नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन बेहतर है मैं इनका अभ्यास कैसे करूँ?...


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अनुलोम विलोम प्राणायाम बहुत ही इंपॉर्टेंट है बहुत ही बेहतर है नाड़ी शोधन भी उतना ही लाभदायक है जितना अनुभव है लेकिन अनुलोम विलोम से ज्यादा लाभ हैं तो आप लोगों का अभ्यास करें एक ना को बंद करें दूसरे से सांस धीमी धीमी भरोसे उसे छोड़ो दूसरा बंद करें उसे भरे उसी से छोड़ें ऐसा बार बार करने से अनुलोम विलोम प्राणायाम होता है

anulom vilom pranayaam bahut hi important hai bahut hi behtar hai naadi sodhan bhi utana hi labhdayak hai jitna anubhav hai lekin anulom vilom se zyada labh hain toh aap logo ka abhyas kare ek na ko band kare dusre se saans dheemi dheemi bharose use chodo doosra band kare use bhare usi se choodey aisa baar baar karne se anulom vilom pranayaam hota hai

अनुलोम विलोम प्राणायाम बहुत ही इंपॉर्टेंट है बहुत ही बेहतर है नाड़ी शोधन भी उतना ही लाभदाय

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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों ही मिलते जुलते भाई नासिका लेफ्ट और राइट सम व्हाट्सएप निकाला निकाला मारी

dono hi milte julte bhai nasika left aur right some whatsapp nikaala nikaala mari

दोनों ही मिलते जुलते भाई नासिका लेफ्ट और राइट सम व्हाट्सएप निकाला निकाला मारी

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

2:07

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम पंडाल में बहुत बड़ा अंतर है अनुलोम-विलोम प्रणब को सब लोग कर सकते हैं इसमें कोई शर्त लागू नहीं होती है इसको हाई ब्लड प्रेशर वाले भी तनाव वाले भी सिर दर्द वाले भी अस्थमा वाले भी आपकी प्रॉब्लम वाले किसी भी रोक के आदमी अनुलोम-विलोम को कर सकते हैं परंतु नाड़ी शोधन प्रणाम के लिए बहुत सारी शर्तें होती हैं जैसे हार की प्रॉब्लम ना हो ब्लड प्रेशर ना हो और की प्रॉब्लम ना हो इसमें सांस रोका जाता है और अलोम विलोम में सांस नहीं रोका जाता है अनुलोम-विलोम में आप पायना से लेकर दायमा थे छोड़ते तो एक राउंड है फिर बाय से लेकर 22 छोड़ते यह दूसरा राउंड है और नाड़ी शोधन दौरान का एक राउंड माना जाता है उस अनुलोम-विलोम में आप सीधा ऊपर लेते हैं सीधा ही छोड़ते हैं उसमें अनुपात लागू नहीं करना पड़ता है नाड़ी शोधन में आपको अनुपात लागू करना होता है जैसे आपने 10 सेकंड ऊपर लिया 5 सेकंड उसको रोका और 10 से क्यों छोड़ा फिर 10 सेकंड डायना से ऊपर लिया 5 किलो का और 10 किलो उल्टे हाथ से बाहर थोड़ा दूर तक होगा तो यह माना जाता है और यह नाड़ी शोधन प्रणाम जब साधक परफेक्ट हो जाता है और उसको साथ 8 महीने हो जाते तो उसके बाद उसको करना चाहिए पहले अनुलोम विलोम का ही प्रयास करना चाहिए अलोम विलोम पर नाम को सब कर सकते हैं दूसरा अलोम विलोम में आपके थोड़ा बहुत आवाज भी आ सकती है परंतु नाड़ी शोधन परिणाम में आवाज आपके काम को भी नहीं सुनाई देनी चाहिए तो ऐसे करके इसमें 67 अंतर है अनुलोम-विलोम पढ़ने में कई लोग नाड़ी शोधन अलोम विलोम प्रणब को एक ही कह देते नहीं इन दोनों में बहुत सारे अंतर है तो मैंने आपको बता दिया है आपको इसके बारे में थोड़ा विचार करें सोचे फिर इनका अभ्यास ऑफ करें

