर्डर होंगी जी सारी चीजें बेरोजगार होते हैं बेरोजगारी बढ़ती है तो यह सारी चीजें और ज्यादा बढ़ने लगती है चोरियों की आपकी टेंशन हो गई आपकी मारकाट होगी हत्या होगी यह बट यह आजकल हो रहे हैं परिणाम क्या है पर नाम चाहिए कि जो उन्होंने जी का डिसीजन लिया था नोटबंदी का बहुत गलत साबित हुआ हां काला धन जो गीता लोगों के पास जो ब्लैक मनी थी आप खत्म हो गया तो मैं मना नहीं कर रहा लेकिन जो फ्लोर नोटों का पैसों का जो था वह खत्म होने के कारण कहीं ना कहीं फर्क पड़ा है वह जीएसटी का बिल फर्क पड़ा है अभी चलती बनी हुई है मैं आपको बताऊं कि बीजेपी क्या कर रही है ट्वेंटी-20 खेल रहे मुलायम सरकार इनकी बनी थी तो उनको रक्षा मंत्रालय दिया जाता है लेकिन उसके बाद दोबारा सरकार बनती है तो उन्हें वित्त मंत्री बना दिया जाता है कि आप बताइए कोई भी हो अगर आप एक अकाउंटेंट हूं और आपसे बोला कि नहीं आपकी करेंगे इंजीन करेंगे तो क्या आप इस तरीके से अपना हंड्रेड परसेंट आफ अकाउंटेंसी में आप देते अकाउंटेंट हो आप तो अकाउंट में रहते हैं वह इंजरिंग में दे पाएंगे हम नट बोल्ट को टाइट करना कुछ करना सबसे ज्यादा है वह कारण यही है कि लोगों को रोजगार की बहुत परेशानी हो रही है दूसरी बात आ जाए तो सरकार तानाशाही उतर आई है अगर उनके खिलाफ जाता है विरोधी पार्टी नहीं अगर मैं भी उनके खिलाफ बोल रहा हूं तो आदेश उनमें से बोलेंगे कि नहीं आ रही है तो कांग्रेस का चमचा है तो उसका है यह तो वह है और बोलेंगे तो देश विरोधी है ठीक है राष्ट्र मुद्दा था अच्छा है उन्होंने जम्मू कश्मीर 370 हटाए कोई नहीं सरकार नहीं कर पाई अच्छा है बहुत अच्छा है वहां पर जो पहले पत्र बांटे गिरावट आई है काफी तारीफ कीजिए कम हुई है अच्छा डिसीजन है लेकिन जीएसटी और नोटबंदी से लोगों को परेशानी हुई है तो यह भी ठीक है कि उन्होंने अपने तो बस की है अल्टरनेट नहीं ढूंढ पाए तो मेरे कहने से चल रहा था कि सरकार चल रही थी आदान-प्रदान हुआ था उस तरीके से नोटबंदी के कारण लोगों को बहुत परेशानी हुई उसी का रीजन यह है यह रहा कि जीएसटी और दूसरा था नोटबंदी उसका कारण यह रहा कि कंपनियां जाकर बंद हो गई और लोग रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं लोग पढ़े-लिखे आदमी चपरासी के लिए गवर्नमेंट कब से जो वैकेंसी निकलती है तो मैं आपको बता दूं उसके लिए भी इंजीनियर एमबीए ग्रैजुएट तक अप्लाई करते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या कुश्ती है बनी हुई नौकरी किस तरीके से लोगों को मारा मारी है कि कुछ तो मिले घर खर्चा को किस तरीके से चले उनको शर्म यह चीज की तरफ जाने की नौकरी क्यों सरकार की कुछ मंत्री कहते हैं कि या काबिलियत नहीं है इसलिए कुछ ऐसे हैं जो पब्लिक नहीं है कि नहीं लग पा रहे हैं आप यकीन मानिए हरियाणा की दोस्ती में आपको बता रहा हूं कि अगर कहीं तो 500 लोगों के लिए भर्ती होती है तो वहां पर 80 90 एक लाख आवेदन करते हैं ग्रुप डी की भर्ती में गिनती बनी हुई है अभी रिजल्ट ग्रुप डी की भर्ती निकाली थी उसमें आपने भी देखा होगा तो मेरी टैबलेट हुआ था कि किस तरीके से लोग परेशान होकर एक दूसरे राज्य में बेहतर वहां पर काफी उनको परेशानी होगी जब काफी सारे करीब एक दर्जन के करीब लोग मर भी गए तो तू आज की चुस्ती है वह आप देख सकते किस तरीके से बाहर हैं और आप अंदाजा लगा सकते हो यही है कि सरकार कोई दोष नहीं है मेक्सिको दूंगा आपका हमारे दोस्तों हमने बनाया सरकार