प्राइवेट हॉस्पिटल जो इलाज के नाम पर लूट मचा के रखी है इस पर सरकार को क्या करना चाहिए?...


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Sashank Agarwal

Director - TOPPERS CLASSES (flying brains edu. inst. pvt. ltd)

0:49

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में जो इलाज के नाम पर लूट मचा रखी है उसकी गवर्नमेंट को क्या करना चाहिए स्टार्ट करने के लिए हर हॉस्पिटल का ऑडिट करना चाहिए और हरेश देनी चाहिए हर आशिक अपने खेत में चेक करना जितने भी हॉस्पिटल नर्सिंग होम के खेतों में क्या हो रहा है कि नहीं क्या लीगल है कि नहीं है अगर है तो उनकी सूची तैयार करनी चाहिए जिसको क्वार्टरली अपुन को एडिट कर आना चाहिए कितने ट्रीटमेंट वर्क इतने नाराज हुए और भी कस्टमर का बिल बन रहा है जिस परशन काबिल बन रहा है उसको कॉपी हो बताना नहीं चाहिए क्योंकि कितने बार टेस्ट करवाए कितने में आती करवाएं क्या परेशानी है इससे करने से कुछ ना कुछ तो लाभ होगा वही नहीं करेगी पूरी तरीके से लाभ मिलेगा कुछ ना कुछ राहत मिल सकती है थैंक यू

yeh bahut hi accha question hai ki private hospital mein jo ilaj ke naam par loot macha rakhi hai uski government ko kya karna chahiye start karne ke liye har hospital ka audit karna chahiye aur haresh deni chahiye har aashik apne khet mein check karna jitne bhi hospital nursing home ke kheton mein kya ho raha hai ki nahi kya legal hai ki nahi hai agar hai toh unki suchi taiyaar karni chahiye jisko quarterly apun ko edit kar aana chahiye kitne treatment work itne naraz hue aur bhi customer ka bill ban raha hai jis parshan kaabil ban raha hai usko copy ho batana nahi chahiye kyonki kitne baar test karwaye kitne mein aati karvaaein kya pareshani hai isse karne se kuch na kuch toh labh hoga wahi nahi karegi puri tarike se labh milega kuch na kuch rahat mil sakti hai thank you

यह बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में जो इलाज के नाम पर लूट मचा रखी है उसक

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Ashok Tambi

Chartered Accountant

0:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उत्तर प्रदेश नागरिक पढ़ा हुआ नहीं होगा तो बहुत मुश्किल है उतना नोट रोकना बहुत मुश्किल है

uttar pradesh nagarik padha hua nahi hoga toh bahut mushkil hai utana note rokna bahut mushkil hai

उत्तर प्रदेश नागरिक पढ़ा हुआ नहीं होगा तो बहुत मुश्किल है उतना नोट रोकना बहुत मुश्किल है

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Sidarth Bhatia

Chartered Accountant

0:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों आपको पंत हॉस्पिटल रूम जॉब लग जाएगी रोक लगा रहे हैं उसको दूर करने के लिए कॉमेंट को राजनीति को लेकर जो भी पहले हो जाती है उसका स्टाइल बनाना चाहिए ताकि किसी को देखिए होता है क्या कीमत होती है

kyon aapko pant hospital room job lag jayegi rok laga rahe hain usko dur karne ke liye comment ko raajneeti ko lekar jo bhi pehle ho jaati hai uska style banana chahiye taki kisi ko dekhiye hota hai kya kimat hoti hai

क्यों आपको पंत हॉस्पिटल रूम जॉब लग जाएगी रोक लगा रहे हैं उसको दूर करने के लिए कॉमेंट को रा