naadi sodhan aur anulom vilom pandal me bahut bada antar hai anulom vilom pranab ko sab log kar sakte hain isme koi sart laagu nahi hoti hai isko high blood pressure waale bhi tanaav waale bhi sir dard waale bhi asthama waale bhi aapki problem waale kisi bhi rok ke aadmi anulom vilom ko kar sakte hain parantu naadi sodhan pranam ke liye bahut saari sharten hoti hain jaise haar ki problem na ho blood pressure na ho aur ki problem na ho isme saans roka jata hai aur alom vilom me saans nahi roka jata hai anulom vilom me aap payna se lekar daima the chodte toh ek round hai phir bye se lekar 22 chodte yah doosra round hai aur naadi sodhan dauran ka ek round mana jata hai us anulom vilom me aap seedha upar lete hain seedha hi chodte hain usme anupat laagu nahi karna padta hai naadi sodhan me aapko anupat laagu karna hota hai jaise aapne 10 second upar liya 5 second usko roka aur 10 se kyon choda phir 10 second dayana se upar liya 5 kilo ka aur 10 kilo ulte hath se bahar thoda dur tak hoga toh yah mana jata hai aur yah naadi sodhan pranam jab sadhak perfect ho jata hai aur usko saath 8 mahine ho jaate toh uske baad usko karna chahiye pehle anulom vilom ka hi prayas karna chahiye alom vilom par naam ko sab kar sakte hain doosra alom vilom me aapke thoda bahut awaaz bhi aa sakti hai parantu naadi sodhan parinam me awaaz aapke kaam ko bhi nahi sunayi deni chahiye toh aise karke isme 67 antar hai anulom vilom padhne me kai log naadi sodhan alom vilom pranab ko ek hi keh dete nahi in dono me bahut saare antar hai toh maine aapko bata diya hai aapko iske bare me thoda vichar kare soche phir inka abhyas of kare

नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम पंडाल में बहुत बड़ा अंतर है अनुलोम-विलोम प्रणब को सब लोग कर सकत

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन बेहतर है मयंक का अभ्यास कैसे करूं इसका उत्तर है नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम में ऐसा भेद नहीं है जैसा आप समझ रहे हैं इसमें कोई भेद नहीं है अनुलोम-विलोम प्राणायाम जी नाड़ी शोधन प्राणायाम इसी टेंशन में निष्ठा पूर्वक नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम-विलोम दोनों कीजिए या दोनों में से कोई एक कीजिए कोई टेंशन नहीं है कोई दिक्कत नहीं है नियमित नाड़ी शोधन प्राणायाम या अनुभव मिल पाएगा दोनों में से कोई भी एक शरीर दोनों बेहतर करें योग रहें निरोग

naadi sodhan aur anulom vilom pranayaam me kya antar hai inmein se kaun behtar hai mayank ka abhyas kaise karu iska uttar hai naadi sodhan pranayaam anulom vilom pranayaam me aisa bhed nahi hai jaisa aap samajh rahe hain isme koi bhed nahi hai anulom vilom pranayaam ji naadi sodhan pranayaam isi tension me nishtha purvak naadi sodhan pranayaam anulom vilom dono kijiye ya dono me se koi ek kijiye koi tension nahi hai koi dikkat nahi hai niyamit naadi sodhan pranayaam ya anubhav mil payega dono me se koi bhi ek sharir dono behtar kare yog rahein nirog

नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन बेहतर है मयंक का अभ्यास

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Priyanka Bhatele

Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंतर के किनारे लगाया जाता है दोनों ही बहुत दिनों से योगा कर रहे हैं प्रणाम कर रहे काफी के साधक लगाने से फायदे होते हैं

antar ke kinare lagaya jata hai dono hi bahut dino se yoga kar rahe hain pranam kar rahe kaafi ke sadhak lagane se fayde hote hain

अंतर के किनारे लगाया जाता है दोनों ही बहुत दिनों से योगा कर रहे हैं प्रणाम कर रहे काफी के

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Vijay Sharma

Yoga Trainer (P.G.D.Y.)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन को धीमी गति से रिचा को पूरा करते हैं अनुलोम-विलोम को तेज गति से रिचा को पूरा करते हैं लेकिन पूरा मतलब दोनों चलो दोनों का अलग-अलग होता है गाड़ी 100 दिन जो है पहली फिल्म रजिस्टेंस को कम करता है जो कि आर्टिकल वॉइस में होता है क्योंकि वह पहली फिल्म जो होती है मेरी फ्रीज है आखिर वह उसकी को ब्लड के अंदर रुकावट आती है तो वह कम प्राइस में आता है तो ब्लड प्रेशर होता है ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है नाड़ी शोधन अनुलोम विलोम डिफॉरमेटी दिमाग में बॉडी में जहां भी गए ब्लॉकेज है उसको दूर करता है तमाम ऐसी नेगेटिविटी दूर हो जाती है नेगेटिव एनर्जिस खत्म हो जाती है उसके बनर्जी आती है उसकी फीलिंग करती है दोनों टाइम से पॉजिटिविटी आती है यही सब करना चाहिए

naadi sodhan ko dheemi gati se richa ko pura karte hain anulom vilom ko tez gati se richa ko pura karte hain lekin pura matlab dono chalo dono ka alag alag hota hai gaadi 100 din jo hai pehli film resistance ko kam karta hai jo ki article voice me hota hai kyonki vaah pehli film jo hoti hai meri freeze hai aakhir vaah uski ko blood ke andar rukavat aati hai toh vaah kam price me aata hai toh blood pressure hota hai blood pressure ko control karta hai naadi sodhan anulom vilom difarmeti dimag me body me jaha bhi gaye blockage hai usko dur karta hai tamaam aisi negativity dur ho jaati hai Negative enarjis khatam ho jaati hai uske banerjee aati hai uski feeling karti hai dono time se positivity aati hai yahi sab karna chahiye

