अपने छात्र ऐक्टिविज़म के द्वारा क्या आप कोई बदलाव ला पाए थे?...


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Shubham Mishra

Journalist

3:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज जब भी कोई प्रोफेशन में होता है आपने बहुत अच्छा सवाल पूछा कि आप छात्र एक्टिविज्म के द्वारा कोई बदलाव ला पाए थे बदलाव छात्र संगति की बात करें जब संत शंकर की होती है यानी जिस दौर में हम पढ़ाई कर रहे होते हम शिक्षक के द्वारा ज्ञान ले रहे होते हैं हम छात्र होते हैं उस समय हमारे संस्थान शिक्षा संस्थानों काम पर बहुत गहरा प्रभाव होता है क्योंकि आज के दौर में अगर आप देखें तो उस शिक्षण संस्थान मुकम्मल बदनाम होते जा रहे हैं ना केवल इसलिए क्योंकि शिक्षा को और संस्थानों का काम है बच्चों को एक बेहतर भविष्य की तरफ ले जाना आधुनिक शिक्षा और आधुनिक उपकरणों के साथ बच्चों को एक ऐसा शिक्षा प्रदान करना जो वास्तविक जीवन में जब वह चौक पर जाएं तो उतना ही उसे डिलीट कर पाए पर आज के दौर में जो शिक्षक हैं वह किसी ना किसी तरह से उसको कि पढ़ता हुआ देख लें क्योंकि शिक्षा और शिक्षा संगति एक सौ है कमाई का जरिया बन चुका है तो बेहतर है क्योंकि उस दौर में जब हम पढ़ाई कर रहे होते हैं तो हमारे साथ भी कुछ ना कुछ गलत होता है संस्थानों द्वारा कहीं ना कहीं दबाव बनाया जाता है और वहां पर एक छात्र खुद को असहाय महसूस करता है और उस को बदलने के लिए उसमें आवाज उठाने के लिए छात्र एक्टिविज्म होना बहुत जरूरी है छात्रों को पता होना चाहिए कि अपनी आवाज किस तरह से उठाएं क्योंकि जब शिक्षा संस्थान बच्चों के उज्जवल भविष्य में शिक्षा को ना देकर एक प्रोफेशन बना दे और लिंग का तो बच्चों का आवाज उठाना जरूरी है और हमने भी अपने कॉलेज के समय में बहुत ही आवाज उठाई वैश्विक स्तर की बात करूं या एक बड़े स्तर की बात करूं तो इतना तो नहीं हुआ पर हमारे होटल के मैच में जो खाना मिलता था हमारे लैब में जो काम हमें सिखाए जाते थे उस में जो है हमने छात्र एक्टिविज्म यानी कई छात्रों के संगठन समूह के द्वारा हम सब ने मिलकर आवाज उठाई और हमारी छात्रवृत्ति के दौरान संस्थान हमारी बात सुननी पड़ी थी तो एक बदलाव तो आया था उनका खाना बेहतर हुआ था हॉस्टल की फैसिलिटी बेहतर हुई थी हमारी लाइव सुविधाएं बेहतर यह होना जरूरी है और छात्रों को जिस दौर में वह पढ़ रहे होते हैं वह कहीं ना कहीं वह किसी ना किसी अच्छे संस्थान में पढ़ने जा भविष्य में उनको एक को चुनना होता कोई इंजीनियर बनता कोई डॉक्टर बनता कोई वकील कोई पत्रकार बनता तो आप अपने भविष्य में ऐसे प्रोफेशन में जाओगे जहां पर आप लोगों से जुड़ ओके और आप उनकी आवाज कहीं ना कहीं उठाओगे आप क्षेत्र में अपना योगदान दोगे जब तक आप छात्रवृत्ति के दौरान यानी पढ़ाई के दौरान शिक्षा व्यवस्था में रहने के दौरान अपनी आवाज नहीं उठा पाओगे तो उसका प्रभाव आपके नीचे पर बड़े होकर पड़ता है जब आप किसी प्रोफेशन में उतरते हो अपनी आवाज हमेशा उठानी चाहिए छात्रवृत्ति एक अच्छा बदलाव ला सकती है और वर्तमान में छात्रवृत्ति को आपने देखा कन्हैया कुमार और हजारों ऐसे छात्र हैं जो लगातार अपने अपने जरूरतों के लिए सरकार से मुंह तोड़ जवाब देते हैं और अपने संस्थान को भी लगातार फटकार ते हैं तो यह होना चाहिए

aaj jab bhi koi profession me hota hai aapne bahut accha sawaal poocha ki aap chatra ektivijm ke dwara koi badlav la paye the badlav chatra sangati ki baat kare jab sant shankar ki hoti hai yani jis daur me hum padhai kar rahe hote hum shikshak ke dwara gyaan le rahe hote hain hum chatra hote hain us samay hamare sansthan shiksha sansthano kaam par bahut gehra prabhav hota hai kyonki aaj ke daur me agar aap dekhen toh us shikshan sansthan mukammal badnaam hote ja rahe hain na keval isliye kyonki shiksha ko aur sansthano ka kaam hai baccho ko ek behtar bhavishya ki taraf le jana aadhunik shiksha aur aadhunik upkarnon ke saath baccho ko ek aisa shiksha pradan karna jo vastavik jeevan me jab vaah chauk par jayen toh utana hi use delete kar paye par aaj ke daur me jo shikshak hain vaah kisi na kisi tarah se usko ki padhata hua dekh le kyonki shiksha aur shiksha sangati ek sau hai kamai ka zariya ban chuka hai toh behtar hai kyonki us daur me jab hum padhai kar rahe hote hain toh hamare saath bhi kuch na kuch galat hota hai sansthano dwara kahin na kahin dabaav banaya jata hai aur wahan par ek chatra khud ko asahay mehsus karta hai aur us ko badalne ke liye usme awaaz uthane ke liye chatra ektivijm hona bahut zaroori hai chhatro ko pata hona chahiye ki apni awaaz kis tarah se uthaye kyonki jab shiksha sansthan baccho ke ujjawal bhavishya me shiksha ko na dekar ek profession bana de aur ling ka toh baccho ka awaaz uthana zaroori hai aur humne bhi apne college ke samay me bahut hi awaaz uthayi vaishvik sthar ki baat karu ya ek bade sthar ki baat karu toh itna toh nahi hua par hamare hotel ke match me jo khana milta tha hamare lab me jo kaam hamein sikhaye jaate the us me jo hai humne chatra ektivijm yani kai chhatro ke sangathan samuh ke dwara hum sab ne milkar awaaz uthayi aur hamari chhatravriti ke dauran sansthan hamari baat sunnani padi thi toh ek badlav toh aaya tha unka khana behtar hua tha hostel ki facility behtar hui thi hamari live suvidhaen behtar yah hona zaroori hai aur chhatro ko jis daur me vaah padh rahe hote hain vaah kahin na kahin vaah kisi na kisi acche sansthan me padhne ja bhavishya me unko ek ko chunana hota koi engineer banta koi doctor banta koi vakil koi patrakar banta toh aap apne bhavishya me aise profession me jaoge jaha par aap logo se jud ok aur aap unki awaaz kahin na kahin uthaoge aap kshetra me apna yogdan doge jab tak aap chhatravriti ke dauran yani padhai ke dauran shiksha vyavastha me rehne ke dauran apni awaaz nahi utha paoge toh uska prabhav aapke niche par bade hokar padta hai jab aap kisi profession me utarate ho apni awaaz hamesha uthani chahiye chhatravriti ek accha badlav la sakti hai aur vartaman me chhatravriti ko aapne dekha kanhaiya kumar aur hazaro aise chatra hain jo lagatar apne apne jaruraton ke liye sarkar se mooh tod jawab dete hain aur apne sansthan ko bhi lagatar fatkar te hain toh yah hona chahiye