हरियाणा में अभी की बात मैं आपको बताऊं तो कोई भी सरकार के सत्ता में आती है तो बड़े-बड़े वादे करती आने से पहले हम यह कर देंगे वह कर दे लेकिन अभी बीजेपी की सरकार पानी हरियाणा के अंदर में क्या किया है उनका जो खर्चा होता है 50002 विधायकों को दिया जाता है उसमें 50000 और बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया अपने लिए सोच रहे हैं गाड़ी खाना-पीना बॉडीगार्ड वह बिजली के बिल की पास तो ऑलरेडी इतना सारा है करोड़पति विधायक होते हैं कि खुद का बायोडाटा देंगे तो कोई भी विधायक अरूप अधिकतम नहीं होगा तो आप लोग गलतियां यह हमारी गलती है जो देश के अंदर पड़ रही है पर यह से भयंकर होने वाली है आने वाले टाइम में तेरी बहन कर होने वाले उनका काम होता था पहले बखूबी निभाते थे आज ही बहुत खराब हो चुकी है अगर आप किसी भी पार्टी को बदनाम करके कुछ कलयुग का केंद्र खड़े होते हैं और उनकी दुकान खोलते हैं तो आप को देशद्रोही साबित कर दे जाता है

hamare desh ki aaj jaisi hai par ek patrakar ke roop mein aapka kya vichar hai main aapko bataana chahunga ki aaj jo sthiti bani hui hai bahut hi bhyavah matlab bahut daravni hoti hai main isliye keh raha hoon ki aaj sthiti bani hui hai na tu loan paas rojgar hai jo shiksha hai vo dhang se unko nahi mil paa rahi hai uska karan hai ki kapil ki fees mein badhotari kar di jaati hai kabhi unko jo instrument jo unke padhai ke jo bhi ek kapur ki baat ki jaaye class ki baat ki jaaye unko unse nahi mil paa rahi hai ya main kahun aapko ki jagah jagah virodh pradarshan hota hai movie kisan dharne par baith jaate hain unko sarkar ne bola tha ki aap kyon nahi kar denge lekin nahi kar paye toh wahin par kaam karte hain wahin desh ki jyoti bani hui hai aaj uske karan yahi hai ki jitni companiyan thi desh ke andar invest kar rahi thi sabse zyada zakir band kar di jaati hai company band kar di jaati hain unhone tala laga diya hai kis kis ne lagaya kya kuch karan rahe hain kahin galat hoga main sarkar ko hi zyada blame nahi kar raha hoon phone kiya hoga uske baad kya aaj yuvaon ke paas naukri ki bahut kami hai logon ko rojgar nahi mil paa rahe kisi bhi actor ki baat ki jaaye companiyan gdp zaroor tha vaah neeche gir chuka hai aaj aisi sthiti hai ki aam logon ko apna pet paalna parivar chalana mushkil ho raha hai aage se peeche jaaye hum 5 saal 10 saal peeche jayen logon ko itna kuch problem nahi ho rahi thi haan tarike sarkar udaharan deti hai ki notebandi humne ki use kaala dhan jo tha vo khatam kiya hai humne lekin main aapko bataana chahunga ki kaala dhan jo bhi tha theek hai lekin jis tarike se chautha paison ka logon ke paas paison ki koi kami nahi thi rojgar ki koi kami nahi thi bolti thi us time par uske baad evam nahi toh doosra decision liya sab jo tax vala jo decision liya ek tax unhone banaya kiya ek tax kiya lekin usse bhi jo bahut saree factoriyan band hogi companiyan band hogi toh aap hi kehti hai ki jyadatar companiyan ghate mein chal rahi hai kisi bhi karan se laga lijiye mujhe zyada nahi kehna chah mein Pagal