वर्तमान में हमारे दादा पर्दादा की कहानियां कितने रिलेवेंट हैं?...


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Sefali

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए वर्तमान में भी हमारे दादा-परदादा की कहानियों का उतना ही इंपैक्ट है क्योंकि और जो सीख और जो ज्ञान हमें उनकी कहानियों से मिलता है और जितना हम खुद अपने को उनकी कहानियों से लेट कर सकते हैं शायद ही किसी बुक की या फिर कोई और जो पर्सनालिटी है उतना जो है आप को मोटिवेट या फिर आपको गाइडेंस दे पाए हम अगर यह अलग हो गया है कि जो उस जमाने में उन्होंने किया था सीखा था और उसी की थी और उसको जो गाइडेंस लेकर उसको लर्निंग लेसन को इस समय में अप्लाई करना थोड़ा सा मुश्किल है क्योंकि उस समय में हर चीज का महत्व एक अलग था कंपटीशन इतना नहीं था इतनी जो है भगदड़ नहीं थी की ऐसी जॉब चाहिए इतना कमाना है यह करना है तू कभी पीस लाइव T20 स्कोर लाइव थी अभी जिस तरह का समय है अच्छी जॉब भी चाहिए बंगला भी चाहिए गाड़ी भी छोटा बंगला से बहुत बड़ा बंगला चाहिए विदेश भी जाना है वह प्रमोशन भी चाहिए तो काफी कुछ तो है कंपटीशन है और फिर जा के वर्क प्लेस में ऐसा होता है क्या ऐसी कौन सी कल काफी सारे भाइयों को फॉलो करने पड़ते हैं और उसके हिसाब से कभी ऐसा भी होता है क्या आपको कोई तो है दिल करता है यह सिनेरियो है आज क्या वह काफी बदल गया है तो उसके हिसाब से जो और जो सीखा में दादा परदादा हो की कहानियों से मिली है अप्लाई करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है पर कहने की चीज है जो ज्ञान है वह हमेशा रहता रहा हम अपनी गाय भैंस के लिए फॉलो करते हैं वरना जो सिचुएशन से अभी जो है कलयुग है सिचुएशन तो काफी ज्यादा बदल चुकी है

dekhiye vartaman mein bhi hamare dada pardada ki kahaniya ka utana hi impact hai kyonki aur jo seekh aur jo gyaan hamein unki kahaniya se milta hai aur jitna hum khud apne ko unki kahaniya se late kar sakte hai shayad hi kisi book ki ya phir koi aur jo personality hai utana jo hai aap ko motivate ya phir aapko guidance de paye hum agar yah alag ho gaya hai ki jo us jamane mein unhone kiya tha seekha tha aur usi ki thi aur usko jo guidance lekar usko learning Lesson ko is samay mein apply karna thoda sa mushkil hai kyonki us samay mein har cheez ka mahatva ek alag tha competition itna nahi tha itni jo hai bhagadad nahi thi ki aisi job chahiye itna kamana hai yah karna hai tu kabhi peace live T20 score live thi abhi jis tarah ka samay hai achi job bhi chahiye bangla bhi chahiye gaadi bhi chota bangla se bahut bada bangla chahiye videsh bhi jana hai vaah promotion bhi chahiye toh kaafi kuch toh hai competition hai aur phir ja ke work place mein aisa hota hai kya aisi kaun si kal kaafi saare bhaiyo ko follow karne padte hai aur uske hisab se kabhi aisa bhi hota hai kya aapko koi toh hai dil karta hai yah sineriyo hai aaj kya vaah kaafi badal gaya hai toh uske hisab se jo aur jo seekha mein dada pardada ho ki kahaniya se mili hai apply karna thoda mushkil ho jata hai par kehne ki cheez hai jo gyaan hai vaah hamesha rehta raha hum apni gaay bhains ke liye follow karte hai varna jo situation se abhi jo hai kalyug hai situation toh kaafi zyada badal chuki hai

देखिए वर्तमान में भी हमारे दादा-परदादा की कहानियों का उतना ही इंपैक्ट है क्योंकि और जो सीख

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जो शिक्षा जो मोरल वैल्यू जो ज्ञान हमें हमारे दादा-परदादा जी ने दिया है वह प्रेजेंट में कहीं ना कहीं एलिमेंट हर जगह है क्योंकि देखिए होता क्या है कि चाहे आप जितना मर्जी कहीं की दुकान बदल रहा है जनरेशन गैप है यह सब जितनी भविष्य से लॉजिक लगाया था लेकिन अर्जेंट होता क्या है कि कुछ चीज़ों को करने का तरीका बदला है कुछ विश करने हैं कुछ मतलब टेक्नोलॉजीज नहीं आई है यह तू भी ऐसा दुनिया में हुआ है तबीयत चेंज आया है यह सारे चेंजेस देखे आए तो बिल्कुल है पर लेकिन 8 दिन होता क्या है जो कुछ चीजें हैं जो एक ही मारी थी जो लोगों में होनी चाहिए और इंसान को इंसान के अंदर क्या-क्या वॉल्यूम हुई थी यह देखिए यह सारी चीजें नहीं बदली है कहीं ना कहीं उन्होंने हमारी बातें कहीं है कहीं ना कहीं उनकी शिक्षा है वह वर्तमान में देखने अगर इनके अपने नजरिए पर डिपेंड करता है अगर मैं बोलूं कि मैं बस एक सजेशन है और एक तस्वीर मुझे दिखा दो साइज होती है एक कहीं ना कहीं कोई क्वेश्चन होगा जिसको हरी का प्यारा लगे तो वैसे चल रहा है कोई एक इंसान होगा जो बिल्कुल यकीन होगा कि नहीं यह चीज से बिल्कुल लगती नहीं है और सेकंड में भी दूसरा इंसान के लोकगीत सारी की सारी चीजें टैलेंट है मेरी मां नी है तुझे दादा परदादा जी ने तो हमें किसी से बताई है ज्ञान बांटना है वह हर एक सच में कहीं ना कहीं हमें काम आता है क्योंकि मेरी लाइफ में देखे थे सबके है प्रॉब्लम सब ठीक है तो उन प्रॉब्लम को फेस करने के लिए फॉर्म को खत्म करने के लिए जो कहानियां बताई गई है जो उन कहानियों में मोरल वैल्यू मिली है जो प्यार मिला है तो शिक्षा मिली है वह बिल्कुल एलिमेंट है