आज जब भी कोई प्रोफेशन में होता है आपने बहुत अच्छा सवाल पूछा कि आप छात्र एक्टिविज्म के द्वा

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Vinod Sharma

Journalist

1:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही ऐसी घटनाएं हैं जिससे हमने दुनिया को बदला है जिससे हम भी बदले बदल गए बहुत सा चेंजर जाए लाइफ के अंदर बहुत संघर्ष किया है ऐसी कोई बात नहीं है धरना प्रदर्शन भी किया है लोगों को मोटिवेट किया है लोगों को संघर्ष भी करवाया है पूरा काम है एक तरफ हो जाता है जिसे कमजोर पक्ष की तरफ खड़ा होता तो मैंने उसको झुकने नहीं दिया लेकिन यह एक ही शर्त यह थी कि वह सही होना चाहिए सही का पर्स हमेशा किया है मैंने तो मैं जिस तरह खड़ा हो जाता हूं उसके सामने वाले हैं ना यह सोच लेते हैं कि यह बंदा खड़ा हो गया है और अब ना अपन पीछे अपने को पीछे हटना पड़ेगा यह इमानदार आदमी है झुकेगा नहीं टूटेगा नहीं बिकेगा नहीं इसलिए लोग ना या तो आकर के घुटने टेक देते हैं या पीछे हट जाते हैं ऐसी बात है बहुत संघर्ष किया बहुत संघर्ष किया जनता जो है ना वह बहुत संघर्ष किया लाइफ में पूरा चेंज एकदम पूरी लाइफ बदल के रख देना क्या तारे से बन गए क्या है

bahut hi aisi ghatnaye hain jisse humne duniya ko badla hai jisse hum bhi badle badal gaye bahut sa Changer jaaye life ke andar bahut sangharsh kiya hai aisi koi baat nahi hai dharna pradarshan bhi kiya hai logo ko motivate kiya hai logo ko sangharsh bhi karvaya hai pura kaam hai ek taraf ho jata hai jise kamjor paksh ki taraf khada hota toh maine usko jhukane nahi diya lekin yah ek hi sart yah thi ki vaah sahi hona chahiye sahi ka purse hamesha kiya hai maine toh main jis tarah khada ho jata hoon uske saamne waale hain na yah soch lete hain ki yah banda khada ho gaya hai aur ab na apan peeche apne ko peeche hatna padega yah imaandaar aadmi hai jhukega nahi tootega nahi bikega nahi isliye log na ya toh aakar ke ghutne take dete hain ya peeche hut jaate hain aisi baat hai bahut sangharsh kiya bahut sangharsh kiya janta jo hai na vaah bahut sangharsh kiya life me pura change ekdam puri life badal ke rakh dena kya taare se ban gaye kya hai

बहुत ही ऐसी घटनाएं हैं जिससे हमने दुनिया को बदला है जिससे हम भी बदले बदल गए बहुत सा चेंजर

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Naresh Kumar Sharma

COUNSELOR ( EDUCATION, EMPLOYMENT, MARRIAGE, FAMILY DISPUTE @ MEDIA)

5:17
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप सभी सुनने वालों को नरेश कुमार शर्मा दिल्ली नरेश का नमस्कार बिल्कुल मैं अपने छात्र जीवन में समाज में बदलाव ला पाया वह बदलाव जहां तक रहा आज हम छात्रों शिक्षकों और स्कूलों के कल्याण अर्थ वेलफेयर के लिए एक संस्था चला रहे हैं जिसका नाम है ऑल इंडिया स्टूडेंट्स वेलफेयर काउंसिल अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद इस परिषद के 4 वार्ड हैं बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड बेस्ट टीचर अवार्ड बेस्ट एजुकेशन अवॉर्ड एंड लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड जो स्टूडेंट्स अच्छे नंबर लेकर पास होते हैं जिनकी आउटस्टैंडिंग परफारमेंस होती है हम उन लोगों को सिलेक्ट कर उनका चयन करके उनको बेस्ट स्टूडेंट्स अवार्ड के लिए सम्मानित करते हैं जिसमें एक प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र इत्यादि दिया जाता है दूसरा जो हमारे देश के शिक्षक हैं उनके अच्छे रिजल्ट के लिए उनकी आउट सेलिंग परफॉर्मेंस के लिए उनका चयन किया जाता है उनको बेस्ट पिक्चर अवार्ड से सम्मानित किया जाता है जिसमें भी एक प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर उनको सम्मानित किया जाता है तीसरा बेस्ट एजुकेशन अवॉर्ड जो संस्थान अच्छा परिणाम रिजल्ट से लेकर आते हैं जिस स्थान में अच्छी टीचर है विश्राम संस्थान के स्टूडेंट्स कभी अच्छा चल लेकर आते हैं उनको हम बेस्ट इंस्टिट्यूशन उत्कृष्ट संस्थान के सम्मान के लिए चयन करते हैं और सम्मानित करते हैं और जिन शिक्षाविदों ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के क्षेत्र में खेलकूद के क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में लगा दिया ऐसे महानुभाव को हम लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चुनते हैं यह हमारी समाज में उपलब्धि रही इसके माध्यम से हम काफी बदलाव ला पाए और सुनने वाले आप में से जो भी स्टूडेंट्स टीचर्स स्कूल ऑल इंडिया स्टूडेंट्स वेलफेयर काउंसिल की गतिविधियों से जुड़ना चाहते हैं अपने चित्रों में इसका काम करना चाहते हैं लोगों को इसका फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो आप हमें हमारे व्हाट्सएप नंबर ईमेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं यह सभी के भले के लिए आज हमारे युवा पड़ेंगे तो ही देश आगे बढ़ेगा हमारे छात्र ही हमारे देश का भविष्य है और हमारे अच्छे टीचर ही हमारे भविष्य के निर्माता है मैं यहां देख रहा हूं काफी योगा टीचर हमारे प्लेटफार्म पर जुड़े हुए हैं और भी जो लोग जुड़ कर इसकी कार्रवाई को आगे बढ़ाना चाहते हैं आप सभी का स्वागत है कौन सा आप सभी का सम्मान करती है धन्यवाद

