आपने एक जर्नलिस्ट बनने के बारे में कैसे सोचा?...


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किसी भी व्यक्ति को किसी लाइन में जाने के लिए या कुछ बनाने के लिए उसमें प्रारंभिक रूप से उसके वैसे गुण होते हैं और आदमी उस लाइन को पकड़ता है मैं प्रारंभ से यह कच्छा डिबेट और वक्त आ रहा और लेखन कला का मुझे साहित्य में काफी रुचि रही जिसकी वजह से है मैं लिस्ट बना और मेरे घर परिवार वालों ने भी उसने मुझे सपोर्ट किया और आज पिछले चार दशकों से मैं इस लाइन में काम कर रहा हूं और एक सफल जनरलिस्ट खेलो

kisi bhi vyakti ko kisi line mein jaane ke liye ya kuch banaane ke liye usmein prarambhik roop se uske waise gun hote hain aur aadmi us line ko pakadta hai main prarambh se yah kaccha debate aur waqt aa raha aur lekhan kala ka mujhe sahitya mein kafi ruchi rahi jiski wajah se hai main list bana aur mere ghar parivar walon ne bhi usne mujhe support kiya aur aaj pichhle char dashakon se main is line mein kaam kar raha hoon aur ek safal journalist khelo

किसी भी व्यक्ति को किसी लाइन में जाने के लिए या कुछ बनाने के लिए उसमें प्रारंभिक रूप से उस

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Asad Ashraf

One of India's leading journalists on minority issues

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आज ओले राकुझान बहुत पहले से बचपन से ही स्कूल में तारा समाचार को लेकर लेकिन फैसला अखबारों में इंटरेस्ट आफ पॉलीटिकल एक्टिविटीज को फॉलो करता था और एक विश्वविद्यालय में आया तो मुझे वहां पर चढ़ने के बाद द्वारा समाज में बदलाव होता नहीं है कभी अपना नहीं बनाया

aaj ole rakujhan bahut pehle se bachpan se hi school mein tara samachar ko lekar lekin faisla akhbaron mein interest of political activities ko follow karta tha aur ek vishwavidyalaya mein aaya toh mujhe wahan par chadhne ke baad dwara samaaj mein badlav hota nahi hai kabhi apna nahi banaya

आज ओले राकुझान बहुत पहले से बचपन से ही स्कूल में तारा समाचार को लेकर लेकिन फैसला अखबारों म

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जल्दी बनने के लिए कोई डिग्री या डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि यह एक लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है यानी कि हर वह शख्स जो समाज को आइना दिखा समाज की बात को सरकार तक पहुंचाने का काम करता है उसको हम पत्रकार बोलते हैं लेकिन आजकल की जो पत्रकारिता है वह वापी में निम्न स्तर की होती जा रही है क्योंकि आजकल की जो पत्रकारिता है उसमें व्यक्तिगत द्वेष भावना को लेकर सब कुछ दिखाया जा रहा है लेकिन जो पत्रकारिता वास्तविक उम्र होनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है इसलिए मैंने समाज की जो समस्याएं हैं लोग इसे समस्याएं हैं जो पीड़ित होते हैं उनकी समस्याएं प्रशासन तक कैसे पहुंचे सरकार तक कैसे पहुंचे उनके समस्याओं को समाधान कैसे मरी इसके लिए मैंने एक के पत्रकार हैं जो लिस्ट बनने के लिए सोचा और मैंने इसलिए मैंने कई कई ऐसे काम भी की है जिससे कई लोग इस समाधान भी हुआ है

jaldi banne ke liye koi degree ya diploma ki avashyakta nahi hoti kyonki yah ek loktantra ka chautha stambh hai yani ki har vaah sakhs jo samaaj ko aaina dikha samaaj ki baat ko sarkar tak pahunchane ka kaam karta hai usko hum patrakar bolte hain lekin aajkal ki jo patrakarita hai vaah vaapee mein nimn sthar ki hoti ja rahi hai kyonki aajkal ki jo patrakarita hai usmein vyaktigat dvesh bhavna ko lekar sab kuch dikhaya ja raha hai lekin jo patrakarita vastavik umr honi chahiye vaah nahi ho paa rahi hai isliye maine samaaj ki jo samasyaen hain log ise samasyaen hain jo peedit hote hain unki samasyaen prashasan tak kaise pahuche sarkar tak kaise pahuche unke samasyaon ko samadhan kaise mari iske liye maine ek ke patrakar hain jo list banne ke liye socha aur maine isliye maine kai kai aise kaam bhi ki hai jisse kai log is samadhan bhi hua hai

