मर्दों को ऐसा क्यों लगता है कि औरत को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है?...


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Upasana Chaddha

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे एक बड़ा ही बहुत इंटरेस्टिंग सवाल है यह आदमी और औरतों में ना सबसे बेसिक डिफरेंस है कि जो भी है जब हम भी करते हैं तो हम यह देखते हैं कि जो आदमी होते हैं उन सब लोगों का ब्रेन का डेवलपमेंट अलग है समाजिक हम लोगों की डेवलपमेंट अलग है तो जो औरतें होती हैं फिर भी कहते हैं कि और तुम का जो व्रत होता है जो लैंग्वेज होता है बात करना एक्सप्रेस करना थोड़ा सा होता है और जो लड़के होते हैं उनका जो हर बार ऐसा लड़कों का देखा जाता पड़ सकता है कि उनके साथ बड़े होते हैं लड़कियों को हमेशा हम बहुत सारा पैसा वाला उनका रोल होता है जहां उनको चीजों का ख्याल रखना होता है सजा ना होता है फिर से रखना होता है और लड़कों का रोल ऐसा होता है जहां पर हम को एकदम मस्त मौला कोई रोना नहीं है यह नहीं कल कुछ नहीं करना वैसा वाला रोल होता है अब उसमें यह होता है कि जब हम बड़े होते हैं साथ में आते हैं एक दूसरे के तो हम एकदम अलग अलग लड़कों को हमेशा बोला जाता है क्या रे रो मत छोड़ना की कोई नहीं उठो जाओ खेलो कूदो कोई बात नहीं लड़कियों को उल्टा और बहुत सारी बातें समझाई जाती हैं मां-बाप बहुत सारी चीजें समझाते हैं कि आगे जाओगे शादी हो गया घर पे करना होगा वैसे करना होगा तो उनके साथ हमेशा बातचीत दादा करी जाती है अब यही कारण होता है कि जब दोनों लड़का लड़की साथ में आते हैं या एक आदमी और औरत दोनों की शादी होती है तो कोई फ्रेंड से बहुत ज्यादा देखे जाते हैं क्योंकि कभी एक लड़की को बोला कुछ जाता है और उसका महत्व कुछ और दिया जाता है और उसके साथ होता कुछ है तो जब औरतें बहुत सारी चीजें बोलती हैं बहुत सारी चीजें अपनी एक प्रेस करती हैं और चाहते हैं कि दूसरा भी करें तो आदमियों को शायद उतना आदत नहीं होता कि जो कुछ करने का या चीजों को इतना गहरा इसमें क्योंकि वह बचपन से ही एकदम उन्हें शायद गांव खेलकूद में ज्यादा मस्ती में रहते हैं तो वह इतना चीजों को इतनी गहराई से कभी बचपन से पास होते नहीं है जहां लड़कियां आती है लड़कियों की बात होती है वहां उनको इतना हर चीज में गहराई इतनी दिखाई जाती है बचपन से कि जब वह बड़ी भी होती है तो उनको वह गहराई में ही चीजों को बात करने का या चीजो के ऊपर विचार करने का एक उनका वह तरीका बन गया होता है अब क्योंकि मैथिली दोनों आदमी और औरत में यह डिफरेंट है तो शायद यही वजह है कि आदमियों को लगता है कि औरतों को समझना मुश्किल है बल्कि ऐसा है नहीं शायद दोनों अगर एक औरत एक आदमी इतनी सारी चीजों को इतनी गहराई से शायद उन्होंने कभी बहुत ज्यादा नहीं देखा है अगर किसी भी आती तो उसको उस चीज को अपनाने में थोड़ा टाइम लगेगा और साथ ही साथ अगर आदमी भी है देख एक औरत के लिए कि जब वह बड़ी भी हो रही थी तो उनको वाली सारी चीजें तरीके बताए गए बहुत सारी के बारे में बहुत सारी पिक बहुत बचपन से ही देती जा रही थी क्योंकि एक एक लड़की के लिए बड़ी सारी चीजें अलग हो जाती है समाज में उस वजह से वह हर चीज को बहुत गहराई से देखती हैं तो मेरे ख्याल से यह जो दोनों का मेल है अगर वह हम अच्छे प्रदर्शन कर पाएं तो ना तो औरत को ज्यादा दिक्कत होगी आदमियों को समझ लेना ना आदमी को ज्यादा दिक्कत होनी थी और कब