aap sabhi sunne walon ko naresh kumar sharma delhi naresh ka namaskar bilkul main apne chatra jeevan me samaj me badlav la paya vaah badlav jaha tak raha aaj hum chhatro shikshakon aur schoolon ke kalyan arth welfare ke liye ek sanstha chala rahe hain jiska naam hai all india students welfare council akhil bharatiya chatra kalyan parishad is parishad ke 4 ward hain best student award best teacher award best education award and life time achievement award jo students acche number lekar paas hote hain jinki outstanding parafaramens hoti hai hum un logo ko select kar unka chayan karke unko best students award ke liye sammanit karte hain jisme ek prateek chinh aur pramaan patra ityadi diya jata hai doosra jo hamare desh ke shikshak hain unke acche result ke liye unki out selling performance ke liye unka chayan kiya jata hai unko best picture award se sammanit kiya jata hai jisme bhi ek prateek chinh aur pramaan patra dekar unko sammanit kiya jata hai teesra best education award jo sansthan accha parinam result se lekar aate hain jis sthan me achi teacher hai vishram sansthan ke students kabhi accha chal lekar aate hain unko hum best instityushan utkrasht sansthan ke sammaan ke liye chayan karte hain aur sammanit karte hain aur jin shikshaavidon ne apna pura jeevan shiksha ke kshetra me khelkud ke kshetra me sanskritik gatividhiyon ke kshetra me laga diya aise mahanubhav ko hum life time achievement award ke liye chunte hain yah hamari samaj me upalabdhi rahi iske madhyam se hum kaafi badlav la paye aur sunne waale aap me se jo bhi students teachers school all india students welfare council ki gatividhiyon se judna chahte hain apne chitron me iska kaam karna chahte hain logo ko iska fayda pahunchana chahte hain toh aap hamein hamare whatsapp number email id par sampark kar sakte hain yah sabhi ke bhale ke liye aaj hamare yuva padenge toh hi desh aage badhega hamare chatra hi hamare desh ka bhavishya hai aur hamare acche teacher hi hamare bhavishya ke nirmaata hai main yahan dekh raha hoon kaafi yoga teacher hamare platform par jude hue hain aur bhi jo log jud kar iski karyawahi ko aage badhana chahte hain aap sabhi ka swaagat hai kaun sa aap sabhi ka sammaan karti hai dhanyavad

आप सभी सुनने वालों को नरेश कुमार शर्मा दिल्ली नरेश का नमस्कार बिल्कुल मैं अपने छात्र जीवन

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Rihana Panwar

Journalist

0:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जब मैं मास कम्युनिकेशन करती थी तब मैंने बहुत से आर्टिकल लिखें हैं एक्टिविज्म के थ्रू ही और उसमें काफी बदलाव लाए थे और भी छात्र थे जो तो वह भी पढ़ते थे और भी कॉलेज के सभी छात्र पढ़ते थे बड़े लोग पढ़ते थे दैनिक प्रभात में तो उसे कुछ बदलाव आए थे

haan jab main mass communication karti thi tab maine bahut se article likhen hain ektivijm ke through hi aur usme kaafi badlav laye the aur bhi chatra the jo toh vaah bhi padhte the aur bhi college ke sabhi chatra padhte the bade log padhte the dainik prabhat me toh use kuch badlav aaye the

हां जब मैं मास कम्युनिकेशन करती थी तब मैंने बहुत से आर्टिकल लिखें हैं एक्टिविज्म के थ्रू ह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं भाई छात्र एक्टिविटी एक्टिविटी मैं तो मैं कभी रहा ही नहीं क्योंकि स्टूडेंट लाइफ मैंने 12वीं तक देखिए उसके बाद ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन यह सारी चीजें मैंने पत्रकारिता करते हुए कर ले तो स्टूडेंट लाइफ तो के बारे में ज्यादा तो जानकारी नहीं है लेकिन दूर से जितना जानता हूं मैं यह जरूर जानता हूं कि आज के समय में जो स्टूडेंट लाइफ है जिस एक्टिवेशन की आप बात कर रहे हैं वह तुझे सुन नहीं रहा नहीं रहा अब सब कुछ टोटल ओवराल ओन्ली पॉलिटिक्स सिर्फ और सिर्फ राजनीति वास्तविक एक्टिवेशन तो पहले के समय में हुआ करते थे जो कुछ बदलाव लाते थे आज के सोना के एक्टिवेशन बदलाव नहीं सिर्फ विभेद लाता है सामाजिक विभेद

nahi bhai chatra activity activity main toh main kabhi raha hi nahi kyonki student life maine vi tak dekhiye uske baad graduation post graduation yah saari cheezen maine patrakarita karte hue kar le toh student life toh ke bare me zyada toh jaankari nahi hai lekin dur se jitna jaanta hoon main yah zaroor jaanta hoon ki aaj ke samay me jo student life hai jis activation ki aap baat kar rahe hain vaah tujhe sun nahi raha nahi raha ab sab kuch total ovaral only politics sirf aur sirf raajneeti vastavik activation toh pehle ke samay me hua karte the jo kuch badlav laate the aaj ke sona ke activation badlav nahi sirf vibhed lata hai samajik vibhed

नहीं भाई छात्र एक्टिविटी एक्टिविटी मैं तो मैं कभी रहा ही नहीं क्योंकि स्टूडेंट लाइफ मैंने

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Abhishek Yadav

Journalist

0:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बिल्कुल मैंने तीन चार खबर लिखकर दिन का असर हुआ था जैसे हमारे इधर मेरठ में बेगम पुल है उसके बराबर मंदिर है वह साईं बाबा को उसके पास एक शराब का ठेका था उसको हटवाया तो उसके पास से मेरी खबर का असर था और शहर के चौराहे पर जो फाउंटेंस लगे होते हैं यह खराब पड़े थे यह सही हुए थे मेरी खबर के बाद एक इलाके में डेयरी थे जिससे पूरा वह क्षेत्र दूषित रहता था वह दिल्ली हट गई थी स्ट्रीट लाइट के ऊपर कहानियां लिखी थी 12 पोलिटिकल पार्टीज के ऊपर लिखी थी एक बार सपा के कोई बड़े लीडर आए थे शहर में वह जो व्यवस्था खराब थी उसको पर लिखी थी तब मुझको बुलाया था वह सपा समाजवादी पार्टी के जो कार्यालय वहां से उन्होंने क्या आपने ऐसा क्यों करा बहुत सारी कहानियां और मजा आता लिखने में

haan bilkul maine teen char khabar likhkar din ka asar hua tha jaise hamare idhar meerut mein begum pool hai uske barabar mandir hai vaah sai baba ko uske paas ek sharab ka theka tha usko hatvaya toh uske paas se meri khabar ka asar tha aur shehar ke chauraahe par jo fauntens lage hote hain yah kharab pade the yah sahi hue the meri khabar ke baad ek ilaake mein dairy the jisse pura vaah kshetra dushit rehta tha vaah delhi hut gayi thi street light ke upar kahaniya likhi thi 12 political parties ke upar likhi thi ek baar sapa ke koi bade leader aaye the shehar mein vaah jo vyavastha kharab thi usko par likhi thi tab mujhko bulaya tha vaah sapa samajwadi party ke jo karyalay wahan se unhone kya aapne aisa kyon kara bahut saree kahaniya aur maza aata likhne mein