जल्दी बनने के लिए कोई डिग्री या डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि यह एक लोकतंत्र का च

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Nirjesh Mishra

पत्रकारिता

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मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था तब उसने मिलने वाले मैंने देखा कि उनकी पत्रकार की इज्जत करते हैं अधिकारी कर्मचारी उनको

main aatthvi class mein padhata tha tab usne milne waale maine dekha ki unki patrakar ki izzat karte hain adhikari karmchari unko

मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था तब उसने मिलने वाले मैंने देखा कि उनकी पत्रकार की इज्जत करते ह

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Sachin Sinha

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कुछ सेट किया है कि आप एक जनरलिस्ट हमने के बारे में कैसे सोचा बहुत अच्छा क्वेश्चन है और तक आदमी को कुछ कराता है कई लोग आज भी स्पष्ट करते हैं कि लोग किसी पास करते हैं कई लोग न जाने कौन-कौन सी बैंकिंग में जाते हैं कोई रेलवे में जाता है यह भी एक उम्दा सोच लिया है जो स्तर पर जाता है कोई बैंकिंग में जाता है कोई होटल मैनेजमेंट करता है ना जाने कितने जॉब करते हैं कोई विदेशों में जॉब करता है वैसे ही पत्रकारिता भी एक जुनून है अगर आप सही पत्रकारिता करते हैं और आपको बाहर निकल कर काम करना है ना कि यह कैसी रूम में आप बैठ गए तो वह तो गोदी बादिता पत्रकारिता हो गई मुझ से बाहर निकलिए लोगों से यह मिलिए और मेरी बातें अगर बुरा लगे तो पर भी दिल पर मत दीजिएगा मैं इसका बिल्कुल खिलाफ खिलाफ कि आप ऐसी ही लगा लीजिए और एक रूम तैयार कर लीजिए उसमें 2 दिन थोड़ी सुपर अंखियों ने तकते रहिए पत्रकारिता से नहीं होती या हमसे कुछ ऐसा बोला कि ना दंगा हो जाए दंगा फसाद होते रहे इसके बजाय आप खुद निकलिए और डटकर मुकाबला करिए हर हर वक्त हर समय एक मुद्दत बनके ताकि कोई भी आपको जो इंप्रेशन मत लो अगले पर जब पड़े तो एचडी पत्रकार के रूप में पड़े हो जिंदगी जिंदगी में अगर कुछ कर गुजरने का है जज्बा तू जर्नलिस्ट बनने में बड़ा मजा आता है यह भी एक काम है जहां लोग आपको देखते हैं बस यह घटना मुझे याद है बरसात के दिन में एक विद्युत विभाग का कर्मचारी या ने जस्टिस का इंगेजमेंट हुआ था 1 दिन पहले और दूसरे दिन के बाद में उसकी लाश साथ में भाग्य उसको उसकी मां का ऐसा रो रो के हरा था और जब मैं वहां पर खड़ा हुआ पहली बार में ही एक जाने में बड़ी तकलीफ हुई पूरा रोड में कीचड़ और पानी के और सपने भी टूट गई थी उसके चरणों में फंस गए लेकिन हमने वहां जाना और उस परिवार से नाम की दोनों बहनों से मिलना और पत्रकारिता ऐसे ही करिए तभी आपको समझ में आएगा कि आपने क्या पाया तो न जाने कितने पत्रकार खड़े थे मगर अचानक से देख कर के