dekhe ek bada hi bahut interesting sawal hai yeh aadmi aur auraton mein na sabse basic difference hai ki jo bhi hai jab hum bhi karte hain toh hum yeh dekhte hain ki jo aadmi hote hain un sab logon ka brain ka development alag hai samajik hum logon ki development alag hai toh jo auraten hoti hain phir bhi kehte hain ki aur tum ka jo vrat hota hai jo language hota hai baat karna express karna thoda sa hota hai aur jo ladke hote hain unka jo har baar aisa ladko ka dekha jata pad sakta hai ki unke saath bade hote hain ladkiyon ko hamesha hum bahut saara paisa vala unka roll hota hai jahan unko chijon ka khayal rakhna hota hai saza na hota hai phir se rakhna hota hai aur ladko ka roll aisa hota hai jahan par hum ko ekdam mast maula koi rona nahi hai yeh nahi kal kuch nahi karna waisa vala roll hota hai ab usmein yeh hota hai ki jab hum bade hote hain saath mein aate hain ek dusre ke toh hum ekdam alag alag ladko ko hamesha bola jata hai kya ray ro mat chhodna ki koi nahi utho jao khelo koodo koi baat nahi ladkiyon ko ulta aur bahut saree batein samjhayi jati hain maa baap bahut saree cheezen smajhate hain ki aage jaoge shadi ho gaya ghar pe karna hoga waise karna hoga toh unke saath hamesha batchit dada kari jati hai ab yahi kaaran hota hai ki jab dono ladka ladki saath mein aate hain ya ek aadmi aur aurat dono ki shadi hoti hai toh koi friend se bahut zyada dekhe jaate hain kyonki kabhi ek ladki ko bola kuch jata hai aur uska mahatva kuch aur diya jata hai aur uske saath hota kuch hai toh jab auraten bahut saree cheezen bolti hain bahut saree cheezen apni ek press karti hain aur chahte hain ki doosra bhi karein toh adamiyo ko shayad utana aadat nahi hota ki jo kuch karne ka ya chijon ko itna gehra ismein kyonki wah bachpan se hi ekdam unhein shayad gaon khelkud mein zyada masti mein rehte hain toh wah itna chijon ko itni gehrai se kabhi bachpan se paas hote nahi hai jahan ladkiyan aati hai ladkiyon ki baat hoti hai wahan unko itna har cheez mein gehrai itni dikhai jati hai bachpan se ki jab wah badi bhi hoti hai toh unko wah gehrai mein hi chijon ko baat karne ka ya cheejo ke upar vichar karne ka ek unka wah tarika ban gaya hota hai ab kyonki maithali dono aadmi aur aurat mein yeh different hai toh shayad yahi wajah hai ki adamiyo ko lagta hai ki auraton ko samajhna mushkil hai balki aisa hai nahi shayad dono agar ek aurat ek aadmi itni saree chijon ko itni gehrai se shayad unhone kabhi bahut zyada nahi dekha hai agar kisi bhi aati toh usko us cheez ko apnane mein thoda time lagega aur saath hi saath agar aadmi bhi hai dekh ek aurat ke liye ki jab wah badi bhi ho rahi thi toh unko waali saree cheezen tarike batayen gaye bahut saree ke bare mein bahut saree pic bahut bachpan se hi deti ja rahi thi kyonki ek ek ladki ke liye badi saree cheezen alag ho jati hai samaaj mein us wajah se wah har cheez ko bahut gehrai se dekhti hain toh mere khayal se yeh jo dono ka male hai agar wah hum acche pradarshan kar paen toh na toh aurat ko zyada dikkat hogi adamiyo ko samajh lena na aadmi ko zyada dikkat honi thi aur kab

देखे एक बड़ा ही बहुत इंटरेस्टिंग सवाल है यह आदमी और औरतों में ना सबसे बेसिक डिफरेंस है कि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी बहुत इंटरेस्टिंग गैस वाले जैसी है क्योंकि और कई गुणों से भरपूर होती है परमात्मा की रचना सबसे अलग तरीके से की है अलग तरीके से किसकी रचना सबसे अलग तरीके से की है एक औरत परमात्मा का रूप होती है जैसे परमात्मा को समझना मुश्किल है वैसे ही औरत को संभालना भी मुश्किल है इसके लिए नहीं सबके लिए औरत को समझना मुश्किल है

abhi bahut interesting gas waale jaisi hai kyonki aur kai gunon se bharpur hoti hai paramatma ki rachna sabse alag tarike se ki hai alag tarike se kiski rachna sabse alag tarike se ki hai ek aurat paramatma ka roop hoti hai jaise paramatma ko samajhna mushkil hai waise hi aurat ko sambhaalna bhi mushkil hai iske liye nahi sabke liye aurat ko samajhna mushkil hai