हां बिल्कुल मैंने तीन चार खबर लिखकर दिन का असर हुआ था जैसे हमारे इधर मेरठ में बेगम पुल है

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बिल्कुल अपने छात्र जीवन में रहते हुए मैं काफी एक्टिव रहा 4 महीने अपने जीवन को काफी बदलाव से राजनीतिक छात्र जीवन से राजनीतिक जीवन में आया पत्रकारिता के क्षेत्र में आया और मैंने अपने अंदर बहुत सारे चेंज पाए और मैंने बहुत सारे अवार्ड जीते और बहुत सारा अच्छे नाम और छात्र जीवन तो हमारी प्रारंभिक सीढ़ी होती है और उसके द्वारा हम अपने जीवन को परिवर्तित कर सकते हैं अपने आप में लीडरशिप बाबू उत्पन्न कर सकते हैं और छात्र जीवन से ही हमेशा एक के सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्र में जाने की प्रेरणा मिलती है वही हमें पढ़ाई करने की प्रेरणा मिलती है और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ क्षेत्रों में आगे भी बढ़ सकते हैं छात्र जीवन में एक्टिव लेकर काम करना अत्यंत आवश्यक है तभी हमारी प्रतिभा का निखार हो सकता है

bilkul apne chatra jeevan mein rehte hue main kaafi active raha 4 mahine apne jeevan ko kaafi badlav se raajnitik chatra jeevan se raajnitik jeevan mein aaya patrakarita ke kshetra mein aaya aur maine apne andar bahut saare change paye aur maine bahut saare award jeete aur bahut saara acche naam aur chatra jeevan toh hamari prarambhik sidhi hoti hai aur uske dwara hum apne jeevan ko parivartit kar sakte hain apne aap mein leadership babu utpann kar sakte hain aur chatra jeevan se hi hamesha ek ke sanskritik aur raajnitik kshetra mein jaane ki prerna milti hai wahi hamein padhai karne ki prerna milti hai aur ucch shiksha prapt karne ke saath saath kshetro mein aage bhi badh sakte hain chatra jeevan mein active lekar kaam karna atyant aavashyak hai tabhi hamari pratibha ka nikhaar ho sakta hai

बिल्कुल अपने छात्र जीवन में रहते हुए मैं काफी एक्टिव रहा 4 महीने अपने जीवन को काफी बदलाव स

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Asad Ashraf

One of India's leading journalists on minority issues

0:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बहुत इंसुरेंस मैसेज या मिस करते थे जबकि परसों की बात कैसे लिखते थे और लिखना भी इंपोर्टेंट चीज है जिसके कारण था कि उस वक्त

haan bahut insurens massage ya miss karte the jabki parso ki baat kaise likhte the aur likhna bhi important cheez hai jiske karan tha ki us waqt

हां बहुत इंसुरेंस मैसेज या मिस करते थे जबकि परसों की बात कैसे लिखते थे और लिखना भी इंपोर्ट