नाड़ी शोधन को धीमी गति से रिचा को पूरा करते हैं अनुलोम-विलोम को तेज गति से रिचा को पूरा कर

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Dr. R. K. Gupta

Yoga & Nature Care Health center

0:24

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inderjeet singh

Yoga Trainer

1:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों प्राणायाम में कोई ज्यादा फर्क तो नहीं है पर फिर भी नाड़ी शोधन प्राणायाम का हमारे जीवन में ज्यादा फर्क पड़ता है नाड़ी शोधन प्राणायाम में हम क्या करते हैं राइट नॉस्ट्रिल को बंद करने का लेफ्ट नॉस्ट्रिल धीरे-धीरे श्वास भरते राइट से छोड़ते धीरे-धीरे राइट से भरते लक्ष्य छोड़ दे ऐसी कम से कम 2 रन करनी चाहिए हमें तो इससे हमारा मन शांत होता है अनुलोम-विलोम में क्या होता है हम स्पीड से सांस लेते हैं फिर से छोड़ते हैं उससे थोड़ा नुकसान होने का खतरा उतना खर्च बीपी वगैरह बढ़ने का चांस होता है नाड़ी शोधन प्राणायाम से हमारा ज्यादातर तो हमारी बॉडी को दोनों में से जो चाहे कर सकते हैं दोनों में ठीक है वैसे भी ज्यादा बेनिफिट नाड़ी शोधन का है

dono pranayaam me koi zyada fark toh nahi hai par phir bhi naadi sodhan pranayaam ka hamare jeevan me zyada fark padta hai naadi sodhan pranayaam me hum kya karte hain right nastril ko band karne ka left nastril dhire dhire swas bharte right se chodte dhire dhire right se bharte lakshya chhod de aisi kam se kam 2 run karni chahiye hamein toh isse hamara man shaant hota hai anulom vilom me kya hota hai hum speed se saans lete hain phir se chodte hain usse thoda nuksan hone ka khatra utana kharch BP vagera badhne ka chance hota hai naadi sodhan pranayaam se hamara jyadatar toh hamari body ko dono me se jo chahen kar sakte hain dono me theek hai waise bhi zyada benefit naadi sodhan ka hai

दोनों प्राणायाम में कोई ज्यादा फर्क तो नहीं है पर फिर भी नाड़ी शोधन प्राणायाम का हमारे जीव

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Ashish Lavania

Yoga Trainer

0:26
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Dr. Janaki Oli

योगा टीचर

0:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों प्राणायाम खिलाफ बराबर है नाड़ी शोधन प्राणायाम कुछ कठिन है अनुलोम विलोम प्राणायाम सरल है अतः आप सारे लव यू नाड़ी शोधन प्राणायाम में से मिलते हैं वह सभी अनुलोम विलोम प्राणायाम को करके ले सकते हैं अनुलोम विलोम प्राणायाम सरल और सहज है

dono pranayaam khilaf barabar hai naadi sodhan pranayaam kuch kathin hai anulom vilom pranayaam saral hai atah aap saare love you naadi sodhan pranayaam mein se milte hain vaah sabhi anulom vilom pranayaam ko karke le sakte hain anulom vilom pranayaam saral aur sehaz hai

दोनों प्राणायाम खिलाफ बराबर है नाड़ी शोधन प्राणायाम कुछ कठिन है अनुलोम विलोम प्राणायाम सरल

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xyz

nothing

3:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में जिसकी आप बात कर रहे हैं उसमें कोई अंतर नहीं है कुछ लोग उसको नाड़ी शोधन के नाम से जानते हैं और कुछ लोग अनुलोम विलोम के नाम से वैसे उसका असली नाम नाड़ी शोधन है कि हमारे शरीर की 72000 लड़कियों को शुद्ध करता है यह प्राणायाम अनुलोम विलोम अनुलोम का मतलब होता है अंदर की तरफ खींचना और जुनून मतलब उसका विपरीत उसको अनुलोम विलोम प्राणायाम कहा जाता है तो उसको हम एक नासिका से भी कर सकते हैं जैसे हमने दाहिनी नासिका बंद की और बाएं नासिका से सांस को अंदर 1222 ही छोड़ दिया तो यह अनुभव हुआ अंदर लेना बाहर छोड़ना यह चंद्र अनुलोम विलोम प्राणायाम हो क्या ऐसी दोनों नासिका से हम बैठे बैठे सांस लेंगे तो अनुलोम हो गया और सब साथ छोड़ेंगे विलोम प्राणायाम कहलाता है लेकिन आप मेरे साथ जिस प्राणायाम की बात कर रहे हैं जो कि आज का प्रचलन है वह नाड़ी शोधन प्राणायाम है लेकिन वही रूम रूम के नाम से आजकल जाना जा रहा है नाम में कुछ भी नहीं रखा है दोनों वही है नाड़ी शोधन नहीं है तो इन चाहे आप अनुलोम करें चाइनाड़ी सदन करें कोई अंतर नहीं है कुछ लोग इसको इस तरह से भी इसकी व्याख्या करते हैं कि जिस में हम समझ को रोकते हैं वह नाड़ी शोधन है जिसमें सांस नहीं रोकी जाती है वह अनुलोम विलोम प्राणायाम है ऐसा नहीं है शुरुआत में नाड़ी शोधन गढ़िया में जो देखना होते हैं उनको सांस रोकने को नहीं कहा जाता है उनसे कहा जाता है कि साथ दीजिए लेफ्ट से राइट से छोड़ दीजिए रेड चिलीज नेट को छोड़ दीजिए इस अभ्यास को करते-करते कुछ समय हो जाने के बाद फिर उसके बाद उनसे कहा जाता है कि आप सांस को अंदर रोकना शुरू कीजिए ओके क्षमता अनुसार फिर हल्की हल्की हल्की हमसे जो सांस रोकना कुंभक को बढ़ाया जाता है तो यह प्रोसेस है अब पता नहीं क्यों लोग इसको इस तरह से प्रस्तुत कर रहे हैं जिससे कि आप जैसे लोग कंफ्यूज हो रहे हैं बहुत सिंपल है साधारण सी बात है वही प्राणायाम है उसको बिना सांस करो केक करें तो लोग जो सांसों के करते तो है नाड़ी शोधन ऐसा मित्र सजा रखा है है वहीं प्रणब नाड़ी शोधन प्राणायाम विदाउट ब्रेकिंग होल्डिंग बिना सांस करोगे और सांस करो कि करेंगे तभी नाड़ी शोधन बिना सांस करो कि करेंगे तभी नाड़ी शोधन अगर आपको समझ में बात आई हो धन्यवाद