ho gayi aapki hero Honda hogi maaruti hogi aapki aur badi badi company plant band ho rahe hain tum logon ke paas rojgar nahi honge toh kya karenge vaah dono hi batein apradh badhe hain zara zabti badhegi snaiching badhegi murder hongi ji saree cheezen berozgaar hote hain berojgari badhti hai toh yah saree cheezen aur zyada badhne lagti hai choriyon ki aapki tension ho gayi aapki maar kaat hogi hatya hogi yah but yah aajkal ho rahe hain parinam kya hai par naam chahiye ki jo unhone ji ka decision liya tha notebandi ka bahut galat saabit hua haan kaala dhan jo geeta logon ke paas jo black money thi aap khatam ho gaya toh main mana nahi kar raha lekin jo floor noton ka paison ka jo tha vaah khatam hone ke karan kahin na kahin fark pada hai vaah gst ka bill fark pada hai abhi chalti bani hui hai main aapko bataun ki bjp kya kar rahi hai Twenty 20 khel rahe mulayam sarkar inki bani thi toh unko raksha mantralay diya jata hai lekin uske baad dobara sarkar banti hai toh unhe vitt mantri bana diya jata hai ki aap bataiye koi bhi ho agar aap ek accountant hoon aur aapse bola ki nahi aapki karenge injin karenge toh kya aap is tarike se apna hundred percent of accountancy mein aap dete accountant ho aap toh account mein rehte hain vaah injaring mein de payenge hum nat bolt ko tight karna kuch karna sabse zyada hai vaah karan yahi hai ki logon ko rojgar ki bahut pareshani ho rahi hai dusri baat aa jaaye toh sarkar tanashahi utar I hai agar unke khilaf jata hai virodhi party nahi agar main bhi unke khilaf bol raha hoon toh aadesh unmen se bolenge ki nahi aa rahi hai toh congress ka chamacha hai toh uska hai yah toh vaah hai aur bolenge toh desh virodhi hai theek hai rashtra mudda tha accha hai unhone jammu kashmir 370 hataye koi nahi sarkar nahi kar payi accha hai bahut accha hai wahan par jo pehle patra bante giraavat I hai kafi tareef kijiye kam hui hai accha decision hai lekin gst aur notebandi se logon ko pareshani hui hai 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हमारे देश की आज जैसी है पर एक पत्रकार के रूप में आपका क्या विचार है मैं आपको बताना चाहूंगा

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RAM SUCHIT

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी आज जो हमारे देश में कोरियाना में महा विकट महामारी फैल रही है इस विकट स्थिति में हमारे पत्रकारों का यह दायित्व बनता है कि हमारे देश के नागरिकों को समय-समय पर बिल्कुल सही और सटीक न्यूज़ देते रहें पत्रकार का फर्ज बनता है कि वह इसे लेकर समस्या में जनता के साथ किसी भी तरह की लापरवाही न करें और किसी भी तरह की झूठी खबर या किसी नेता के दबाव में आकर के कोई दबाव रुपया कहानी नहीं चलानी चाहिए और जिन जिन क्षेत्रों में लोगों को परेशानी हो रही वहां पर जाकर के निरीक्षण करते थे गवर्नमेंट कोर्स का सेट दिखाना चाहिए और उनको हर मदद हर संभव मदद पहुंचाने में भक्त आनी चाहिए और लोगों के साथ जुड़कर लोगों का हाल चाल लेते रहना चाहिए ना कि सिर्फ अधिकारियों के द्वारा बताए गए सूचना पर अपना काम करते रहना चाहिए