dekhiye jo shiksha jo moral value jo gyaan hamein hamare dada pardada ji ne diya hai vaah present mein kahin na kahin element har jagah hai kyonki dekhiye hota kya hai ki chahen aap jitna marji kahin ki dukaan badal raha hai generation gap hai yah sab jitni bhavishya se logic lagaya tha lekin urgent hota kya hai ki kuch cheezon ko karne ka tarika badla hai kuch wish karne hain kuch matlab technologies nahi I hai yah tu bhi aisa duniya mein hua hai tabiyat change aaya hai yah saare changes dekhe aaye toh bilkul hai par lekin 8 din hota kya hai jo kuch cheezen hain jo ek hi mari thi jo logo mein honi chahiye aur insaan ko insaan ke andar kya kya volume hui thi yah dekhiye yah saree cheezen nahi badli hai kahin na kahin unhone hamari batein kahin hai kahin na kahin unki shiksha hai vaah vartaman mein dekhne agar inke apne nazariye par depend karta hai agar main bolu ki main bus ek suggestion hai aur ek tasveer mujhe dikha do size hoti hai ek kahin na kahin koi question hoga jisko hari ka pyara lage toh waise chal raha hai koi ek insaan hoga jo bilkul yakin hoga ki nahi yah cheez se bilkul lagti nahi hai aur second mein bhi doosra insaan ke lokgeet saree ki saree cheezen talent hai meri maa ni hai tujhe dada pardada ji ne toh hamein kisi se batai hai gyaan bantana hai vaah har ek sach mein kahin na kahin hamein kaam aata hai kyonki meri life mein dekhe the sabke hai problem sab theek hai toh un problem ko face karne ke liye form ko khatam karne ke liye jo kahaniya batai gayi hai jo un kahaniya mein moral value mili hai jo pyar mila hai toh shiksha mili hai vaah bilkul element hai

देखिए जो शिक्षा जो मोरल वैल्यू जो ज्ञान हमें हमारे दादा-परदादा जी ने दिया है वह प्रेजेंट म

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिंदी की कहानी उसे मुझे मतलब नहीं समझ आया फिर भी मुझे लगता है कि आप ठीक की बात कर रहा है तो मुझे लगता है कि जो हमारे दादा-परदादा ने उस समय से खाया वह आज भी एप्लीकेबल है क्योंकि जो चीजें उन्होंने उस समय से कहा कि मुझे लगता है आज बिल्कुल एलिमेंट है वह उस समय हमें जरूर चेंज हुआ है लेकिन उस समय उन्होंने सिखाया कि अच्छा बनूं दूसरों का सम्मान कीजिए और इस मनी है तो वह सारी चीजें आदमी तो अप्लाई होती हैं अगर आप ईमानदार हैं उन्हें स्टैंड लोगों का सम्मान करते हैं तो जवाब लोगों का सम्मान करते हैं दुनिया में आपका सम्मान होता है तो मुझे लगता है जो भी हमारे दादा-परदादा ने हमें जो भी संस्कार दिए जो भी सिखाया वह आज भी अधिक एप्लीकेबल है और हमेशा रहेगा उसमें तो कुछ चेंज हो ही नहीं सकता है

hindi ki kahani use mujhe matlab nahi samajh aaya phir bhi mujhe lagta hai ki aap theek ki baat kar raha hai toh mujhe lagta hai ki jo hamare dada pardada ne us samay se khaya vaah aaj bhi applicable hai kyonki jo cheezen unhone us samay se kaha ki mujhe lagta hai aaj bilkul element hai vaah us samay hamein zaroor change hua hai lekin us samay unhone sikhaya ki accha banun dusro ka sammaan kijiye aur is money hai toh vaah saree cheezen aadmi toh apply hoti hain agar aap imaandaar hain unhe stand logo ka sammaan karte hain toh jawab logo ka sammaan karte hain duniya mein aapka sammaan hota hai toh mujhe lagta hai jo bhi hamare dada pardada ne hamein jo bhi sanskar diye jo bhi sikhaya vaah aaj bhi adhik applicable hai aur hamesha rahega usme toh kuch change ho hi nahi sakta hai

हिंदी की कहानी उसे मुझे मतलब नहीं समझ आया फिर भी मुझे लगता है कि आप ठीक की बात कर रहा है त

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पतेती देखिए वैसे तो जो हमारे पूर्वजों हमसे बड़े लोग जो कह कर गए हैं या जो भी उनकी कहानियां होती हैं उनके मायने उनकी जो डॉट है जो उनका SMS है वह आज भी रिलेवेंट उतना ही है जितना पहले होता था लेकिन वक्त बदल रहा है जो उन्होंने हमें सीख सिखाई कि हमें गैस बनना चाहिए उनकी कहानियों में है या ईमानदार होना चाहिए अच्छा दिल रखना चाहिए जिससे आज भी लागू होती है लेकिन जो उनके टाइम का खिलाड़ी होते और जो हमारे टाइम का आज का चुनाव हुए उसमें बहुत फर्क है कि पहले लोग अच्छे होते थे जैनुल लिए अच्छे होते थे दूसरे की मदद करने के लिए तैयार रहते थे इतना कंपटीशन इतना स्ट्रेस और यह सारे जो टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा नहीं थी ऐसा कुछ नहीं था शांति प्रदान की थी नहीं चढ़ के आस पास रहकर बड़ा जैसा नहीं है तो उन कहानियों में तो उस शांति की बात की जाएगी असाइनमेंट था बट आज तो हमें एक पल का चयन भी नहीं है तो वह कहानियां अपने लेवल 3 खूंटी जा रही है क्योंकि हम डिलीट नहीं कर पा रहे हो इन चीजों से जो चीजें पहले थी वह अब नहीं है उस तरह से जैसे वह पहले थी पहले स्टॉक इंपॉर्टेंट बहुत ज्यादा थी हां आज Facebook इंपॉर्टेंट है लेकिन आज बहुत बार ऐसा होता कि हम करियर के लिए रिश्तो को छोड़ देते हैं पहले प्यार किसी एक से हो गया तो बस वह उससे प्यार हो ही जाता था आज हर हफ्ते हर महीने कई लोग गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड बदल देते हैं रिश्ते शादियां टूट जाती है पहले से नहीं होता तो मैं यह नहीं कहती कि यह चीज जो आज भी एक दम गलत है क्योंकि टाइम चेंज हो रहा है माहौल बदल है तो जीते भी बदलेंगे बरसो कहानियां पहले थी वह उस हिसाब से थी और आज वह चीज दे कहीं पर भी रिलेटिव नहीं है तो उतनी रेजीमेंट आज के समय में वह कहानियां नहीं है

