कोई ऐसी कहानी बताएँ जिससे दुनिया के सामने लाने पर आपको सबसे ज़्यादा गर्व महसूस हुआ?...


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Tej Sahu

Author | Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही सुंदर बहुत ही अच्छा आपका सवाल सबसे पहले मैं आपको थैंक्यू करना चाहूंगा कि कोई ऐसी कहानी बताइए जिससे दुनिया के सामने लाने पर आप पोस्ट सबसे ज्यादा गर्व महसूस हुआ हो बिल्कुल दोस्तों मैं आपको बताता हूं 5 अप्रैल का दिन था इस महीने का और देश के प्रधानमंत्री ने उस दिन 1 दिन पहले ही टेलीविजन पर आते हैं और वह पूरे देश से आवाहन करते हैं अपील करते हैं कि मैंने भाइयों इस वक्त सब लोग महामारी के दौर से गुजर रहे हैं और ऐसे में पूरे देश को जो हमारे देश के योद्धा लोग हैं उनके लिए पाली बजाइए थाली बजाइए और कुछ दिन बाद देश के प्रधानमंत्री दिए का जलाने का भी आह्वान करते हैं इस वक्त जो लोग अपने अपने घर बैठे हैं जो अकेलापन महसूस कर रहे हैं उस अकेलेपन को दूर करने के लिए उनकी जिंदगी में जो अंधेरा है वह जाला करने के लिए मैं देशवासियों से रात 9:00 बजे 9 मिनट के लिए एक कहूंगा कि अपने घर वालों को ने की अंदर की कमरे की लाइट बंद कर दो बालकोनी बनाकर अपना दीप प्रज्वलित करें जबकि मौजूदा परिस्थितियों में देश के हालात इन हालात पर नहीं थे कि देश में हम लोग दिवाली जैसा माहौल बनाए भारत देश के अंदर महामारी से निपटने के लिए क्यों पूरे देश के अंदर भी लगातार पूरी त्राहि-त्राहि मची हुई है और लोग इस देश के इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं संख्या बढ़ती चली जा रही है ऐसे में हम दीप जलाने की बात करें तो मुझे लगता है कि शायद शायद अभी जल्दबाजी होगी मैं दर्शन वह कहानी बताने जा रहा हूं ठीक 5 तारीख को 5 अप्रैल को पलवल दिल्ली एनसीआर में जगह है जो किया फरीदाबाद के पास रखता है और वहां एक और 5 तारीख की रात को एक दलित परिवार दलित से आप सब बाकी तो दलित शब्द कहा जाता है जो कि दलित पिछड़ा शोषित शब्द है ऐसी जाति से ब्लॉक करने वाले लोग अपने घर में लाइट को नहीं बंद करते हैं मालपुरी मना कर दिया नहीं जलाते हैं न्यूज़ जाति से नफरत करते हैं शब्द नहीं लेना चाहती क्योंकि मैं यहां पर किसी की डिबेट या बहस नहीं करना चाहता हूं दूसरी प्रजाति के लोग उस परिवार को जबरन लाइट बंद करने का आदेश देते हैं वह परिवार लाइट बंद नहीं करता है क्या इंडिया क्यों नहीं चलाया और ऐसे में अगर आपका मन करता है तो आप कर सकते हैं और आपका मन भी होता है और अफसोस होता है उस परिवार परिवार पर उसी दिन इतना जबरदस्त हमला होता है उसे घर में पूरी तोड़फोड़ पत्थर ही गाड़ी मकान मौत छोड़ जाते हैं इस खबर को सोशल मीडिया पर वायरल किया वह परिवार ने उन सदस्यों ने एक पत्रकार हम भी हैं हमें भी पास तक ही हमारे पास तक खबर नहीं पूछो कि मैं बड़ा पत्रकार नहीं हूं मैं कह दूं कि बहुत बड़ी चैनल में काम करता हूं मेरा खुद हमने भी जब यह खबर सोशल मीडिया पर देखें तो हमें दुख हुआ दुख इसलिए हुआ कि आज बड़े बड़े चैन कहां सो रहे हैं न्यू ने यह खबर नहीं दिखाई इनके लिए तबलीगी मजाक जो तबलीगी जमात है वह है हिंदू मुस्लिम में बहुत सारे यह चीजें हैं वह खबर दिखाई सोशल मीडिया से तस्वीरें ली उसके बाद परिवार के साथ वीडियो कॉलिंग पर बात की चौकी इंचार्ज था ना अभी से एसीपी सभी से बात की जानकारी हासिल की खबर चलाने के बाद जो लोग हुड्डा की थे उन पर एससी एसटी एक्ट लगाया गया लगाने के बाद उनके आधार पर इसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज करवाई है जिसमें बहुत सारे लोग को घेरने के लिए आगे हरियाणा पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है यह गर्व की बात है कि ऐसी खबर पर आप लोग काम कर रहे हैं और उस खबर पर बड़ा असर होता है तो बड़ी ही घर की बात है जो बड़ी चैनल ऐसी खबरों को अनदेखा कर देते हैं जिसे इंसाफ सबको मिलना चाहिए पत्रकार यह भूल जाए कि वह किसी जाति का किस धर्म का है पत्रकार किसी जाति या धर्म का नहीं होता पत्रकार जो होता है इंसानियत के लिए होता है और आवाज को खाने के लिए गलत गलत है और सही सही किसी के साथ भी गलत हो रहा उसकी आवाज को एक पत्रकार नजरअंदाज कर दे तो बहुत शुक्रिया आप सुन रहे थे सुशील बालेश्वरी को प्रभास लाइफ से अगर आपको मेरी यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो आप मेरे चैनल पर जाइए प्लीज इंग्लिश में लिखेगा तो आप मेरे चैनल को भूल पाएंगे और साथ ही मुझे सब्सक्राइब भी कर दीजिएगा और साथ में बैल को दवाई

bahut hi sundar bahut hi accha aapka sawaal sabse pehle main aapko thainkyu karna chahunga ki koi aisi kahani bataiye jisse duniya ke saamne lane par aap post sabse zyada garv mehsus hua ho bilkul doston main aapko batata hoon 5 april ka din tha is mahine ka aur desh ke pradhanmantri ne us din 1 din pehle hi television par aate hain aur vaah poore desh se avahan karte hain appeal karte hain ki maine bhaiyo is waqt sab log mahamari ke daur se gujar rahe hain aur aise me poore desh ko jo hamare desh ke yodha log hain unke liye paali bajaiye thali bajaiye aur kuch din baad desh ke pradhanmantri diye ka jalane ka bhi aahvaan karte hain is waqt jo log apne apne ghar baithe hain jo akelapan mehsus kar rahe hain us akelepan ko dur karne ke liye unki zindagi me jo andhera hai vaah jala karne ke liye main deshvasiyon se raat 9 00 baje 9 minute ke liye ek kahunga ki apne ghar walon ko ne ki andar ki kamre ki light band kar do balkoni banakar apna deep prajwalit kare jabki maujuda paristhitiyon me desh ke haalaat in haalaat par nahi the ki desh me hum log diwali jaisa maahaul banaye bharat desh ke andar mahamari se nipatane ke liye kyon poore desh ke andar bhi lagatar puri trahi trahi machi hui hai aur log is desh ke is bimari se peedit ho rahe hain sankhya badhti chali ja rahi hai aise me hum deep jalane ki baat kare toh mujhe lagta hai ki shayad shayad abhi jaldabaji hogi main darshan vaah kahani batane ja raha hoon theek 5 tarikh ko 5 april ko palval delhi NCR me jagah hai jo kiya faridabad ke paas rakhta hai aur wahan ek aur 5 tarikh ki raat ko ek dalit parivar dalit se aap sab baki toh dalit shabd kaha jata hai jo ki dalit pichda shoshit shabd hai aisi jati se block karne waale log apne ghar me light ko nahi band karte hain malpuri mana kar diya nahi jalate hain news jati se nafrat karte hain shabd nahi lena chahti kyonki main yahan par kisi ki debate ya bahas nahi karna chahta hoon dusri prajati ke log us parivar ko jabran light band karne ka aadesh dete hain vaah parivar light band nahi karta hai kya india kyon nahi chalaya aur aise me agar aapka man karta hai toh aap kar sakte hain aur aapka man bhi hota hai aur afasos hota hai us parivar parivar par usi din itna jabardast hamla hota hai use ghar me puri thorphor patthar hi gaadi makan maut chhod jaate hain is khabar ko social media par viral kiya vaah parivar ne un sadasyon ne ek patrakar hum bhi hain hamein bhi paas tak hi hamare paas tak khabar nahi pucho ki main bada patrakar nahi hoon main keh doon ki bahut badi channel me kaam karta hoon mera khud humne bhi jab yah khabar social media par dekhen toh hamein dukh hua dukh isliye hua ki aaj bade bade chain kaha so rahe hain new ne yah khabar nahi dikhai inke liye tabaligi mazak jo tabaligi jamaat hai vaah hai hindu muslim me bahut saare yah cheezen hain vaah khabar dikhai social media se tasveeren li uske baad parivar ke saath video Calling par baat ki chowki incharge tha na abhi se ACP sabhi se baat ki jaankari hasil ki khabar chalane ke baad jo log hudda ki the un par SC ST act lagaya gaya lagane ke baad unke aadhar par iske aadhar par report darj karwai hai jisme bahut saare log ko gherne ke liye aage haryana police ne 3 logo ko giraftar kar liya hai yah garv ki baat hai ki aisi khabar par aap log kaam kar rahe hain aur us khabar par bada asar hota hai toh badi hi ghar ki baat hai jo badi channel aisi khabaro ko andekha kar dete hain jise insaaf sabko milna chahiye patrakar yah bhool jaaye ki vaah kisi jati ka kis dharm ka hai patrakar kisi jati ya dharm ka nahi hota patrakar jo hota hai insaniyat ke liye hota hai aur awaaz ko khane ke liye galat galat hai aur sahi sahi kisi ke saath bhi galat ho raha uski awaaz ko ek patrakar najarandaj kar de toh bahut shukriya aap sun rahe the sushil baleshwari ko prabhas life se agar aapko meri yah story achi lagi ho toh aap mere channel par jaiye please english me likhega toh aap mere channel ko bhool payenge aur saath hi mujhe subscribe bhi kar dijiyega aur saath me bail ko dawai