vicky aaj jo hamare desh me koriyana me maha vikat mahamari fail rahi hai is vikat sthiti me hamare patrakaron ka yah dayitva banta hai ki hamare desh ke nagriko ko samay samay par bilkul sahi aur sateek news dete rahein patrakar ka farz banta hai ki vaah ise lekar samasya me janta ke saath kisi bhi tarah ki laparwahi na kare aur kisi bhi tarah ki jhuthi khabar ya kisi neta ke dabaav me aakar ke koi dabaav rupya kahani nahi chalani chahiye aur jin jin kshetro me logo ko pareshani ho rahi wahan par jaakar ke nirikshan karte the government course ka set dikhana chahiye aur unko har madad har sambhav madad pahunchane me bhakt aani chahiye aur logo ke saath judakar logo ka haal chaal lete rehna chahiye na ki sirf adhikaariyo ke dwara bataye gaye soochna par apna kaam karte rehna chahiye

विकी आज जो हमारे देश में कोरियाना में महा विकट महामारी फैल रही है इस विकट स्थिति में हमारे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस वक्त की जो भारत की जो स्थिति है संपूर्ण भारत की अगर बात कराई जाए तो सभी का जीवन स्तर जो है बिल्कुल ही गंभीर रूप में है क्योंकि इस महामारी का अभी तक कोई तोड़ नहीं निकला है सभी चिंतित है यहां तक कि भारत ही क्या संपूर्ण विश्व ऐसी जिससे इस महामारी से चिंतित है और रही बात भारत की तो भारत में जो स्थिति है वह सभी के लिए समान तो नहीं है समाज में कई प्रकार के लोग हैं कहीं-कहीं सैनी के लोग हैं किसी का जीवन स्तर बहुत इच्छा है तो किसी का जीवन स्तर इतना दयनीय है कि उसको डिस्क्राइब नहीं किया जा सकता क्योंकि उच्च कोटि के शिक्षित लोग एवं मध्यम वर्ग यह सभी तो समाज के सभी लाभों से सभी सभी संसाधनों से सुख हैं इनके पास से पर्याप्त मात्रा में भोजन है पर्याप्त मात्रा में धन है तो इनके जीवन के ऊपर इतना गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा है परंतु जो बची हुई अशिक्षित दलित गरीबी से पीड़ित तथा परंपरागत मूल्यों से ग्रसित जनता के लिए यह एक अजीब दास्तां है एक दयनीय दशा है इस समय वर्तमान भारत की परंतु पश्चाताप इस बात का है कि वह तमाम दर्पण जो समाज की सच्चाई दिखाते हैं वह केवल रईसों एवं उद्योगपति और राजनीतिज्ञ तथा कलाकारों कलाकारों तक ही सीमित है मुझे इस वास्तविकता की सच्चाई को बताते हुए बड़ी शर्म भी आती है बड़ा रोना भी आता है क्योंकि जिस समाज में इतने बड़े-बड़े उद्योगपति इतने बड़े बड़े राजनीतिज्ञ जो सभी संसाधनों से सभी शक्तियों से दुखी हैं पूर्ति है और वह रानी तज्ञ जो समाज के लिए बहुत सारे नियम बना सकते हैं नई नई नीतियां लागू कर सकते हैं इस समय भारत को नव निर्माण के ऊपर ज्यादा जरूर देनी चाहिए ज्यादा जोर देना चाहिए क्योंकि इस वक्त सभी बंद है जितने भी कार्यालय हैं भारत चाहे तो एक नई सोच के साथ जो भी गलतियां हुई हैं इतिहास में उनको ना दो राय भ्रष्टाचार से लेकर सभी गुरुजनों को जड़ से खत्म करने का एक सुनहरा मौका है एक नई नीति जो संपूर्ण भारत का विकास करें जो संपूर्ण देश के लोगों का विकास करें मैं उन लोगों की बात नहीं करूंगा जिन्होंने अखंडता के ऊपर भारत की एकता के ऊपर भारत की धर्मनिरपेक्षता के ऊपर प्रहार किया है हमेशा उसको तोड़ने की कोशिश की है मैं उन लोगों की बात नहीं करूंगा क्योंकि यह समाज के वायरस