pateti dekhiye waise toh jo hamare purvajon humse bade log jo keh kar gaye hain ya jo bhi unki kahaniya hoti hain unke maayne unki jo dot hai jo unka SMS hai vaah aaj bhi relevant utana hi hai jitna pehle hota tha lekin waqt badal raha hai jo unhone hamein seekh sikhai ki hamein gas banna chahiye unki kahaniya mein hai ya imaandaar hona chahiye accha dil rakhna chahiye jisse aaj bhi laagu hoti hai lekin jo unke time ka khiladi hote aur jo hamare time ka aaj ka chunav hue usme bahut fark hai ki pehle log acche hote the jainul liye acche hote the dusre ki madad karne ke liye taiyar rehte the itna competition itna stress aur yah saare jo technology itni zyada nahi thi aisa kuch nahi tha shanti pradan ki thi nahi chad ke aas paas rahkar bada jaisa nahi hai toh un kahaniya mein toh us shanti ki baat ki jayegi assignment tha but aaj toh hamein ek pal ka chayan bhi nahi hai toh vaah kahaniya apne level 3 khunti ja rahi hai kyonki hum delete nahi kar paa rahe ho in chijon se jo cheezen pehle thi vaah ab nahi hai us tarah se jaise vaah pehle thi pehle stock important bahut zyada thi haan aaj Facebook important hai lekin aaj bahut baar aisa hota ki hum career ke liye rishto ko chod dete hain pehle pyar kisi ek se ho gaya toh bus vaah usse pyar ho hi jata tha aaj har hafte har mahine kai log girlfriend boyfriend badal dete hain rishte shadiyan toot jaati hai pehle se nahi hota toh main yah nahi kehti ki yah cheez jo aaj bhi ek dum galat hai kyonki time change ho raha hai maahaul badal hai toh jeete bhi badalenge barso kahaniya pehle thi vaah us hisab se thi aur aaj vaah cheez de kahin par bhi relative nahi hai toh utani regiment aaj ke samay mein vaah kahaniya nahi hai

पतेती देखिए वैसे तो जो हमारे पूर्वजों हमसे बड़े लोग जो कह कर गए हैं या जो भी उनकी कहानियां

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:13
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भारत के वर्तमान समय में जो है हमारे दादा परदादा की कहानियां जो है उतनी डिलीवर नहीं रहेगी डिपेंड करता है कि किस चीज से हम कंप्लीट करें अगर जो उन्होंने लाइफ में मेहनत किए तो मेहनत हो उस जमाने में भी करनी पड़ती है जितनी आज करनी पड़ती है तो मेहनत का तो कोई चेंज नहीं हुआ है और ना ही उसका कोई शॉर्टकट यहां कैसा मौसम है और आज का टाइम सेट करने के लिए भी अपने फैमिली वालों से बात करने के लिए हमको नहीं तो बहुत दिनों के बाद अगर बात करना हो तो घर पर जाकर हमको मिलने पर आजकल जो है वह हर किसी आदमी के पॉकेट में जो है वह मोबाइल आगे जब चाहे वह किसी को भी कॉल करके बात कर सकते हैं बिना किसी भी कोने में पोस्ट पर जो है हमको पोस्टमार्टम भेजना पड़ता था किसी को भी चिट्ठी भेजना है तो डिलीट करना चाहते हैं

bharat ke vartaman samay mein jo hai hamare dada pardada ki kahaniya jo hai utani deliver nahi rahegi depend karta hai ki kis cheez se hum complete kare agar jo unhone life mein mehnat kiye toh mehnat ho us jamane mein bhi karni padti hai jitni aaj karni padti hai toh mehnat ka toh koi change nahi hua hai aur na hi uska koi shortcut yahan kaisa mausam hai aur aaj ka time set karne ke liye bhi apne family walon se baat karne ke liye hamko nahi toh bahut dino ke baad agar baat karna ho toh ghar par jaakar hamko milne par aajkal jo hai vaah har kisi aadmi ke pocket mein jo hai vaah mobile aage jab chahen vaah kisi ko bhi call karke baat kar sakte hain bina kisi bhi kone mein post par jo hai hamko postmortem bhejna padta tha kisi ko bhi chitthi bhejna hai toh delete karna chahte hain

भारत के वर्तमान समय में जो है हमारे दादा परदादा की कहानियां जो है उतनी डिलीवर नहीं रहेगी ड