बहुत ही सुंदर बहुत ही अच्छा आपका सवाल सबसे पहले मैं आपको थैंक्यू करना चाहूंगा कि कोई ऐसी क

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Vinod Sharma

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं ज्यादा तो आपको नहीं बता सकता है लेकिन मेरा एक कहानी क्या एक छोटा सा वाक्य बताता हूं एक एमएलए था उस एमएलए ने अपनी गाड़ी के ऊपर बत्ती लगा रखी थी दबंग आदमी उसके नाम पर लोग ऐसे डरते थे कि पता नहीं है क्या कर देगा मैंने उसकी वक्त हटवा दी साहब तो पूरे जिले के अंदर क्या पूरे स्टेट में ऐसा नंबर मच गया कि यार यह क्या कर दिया वहां से मेरे को धमकियां भी मिली लेकिन मेरे को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा धमकी देने वाले देते रहेंगे मैंने जब मैंने पत्रकारिता ज्वाइन की है बताने वाला इश्वर है अगर आपके अंदर होता तो आप दो सेकंड में खत्म कर देते आपकी थोड़ी चलेगी तो ऐसा है कि उसने मेरे को बहुत बड़ा गौरवान्वित हुआ कि मैंने एक दबंग विधायक जो अपने आप को गुंडा संघ रहा था तो 89 कर रहा था लोगों को बहुत ही परेशान कर रहा था और मैंने उसकी बत्ती हटवा दी साहब लाल बत्ती लगाकर चलता था रात को

main zyada toh aapko nahi bata sakta hai lekin mera ek kahani kya ek chota sa vakya batata hoon ek mla tha us mla ne apni gaadi ke upar batti laga rakhi thi dabang aadmi uske naam par log aise darte the ki pata nahi hai kya kar dega maine uski waqt hatva di saheb toh poore jile ke andar kya poore state me aisa number match gaya ki yaar yah kya kar diya wahan se mere ko dhamkiyan bhi mili lekin mere ko isse koi fark nahi pada dhamki dene waale dete rahenge maine jab maine patrakarita join ki hai batane vala ishvar hai agar aapke andar hota toh aap do second me khatam kar dete aapki thodi chalegi toh aisa hai ki usne mere ko bahut bada gaurvanvit hua ki maine ek dabang vidhayak jo apne aap ko gunda sangh raha tha toh 89 kar raha tha logo ko bahut hi pareshan kar raha tha aur maine uski batti hatva di saheb laal batti lagakar chalta tha raat ko

मैं ज्यादा तो आपको नहीं बता सकता है लेकिन मेरा एक कहानी क्या एक छोटा सा वाक्य बताता हूं एक

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Naresh Kumar Sharma

COUNSELOR ( EDUCATION, EMPLOYMENT, MARRIAGE, FAMILY DISPUTE @ MEDIA)

1:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप सभी को नरेश कुमार शर्मा दिल्ली नरेश का नमस्कार आपका सवाल कोई ऐसी कहानी बताइए जिससे दुनिया के सामने लाने पर आपको सबसे ज्यादा गर्व महसूस हुआ यूट्यूब तो सबसे ज्यादा गर्म मुझे अपने आपको अपने व्यक्तित्व को समाज के सामने प्रस्तुत करने में हुआ अपनी पहचान बताने में हुआ जिस पहचान में मैं अपने पिताश्री का नाम लेता हूं अपने जन्म स्थान का नाम लेता हूं अपने भारत माता अपने देश का नाम लेता हूं मुझे इससे ज्यादा गर्म किसी कहानी में नहीं हुआ अपने जीवन हमारी हमारा जीवन एक कहानी है अपने आप को प्रस्तुत करने में मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई और आप लोगों से भी निवेदन करूंगा अपने आप को वहां लेकर आए हैं अपने आप से प्यार करें अपने व्यक्तित्व से प्यार करें और अपने आप को समाज के सामने पेश करें हमने देखा है लोग दूसरों से प्यार तो करते हैं लेकिन अपने आप से प्यार करना भूल जाते हैं मेरे हिसाब से दूसरों से भी सच्चा प्यार करने के लिए आपका अपने आप से प्यार करना बहुत जरूरी है बहुत जरूरी है धन्यवाद

aap sabhi ko naresh kumar sharma delhi naresh ka namaskar aapka sawaal koi aisi kahani bataiye jisse duniya ke saamne lane par aapko sabse zyada garv mehsus hua youtube toh sabse zyada garam mujhe apne aapko apne vyaktitva ko samaj ke saamne prastut karne me hua apni pehchaan batane me hua jis pehchaan me main apne pitashri ka naam leta hoon apne janam sthan ka naam leta hoon apne bharat mata apne desh ka naam leta hoon mujhe isse zyada garam kisi kahani me nahi hua apne jeevan hamari hamara jeevan ek kahani hai apne aap ko prastut karne me mujhe sabse zyada khushi hui aur aap logo se bhi nivedan karunga apne aap ko wahan lekar aaye hain apne aap se pyar kare apne vyaktitva se pyar kare aur apne aap ko samaj ke saamne pesh kare humne dekha hai log dusro se pyar toh karte hain lekin apne aap se pyar karna bhool jaate hain mere hisab se dusro se bhi saccha pyar karne ke liye aapka apne aap se pyar karna bahut zaroori hai bahut zaroori hai dhanyavad

आप सभी को नरेश कुमार शर्मा दिल्ली नरेश का नमस्कार आपका सवाल कोई ऐसी कहानी बताइए जिससे दुनि

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मित्रों आइए आपको मैं ऐसी कहानी सुनाते हैं जो हमारे जीवन में घटित हुई है आज के बीच बस पहले मैं और मेरा मित्र अपने यू सुमित कहां जा रहे थे उसमें हम दोनों स्कूटर से थी मुझे स्कूटर चलाना नहीं आता था मेरे मित्र को चलाना आता था मुझे स्कूटर चलाने की जिज्ञासा हुई मैंने मित्र से कहा आप इसे पर जाओ और बताओ मैं खुद चला लूंगा मैं स्कूटर चलाता हूं सड़क पर तभी कुछ दूर जाने पर एक जीत और एक तांगा वाला नहीं मुझे ओवरटेक किया इस बार ब्रेक लगाकर मैं बस किया फिर कुछ दूर में निकला तब तक मुझे एक पर्स मिल गए मैं रुक गया और जब मैं फिर वहां से चला तो आगे फिर वही तांगा और चिप वाला मुझे ओवरटेक किया इस बात में बस क्या फिर मित्र के घर से कुछ दूर पहले एक नदी पड़ती थी वहां पर एक छोटा सा पुल था पुल के पहले नीचे खाई हुई थी और वो घुमावदार रास्ता था मैं बाजार बीच बनी थी वहां पर मैं और मेरे मित्र रुका था उसके बाद जब हम लोग चले तो संजोग बस स्कूल के पहले जहां पर घुमावदार आष्टा था वहां पर एक जीत और एक कथन दोनों सड़क के बीचो बीच खड़े थे और मेरे जाने का रास्ता नहीं था और मैं उसे चलाना भी अच्छी तरह नहीं आता था मैं और मेरा मित्र दोनों बगल में खाई थी उसके नीचे चले गए जब नीचे जाकर मैंने देखा तो वहां एक व्यक्ति लघु शंका कर रहा था उसके वह करीब सड़क से 20 फीट इस पर बिजी था जब मैं उसके पास पहुंचा तो अचानक जैसे ही मैं उसके नजदीक पहुंचा ब्रेक लग गई और मुझे और मेरे दोस्त को कोई चोट नहीं लगी और वह बेस्ट बोल सका कि यहां पर भी मैं चैन से नहीं सकता इस घटना से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि अच्छा उपस्थित सब ईश्वर धारा निश्चित है हमें उस पर कोई अच्छे भी लाना चाहिए धन्यवाद

mitron aaiye aapko main aisi kahani sunaate hain jo hamare jeevan me ghatit hui hai aaj ke beech bus pehle main aur mera mitra apne you sumit kaha ja rahe the usme hum dono scooter se thi mujhe scooter chalana nahi aata tha mere mitra ko chalana aata tha mujhe scooter chalane ki jigyasa hui maine mitra se kaha aap ise par jao aur batao main khud chala lunga main scooter chalata hoon sadak par tabhi kuch dur jaane par ek jeet aur ek tanga vala nahi mujhe overtake kiya is baar break lagakar main bus kiya phir kuch dur me nikala tab tak mujhe ek purse mil gaye main ruk gaya aur jab main phir wahan se chala toh aage phir wahi tanga aur chip vala mujhe overtake kiya is baat me bus kya phir mitra ke ghar se kuch dur pehle ek nadi padti thi wahan par ek chota sa pool tha pool ke pehle niche khai hui thi aur vo ghumavadar rasta tha main bazaar beech bani thi wahan par main aur mere mitra ruka tha uske baad jab hum log chale toh sanjog bus school ke pehle jaha par ghumavadar aasta tha wahan par ek jeet aur ek kathan dono sadak ke beechon beech khade the aur mere jaane ka rasta nahi tha aur main use chalana bhi achi tarah nahi aata tha main aur mera mitra dono bagal me khai thi uske niche chale gaye jab niche jaakar maine dekha toh wahan ek vyakti laghu shanka kar raha tha uske vaah kareeb sadak se 20 feet is par busy tha jab main uske paas pohcha toh achanak jaise hi main uske nazdeek pohcha break lag gayi aur mujhe aur mere dost ko koi chot nahi lagi aur vaah best bol saka ki yahan par bhi main chain se nahi sakta is ghatna se hamein yah prerna milti hai ki accha upasthit sab ishwar dhara nishchit hai hamein us par koi acche bhi lana chahiye dhanyavad

मित्रों आइए आपको मैं ऐसी कहानी सुनाते हैं जो हमारे जीवन में घटित हुई है आज के बीच बस पहले