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

10:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने छात्र एप्टिजूम के द्वारा क्या आप कोई बदलाव ला पाए के देखिए जो छात्र एक्टिविज्म हुआ करता है वह जिस उद्देश्य के लिए व्यक्ति गया है और वह उस देश को पहले पूरा करना चाहिए यदि बत्ती शिक्षा अध्ययन के लिए गया है तो उसका यह दायित्व जाया करता है युवा सारा ध्यान अपने शिक्षा के क्षेत्र में लगाई और अध्ययन करें और यदि वह है वह देखें कि मुझे जिस क्लास में मेरा एडमिशन हुआ है कि आज इस क्लास में मैं पढ़ रहा हूं वह उसमें तल्लीनता उसको रखनी चाहिए और तो नवीनता के साथ में शिक्षा को ग्रहण करना चाहिए अपनी जो शक्ति है आपकी जो ऊर्जा है उसका उपयोग उस क्षेत्र में लगाना चाहिए जो आप का मूल उद्देश्य है यदि आप इससे अलग हटकर के अन्य चीजों में चकना सलंग्न हो जाया करते हैं या आपका कोई शौक है उसको को पूरा करने लगते हैं या कोई आपकी ऑडियोलॉजी है विचारधारा है उसमें समय पूजा करती हैं या कई अन्य किसी एक्टिविटीज में आप सम्मिलित होते हैं इसका मतलब यह है कि जिस उद्देश्य के लिए आप आए हैं वह ऊर्जा जो आपने जिससे शिक्षा के क्षेत्र में आपको लगानी थी आपने अपनी उर्जा को बांटना प्रारंभ कर दिया है इसलिए जो देश है आपका वह है उद्देश्य में आपने अपने में कमी कर दी है और पराया यही हो रहा है विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए क्या कोई डिग्री हासिल करने के लिए जाया करता है और वहां पर इस प्रकार से ग्रुप बना करते हैं बना हुआ करते हैं छात्र एक्टिविज्म के और उसमें अपनी भूमिकाओं देना प्रारंभ कर दिया करता है जबकि जो उसका मूल उद्देश्य है अपनी शिक्षा का अध्ययन करना और छात्र एक्टिविज्म के चक्कर में पड़कर के वह कई प्रकार की जो समस्याएं होती हैं उसमें अपनी सक्रिय भूमिका ओं का निर्माण करना प्रारंभ कर दिया करता है वह सोचता है कि छात्र एक्टिविज्म करके मैं कोई एक नेता बन जाऊंगा और मेरी पहचान एक विशिष्ट लोगों में लगेगी इस कारण भी लोग छात्र एक्टिवेशन किया करते हैं और इसके अन्य भी कारण हैं कोई किसी ऑडियोलॉजी से प्रभावित हो जाया करता है चाहे वह साम्यवादी व्यवस्था हो या कोई और ऐसा ही हो रहा है जितने जितने भी जितने भी जितने चाहत प्राप्त विश्वविद्यालय हैं उसमें ऑडियोलॉजी प्रवेश कर गई है और यह विचारधारा छात्रों को जिस उद्देश्य के लिए वह गए हैं वह पूरा नहीं करने दे रही है और छात्र जो है वह भटक गई इसका परिणाम यह होता है या विचारधाराओं में आपस में भी टकराव होने लगते हैं तब छात्र आपस में भी टकराव पैदा कर दिया करते हैं जिससे कि उन्हें तो आपस में उन्हें तो जिस उद्देश्य के लिए गए थे वह उद्देश्य की पूर्ति भी नहीं हुआ करती है और जब टकराव की स्थिति होती है तब देश से प्रभावित हुआ करता है अब वह किसकी बात को सुनें ऑफिस की ही बात को नहीं मानी यह भी स्थितियां होती हैं या कोई छोटी मोटी समस्या को लेकर के छात्र एक्टिविजन का सहारा लिया करते हैं और वह अपनी बात को प्रेशर ग्रुप के माध्यम से बनवाना चाहती चाहे कोई की वहां की जो मैनेजमेंट है उस पर भी अपना दबाव बनाया करते हैं और सरकार पर भी दबाव बनाया करते हैं और अपनी ताकत का भी प्रदर्शन किया करते हैं कहने का आशय यह है जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आप गए हैं आप उस उद्देश्य की पूर्ति करें या वह है डिग्री या प्राप्त करें जब आप पर पक्का हो जाएं तब आप छात्र एक्टिविज्म का जो है उसका प्रतिनिधित्व करें इसके पूर्व जो आपका उद्देश्य है उस उद्देश्य की आपूर्ति किया करें वह आपके लिए ज्यादा बेहतर होगा लेकिन प्रायः देखा जा रहा है ऐसा ना कर के व्यक्ति को राजनीति में क्या कमियां है और कौन सी विचारधारा सर्वश्रेष्ठ है या निजी स्वार्थों के कारण से छात्र एक्टिविज्म का सहारा लेकर के वह धरना प्रदर्शन आंदोलन आदि करने लगता है और उस में सक्रिय भूमिका निर्वाहन करना प्रारंभ कर दिया कर उससे कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और व्यक्ति जो आए अपने उद्देश्य भटक जाया करता है कहने का आशय यह है जिस उद्देश्य के लिए आपको भेजा गया है या जिस उद्देश्य के लिए आप अपनी पलकों से क्या करके आए हैं और जिस उद्देश्य के लिए आप थाना पवई कर रहे हैं सर्वप्रथम आप उससे की पूर्ति करें और जो छात्र एक्टिविज्म के चक्कर में नहीं पड़े वह आपके लिए ज्यादा बेहतर रहेगा लेकिन पराया यदि व्यक्ति चाहे भी इसमें सम्मिलित भी बिना होना चाहे तो उसके जो मित्र आदि लोग हैं जो पूर्व से इस कार्य को संपन्न कर व्हाय उनको इस प्रकार से अपने में सम्मिलित कर लिया करते हैं और जो व्यस्त रहें वह भटक जाया करता है फिर वह यह नहीं सोचा करता है कि हम क्या वह कह रहे हैं या यह जो बात हम कह रहे हैं वह किसी नेक को ले करके हमारा अनुरोध है कि हम देश विरोधी विवाह तय करने लगते हैं क्योंकि कोई अगर समस्या है उसमें या तुम हमारा पाक समर्थित रहता है अथवा उसमें विरोध सम्मिलित हो जाया करता है और इससे छात्र एक्टिविज्म के कारण से आई यह देखा गया है कि राष्ट्रीय जब यह किसी आंदोलन हाथ को संघ किया करते हैं धरना प्रदर्शन करती है और जब इनकी बात को नहीं माना जाता है या नहीं स्वीकार किया जाता है तो यह जो प्रदर्शन है यह जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा रूप में परिवर्तित हो जाया करता है और यह कई जनहानि भी पहुंचाया करता है राष्ट्र की चमक संपत्ति को भी क्षति पहुंचा करती है यह सब विचार नहीं प्रश्न है और यह विचार करने की योग्य बातें हैं क्योंकि जब व्यक्ति की ओर जा है जिस क्षेत्र में उसकी लगनी चाहिए शिक्षा अध्ययन में वह नाला करके ऑन एक्टिविटी जो में लग जाया करती है और छात्र टूरिज्म का सहारा लेकर के व्यक्ति नाना प्रकार के धरना प्रदर्शन आज किया करते हैं और अपने उद्देश्य भटक जाया करते हैं धन

apne chatra eptijum ke dwara kya aap koi badlav la paye ke dekhiye jo chatra ektivijm hua karta hai vaah jis uddeshya ke liye vyakti gaya hai aur vaah us desh ko pehle pura karna chahiye yadi batti shiksha adhyayan ke liye gaya hai toh uska yah dayitva jaya karta hai yuva saara dhyan apne shiksha ke kshetra mein lagayi aur adhyayan kare aur yadi vaah hai vaah dekhen ki mujhe jis kashi mein mera admission hua hai ki aaj is kashi mein main padh raha hoon vaah usme tallinata usko rakhni chahiye aur toh navinata ke saath mein shiksha ko grahan karna chahiye apni jo shakti hai aapki jo urja hai uska upyog us kshetra mein lagana chahiye jo aap ka mul uddeshya hai yadi aap isse alag hatakar ke anya chijon mein chakana salangn ho jaya karte hain ya aapka koi shauk hai usko ko pura karne lagte hain ya koi aapki adiyolaji hai vichardhara hai usme samay puja karti hain ya kai anya kisi activities mein aap sammilit hote hain iska matlab yah hai ki jis uddeshya ke liye aap aaye hain vaah urja jo 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अपने छात्र एप्टिजूम के द्वारा क्या आप कोई बदलाव ला पाए के देखिए जो छात्र एक्टिविज्म हुआ कर

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पवनदेव

टीवी पत्रकार

0:37
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हां बिल्कुल मैं बदलाव लाया था और मैंने सरकारी विश्वविद्यालय है मैंने पढ़ाई की वहां पर कुछ गुरु उनके दिमाग में टीचर्स के यह था कि जाति विशेष के बच्चों को ही चीजें चुनाव कराएंगे जिसका मैंने विरोध किया और फिर मेरे साथ जुड़े और उस बिरादरी के भी लोग थे जिनको ग्रुप प्रमोट कर रहा था उन लोगों ने भी कहा कि इस तरह का भेदभाव ठीक नहीं और मैंने बैंड बजाने की कोशिश की थी उस नालायक गुरु के

haan bilkul main badlav laya tha aur maine sarkari vishwavidyalaya hai maine padhai ki wahan par kuch guru unke dimag mein teachers ke yah tha ki jati vishesh ke baccho ko hi cheezen chunav karaenge jiska maine virodh kiya aur phir mere saath jude aur us biradari ke bhi log the jinako group promote kar raha tha un logo ne bhi kaha ki is tarah ka bhedbhav theek nahi aur maine band bajane ki koshish ki thi us nalayak guru ke

हां बिल्कुल मैं बदलाव लाया था और मैंने सरकारी विश्वविद्यालय है मैंने पढ़ाई की वहां पर कुछ