अभी बहुत इंटरेस्टिंग गैस वाले जैसी है क्योंकि और कई गुणों से भरपूर होती है परमात्मा की रचन

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Veer Bhupinder Singh Ji

The Visionary, www.thelivingtreasure.org

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यह तो वो किसी गलत थारनाका कुत्ते क्यों नहीं समझा जा सकता अगर हम समझने के प्लेटफार्म पर आए तो समझते टाइम जेंडर डिस्क्रिमिनेशन को आउट करना होगा हम इंसान दादी एडमिट प्लेटफार्म पर उस तरीके से देखना है कि फौजी के गीत सुनने को तैयार है तो दूसरा मेरे लिए क्लोज दूसरा सूचना दूसरे के सूने पैर डालकर उसकी किसको अंतर जानता बोलते हैं कि अगर मैं ऐसे बोलूंगा तो रीमा दीदी को कैसा लगेगा तेरी मां के हाथ में घूमा सेक्सी नेपाल के विचार करना और लाइक करना और फिर अपना फोटो देख भाई मैं सब की बात कर रहा हूं सच्ची बात करने की मुझको आदत है मैं तो मुंह छुपाता नहीं हूं मैं तो उसी भी नहीं बोल सकता हूं तेरे मुंह से बोल दूंगा तेरे को फोन में बोला था तो मैंने बोला था कि मेरे को पता है कि मेरी बात बोलना ट्राई कि मैं ना बोलूं कि ऐसा भी सच क्या बोलना दूसरे को हल करें तो हम समझ सकते हैं अभी हम समझना चाहते हो

yah toh vo kisi galat tharnaka kutte kyon nahi samjha ja sakta agar hum samjhne ke platform par aaye toh samajhte time gender discrimination ko out karna hoga hum insaan dadi admit platform par us tarike se dekhna hai ki fauji ke geet sunane ko taiyar hai toh doosra mere liye close doosra soochna dusre ke soone pair dalkar uski kisko antar jaanta bolte hain ki agar main aise boloonga toh reema didi ko kaisa lagega teri maa ke hath mein ghuma sexy nepal ke vichar karna aur like karna aur phir apna photo dekh bhai main sab ki baat kar raha hoon sachi baat karne ki mujhko aadat hai main toh mooh chhupata nahi hoon main toh usi bhi nahi bol sakta hoon tere mooh se bol dunga tere ko phone mein bola tha toh maine bola tha ki mere ko pata hai ki meri baat bolna try ki main na bolun ki aisa bhi sach kya bolna dusre ko hal karen toh hum samajh sakte hain abhi hum samajhna chahte ho

यह तो वो किसी गलत थारनाका कुत्ते क्यों नहीं समझा जा सकता अगर हम समझने के प्लेटफार्म पर आए

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Hhhgnbhh

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मर्दों को ऐसा क्यों लगता है कि औरत को समझना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है क्योंकि वह बहुत सिंपल लाइफ जीना चाहते हैं वहीं पर औरतों के लाइफ में बहुत कठिनाइयां होती हैं जैसे क्यों नहीं बहुत सारे रिश्ते एक साथ संभाल में पढ़ते हैं और वह कपिल कॉन्पलेक्स बन जाती है इतनी ज्यादा कठिनाइयों को जल्दी-जल्दी वहीं पर मर जो होते हैं वह बहुत ज्यादा सिंपल जीने की आदत होते तो मुझे लगता है कि वह उन कठिनाइयों को उनके जो मुंह चेंज होते हैं उन सब को नहीं समझ पाते हैं इसलिए उन्हें ऐसा लगता है कि औरत को समझना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है अगर मुझे ऐसा लगता है क्या जरूरत थोड़ी कठिनाइयों को उनके समझेंगे और उनका जो मन जून का है उनको अगर ढंग से जाना चाहेंगे कुछ समय देंगे उनको समझने में तो हर आदमी को औरत को समझ सकता है

mardon ko aisa kyon lagta hai ki aurat ko samajhna mushkil hi nahi balki namumkin hai kyonki vaah bahut simple life jeena chahte hain wahin par auraton ke life mein bahut kathinaiyaan hoti hain jaise kyon nahi bahut saare rishte ek saath sambhaal mein padhte hain aur vaah kapil kanpaleks ban jaati hai itni zyada kathinaiyon ko jaldi jaldi wahin par mar jo hote hain vaah bahut zyada simple jeene ki aadat hote toh mujhe lagta hai ki vaah un kathinaiyon ko unke jo mooh change hote hain un sab ko nahi samajh paate hain isliye unhe aisa lagta hai ki aurat ko samajhna mushkil hi nahi balki namumkin hai agar mujhe aisa lagta hai kya zaroorat thodi kathinaiyon ko unke samjhenge aur unka jo man june ka hai unko agar dhang se jana chahenge kuch samay denge unko samjhne mein toh har aadmi ko aurat ko samajh sakta hai