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत पहले हमने एक छोटे से अखबार के लिए बड़ी दूरी की थी और वह ग्रेटरनोएडाअथॉरिटी पर स्टोरी ग्रेटर नोएडा अथारिटी के सचिव देशपाल होते थे देशवाल उनके पीछे 30 के सारे बीमार पड़ गए थे और उनके साथ इतनी ज्यादा पॉलिटिक्स हुई कि उनको मारा गया नौकरी से हटाया गया और मीडिया के तमाम पत्रकार उनकी विरोध में स्टोरी चलाते थे और उनका मीडिया से इतना भरोसा उठ चुका था कि वह दूसरी बात करने से कतरा रहे थे लेकिन मैंने किसी तरह उनको विश्वास दिलाया कि आप बात करें हम स्टोरी आपकी लगाएंगे और निश्चित ही उसका प्रभाव पड़ेगा तो उन्होंने अंत में पूरी स्टोरी बताइए कि क्या क्या हो रहा है कैसे-कैसे साजिश हो रही है वह सारी स्टोरी हमने एक छोटी सी अखबार में प्रकाशित कराई और 1 सप्ताह के अंदर उन्हें नौकरी पर वापस ले लिया गया और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से मुझे ऑफर भेजा गया कि इस तरह की स्टोरी बंद कर दे उसके बदले में हम फ्री में प्लॉट दे देंगे लेकिन मैंने इस तरह के किसी प्रलोभन में ना पढ़कर लगातार स्टोरी करता रहा मुझे धमकियां भी मिली स्टोरी करने की लेकिन भोजपुरी में लगातार करता रहा और मुझे गर्व होता है कि मैं आज की तरह जो आज के पत्रकार है जो महिला मंडल में लगे हुए हैं मैं उस तरह का पत्रकार नहीं रहा हमेशा ऐसी ही स्थिति करता रहा जिससे कि जनहित प्रभावित न हो जनहित की स्टोरी करता रहा और मैं इसी तरह की जनहित की स्टोरी का हमेशा समर्थन करता हूं लेकिन इस स्टोरी में एक सही आदमी को गलत लोगों के चंगुल से बचा सका इसलिए इस कहानी पर मुझे गर्व है जो कि लोगों के सामने महिला सके धन्यवाद

bahut pehle humne ek chote se akhbaar ke liye badi doori ki thi aur vaah gretaranoedaathariti par story greater noida athariti ke sachiv deshpal hote the deshwal unke peeche 30 ke saare bimar pad gaye the aur unke saath itni zyada politics hui ki unko mara gaya naukri se hataya gaya aur media ke tamaam patrakar unki virodh mein story chalte the aur unka media se itna bharosa uth chuka tha ki vaah dusri baat karne se katara rahe the lekin maine kisi tarah unko vishwas dilaya ki aap baat kare hum story aapki lagayenge aur nishchit hi uska prabhav padega toh unhone ant mein puri story bataye ki kya kya ho raha hai kaise kaise saajish ho rahi hai vaah saree story humne ek choti si akhbaar mein prakashit karai aur 1 saptah ke andar unhe naukri par wapas le liya gaya aur greater noida authority se mujhe offer bheja gaya ki is tarah ki story band kar de uske badle mein hum free mein plot de denge lekin maine is tarah ke kisi pralobhan mein na padhakar lagatar story karta raha mujhe dhamkiyan bhi mili story karne ki lekin bhojpuri mein lagatar karta raha aur mujhe garv hota hai ki main aaj ki tarah jo aaj ke patrakar hai jo mahila mandal mein lage hue hain main us tarah ka patrakar nahi raha hamesha aisi hi sthiti karta raha jisse ki janhit prabhavit na ho janhit ki story karta raha aur main isi tarah ki janhit ki story ka hamesha samarthan karta hoon lekin is story mein ek sahi aadmi ko galat logo ke changul se bacha saka isliye is kahani par mujhe garv hai jo ki logo ke saamne mahila sake dhanyavad

बहुत पहले हमने एक छोटे से अखबार के लिए बड़ी दूरी की थी और वह ग्रेटरनोएडाअथॉरिटी पर स्टोरी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने तीन-चार दशक की ऐसी बहुत सारी स्टोरियां है जिसको कि देश के सामने लाने से महसूस हुआ और हमारे क्षेत्र के कई काम कई समस्याएं हमारी स्टोरी उसे हालुवे और हमारा जिला आदिवासी जिला है रहा है और उसमें काफी प्रगति करिए और आज भारत में मेरे जिले का काफी नाम है तो इसलिए मैं कह सकता हूं कि पत्रकारिता में कई ऐसे अवसर आते हैं मैंने कई देश के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मुख्यमंत्री राज्यपाल और प्राइम मिनिस्टर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की है और जब यह सब करने का अवसर मिलता है तो निश्चित समय से मिलने का भी हमें मौका मिलता है

apne teen char dashak ki aisi bahut saree storiyan hai jisko ki desh ke saamne lane se mehsus hua aur hamare kshetra ke kai kaam kai samasyaen hamari story use haluve aur hamara jila adiwasi jila hai raha hai aur usme kaafi pragati kariye aur aaj bharat mein mere jile ka kaafi naam hai toh isliye main keh sakta hoon ki patrakarita mein kai aise avsar aate hain maine kai desh ke pradhanmantri rashtrapati mukhyamantri rajyapal aur prime minister of austrailia ki hai aur jab yah sab karne ka avsar milta hai toh nishchit samay se milne ka bhi hamein mauka milta hai

अपने तीन-चार दशक की ऐसी बहुत सारी स्टोरियां है जिसको कि देश के सामने लाने से महसूस हुआ और

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Sachin Sinha

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं सचिन सुना पत्रकार आपने कहा कि कोई ऐसी कहानी बताएं जिससे दुनिया के सामने लाने में आपको सबसे ज्यादा भरोसा होता है मैंने अपने पत्रकार जीवन में एक ऐसा ही हुआ क्या सुनाना चाहता हूं जो मुझे आज भी गर्व महसूस करवाता है और लगता है कि मैं वाकई में निष्पक्ष पत्रकारिता हूं द कारिता कर सकता हूं वह क्या था उस रामपुर का जहां पर ब्लॉक 67 दबंग भाजपा नेता जिन्होंने कैप्चर कर रखा था उनके घर से बाहर निकाल दिया था 1213 परिवारों को चौहान समाज के थे उस समाज से लोगों को 3 साल से बचके किया गया था उन्हें उनका हुआ था जमीन जलगांव से जो बाहर निष्कासित किया गया था वहां से उनको उनके घर में लाना लड़कियां चली 3 साल तक धमकी चमकी से लेकर के सारा कुछ हुआ जान से मारने की धमकी तक दी मगर गर्व महसूस होता है उस समय का वाकया जब उनको घर में प्रवेश करवाया और 11 दबंगों को मैं और मेरे भाइयों ने निष्पक्ष पत्रकारिता कर के अंदर करवाया और एसपी साहब छत्तीसगढ़ रायगढ़ के नाम उनका बुरा हूं लेकिन बहुत अच्छे भी थे जिन्होंने हमारी बातों को समझा और हमारे साथ मिलकर के नाम तो बोला नहीं था लेकिन काफी दिन हो गए तो मिलकर के जब वास्तविकता मालूम हुई और उन्हें जब काम लाया गया तो ऐसे ही ठंड का दिन था उसमें एक बुजुर्ग महिला करीबन 80 साल की थी वह बुजुर्ग महिला आज भी याद है सुबह 4:00 बजे 3:30 बजे रास्ते हो हमारे घर के सामने बैठे हुए थे किसी भी घरवालों को यह मालूम नहीं था कि कौन आया है पूरे 11 ग्राम मोती जिसमें से बुजुर्ग महिला लो और अपने बच्चों को दिए घर के सामने रास्ता ही बैठे हुए थे जैसे ही मैंने दरवाजा खोला शाम 4:30 बजे रात को बोल दूंगा हमेशा का आदत है कि घर को खोलते के साथ सबसे पहले द्वार की पानी डालकर सफाई करती है मैं बहुत थका हुआ था और कुछ लोग और थे जिसको रात 2:00 बजे तक पूरा कर रहा था वह भी ऐसे ही कुछ बड़ी घटना थी किसी दिन से भी ज्यादा कर लूंगा उसमें दो एक बुजुर्ग महिला मुझे आज भी याद है जो 80 से 50 साल की थी और मैंने जब कहा कि बाबू कहां है हम कौन से मिलना है जिसने हमारा घर लौट आया और जब मैं उठ करके उनसे पूछा कितना बुजुर्गों और इतनी ठंड में आने की क्या आवश्यकता थी उन्होंने वडगांव हमारे घर के भगवान तो रोज पूजा करता हूं आपको हर पूजा करे बार आया है यह छत्तीसगढ़िया भाषा है भगवान को पूजा घर में बाद में करेंगे सबसे पहले पूजा भी करनी है टाइपिंग साल से हम लोग गांव के लिए गांव में जो जमीन है और जो घर है उसमें हम रह नहीं पा रहे हैं कहां से निष्कासित थे कोई गांव वाले पानी होता है ऐसी स्थिति में जो समय के थे तमिल से जो हम लोग उनको अंदर कर पाए और उन पर जमीन का घर वापस कर पाए यह सब से मनवा विदारक घटनाओं को जो हमने सुखद उपाधि प्रदान की वह आज भी याद आता है और खासकर 80 से 50 की उम्र की जाने हमारे कहना चाहिए दादी की उम्र की उस महिला का स्नेह और प्यार घटिया में पता नहीं क्या-क्या बांध बांध के लाई थी ना तो समझ नहीं पाया क्योंकि छत्तीसगढ़ में बहुत दिन से निवास करता हूं लेकिन बहुत सारा चिल्लाई थी क्या-क्या उसमें करने का गुण भी होता है जो जो थोड़ा-थोड़ा मिला बहुत कुछ अपने साड़ी के पोलिंग में बनाई और आशीर्वाद स्वरुप की सदिया तो पत्रकारिता ऐसी होनी चाहिए मेरे दोस्तों जिसमें आपके लिखने और अगले की जिंदगी मौत का अच्छा फर्क पड़े धन्यवाद