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मैंने अंत्योदय योजना के बारे में अपने विचार व्यक्त करके बदलाव लाने का प्रयास किया था हालांकि अच्छा हुआ कि अंत्योदय योजना का एक अच्छा स्वरूप बाद में सामने आया लेकिन मैंने उसे अपने आलेखों को जरिए उठाया था और बहुत सारे विरोध किशोर उठी थी जिससे अंत्योदय योजना एक अच्छे रूप में बाद में सामने आई थी धन्यवाद

maine antyoday yojana ke bare me apne vichar vyakt karke badlav lane ka prayas kiya tha halaki accha hua ki antyoday yojana ka ek accha swaroop baad me saamne aaya lekin maine use apne alekhon ko jariye uthaya tha aur bahut saare virodh kishore uthi thi jisse antyoday yojana ek acche roop me baad me saamne I thi dhanyavad

मैंने अंत्योदय योजना के बारे में अपने विचार व्यक्त करके बदलाव लाने का प्रयास किया था हालां

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Shravan Sharma

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां बात है 2014 कि जब मैं बीजेएमसी कर रहा था प्रयागराज से उस दौरान एक प्रोफ़ेसर ने जो कि हमारे डिपार्टमेंट का प्रोफ़ेसर था वह हमारी महिला मित्र के साथ उसने बदलता कि जिस की जानकारी हमें मिले हम दोस्तों ने अपना एक ग्रुप बनाया 4 लोगों का जिसमें मैं सौरव और विक्की और वैभव जीत चालू का एक ग्रुप था जिसने इसके खिलाफ मुहिम छेड़ दी उन करने के बाद उस प्रोफेसर को किसी भी हाल में अरिष्ट करवाने व उसके इस कुकर्म की सजा दिलवाने के लिए हम लोगों ने बहुत मशक्कत की जिसके लिए हमने उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाई है यार दर्ज करवाने के बाद ऐसा दबाव हम लोगों के ऊपर पड़ा कि अगर हमेशा यार वापस नहीं लेते हैं तो यूनिवर्सिटी प्रशासन हमारे खिलाफ कार्रवाई कर सकता है हमेशा सीमेंट कर सकता है हमारी डिग्री जब तक आ सकता है इस तरह की तमाम धमकियां हमें मिली और तमाम दबाव बनाए गए यहां तक कि जहां f.i.r. हम लोगों ने कराई थी जिस थाने में उस थाने से हमारे ऊपर क्रश क्रॉस एफ आई आर हो गए कि हम उस प्रोफेसर को ब्लैकमेल कर रहे हैं जिसके बाद से यह सिलसिला कई दिनों तक करीब 15 दिनों तक जारी रहा लेकिन फिर भी हम लोग अपने फैसले से अपने इस कदम से पीछे बिल्कुल नहीं हटे और हम अंततः कोशिश रही कि हम उस प्रोफेसर को उसी यूनिवर्सिटी से अपनी यूनिवर्सिटी से हम लोगों ने सस्पेंड करवा दिया और उसको स्वेटर का दबदबा इतना था कि जिस वजह से हम लोगों का ही यूनिवर्सिटी के अंदर प्रवेश बंद कर दिया क्या तमाम तरह की हम लोगों के ऊपर पाबंदियां लगा दी गई लेकिन जब जांच बैठाई जांच में यह पाया गया कि वीसी के बेहद करीब था जो हमारे यूनिवर्सिटी का बी सी था उसके बेहद करीब वह प्रोफेसर था जिस वजह से उसके ऊपर वीर यूनिवर्सिटी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा था क्योंकि बात एक महिला मित्र की थी एक महिला की थी इस वजह से और बाहर से आई थी प्रवासी स्टूडेंट थी जिसके जिसके कारण वह भी बेहद अकेली पड़ चुकी थी वह कहती थी हम लोगों से कि आप लोग बस करिए छोड़िए जाने दीजिए उसे लेकिन नहीं हम लोगों ने ऐसा नहीं किया क्योंकि हमें पता था कि आज हम यहां हैं कलम कहीं और होंगे लेकिन यह प्रोफेसर इसी यूनिवर्सिटी में रहकर आने वाले भविष्य में जो स्टूडेंट्स है जो महिला लड़कियां हैं उन्हें परेशान करेगा को सकता है भविष्य में भी उनके साथ हुए ऐसे ही अभद्रता करें नौबत एसबीआई कि वह प्रोफेसर घुटनों के बल टेक करके हम से माफी मांगा माफी मांगने पर उसने कहा कि अपना केस वापस ले लो हमारे पर कोई कार्रवाई ना होने दो इसके बदले आप जो कहो आप यह काम आपको हम जो हैं जितने भी बैच में बच्चे बच्चे हैं सबसे पहली पोजीशन पर टॉप पर पास करेंगे इस तरह की तमाम हम लोगों को सहानुभूति दी गई तमाम तरीके के लालच दिए गए लेकिन हम लोग अपने कदम से पीछे नहीं हटे हम लोगों के 4 लोगों की टीम थी करीब 1 महीने के लंबे संघर्ष के बाद जब जांच पूरी हुई जांच पूरी होने के बाद हम लोगों ने बहुत सारे साक्ष्य कट्ठा कि उन साक्षी के बदौलत 49 शिक्षक की बदौलत हम उस प्रोफेसर को उसे यूनिवर्सिटी से हमेशा हमेशा के लिए सस्पेंड करवाने में रखते हुए जिसके बाद से यूनिवर्सिटी में एक अच्छा माहौल बना हमारे जो मारा डिपार्टमेंट था उसमें एक बहुत ही अच्छा माहौल बनाते जो पुराने प्रो प्रोसेसर थे टीचर से वह हमें ही दृष्टि से देखते थे हमें गुस्से भरी नजर से देखते थे हमसे नफरत करते थे लेकिन कहीं ना कहीं सैकड़ों स्टूडेंट्स का हमें प्यार मिला उससे करो जो हमारी महिला मित्र थी उनका प्यार मिला उनका सहयोग मिला और आज स्थिति ऐसी है कि उस महिला मित्र से आज मेरी मित्रता आज हमारे ग्रुप की मित्रता और वह आज इस काम के लिए प्रोत्साहन के लिए आज भी एहसानमंद है और यह जरूरी नहीं कि वह कोई महिला हो या पुरुष हो तभी हम किसी के लिए कुछ करें जहां अन्याय हूं यहां किसी के साथ कुछ गलत हो रहा हो वह हमें खड़ा होना चाहिए अधिक होकर खड़ा होना चाहिए चाहे उसके लिए हमें कुछ भी करना पड़ जाए अपनी कितनी कीमती से कीमती चीज को दांव पर लगाना पड़ जाए एक चीज़ समझ लीजिए कि सत्य हमेशा आखिरी दौर में आखिरी समय में सोनिक 10 उम्मीद रहती है जब लगता है कि हां अब सब कुछ खत्म हो गया है वहीं से सच की जीत की शुरुआत होती है मुझे गर्व है कि छात्र जीवन में मैंने एक ऐसा काम किया जिसको लेकर मैं सर अपना गर्व से ऊंचा कर कर आज भी उस यूनिवर्सिटी में चल सकता हूं आज भी जो मेरे जूनियर शैंपू आइडियल मानते हम लोगों को और हम लोगों के नक्शे कदम पर चलना चाहते हैं किसी तरह की कोई समस्या उन्हें होती है आज भी उनका फोन आता है वह हमेशा हमसे सुझाव मांगते हैं वह कल ऐप के जरिए हम अपने सभी दर्शकों को पाठकों को श्रोताओं को यही कहेंगे कि जहां पर भी अन्याय हो रहा हो अन्याय करने वाला कोई भी हो चाहे हमारा खुद का अपना कोई साथ ही परिवार जन ही जहां जहां अन्याय हो रहा हो वह हमें सजगता से निडरता से साथ खड़े रहना चाहिए और उस अन्याय के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए कहीं ना कहीं सत्य की विजय होती ही है भले थोड़ा समय लगता है

