पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है?...


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इसमें देश में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है जय श्री राधे भारत को दुनिया का जो गुरु मानी जाती है और यहां से जोक्स के लोग जाकर अपने देश में प्रचार और प्रसार में लगे इस पर पर कमर्शल लाइजेशन के दिशा दे सकते हैं आप जो शास्त्र का अध्ययन करके जोक सर सर चुनरी सरके जो शास्त्र को प्रचार और प्रसार करते हैं और एक तरफ से कुछ पैसा भी कमाते हैं कमर्शियल आई जेशन उसकी कर रही हैं तो पश्चिमी देशों में यह कला है वह जो अच्छी चीज होती है हमारे देश में उसको जाकर सिक्के उसको प्रचार और प्रसार करते हैं तो उसे काफी पैसा कमाते आज के समय में अगर हम चिंतन करें ऐसा बहुत सारा देश है जो कि हमारे जैसे यह सारा चीज सीखे जाकर अपने देश में इसका प्रचार और प्रसार करते हैं और काफी बुलाती हो चुके हैं दुनिया में से कोई देश नहीं है जहां पर जो आज पहुंचा नहीं तो यह जाहिर सी बात है इसको हम रोक भी नहीं सकते क्योंकि ऐसा नहीं है कि गुरु से बढ़कर एक का अपना चेक नहीं हो सकता तो यह वही बात हो गई कि जोशी के जाते हैं हमारे देश से वह हमसे आगे आज पढ़ चुके हैं तो हमें इस दिशा में कुछ कर नहीं सकते लेकिन हम ऐसा कर सकते हैं कि जो चीज हमारे देश से हुई है आरंभ हुई है उसको और हाउस प्रचार और प्रसार करके जनमानस में इसको अगर हम हो जाते तो अच्छा होगा धन्यवाद

isme desh me bhi yog ka prashikshan kyon badh raha hai jai shri radhe bharat ko duniya ka jo guru maani jaati hai aur yahan se jokes ke log jaakar apne desh me prachar aur prasaar me lage is par par commercial laijeshan ke disha de sakte hain aap jo shastra ka adhyayan karke joke sir sir chunari sarake jo shastra ko prachar aur prasaar karte hain aur ek taraf se kuch paisa bhi kamate hain commercial I jeshan uski kar rahi hain toh pashchimi deshon me yah kala hai vaah jo achi cheez hoti hai hamare desh me usko jaakar sikke usko prachar aur prasaar karte hain toh use kaafi paisa kamate aaj ke samay me agar hum chintan kare aisa bahut saara desh hai jo ki hamare jaise yah saara cheez sikhe jaakar apne desh me iska prachar aur prasaar karte hain aur kaafi bulati ho chuke hain duniya me se koi desh nahi hai jaha par jo aaj pohcha nahi toh yah jaahir si baat hai isko hum rok bhi nahi sakte kyonki aisa nahi hai ki guru se badhkar ek ka apna check nahi ho sakta toh yah wahi baat ho gayi ki joshi ke jaate hain hamare desh se vaah humse aage aaj padh chuke hain toh hamein is disha me kuch kar nahi sakte lekin hum aisa kar sakte hain ki jo cheez hamare desh se hui hai aarambh hui hai usko aur house prachar aur prasaar karke janmanas me isko agar hum ho jaate toh accha hoga dhanyavad

इसमें देश में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है जय श्री राधे भारत को दुनिया का जो गुरु

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Mukesh Saini

Health and Fitness Expert/ MOTIVATION SPEAKER

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पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण है वह बहुत ज्यादा बढ़ रहा है उसका रीजन जाएगी योग अपने आप में ही एक ऐसा ऐसा वर्कआउट है सेक्स में जिसको करने से आपका शरीर को हेल्दी होता है और इसके लिए सबसे अच्छी बात है कि आप को बहुत मतलब आप किसी भी उम्र में कर सकते हैं आपको बहुत धनी फिट्स मिलेंगे योग करने से और योग पश्चिम देशों में इसलिए किया जा रहा है एक तो उनके पास समय की बहुत ज्यादा कमी है बहुत ज्यादा आदमी अपने आप में बिजी हो जो तनाव पड़ा हुआ है मानसिक तनाव इसका एक बड़ा कारण है कि वह एक बहुत मेंटल स्ट्रेस लेकर के जीते हैं और योग जो है मानसिक तनाव को बहुत हद तक दूर करता है और आपको स्वस्थ बनाता है इसीलिए पश्चिमी देशों में योग का जो प्रचलन है वह बढ़ गया है

pashchimi deshon me bhi yog ka prashikshan hai vaah bahut zyada badh raha hai uska reason jayegi yog apne aap me hi ek aisa aisa workout hai sex me jisko karne se aapka sharir ko healthy hota hai aur iske liye sabse achi baat hai ki aap ko bahut matlab aap kisi bhi umar me kar sakte hain aapko bahut dhani fets milenge yog karne se aur yog paschim deshon me isliye kiya ja raha hai ek toh unke paas samay ki bahut zyada kami hai bahut zyada aadmi apne aap me busy ho jo tanaav pada hua hai mansik tanaav iska ek bada karan hai ki vaah ek bahut mental stress lekar ke jeete hain aur yog jo hai mansik tanaav ko bahut had tak dur karta hai aur aapko swasth banata hai isliye pashchimi deshon me yog ka jo prachalan hai vaah badh gaya hai

पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण है वह बहुत ज्यादा बढ़ रहा है उसका रीजन जाएगी योग अपन

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Atul Kumar

Yoga Trainer

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हां यह बात सत्य है पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण बढ़ रहा है उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि साइंटिफिक रीजन साइंटिस्ट भी मानने लगे हैं हरीश टेक्स्ट अभी जो चल रहा है वह सत्य हो रहा है जिससे लोग योग को मानने लगे हैं और इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं

haan yah baat satya hai pashchimi deshon me yog ka prashikshan badh raha hai uska sabse bada karan yah hai ki scientific reason scientist bhi manne lage hain harish text abhi jo chal raha hai vaah satya ho raha hai jisse log yog ko manne lage hain aur iska bharpur fayda utha rahe hain

हां यह बात सत्य है पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण बढ़ रहा है उसका सबसे बड़ा कारण यह है

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Pradeep Solanki

Corporate Yoga Consultant

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पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण इसलिए बढ़ रहा है कि वह लोग हमसे ज्यादा समझ गए हैं कि फाइनली जो परफेक्ट हेल्थ सिस्टम है जो हेल्प परफेक्ट सहयोग से ही मिल सकती है और हम लोग अभी पश्चिमी संस्कृति कॉपी कर रहे हैं यानी जिम जाने पर ज्यादा उतावले हो रहे हैं कि जिम जाएंगे बॉडी बनाएंगे तो इसी कारण से उनको समझ में आ गया और इनसे कभी इंडिया में भी जो जो का प्रचलन हुआ है वह ज्यादातर बाहर की कंपनी ने बोला कि के लिए कराओ तबीयत धीरे-धीरे इंडिया में भी प्रसन्न होना शुरू हो गया तो बाहर टेक्नोलॉजी है बाहर जो हो तब हमारे देश में कुछ ऐसे 10 साल बड़ा लेट आता है तो इस कारण से बाहर वाली अच्छी तरह होगा कर लेंगे तब फाइनली हमें रलाइज होगा कि हमें भी योगा करना चाहिए बाहर इसलिए है कि बाहर उनको समझ में आ गया है कि जो सबसे बढ़िया सिस्टम है प्रीवेंटिव हेल्थ के केस में वह योग है और इससे बढ़िया कोई भी दुनिया में सिस्टम नहीं है इसीलिए वहां इसका प्रशिक्षण और पर्सनल काफी हद तक बढ़ रहा है

pashchimi deshon me yog ka prashikshan isliye badh raha hai ki vaah log humse zyada samajh gaye hain ki finally jo perfect health system hai jo help perfect sahyog se hi mil sakti hai aur hum log abhi pashchimi sanskriti copy kar rahe hain yani gym jaane par zyada utavale ho rahe hain ki gym jaenge body banayenge toh isi karan se unko samajh me aa gaya aur inse kabhi india me bhi jo jo ka prachalan hua hai vaah jyadatar bahar ki company ne bola ki ke liye karao tabiyat dhire dhire india me bhi prasann hona shuru ho gaya toh bahar technology hai bahar jo ho tab hamare desh me kuch aise 10 saal bada late aata hai toh is karan se bahar wali achi tarah hoga kar lenge tab finally hamein ralaij hoga ki hamein bhi yoga karna chahiye bahar isliye hai ki bahar unko samajh me aa gaya hai ki jo sabse badhiya system hai priventiv health ke case me vaah yog hai aur isse badhiya koi bhi duniya me system nahi hai isliye wahan iska prashikshan aur personal kaafi had tak badh raha hai

पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण इसलिए बढ़ रहा है कि वह लोग हमसे ज्यादा समझ गए हैं कि फा

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पश्चिमी देशों में लोकशिक्षण और लोग इतने के प्रति जागरूकता बढ़ रहे तनाव के कारण हो रहा है क्या तिमोप्टिक वादिनी मां का मानसिक संतुलन व्यवस्थित कर दिया है एक ऐसी जीवनशैली जिसमें मानसिक रूप से व्यक्ति शांत नहीं आपने कुछ गलत नहीं है और वह और भौतिकवाद में बहुत सारी समस्याओं के शिकार हो गए हैं दवाओं के आदी हो चुके हैं जिस कारण से वहां पर योग का प्रभाव बढ़ता जा रहा है भारती के प्रति उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है उनका जानकारी लेने का बढ़ती जा रही है भारत आ रहे हैं और यहां से योग सीख कर अपने यहां सिखा रहे हैं जिस कारण से भी बड़ा है और लोगों को सीखने की

pashchimi deshon me lokshikshan aur log itne ke prati jagrukta badh rahe tanaav ke karan ho raha hai kya timoptik vadini maa ka mansik santulan vyavasthit kar diya hai ek aisi jeevan shaili jisme mansik roop se vyakti shaant nahi aapne kuch galat nahi hai aur vaah aur bhautikvad me bahut saari samasyaon ke shikaar ho gaye hain dawaon ke adi ho chuke hain jis karan se wahan par yog ka prabhav badhta ja raha hai bharati ke prati unka prabhav badhta ja raha hai unka jaankari lene ka badhti ja rahi hai bharat aa rahe hain aur yahan se yog seekh kar apne yahan sikha rahe hain jis karan se bhi bada hai aur logo ko sikhne ki

पश्चिमी देशों में लोकशिक्षण और लोग इतने के प्रति जागरूकता बढ़ रहे तनाव के कारण हो रहा है क

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Limbadri swamy Vaidya

Fitness Expert, Yoga-Meditation Trainer, Spiritual Guide, Writer.

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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प्रश्न है पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है इसका उत्तर है योग से बहुत ही अधिक लाभ है योग के महत्व को हमारे हमारे देश से अधिक पश्चिमी देशों के लोग विदेशों के लोग ज्यादा महत्व दे रहे हैं योग के लाभ को हम नजरअंदाज कर रहे हैं और पाश्चात्य सभ्यता वाले पश्चिमी देशों के लोग इसकी महत्ता को समझते करके और युवकों खूब महत्व दे रहे हैं वहां योग का प्रशिक्षण दिन-रात बढ़ता जा रहा है विश्व के प्रत्येक देश में दिन प्रतिदिन योग का प्रशिक्षण बढ़ रहा है उसे तुलना हमारे देश में भी योग का प्रशिक्षण बढ़ रहा है लेकिन जितना पश्चिमी देश में बढ़ रहा है उसके तुलना में अपने देश में योग का प्रशिक्षण कम पड़ रहा है आप सभी बंधुओं से निवेदन है कि करें योग रहें निरोग योग प्रतिदिन करने का प्रयास कीजिए

prashna hai pashchimi deshon me bhi yog ka prashikshan kyon badh raha hai iska uttar hai yog se bahut hi adhik labh hai yog ke mahatva ko hamare hamare desh se adhik pashchimi deshon ke log videshon ke log zyada mahatva de rahe hain yog ke labh ko hum najarandaj kar rahe hain aur pashchayat sabhyata waale pashchimi deshon ke log iski mahatta ko samajhte karke aur yuvakon khoob mahatva de rahe hain wahan yog ka prashikshan din raat badhta ja raha hai vishwa ke pratyek desh me din pratidin yog ka prashikshan badh raha hai use tulna hamare desh me bhi yog ka prashikshan badh raha hai lekin jitna pashchimi desh me badh raha hai uske tulna me apne desh me yog ka prashikshan kam pad raha hai aap sabhi bandhuon se nivedan hai ki kare yog rahein nirog yog pratidin karne ka prayas kijiye

प्रश्न है पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है इसका उत्तर है योग से बहुत

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Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

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क्योंकि पश्चिमी देशों में वह लोग विज्ञान और से ज्यादा प्रभावित हैं वह विज्ञान को मानते हैं और यह तय हो गया कि योग से अच्छा स्वास्थ्य के लिए कोई दूसरा तरीका नहीं है वैज्ञानिक रूप से जान के सब लोग इसलिए वह लोग हमारे योग परंपरा को योगाभ्यास को ज्यादा महत्व दे रहे हैं और हमारे यहां पर भारत में इसको अभी भी योग को एक धार्मिक कृत्य मानते हैं इसलिए लोग इससे बचते हैं

kyonki pashchimi deshon me vaah log vigyan aur se zyada prabhavit hain vaah vigyan ko maante hain aur yah tay ho gaya ki yog se accha swasthya ke liye koi doosra tarika nahi hai vaigyanik roop se jaan ke sab log isliye vaah log hamare yog parampara ko yogabhayas ko zyada mahatva de rahe hain aur hamare yahan par bharat me isko abhi bhi yog ko ek dharmik kritya maante hain isliye log isse bachte hain

क्योंकि पश्चिमी देशों में वह लोग विज्ञान और से ज्यादा प्रभावित हैं वह विज्ञान को मानते हैं

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पश्चिमी देशों का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है तो उनको अच्छा लग रहा है उस पर रिसर्च कर रहे हैं समझ रहे हैं कहीं न कहीं हम से भी आगे निकल रहे हैं जबकि हमारे हमारे यहां हमारे इंडिया में ही योग का प्रभाव हुआ है उत्पन्न हमारे यहां इंडिया में हुआ लेकिन यहां इस पर ज्यादा काम नहीं हुआ इसके बाद भेजो है उत्पन्न तो यहां लेकिन काम हुआ सबसे पहले ज्यादा चाइना में चाइना में योग पर ज्यादा काम हुआ है और उसके बाद जो निकल कर आया आसाम में योग योग के यानी जो योग में जोड़ने से सफलता जो हमें प्राप्त होती हूं कहां से दूसरे से पता चला उसके बाद जो यूसी में यूएसए वगैरह में जो है मंत्र उच्चारण याग हवन न जाने क्या-क्या हो रहा है तो हमारे यहां के विजेता कौन सा देश को फॉलो करें और हमारी हमारे यहां के इंडिया के टीचर वह अपने आप बुलाते हैं हमारी इंडिया हमारे इंडिया के नए घरों में खुद यहां के जो परफेक्ट लोग हैं विदेशों में भेजते हैं योग का प्रचार प्रसार करने के लिए तो काफी नॉलेज इन लोगों को प्राप्त हो रहा है इसी कारण जिसमें नाले प्राप्त होगा उसी ने तो गागर बढ़ेंगे तो हमको अच्छा लग रहा है और हमारे काम हो रहे हैं कई महान पुरुषों ने तो जो है घर-घर योगी पहुंचा दिया है काफी इस पर काम हो रहा है आशा करते हैं आपको समझ में आ गया होगा