naadi sodhan aur anulom vilom pranayaam mein jiski aap baat kar rahe hai usme koi antar nahi hai kuch log usko naadi sodhan ke naam se jante hai aur kuch log anulom vilom ke naam se waise uska asli naam naadi sodhan hai ki hamare sharir ki 72000 ladkiyon ko shudh karta hai yah pranayaam anulom vilom anulom ka matlab hota hai andar ki taraf khinchana aur junun matlab uska viprit usko anulom vilom pranayaam kaha jata hai toh usko hum ek nasika se bhi kar sakte hai jaise humne dahini nasika band ki aur baen nasika se saans ko andar 1222 hi chod diya toh yah anubhav hua andar lena bahar chhodna yah chandra anulom vilom pranayaam ho kya aisi dono nasika se hum baithe baithe saans lenge toh anulom ho gaya aur sab saath chodenge vilom pranayaam kehlata hai lekin aap mere saath jis pranayaam ki baat kar rahe hai jo ki aaj ka prachalan hai vaah naadi sodhan pranayaam hai lekin wahi room room ke naam se aajkal jana ja raha hai naam mein kuch bhi nahi rakha hai dono wahi hai naadi sodhan nahi hai toh in chahen aap anulom kare chainadi sadan kare koi antar nahi hai kuch log isko is tarah se bhi iski vyakhya karte hai ki jis mein hum samajh ko rokte hai vaah naadi sodhan hai jisme saans nahi roi jaati hai vaah anulom vilom pranayaam hai aisa nahi hai shuruat mein naadi sodhan gadhiya mein jo dekhna hote hai unko saans rokne ko nahi kaha jata hai unse kaha jata hai ki saath dijiye left se right se chod dijiye red chillies net ko chod dijiye is abhyas ko karte karte kuch samay ho jaane ke baad phir uske baad unse kaha jata hai ki aap saans ko andar rokna shuru kijiye ok kshamta anusaar phir halki halki halki humse jo saans rokna kumbhak ko badhaya jata hai toh yah process hai ab pata nahi kyon log isko is tarah se prastut kar rahe hai jisse ki aap jaise log confuse ho rahe hai bahut simple hai sadhaaran si baat hai wahi pranayaam hai usko bina saans karo cake kare toh log jo shanson ke karte toh hai naadi sodhan aisa mitra saza rakha hai hai wahi pranab naadi sodhan pranayaam without breaking holding bina saans karoge aur saans karo ki karenge tabhi naadi sodhan bina saans karo ki karenge tabhi naadi sodhan agar aapko samajh mein baat I ho dhanyavad

नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में जिसकी आप बात कर रहे हैं उसमें कोई अंतर नहीं है कु

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

0:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम में क्या अंतर है दोनों में कौन सा बेहतर देखिए जो है केवल समझ का फर्क है एक ही अभ्यास है अब लोग अनुलोम-विलोम को थोड़ा प्रक्रिया एक ही जैसी है और अनाड़ी सोलंकी को हल कैसे किया जाता है बाईं नासिका से सांस लेकर 10 लोगों ने पसंद कर लिया भेजना

aapka prashna naadi sodhan aur anulom vilom mein kya antar hai dono mein kaun sa behtar dekhiye jo hai keval samajh ka fark hai ek hi abhyas hai ab log anulom vilom ko thoda prakriya ek hi jaisi hai aur anadi solanki ko hal kaise kiya jata hai bain nasika se saans lekar 10 logo ne pasand kar liya bhejna