से भी ज्यादा खतरनाक लोग हैं जिन्होंने भारतीय लोगों के जीवन को इन दृष्टि से और अपने आपको हमेशा पावर एवं सत्ता के लोग में जिस तरह लड़ते रहें चाहे वह जनता के ऊपर कैसा भी समय हो तो कभी ध्यान नहीं दिया तो दोस्तों इस वक्त भारत की गवर्नमेंट के साथ साथ हम सभी भारतीयों को भी सोचना चाहिए क्योंकि एक अच्छा समय हमने बताया अपने परिवार के साथ अपने घर में तो मैं सभी सच्चाई उसे अब रूबरू हम लोग हो चुके हैं तो अब फिर से मानवता की कहानी को दोहरा है जाए फिर से एक तो ऐसे भारत का विकास किया जाए फिर से ऐसे भारत को खोला जाए ओपन किया जाए जो भारत कई युगों से पीड़ित है उपनिवेशवाद से भ्रष्टाचार से शोषण से उद्यमियों से मुक्त कराया जाए और सब को एक समान के रूप में देखा जाए वह हमारे मजदूर को क्या वह समाज का कोई भी तत्व हो उसको एक सम्मान पूर्वक जिंदगी देने का वादा किया जाए चाहे यह गवर्नमेंट हो चाहिए हमारे आम लोग हैं परस्पर संबंध परस्पर भाईचारा इसमें भारत की भलाई है इसमें भारत का विकास हूं क्योंकि हमारा जो देश है वह युगो युगो से चलता आ रहा है यह लोकतंत्र आया और जिस जिस ने जैसा चाहा इसे मोड़ दिया इस भारत को अपनी बुद्धि के बल पर अपने पढ़ाई के बल पर अपनी विद्या के बल पर और कुछ लोगों ने इसका स्वार्थ से निर्माण किया तो वह गलतियां ना दो रहा है जाए मेरा सब से यही आग्रह है मेरा यही विनती है एक भारतीय होने के नाते एक राष्ट्रवादी भारतीय होने के नाते मैं उन सभी भारतीयों को यही कहना चाहूंगा कि सबसे पहले हमारा राष्ट्र है हमारी राष्ट्रीयता वाली भावना है उसको हमेशा बरकरार रखें हमेशा हिंदुस्तान की आवाम के लिए सोचे क्योंकि जब हम गांव से शहर से शहर शहर से गांव गांव से गली और गली से परिवार तक और परिवार से हम अपने आप में ही लड़ते हैं तो सबसे पहले हम अपने देश के बारे में आप सोचेंगे अजब देश के बारे में सोचेंगे तो हमारे शहर अच्छे होंगे हमारे राज्य अच्छे होंगे हमारा क्षेत्र अच्छा होगा और जब हमारा क्षेत्र अच्छा होगा तो हमारा गांव अच्छा होगा और जब हमारा गांव अच्छा हुआ तो हमारी गलियां आज क्योंकि आज हमारी गलियां अच्छी होंगी तुम्हारा परिवार अच्छा होगा अब इसको उल्टा दौरान है क्योंकि हमने हमेशा लोगों की बातों में लोगों के बहकावे में आए यहां पर कोई स्वार्थ नहीं है यहां पर जो वह मेरी वाणी जो निकल रही है वह संपूर्ण भारतीयों के एक अच्छे जीवन की कामना करती हैं मेरा जो अंतर आत्मा है और राष्ट्रवादी है हिंदुस्तान के लिए है और हिंदुस्तान के नागरिक के लिए हैं क्योंकि हमने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है भारत आजाद हुआ था विदेशों से संबंध से लेकर हमने हमेशा अहिंसा का ही मार्ग अपनाया है पूरे विश्व में दो शक्तियों का डंका बज रहा था उस वक्त हमने गुटनिरपेक्षता के आंदोलन में पूरा योगदान दिया किसी भी गुट से अलग रहने की अमन ने मांग की और हमें हमने हमेशा शांति का प्रस्ताव पूरे विश्व के समक्ष दोस्तों जय हिंद जय भारत अपने भाइयों का अपने परिवारों का अपने देश का और इस देश के जितने भी बच्चे हैं उनका ख्याल रखिए और सीनियर सिटीजन की चेक कीजिए और जहां तक हो सके तो हमारी ने चुरा ली थी हमारे पेड़ पौधे उनको बचा कर रखिए हमारे जीव-जंतु जिसने भी हमारे हमारे समाज के जितने भी तत्व हैं उनको इज्जत कीजिए सम्मान से देखिए और बस मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं ऐसे ही आप लोगों को अच्छे