मर्दों को ऐसा क्यों लगता है कि औरत को समझना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है क्योंकि वह ब

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Vatsal

Engineering Student

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यह कहावत है कि औरतों को समझने लड़कियों को समझना मुश्किल ही नामुमकिन है उसके पीछे कई कारण है ऐसी नहीं कहा गया कुछ कहावतें भी होती है तो वह तरक्की कही जाती है क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि लड़की जो है वह हमारे साथ बहुत अच्छी है लेकिन पीछे जो है वह मेरे साथ बोलिए सामने तो अच्छा BF कर रही है लेकिन पीछे हमारी बुराई करती है यह किस तरीके से BF कर रही है कुछ पता नहीं अभी खुश है थोड़ी 2 सेकंड बाद उसका मूड बिगड़ जाए अभी अच्छे से बात कर रही है 2 मिनट बाद गुस्सा आ जाए तो यह सब कुछ चीज है जिससे कि उसके मूड का पता लगाना मुश्किल होता है कि कब कैसा BF करें किस तरीके से करें तो यह इसलिए ऐसा कहा जाता है मुश्किल ही नामुमकिन है लेकिन अगर आप इसका दूसरा पर्सपेक्टिव देखें तो लड़कियों को समझना बहुत आसान होता की लड़की के साथ खुल जाती है तो वह अपने आप बिल्कुल बिल्कुल मतलब आपसे हर बात शेयर करेंगी शायद आप ही को खोजें कि जब भी उन्हें शेयर करना हो बिल्कुल अपने आप को एक खुली किताब की तरह सामने आ जाएंगी लेकिन करनी है वह आपसे बहुत अटैच हो जाएगी वह तभी उसी केस में आपको सब कुछ बताएंगे सारा मूड शेयर करेंगे लेकिन तब भी ऐसी सिचुएशन होती है बहुत अच्छे दोस्त हैं लेकिन उसके बावजूद गुस्सा आता है और हम से लड़ाई करती है तो यही वह चीज है जो कि हम कहते हैं कि औरतों को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है और ऐसा आमतौर पर लड़कों को लगता

yah kahaavat hai ki auraton ko samjhne ladkiyon ko samajhna mushkil hi namumkin hai uske peeche kai karan hai aisi nahi kaha gaya kuch kahavaten bhi hoti hai toh vaah tarakki kahi jaati hai kyonki kai baar aisa hota hai ki ladki jo hai vaah hamare saath bahut achi hai lekin peeche jo hai vaah mere saath bolie saamne toh accha BF kar rahi hai lekin peeche hamari burayi karti hai yah kis tarike se BF kar rahi hai kuch pata nahi abhi khush hai thodi 2 second baad uska mood bigad jaaye abhi acche se baat kar rahi hai 2 minute baad gussa aa jaaye toh yah sab kuch cheez hai jisse ki uske mood ka pata lagana mushkil hota hai ki kab kaisa BF karen kis tarike se karen toh yah isliye aisa kaha jata hai mushkil hi namumkin hai lekin agar aap iska doosra parsapektiv dekhen toh ladkiyon ko samajhna bahut aasaan hota ki ladki ke saath khul jaati hai toh vaah apne aap bilkul bilkul matlab aapse har baat share karengi shayad aap hi ko khojen ki jab bhi unhe share karna ho bilkul apne aap ko ek khuli kitab ki tarah saamne aa jaengi lekin karni hai vaah aapse bahut attach ho jayegi vaah tabhi usi case mein aapko sab kuch batayenge saara mood share karenge lekin tab bhi aisi situation hoti hai bahut acche dost hain lekin uske bawajud gussa aata hai aur hum se ladai karti hai toh yahi vaah cheez hai jo ki hum kehte hain ki auraton ko samajhna mushkil hi nahi namumkin hai aur aisa aamtaur par ladko ko lagta

यह कहावत है कि औरतों को समझने लड़कियों को समझना मुश्किल ही नामुमकिन है उसके पीछे कई कारण ह