आपका प्रश्न नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम में क्या अंतर है दोनों में कौन सा बेहतर देखिए जो है

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Abhijeet Soni

Yoga Instructor & Software Developer

2:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं बिजी सोनी बात कर रहा हूं आपके स्वाद में गाड़ी शोधन प्राणायाम में क्या अंतर है इसमें कौन सा बेहतर है और इनका अभ्यास कैसे करें अगर मैं सही हूं तो दोनों एक ही प्रणाम है अब कहां से वेरिएशन आता है मैं इसके बारे में आपको कंप्लीट बताऊंगा लेकिन अनुलोम-विलोम की है अब होता क्या है आप लेफ्ट नॉस्ट्रिल से आंख लिए राइट से छोड़े राइट से लिए लक्ष्य छोड़े तो यह होता अनलॉक लो अब इसमें और क्या-क्या वेरिएशन आते अगर आप बिल्कुल स्वस्थ है तो सांस को रोकने की भी कोशिश कीजिए उसका रेश्यो का पनिश टू फोर टू का वन इस 2.22 जाने का अगर आप 1% पर लेते हैं आने की 4 सेकंड तो उसका 4 गुना तक सांस को रोके आने की 16 सेकंड अब फिर से बाहर छोड़िए वह होगा दुगना याने कि 8 सेकंड तो फिर से रिपीट करूंगा रेश्यो 1st फोर्स टू टू का रहेगा अगर आप 4 सेकंड में अंदर सांस लेते हैं तो क्लास सेकंड रॉकी और 8 सेकंड में श्वास को बाहर निकालिए फिर से यही रिपीट होगा फिर से आप सांस लीजिए 4 सेकंड 16 सेकंड रुके फिर से आप श्वास को बाहर निकालिए 8 सेकंड में और यह साइकिल चलेगा लेफ्ट टू राइट राइट टो लेफ्ट फिर से लेफ्ट टू राइट राइट टू लव तो इससे क्या होता है ना पिंगला और सरस्वती जो नाडिया प्रश्न हमारे शरीर में वह तीनों तीनों सुषुप्त हो जाए सुषुप्त से जागृत अवस्था में आ जाती है और आप देखेंगे कि आपके दोनों नॉस्ट्रिल्स हमेशा तो नहीं चलते लेकिन कुछ समय में वह चलना भी शुरू कर देंगे तो यहीं है सर में कंप्लीट अनुलोम-विलोम बोला जाए या फिर नाड़ी शोधन जो टीवी में दिखाया जाता है वह सांस रोकने के बाद उसमें इसलिए नहीं की जाती क्योंकि लोग कहीं ना कहीं बीमार है कोइन कोई बीमारी से ग्रसित है आपको भी अगर लगे कि आप अच्छा महसूस नहीं कर रहा है तो सांस को फिर ले ले जबरदस्ती ना करें अपने और थोड़ा बहुत चक्कर आता है आपने देखा होगा फिर भी अगर आपको हाई बीपी हो घर की दिक्कत हो तो या सांस रोकना ना ही करें तो बेहतर सिर में दर्द हो तो उस परिस्थिति में सांस होकर को ना रुके नॉर्मल ही ले छोड़े ले छोड़े और अगर आपको थोड़ा डीप में जाना है तब आप यह सास को इस रेशों में लेने का फिर अंदर रुकने का फिर बाहर छोड़ने का इस तरीके की प्रक्रिया कर सकते हैं

namaskar main busy sony baat kar raha hoon aapke swaad mein gaadi sodhan pranayaam mein kya antar hai isme kaun sa behtar hai aur inka abhyas kaise kare agar main sahi hoon toh dono ek hi pranam hai ab kahaan se variation aata hai iske bare mein aapko complete bataunga lekin anulom vilom ki hai ab hota kya hai aap left nastril se aankh liye right se chode right se liye lakshya chode toh yah hota unlock lo ab isme aur kya kya variation aate agar aap bilkul swasthya hai toh saans ko rokne ki bhi koshish kijiye uska ratio ka punish to four to ka van is 2 22 jaane ka agar aap 1 par lete hain aane ki 4 second toh uska 4 guna tak saans ko roke aane ki 16 second ab phir se bahar chodiye vaah hoga dugna yane ki 8 second toh phir se repeat karunga ratio 1st force to to ka rahega agar aap 4 second mein andar saans lete hain toh class second rocky aur 8 second mein swas ko bahar nikaliye phir se yahi repeat hoga phir se aap saans lijiye 4 second 16 second ruke phir se aap swas ko bahar nikaliye 8 second mein aur yah cycle chalega left to right right toe left phir se left to right right to love toh isse kya hota hai na pingla aur saraswati jo nadia prashna hamare sharir mein vaah tatvo teenon sushupt ho jaaye sushupt se jagrit avastha mein aa jaati hai aur aap dekhenge ki aapke dono nostrils hamesha toh nahi chalte lekin kuch samay mein vaah chalna bhi shuru kar denge toh yahin hai sir mein complete anulom vilom bola jaaye ya phir naadi sodhan jo TV mein dikhaya jata hai vaah saans rokne ke baad usme isliye nahi ki jaati kyonki log kahin na kahin bimar hai coin koi bimari se grasit hai aapko bhi agar lage ki aap accha mehsus nahi kar raha hai toh saans ko phir le le jabardasti na kare apne aur thoda bahut chakkar aata hai aapne dekha hoga phir bhi agar aapko high BP ho ghar ki dikkat ho toh ya saans rokna na hi kare toh behtar sir mein dard ho toh us paristithi mein saans hokar ko na ruke normal hi le chode le chode aur agar aapko thoda deep mein jana hai tab aap yah saas ko is reshon mein lene ka phir andar rukne ka phir bahar chodne ka is tarike ki prakriya kar sakte hain