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Dr. Rajesh Raval

Director, Rainbow Academy

1:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो जो आपने पूछा है कि प्राइवेट हॉस्पिटल लूट मचा रखी है प्राइवेट हॉस्पिटल होना उसके लिए सरकार को क्या करना चाहिए प्राइवेट हॉस्पिटल खोलना और उसको चलाना यह एक व्यवसाय और व्यवसाय को रोकना किसी भी सरकार के हाथ में नहीं है व्यवसाय में कोई कंपल्शन नहीं है प्राइवेट हॉस्पिटल जितने भी खुले हैं वहां पर आपको जाने के लिए कोई मजबूर नहीं कर रहा है क्योंकि गवर्नमेंट हॉस्पिटल हर एक एरिया में बने हुए हैं और जो अच्छी सुविधा देते हैं प्राइवेट हॉस्पिटल से भी प्राप्त प्राइवेट हॉस्पिटल को छोड़िए और सरकारी हॉस्पिटल में अपना इलाज कराए बात यह रहती है कि सरकार क्या कर सकती हो सरकार तो उनका पंजीकरण चेक कर सकती है कि हॉस्पिटल नकली तो नहीं है और जो सुविधाएं दी जा रही है वह ठीक है कि नहीं तो प्राइवेट बिज़नेस कंपटीशन है उनको एक लेवल दे सकती किस लेवल से ऊपर आपको चार्जेस नहीं लेना चाहिए और बिना जरूरत के चैक जितने भी होते हैं ब्लड टेस्ट यूरीन टेस्ट जिसमें कोई जरूरत नहीं है फिर भी टेस्ट कराए जाते हैं वह कराने बंद कर दें ऐसा एक सरकार और ना सपना ला सकती है लेकिन बिल्कुल कम पर नकल करना है प्राइवेट हॉस्पिटलों के मिसमैनेजमेंट सबसे अच्छी बात यही है कि आप सरकारी हॉस्पिटल में जाइए प्राइवेट प्राइवेट कीजिए धीरे-धीरे अपने आप सब ठीक हो जाएगा और सरकार भी इस में हेल्प कर सकती है अपना ऑर्डिनेंस लाकर और यह चलेगा ओके

hello jo aapne puchha hai ki private hospital loot macha rakhi hai private hospital hona uske liye sarkar ko kya karna chahiye private hospital kholna aur usko chalana yeh ek vyavasaya aur vyavasaya ko rokna kisi bhi sarkar ke hath mein nahi hai vyavasaya mein koi compulsion nahi hai private hospital jitne bhi khule hain wahan par aapko jaane ke liye koi majboor nahi kar raha hai kyonki government hospital har ek area mein bane hue hain aur jo acchi suvidha dete hain private hospital se bhi prapt private hospital ko chhodiye aur sarkari hospital mein apna ilaj karae baat yeh rehti hai ki sarkar kya kar sakti ho sarkar toh unka panjikaran check kar sakti hai ki hospital nakli toh nahi hai aur jo suvidhayen di ja rahi hai wah theek hai ki nahi toh private business competition hai unko ek level de sakti kis level se upar aapko Charges nahi lena chahiye aur bina zarurat ke check jitne bhi hote hain blood test Urine test jisme koi zarurat nahi hai phir bhi test karae jaate hain wah karane band kar de aisa ek sarkar aur na sapna la sakti hai lekin bilkul kam par nakal karna hai private haspitalon ke mismainejment sabse acchi baat yahi hai ki aap sarkari hospital mein jaiye private private kijiye dhire dhire apne aap sab theek ho jayega aur sarkar bhi is mein help kar sakti hai apna ardinens lakar aur yeh chalega ok

हेलो जो आपने पूछा है कि प्राइवेट हॉस्पिटल लूट मचा रखी है प्राइवेट हॉस्पिटल होना उसके लिए

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Dr. P. N. Jha

TOPPERS IAS app. Sr.Facuty, IAS Coaching.

1:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सत्य है कि आजकल प्राइवेट हॉस्पिटल बहुत सारे ऐसे हैं जो इलाज के नाम पर मरीजों से विशेष कर रहे हो उनकी मजबूरी का फायदा उठाते कई जगह तो यह भी देखा गया है कि अब मृत्यु के बाद भी डेड बॉडी को आईसीयू के नाम पर एडमिट किया जाता है और उनके परिजनों से बहुत सारे पैसे उगाए जाते हैं आप लेकिन एक बात और भी है कि इसमें बहुत बड़ी जो समस्या है वह समस्या सरकार की तरफ से नहीं कि सरकार ने मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया देश के लिए बहुत सारे प्रोविजंस बनाए हैं ताकि उसका दुरूपयोग ना हो राज्य सरकार और केंद्र सरकार ऐसे सभी चिकित्सालय को जो शहर के बीच में चलते हैं और जो किसी प्रकार कर दान सरकार से ग्रहण करते हैं तो 10% से 10% जून के सीट सोते हैं विशेषकर जो वर्ड्स के सिक्स होते हैं वह गरीब लोगों के लिए मुफ्त उसकी व्यवस्था की जाती है वह पीजी में भी मुफ्त व्यवस्था की जाती है लेकिन जो निचले स्तर पर जो मिस्टिकली आपके जो स्थानीय स्तर पर जो लोग हैं या जो प्रशासक बंद है या फिर जो जनता की जागरूकता की कमी कारण और प्रशासन के आला प्रवाही के कारण इस तरह के अस्पताल अपने गोरखधंधे को चलाते हैं हमें थोड़ा जागरूक होना पड़ेगा लिखा पर ही करना होगा बहुत सारे टीवी चैनलों के माध्यम से बात को उठाना होगा और डॉक्टरों को इस बात पर सोचने को मजबूर करना होगा कि आखिर यह इस तरह से जो चिकित्सा का जो पैसा है जो कि एक बहुत ही सम्मानीय पैसा है लोग भगवान की तरह डॉक्टर को देखते हैं आज लोग जल्लाद की तरह क्यों देखना चाहते हैं तो इसमें हमें सोच बदलने की आवश्यकता है नीचे से ऊपर की ओर ऊपर से नीचे की हो तभी कुछ सुधार होगा

yeh satya hai ki aajkal private hospital bahut saare aise hain jo ilaj ke naam par marizon se vishesh kar rahe ho unki majburi ka fayda uthate kai jagah toh yeh bhi dekha gaya hai ki ab mrityu ke baad bhi dead body ko ICU ke naam par admit kiya jata hai aur unke parijanon se bahut saare paise ugaye jaate hain aap lekin ek baat aur bhi hai ki ismein bahut badi jo samasya hai wah samasya sarkar ki taraf se nahi ki sarkar ne medical council of india desh ke liye bahut saare provijans banaye hain taki uska duroopayog na ho rajya sarkar aur kendra sarkar aise sabhi chikitsaalay ko jo sheher ke beech mein chalte hain aur jo kisi prakar kar daan sarkar se grahan karte hain toh 10% se 10% june ke seat sote hain visheshkar jo words ke six hote hain wah garib logo ke liye muft uski vyavastha ki jati hai wah PG mein bhi muft vyavastha ki jati hai lekin jo nichle sthar par jo mystically aapke jo sthaniye sthar par jo log hain ya jo prashasak band hai ya phir jo janta ki jagrukta ki kami kaaran aur prashasan ke aala parwahi ke kaaran is tarah ke aspatal apne gorakhdhandhe ko chalte hain humein thoda jagruk hona padega likha par hi karna hoga bahut saare TV channelon ke maadhyam se baat ko uthana hoga aur daktaro ko is baat par sochne ko majboor karna hoga ki aakhir yeh is tarah se jo chikitsa ka jo paisa hai jo ki ek bahut hi sammaniya paisa hai log bhagwan ki tarah doctor ko dekhte hain aaj log jallad ki tarah kyon dekhna chahte hain toh ismein humein soch badalne ki avashyakta hai niche se upar ki aur upar se niche ki ho tabhi kuch sudhaar hoga

यह सत्य है कि आजकल प्राइवेट हॉस्पिटल बहुत सारे ऐसे हैं जो इलाज के नाम पर मरीजों से विशेष क

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Deepak Goyal

Co-Founder, Goyal Solanki & Co

0:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी इनको एग्जामिन करने के लिए कोई भी एजेंसी खोलने के लिए गवर्नमेंट गवर्नमेंट को इनका की ऑडिट कराना चाहिए और प्राइवेट जितने भी हॉस्पिटल से उनके लिए 12 पास करके उनके इन हॉस्पिटल्स अपॉइंट करने चाहिए वह चेक कर सकेंगे जो पैशन से जो पैसा लिया जा रहे हैं उनको वह फर्टिलिटी मिली या नहीं

abhi inko egjamin karne ke liye koi bhi agency kholne ke liye government government ko inka ki audit krana chahiye aur private jitne bhi hospital se unke liye 12 paas karke unke in hospitals appoint karne chahiye vaah check kar sakenge jo passion se jo paisa liya ja rahe hain unko vaah fertility mili ya nahi