pashchimi deshon ka prashikshan kyon badh raha hai toh unko accha lag raha hai us par research kar rahe hain samajh rahe hain kahin na kahin hum se bhi aage nikal rahe hain jabki hamare hamare yahan hamare india me hi yog ka prabhav hua hai utpann hamare yahan india me hua lekin yahan is par zyada kaam nahi hua iske baad bhejo hai utpann toh yahan lekin kaam hua sabse pehle zyada china me china me yog par zyada kaam hua hai aur uske baad jo nikal kar aaya assam me yog yog ke yani jo yog me jodne se safalta jo hamein prapt hoti hoon kaha se dusre se pata chala uske baad jo UC me usa vagera me jo hai mantra ucharan yaga hawan na jaane kya kya ho raha hai toh hamare yahan ke vijeta kaun sa desh ko follow kare aur hamari hamare yahan ke india ke teacher vaah apne aap bulate hain hamari india hamare india ke naye gharon me khud yahan ke jo perfect log hain videshon me bhejate hain yog ka prachar prasaar karne ke liye toh kaafi knowledge in logo ko prapt ho raha hai isi karan jisme naale prapt hoga usi ne toh gagar badhenge toh hamko accha lag raha hai aur hamare kaam ho rahe hain kai mahaan purushon ne toh jo hai ghar ghar yogi pohcha diya hai kaafi is par kaam ho raha hai asha karte hain aapko samajh me aa gaya hoga

पश्चिमी देशों का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है तो उनको अच्छा लग रहा है उस पर रिसर्च कर रहे है

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

1:50

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों भर रहा है जी आयोग का प्रशिक्षण इसीलिए बढ़ रहा है कि लोग उसके फायदे को देख रहे हैं हालांकि मैं जानता हूं अधिकतर जगह में जहां अभ्यास बुराइयों का वहां मोस्टली मोस्टली शारीरिक लेवल पर काम हो रहा लेकिन काम हो रहा है शारीरिक लेवल पर भी लोगों को बहुत राहत मिली है मानसिक लिए वक्त अभी बहुत रात में करेंगे तो अधिकतर लोग अधीक्षक मनुष्य जो है हमारे देश में या विश्व में हु सारणी की परेशानी से गुजर रही है तो मानसिक आध्यात्मिक तो कोई पूछता ही नहीं है लोग शरीर में ही फंसे में है या मन में ही फंसे है तुझे योग है वह शरीर को भी मदद कर रहा है मन को भी शांत कर रहा है और इसे बोलने की बात नहीं है सब कहानियों की बात नहीं सब कथाओं की बात नहीं है यह अनुभव की भी बात है और एक साथ है यह सच्चाई है इसको साइंस में तो लिया है इस पर रिसर्च यह भी नहीं बस नाम का रिश्ता सीरियल की बहुत सारे रिसर्च हो चुके हैं आप ऑनलाइन जाकर गूगल कीजिए तो आपको समझ में आएगा काम की चीज है और विदेश में पश्चिमी देश में मैं एक बात आपको बताऊंगा उनकी खासियत है बहुत वह कोई भी चीज को ऐसे अपनाते हैं और एक बार उन्होंने अपना लिया तब फिर वह उसको इतनी अच्छे से करते हैं कि मैं क्या बोलूं हमारे देश के लोग जितना नहीं जानते होंगे योग के बारे में पूछना उनकी हिस्ट्री के बारे में योग कब आया कैसे आया क्या हनी है उतना वो जानते हैं तो उनमें चीज बहुत अच्छी हो जब कुछ करते हैं तो पूरे पहले वह पूरा टेस्ट लेते हैं कि क्या चीज है फिर उस में घुसते हैं और फिर अनुभव से अपनी बात करते वह सुनी सुनाई बातों पर नहीं आते इसलिए वहां पर प्रैक्टिकल ज्यादा हो रहा है रिश्ते ज्यादा हो रहा है लोग कर रहे हैं फायदा हो रहा है इसलिए प्रशिक्षण मार रहा है हमारे देश में बातें थोड़ी ज्यादा होती है काम थोड़ा कम होता है इसलिए यहां पर थोड़ा समय लगता है लेकिन तो बहुत सारा फिर भी लोग एक दूसरे को देखा देखी और प्लस हमारी जो सरकार है अभी उन्होंने योग पर काफी युवकों के प्रचार प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ी उन्होंने योग दिवस पूरे विश्व ने योग को एक दिवस दे दिया है 1 डे मनाते हैं योगा डे मनाते हैं तुझे कोई बड़ी बात नहीं है तब जो भी चीज अगर एक भी दे दिया है पूरे विश्व में इतने सारे कंट्री रेस कादरी करके एक दिन बना दिया है तो कोई ना कोई बात तो इसलिए कर रहा है क्योंकि यूज़फुल है और बहुत काम आ रहा है लोगों को बहुत हेल्पफुल है धन्यवाद

pashchimi deshon me bhi yog ka prashikshan kyon bhar raha hai ji aayog ka prashikshan isliye badh raha hai ki log uske fayde ko dekh rahe hain halaki main jaanta hoon adhiktar jagah me jaha abhyas buraiyon ka wahan Mostly Mostly sharirik level par kaam ho raha lekin kaam ho raha hai sharirik level par bhi logo ko bahut rahat mili hai mansik liye waqt abhi bahut raat me karenge toh adhiktar log adhikshak manushya jo hai hamare desh me ya vishwa me hoon sarni ki pareshani se gujar rahi hai toh mansik aadhyatmik toh koi poochta hi nahi hai log sharir me hi fanse me hai ya man me hi fanse hai tujhe yog hai vaah sharir ko bhi madad kar raha hai man ko bhi shaant kar raha hai aur ise bolne ki baat nahi hai sab kahaniyan ki baat nahi sab kathao ki baat nahi hai yah anubhav ki bhi baat hai aur ek saath hai yah sacchai hai isko science me toh liya hai is par research yah bhi nahi bus naam ka rishta serial ki bahut saare research ho chuke hain aap online jaakar google kijiye toh aapko samajh me aayega kaam ki cheez hai aur videsh me pashchimi desh me main ek baat aapko bataunga unki khasiyat hai bahut vaah koi bhi cheez ko aise apanate hain aur ek baar unhone apna liya tab phir vaah usko itni acche se karte hain ki main kya bolu hamare desh ke log jitna nahi jante honge yog ke bare me poochna unki history ke bare me yog kab aaya kaise aaya kya honey hai utana vo jante hain toh unmen cheez bahut achi ho jab kuch karte hain toh poore pehle vaah pura test lete hain ki kya cheez hai phir us me ghuste hain aur phir anubhav se apni baat karte vaah suni sunayi baaton par nahi aate isliye wahan par practical zyada ho raha hai rishte zyada ho raha hai log kar rahe hain fayda ho raha hai isliye prashikshan maar raha hai hamare desh me batein thodi zyada hoti hai kaam thoda kam hota hai isliye yahan par thoda samay lagta hai lekin toh bahut saara phir bhi log ek dusre ko dekha dekhi aur plus hamari jo sarkar hai abhi unhone yog par kaafi yuvakon ke prachar prasaar me koi kami nahi chodi unhone yog divas poore vishwa ne yog ko ek divas de diya hai 1 day manate hain yoga day manate hain tujhe koi badi baat nahi hai tab jo bhi cheez agar ek bhi de diya hai poore vishwa me itne saare country race kadri karke ek din bana diya hai toh koi na koi baat toh isliye kar raha hai kyonki yuzful hai aur bahut kaam aa raha hai logo ko bahut helpful hai dhanyavad

पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों भर रहा है जी आयोग का प्रशिक्षण इसीलिए बढ़ रहा

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

1:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो आप को मेरा नमस्कार आप का सवाल है पश्चिमी देशों में ही योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है केवल पश्चिम दिशा में पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण दुनिया का हर कोने में हर देश में हर पाश्चात्य देश में दुनिया के किसी भी देश में योग एवं ध्यान का विद्या के प्रचार एवं प्रसार हमारा महान देश भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अगुवाई में यह संभव हुआ है 21 जून क्यों मनाया जाता है मोदी जी का उसके बाद से ही हमारे देश के लिए विदा दुनिया का हर देश उठा रहे हैं और अपने आप को निरोग शरीर चिंतामन आत्मविश्वास भरा दिल स्नेह के साथ साथ दबा मुक्त जीवन बिता रहे इसलिए हम सभी से अनुरोध करेंगे जहां तक हमारा आवाज पहुंच रही है आज के अंतिम दुनिया में जहां स्वास्थ्य प्रदूषण खाना में मिलावट चारों तरफ तनाव में रहना असंभव प्रतीत हो रहा है असंभव है इसलिए हम सभी से अनुरोध करेंगे कि आप अपना जीवन में योग प्राइम अभियान को अपनाकर आने वाला भविष्य को स्वास्थ्य सुंदर निरोग्यं क्षमता रखते हुए सुंदर जीवन प्रभावित करें और यह संभव है धन्यवाद

sabse pehle toh aap ko mera namaskar aap ka sawaal hai pashchimi deshon me hi yog ka prashikshan kyon badh raha hai keval paschim disha me purv paschim uttar dakshin duniya ka har kone me har desh me har pashchayat desh me duniya ke kisi bhi desh me yog evam dhyan ka vidya ke prachar evam prasaar hamara mahaan desh bharat ke mananiya pradhanmantri shri narendra modi ji ke aguvaii me yah sambhav hua hai 21 june kyon manaya jata hai modi ji ka uske baad se hi hamare desh ke liye vida duniya ka har desh utha rahe hain aur apne aap ko nirog sharir chintaman aatmvishvaas bhara dil sneh ke saath saath daba mukt jeevan bita rahe isliye hum sabhi se anurodh karenge jaha tak hamara awaaz pohch rahi hai aaj ke antim duniya me jaha swasthya pradushan khana me milavat charo taraf tanaav me rehna asambhav pratit ho raha hai asambhav hai isliye hum sabhi se anurodh karenge ki aap apna jeevan me yog prime abhiyan ko apnakar aane vala bhavishya ko swasthya sundar nirogyan kshamta rakhte hue sundar jeevan prabhavit kare aur yah sambhav hai dhanyavad

सबसे पहले तो आप को मेरा नमस्कार आप का सवाल है पश्चिमी देशों में ही योग का प्रशिक्षण क्यों

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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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पश्चिम देशों में योग का प्रशिक्षण बताएं आप जानते हो कि हमारी प्राथमिक और यह किस विज्ञान प्रश्न है और इस बात को विदेशी लोगों ने भी निराश किया है योग से धन्यवाद

paschim deshon me yog ka prashikshan bataye aap jante ho ki hamari prathmik aur yah kis vigyan prashna hai aur is baat ko videshi logo ne bhi nirash kiya hai yog se dhanyavad

पश्चिम देशों में योग का प्रशिक्षण बताएं आप जानते हो कि हमारी प्राथमिक और यह किस विज्ञान प्

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Pankaj Sharma

Yoga Instructor

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अब सभी लोग चाहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ रहें और हम आध्यात्मिक रूप से मजबूत हो और इसके लिए वह योग में जुड़ते जा रहे हैं ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ते जा रहे हैं

ab sabhi log chahte hain ki hamara sharir swasth rahein aur hum aadhyatmik roop se majboot ho aur iske liye vaah yog me judte ja rahe hain zyada se zyada log judte ja rahe hain

अब सभी लोग चाहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ रहें और हम आध्यात्मिक रूप से मजबूत हो और इसके लि