नमस्कार मैं बिजी सोनी बात कर रहा हूं आपके स्वाद में गाड़ी शोधन प्राणायाम में क्या अंतर है

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Dr.Rajyogi

Yoga Trainer

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नाड़ी शोधन एवं अनुलोम विलोम प्राणायाम में मूल रूप से यह अंतर है अनुलोम-विलोम हम कंचनी लगातार कर सकते हैं जबकि नाड़ी शोधन प्रत्येक इन्हेल के बाद जब आप कुंभक करते हैं शास्त्र रोकते हैं और रोकने के बाद तीनों बंद लगाते हैं तत्पश्चात बंद हटाकर दूसरे 9 साल से एक सेल कर देते हैं इस प्रकार जिसमें कुंभक का प्रयोग किया जाता है या सांस रोका जाता है वह नाड़ी शोधन और जिसमें कुंभक या स्वास्थ्य की रोकने की प्रक्रिया नहीं होती वह अनुलोम-विलोम कहलाएगा

naadi sodhan evam anulom vilom pranayaam mein mul roop se yah antar hai anulom vilom hum kanchani lagatar kar sakte hain jabki naadi sodhan pratyek inhale ke baad jab aap kumbhak karte hain shastra rokte hain aur rokne ke baad tatvo band lagate hain tatpashchat band hatakar dusre 9 saal se ek cell kar dete hain is prakar jisme kumbhak ka prayog kiya jata hai ya saans roka jata hai vaah naadi sodhan aur jisme kumbhak ya swasthya ki rokne ki prakriya nahi hoti vaah anulom vilom kehlaega

नाड़ी शोधन एवं अनुलोम विलोम प्राणायाम में मूल रूप से यह अंतर है अनुलोम-विलोम हम कंचनी लगात

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन सा बेहतर है महीने का ब्याज कैसे करूं आपको बता सकते हैं नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम लगभग एक ही तरह के प्रणब है कोई व्यक्ति नाड़ी शोधन करता है कोई अनुलोम-विलोम काटता है कोई सूर्य नमस्कार सर जी प्रणाम करता है कोई चंद्र प्रणाम करता है योग में बहुत सारे नामों से इसे विकसित किया है अवर है जहां तक नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम क्या बात है तो आपको मैं बता देना चाहता हूं संक्षिप्त और पर आप ब्रह्म मुहूर्त में जग जाए और दैनिक क्रियाकलापों से निवृत्त हो जाएं अनादि करने के बाद दो-तीन गिलास पानी पी ले वज्रासन में बैठ जाएं जमीन पर या विशेष परिस्थितियों में आप बेड पर बैठ सकते हैं आप लेफ्ट नासिका से यानी बाईं नासिका से सांस लें तदुपरांत आपदा से बाहर कर दें ऐसा बारंबार कम से कम 21 बार लेफ्ट और दाहिने और बाएं से छोड़ें कम से कम 21 बार करना तो परम आवश्यक है उसके बाद जा रहा कि आपका शारीरिक क्षमता क्या है कितना समय है आपके पास अधिक से अधिक करेंगे तो अधिक से अधिक आपको फायदे होंगे नो डाउट धन्यवाद

aapka question hai naadi sodhan aur anulom vilom pranayaam mein kya antar hai inme se kaun sa behtar hai mahine ka byaj kaise karu aapko bata sakte hain naadi sodhan aur anulom vilom lagbhag ek hi tarah ke pranab hai koi vyakti naadi sodhan karta hai koi anulom vilom katata hai koi surya namaskar sir ji pranam karta hai koi chandra pranam karta hai yog mein bahut saare namon se ise viksit kiya hai avar hai jaha tak naadi sodhan aur anulom vilom kya baat hai toh aapko main bata dena chahta hoon sanshipta aur par aap Brahma muhurt mein jag jaaye aur dainik kriyaklapon se sevanervit ho jayen anadi karne ke baad do teen gilas paani p le vajrasan mein baith jayen jameen par ya vishesh paristhitiyon mein aap bed par baith sakte hain aap left nasika se yani bain nasika se saans le taduprant aapda se bahar kar de aisa barambar kam se kam 21 baar left aur dahine aur baen se choodey kam se kam 21 baar karna toh param aavashyak hai uske baad ja raha ki aapka sharirik kshamta kya hai kitna samay hai aapke paas adhik se adhik karenge toh adhik se adhik aapko fayde honge no doubt dhanyavad