अभी इनको एग्जामिन करने के लिए कोई भी एजेंसी खोलने के लिए गवर्नमेंट गवर्नमेंट को इनका की ऑड

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राइवेट हॉस्पिटल जा इलाज के नाम पर लूट मचा कर रखी है उस पर सरकार को क्या करना चाहिए पर प्राइवेट हॉस्पिटल में कौन जाता है वही ज्यादा है जिसको उसके पास पैसा है सुविधाएं हमेशा रवि ब्लॉक और सामान्य लोग गवर्नमेंट हॉस्पिटल से फौजी एनजीओ हॉस्पिटल हॉस्पिटल से जाते हैं वहां पर जाते हैं यहां पर अच्छा इलाज होते हैं हमारी अवधारणा है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में ही अच्छा रहता है जबकि यह सही नहीं है आप गवर्नमेंट डॉट हॉस्पिटल बन जाइए आपको अच्छा इलाज मिला जहां इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट चाहते हैं वह आपको नहीं मिलेगा इसलिए रोड तो या प्राइवेट हाउस नंबर जाते हैं तो उसमें भागीदार आप हैं आप उनको पैसा देते हैं जिससे आप किसी तक घूस देते हैं घूस लेने वाला आपसे प्रश्न नहीं लगता ठीक हो तो आप ही देते हैं ना उसी प्रकार से मिला जो प्राइवेट हॉस्पिटल में आप जो कह रहे हैं उसके भागीदार भी आप ही हैं

private hospital ja ilaj ke naam par loot macha kar rakhi hai us par sarkar ko kya karna chahiye par private hospital mein kaun jata hai wahi zyada hai jisko uske paas paisa hai suvidhayen hamesha ravi block aur samanya log government hospital se fauji ngo hospital hospital se jaate hain wahan par jaate hain yahan par accha ilaj hote hain hamari avdharna hai ki private hospital mein hi accha rehta hai jabki yeh sahi nahi hai aap government dot hospital ban jaiye aapko accha ilaj mila jaha is tarah ka VIP treatment chahte hain wah aapko nahi milega isliye road toh ya private house number jaate hain toh usme bhagidaar aap hain aap unko paisa dete hain jisse aap kisi tak ghus dete hain ghus lene vala aapse prashna nahi lagta theek ho toh aap hi dete hain na usi prakar se mila jo private hospital mein aap jo keh rahe hain uske bhagidaar bhi aap hi hain

प्राइवेट हॉस्पिटल जा इलाज के नाम पर लूट मचा कर रखी है उस पर सरकार को क्या करना चाहिए पर प्

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Pratik Aich

Accounting Officer

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

केलकुलेटर है ऑलरेडी का जजमेंट कर सकता है इसके बारे में अपन देवता जो द प्रॉब्लम प्रॉब्लम प्रॉब्लम बताओ मैडम

Calculator hai already ka judgement kar sakta hai iske bare mein apan devta jo the problem problem problem batao madam

केलकुलेटर है ऑलरेडी का जजमेंट कर सकता है इसके बारे में अपन देवता जो द प्रॉब्लम प्रॉब्लम प्