main sachin suna patrakar aapne kaha ki koi aisi kahani bataye jisse duniya ke saamne lane mein aapko sabse zyada bharosa hota hai maine apne patrakar jeevan mein ek aisa hi hua kya sunana chahta hoon jo mujhe aaj bhi garv mehsus karwata hai aur lagta hai ki main vaakai mein nishpaksh patrakarita hoon the karita kar sakta hoon vaah kya tha us rampur ka jaha par block 67 dabang bhajpa neta jinhone capture kar rakha tha unke ghar se bahar nikaal diya tha 1213 parivaron ko Chauhan samaj ke the us samaj se logo ko 3 saal se bachake kiya gaya tha unhe unka hua tha jameen jalgaon se jo bahar nishkasit kiya gaya tha wahan se unko unke ghar mein lana ladkiyan chali 3 saal tak dhamki chumki se lekar ke saara kuch hua jaan se maarne ki dhamki tak di magar garv mehsus hota hai us samay ka vakaya jab unko ghar mein pravesh karvaya aur 11 dabangon ko main aur mere bhaiyo ne nishpaksh patrakarita kar ke andar karvaya aur SP saheb chattisgarh raigadh ke naam unka bura hoon lekin bahut acche bhi the jinhone hamari baaton ko samjha aur hamare saath milkar ke naam toh bola nahi tha lekin kaafi din ho gaye toh milkar ke jab vastavikta maloom hui aur unhe jab kaam laya gaya toh aise hi thand ka din tha usme ek bujurg mahila kariban 80 saal ki thi vaah bujurg mahila aaj bhi yaad hai subah 4 00 baje 3 30 baje raste ho hamare ghar ke saamne baithe hue the kisi bhi gharwaalon ko yah maloom nahi tha ki kaun aaya hai poore 11 gram moti jisme se bujurg mahila lo aur apne baccho ko diye ghar ke saamne rasta hi baithe hue the jaise hi maine darwaja khola shaam 4 30 baje raat ko bol dunga hamesha ka aadat hai ki ghar ko kholte ke saath sabse pehle dwar ki paani dalkar safaai karti hai bahut thaka hua tha aur kuch log aur the jisko raat 2 00 baje tak pura kar raha tha vaah bhi aise hi kuch badi ghatna thi kisi din se bhi zyada kar lunga usme do ek bujurg mahila mujhe aaj bhi yaad hai jo 80 se 50 saal ki thi aur maine jab kaha ki babu kahaan hai hum kaunsi milna hai jisne hamara ghar lot aaya aur jab main uth karke unse poocha kitna bujurgon aur itni thand mein aane ki kya avashyakta thi unhone vadgaon hamare ghar ke bhagwan toh roj puja karta hoon aapko har puja kare baar aaya hai yah chattisagadhiya bhasha hai bhagwan ko puja ghar mein baad mein karenge sabse pehle puja bhi karni hai typing saal se hum log gaon ke liye gaon mein jo jameen hai aur jo ghar hai usme hum reh nahi paa rahe hain kahaan se nishkasit the koi gaon waale paani hota hai aisi sthiti mein jo samay ke the tamil se jo hum log unko andar kar paye aur un par jameen ka ghar wapas kar paye yah sab se manva vidarak ghatnaon ko jo humne sukhad upadhi pradan ki vaah aaj bhi yaad aata hai aur khaskar 80 se 50 ki umr ki jaane hamare kehna chahiye dadi ki umr ki us mahila ka sneh aur pyar ghatiya mein pata nahi kya kya bandh bandh ke lai thi na toh samajh nahi paya kyonki chattisgarh mein bahut din se niwas karta hoon lekin bahut saara chillai thi kya kya usme karne ka gun bhi hota hai jo jo thoda thoda mila bahut kuch apne saree ke polling mein banai aur ashirvaad swarup ki sadiya toh patrakarita aisi honi chahiye mere doston jisme aapke likhne aur agle ki zindagi maut ka accha fark pade dhanyavad

मैं सचिन सुना पत्रकार आपने कहा कि कोई ऐसी कहानी बताएं जिससे दुनिया के सामने लाने में आपको

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ऐसी कहानी थी मेरी पत्थर का था मैं कि एक लड़की के साथ है तीन लड़कों ने रेप किया था और लड़की की बनवानी थी और लड़की को बार-बार बोस का वीडियो बनाया हुआ था उसको बार-बार ब्लैकमेल करते थे और इसमें मुझे लड़की थी उसकी और दोस्त लड़की थी वह उसे उन लड़कों के गले की गई थी उसके लिए मुझे काफी जद्दोजहद करना पड़ा कुछ रिलेटिव थे जो इसमें और लड़कों का साथ दे रहे थे बटन ए हां हो सके एफ आई आर दर्ज कराई एफआइआर दर्ज करने के बाद उसके ऊपर किस तरह के चला दो सर के चला तकरीर उसके बाद तीनों लड़कों को 20 साल की सजा हुई मुझे इस केस में विजय बहुत आत्मक सुख मिला क्योंकि इसे गंदे लोगों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है इनकी जो जगह है पूछी नहीं है

aisi kahani thi meri patthar ka tha main ki ek ladki ke saath hai teen ladko ne rape kiya tha aur ladki ki banvani thi aur ladki ko baar baar bose ka video banaya hua tha usko baar baar blackmail karte the aur isme mujhe ladki thi uski aur dost ladki thi vaah use un ladko ke gale ki gayi thi uske liye mujhe kaafi jaddojahad karna pada kuch relative the jo isme aur ladko ka saath de rahe the button a haan ho sake f I R darj karai FIR darj karne ke baad uske upar kis tarah ke chala do sir ke chala takrir uske baad tatvo ladko ko 20 saal ki saza hui mujhe is case mein vijay bahut aatmkatha sukh mila kyonki ise gande logo ko samaj mein rehne ka koi haq nahi hai inki jo jagah hai puchi nahi hai

ऐसी कहानी थी मेरी पत्थर का था मैं कि एक लड़की के साथ है तीन लड़कों ने रेप किया था और लड़की

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Nirjesh Mishra

पत्रकारिता

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सीमा पर हमारे देश की रक्षा करने के लिए जो जवान अपनी जान हथेली पर रखकर हमारे देश की रक्षा के लिए लड़ते हैं और सीने पर गोली खाने के बाद भी पीछे नहीं हटते हैं उनकी आत्मा भी हमारे देश के लिए समर्पित होती है जब मैं उन वीर सपूतों की कहानी सुनता हूं अथवा उनका लाइव टेलीविजन पर देखता हूं तो मैं अपने आप में बहुत ज्यादा गर्व महसूस करता हूं और मुझे इस बात का भी गर्व है कि मैं उस देश का वासी हूं जिस देश में गंगा बहती हैं और हमारे देश के भगवान अपने देश के रक्षा के लिए जान कुर्बान करने के लिए भी पीछे नहीं रखते

seema par hamare desh ki raksha karne ke liye jo jawaan apni jaan hatheli par rakhakar hamare desh ki raksha ke liye ladte hai aur seene par goli khane ke baad bhi peeche nahi hatate hai unki aatma bhi hamare desh ke liye samarpit hoti hai jab main un veer saputon ki kahani sunta hoon athva unka live television par dekhta hoon toh main apne aap mein bahut zyada garv mehsus karta hoon aur mujhe is baat ka bhi garv hai ki main us desh ka waasi hoon jis desh mein ganga behti hai aur hamare desh ke bhagwan apne desh ke raksha ke liye jaan kurban karne ke liye bhi peeche nahi rakhte

सीमा पर हमारे देश की रक्षा करने के लिए जो जवान अपनी जान हथेली पर रखकर हमारे देश की रक्षा क

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Aslam Khan

Journalist

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मेरे द्वारा कई जानकारी प्रकाशित की गई लेकिन वर्तमान में मेरे द्वारा श्री कृष्ण द्वारा रुक्मणी के समाधि स्थल को लेकर एक बार प्रकाशित की गई जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी है यह धार जिले में जो कि मध्यप्रदेश जाता है और धार जिले के जिला तहसील में हर स्तर पर श्री कृष्ण वासुदेव ने रुक्मणी का हरण किया

mere dwara kai jaankari prakashit ki gayi lekin vartaman mein mere dwara shri krishna dwara rukmani ke samadhi sthal ko lekar ek baar prakashit ki gayi jiske bare mein bahut hi kam logo ko jaankari hai yah dhar jile mein jo ki madhya pradesh jata hai aur dhar jile ke jila tehsil mein har sthar par shri krishna vasudev ne rukmani ka haran kiya

मेरे द्वारा कई जानकारी प्रकाशित की गई लेकिन वर्तमान में मेरे द्वारा श्री कृष्ण द्वारा रुक्

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smart king

Student

0:24
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जैसे आपने कहा कि कोई ऐसी कहानी बताइए जिससे दुनिया के सामने लाने पर आपको सबसे ज्यादा गर्म है उसको मैं आपको बता दूं कि खानी तू है क्या इंसान ऐसा बेहतर और एक अच्छा कामयाब इंसान बन जाए जिससे देख कर दुनिया उस पर फक्र महसूस करें वही हमारे

jaise aapne kaha ki koi aisi kahani bataiye jisse duniya ke saamne lane par aapko sabse zyada garam hai usko main aapko bata doon ki khaani tu hai kya insaan aisa behtar aur ek accha kamyab insaan ban jaaye jisse dekh kar duniya us par fakra mehsus kare wahi hamare

जैसे आपने कहा कि कोई ऐसी कहानी बताइए जिससे दुनिया के सामने लाने पर आपको सबसे ज्यादा गर्म ह

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देखिए आज मैं ऐसे कहानी बताऊंगा कि इनका जो मम्मी पापा होता है उनको बहुत खुश रखे जिंदगी में आपको सब कुछ मिल जाएगा अगर आप मम्मी को पापा को हैप्पी रखेंगे तो मुझे लगता नहीं कि आपका कोई प्रॉब्लम होगा लायक कभी भी इसका कोई फेस नहीं करेंगे आप बहुत आगे निकल जाएंगे थैंक यू सो मच

dekhiye aaj main aise kahani bataunga ki inka jo mummy papa hota hai unko bahut khush rakhe zindagi mein aapko sab kuch mil jaega agar aap mummy ko papa ko happy rakhenge toh mujhe lagta nahi ki aapka koi problem hoga layak kabhi bhi iska koi face nahi karenge aap bahut aage nikal jaenge thank you so match

देखिए आज मैं ऐसे कहानी बताऊंगा कि इनका जो मम्मी पापा होता है उनको बहुत खुश रखे जिंदगी में