आपका क्वेश्चन है नाड़ी शोधन और अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन सा बेह

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Anil pareek

Yoga Instructor

2:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्तों मेरा नाम अनिल पारीक है मैं अजमेर से हूं और मैं आपको इस सवाल का जवाब दे रहा हूं नाड़ी शोधन अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है इनमें से कौन सा बेहतर है और इनका ब्याज कैसे करूं दोनों पर दोनों ही एक जैसे ही हैं थोड़ा सा अंतर यह अनुलोम-विलोम में आप इन्हें और एग्जिट करते चले जाते हैं एक तरफ से ईमेल करते हुए दूसरी तरफ से अफजल करते हो फिर दूसरी तरफ से नेल करते हो और फास्ट वैशाली जगह जहां से अपनी शुरू किया था वहां से एग्जिट कर देते हो कुछ समझ में आपने फर्स्ट ऑफ ऑल बाईं तरफ से यानी आपकी लखनऊ से सांस ली और खुश लेफ्ट नोज के सांसदों और राइट ने उसे छोड़ दिया फिर नाइट में उसे अपने साथ लिया और लेफ़्नो उसको छोड़ दिया या नो में नाड़ी शोधन में क्या अंतर है नाड़ी शोधन उसी तरीके से किया जाता है आपको बाई तरफ से साथ के लिए 2:30 तक छोड़ नहीं है दाईं तरफ से सांस लेनी है भाई तू छोड़ दे लेकिन हाथ में आपको जो चीज करनी है वह यह करनी है कि जितने समय तक आप साथ में रहे हो उससे डेढ़ गुना समय तक आपको साथ छोड़ने का अभ्यास करना है और कितने टाइम में ले रहे हो उससे डबल तक आप इस अभ्यास को ले जा सकते हो बीच में जहां पर आपको जिसको हम बोल सकते इन्हेल के बीच में एक स्थिति आती है जब नया में सांस लेनी होती ना छोड़ नहीं होती है सांस को या तो अंदर रखना होता है या बिल्कुल बाहर रखना होता है जिसको हम लोग कुंभक बोलते हैं अंतः कुंभक भाई जिस समय में सांस को अंदर ओके रखते हैं उसको अंतर है को मत बोलते हैं और जिस समय सांस को बाहर होकर रखते हैं बाहर कुमक बोलते हैं इसके साथ जब किया जाएगा और टाइमिंग के अकॉर्डिंग किया जाएगा कि जितने समय आप साथ फेरोसे डेढ़ गुना से मैं दुनिया छोड़ छोड़ गए तो वह नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम से शुरू कर सकते हो और नाड़ी शोधन पर आप उसको ला सकते हो दोनों ही अपनी जगह बेहतर है शुरूआत किया अनुलोम विलोम और आगे बढ़ते बढ़ते आपके लिए नाड़ी शोधन और दोनों का अभ्यास आप कर सकते हो शुरुआत आप अनुलोम-विलोम सैनिक केवल इन्हेल करने वाला जेल करने से करिए और धीरे-धीरे आप उसको कुंभक के साथ बाहर सांस रोकने अंदर सांस्कृतिक आप बढ़ाते चली जाएगी किसी भी तरह की प्रॉब्लम आए तो घबराना मत अनुलोम-विलोम सबसे बढ़िया पूर्णिया में जो आपको किसी लेवल का नुकसान नहीं होने देता

doston mera naam anil parik hai ajmer se hoon aur main aapko is sawaal ka jawab de raha hoon naadi sodhan anulom vilom pranayaam mein kya antar hai inmein se kaun sa behtar hai aur inka byaj kaise karu dono par dono hi ek jaise hi hain thoda sa antar yah anulom vilom mein aap inhen aur exit karte chale jaate hain ek taraf se email karte hue dusri taraf se afzal karte ho phir dusri taraf se nail karte ho aur fast vaishali jagah jaha se apni shuru kiya tha wahan se exit kar dete ho kuch samajh mein aapne first of all bain taraf se yani aapki lucknow se saans li aur khush left nose ke sansadon aur right ne use chod diya phir night mein use apne saath liya aur lefno usko chod diya ya no mein naadi sodhan mein kya antar hai naadi sodhan usi tarike se kiya jata hai aapko bai taraf se saath ke liye 2 30 tak chod nahi hai dain taraf se saans leni hai bhai tu chod de lekin hath mein aapko jo cheez karni hai vaah yah karni hai ki jitne samay tak aap saath mein rahe ho usse dedh guna samay tak aapko saath chodne ka abhyas karna hai aur kitne time mein le rahe ho usse double tak aap is abhyas ko le ja sakte ho beech mein jaha par aapko jisko hum bol sakte inhale ke beech mein ek sthiti aati hai jab naya mein saans leni hoti na chod nahi hoti hai saans ko ya toh andar rakhna hota hai ya bilkul bahar rakhna hota hai jisko hum log kumbhak bolte hain antah kumbhak bhai jis samay mein saans ko andar ok rakhte hain usko antar hai ko mat bolte hain aur jis samay saans ko bahar hokar rakhte hain bahar kumak bolte hain iske saath jab kiya jaega aur timing ke according kiya jaega ki jitne samay aap saath ferose dedh guna se main duniya chod chhod gaye toh vaah naadi sodhan pranayaam anulom vilom se shuru kar sakte ho aur naadi sodhan par aap usko la sakte ho dono hi apni jagah behtar hai shuruat kiya anulom vilom aur aage badhte badhte aapke liye naadi sodhan aur dono ka abhyas aap kar sakte ho shuruat aap anulom vilom sainik keval inhale karne vala jail karne se kariye aur dhire dhire aap usko kumbhak ke saath bahar saans rokne andar sanskritik aap badhate chali jayegi kisi bhi tarah ki problem aaye toh ghabrana mat anulom vilom sabse badhiya purniya mein jo aapko kisi level ka nuksan nahi hone deta

