योग में सत्य का क्या अर्थ है?...


play
user

Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

0:30

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

युग में सत्यता के अर्थ का मतलब हमेशा चाहिए तो जो बनाए हैं यह शब्द का मतलब सत्व सत्यवादी होना चाहिए और किसी का ज्ञान भी चुरा कर बोलना जो है ज्ञान भी किसी किसी की बात को अपना बताना यह भी एक तरह से आ सकती है तो उसका मतलब सती होता है चाहे वह युग में हो क्या या सामान्य जन जीवन में धन

yug mein satyata ke arth ka matlab hamesha chahiye toh jo banaye hain yah shabd ka matlab satwa satyawadi hona chahiye aur kisi ka gyaan bhi chura kar bolna jo hai gyaan bhi kisi kisi ki baat ko apna bataana yah bhi ek tarah se aa sakti hai toh uska matlab sati hota hai chahen vaah yug mein ho kya ya samanya jan jeevan mein dhan

युग में सत्यता के अर्थ का मतलब हमेशा चाहिए तो जो बनाए हैं यह शब्द का मतलब सत्व सत्यवादी हो

Romanized Version
Likes  137  Dislikes    views  1595
WhatsApp_icon
4 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आपका प्रश्न है कि योग में सत्य का अर्थ क्या है योग क्या कहीं पर भी सत्य का अर्थ हमेशा एक ही होगा अलग नहीं आऊंगा जैसे टू प्लस टू इक्वल टू फोर होता है यह सब तो यह सभी के लिए एक जैसा ही सत्य है चाहे वह युग में हो चाहे किसी भी विषय में हो तो सत्य का अर्थ होता है मन वचन और कर्म से किया हुआ बोला हुआ सत्य ही सत्य है जो आप सोचते हैं और फिर जो उसको आप बोलते हैं और उसको आप करते हैं यह तीनो चीज़ जब एक ही समान होती हैं आपका आपका समझना फिर आपका बोलना और फिर उसको करना इन तीनों चीजों में कुछ भी डिफरेंस नहीं आना चाहिए तो उसको बोलते हैं मन वचन और कर्म से किया हुआ बोला हुआ सत्य ही एक्शन सकते हैं क्या आपके मन में विचार पूछो और आया फिर आपने बोला कुछ और और आपने करा कुछ और तो यह सत्य नहीं हुआ इस तरीके मन वचन और कर्म से जो सत्य बोलता है या करता है वही एक्सेल सत्य है

dekhiye aapka prashna hai ki yog mein satya ka arth kya hai yog kya kahin par bhi satya ka arth hamesha ek hi hoga alag nahi aaunga jaise to plus to equal to four hota hai yah sab toh yah sabhi ke liye ek jaisa hi satya hai chahen vaah yug mein ho chahen kisi bhi vishay mein ho toh satya ka arth hota hai man vachan aur karm se kiya hua bola hua satya hi satya hai jo aap sochte hain aur phir jo usko aap bolte hain aur usko aap karte hain yah teeno cheez jab ek hi saman hoti hain aapka aapka samajhna phir aapka bolna aur phir usko karna in tatvo chijon mein kuch bhi difference nahi aana chahiye toh usko bolte hain man vachan aur karm se kiya hua bola hua satya hi action sakte kya aapke man mein vichar pucho aur aaya phir aapne bola kuch aur aur aapne kara kuch aur toh yah satya nahi hua is tarike man vachan aur karm se jo satya bolta hai ya karta hai wahi excel satya hai

देखिए आपका प्रश्न है कि योग में सत्य का अर्थ क्या है योग क्या कहीं पर भी सत्य का अर्थ हमेश

Romanized Version
Likes  122  Dislikes    views  1747
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

0:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पोषण है योग में सत्य का क्या अर्थ है तो मैं एक लाइन में आपको आंसर देता हूं योग्य सत्यं जगत मिथ्या योग ही सत्य है बाकी सब मिथ्या है मिथक है संसार झूठा है लेकिन योग सत्य है इसलिए कहा गया है योगा में सत्य जगत मिथ्या योग सत्य है पूरा संसार झूठा है आप समझ गए होंगे धन्यवाद

aapka poshan hai yog mein satya ka kya arth hai toh main ek line mein aapko answer deta hoon yogya satyan jagat mithya yog hi satya hai baki sab mithya hai mithak hai sansar jhutha hai lekin yog satya hai isliye kaha gaya hai yoga mein satya jagat mithya yog satya hai pura sansar jhutha hai aap samajh gaye honge dhanyavad

आपका पोषण है योग में सत्य का क्या अर्थ है तो मैं एक लाइन में आपको आंसर देता हूं योग्य सत्य

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  983
WhatsApp_icon
user

Dr.Swatantra Sharma

Yoga Expert & Consultant

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में सत्य का अर्थ वही है जो सत्य का शाश्वत अर्थ है सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात न ब्रूयात सत्यम प्रियम प्रियम सत्यम नवरात्र धर्म सनातन यानी कड़वा सच नहीं बोलना ऐसा सच बोलना जो कि हितकारी हो और प्रिय असत्य भी नहीं बोलना हम सत्य को सत्य के रूप में परिभाषित करें जिससे जनकल्याण हो और जो समाज के कल्याण के लिए अपनी कसौटी पर खरा खरा उतर सके और वह शाश्वत हो शास्त्रों से प्रमाणित हो ऐसा शब्द

yog mein satya ka arth wahi hai jo satya ka shashvat arth hai satyam bruyat priyan bruyat na bruyat satyam priyam priyam satyam navaraatra dharm sanatan yani kadwa sach nahi bolna aisa sach bolna jo ki hitkari ho aur priya asatya bhi nahi bolna hum satya ko satya ke roop mein paribhashit kare jisse jankalyan ho aur jo samaj ke kalyan ke liye apni kasouti par Khara Khara utar sake aur vaah shashvat ho shastron se pramanit ho aisa shabd

योग में सत्य का अर्थ वही है जो सत्य का शाश्वत अर्थ है सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात न ब्रूय

Romanized Version
Likes  44  Dislikes    views  1025
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!