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Dr Pradeep Singh Shaktawat

Asst. Prof. (CS) | Alternative Healing Therapiest

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Mrityunjay Bishwakarma

Yoga Trainer | Life Coach | Relationship Expert

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पश्चिमी देशों में लड़की वेस्टर्न कंट्रीज में योग आज इसलिए फेमस हो रहा है इसके कई सारे वजह है जिसमें से अगर कुछ वजहों की बात की जाए तो एक सबसे बड़ी वजह है हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी जिन्होंने भारत को एक बहुत ही पॉजिटिव वह एक बहुत ही स्ट्रांग अंदाज में दुनिया के सामने पेश किया और इसके ज्ञान को इसकी क्षमता को लोगों को दिखाया कि हम भारतीय क्या-क्या कर सकते हैं और हम भारतीय कैसे विश्व गुरु बन के ही रहेंगे और इसमें कोई भी दो राय नहीं है कि आने वाले कुछ सालों के अंदर 2025 से 2028 के अंदर भारत विश्व गुरु सीहोर बन जाएगा ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं तू कि हम और आप जैसे लोग भी यही चाहते हैं और अपनी तरफ से भारत को हर तरफ से सपोर्ट कर रहे हैं चाहे हम सैनिक हो चाहे हम आम नागरिक हो हम हर तरीके से जिम्मेदार धीरे-धीरे और ज्यादा बन रहे हैं अपने देश को अपने संस्कृति के प्रति और ज्यादा जागरूक हो रहे हैं अपनी विद्याओं के प्रति अपने वेदिक कल्चर के प्रति और ज्यादा झुकाव ला रहे हैं जो की बहुत ही पॉजिटिव और अच्छी बात है कि सब लोग अब रुचि धीरे-धीरे ले रहे हैं दूसरी चीज जो भी महान गुरु हुए हैं जो कि भारत में योग और योग विद्या सिखाने के बाद अपने शिष्यों को या फिर खुद बाहरी देशों में जाके योग का ज्ञान दिया है जिन्होंने और जिन लोगों ने ज्ञान को ग्रहण किया है और इसकी गहराई को समझा है वह यह जानते हैं कि भारत जो है वह एक बहुत ही अनमोल जगह है जिनके वेद शास्त्र पुराणों में ऐसी ऐसी बातें बताई गई हैं ऐसी ऐसी वैज्ञानिक तथ्य बताए गए हैं क्योंकि वेदिक जो सनातन धर्म था पहले वह टोटली साइंस बेस्ट था बहुत सारे लोग अज्ञानता के कारण या कोई बात को गहराई से ना जाने के कारण इसे पिछड़ा हुआ समझते हैं या फिर कोई और दूसरे जुकाम है या दूसरे धर्म है उनकी तरह समझ बैठते हैं परंतु बता दूं आपको कि वैदिक सनातन धर्म में ईश्वर को एक माना गया है जो 33 कोटि देवी देवता है वह नेचुरल देवी देवता कहा गया है 33 कोटि का मतलब 33 करोड़ नहीं होता जिस तरह एक शब्द का मतलब जरूरी नहीं कि एक ही अर्थ निकाला जाए उसके अनेकों अर्थ हो सकते हैं उसी तरीके से 33 अलग-अलग देव को बताया गया है वेद में कितने देश हैं और यह देव बिल्कुल नेचुरल और हमारे आंखों से हमारे फाइव सेंसेज से से अपील किए जा सकते हैं देखे जा सकते हैं महसूस किया जा सकता है इन सब को ही देव कहा गया जैसे कि सूर्य अगर सूर्य ना हो तो वह हमारा धरती हम कैसे रहेंगे जैसे कि इंद्र जैसे कि रुद्र और बाकी वगैरा-वगैरा और मैं बता दूं कि पश्चिमी देशों में योग इतना प्रचलित इसलिए ही हो रहा है क्योंकि वहां के लोगों ने यह चीज जाना है कि अक्सर पश्चिमी देशों में किसी भी चीज की वृद्धि जब भी हुई है तो उसका आईडिया चुराया गया है या फिर लिया गया है भारत से और उसको थोड़ा सा तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है कई अलग जगहों पर जैसे की मार्शल आर्ट जो कि आज चाइना की जो शाओलिन टेंपल है इतना ज्यादा फेमस है और वहां के कुछ विद्वान लोग यह कहते हैं कि यह जो 8 है वह यहां की ही है हालांकि हम सब यह जानते हैं कि यह जो कुंगफू है इसकी जो माता है वह है कलारी पयट्टू जो कि परशुराम जी ने सारे संसार पर इसे चलाया था जोकि महायोगी आदियोगी शिव ने इसे इजाद किया था अब बात करते हैं एक और पहलू की की हमारे देश की विद्या को आज कल की डेट में जो हम जितने युवा हैं हम वेस्टर्न कल्चर पर ज्यादा जो है वह झुकाव रखते हैं ड्यूटी ब्रिटिश रूल अब हो ऐसा गया है कि ब्रिटिश लोग जो है वह योग पर ध्यान दे रहे क्योंकि उन्होंने इसकी महत्वता को समझा अब क्योंकि वह इसको अपने ट्रेंड में ला रहे हैं इसलिए आप नोटिस कीजिए कि भारत में भी अब योग का प्रचार प्रसार बहुत तेजी से बढ़ रहा है यही आज से 10 साल पहले 10 से 15 साल पहले योग विद्या भारत में थी यही की उत्पत्ति है परंतु यहां पर लोग इतना वैल्यू से नहीं करते थे क्यों क्योंकि यहां के लोग जो है वह वेस्टर्न कल्चर में थोड़ा डालने घुलने वेस्टर्न कपड़े पहनने वेस्टर्न स्टाइल में जीने के आदी हो चुके थे क्योंकि ब्रिटिस्ट में इतने सालों तक जो राज किया तो भारत की युवाओं की मनोज सिटी को वह चेंज करके चले गए अपने हिसाब से बना आगे चले गए 1 तरीके से कह सकते थे हम कि भले ही हम उनके गुलाम ना रहे हो बाय फिजिकल मींस बल बट मनोज स्थिति से हम उनके गुलाम कहीं ना कहीं और भी है अब यह हो रहा है कि पश्चिमी देशों ने इसको समझना शुरू कर दिया है तो हम उनका ट्रेंड देखकर हम धीरे-धीरे अपनी तरफ झुक रहे हैं तो हालांकि जो भी होता है अच्छे के लिए होता है भले ही कुछ लोग उनका ट्रेन देखकर इधर झुक रहे हैं पर धीरे-धीरे ही सही अपनी संस्कृति को अपने जो है वह विज्ञान को जान रहे हैं जो कि एक बहुत ही अच्छी बात है तो मैं आशा करता हूं कि हमारे देश की तरक्की ऐसे ही हो और हम जल्द से जल्द विश्व गुरु बन जाए हर एक पैटर्न में हर एक स्थिति में फिर चाहे वह धार्मिक स्थिति से हो फिर वह चाहे सैनिक बल से हो फिर वह चाहे आर किस तिथि से हो फिर वह चाहे किसी भी स्थिति से हो हम सबसे टॉप में दिखेंगे आशा करता हूं आप समझ गए होंगे कुछ पूछना हो तो कमेंट करके पूछ सकते हैं अच्छा लगा हो तो लाइक और शेयर जरूर कीजिएगा और मुझे फटाफट से फॉलो कर लीजिए फिर मिलते हैं धन्यवाद

pashchimi deshon me ladki western countries me yog aaj isliye famous ho raha hai iske kai saare wajah hai jisme se agar kuch vajhon ki baat ki jaaye toh ek sabse badi wajah hai hamare pradhanmantri modi ji jinhone bharat ko ek bahut hi positive vaah ek bahut hi strong andaaz me duniya ke saamne pesh kiya aur iske gyaan ko iski kshamta ko logo ko dikhaya ki hum bharatiya kya kya kar sakte hain aur hum bharatiya kaise vishwa guru ban ke hi rahenge aur isme koi bhi do rai nahi hai ki aane waale kuch salon ke andar 2025 se 2028 ke andar bharat vishwa guru sihor ban jaega aisa main isliye keh raha hoon tu ki hum aur aap jaise log bhi yahi chahte hain aur apni taraf se bharat ko har taraf se support kar rahe hain chahen hum sainik ho chahen hum aam nagarik ho hum har tarike se zimmedar dhire dhire aur zyada ban rahe hain apne desh ko apne sanskriti ke prati aur zyada jagruk ho rahe hain apni vidyaon ke prati apne vedic culture ke prati aur zyada jhukaav la rahe hain jo ki bahut hi positive aur achi baat hai ki sab log ab ruchi dhire dhire le rahe hain dusri cheez jo bhi mahaan guru hue hain jo ki bharat me yog aur yog vidya sikhane ke baad apne shishyon ko ya phir khud bahri deshon me jake yog ka gyaan diya hai jinhone aur jin logo ne gyaan ko grahan kiya hai aur iski gehrai ko samjha hai vaah yah jante hain ki bharat jo hai vaah ek bahut hi anmol jagah hai jinke ved shastra purano me aisi aisi batein batai gayi hain aisi aisi vaigyanik tathya bataye gaye hain kyonki vedic jo sanatan dharm tha pehle vaah totally science best tha bahut saare log agyanata ke karan ya koi baat ko gehrai se na jaane ke karan ise pichda hua samajhte hain ya phir koi aur dusre zukam hai ya dusre dharm hai unki tarah samajh baithate hain parantu bata doon aapko ki vaidik sanatan dharm me ishwar ko ek mana gaya hai jo 33 koti devi devta hai vaah natural devi devta kaha gaya hai 33 koti ka matlab 33 crore nahi hota jis tarah ek shabd ka matlab zaroori nahi ki ek hi arth nikaala jaaye uske anekon arth ho sakte hain usi tarike se 33 alag alag dev ko bataya gaya hai ved me kitne desh hain aur yah dev bilkul natural aur hamare aakhon se hamare five sensej se se appeal kiye ja sakte hain dekhe ja sakte hain mehsus kiya ja sakta hai in sab ko hi dev kaha gaya jaise ki surya agar surya na ho toh vaah hamara dharti hum kaise rahenge jaise ki indra jaise ki rudra aur baki vagera vagera aur main bata doon ki pashchimi deshon me yog itna prachalit isliye hi ho raha hai kyonki wahan ke logo ne yah cheez jana hai ki aksar pashchimi deshon me kisi bhi cheez ki vriddhi jab bhi hui hai toh uska idea churaya gaya hai ya phir liya gaya hai bharat se aur usko thoda sa tod marod kar pesh kiya gaya hai kai alag jagaho par jaise ki marshall art jo ki aaj china ki jo shaolin temple hai itna zyada famous hai aur wahan ke kuch vidhwaan log yah kehte hain ki yah jo 8 hai vaah yahan ki hi hai halaki hum sab yah jante hain ki yah jo kungafu hai iski jo mata hai vaah hai kalari payattu jo ki parshuram ji ne saare sansar par ise chalaya tha joki mahayogi adiyogi shiv ne ise ijad kiya tha ab baat karte hain ek aur pahaloo ki ki hamare desh ki vidya ko aaj kal ki date me jo hum jitne yuva hain hum western culture par zyada jo hai vaah jhukaav rakhte hain duty british rule ab ho aisa gaya hai ki british log jo hai vaah yog par dhyan de rahe kyonki unhone iski mahatvata ko samjha ab kyonki vaah isko apne trend me la rahe hain isliye aap notice kijiye ki bharat me bhi ab yog ka prachar prasaar bahut teji se badh raha hai yahi aaj se 10 saal pehle 10 se 15 saal pehle yog vidya bharat me thi yahi ki utpatti hai parantu yahan par log itna value se nahi karte the kyon kyonki yahan ke log jo hai vaah western culture me thoda dalne ghulne western kapde pahanne western style me jeene ke adi ho chuke the kyonki britist me itne salon tak jo raj kiya toh bharat ki yuvaon ki manoj city ko vaah change karke chale gaye apne hisab se bana aage chale gaye 1 tarike se keh sakte the hum ki bhale hi hum unke gulam na rahe ho bye physical means bal but manoj sthiti se hum unke gulam kahin na kahin aur bhi hai ab yah ho raha hai ki pashchimi deshon ne isko samajhna shuru kar diya hai toh hum unka trend dekhkar hum dhire dhire apni taraf jhuk rahe hain toh halaki jo bhi hota hai acche ke liye hota hai bhale hi kuch log unka train dekhkar idhar jhuk rahe hain par dhire dhire hi sahi apni sanskriti ko apne jo hai vaah vigyan ko jaan rahe hain jo ki ek bahut hi achi baat hai toh main asha karta hoon ki hamare desh ki tarakki aise hi ho aur hum jald se jald vishwa guru ban jaaye har ek pattern me har ek sthiti me phir chahen vaah dharmik sthiti se ho phir vaah chahen sainik bal se ho phir vaah chahen R kis tithi se ho phir vaah chahen kisi bhi sthiti se ho hum sabse top me dikhenge asha karta hoon aap samajh gaye honge kuch poochna ho toh comment karke puch sakte hain accha laga ho toh like aur share zaroor kijiega aur mujhe phataphat se follow kar lijiye phir milte hain dhanyavad