ji haan baat hai 2014 ki jab main BJMC kar raha tha prayagraj se us dauran ek professor ne jo ki hamare department ka professor tha vaah hamari mahila mitra ke saath usne badalta ki jis ki jaankari hamein mile hum doston ne apna ek group banaya 4 logo ka jisme main saurav aur vicky aur vaibhav jeet chaalu ka ek group tha jisne iske khilaf muhim ched di un karne ke baad us professor ko kisi bhi haal mein arisht karwane va uske is kukarm ki saza dilwane ke liye hum logo ne bahut mashakkat ki jiske liye humne uske khilaf f I R darj karwai hai yaar darj karwane ke baad aisa dabaav hum logo ke upar pada ki agar hamesha yaar wapas nahi lete hai toh university prashasan hamare khilaf karyawahi kar sakta hai hamesha cement kar sakta hai hamari degree jab tak aa sakta hai is tarah ki tamaam dhamkiyan hamein mili aur tamaam dabaav banaye gaye yahan tak ki jaha f i r hum logo ne karai thi jis thane mein us thane se hamare upar crush cross f I R ho gaye ki hum us professor ko blackmail kar rahe hai jiske baad se yah silsila kai dino tak kareeb 15 dino tak jaari raha lekin phir bhi hum log apne faisle se apne is kadam se peeche bilkul nahi hate aur hum antatah koshish rahi ki hum us professor ko usi university se apni university se hum logo ne Suspend karva diya aur usko swetar ka dabdaba itna tha ki jis wajah se hum logo ka hi university ke andar pravesh band kar diya kya tamaam tarah ki hum logo ke upar pabandiyan laga di gayi lekin jab jaanch baithaai jaanch mein yah paya gaya ki VC ke behad kareeb tha jo hamare university ka be si tha uske behad kareeb vaah professor tha jis wajah se uske upar veer university prashasan koi karyawahi nahi kar paa raha tha kyonki baat ek mahila mitra ki thi ek mahila ki thi is wajah se aur bahar se I thi pravasi student thi jiske jiske karan vaah bhi behad akeli pad chuki thi vaah kehti thi hum logo se ki aap log bus kariye chodiye jaane dijiye use lekin nahi hum logo ne aisa nahi kiya kyonki hamein pata tha ki aaj hum yahan hai kalam kahin aur honge lekin yah professor isi university mein rahkar aane waale bhavishya mein jo students hai jo mahila ladkiyan hai unhe pareshan karega ko sakta hai bhavishya mein bhi unke saath hue aise hi abhadtrata kare naubat sbi ki vaah professor ghutno ke bal take karke hum se maafi maanga maafi mangne par usne kaha ki apna case wapas le lo hamare par koi karyawahi na hone do iske badle aap jo kaho aap yah kaam aapko hum jo hai jitne bhi batch mein bacche bacche hai sabse pehli position par top par paas karenge is tarah ki tamaam hum logo ko sahanubhuti di gayi tamaam tarike ke lalach diye gaye lekin hum log apne kadam se peeche nahi hate hum logo ke 4 logo ki team thi kareeb 1 mahine ke lambe sangharsh ke baad jab jaanch puri hui jaanch puri hone ke baad hum logo ne bahut saare sakshya kattha ki un sakshi ke badaulat 49 shikshak ki badaulat hum us professor ko use university se hamesha hamesha ke liye Suspend karwane mein rakhte hue jiske baad se university mein ek accha maahaul bana hamare jo mara department tha usme ek bahut hi accha maahaul banate jo purane pro processor the teacher se vaah hamein hi drishti se dekhte the hamein gusse bhari nazar se dekhte the humse nafrat karte the lekin kahin na kahin saikadon students ka hamein pyar mila usse karo jo hamari mahila mitra thi unka pyar mila unka sahyog mila aur aaj sthiti aisi hai ki us mahila mitra se aaj meri mitrata aaj hamare group ki mitrata aur vaah aaj is kaam ke liye protsahan ke liye aaj bhi ehasanamand hai aur yah zaroori nahi ki vaah koi mahila ho ya purush ho tabhi hum kisi ke liye kuch kare jaha anyay hoon yahan kisi ke saath kuch galat ho raha ho vaah hamein khada hona chahiye adhik hokar khada hona chahiye chahen uske liye hamein kuch bhi karna pad jaaye apni kitni kimti se kimti cheez ko dav par lagana pad jaaye ek cheez samajh lijiye ki satya hamesha aakhiri daur mein aakhiri samay mein sonic 10 ummid rehti hai jab lagta hai ki haan ab sab kuch khatam ho gaya hai wahi se sach ki jeet ki shuruat hoti hai mujhe garv hai ki chatra jeevan mein maine ek aisa kaam kiya jisko lekar main sir apna garv se uncha kar kar aaj bhi us university mein chal sakta hoon aaj bhi jo mere junior shampoo ideal maante hum logo ko aur hum logo ke nakshe kadam par chalna chahte hai kisi tarah ki koi samasya unhe hoti hai aaj bhi unka phone aata hai vaah hamesha humse sujhaav mangate hai vaah kal app ke jariye hum apne sabhi darshakon ko pathakon ko shrotaon ko yahi kahenge ki jaha par bhi anyay ho raha ho anyay karne vala koi bhi ho chahen hamara khud ka apna koi saath hi parivar jan hi jaha jahan anyay ho raha ho vaah hamein sajgata se nidarata se saath khade rehna chahiye aur us anyay ke khilaf karyawahi karni chahiye kahin na kahin satya ki vijay hoti hi hai bhale thoda samay lagta hai

जी हां बात है 2014 कि जब मैं बीजेएमसी कर रहा था प्रयागराज से उस दौरान एक प्रोफ़ेसर ने जो क

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जी हां तंबाकू मुक्ति के लिए टॉपिक कदम उठाया और कुछ लोगों को तंबाकू से मुक्ति दिलाई

ji haan tambaku mukti ke liye topic kadam uthaya aur kuch logo ko tambaku se mukti dilai

जी हां तंबाकू मुक्ति के लिए टॉपिक कदम उठाया और कुछ लोगों को तंबाकू से मुक्ति दिलाई