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब क्या करूं वर्तमान समय कि हमारे पूर्वजों किया गरम कहानी देखिए तो यह कहानी कितनी रैली में है यह बहुत ही रिलेवेंट क्योंकि जब आप छोटे होते हैं या फिर जब आप जो है बड़े होने का आपका जयपुर से चलता है उस समय जो है पर अभी सब कहानियां सुनते जो कि आप के दादा परदादा कहानी सुनाते हैं तो यह हमें जो है एक अच्छा इंसान बनने में बहुत मदद करती है क्योंकि गरम जितनी भी कहानियां सुनने मूवी कार्य कहानियों में जो है अच्छाई की जीत होती है वह कहानियां हमेशा जो है अच्छी चीजों के बारे में बताती है कि कैसे लोगों की मदद करना अच्छा होता है या फिर आप कैसे लोगों के बारे में या फिर हम कह सकते हैं लोगों को मदद करना लोगों के बारे में अच्छा सोचना लोगों को बुरे समय में मदद करना उन लोगों को ईर्ष्या ना दिखाना इकौना रखना यह सारी चीजें आपको छोटी उम्र सिंह कहानियों के रूप को पता चलती है और सही नहीं है जो कहानी होती जिंदगी बस एक आप को एक अच्छा एग्जांपल दे देती है या फिर हम कह सकते फोटो दे देती कि हां आपकी सारी चीजें करोगे करो ज्यादा होने से रहोगे अब ज्यादा सच बोलते रहोगे अब मैं झूठ नहीं बोलोगे आप जितना हो सके उतना आप लोगों की मदद करोगे तो वरना तो खाना कब पर वर्तमान में जो है हमारे दादा परदादा की कहानियां बहुत रिलेवेंट है आज भी अगर हम देखकर हमें कोई भी इंसान में कोई भी छोटे बच्चों को अगर यह बताना होगा कि सही चीजें क्या होती गलत चीजें क्या होती है तो हम हमारे दादा परदादा की कहानियों से जो हमें बता सकते हैं कि आज के समय में कौन सी चीज अच्छी होती कौन सी चीजें पूरी होती है आपने लाइफ टाइम तक अगर हम यह बताएं कि अच्छी चीजें को अपनी जिंदगी में कैसे रखना चाहिए तो हमारे दादा परदादा की कहानियों से हम बता सकते हैं तो इस तो वर्तमान में हमारे दादा परदादा की कहानियां जो बहुत ही रिलेवेंट है

ab kya karu vartaman samay ki hamare purvajon kiya garam kahani dekhiye toh yah kahani kitni rally mein hai yah bahut hi relevant kyonki jab aap chote hote hai ya phir jab aap jo hai bade hone ka aapka jaipur se chalta hai us samay jo hai par abhi sab kahaniya sunte jo ki aap ke dada pardada kahani sunaate hai toh yah hamein jo hai ek accha insaan banne mein bahut madad karti hai kyonki garam jitni bhi kahaniya sunne movie karya kahaniya mein jo hai acchai ki jeet hoti hai vaah kahaniya hamesha jo hai achi chijon ke bare mein batati hai ki kaise logo ki madad karna accha hota hai ya phir aap kaise logo ke bare mein ya phir hum keh sakte hai logo ko madad karna logo ke bare mein accha sochna logo ko bure samay mein madad karna un logo ko irshya na dikhana ikauna rakhna yah saree cheezen aapko choti umr Singh kahaniya ke roop ko pata chalti hai aur sahi nahi hai jo kahani hoti zindagi bus ek aap ko ek accha example de deti hai ya phir hum keh sakte photo de deti ki haan aapki saree cheezen karoge karo zyada hone se rahoge ab zyada sach bolte rahoge ab main jhuth nahi bologe aap jitna ho sake utana aap logo ki madad karoge toh varna toh khana kab par vartaman mein jo hai hamare dada pardada ki kahaniya bahut relevant hai aaj bhi agar hum dekhkar hamein koi bhi insaan mein koi bhi chote baccho ko agar yah bataana hoga ki sahi cheezen kya hoti galat cheezen kya hoti hai toh hum hamare dada pardada ki kahaniya se jo hamein bata sakte hai ki aaj ke samay mein kaun si cheez achi hoti kaun si cheezen puri hoti hai aapne life time tak agar hum yah bataye ki achi cheezen ko apni zindagi mein kaise rakhna chahiye toh hamare dada pardada ki kahaniya se hum bata sakte hai toh is toh vartaman mein hamare dada pardada ki kahaniya jo bahut hi relevant hai

अब क्या करूं वर्तमान समय कि हमारे पूर्वजों किया गरम कहानी देखिए तो यह कहानी कितनी रैली में

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Ekta

Researcher and Writer

1:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां आज के जमाने में वह चाय हमारे दादा हो या फिर उनके भी पापा याद आता हूं उनकी जो कहानियां हैं हमारे जीवन में एक बहुत महत्वपूर्ण रोल प्ले करती हैं वह इंसान जो की बहुत एक्सपीरियंस है जिन्होंने अपनी लाइफ में बहुत कुछ देखा है जो जीवन के बारे में बहुत सारी चीजें जानते हैं उनकी जो कहानियां और बातें हैं बहुत ही पॉजिटिव इंपैक्ट हमारी जिंदगी पर डालती हैं नेगेटिव बहुत कम डालते हैं क्योंकि तब हम चीजों को समझ पाते हैं और बड़ी हमें ऐसी चीज़ें बताते हैं जिनका हम अपने जीवन में अच्छी तरीके से यूज कर सके नहीं एक बुरी तरीके से जो हमें बुरा बनाए जो हमें गलत बनाए तो उनकी जो कहानियां हैं इनके जो अनुभव है उनकी जो बातें हैं वह बहुत हद तक बहुत रेलवे में बहुत हद तक सही है और हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम उनकी कुछ कुछ दुख हो जो वाकई हम समझ पाते हैं और हमें सही लगती हैं कि ऐसा करना चाहिए हमें जरूर अपने निजी जीवन में और सामाजिक जीवन में उसे उपयोग में लाना चाहिए जिससे कि हम अपने जीवन को तो अच्छा बनाई से के साथ-साथ दूसरे की जीवन को भी किसी दूसरे को हम इंस्पायर्ड कर सकते हैं उस काम को करने के लिए तो पीरियड्स इंसान वह कोई भी हो उसकी कहानियां और बाती हमारे जीवन में बहुत बड़ा रोड पर करती हूं और बहुत ही रेल मिनट होती हैं हमारी लाइफ के लिए