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आप कैसी सॉरी मैंने कवर किया ऐसे पत्रकार मैंने पूरी का वकील से कर कर मुझे खुद ऐसा महसूस हुआ कि हां मेरी जो पत्रकारिता सच में लोगों के काम आ रही है एक बार क्या हुआ था कि किसी एक मंदबुद्धि के लड़का था और उसकी फैमिली से ढूंढ रही थी और कराने के लिए पुलिस के पास जाती है लेकिन पुलिस उसके एफ आई आर दर्ज नहीं करते हो उसी से अकाउंट क्वेश्चन करती है पैसे का उपयोग के कब हुआ कैसे हुआ ऐसे कैसे छोड़ दे दो बच्चों को यह हो क्या वैसे काफी सारे क्वेश्चन से जो उसको जवाब नहीं दे पा रहे थे एक दिन अचानक से बच्चा जो गायब हुआ था वह उनके सामने आ जाता है और जब वह पुलिस के पास से फायर करने के लिए जाते हैं और जो बच्चे के साथ जो कुछ हुआ वह अपना पुलिस के सामने बताने के लिए जाता है तो उसके फाइनेंस लिखी जा उसके बाद मेरा चैन वैन कॉल करता है कि आज तेरी जरूरत है ऐसे से पुलिस के पास भी कहीं बंद आ गया लिखना नहीं हुई तो आपको जाना चाहिए वहां पर मैं गया वहां पर हमसे मिला तो बताते मैडम से पूछा कि क्या क्या कुछ हुआ था कैसे हुआ था और बताएं कि उनका जो लड़का था कर एक हफ्ते से गायब हो गया था और अचानक किया पुलिस के पास आए हैं और लड़की ने बताया कि इस तरीके से वह गायब हो गया था और कहीं कोई साइकिल का जो खेल होता है जो गेम होता है कोई जो आप उनके पास से कहीं किसी ने उन को किडनैप कर लिया था क्या और उसके साथ कुकर्म किया है वह लड़का मंदबुद्धि था इस कारण उसने सारी आपबीती बताई जो कुछ उसके साथ हुआ किस कैसे जैसे वहां गया उसके बाद तो जब फायर कि नहीं लिखी जा रही थी तो मैं गया पुलिस के पास के पास की सर बताइए आखिर क्या कारण है क्या फायर क्यों नहीं लिखी जा रही है रिजल्ट क्या है जवाब नहीं था उसके बाद जब हमने बोला कि करेगी उसके बाद जो कुछ हुआ है क्या वहां पर आप कैमरे के सामने बोल दीजिए कि वहां चले जाएंगे जो कुछ करेंगे अपने हिसाब से करेंगे उनकी आपकी रिस्पांसिबिलिटी क्या बनती है बंदा आपके हेल्प के लिए आता है और आप मना कर ऐसे थोड़ी होता है आपके कैमरे के सामने मना कर दीजिए कि हम नहीं जाएंगे तू कैसी लगा लीजिए मैं यह नहीं कह रहा था बहुत ज्यादा अपने आपको आपके सामने आ रहा हूं लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि कुछ मीडिया का जवाब लगा लीजिए अब जो भी था तो उसका मेडिकल कराया गया और उसमें यह बात साफ हो गई कि बच्चे के साथ कुकर्म हुआ था उसके बाद जो था उसको रिपीट किया क्या वहां से उसके लिए को सजा हुई थी उसको सजा दिलाई गई तो आज उसकी फैमिली धन्यवाद करते हैं कि आप जितना सारा कुछ हुआ है तो मैंने उनको हमारी सरकार हमारी पुलिस है हमारे सारे कुछ है वह किस तरीके से हमारे लिए बने हुए लेकिन वह काम किस तरीके से करते हैं तो एक तो तब मेरे को थोड़ी हुआ था यहां किसी का भला एक बार क्या था कि चैनल की तरफ से आता है कि आप अपने शहर का जायजा दीजिए कि क्या कुछ है जो आपके शहर में इतनी क्राइम हो रहे हैं सारा कुछ और है तो मैंने जायजा लिया रात के 12:00 बजे में सड़कों पर उतरा अपने साथी के साथ थोड़ा डर जरूर था क्योंकि रात के समय सच में बहुत ज्यादा कर आए हुए थे और करीब 15 की जान से मार दिया गया था अपनी आप सुंदर लगा लीजिए या जो भी था चेन स्नेचिंग जो भी था कल 15:00 के करीब मर्डर हो चुके थे शहर में मैं थोड़ा थोड़ा दर्द जरूर था लेकिन मेरा काम मुझे करना चाहिए जिम्मेदारी के साथ तो मैं सड़कों पर उतरा तो मैंने क्या देखता हूं कि जो जिन पुलिस अधिकारियों की या उनकी कर्मचारी की जरूरत पॉसिबिलिटी होती है कोई पार्टिकुलर एरिया की वहां पर नहीं थे सुल्तान थाना लाइट थी ना कुछ नहीं प्रोग्राम तो बढ़ना ही था सेकंड दूसरी जगह में गया तो वहां पर मैं क्या देखता हूं कि वहां पर पुलिस का जो कैबिन बना होता है जो सड़क के साथ में जो उनका छोटा सा भूत होता है वहां पर कुछ पुलिसकर्मी बैठकर चिकन खा रहे थे सर आप तुमसे क्वेश्चन करना चाहती आप की सुरक्षा को जो दावा पेश करते हो नारा लगाते हो कहीं ना कहीं आप उस को बदनाम कर रहे हो अपने पैसे को सूचित भी बहने एयरपोर्ट की और जनता के सामने लाइव अच्छी स्टोरी हुई थी और दुनिया ने देखा उसको जनता ने देखा और उस बंदे को सस्पेंड कर दिया गया था लेकिन करने से काम नहीं चलता क्योंकि ऐसे लोगों को सच में कार्रवाई होनी चाहिए उनके ऊपर उनको तब पता लगेगा कि हां यार कुछ हुए हमारे साथ एक दो महीने की सैलरी रोक दीजिए उनकी मत दीजिए घर का खर्चा कैसे चलाते हैं अधिकारी लोग होते हैं यदि स्टोरी थी वह नार्मल जो सरकारी जो नहीं साथिया मंत्री जवानी देखी होगी मैं नहीं करनी देखिए ऐसे लोगों पर उनको ना तो कोई देख लिया ना कोई ढंग से कार्रवाई की सेंड करना कोई बड़ी बात नहीं है तो मेरा कहने का मतलब है कि यह दोस्त हो रही और भी बहुत से नगर की जनता को लेकर लेकिन सच्चाई में आपको बताना चाहूंगा कि दोस्त होली के मेरे को मजा आया था बहुत अच्छा लगा था प्राउड फील हुआ था उससे पहले की और बहुत सारी अच्छी स्टोरी की थी रेलवे स्टेशन का जायजा लिया काफी चोरी की थी

aap kaisi sorry maine cover kiya aise patrakar maine puri ka vakil se kar kar mujhe khud aisa mehsus hua ki haan meri jo patrakarita sach mein logo ke kaam aa rahi hai ek baar kya hua tha ki kisi ek mandbuddhi ke ladka tha aur uski family se dhundh rahi thi aur karane ke liye police ke paas jaati hai lekin police uske f I R darj nahi karte ho usi se account question karti hai paise ka upyog ke kab hua kaise hua aise kaise chod de do baccho ko yah ho kya waise kaafi saare question se jo usko jawab nahi de paa rahe the ek din achanak se baccha jo gayab hua tha vaah unke saamne aa jata hai aur jab vaah police ke paas se fire karne ke liye jaate hain aur jo bacche ke saath jo kuch hua vaah apna police ke saamne batane ke liye jata hai toh uske finance likhi ja uske baad mera chain van call karta hai ki aaj teri zarurat hai aise se police ke paas bhi kahin band aa gaya likhna nahi hui toh aapko jana chahiye wahan par main gaya wahan par humse mila toh batatey madam se poocha ki kya kya kuch hua tha kaise hua tha aur bataye ki unka jo ladka tha kar ek hafte se gayab ho gaya tha aur achanak kiya police ke paas aaye hain aur ladki ne bataya ki is tarike se vaah gayab ho gaya tha aur kahin koi cycle ka jo khel hota hai jo game hota hai koi jo aap unke paas se kahin kisi ne un ko kidnap kar liya tha kya aur uske saath kukarm kiya hai vaah ladka mandbuddhi tha is karan usne saree apabiti batai jo kuch uske saath hua kis kaise jaise wahan gaya uske baad toh jab fire ki nahi likhi ja rahi thi toh main gaya police ke paas ke paas ki sir bataye aakhir kya karan hai kya fire kyon nahi likhi ja rahi hai result kya hai jawab nahi tha uske baad jab humne bola ki karegi uske baad jo kuch hua hai kya wahan par aap camera ke saamne bol dijiye ki wahan chale jaenge jo kuch karenge apne hisab se karenge unki aapki responsibility kya banti hai banda aapke help ke liye aata hai aur aap mana kar aise thodi hota hai aapke camera ke saamne mana kar dijiye ki hum nahi jaenge tu kaisi laga lijiye main yah nahi keh raha tha bahut zyada apne aapko aapke saamne aa raha hoon lekin main bataana chahunga ki kuch media ka jawab laga lijiye ab jo bhi tha toh uska medical karaya gaya aur usme yah baat saaf ho gayi ki bacche ke saath kukarm hua tha uske baad jo tha usko repeat kiya kya wahan se uske liye ko saza hui thi usko saza dilai gayi toh aaj uski family dhanyavad karte hain ki aap jitna saara kuch hua hai toh maine unko hamari sarkar hamari police hai hamare saare kuch hai vaah kis tarike se hamare liye bane hue lekin vaah kaam kis tarike se karte hain toh ek toh tab mere ko thodi hua tha yahan kisi ka bhala ek baar kya tha ki channel ki taraf se aata hai ki aap apne shehar ka jayja dijiye ki kya kuch hai jo aapke shehar mein itni crime ho rahe hain saara kuch aur hai toh maine jayja liya raat ke 12 00 baje mein sadkon par utara apne sathi ke saath thoda dar zaroor tha kyonki raat ke samay sach mein bahut zyada kar aaye hue the aur kareeb 15 ki jaan se maar diya gaya tha apni aap sundar laga lijiye ya jo bhi tha chain sneching jo bhi tha kal 15 00 ke kareeb murder ho chuke the shehar mein main thoda thoda dard zaroor tha lekin mera kaam mujhe karna chahiye jimmedari ke saath toh main sadkon par utara toh maine kya dekhta hoon ki jo jin police adhikaariyo ki ya unki karmchari ki zarurat possibility hoti hai koi particular area ki wahan par nahi the sultan thana light thi na kuch nahi program toh badhana hi tha second dusri jagah mein gaya toh wahan par main kya dekhta hoon ki wahan par police ka jo cabin bana hota hai jo sadak ke saath mein jo unka chota sa bhoot hota hai wahan par kuch policekarmi baithkar chicken kha rahe the sir aap tumse question karna chahti aap ki suraksha ko jo daawa pesh karte ho naara lagate ho kahin na kahin aap us ko badnaam kar rahe ho apne paise ko suchit bhi behne airport ki aur janta ke saamne live achi story hui thi aur duniya ne dekha usko janta ne dekha aur us bande ko Suspend kar diya gaya tha lekin karne se kaam nahi chalta kyonki aise logo ko sach mein karyawahi honi chahiye unke upar unko tab pata lagega ki haan yaar kuch hue hamare saath ek do mahine ki salary rok dijiye unki mat dijiye ghar ka kharcha kaise chalte hain adhikari log hote hain yadi story thi vaah normal jo sarkari jo nahi sathiya mantri jawaani dekhi hogi main nahi karni dekhiye aise logo par unko na toh koi dekh liya na koi dhang se karyawahi ki send karna koi badi baat nahi hai toh mera kehne ka matlab hai ki yah dost ho rahi aur bhi bahut se nagar ki janta ko lekar lekin sacchai mein aapko bataana chahunga ki dost holi ke mere ko maza aaya tha bahut accha laga tha proud feel hua tha usse pehle ki aur bahut saree achi story ki thi railway station ka jayja liya kaafi chori ki thi