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Shyamal Khobragade--Kamble

Medical General Consellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो एक बार मिस कॉल करो

toh ek baar miss call karo

तो एक बार मिस कॉल करो

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Shubham

Software Engineer in IBM

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए वह लोग ऐसा बोलते हैं जो लोग वुमेंस को ज्यादा प्रायोरिटी नहीं देते हैं और उनकी रिस्पेक्ट नहीं करते और उनकी जो डिसीजन होते उनकी वैल्यू नहीं करते हमारे भारत में सालों सालों से चला आ रहा है और समाज में भी ऐसा ही एक ही तू महलों में मिलती है वह हमेशा दिखाई देगी और रोमांस को हमेशा थोड़ा पढ़ाई ड्यूटी कम दी जाती है उसके डिसीजन की पार्टी कब दी जाती है इसकी वजह से हम लोगों को यह दिखता है कि उसको समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है क्या सही में जो लोग ऐसा बोलते हैं उन्होंने कभी समझने की कोशिश की कॉमेंट्स को बिल्कुल नहीं उन्होंने कभी समझा ही नहीं उनको अगर वह समझते हैं तो उनको पता चलता कि वह समझाने लायक है या नहीं यह सब उन लोगों की कथा है और वह लोग ऐसा बोलते हैं जो लोग उमेश को रोमांस की जो डिसीजन है उनको ज्यादा वैल्यू नहीं देते और हमेशा मेल डोमिनियन खोपरे ड्यूटी देते हैं यह काफी गलत है लेकिन हमें यह चीज बोल सकता हूं कि आज भारत में इस चीज पर सुधार आ रहा है उमेश को प्राइवेट जरा दी जा रही है आप हर जगह देख सकते हैं मोबाइल एंपावरमेंट और बराबर के डी सनी जाते हैं मैंने कमेंट द्वारा ही काफी अच्छी बात है तो यह जो सेंटेंस है कि मर्द को ऐसा क्यों लगता है कि औरतों को समझना नहीं समझना नामुमकिन है देख ऐसा कुछ भी नहीं अगर आप किसी चीज को समझाने की कोशिश करेंगे प्यार प्यार प्यार से और अच्छे तरीके से तो औरत क्या कोई भी व्यक्ति समझ जाएगा और अगर आप दिमाग में बिठा कर बैठे कि उनको नहीं समझा जा सकता तो आपकी गलतफहमी है सर अब अगर ऐसा सोचेंगे आप कभी नहीं समझा पाएंगे

dekhiye vaah log aisa bolte hain jo log vumens ko zyada priority nahi dete hain aur unki respect nahi karte aur unki jo decision hote unki value nahi karte hamare bharat mein salon salon se chala aa raha hai aur samaaj mein bhi aisa hi ek hi tu mahalon mein milti hai vaah hamesha dikhai degi aur romance ko hamesha thoda padhai duty kam di jaati hai uske decision ki party kab di jaati hai iski wajah se hum logon ko yah dikhta hai ki usko samajhna mushkil hi nahi namumkin hai kya sahi mein jo log aisa bolte hain unhone kabhi samjhne ki koshish ki comments ko bilkul nahi unhone kabhi samjha hi nahi unko agar vaah samajhte hain toh unko pata chalta ki vaah samjhaane layak hai ya nahi yah sab un logon ki katha hai aur vaah log aisa bolte hain jo log umesh ko romance ki jo decision hai unko zyada value nahi dete aur hamesha male dominiyan khopre duty dete hain yah kafi galat hai lekin hamein yah cheez bol sakta hoon ki aaj bharat mein is cheez par sudhaar aa raha hai umesh ko private zara di ja rahi hai aap har jagah dekh sakte hain mobile empowerment aur barabar ke d sunny jaate hain maine comment dwara hi kafi achi baat hai toh yah jo sentence hai ki mard ko aisa kyon lagta hai ki auraton ko samajhna nahi samajhna namumkin hai dekh aisa kuch bhi nahi agar aap kisi cheez ko samjhaane ki koshish karenge pyar pyar pyar se aur acche tarike se toh aurat kya koi bhi vyakti samajh jaega aur agar aap dimag mein bitha kar baithe ki unko nahi samjha ja sakta toh aapki galatfahamee hai sir ab agar aisa sochenge aap kabhi nahi samjha payenge

देखिए वह लोग ऐसा बोलते हैं जो लोग वुमेंस को ज्यादा प्रायोरिटी नहीं देते हैं और उनकी रिस्पे

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