पश्चिमी देशों में लड़की वेस्टर्न कंट्रीज में योग आज इसलिए फेमस हो रहा है इसके कई सारे वजह

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Manmohan Bhutada

Founder & Director - Yog Prayog

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Dr.Babita Singh

Yoga Master Trainer & Healer, Founder Director, Kaivalyam:The Yoga Academy

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Dr. R. K. Gupta

Yoga & Nature Care Health center

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Somit Yoga Varanasi

Yoga Trainer and Astrologer

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योगाचार्य S.S.Rawat🕉🔱🚩🙏

Lecturer Of Yog And Alternative Therapy

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नमस्कार आपका प्रश्न है पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है देखिए पश्चिमी देशों में धन की भरपूर मात्रा है दवाई डॉक्टर बहुत आपको मिलेंगे घर में आपके सभी तरह के ऐसे साधन है जिनसे आप सुख ले सकते हैं गाड़ी है बंगला है परंतु शांति नहीं है शरीर उतना अच्छा नहीं है हर तीन व्यक्ति में से एक व्यक्ति कहीं ना कहीं मानसिक रूप से पीड़ित है रात भर नींद नहीं आती चिंता लगी हुई है लोगों ने देखा योग करने से उनकी यह चिंता है कि यह बीमारियां दूर हो रही है परंतु वहां उनकी संस्कृति में योग के बारे में उतना वह नहीं जानते इसलिए वह प्रशिक्षित आचार्य से यदि उन्होंने योग सीखा हुआ है उन से सीखते हैं हमारे देश की तो हवा में योग है परंतु कई लोग उसका लाभ नहीं उठाते आप सच मानिए लोग यहां ऋषिकेश में या बाकी आश्रम में आकर फोन में योग से मिनएसी कर बाहर जाते हैं और लाखों करोड़ों रुपए लेकिन इससे कोई बुरी बात नहीं है इसमें अच्छी बात है कि लोग पैसा कमा रहे हैं क्योंकि मैं लोगों को अच्छा स्वास्थ अच्छा मानसिक स्थिति दे रहे हैं इसलिए उनके लाभ उठा पा रहे हैं लोगों की दवाइयां ब्लड प्रेशर की कम हुआ है डिप्रेशन से लोग बाहर आए हैं इसलिए बाहर के देशों में इसकी बहुत इंपोर्टेंट पता चल रही है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai pashchimi deshon me yog ka prashikshan kyon badh raha hai dekhiye pashchimi deshon me dhan ki bharpur matra hai dawai doctor bahut aapko milenge ghar me aapke sabhi tarah ke aise sadhan hai jinse aap sukh le sakte hain gaadi hai bangla hai parantu shanti nahi hai sharir utana accha nahi hai har teen vyakti me se ek vyakti kahin na kahin mansik roop se peedit hai raat bhar neend nahi aati chinta lagi hui hai logo ne dekha yog karne se unki yah chinta hai ki yah bimariyan dur ho rahi hai parantu wahan unki sanskriti me yog ke bare me utana vaah nahi jante isliye vaah prashikshit aacharya se yadi unhone yog seekha hua hai un se sikhate hain hamare desh ki toh hawa me yog hai parantu kai log uska labh nahi uthate aap sach maniye log yahan rishikesh me ya baki ashram me aakar phone me yog se minaesi kar bahar jaate hain aur laakhon karodo rupaye lekin isse koi buri baat nahi hai isme achi baat hai ki log paisa kama rahe hain kyonki main logo ko accha swaasth accha mansik sthiti de rahe hain isliye unke labh utha paa rahe hain logo ki davaiyan blood pressure ki kam hua hai depression se log bahar aaye hain isliye bahar ke deshon me iski bahut important pata chal rahi hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है देखिए पश्चिमी द

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Pardeep

Naturopath

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पश्चिमी देशों के जो लोग हैं वह मेंटली कहीं न कहीं परेशान रहते हैं उनकी बेसिक नीड है वह सब पूरी हो चुकी है वहां पर उनको कुछ चाहिए नहीं अलग कुछ चाहिए उनको शांति चाहिए शांति प्रयोग के माध्यम से आ सकती है और वह भोग विलासिता की जिंदगी जी रहे हैं जो बहुत हानिकारक है इसीलिए वह शांति चाहते हैं और केवल इसीलिए लोग को अपना रहे हैं

pashchimi deshon ke jo log hain vaah mentally kahin na kahin pareshan rehte hain unki basic need hai vaah sab puri ho chuki hai wahan par unko kuch chahiye nahi alag kuch chahiye unko shanti chahiye shanti prayog ke madhyam se aa sakti hai aur vaah bhog vilasita ki zindagi ji rahe hain jo bahut haanikarak hai isliye vaah shanti chahte hain aur keval isliye log ko apna rahe hain

पश्चिमी देशों के जो लोग हैं वह मेंटली कहीं न कहीं परेशान रहते हैं उनकी बेसिक नीड है वह सब