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Arpita kumari

Journalist

0:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल अपने साथ एक्टिविज्म के द्वारा हमने कई बदलाव लाएं कॉलेज के दौरान जब छात्र एक साथ पढ़ने बैठते थे उसके बाद छात्र कैंटीन में या तेरे कॉलेज के कैंपस में इकट्ठा होते थे तो हम तमाम मुद्दों पर चर्चा करते थे उन तमाम मिस करते थे जो सामाजिक तौर पर बेहतरीन साबित होती थी जैसे कि ब्लड डोनेशन कैंप लोगों में किसी बीमारी या फिर आपदा को लेकर जागरूकता अभियान चलाना इसके जरिए हमें लोगों के मन में एक तरह से दिशा तय है कि किस तरह से अपना सामाजिक योगदान के छठ के तौर पर समाज की बेहतरी के लिए दे सकते हैं

bilkul apne saath ektivijm ke dwara humne kai badlav laye college ke dauran jab chatra ek saath padhne baithate the uske baad chatra canteen me ya tere college ke campus me ikattha hote the toh hum tamaam muddon par charcha karte the un tamaam miss karte the jo samajik taur par behtareen saabit hoti thi jaise ki blood donation camp logo me kisi bimari ya phir aapda ko lekar jagrukta abhiyan chalana iske jariye hamein logo ke man me ek tarah se disha tay hai ki kis tarah se apna samajik yogdan ke chhath ke taur par samaj ki behatari ke liye de sakte hain

बिल्कुल अपने साथ एक्टिविज्म के द्वारा हमने कई बदलाव लाएं कॉलेज के दौरान जब छात्र एक साथ पढ

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tahir iqbal

Author And Scholar

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि अपने छात्र एक्टिवेशन के द्वारा क्या आप कोई बदलाव ला पाए थे देखिए जब मैं छात्रा था था था तो उस सबसे पहले जो मेरे नजदीक सबसे बड़ी चीज थी जो मैं अच्छी करना चाहता तुझे मैं करना चाह रहा था मुझे यह चाह रहा था कि इस जर्नलिज्म को बिल्कुल मैं सफाई उतराई के साथ करूं दलाली और गोदी मीडिया सिस्को अलग कर लो जैसा कि आज के दौर में हिंदुस्तान के अंदर ना जनरलिज्म हो चुका है अब तो सिर्फ दलाली बची है पैसा की मार बची है जैसा पैसा वैसी न्यूज़ यहां तो जो बहुत ही बड़ा क्रिमिनल होता है उसको भी यहां भगवान बनाकर मीडिया के अंदर दिखा दिया था पैसा पैसा अगर खिलाकर जब मीडिया वालों को तो मैं यही चाहता तो सब लोगों से कि कि हम मतलब उसके अंदर बैठकर केबिन के अंदर बैठ के सिर्फ एंकरिंग ना करें बल्कि इस रोड पर रास्ते गली में उतरकर जाकर हम न्यूज़ वहां से निकाले और ओरिजिनल न्यूज़ लाने की कोशिश करें और इस तरीके से हम न्यूज़ चलाएं कि हमारे ऊपर के यार का सिलबस ना चले जो न्यूज़ हम निकाल करना है तो उसे हम छाप कर रहे हैं हम किसी के दबाव में ना आए ना हम किसी के बंदूक से डरे ना किसी की गोली से डरे ना हम किसी की बोली से डरे नाम किसी के पैसे पर दिखे तो यह बदलाव लाना चाह रहा था मुझे पता नहीं कि मैं कामयाब हो पाया कि नहीं हो पाया लेकिन हमें अपनी जिंदगी में जरूर कामयाब हो अपने जनरलिज्म में मैं इसी चीज को सबसे पहले रखता हूं कि जो हकीकत बात होगी जो सच होगी जो तुरंत होगी उसी के सामने रखूंगा झूठ का साथ कभी नहीं देना थैंक यू

aapka sawaal hai ki apne chatra activation ke dwara kya aap koi badlav la paye the dekhiye jab main chatra tha tha tha toh us sabse pehle jo mere nazdeek sabse badi cheez thi jo main achi karna chahta tujhe main karna chah raha tha mujhe yah chah raha tha ki is journalism ko bilkul main safaai utrai ke saath karu dalali aur godi media Cisco alag kar lo jaisa ki aaj ke daur me Hindustan ke andar na janaralijm ho chuka hai ab toh sirf dalali bachi hai paisa ki maar bachi hai jaisa paisa vaisi news yahan toh jo bahut hi bada criminal hota hai usko bhi yahan bhagwan banakar media ke andar dikha diya tha paisa paisa agar khilakar jab media walon ko toh main yahi chahta toh sab logo se ki ki hum matlab uske andar baithkar cabin ke andar baith ke sirf anchoring na kare balki is road par raste gali me utarakar jaakar hum news wahan se nikale aur original news lane ki koshish kare aur is tarike se hum news chalaye ki hamare upar ke yaar ka silabas na chale jo news hum nikaal karna hai toh use hum chhaap kar rahe hain hum kisi ke dabaav me na aaye na hum kisi ke bandook se dare na kisi ki goli se dare na hum kisi ki boli se dare naam kisi ke paise par dikhe toh yah badlav lana chah raha tha mujhe pata nahi ki main kamyab ho paya ki nahi ho paya lekin hamein apni zindagi me zaroor kamyab ho apne janaralijm me main isi cheez ko sabse pehle rakhta hoon ki jo haqiqat baat hogi jo sach hogi jo turant hogi usi ke saamne rakhunga jhuth ka saath kabhi nahi dena thank you

आपका सवाल है कि अपने छात्र एक्टिवेशन के द्वारा क्या आप कोई बदलाव ला पाए थे देखिए जब मैं छा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1731 होती है कोई भी एक्टिविटी सो स्कूल में टाइम में बहुत बदलाव आ जाता है जो अच्छे स्टूडेंट होता है जो गरीब स्टूडेंट होता है बहुत अच्छा मतलब चलाता है सोसाइटी में जो साइंस डिपार्टमेंट होता है तो अलग-अलग एजुकेशन रिसर्च करते हैं इंपोर्टेंस होता है पूरा एनवायरनमेंट के लिए और हाईस्कूल के लिए मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं डिपार्टमेंट में हो तो देश बहुत आगे निकल जाएंगे

1731 hoti hai koi bhi activity so school mein time mein bahut badlav aa jata hai jo acche student hota hai jo garib student hota hai bahut accha matlab chalata hai society mein jo science department hota hai toh alag alag education research karte hain importance hota hai pura environment ke liye aur highschool ke liye mujhe lagta hai ki kahin na kahin department mein ho toh desh bahut aage nikal jaenge

1731 होती है कोई भी एक्टिविटी सो स्कूल में टाइम में बहुत बदलाव आ जाता है जो अच्छे स्टूडेंट

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