बेटा मेरे बच्चे को को ऐसा ही है जैसा मैं बहुत बड़ा उनके रिलेशन का हूं या बहुत दिन से मुझे जानती हो कि वह मेरे को वहां पहचान पति या मन को जनपद का पहली दफा था उनका इंटरव्यू लेने गया हुआ था और दोनों बहनों को भी पता नहीं मुझे देखकर क्या लगा बेटा आप ही बोल दिया आप भी खुश सकते हो यह जो भाव आते हैं इस भाव को लाने के लिए आपको वास्तविकता में बाहर जाकर बाहर निकल कर कुछ अच्छा करने के लिए ताकि आपकी फीलिंग जॉब कर रहे हैं उसको लोग समझ पाए बाकी देखिए होना होना तो सिर्फ यही चाहिए कि एक अच्छी सोच के साथ आप चलें और एक बच्ची विचारधाराओं के साथ आप आगे बढ़ी तो उसकी हर चीजों में कट नहीं आती हैं उनका सामना करें और आगे बढ़े चलो आपको जरूर पूछेंगे बस ऐसे ही हमने भी जनरलिस्ट चालू किया था कोई विशेष कुछ तो किया है नहीं हमने बस करना है एक जुनून एक सपना था बन कर गए लोग अपने दिलों पर हमारा नाम लिखे यह भी कम नहीं है क्योंकि यह के कर्मियों से मिलना यह किन व्यक्तियों से मिलना उनकी समस्याओं को जानना चाहो बुजुर्ग महिला हो चाहे वह कौन बालक बालिकाओं चाहे वीडियो में चाहे किसी के और समस्याएं हैं सारे सांप और हम उनके सामने खड़े रहे काफी अच्छा लगता है जब पत्रकारिता जानवी से लेकर आया था कि जब हम इसे जान करेंगे तो सिर्फ कमाई ही मुद्दा ना रहे उसके साथ-साथ समाज सुधरेगा और दे सुधरे और उनसे जुड़े लोग सुनने वह ज्यादा अच्छा है बस एक साथी और बंद है पिछले 14 सालों से हम पत्रकारिता कर रहे हैं और काफी अच्छा लगता है जब लोग बच्चे अच्छे कमेंट देते हैं आप के बनाए हुए नियमों को लोग हम सुनते हैं देखते हैं और एक मुझे याद आ रहा है एक बहुत ही रायपुर से पत्रिका निकलती है रायपुर छत्तीसगढ़ से अंग्रेज जवानों की जब भारत आजाद हुआ था तब से वह चल रहा है उसको हमारे विष्णु सिन्हा जी चला रहे थे वो बहुत ही अच्छा था उसने जब मैंने गर्मी में एक फोटो डाला था उसे बहुत अच्छा लाइट मिला था और रायपुर से लोग धन्यवाद अदा कर रहे थे कि आखिर किस पत्रकार ने से वफा जो न बची हुई बुनती गर्मी में जो पानी सीमेंट उखड़ जाता वहां पर पानी जमा हुआ था और यह बोरिंग ऐसा था जहां तक गाय मन लगाकर पानी पी रही थी लगातार पानी गिरा था यह सब जब उसमें हमने डाला और बहुत ही ज्यादा प्रशंसा के पात्र थे और अच्छे अच्छे बढ़िया वनों से बधाइयों को जो सिलसिला चालू हुआ 2 दिन 3 दिन तक चला कि आखिर कौन नया पत्रकार है जिसने ऐसा फोटो खींच तो यह सब अच्छा लगता है बहुत अच्छा लगता है दिल पर सुकून देता है ना और कुछ अच्छा करने के लिए ही जगदीश जनरलिज्म को अपनाया था जूही दो व्यक्तियों का मनोभाव को बदल सके और कुछ अच्छा सिखा सकें और जनरलिज्म के साथ जोड़ने गतिविधियां चलाते हैं जनता के उस का हमेशा विरोध करते रहे हैं और आप भी करिए गुल्लर करते चलिए एक स्वस्थ पत्रकारिता करिए जिसमें आपको अपना नाम कमा सकते हैं धन्यवाद