विचार सुनाता रहूंगा ऐसे ही क्योंकि हमारे जो शब्द हिंदुस्तान के लिए काम आए हिंदुस्तान की आवाम के लिए काम आए इससे बड़ा कोई पल नहीं होता और इससे बड़ा कोई चीज नहीं होती इससे बड़ा कोई टाइम नहीं होता इससे बड़ी कोई मोहब्बत नहीं होती और मेरा तो लक्ष्य यही है कि हमारा जो हिंदुस्तान है हमारा जो भारत है जितना भी इसके साथ तो गलत हुआ है उसको फिर से सही किया जाए फिर से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पूर्वक सम्मान से कंधे से कंधा मिलाकर और सबके आगे बढ़ता हुआ दिखे यह मेरा भारत जय हिंद जय दोस्तों अपना ख्याल रखिए अपने परिवार का ख्याल रखिए और हमारे देश का ख्याल रखें

is waqt ki jo bharat ki jo sthiti hai sampurna bharat ki agar baat karai jaaye toh sabhi ka jeevan sthar jo hai bilkul hi gambhir roop me hai kyonki is mahamari ka abhi tak koi tod nahi nikala hai sabhi chintit hai yahan tak ki bharat hi kya sampurna vishwa aisi jisse is mahamari se chintit hai aur rahi baat bharat ki toh bharat me jo sthiti hai vaah sabhi ke liye saman toh nahi hai samaj me kai prakar ke log hain kahin kahin saini ke log hain kisi ka jeevan sthar bahut iccha hai toh kisi ka jeevan sthar itna dayaniye hai ki usko describe nahi kiya ja sakta kyonki ucch koti ke shikshit log evam madhyam varg yah sabhi toh samaj ke sabhi labho se sabhi sabhi sansadhano se sukh hain inke paas se paryapt matra me bhojan hai paryapt matra me dhan hai toh inke jeevan ke upar itna gambhir prabhav nahi pada hai parantu jo bachi hui ashikshit dalit garibi se peedit tatha paramparagat mulyon se grasit janta ke liye yah ek ajib dastan hai ek dayaniye dasha hai is samay vartaman bharat ki parantu pashchaataap is baat ka hai ki vaah tamaam darpan jo samaj ki sacchai dikhate hain vaah keval raison evam udyogpati aur rajanitigya tatha kalakaron kalakaron tak hi simit hai mujhe is vastavikta ki sacchai ko batatey hue badi sharm bhi aati hai bada rona bhi aata hai kyonki jis samaj me itne bade bade udyogpati itne bade bade rajanitigya jo sabhi sansadhano se sabhi shaktiyon se dukhi hain purti hai aur vaah rani tagya jo samaj ke liye bahut saare niyam bana sakte hain nayi nayi nitiyan laagu kar sakte hain is samay bharat ko nav nirmaan ke upar zyada zaroor deni chahiye zyada jor dena chahiye kyonki is waqt sabhi band hai jitne bhi karyalay hain bharat chahen toh ek nayi soch ke saath jo bhi galtiya hui hain itihas me unko na do rai bhrashtachar se lekar sabhi gurujanon ko jad se khatam karne ka ek sunehra mauka hai ek nayi niti jo sampurna bharat ka vikas kare jo sampurna desh ke logo ka vikas kare main un logo ki baat nahi karunga jinhone akhandata ke upar bharat ki ekta ke upar bharat ki dharmanirapekshata ke upar prahaar kiya hai hamesha usko todne ki koshish ki hai main un logo ki baat nahi karunga kyonki yah samaj ke virus se bhi zyada khataranaak log hain jinhone bharatiya logo ke jeevan ko in drishti se aur apne aapko hamesha power evam satta ke log me jis tarah ladte rahein