ji haan aaj ke jamane mein vaah chai hamare dada ho ya phir unke bhi papa yaad aata hoon unki jo kahaniya hai hamare jeevan mein ek bahut mahatvapurna roll play karti hai vaah insaan jo ki bahut experience hai jinhone apni life mein bahut kuch dekha hai jo jeevan ke bare mein bahut saree cheezen jante hai unki jo kahaniya aur batein hai bahut hi positive impact hamari zindagi par daalti hai Negative bahut kam daalte hai kyonki tab hum chijon ko samajh paate hai aur baadi hamein aisi chize batatey hai jinka hum apne jeevan mein achi tarike se use kar sake nahi ek buri tarike se jo hamein bura banaye jo hamein galat banaye toh unki jo kahaniya hai inke jo anubhav hai unki jo batein hai vaah bahut had tak bahut railway mein bahut had tak sahi hai aur hamein koshish karni chahiye ki hum unki kuch kuch dukh ho jo vaakai hum samajh paate hai aur hamein sahi lagti hai ki aisa karna chahiye hamein zaroor apne niji jeevan mein aur samajik jeevan mein use upyog mein lana chahiye jisse ki hum apne jeevan ko toh accha banai se ke saath saath dusre ki jeevan ko bhi kisi dusre ko hum inspired kar sakte hai us kaam ko karne ke liye toh periods insaan vaah koi bhi ho uski kahaniya aur bati hamare jeevan mein bahut bada road par karti hoon aur bahut hi rail minute hoti hai hamari life ke liye

जी हां आज के जमाने में वह चाय हमारे दादा हो या फिर उनके भी पापा याद आता हूं उनकी जो कहानिय

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि हमारे दादा-परदादा से हम लोग बहुत कुछ सीखे हैं और जो कि अभी बहुत ही फायदा होता है हमारा भी जो उनकी कहानियां थे वह भी हम लोगों को बहुत ही सेवा शिक्षा मिला है और वह रिलेटिव हैं जैसे की हम लोगों को सिखाया गया था कि कभी किसी चीज में ज्वैलर्स मत होना किसी किसी पर भी गलत मत होना और उससे सीधा अगर कोई आपसे ग्रुप कर रहा है तो आप इनसे सीखिए लाइफ में ब्रोकर उसके उनकी तरह की ना कि उनको उजाले शो करें उनको उनके पीछे बेस्ट ऑफ करना है यह सब बहुत सारी चीजें से फिक्स है जो पहली उसे ठीक से सबको बड़ों को रिस्पेक्ट करना और यह जो छोटे-मोटे चीज हम लोग जो सीखे हैं अपने दादा परदादा से वह चीज में वह चीज हम लोग को भविष्य में बहुत रिलेटिव भेजो कि हम लोग का बिहेवियर मैटर करता है हम लोगों का जो कैसे लोगों से बात करना अभी वह जो प्रजेंट ली तो इससे पता चलता है कि आप आपका दुख संस्कार कैसे हुआ है आप कैसे पले-बढ़े हो आपके गांव फैमिली से और अरे भाई सबको गया किसी पर लोगों को हेल्प करना हम लोग किसी को हेल्प कर दर्द ऐसा नहीं है क्या हम भी उसे हेल्प एक्सपर्ट करें तो यह सब चीज है आर्ट ऑफ लिविंग तो कैसे लोगों को का सोसाइटी में कैसे रहना है बहुत सारे चीज है हम लोगों को दादा-परदादा ने सीखा है और उनको हम लोगों को उनको अभी हम राम जो जो चीज हम लोगों को सिखा गया है उससे हम लोग को बहुत फायदा होता है

ki hamare dada pardada se hum log bahut kuch sikhe hain aur jo ki abhi bahut hi fayda hota hai hamara bhi jo unki kahaniya the vaah bhi hum logo ko bahut hi seva shiksha mila hai aur vaah relative hain jaise ki hum logo ko sikhaya gaya tha ki kabhi kisi cheez mein jwailars mat hona kisi kisi par bhi galat mat hona aur usse seedha agar koi aapse group kar raha hai toh aap inse sikhiye life mein broker uske unki tarah ki na ki unko ujale show kare unko unke peeche best of karna hai yah sab bahut saree cheezen se fix hai jo pehli use theek se sabko badon ko respect karna aur yah jo chhote mote cheez hum log jo sikhe hain apne dada pardada se vaah cheez mein vaah cheez hum log ko bhavishya mein bahut relative bhejo ki hum log ka behaviour matter karta hai hum logo ka jo kaise logo se baat karna abhi vaah jo present li toh isse pata chalta hai ki aap aapka dukh sanskar kaise hua hai aap kaise PALAY badhe ho aapke gaon family se aur are bhai sabko gaya kisi par logo ko help karna hum log kisi ko help kar dard aisa nahi hai kya hum bhi use help expert kare toh yah sab cheez hai art of living toh kaise logo ko ka society mein kaise rehna hai bahut saare cheez hai hum logo ko dada pardada ne seekha hai aur unko hum logo ko unko abhi hum ram jo jo cheez hum logo ko sikha gaya hai usse hum log ko bahut fayda hota hai

कि हमारे दादा-परदादा से हम लोग बहुत कुछ सीखे हैं और जो कि अभी बहुत ही फायदा होता है हमारा

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Hhhgnbhh

0:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बचपन में जो भी हमारे दादा दादी जी हमें कहानियां सुनाती हूं बहुत रिलेवेंट होती थी उससे हमें कोई ना कोई एक छोटी सी गलती थी और हम देखते हैं कि वह कहानियां जो हमारे दादा जी से उन्होंने भी अपने बचपन में सुनी कहानियां चलती हुई आ रही है तो यह बच्चों को बहुत अच्छी सीख देती मुझे बच्चों का तो दिमाग होता है बच्चे से विकसित नहीं होता उन्हें सही और गलत की पहचान तो ऐसे ही कहानियां सुनकर मेरे लेट कर पाते हैं और उनके दिमाग में पता नहीं चलता कि क्या सही है और क्या गलत है उन्होंने यह भी पता चलता है कि सही है अगर वह करेंगे तूने उसका फल जरुर मिलेगा और वह गलत करेंगे तो उन्होंने उसका बैंड जरूर मिलेगा तो यह कहानियां बहुत फायदे की होती हैं प्लस प्लस बच्चों को एक रोटी की यह कहानी सुनने में जिससे उनका दिमाग भी थोड़ा विकसित होता है वह कहानी को समझना शुरू करते है उसके बारे में सोचना शुरु करते हैं तो कहीं ना कहीं उनका दिमाग भी इस्तेमाल होना शुरू होता है तो इसलिए मुझे दादा दादी जी की कहानियां थी वह बहुत रेलवे कॉल अच्छी होती है और हर बच्चे को मैं कहानियां सुनानी चाहिए