aapne kuch set kiya hai ki aap ek journalist humne ke bare mein kaise socha bahut accha question hai aur tak aadmi ko kuch karata hai kai log aaj bhi spasht karte hain ki log kisi paas karte hain kai log na jaane kaun kaun si banking mein jaate hain koi railway mein jata hai yah bhi ek umda soch liya hai jo sthar par jata hai koi banking mein jata hai koi hotel management karta hai na jaane kitne job karte hain koi videshon mein job karta hai waise hi patrakarita bhi ek junun hai agar aap sahi patrakarita karte hain aur aapko bahar nikal kar kaam karna hai na ki yah kaisi room mein aap baith gaye toh vaah toh godi badita patrakarita ho gayi mujhse se bahar nikliye logon se yah miliye aur meri batein agar bura lage toh par bhi dil par mat dijiyega main iska bilkul khilaf khilaf ki aap aisi hi laga lijiye aur ek room taiyar kar lijiye usmein 2 din thodi super ankhiyon ne takate rahiye patrakarita se nahi hoti ya humse kuch aisa bola ki na danga ho jaaye danga fasad hote rahe iske bajay aap khud nikliye aur dantkar muqabla kariye har har waqt har samay ek muddat banke taki koi bhi aapko jo impression mat lo agle par jab pade toh hd patrakar ke roop mein pade ho zindagi zindagi mein agar kuch kar guzarne ka hai jajba tu journalist banne mein bada maza aata hai yah bhi ek kaam hai jahan log aapko dekhte hain bus yah ghatna mujhe yaad hai barsat ke din mein ek vidyut vibhag ka karmchari ya ne justice ka engagement hua tha 1 din pehle aur dusre din ke baad mein uski laash saath mein bhagya usko uski maa ka aisa ro ro ke hara tha aur jab main wahan par khada hua pehli baar mein hi ek jaane mein badi takleef hui pura road mein kichad aur paani ke aur sapne bhi toot gayi thi uske charanon mein fans gaye lekin humne wahan jana aur us parivar se naam ki dono bahnon se milna aur patrakarita aise hi kariye tabhi aapko samajh mein aayega ki aapne kya paya toh na jaane kitne patrakar khade the magar achanak se dekh kar ke beta mere bacche ko ko aisa hi hai jaisa main bahut bada unke relation ka hoon ya bahut din se mujhe jaanti ho ki vaah mere ko wahan pehchaan pati ya man ko janpad ka pehli dafa tha unka interview lene gaya hua tha aur dono bahnon ko bhi pata nahi mujhe dekhkar kya laga beta aap hi bol diya aap bhi khush sakte ho yah jo bhav aate hain is bhav ko lane ke liye aapko vastavikta mein bahar jaakar bahar nikal kar kuch accha karne ke liye taki aapki feeling job kar rahe hain usko log samajh paye baki dekhiye hona hona toh sirf yahi chahiye ki ek achi soch ke saath aap chalen aur ek bachi vichardharaon ke saath aap aage badhi toh uski har chijon mein cut nahi aati hain unka samana karen aur aage badhe chalo aapko zaroor puchhenge bus aise hi humne bhi journalist chaalu kiya tha koi vishesh kuch toh kiya hai nahi humne bus karna hai ek junun ek sapna tha ban kar gaye log apne dilon par hamara naam likhe yah bhi kam nahi hai kyonki yah ke karmiyon se milna yah kin vyaktiyon se milna unki samasyaon ko janana chaho bujurg mahila ho chahen vaah kaun balak balikaon chahen video mein chahen kisi ke aur samasyaen hain saare saanp aur hum unke saamne khade rahe kafi accha lagta hai jab patrakarita janvi se lekar aaya tha ki jab hum ise jaan karenge toh sirf kamai hi mudda na rahe uske saath saath samaaj sudhrega aur de sudhre aur unse jude log sunane vaah zyada accha hai bus ek sathi aur band hai pichhle 14 salon se hum patrakarita kar rahe hain aur kafi accha lagta hai jab log bacche acche comment dete hain aap ke banaye hue niyamon ko log hum sunte hain dekhte hain aur ek mujhe yaad aa raha hai ek bahut hi raipur se patrika nikalti hai raipur chattisgarh se angrej jawano ki jab bharat azad hua tha tab se vaah chal raha hai usko hamare vishnu sinha ji chala rahe the vo bahut hi accha tha usne jab maine garmi mein ek photo dala tha use bahut accha light mila tha aur raipur se log dhanyavad ada kar rahe the ki aakhir kis patrakar ne se wafa jo na bachi hui bunti garmi mein jo paani cement ukhar jata wahan par paani jama hua tha aur yah boaring aisa tha jahan tak gaay man lagakar paani p rahi thi lagatar paani gira tha yah sab jab usmein humne dala aur bahut hi zyada prashansa ke patra the aur acche acche badhiya vanon se badhaiyon ko jo silsila chaalu hua 2 din 3 din tak chala ki aakhir kaun naya patrakar hai jisne aisa photo khinch toh yah sab accha lagta hai bahut accha lagta hai dil par sukoon deta hai na aur kuch accha karne ke liye hi jagdish janaralijm ko apnaya tha juhi do vyaktiyon ka manobhaav ko badal sake aur kuch accha sikha sakein aur janaralijm ke saath jodne gatividhiyan chalte hain janta ke us ka hamesha virodh karte rahe hain aur aap bhi kariye gullar karte chaliye ek swasth patrakarita kariye jisme aapko apna naam kama sakte hain dhanyavad