आप कैसी सॉरी मैंने कवर किया ऐसे पत्रकार मैंने पूरी का वकील से कर कर मुझे खुद ऐसा महसूस हुआ

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Mayank Saxena

Journalist-Writer

9:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह 2018 की बात है और मैं एक न्यूज़ चैनल में उस समय था नाम नहीं साझा कर सकता हूं और मौसम रात की शिफ्ट देखा करता था सुबह के न्यूज़ बुलेटिन से तैयार करती थी रात को जब मैं अपनी शॉप में पहुंचा तो आमतौर पर जो शाम की शिफ्ट होती है उसके टीम जब अपने घर जाती है तो वह आपके लिए एक प्लान बना कर जाती है कि जो जो खबरें आई हैं और नहीं बनी है उनमें सचिन को सुबह के लिए तैयार किया जा सकता है मेरे पास पुलिस आई और मैं कई बार कुछ खबरें छूट ना जाए कोई अच्छी खबर हो उनमें कोई जरूरी खबर हो तो मैं जो खबरें आई होती थी वह सारी खबरें एक बार देख लेता था उसके बाद पुलिस ने किया करता था और उसमें कुछ छूट गया होता था तो जोड़ लेता था और मुझे ही तय करना होता था कि सुबह क्या चलेगा उड़ान एक रात मैं दफ्तर पहुंचा और जब मैं जो ओरिजिनल फीड है वह चेक कर रहा था तो मेरी नजर यह खबर से पड़ी जिस पड़ी जिसका जिस के फोल्डर का नाम था मदर इंडिया मैंने जिज्ञासा वर्ष की झोपड़ी में वह फोल्डर को लाइव फोल्डर और मैंने जब वह फोल्डर खोला तो मैंने देखा कि उसमें एक गांव में खेत है जिसमें एक औरत अपने कंधे पर हल रखकर खींच रही है जो लोग गांव से होंगे या गांव में रहे होंगे या थोड़ा बहुत खेती के बारे में जानते हो उनको पता होगा कि हल जो होता है खेती वाला जो पुराना हल होता है वह बेहद भारी होता है भाई देख कर बहुत हैरान था बिल्कुल कि आखिर यह औरत अपने कंधे पर इतना भारी हल्दकर कैसे खींच रही है उसके साथ दो बच्चे चल रहे थे और आखिर क्यों करना पड़ा है मैंने जो जो रिपोर्टिंग टीम होती है इनपुट टीम उससे बात की तो पता चला कि बिहार के कटिहार से यह खबर आई है मैंने कहा कि मुझे इसकी स्क्रिप्ट दीजिए रिपोर्टर ने क्या लिख कर भेजा है साथ में जवेदेवो खबर देखी तो मुझे पता चला कि यह औरत जो है बिहार के कटिहार जिले के एक गांव की है और बाढ़ में पहले उसके पति का इंतकाल हो गया देहांत हो गया और बाढ़ में उसके बाद उसके दोनों बैल बह गए उसके पास नए बैल खरीदने का पैसा नहीं था पति का देहांत हो चुका था और उसके दो बच्चे थे जो बारह तेरा साल के अंदर और इसलिए उसको खेती करने के लिए कंधे पर हल्दकर किसना कौवा था मुझे लगा कि हम को हर हाल में सुबह यह खबर चलानी चाहिए और इस तरह तो चलानी चाहिए कि लोगों तक पहुंचे लेकिन एक नियम जैसा बन चुका था न्यूज़ मीडिया में जिसको हम आज एक बहुत बड़े पैमाने पर देख रहे हैं कि आम आदमी खास तौर पर गरीब आदमी और गांव के आदमी की सारी खबरें अब मीडिया से गायब है 24 घंटे में मंदिर मस्जिद राम रहीम हिंदू मुस्लिम के सब चल रहा है बेवकूफी चल रही है भारत-पाकिस्तान चल रहा है लेकिन जमीनी मुद्दे गायब है इसकी शुरुआत उस द्वार में 2011 से हो चुकी धीरे-धीरे विरोधी खबरें गायब हो रही थी अखबार में कहीं-कहीं बची थी टीवी से गायब होती जा रही थी बिना कहीं दबाए थी कि किसी गांव से खबर है तो उसको मत चलाइए या वह जो 100 खबरों वाला एक साथ बुलिटिन होता है उसमें चला दीजिए फटाफट टाइप का क्योंकि आप टीआरपी जो आती है रात शहरों से आती है शहरी इलाकों से आती है तो इसलिए गांव की खबरों में शहरी लोगों का दिल जीत का इंटरेस्ट नहीं दिलचस्पी नहीं होती उनकी यह बात एक हद तक सच भी है और इसमें शहरी लोगों की भी दिक्कत है कि कई बार बहुत अच्छा शो बनाएं बहुत अच्छी कोई खबर दिखाएं लेकिन उसकी टीआरपी जीरो आती है तो चुकी न्यूज़ चैनल में लोगों को तनख्वाह मिलती और आप की टीआरपी पर डिपेंड करती है तो जाहिर सी बात है कि इस बारे में कोई भी संस्थान चलाने वाला सोचेगा है मैंने जब बात की तो मुझसे कहा गया कि सीनियर लोगों ने कहा है कि एडिटोरियल टीम जो सीनियर संपादक बोलेरो ने कहा कि इस खबर को नहीं लेना है यह जो प्रोफाइल प्रोफाइल और खबरों के लिए स्माल किया था जिनकी टीआरपी नहीं आती जब पता था कि लोग नहीं देखेंगे आमतौर पर छोटे शहरों की खबरें होती थी किसान की होती थी गरीब की होती थी पर मेरे अंदर की चल रहा था कि कैसे भी करके यह खबर चलनी चाहिए और ढंग से चलनी चाहिए आखिर इस पर कि स्पेशल शो क्यों नहीं बनना चाहिए किस औरत की कहानी पहुंचे इस बात के बहाने इस देश में किसानों की जो हालत है वह लोगों तक पहुंचे और मुझे उस समय अचानक अपने अंदर का पत्रकार जो है मुझे लगा कि यार यह खबर को हर हाल में चलनी चाहिए 1 घंटे में सोचता रहा और कहा गया कि वक्त हराया था किसको नहीं चलाना है चित्र बताइए और मैंने टाइप किया कि मैं यह खबर सुबह चला लूंगा बल्कि सुबह का पहला बुलिटिन इस खबर से ही खोलूंगा और उसको ढंग से बाकायदा बनाऊंगा ऐसे जैसे इसका असर को मैंने खुद उस खबर को लिखना शुरू किया 30 की उस पर अलग-अलग उस औरत की कहानी उसके साथ क्या हुआ बाकी देश में किसानों की क्या हालत है उसके लिए सॉरी क्यों सॉरी क्यों बनाया जा सके जिससे लोगों को उसका असर करने के बाद मैंने उसको एडिट करवाया बाकायदा सारी सॉरी बनवाई और उसके बाद उसका एक बैकड्राप बनवाया जिस पहन कर खड़ा होगा इस पर मदर इंडिया का जो पुरानी फिल्म का पोस्टर था उसको सर में नरगिस सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार की जगह मैंने उस औरत उसके दो बच्चों को खड़ा किया और टाइटल वही रखा अशोका मदर इंडिया सुबह 6:30 बजे रोज हमारे संपादक का फोन आता था और पूछते क्या खबर चला रहे हो जब फोन आया तो मैं उस समय 10:00 पर नहीं था मेरे एक सहयोगी ने फोन उठाया और उन्हें बताएं कि यह चला रहे हैं और यह खबर मैंने मना की थी इसको नहीं लेना है इसकी क्या जरूरत है टीआरपी गिर जाती है उनकी बात उनके अंगल पर सही थी क्योंकि उनको एक चैनल चलाना था उनको लोगों को तनख्वाह देनी थी मुझे बात पता चली तब तक उनका मेरे पास फोन आ गया बोल यार तुम यह सब क्या कर रहे हो यह खबर क्यों चला रहे हो और उससे तुम बोलोगे तो खबर वाले में चला दे मैंने खबर चाहिए हमारी काफी तीखी बहस हुई और अचानक मैंने अपने अंदर के पत्रकार को धीरे-धीरे मरता महसूस किया मैंने तय किया कि भले ही आज नौकरी चली जाए वह खबर चलेगी 6:45 बजे 7:00 बजे पहला बुलेटिन जाना था साथिया 7:30 सेट होता था 6:45 बजे दोबारा फोन आया मैंने कहा सर यह खबर में चला रहा हूं और जैसे तय किया था वैसे ही चला लूंगा काफी बहस हुई मैंने कहा कि वह बोले कि मैं दफ्तर आकर तुमसे बात करता हूं तुम पर एक्शन लेना पड़ेगा मैं तब तक अपने आप को मानसिक तौर पर तैयार कर चुका था मैंने ईमेल से अपना इस्तीफा लिख लिया था कि कोई बात होगी तो मैं अपना इस्तीफा दूंगा पर यह खबर चलेगी 7:30 बजे के ठीक पहले उनका फोन आया फिर से कि तुम क्या कर रहे हो मैंने उनका फोन नहीं उठाया मेरे सहयोगी ने उठाया जब तक वह आगे बात करते तब तक पहला वोल्टेज हमारा हिट हो चुका था और वह मदर इंडिया नाम के उस शो थे ओपन हुआ और वह कहानी चली वह संपादक टीवी खोल कर बैठे हुए थे और वह स्टोरी देखते देखते वह खबर देखते देखते वह रो पड़े खुद भावुक हो गए उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं गलत था बहुत अच्छा तुमने लिखा है बहुत जरूरी है सॉरी थी और तुमने बहुत अच्छे से स्कोर बनाया है इसका आंसर होगा परंतु इस बात को माना इस बात क्योंकि मैं दांत दूंगा और वह बोले कि इसको हर बुलेटिन में रिपीट करो मैं अभी शिफ्ट खत्म करके सुबह 8:09 बजे घर निकल चुका था 10:11 बजे तक मैंने देखा कि लगातार हर बुलिटिन में हो चल रही है और फोन आने शुरू हो गए लोगों के चैनल में बिहार की सरकार की तरफ से उस पर यह बात होने लगी विपक्ष ने बात करनी शुरू कर दी और उसके बाद मैं रात को ऑफिस जाता था और रात भर काम करके आया था तो मैं सो रहा था और मेरे पास दोपहर में 2:03 बजे फोन आता है कि क्या तुम जल्दी ऑफिस आ सकते हो 5:00 बजे तक मुझे पूछा क्यों हो तो मुझे बताया गया कि हम 8:00 बजे प्राइम टाइम इसी पर करना चाहते हैं और मेरे संपादक चाहते थे कि मैं ही आकर मुझको बनाऊं मैं ही लिखूं कब तक मेरे पास एक फोन आया आज तक और तमाम कुछ और चैनल से वह सब वह खबर विचार है थे और उन सब ने वह छोरी बिहार से मंगाई दोपहर होते-होते परिचय उसकी वसूली चलने लगी थी उसका असर यह हुआ था सरकार की तरफ से भी बातें होनी शुरू हुई शाम को 8:00 बजे अपने प्राइमटाइम किया और उसके बाद सरकार को उस पर एक्शन लेना पड़ा कोई बहुत बड़ी खबर की जा सकती थी बहुत बड़ा खुलासा बहुत बड़ा स्टिंग ऑपरेशन भी किया जा सकता था पर मुझे लगता है मेरे जीवन की सबसे बड़ी जो खबर है अब तक जिन जिस चित्र मुझे गर्व होता है कि मैंने एक फैसला लिया वह खबर थी और अच्छी बात मजेदार बात यह कि उसकी टीआरपी बहुत अच्छी आई जैसा कि नहीं होता था और अगले दिन में संपादक ने एक ईमेल लिखी पूरे ऑफिस के हारे मई को जो भेजी उन्होंने और उन्हें उस ईमेल में यह लिखा कि आप सबको खबर लिखना और कैसे कोई शो बनाया जाता है कैसे खबर को ढंग से पेश किया था वह मयंत्र सीखना चाहिए इस घटना पर मुझे आज तक खुशी मिलती है