chahen vaah janta ke upar kaisa bhi samay ho toh kabhi dhyan nahi diya toh doston is waqt bharat ki government ke saath saath hum sabhi bharatiyon ko bhi sochna chahiye kyonki ek accha samay humne bataya apne parivar ke saath apne ghar me toh main sabhi sacchai use ab rubaru hum log ho chuke hain toh ab phir se manavta ki kahani ko dohra hai jaaye phir se ek toh aise bharat ka vikas kiya jaaye phir se aise bharat ko khola jaaye open kiya jaaye jo bharat kai yugon se peedit hai upaniveshavaad se bhrashtachar se shoshan se udhyamiyon se mukt karaya jaaye aur sab ko ek saman ke roop me dekha jaaye vaah hamare majdur ko kya vaah samaj ka koi bhi tatva ho usko ek sammaan purvak zindagi dene ka vada kiya jaaye chahen yah government ho chahiye hamare aam log hain paraspar sambandh paraspar bhaichara isme bharat ki bhalai hai isme bharat ka vikas hoon kyonki hamara jo desh hai vaah yugo yugo se chalta aa raha hai yah loktantra aaya aur jis jis ne jaisa chaha ise mod diya is bharat ko apni buddhi ke bal par apne padhai ke bal par apni vidya ke bal par aur kuch logo ne iska swarth se nirmaan kiya toh vaah galtiya na do raha hai jaaye mera sab se yahi agrah hai mera yahi vinati hai ek bharatiya hone ke naate ek rashtrawadi bharatiya hone ke naate main un sabhi bharatiyon ko yahi kehna chahunga ki sabse pehle hamara rashtra hai hamari rastriyata wali bhavna hai usko hamesha barkaraar rakhen hamesha Hindustan ki avam ke liye soche kyonki jab hum gaon se shehar se shehar shehar se gaon gaon se gali aur gali se parivar tak aur parivar se hum apne aap me hi ladte hain toh sabse pehle hum apne desh ke bare me aap sochenge ajab desh ke bare me sochenge toh hamare shehar acche 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desh ka aur is desh ke jitne bhi bacche hain unka khayal rakhiye aur senior citizen ki check kijiye aur jaha tak ho sake toh hamari ne chura li thi hamare ped paudhe unko bacha kar rakhiye hamare jeev jantu jisne bhi hamare hamare samaj ke jitne bhi tatva hain unko izzat kijiye sammaan se dekhiye aur bus main apni vani ko viraam deta hoon aise hi aap logo ko acche vichar sunata rahunga aise hi kyonki hamare jo shabd Hindustan ke liye kaam aaye Hindustan ki avam ke liye kaam aaye isse bada koi pal nahi hota aur isse bada koi cheez nahi hoti isse bada koi time nahi hota isse badi koi mohabbat nahi hoti aur mera toh lakshya yahi hai ki hamara jo Hindustan hai hamara jo bharat hai jitna bhi iske saath toh galat hua hai usko phir se sahi kiya jaaye phir se ise antararashtriya sthar par sammaan purvak sammaan se kandhe se kandha milakar aur sabke aage badhta hua dikhe yah mera bharat jai hind jai doston apna khayal rakhiye apne parivar ka khayal rakhiye aur hamare desh ka khayal rakhen

इस वक्त की जो भारत की जो स्थिति है संपूर्ण भारत की अगर बात कराई जाए तो सभी का जीवन स्तर जो

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