आपने कुछ सेट किया है कि आप एक जनरलिस्ट हमने के बारे में कैसे सोचा बहुत अच्छा क्वेश्चन है औ

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पुलिस द्वारा एक सम्मानित टीचर था और आज भी हूं जुड़ा हुआ हूं असिस्टेंट प्रोफेसर पुलिस द्वारा मुझे अनैतिक दबाव बनाया गया और उससे मेरी इंसल्ट की गई और मुझसे पैसों की डिमांड की गई ₹5000 की जिसकी वजह से मेरे मन में आक्रोश आया और मैंने मजबूरी में फिर पत्रकारिता का कलम उठाया

police dwara ek sammanit teacher tha aur aaj bhi hoon juda hua hoon assistant professor police dwara mujhe anaitik dabaav banaya gaya aur usse meri insult ki gayi aur mujhse paison ki demand ki gayi Rs ki jiski wajah se mere man mein aakrosh aaya aur maine majburi mein phir patrakarita ka kalam uthaya

पुलिस द्वारा एक सम्मानित टीचर था और आज भी हूं जुड़ा हुआ हूं असिस्टेंट प्रोफेसर पुलिस द्वार

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बहुत ही अच्छा आप का क्वेश्चन है मैं अपनी जन्नत बनने के बारे में कैसे सोचा देखें आपको बता दूं कि बचपन से ही मैं टीवी देख रहा था बैंकर को देखता था किस तरीके से वह बातें करते हैं और यह रिपोटर के तरीके से शहर में या गांव में जाकर लोगों के दुख-दर्द झुमकी परेशानी है लोगों की मतलब आज बनते हैं वह केवल जनता के सामने सरकार के सामने जो सच्चाई है वह लेकर आते हैं मुझे रिपोर्टिंग करना अच्छा लगता था कि बच्चों में कर्तव्य कुछ भी हो किसी भी टॉपिक उठा लेता उसके बाद उस पर बात करना स्टार्ट कर देता था फिर सोचा कि हां यार जलने से बना उसके लिए किस तरीके से किया जाए कैसे पढ़ाई की जाए उसके बाद में पढ़ाई की वैष्णो देवी धाम आफ कम्युनिकेशन और उसके बाद में बात करता फिल्में इसके लिए क्या पत्रकार बनना है लोग की आवाज बनना है लोगों के दर्द जोड़ों के दर्द है उसको सबके सामने लेकर आना है अगर वह गलत काम करता है तो वह दिखाना पर्दाफाश करना है उसका कोई जीआईएसफ मन में ख्याल आया था कि पत्रकार बनना है और लोगों की आवाज बनना है