yah 2018 ki baat hai aur main ek news channel mein us samay tha naam nahi sajha kar sakta hoon aur mausam raat ki shift dekha karta tha subah ke news buletin se taiyar karti thi raat ko jab main apni shop mein pohcha toh aamtaur par jo shaam ki shift hoti hai uske team jab apne ghar jaati hai toh vaah aapke liye ek plan bana kar jaati hai ki jo jo khabren I hai aur nahi bani hai unmen sachin ko subah ke liye taiyar kiya ja sakta hai mere paas police I aur main kai baar kuch khabren chhut na jaaye koi achi khabar ho unmen koi zaroori khabar ho toh main jo khabren I hoti thi vaah saree khabren ek baar dekh leta tha uske baad police ne kiya karta tha aur usme kuch chhut gaya hota tha toh jod leta tha aur mujhe hi tay karna hota tha ki subah kya chalega udaan ek raat main daftaar pohcha aur jab main jo original feed hai vaah check kar raha tha toh meri nazar yah khabar se padi jis padi jiska jis ke folder ka naam tha mother india maine jigyasa varsh ki jhopdi mein vaah folder ko live folder aur maine jab vaah folder khola toh maine dekha ki usme ek gaon mein khet hai jisme ek aurat apne kandhe par hal rakhakar khinch rahi hai jo log gaon se honge ya gaon mein rahe honge ya thoda bahut kheti ke bare mein jante ho unko pata hoga ki hal jo hota hai kheti vala jo purana hal hota hai vaah behad bhari hota hai bhai dekh kar bahut hairan tha bilkul ki aakhir yah aurat apne kandhe par itna bhari haldakar kaise khinch rahi hai uske saath do bacche chal rahe the aur aakhir kyon karna pada hai maine jo jo reporting team hoti hai input team usse baat ki toh pata chala ki bihar ke katihar se yah khabar I hai maine kaha ki mujhe iski script dijiye reporter ne kya likh kar bheja hai saath mein javedevo khabar dekhi toh mujhe pata chala ki yah aurat jo hai bihar ke katihar jile ke ek gaon ki hai aur baadh mein pehle uske pati ka intakal ho gaya dehant ho gaya aur baadh mein uske baad uske dono bail wah gaye uske paas naye bail kharidne ka paisa nahi tha pati ka dehant ho chuka tha aur uske do bacche the jo barah tera saal ke andar aur isliye usko kheti karne ke liye kandhe par haldakar kisna kauwa tha mujhe laga ki hum ko har haal mein subah yah khabar chalani chahiye aur is tarah toh chalani chahiye ki logo tak pahuche lekin ek niyam jaisa ban chuka tha news media mein jisko hum aaj ek bahut bade paimane par dekh rahe hai ki aam aadmi khaas taur par garib aadmi aur gaon ke aadmi ki saree khabren ab media se gayab hai 24 ghante mein mandir masjid ram rahim hindu muslim ke sab chal raha hai bewakoofi chal rahi hai bharat pakistan chal raha hai lekin zameeni mudde gayab hai iski shuruat us dwar mein 2011 se ho chuki dhire dhire virodhi khabren gayab ho rahi thi akhbaar mein kahin kahin bachi thi TV se gayab hoti ja rahi thi bina kahin dabaye thi ki kisi gaon se khabar hai toh usko mat chalaiye ya vaah jo 100 khabaro vala ek saath bulitin hota hai usme chala dijiye phataphat type ka kyonki aap trp jo aati hai raat shaharon se aati hai shahri ilako se aati hai toh 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ki jo halat hai vaah logo tak pahuche aur mujhe us samay achanak apne andar ka patrakar jo hai mujhe laga ki yaar yah khabar ko har haal mein chalni chahiye 1 ghante mein sochta raha aur kaha gaya ki waqt haraya tha kisko nahi chalana hai chitra bataye aur maine type kiya ki main yah khabar subah chala lunga balki subah ka pehla bulitin is khabar se hi kholunga aur usko dhang se bakayada banaunga aise jaise iska asar ko maine khud us khabar ko likhna shuru kiya 30 ki us par alag alag us aurat ki kahani uske saath kya hua baki desh mein kisano ki kya halat hai uske liye sorry kyon sorry kyon banaya ja sake jisse logo ko uska asar karne ke baad maine usko edit karvaya bakayada saree sorry banwaai aur uske baad uska ek baikadrap banwaya jis pahan kar khada hoga is par mother india ka jo purani film ka poster tha usko sir mein nargis sunil dutt aur rajendra kumar ki jagah maine us aurat uske do baccho ko khada kiya aur title wahi rakha ashoka mother india subah 6 30 baje roj hamare sampadak ka phone aata tha aur poochhte kya khabar chala rahe ho jab phone aaya toh main us samay 10 00 par nahi tha mere ek sahyogi ne phone uthaya aur unhe bataye ki yah chala rahe hai aur yah khabar maine mana ki thi isko nahi lena hai iski kya zarurat hai trp gir jaati hai unki baat unke angal par sahi thi kyonki unko ek channel chalana tha unko logo ko tankhvaah deni thi mujhe baat pata chali tab tak unka mere paas phone aa gaya bol yaar tum yah sab kya kar rahe ho yah khabar kyon chala rahe ho aur usse tum bologe toh khabar waale mein chala de maine khabar chahiye hamari kaafi teekhi bahas hui aur achanak maine apne andar ke patrakar ko dhire dhire marta mehsus kiya maine tay kiya ki bhale hi aaj naukri chali jaaye vaah khabar chalegi 6 45 baje 7 00 baje pehla buletin jana tha sathiya 7 30 set hota tha 6 45 baje dobara phone aaya maine kaha sir yah khabar mein chala raha hoon aur jaise tay kiya tha waise hi chala lunga kaafi bahas hui maine kaha ki vaah bole ki main daftaar aakar tumse baat karta hoon tum par action lena padega main tab tak apne aap ko mansik taur par taiyar kar chuka tha maine email se apna istifa likh liya tha ki koi baat hogi toh main apna istifa dunga par yah khabar chalegi 7 30 baje ke theek pehle unka phone aaya phir se ki tum kya kar rahe ho maine unka phone nahi uthaya mere sahyogi ne uthaya jab tak vaah aage baat karte tab tak pehla voltage hamara hit ho chuka tha aur vaah mother india naam ke us show the open hua aur vaah kahani chali vaah sampadak TV khol kar baithe hue the aur vaah story dekhte dekhte vaah khabar dekhte dekhte vaah ro pade khud bhavuk ho gaye unhone mujhe phone kiya aur kaha ki main galat tha bahut accha tumne likha hai bahut zaroori hai sorry thi aur tumne bahut acche se score banaya hai iska answer hoga parantu is baat ko mana is baat kyonki main dant dunga aur vaah bole ki isko har buletin mein repeat karo main abhi shift khatam karke subah 8 09 baje ghar nikal chuka tha 10 11 baje tak maine dekha ki lagatar har bulitin mein ho chal rahi hai aur phone aane shuru ho gaye logo ke channel mein bihar ki sarkar ki taraf se us par yah baat hone lagi vipaksh ne baat karni shuru kar di aur uske baad main raat ko office jata tha aur raat bhar kaam karke aaya tha toh main so raha tha aur mere paas dopahar mein 2 03 baje phone aata hai ki kya tum jaldi office aa sakte ho 5 00 baje tak mujhe poocha kyon ho toh mujhe bataya gaya ki hum 8 00 baje prime time isi par karna chahte hai aur mere sampadak chahte the ki main hi aakar mujhko banau main hi likhun kab tak mere paas ek phone aaya aaj tak aur tamaam kuch aur channel se vaah sab vaah khabar vichar hai the aur un sab ne vaah chhori bihar se mangai dopahar hote hote parichay uski vasuli chalne lagi thi uska asar yah hua tha sarkar ki taraf se bhi batein honi shuru hui shaam ko 8 00 baje apne primetime kiya aur uske baad sarkar ko us par action lena pada koi bahut baadi khabar ki ja sakti thi bahut bada khulasa bahut bada sting operation bhi kiya ja sakta 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यह 2018 की बात है और मैं एक न्यूज़ चैनल में उस समय था नाम नहीं साझा कर सकता हूं और मौसम र