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Dr. Sarika Changulani

Founder & Director - Sarika's Touch Of Health

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देखे योग का प्रशिक्षण खाली पश्चिमी देशों में नहीं सारे पूरे ऑल ओवर वर्ल्ड में बड़ा इंडिया में भी योग का काफी अच्छा प्रचार-प्रसार हो रहा है क्योंकि योगा का स्कोर बहुत अच्छा है एक तो योगा आपकी पर्सनल लाइफ के लिए आपकी खुद की लाइफ के लिए खुद की बॉडी के लिए बहुत अच्छा है दूसरा अगर आप आ जाते ना योगा से जोड़ते हैं तो वह आपकी एक नामिका लास्टेस्ट स्टडीज के लिए और अच्छा आपको इतना पंकाली भी बहुत अच्छा मजबूत बनाता है योगा योगा पश्चिमी देशों में ज्यादा हो रहा है पॉपलाइटियस ज्यादा बढ़ गई है चलो ओके थैंक यू

dekhe yog ka prashikshan khaali pashchimi deshon mein nahi saare poore all over world mein bada india mein bhi yog ka kaafi accha prachar prasaar ho raha hai kyonki yoga ka score bahut accha hai ek toh yoga aapki personal life ke liye aapki khud ki life ke liye khud ki body ke liye bahut accha hai doosra agar aap aa jaate na yoga se jodte hain toh vaah aapki ek namika lastest studies ke liye aur accha aapko itna pankali bhi bahut accha majboot banata hai yoga yoga pashchimi deshon mein zyada ho raha hai paplaitiyas zyada badh gayi hai chalo ok thank you

देखे योग का प्रशिक्षण खाली पश्चिमी देशों में नहीं सारे पूरे ऑल ओवर वर्ल्ड में बड़ा इंडिया

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क्योंकि पश्चिमी देशों के लोग जान चुके हैं कि योग ऐसी विद्या है जिसके द्वारा वह अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं वह लंबा जीवन यापन कर सकते हैं इसीलिए वहां पर योग ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि वह जानते हैं कि दवाइयों से सिर्फ शरीर खत्म होता है इसीलिए प्रयोग करते हैं और योग की योग करके अपने आप को बीमारियों से दूर रखता है और आप ही करें

kyonki pashchimi deshon ke log jaan chuke hain ki yog aisi vidya hai jiske dwara vaah apne aap ko swasth rakh sakte hain vaah lamba jeevan yaapan kar sakte hain isliye wahan par yog zyada badh gaya hai kyonki vaah jante hain ki dawaiyo se sirf sharir khatam hota hai isliye prayog karte hain aur yog ki yog karke apne aap ko bimariyon se dur rakhta hai aur aap hi karen

क्योंकि पश्चिमी देशों के लोग जान चुके हैं कि योग ऐसी विद्या है जिसके द्वारा वह अपने आप को

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Jyoti Agrawal

Founder & Director - Shree Yoga Classes

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पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण इसलिए बढ़ रहा है वहां पर लोग लोगों में मानसिक तनाव बहुत ज्यादा है धर्म में आस्था कम है योग के द्वारा ध्यान और मेडिटेशन दोनों प्राणायाम के द्वारा हम मानसिक तनाव को दूर कर सकते हैं इसलिए पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण बढ़ रहा है

pashchimi deshon mein yog ka prashikshan isliye badh raha hai wahan par log logo mein mansik tanaav bahut zyada hai dharm mein astha kam hai yog ke dwara dhyan aur meditation dono pranayaam ke dwara hum mansik tanaav ko dur kar sakte hain isliye pashchimi deshon mein yog ka prashikshan badh raha hai

पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण इसलिए बढ़ रहा है वहां पर लोग लोगों में मानसिक तनाव बहुत

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Ankit Bhardwaj

Yoga Instructor

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क्योंकि योग कंपलीटली वैज्ञानिक है और पश्चिम में जो भी लोग हैं वह हर चीज को वैज्ञानिक तरीके से देखते हैं और अब उन्हें पता चल गया कि योग बहुत ही वैज्ञानिक है इसकी वजह से अब इसका प्रशिक्षण वेस्टर्न में बहुत ज्यादा है

kyonki yog kampalitli vaigyanik hai aur paschim mein jo bhi log hain vaah har cheez ko vaigyanik tarike se dekhte hain aur ab unhe pata chal gaya ki yog bahut hi vaigyanik hai iski wajah se ab iska prashikshan western mein bahut zyada hai

क्योंकि योग कंपलीटली वैज्ञानिक है और पश्चिम में जो भी लोग हैं वह हर चीज को वैज्ञानिक तरीके

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

2:09
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पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है कि पश्चिमी देशों में तो ऑलरेडी पहले से ही योग जो है काफी बढ़ चुका है पहले से ऑलरेडी वह योग से योगा बन चुका है और वहां ऑलरेडी लोग पहले से योग को कर रहे हैं और काफी सेंटर्स विदेशों में खुल चुके हैं और उसका कारण कहीं ना कहीं लोगों को अत्यधिक लाभ हुआ है लोग पश्चिमी देशों में भी तनाव में जी रहे हैं अधिकतर लोग बीमार हैं बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका कोई ट्रीटमेंट नहीं है उन चीजों को उन्होंने समझा है उस चीज को फॉलो किया है उन्हें उनके अद्भुत लाभ मिले हैं इसीलिए आज योग का प्रश्न पड़ा है इसीलिए देखिए कैरियर में भी योग को लेकर बड़ी अवेयरनेस बड़ी जागरूकता आई है और रामदेव जी ने भी योग में काफी जागरूकता पैदा की है जो काफी इंटरनेशनल लेवल पर लोगों को लाभ हुआ है घर-घर तक योग पहुंचा है जिन लोगों तक योग की पहुंच नहीं भाभी पहुंचा है इसके साथ-साथ और भी बहुत से योग गुरु हुए हैं जिन्होंने बहुत अच्छा जो है योग को विदेशों तक में पहुंचाया है जैसे व्ही के अयंगर साहब हुए हैं उन्होंने जो है योग को विदेशों में पहुंचाया है पता भी ज्वाइन हुए हैं मैसूर में अष्टांगा योगा शिवानंदी होगा कि सभी लोग ऐसे हैं जिन्होंने विदेशों में योग की धूम मचाई है हमारा विवेकानंद केंद्र जिससे मैं भी जुड़ा हुआ हूं जो बेंगलुरु में है एक रिसर्च सेंटर है योग का उनके भी काफी सेंटर विदेशों में है और वहां से सीखे हुए काफी प्रशिक्षित योग टीचर आज विदेशों में धूम मचाए हुए हैं तो योग इसीलिए जो है विदेशों में या पाश्चात्य पश्चिमी देशों में फेमस हुआ है कि वहां लोगों ने इससे लाभ लिया उसकी कीमत समझ रहे हैं और सही बात तो यह है कि हम अभी भी आज इसकी कीमत या इसके मूल को नहीं समझे हैं इसीलिए देश हमारे देश के मुकाम विदेशों में प्रचलन ज्यादा है वहां लोग इसको ज्यादा फॉलो कर रहे हैं ज्यादा सीख रहे हैं और ज्यादा लोगों को सिखा रहे हैं हरि

pashchimi deshon mein bhi yog ka prashikshan kyon badh raha hai ki pashchimi deshon mein toh already pehle se hi yog jo hai kaafi badh chuka hai pehle se already vaah yog se yoga ban chuka hai aur wahan already log pehle se yog ko kar rahe hain aur kaafi centres videshon mein khul chuke hain aur uska karan kahin na kahin logo ko atyadhik labh hua hai log pashchimi deshon mein bhi tanaav mein ji rahe hain adhiktar log bimar hain bahut se aise log hain jinka koi treatment nahi hai un chijon ko unhone samjha hai us cheez ko follow kiya hai unhe unke adbhut labh mile hain isliye aaj yog ka prashna pada hai isliye dekhiye carrier mein bhi yog ko lekar badi awareness badi jagrukta I hai aur ramdev ji ne bhi yog mein kaafi jagrukta paida ki hai jo kaafi international level par logo ko labh hua hai ghar ghar tak yog pohcha hai jin logo tak yog ki pohch nahi bhabhi pohcha hai iske saath saath aur bhi bahut se yog guru hue hain jinhone bahut accha jo hai yog ko videshon tak mein pahunchaya hai jaise we ke ayangar saheb hue hain unhone jo hai yog ko videshon mein pahunchaya hai pata bhi join hue hain mysore mein ashtanga yoga shivanandi hoga ki sabhi log aise hain jinhone videshon mein yog ki dhoom machai hai hamara vivekananda kendra jisse main bhi jinko hua hoon jo bengaluru mein hai ek research center hai yog ka unke bhi kaafi center videshon mein hai aur wahan se sikhe hue kaafi prashikshit yog teacher aaj videshon mein dhoom machaye hue hain toh yog isliye jo hai videshon mein ya pashchayat pashchimi deshon mein famous hua hai ki wahan logo ne isse labh liya uski kimat samajh rahe hain aur sahi baat toh yah hai ki hum abhi bhi aaj iski kimat ya iske mul ko nahi samjhe hain isliye desh hamare desh ke mukam videshon mein prachalan zyada hai wahan log isko zyada follow kar rahe hain zyada seekh rahe hain aur zyada logo ko sikha rahe hain hari