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Nirmal Gupta

M Phil . Sanskrit & Hindi Prof

1:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमेशा हम हर काम यह क्यों चाहते कि सरकार की करें अगर प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने लूट मचा रखी है तो गरीबों को क्यों जरूरी प्राइवेट हॉस्पिटल भी जाना होता है मैं यह नहीं समझ सकती हूं इतनी जगह सरकारी हस्पताल हैं सरकारी डिस्पेंसरी हैं वहां क्यों नहीं गरीब जाना चाहते अभी कुछ लोगों ने कहा कि नहीं अगर कोई वहां सरकारी अस्पताल कोई जाना नहीं चाहता लेकिन क्यों नहीं जाना चाहता सरकारी अस्पतालों में भी अच्छे डॉक्टर हैं अच्छा इलाज होता है लेकिन अगर वहां कोई जाना ही नहीं चाहता प्राइवेट में ही जाना चाहते हो तो फिर हमें प्राइवेट वालों की लूट को सहन करना ही पड़ेगा हम शिक्षा के लिए यह साल के लिए ही सिर्फ कह देते हैं सरकार कुछ करें सरकार ने अस्पताल भी बनाए हैं सरकारी स्कूल भी बनाए हैं लेकिन सरकारी स्कूलों में हम अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते धीरे-धीरे क्या हुआ है कि सरकारी स्कूलों का वह लवली नीचे रह गया क्योंकि वहां अच्छे बच्चे को जाते नहीं है अगर अच्छे घरों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने जाएंगे अच्छे घरों के पेरेंट्स जो हैं वह उनको सरकारी स्कूलों के टीचर्स को जा कर के ऐसा क्या है कि हमारे बच्चों को अच्छे से पढ़ाओ तो मेरे हिसाब से सरकारी स्कूल और सरकारी अस्पताल दोनों ही काफी इंप्रूव हो सकते हैं हर बात के लिए हमें सरकार की तरफ को दोष नहीं देना चाहिए और आजकल एक फैशन बन गया है पिछले दो-तीन साल से की हर बात में हम मोदी सरकार को ही दोष तेरी लगते हम अपने आप को तो देखते नहीं हम क्या करते हैं इसी तरह से अगर हम हॉस्पिटल जा शिक्षा की बात करते हैं तो क्या है इतने बड़े-बड़े होटल नहीं क्या लूट मचा रहे थे वहां तो हम नहीं कहते कि हमें होटल में ही जरूरी खाना खाना है उसको भी सरकार वह करें कुछ हम खाना खाने जाते हैं तो अपनी जेब खाली करके आते हैं ना वहां तो इसी तरह से हमें अस्पताल और शिक्षा चाहे वह बेसिक ने सृष्टि से हैं मेरे ख्याल से सरकार ने काफी अस्पताल खोलने हुए हैं काफी स्कूल खुले हुए हैं हमें उनका फायदा उठाना चाहिए

hamesha hum har kaam yah kyon chahte ki sarkar ki kare agar private hospitals ne loot macha rakhi hai toh garibon ko kyon zaroori private hospital bhi jana hota hai yah nahi samajh sakti hoon itni jagah sarkari haspatal hain sarkari dispensary hain wahan kyon nahi garib jana chahte abhi kuch logo ne kaha ki nahi agar koi wahan sarkari aspatal koi jana nahi chahta lekin kyon nahi jana chahta sarkari aspataalon mein bhi acche doctor hain accha ilaj hota hai lekin agar wahan koi jana hi nahi chahta private mein hi jana chahte ho toh phir hamein private walon ki loot ko sahan karna hi padega hum shiksha ke liye yah saal ke liye hi sirf keh dete hain sarkar kuch kare sarkar ne aspatal bhi banaye hain sarkari school bhi banaye hain lekin sarkari schoolon mein hum apne baccho ko bhejna nahi chahte dhire dhire kya hua hai ki sarkari schoolon ka vaah lovely niche reh gaya kyonki wahan acche bacche ko jaate nahi hai agar acche gharon ke bacche sarkari school mein padhne jaenge acche gharon ke parents jo hain vaah unko sarkari schoolon ke teachers ko ja kar ke aisa kya hai ki hamare baccho ko acche se padhao toh mere hisab se sarkari school aur sarkari aspatal dono hi kaafi improve ho sakte hain har baat ke liye hamein sarkar ki taraf ko dosh nahi dena chahiye aur aajkal ek fashion ban gaya hai pichle do teen saal se ki har baat mein hum modi sarkar ko hi dosh teri lagte hum apne aap ko toh dekhte nahi hum kya karte hain isi tarah se agar hum hospital ja shiksha ki baat karte hain toh kya hai itne bade bade hotel nahi kya loot macha rahe the wahan toh hum nahi kehte ki hamein hotel mein hi zaroori khana khana hai usko bhi sarkar vaah kare kuch hum khana khane jaate hain toh apni jeb khaali karke aate hain na wahan toh isi tarah se hamein aspatal aur shiksha chahen vaah basic ne shrishti se hain mere khayal se sarkar ne kaafi aspatal kholne hue hain kaafi school khule hue hain hamein unka fayda uthana chahiye

हमेशा हम हर काम यह क्यों चाहते कि सरकार की करें अगर प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने लूट मचा रखी है

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