दोस्तों मेरा नाम अनिल पारीक है मैं अजमेर से हूं और मैं आपको इस सवाल का जवाब दे रहा हूं नाड

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

1:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है देखिए नाड़ी शोधन प्राणायाम और अनुलोम विलोम प्राणायाम जैसे कि हम आजकल देख रहे हैं वैसे कोई अंतर नहीं है कुछ संस्थानों में अनुलोम-विलोम और नाड़ी शोधन में कुछ थोड़ा सा अंतर रखा गया है आप इसमें भ्रमित ना हो जो नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम को एक ही समझ कर आप करें दोनों की एक ही लाभ है कुछ लोग इसको तेज गति से कराते हैं कुछ लोग धीमी गति से कराते हैं लेकिन इसका सही तरीका धीमी गति से ही करने का है और इसके अंदर और भी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां हैं जो आपको शायद किसी पुस्तक में ना मिले इसके लिए आप मेरा वीडियो देखिए यूट्यूब चैनल पर जाइए चैनल को सब्सक्राइब करिए और नाड़ी शोधन प्राणायाम का वीडियो अब देखिए आपको पता लगेगा की वाकई में यह अमेजिंग है बहुत अधिक चमत्कारिक प्राणायाम है और लेकिन इसका सही तरीका जब तक आप नहीं सीखेंगे आप पूर्णता से लाभ नहीं उठा पाएंगे तो सही तरीका सीखने के लिए वीडियो देखिए उसमें मैंने सारी गलतियां बताई है जंगली जो लोग करते हैं और इस तरह सही तरीके से करना है वह तरीका भी उसमें मैंने स्पष्ट रूप से बताया है जो आपको शायद किसी पुस्तक में नहीं मिलने वाला तो आप उसको देखिए हरि ओम

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नाड़ी शोधन प्राणायाम अनुलोम विलोम प्राणायाम में क्या अंतर है देखिए नाड़ी शोधन प्राणायाम और

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Dr.Swatantra Sharma

Yoga Expert & Consultant

0:47
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम की प्रक्रिया एक समान ही है बस केवल श्वास लेने की प्रक्रिया में अंतर है अनुलोम-विलोम में जहां श्वास लेते समय आवाज उत्पन्न होती है घर्षण होता है जिससे नेशनल ट्रैक की क्लीनिक होती है वही नाड़ी शुद्धि का अभ्यास अत्यंत धीरे-धीरे होता है बिना किसी आवाज के अनुलोम-विलोम में शोषण की दर 3 से 5 सेकंड हो सकती है लेकिन नाड़ी शोधन में श्वसन की एक नोस्टल से शोषण की दर को कम 15 से 20 सेकंड 25 सेकंड 30 सेकंड अथवा 1 मिनट तक भी लंबा कर सकते हैं जितना श्वास लंबा होगा नाड़ी शोधन का लाभ उतना ही अधिक प्राप्त होगा

naadi sodhan aur anulom vilom ki prakriya ek saman hi hai bus keval swas lene ki prakriya mein antar hai anulom vilom mein jaha swas lete samay awaaz utpann hoti hai gharshan hota hai jisse national track ki clinic hoti hai wahi naadi shudhi ka abhyas atyant dhire dhire hota hai bina kisi awaaz ke anulom vilom mein shoshan ki dar 3 se 5 second ho sakti hai lekin naadi sodhan mein shwasan ki ek nostal se shoshan ki dar ko kam 15 se 20 second 25 second 30 second athva 1 minute tak bhi lamba kar sakte hain jitna swas lamba hoga naadi sodhan ka labh utana hi adhik prapt hoga

नाड़ी शोधन और अनुलोम-विलोम की प्रक्रिया एक समान ही है बस केवल श्वास लेने की प्रक्रिया में

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नाड़ी शुद्धि प्राणायाम क्या है ; नाड़ी शोधन प्राणायाम ; नाड़ी शोधन क्या है ;

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