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Raju Kapil

Ex Serviceman Central Rrseeve Police Force

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Asad Ashraf

One of India's leading journalists on minority issues

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मुझे लगता है मैंने एक दो 7 सोलह में एक छोरी अल जजीरा कि उत्तर प्रदेश के कुछ और कस्बों में रेप वीडियोस को बेच रहे थे बीच के लोग उसके लिए ज्यादा पैसा दे रहे थे खरीदी के लिए वह शादी का वीडियो मानसिकता बन गया इनको आप देखने में इंजॉय कर रहे हो सके और कई जगह पर वीडियो कॉल किया था क्या काम हुआ

mujhe lagta hai maine ek do 7 solah mein ek chhori al jajira ki uttar pradesh ke kuch aur kasbon mein rape videos ko bech rahe the beech ke log uske liye zyada paisa de rahe the kharidi ke liye vaah shadi ka video mansikta ban gaya inko aap dekhne mein enjoy kar rahe ho sake aur kai jagah par video call kiya tha kya kaam hua

मुझे लगता है मैंने एक दो 7 सोलह में एक छोरी अल जजीरा कि उत्तर प्रदेश के कुछ और कस्बों में

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ऐसी एक नहीं सर हमारे पास तो दर्जनों कहानियां है हमने अपने ब्लॉग को बदलने का काम किया हमारे प्रखंड में हमारे लगभग 500 से साथी हैं हमें मदद किया उनके क्षेत्रों में गया कई समस्याएं लिखिए और उस समस्या का निराकरण हुआ तो हमें लगा कि निश्चित तौर पर हम समाज सेवा में काम कर रहे हैं एक बार की बात है आपने सुना होगा कि पराया ग्रामीण इलाकों में जानवरों का पोस्टमार्टम नहीं होता है एक बार भी चांद प्रखंड के हरलाडीह में बजे पास से पांच जानवर मर गए मरने के बाद मुआवजा के लिए फोन कहां से मिलता है जिले में एक पशु डॉक्टर के मारो अभी प्रभारी है उनसे जब फोन कर पूछा गया कि सारे से से बात है उसका भी एक डॉक्टर है तो नहीं हो पाएगा तो ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर क्या किया जाए कोई उपाय नहीं है सर क्या होना चाहिए इस मैटर में कहा कि दिखे अगर पोस्टमार्टम होता है तभी को नहीं सुनाने लगे हमने कह दिया इसका उपाय करते हैं बिना पोस्टमार्टम के दूसरे दिन भी नहीं हुआ तो हम खबर क्या कर रहा है भगवानों के लिए डॉक्टर नहीं मिलते हैं तो जब तक पोस्टमार्टम नहीं हो जाता तब तक ब्लॉक मुख्यालय यदि वह ब्लॉक मुख्यालय में जानवर रख दिया दो-तीन दिन तक नहीं हुआ समझा जाता खबर छपने के दूसरे दिन सुबह पूरी टीम गई और पोस्टमार्टम किया उसके बारे में मुआवजा के लिए आगे बढ़े

aisi ek nahi sir hamare paas toh darjanon kahaniya hai humne apne blog ko badalne ka kaam kiya hamare prakhand mein hamare lagbhag 500 se sathi hain hamein madad kiya unke kshetro mein gaya kai samasyaen likhiye aur us samasya ka nirakaran hua toh hamein laga ki nishchit taur par hum samaj seva mein kaam kar rahe hain ek baar ki baat hai aapne suna hoga ki paraaya gramin ilako mein jaanvaro ka postmortem nahi hota hai ek baar bhi chand prakhand ke haraladih mein baje paas se paanch janwar mar gaye marne ke baad muavja ke liye phone kahaan se milta hai jile mein ek pashu doctor ke maaro abhi prabhari hai unse jab phone kar poocha gaya ki saare se se baat hai uska bhi ek doctor hai toh nahi ho payega toh grameeno ne kaha ki aksar kya kiya jaaye koi upay nahi hai sir kya hona chahiye is matter mein kaha ki dikhe agar postmortem hota hai tabhi ko nahi sunaane lage humne keh diya iska upay karte hain bina postmortem ke dusre din bhi nahi hua toh hum khabar kya kar raha hai bhagwano ke liye doctor nahi milte hain toh jab tak postmortem nahi ho jata tab tak block mukhyalay yadi vaah block mukhyalay mein janwar rakh diya do teen din tak nahi hua samjha jata khabar chapane ke dusre din subah puri team gayi aur postmortem kiya uske bare mein muavja ke liye aage badhe

ऐसी एक नहीं सर हमारे पास तो दर्जनों कहानियां है हमने अपने ब्लॉग को बदलने का काम किया हमारे

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Varun Sharma

Journalist

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मुजफ्फरनगर के नवीन मंडी में प्रशासन द्वारा चलाई जा रही स्थाई गौशाला की खबर को निष्पक्षता पूर्वक दिखाने पर मुझे गर्व महसूस हुआ और हरि गौशाला की दुर्दशा पर खबर दिखाए जाने के बाद संबंधित दो अधिकारियों पर एफ आई आर दर्ज हुई

mujaffarnagar ke naveen mandi mein prashasan dwara chalai ja rahi sthai gaushala ki khabar ko nishpakshata purvak dikhane par mujhe garv mehsus hua aur hari gaushala ki durdasha par khabar dekhiye jaane ke baad sambandhit do adhikaariyo par f I R darj hui

मुजफ्फरनगर के नवीन मंडी में प्रशासन द्वारा चलाई जा रही स्थाई गौशाला की खबर को निष्पक्षता प

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आपने पूछा कि कोई ऐसी कहानियां बताइए आपको सबसे ज्यादा करने के सिवा दुनिया के सामने आए कहानी छोटी ने कृष्ण की गाय के साथ जात पात की बात चली रे कई वर्ग के लोग हिंदू मुस्लिम सिख इसाई शहीद छोटी जाति अनुसूचित एसटीएससी प्रमोशन थोड़ा बैकवर्ड एरिया का गांव का नाम पूछा आपको हिंदी में मनुष्य मिर्जा ने तो आपने जब कॉल किया फोन जानवर जानवर एक जाति के जानवर जानता कि कौन सी जांच की गई और उन लोगों के फिर कोई जवाब नहीं आंचल लोगों ने कर्मचारियों और इंसान हूं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई

aapne poocha ki koi aisi kahaniya bataiye aapko sabse zyada karne ke siva duniya ke saamne aaye kahani choti ne krishna ki gaay ke saath jaat pat ki baat chali ray kai varg ke log hindu muslim sikh isai shaheed choti jati anusuchit STSC promotion thoda backward area ka gaon ka naam poocha aapko hindi me manushya mirza ne toh aapne jab call kiya phone janwar janwar ek jati ke janwar jaanta ki kaun si jaanch ki gayi aur un logo ke phir koi jawab nahi aanchal logo ne karmachariyon aur insaan hoon hindu muslim sikh isai

आपने पूछा कि कोई ऐसी कहानियां बताइए आपको सबसे ज्यादा करने के सिवा दुनिया के सामने आए कहानी

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झारखंड आईटीआई एग्जाम के दौरान पड़ी एग्जाम के दौरान जो चोरी हो रही थी उसे उजागर करने में हमें गर्व महसूस हुआ था हालांकि उस में घटना में 5000 लोगों के द्वारा हमारे ऊपर हमला भी हुआ था लेकिन मैं पता नहीं खेला नहीं और उस खबर को मैंने दुनिया के सामने परोसा था

jharkhand iti exam ke dauran padi exam ke dauran jo chori ho rahi thi use ujagar karne mein hamein garv mehsus hua tha halaki us mein ghatna mein 5000 logo ke dwara hamare upar hamla bhi hua tha lekin main pata nahi khela nahi aur us khabar ko maine duniya ke saamne parosa tha

झारखंड आईटीआई एग्जाम के दौरान पड़ी एग्जाम के दौरान जो चोरी हो रही थी उसे उजागर करने में हम

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हां एक ऐसी कहानी है स्वामी विवेकानंद जी की इनका एक भाषण विश्व प्रसिद्ध है जो शिकागो में दिया गया और हमें गर्व होता है वही नहीं हमारे किसी भी ऋषि मुनि को अगर उनका नाम भी ले तो हमें गर्व होता हमारी संस्कृति पर गर्व होता है हमारे देश के हर एक चीज पर गर्व होता है क्योंकि उन्होंने हमेशा लोक कल्याण के लिए कार्य किया लेकिन यह स्वामी विवेकानंद जी की कहानी बहुत ही प्रसिद्ध है जिन्होंने बिना बुक खोले साल सफेद की कहानी पढ़ाई भी महसूस होता है कि हमारे भारतीय हैं और हमारे संत हैं

haan ek aisi kahani hai swami vivekananda ji ki inka ek bhashan vishwa prasiddh hai jo chicago me diya gaya aur hamein garv hota hai wahi nahi hamare kisi bhi rishi muni ko agar unka naam bhi le toh hamein garv hota hamari sanskriti par garv hota hai hamare desh ke har ek cheez par garv hota hai kyonki unhone hamesha lok kalyan ke liye karya kiya lekin yah swami vivekananda ji ki kahani bahut hi prasiddh hai jinhone bina book khole saal safed ki kahani padhai bhi mehsus hota hai ki hamare bharatiya hain aur hamare sant hain

हां एक ऐसी कहानी है स्वामी विवेकानंद जी की इनका एक भाषण विश्व प्रसिद्ध है जो शिकागो में दि

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