bachpan mein jo bhi hamare dada dadi ji hamein kahaniya sunati hoon bahut relevant hoti thi usse hamein koi na koi ek choti si galti thi aur hum dekhte hain ki vaah kahaniya jo hamare dada ji se unhone bhi apne bachpan mein suni kahaniya chalti hui aa rahi hai toh yah baccho ko bahut achi seekh deti mujhe baccho ka toh dimag hota hai bacche se viksit nahi hota unhe sahi aur galat ki pehchaan toh aise hi kahaniya sunkar mere late kar paate hain aur unke dimag mein pata nahi chalta ki kya sahi hai aur kya galat hai unhone yah bhi pata chalta hai ki sahi hai agar vaah karenge tune uska fal zaroor milega aur vaah galat karenge toh unhone uska band zaroor milega toh yah kahaniya bahut fayde ki hoti hain plus plus baccho ko ek roti ki yah kahani sunne mein jisse unka dimag bhi thoda viksit hota hai vaah kahani ko samajhna shuru karte hai uske bare mein sochna shuru karte hain toh kahin na kahin unka dimag bhi istemal hona shuru hota hai toh isliye mujhe dada dadi ji ki kahaniya thi vaah bahut railway call achi hoti hai aur har bacche ko main kahaniya sunani chahiye

बचपन में जो भी हमारे दादा दादी जी हमें कहानियां सुनाती हूं बहुत रिलेवेंट होती थी उससे हमें

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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वर्तमान समय में अगर हम देखें तो हमारे जो पूर्वज हमें अपने बचपन में कहानियां सुनाया करते थे उसका काफी महत्व है और उनका रेलेवंस अभी भी बना हुआ है क्योंकि जो बचपन की कहानियां होती थी उनमें कुछ ना कुछ ऐसी सीट होती थी जिसका अगर हम अपने जीवन में प्रयोग करें तो काफी अच्छा होगा जैसे कि उन कहानियों में बताया जाता था कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए या फिर अन्य दूसरी चीजें तो आज के वर्तमान समय में भी अगर हम इन बातों का अनुसरण करेंगे तो यह हमारे व्यवहार को काफी अच्छा बनाएगा तथा दूसरी लोग हम से काफी प्रभावित होंगे और खुश रहेंगे तो ऐसा नहीं है कि समय बीतने के बाद पुरानी कहानियों की सीख का रेलवे जो है वह कम हो जाता है लेकिन लोग आजकल ऐसे हो गए हैं जिनको बस पैसे के पीछे भागना आ गया है और वह ज्यादातर इन जो कहानियों में सीख दी जाती थी उन्हें भूल चुके हैं और आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें उन कहानियों का कुछ याद भी नहीं है कि उन कहानियों में हमें क्या शिक्षा मिली थी क्योंकि हमारे पूर्वज हमें हमेशा ही अच्छी बातें सिखाते थे और वह बताते थे कि हमें हर लोग या फिर हर एक व्यक्ति से मिल जुलकर रहना चाहिए प्यार मोहब्बत के साथ रहना चाहिए लेकिन वर्तमान समय में हम देखते हैं कि लोग धर्म के नाम पर या फिर जाति के नाम पर एक दूसरे से लड़ रहे हैं तो हम पुरानी बातों को याद करें तो यह जो समस्याएं हैं वह काफी हद तक कम हो सकती हैं तो मुझे लगता है कि हमें भी जो हमारे पूर्वजों ने कहानियां सुनाई हैं और उससे जो हमें शिक्षा मिलती है उसका अनुसरण आज के समय में भी जरूर करना चाहिए तभी जाकर हम एक अच्छे नागरिक बन पाएंगे

vartmaan samay mein agar hum dekhen toh hamare jo purvaj hamein apne bachpan mein kahaniya sunaya karte the uska kaafi mahatva hai aur unka relevans abhi bhi bana hua hai kyonki jo bachpan ki kahaniya hoti thi unmen kuch na kuch aisi seat hoti thi jiska agar hum apne jeevan mein prayog kare toh kaafi accha hoga jaise ki un kahaniya mein bataya jata tha ki hamein dusro ki madad karni chahiye kabhi bhi ghamand nahi karna chahiye ya phir anya dusri cheezen toh aaj ke vartaman samay mein bhi agar hum in baaton ka anusaran karenge toh yah hamare vyavhar ko kaafi accha banayega tatha dusri log hum se kaafi prabhavit honge aur khush rahenge toh aisa nahi hai ki samay beetane ke baad purani kahaniya ki seekh ka railway jo hai vaah kam ho jata hai lekin log aajkal aise ho gaye hain jinako bus paise ke peeche bhaagna aa gaya hai aur vaah jyadatar in jo kahaniya mein seekh di jaati thi unhe bhool chuke hain aur aaj ki bhagdaud bhari zindagi mein itne vyast ho gaye hain ki unhe un kahaniya ka kuch yaad bhi nahi hai ki un kahaniya mein hamein kya shiksha mili thi kyonki hamare purvaj hamein hamesha hi achi batein sikhaate the aur vaah batatey the ki hamein har log ya phir har ek vyakti se mil julakar rehna chahiye pyar mohabbat ke saath rehna chahiye lekin vartaman samay mein hum dekhte hain ki log dharm ke naam par ya phir jati ke naam par ek dusre se lad rahe hain toh hum purani baaton ko yaad kare toh yah jo samasyaen hain vaah kaafi had tak kam ho sakti hain toh mujhe lagta hai ki hamein bhi jo hamare purvajon ne kahaniya sunayi hain aur usse jo hamein shiksha milti hai uska anusaran aaj ke samay mein bhi zaroor karna chahiye tabhi jaakar hum ek acche nagarik ban payenge