bahut hi accha aap ka question hai main apni jannat banne ke bare mein kaise socha dekhen aapko bata doon ki bachpan se hi main TV dekh raha tha banker ko dekhta tha kis tarike se vaah batein karte hain aur yah reporter ke tarike se shehar mein ya gaon mein jaakar logon ke dukh dard jhumki pareshani hai logon ki matlab aaj bante hain vaah keval janta ke saamne sarkar ke saamne jo sacchai hai vaah lekar aate hain mujhe reporting karna accha lagta tha ki bacchon mein kartavya kuch bhi ho kisi bhi topic utha leta uske baad us par baat karna start kar deta tha phir socha ki haan yaar jalne se bana uske liye kis tarike se kiya jaaye kaise padhai ki jaaye uske baad mein padhai ki vaishno devi dhaam of communication aur uske baad mein baat karta filme iske liye kya patrakar banna hai log ki awaaz banna hai logon ke dard jodo ke dard hai usko sabke saamne lekar aana hai agar vaah galat kaam karta hai toh vaah dikhana pardafash karna hai uska koi jiaaiesaf man mein khayal aaya tha ki patrakar banna hai aur logon ki awaaz banna hai

बहुत ही अच्छा आप का क्वेश्चन है मैं अपनी जन्नत बनने के बारे में कैसे सोचा देखें आपको बता द

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पहले दवा बता दो भाई अब तो किस्मत अच्छी वाली जो होती है ऐसा नहीं इधर उधर की कोई भी जॉब सच तो सच दिखाना होता है और आपकी बातों को लोग सच समझ कर क्योंकि आपको जानकारी नहीं होता है तो मैं आपको जरूर कहूंगा बात करने की उनकी सरकार का ट्यूशन का चौथा स्तंभ माना जाता है पत्रकारिता तो आप देख लो आपका उधर कितना बड़ा है

pehle dawa bata do bhai ab toh kismat achi waali jo hoti hai aisa nahi idhar udhar ki koi bhi job sach toh sach dikhana hota hai aur aapki baaton ko log sach samajh kar kyonki aapko jaankari nahi hota hai toh main aapko zaroor kahunga baat karne ki unki sarkar ka tuition ka chautha stambh mana jata hai patrakarita toh aap dekh lo aapka udhar kitna bada hai

पहले दवा बता दो भाई अब तो किस्मत अच्छी वाली जो होती है ऐसा नहीं इधर उधर की कोई भी जॉब सच त

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किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व जीवन के बारे में सरकार तक बातें पहुंचाने के लिए जाने लिस्ट की आवश्यकता होती है इसीलिए मैंने जर्नलिस्ट बनने के बारे में सोचा

kisi bhi vyakti ke vyaktitva jeevan ke bare mein sarkar tak batein pahunchane ke liye jaane list ki avashyakta hoti hai isliye maine journalist banne ke bare mein socha

किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व जीवन के बारे में सरकार तक बातें पहुंचाने के लिए जाने लिस्ट क

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Dr.Suhail Khan

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जंगलराज पूरे ऑफ इसरो ने बना रखा है पहले ठाकुर जंगलों में हुआ करते थे आज हर सीट पर एक डाकू बैठा हुआ है

desh mein bhrashtachar charam seema par hai jangalraj poore of isro ne bana rakha hai pehle thakur jungalon mein hua karte the aaj har seat par ek daku baitha hua hai

देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जंगलराज पूरे ऑफ इसरो ने बना रखा है पहले ठाकुर जंगलों में

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बिजली से बनना है तो आप किसी मास कम्युनिकेशन जहां पर होता है और तोते वहां पर जॉइनिंग करना पड़ेगा अच्छा जान रिलीज बन सकते हो ठीक है कि वहां पर सारा कोर्स कैसा है कहां पर क्या करना है सारा सिखाया जाता है तो मुझे जानने लिस्ट अगर आप जाने लिस्बन सकते हो तो मास कम्युनिकेशन का जोर से वह बिल्कुल जरूर करें थैंक यू

bijli se banna hai toh aap kisi mass communication jahan par hota hai aur tote wahan par joining karna padega accha jaan release ban sakte ho theek hai ki wahan par saara course kaisa hai kahaan par kya karna hai saara sikhaya jata hai toh mujhe jaanne list agar aap jaane Lisbon sakte ho toh mass communication ka jor se vaah bilkul zaroor karen thank you

बिजली से बनना है तो आप किसी मास कम्युनिकेशन जहां पर होता है और तोते वहां पर जॉइनिंग करना प

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