पश्चिमी देशों में भी योग का प्रशिक्षण क्यों बढ़ रहा है कि पश्चिमी देशों में तो ऑलरेडी पहले

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Dr Kundan Kapoor

Yoga Instructor Master Of Reki And Hilling

2:18
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आज बहुत अच्छा एक सवाल पूछा गया है कि पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण क्यों रहा है एक्चुली पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण इसलिए बढ़ रहा है लेकिन वहां लोग योग के बारे में जान चुके हैं और उसको उन्होंने बहुत ज्यादा रिसर्च किया जिसका उनको बेनिफिट्स मिला है विदाउट मेडिसिन सबसे बड़ी बाद योग आपकी मन की शांति को प्राप्त करने के लिए आज हमारे भारतीय लोग बहुत परेशान है तेरी उम्र शांति नहीं होती और निंद्रा की प्रॉब्लम होती है बीपी की प्रॉब्लम होती है तो उस पर पश्चिमी देशों ने जब उसको योग को फॉलो किया मेडिटेशन क्या पढ़ाया मुखिया जसाइड भावरी ब्राह्मणी उनको समझ में आया कि योग में कितनी बड़ी पावर से सच बात के योग आपको बहुत ज्यादा स्वस्थ एक्सिबल बनाता है आपके हर एक आसन एक अलग अलग बॉडी पर ललित पार्ट पर काम करता है हर एक आशंका अलर्ट अच्छा अनुभव आपको मिलता है अच्छा उस तक प्रेशर पड़ता है पहली बार फिर नाश का जो खींच ओपन हो खत्म हो जाता है तो पश्चिमी देशों ने जो सर्च किया जाए उसको देखा तब हमको फील हुआ कि यह बहुत बड़ी चीज है जिसको कि उनको करना चाहिए समझ में आना चाहिए और आज वहां अपनी भारतीय मुंह से ज्यादा विदेशों यह पश्चिमी देशों में योग का एक बहुत बहुत बहुत बड़ा ग्रह है जिसके लिए वह अच्छे टीचर्स को हाय करते हैं अच्छे रेगुलर बेसिस पर करते हैं वह और उन्होंने बहुत ज्यादा क्रिएट किया बिहार योग को जैसा वोटिंग योगा है जो शेष पावर योगा है उन्होंने इस चीज को कीचड़ भी किया है इसको और ज्यादा इंप्रूव किया जाए यो को इसलिए उन्होंने इस चीज को प्रसाद के जो अपने भारतीय लोगों ने छोड़ दिया बहुत दुख की बात है कि युवकाची बहुत बहुत बड़ा योगदान रहते हुए भी भारतीय लोगों ने उसको नहीं समझा यह बहुत दुखद है अजीत समझते हैं वह नगला यश को बहुत हल्के में यूज़ करते हैं उसका रेगुलर प्रैक्टिस नहीं करते बस वह सोचते हैं कि योग का मतलब वजन घटाओ लेकिन यह तो आपका हो गया लेकिन स्वस्थ जीवन है धन्यवाद

aaj bahut accha ek sawaal poocha gaya hai ki pashchimi deshon mein yog ka prashikshan kyon raha hai ekchuli pashchimi deshon mein yog ka prashikshan isliye badh raha hai lekin wahan log yog ke bare mein jaan chuke hain aur usko unhone bahut zyada research kiya jiska unko benefits mila hai without medicine sabse badi baad yog aapki man ki shanti ko prapt karne ke liye aaj hamare bharatiya log bahut pareshan hai teri umr shanti nahi hoti aur nindra ki problem hoti hai BP ki problem hoti hai toh us par pashchimi deshon ne jab usko yog ko follow kiya meditation kya padhaya mukhiya jasaid bhavari brahmani unko samajh mein aaya ki yog mein kitni badi power se sach baat ke yog aapko bahut zyada swasthya eksibal banata hai aapke har ek aasan ek alag alag body par lalit part par kaam karta hai har ek ashanka alert accha anubhav aapko milta hai accha us tak pressure padta hai pehli baar phir naash ka jo khinch open ho khatam ho jata hai toh pashchimi deshon ne jo search kiya jaaye usko dekha tab hamko feel hua ki yah bahut badi cheez hai jisko ki unko karna chahiye samajh mein aana chahiye aur aaj wahan apni bharatiya mooh se zyada videshon yah pashchimi deshon mein yog ka ek bahut bahut bahut bada grah hai jiske liye vaah acche teachers ko hi karte hain acche regular basis par karte hain vaah aur unhone bahut zyada create kiya bihar yog ko jaisa voting yoga hai jo shesh power yoga hai unhone is cheez ko kichad bhi kiya hai isko aur zyada improve kiya jaaye yo ko isliye unhone is cheez ko prasad ke jo apne bharatiya logo ne chod diya bahut dukh ki baat hai ki yuvakachi bahut bahut bada yogdan rehte hue bhi bharatiya logo ne usko nahi samjha yah bahut dukhad hai ajit samajhte hain vaah nagla yash ko bahut halke mein use karte hain uska regular practice nahi karte bus vaah sochte hain ki yog ka matlab wajan ghatao lekin yah toh aapka ho gaya lekin swasthya jeevan hai dhanyavad

आज बहुत अच्छा एक सवाल पूछा गया है कि पश्चिमी देशों में योग का प्रशिक्षण क्यों रहा है एक्चु

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Dhananjay Janardan Suryavanshi

Founder & Director - Yogeej Meditation

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जिनके जीवन में जिंदगी के प्रति कुछ अवेयरनेस है वह सब लोग योगा का योगा के तरफ बढ़ रहे हैं और योगा की जो अनुभूति है वह और किसी शास्त्र में नहीं मिलती तो अगर जिंदगी में आनंद पाना है तो योग से दूसरा कोई उपाय ही नहीं है इसलिए सभी लोग आप योगा की तरफ बढ़ रहे हैं अब दो सौ सवा 200 देशों में सब योगा का प्रशिक्षण चल रहा है सिर्फ पश्चिमी देशों में ही नहीं पूर्व से पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है

jinke jeevan mein zindagi ke prati kuch awareness hai vaah sab log yoga ka yoga ke taraf badh rahe hain aur yoga ki jo anubhuti hai vaah aur kisi shastra mein nahi milti toh agar zindagi mein anand paana hai toh yog se doosra koi upay hi nahi hai isliye sabhi log aap yoga ki taraf badh rahe hain ab do sau sava 200 deshon mein sab yoga ka prashikshan chal raha hai sirf pashchimi deshon mein hi nahi purv se paschim ki taraf badh raha hai

जिनके जीवन में जिंदगी के प्रति कुछ अवेयरनेस है वह सब लोग योगा का योगा के तरफ बढ़ रहे हैं औ

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