वर्तमान समय में अगर हम देखें तो हमारे जो पूर्वज हमें अपने बचपन में कहानियां सुनाया करते थे

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Ambuj Singh

Media Professional

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वर्तमान समय में भी दादा परदादा की कहानियां रिलेवेंट हैं क्योंकि उस जमाने में भी जब वह कहानी हम लोग सुनते थे तो उसमें उनके द्वारा यही दर्शाया जाता था कि पहले के जमाने में सच्चाई रिस्पेक्ट ब्राइटनेस ऑनेस्टी भाईचारा यह सभी बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता था और आज भी इन चीजों का मूल है क्योंकि अच्छाई को अच्छाई होती है भले समाज पर बदल गया वक्त बदल गया हम थोड़े डेवलप हो गए हम थोड़े साइंटिफिक हो गए लेकिन फिर भी सच तो सच ही होता ना जिस तरह दिन और रात अपनी जगह सच्चाई है दिन दिन होता है रात रात होता है उसी तरह सच और झूठ का पैमाना तब भी था आज भी है क्योंकि अगर हम आज भी सच्चे ऑनेस्ट होते हैं तो हमें समाज में लोगों के बीच मान सम्मान मिलता है अगर हम भाईचारा रहते हैं तो सुख शांति होता है तो आज के जमाने में भी पहले की तरह भी रिलेवेंट है क्योंकि ऐसा नहीं है कि वक्त बदल गया तो अच्छाइयों पेपर बदल गया नहीं जिस तरह सच्चाई कभी नहीं छुपती नहीं छुपती उसी तरह हो वक्त कभी सच्चाई पर पर्दा नहीं डाल सकता मुझे इसीलिए दादा दादी की कहानियों में जो हम सुना करते थे जो मौलिक चीजें और नैतिकता की मूल्य हुआ करती थी वह आज भी उतनी ही रिलेवेंट है क्योंकि हमारे समाज को आगे बढ़ाने के लिए देश को आगे बढ़ाने के लिए उन्ही मूल्यों का समावेश होना जरूरी है तभी तो हमारा समाज हमारा देश एक नई ऊंचाई की ओर अग्रसर होगा और हम नौजवान इस चीज को अच्छे से कर सकते हैं इसीलिए मैं तो मानता हूं कि आज भी वह सारी बातें उतनी ही रिलेवेंट है

vartmaan samay mein bhi dada pardada ki kahaniya relevant hain kyonki us jamane mein bhi jab vaah kahani hum log sunte the toh usme unke dwara yahi darshaya jata tha ki pehle ke jamane mein sacchai respect brightness honesty bhaichara yah sabhi bahut zyada matra mein paya jata tha aur aaj bhi in chijon ka mul hai kyonki acchai ko acchai hoti hai bhale samaj par badal gaya waqt badal gaya hum thode develop ho gaye hum thode scientific ho gaye lekin phir bhi sach toh sach hi hota na jis tarah din aur raat apni jagah sacchai hai din din hota hai raat raat hota hai usi tarah sach aur jhuth ka paimaana tab bhi tha aaj bhi hai kyonki agar hum aaj bhi sacche honest hote hain toh hamein samaj mein logo ke beech maan sammaan milta hai agar hum bhaichara rehte hain toh sukh shanti hota hai toh aaj ke jamane mein bhi pehle ki tarah bhi relevant hai kyonki aisa nahi hai ki waqt badal gaya toh acchhaiyon paper badal gaya nahi jis tarah sacchai kabhi nahi chupti nahi chupti usi tarah ho waqt kabhi sacchai par parda nahi daal sakta mujhe isliye dada dadi ki kahaniya mein jo hum suna karte the jo maulik cheezen aur naitikta ki mulya hua karti thi vaah aaj bhi utani hi relevant hai kyonki hamare samaj ko aage badhane ke liye desh ko aage badhane ke liye unhi mulyon ka samavesh hona zaroori hai tabhi toh hamara samaj hamara desh ek nayi uchai ki aur agrasar hoga aur hum naujawan is cheez ko acche se kar sakte hain isliye main toh manata hoon ki aaj bhi vaah saree batein utani hi relevant hai

वर्तमान समय में भी दादा परदादा की कहानियां रिलेवेंट हैं क्योंकि उस जमाने में भी जब वह कहान

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यह बात तो हर किसी ने सुनी है कि अपनी फैमिली इसमें कि जब भी आप किसी ने यह मोबाइल या फिर कंप्यूटर की डिमांड करते हैं पढ़ाई के लिए ही सही तो आपसे कहा जाता है कि आपकी मां बाप द्वारा या फिर आपके दादा-दादी के द्वारा कहानियां सुनाई जाती है और एलोवेरा किसी चीज से लेट करके बताया जाता है कि हमारे बचपन में तो हमने ऐसे पढ़ाई कर ली थी हमें इतनी चीजों की जरूरत ही नहीं पड़ी थी और आज कल के बच्चे पढ़ाई में ना ध्यान लगाकर इन चीजों में ध्यान लगाना पसंद करते हैं और क्या जिसकी मदद से पढ़ाई करना पसंद करते हैं बल्कि बुक से सबसे अच्छी पढ़ाई होती है या फिर कई बार अगर कोई बच्चे और यह कहते हैं कि उनको पढ़ाई का टेंशन है एक्सप्रेस है या उनके ऊपर बहुत ज्यादा बढ़ दिन पड़ रहा है तब भी मां-बाप यही कह देते हैं या फिर अपने दादा दादी की कहानी सुनाते हैं कि उनके जमाने में तो उन्होंने इतनी आसानी से ही पढ़ाई कर ली थी और यह था वह था तो बुझी सी बात भूल जाते हैं क्या आज के वर्तमान के जमाने में और उस जमाने में बहुत ज्यादा फर्क था और उनके जमाने में कंपटीशन बहुत कम था उनके जमाने में टेक्नोलॉजी बहुत कम थी तो लोगों को बहुत आसानी से चीजें हो जाती थी उनसे लेकिन आज चीजों के साथ-साथ जमाने के साथ-साथ हर चीज़ बदलती है तो आज के जमाने में एक नई टेक्नोलॉजी आ गई है हर चीज नहीं तरह से देखने की देखने को लोग कह रहे हैं कर रहे हैं काम तो आज के जमाने में जो दादा दादी की कहानियां है यार दादा मां बाप की जो कहानियां होती हैं वह बहुत ही रेडिमेंट बिल्कुल नहीं होती हैं उनके जमाने में जो हुआ वह जरूरी नहीं है इस जमाने में भी उसी की बीसवीं सदी और 21वी सदी में काफी ज्यादा फर्क आ चुका है आज के जमाने में टेक्नोलॉजी ने हमारी लाइफ को बहुत अलग तरह से दिशा दे दी है सब्जी जान टेक्नोलॉजी के थ्रू ही करने लग गए हैं तो बिल्कुल भी एलिमेंट नहीं होती है दादा परदादा की कहानियां लेकर आप कुछ मोरल वैल्यू झगड़ लेना चाहे तो उनकी कहानियों से जरूर ले सकते हैं उस चीज के मामले में उनकी कहानियां बिल्कुल एलिमेंट होती है

haan yah baat toh har kisi ne suni hai ki apni family isme ki jab bhi aap kisi ne yah mobile ya phir computer ki demand karte hain padhai ke liye hi sahi toh aapse kaha jata hai ki aapki maa baap dwara ya phir aapke dada dadi ke dwara kahaniya sunayi jaati hai aur aloevera kisi cheez se late karke bataya jata hai ki hamare bachpan mein toh humne aise padhai kar li thi hamein itni chijon ki zarurat hi nahi padi thi aur aaj kal ke bacche padhai mein na dhyan lagakar in chijon mein dhyan lagana pasand karte hain aur kya jiski madad se padhai karna pasand karte hain balki book se sabse achi padhai hoti hai ya phir kai baar agar koi bacche aur yah kehte hain ki unko padhai ka tension hai express hai ya unke upar bahut zyada badh din pad raha hai tab bhi maa baap yahi keh dete hain ya phir apne dada dadi ki kahani sunaate hain ki unke jamane mein toh unhone itni aasani se hi padhai kar li thi aur yah tha vaah tha toh bujhi si baat bhool jaate kya aaj ke vartaman ke jamane mein aur us jamane mein bahut zyada fark tha aur unke jamane mein competition bahut kam tha unke jamane mein technology bahut kam thi toh logo ko bahut aasani se cheezen ho jaati thi unse lekin aaj chijon ke saath saath jamane ke saath saath har cheez badalti hai toh aaj ke jamane mein ek nayi technology aa gayi hai har cheez nahi tarah se dekhne ki dekhne ko log keh rahe hain kar rahe hain kaam toh aaj ke jamane mein jo dada dadi ki kahaniya hai yaar dada maa baap ki jo kahaniya hoti hain vaah bahut hi readymade bilkul nahi hoti hain unke jamane mein jo hua vaah zaroori nahi hai is jamane mein bhi usi ki biswin sadi aur va sadi mein kaafi zyada fark aa chuka hai aaj ke jamane mein technology ne hamari life ko bahut alag tarah se disha de di hai sabzi jaan technology ke through hi karne lag gaye hain toh bilkul bhi element nahi hoti hai dada pardada ki kahaniya lekar aap kuch moral value jhagad lena chahen toh unki kahaniya se zaroor le sakte hain us cheez ke mamle mein unki kahaniya bilkul element hoti hai

हां यह बात तो हर किसी ने सुनी है कि अपनी फैमिली इसमें कि जब भी आप किसी ने यह मोबाइल या फिर

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Anukrati

Journalism Graduate

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंग्लिश में कहावत है हिस्ट्री रिपीट पिक्चर्स तो अगर हम वह चाहे या ना चाहे ऐसी चीजें जरूर हमेशा बार-बार होती हैं और होती रहेंगी जो पहले हुई हुई हैं क्योंकि जो हमारे दादा-परदादा की कहानियां है उनके लोग बदल सकते हैं उन्होंने जो चीजें करी है वह बदल सकती हैं उनको करने का तरीका बदल सकता है लेकिन जो उसकी मोरल स्टोरी याद जो अंत रहता है वह ज्यादातर से मिलल ही रहता है रिलेवेंट ही रहता है क्योंकि ह्यूमन नेचर नहीं बदलता है ह्यूमन नेचर जनरेशन टू जनरेशन वही रहता है वैसा ही रहता है इसीलिए हमें स्कूल में हिस्ट्री का पूरा इतना पढ़ाया जाता है उसका एक सबसे बड़ा ही रीजन यही है कि आप समझे कि यह चीजें वापस नहीं होनी चाहिए अगर कुछ गलत होती है तो या होनी चाहिए अगर कुछ अच्छी होती है तो तो मुझे लगता है कि हमारे दादा परदादा की कहानियां वर्तमान के लिए भी काफी रिलेवेंट है

english mein kahaavat hai history repeat pictures toh agar hum vaah chahen ya na chahen aisi cheezen zaroor hamesha baar baar hoti hain aur hoti rahegi jo pehle hui hui hain kyonki jo hamare dada pardada ki kahaniya hai unke log badal sakte hain unhone jo cheezen kari hai vaah badal sakti hain unko karne ka tarika badal sakta hai lekin jo uski moral story yaad jo ant rehta hai vaah jyadatar se milal hi rehta hai relevant hi rehta hai kyonki human nature nahi badalta hai human nature generation to generation wahi rehta hai waisa hi rehta hai isliye hamein school mein history ka pura itna padhaya jata hai uska ek sabse bada hi reason yahi hai ki aap samjhe ki yah cheezen wapas nahi honi chahiye agar kuch galat hoti hai toh ya honi chahiye agar kuch achi hoti hai toh toh mujhe lagta hai ki hamare dada pardada ki kahaniya vartaman ke liye bhi kaafi relevant hai

इंग्लिश में कहावत है हिस्ट्री रिपीट पिक्चर्स तो अगर हम वह चाहे या ना चाहे ऐसी चीजें जरूर ह

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