कौन सा अच्छा है - भारतीय शौचालय या पश्चिमी शौचालय?...


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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:46

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस बारे में ज्यादा सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन साइंटिफिक स्टडी यह कहती है कि भारतीय शौचालय में बैठने से कॉन्स्टिपेशन की जो समस्याएं हैं l हिंदुस्तानी में ज्यादा पाई जाती है क्योंकि वहां पर इस तरह से बैठा जाता है भारतीय शौचालय में कि वहां पर आपको प्रेशर लगाना पड़ता है जबकि वेस्टर्न शौचालय जो होते हैं उनमें आपको एक सेटिंग सिस्टम कि जैसे बैठाना बैठना पड़ता है और वहां पर आपको ऑटोमेटिकली थोड़ा प्रेशर जेनेरट हो जाता है l जब आप इंडियन टॉयलेट में बैठते हैं तो वहां पर आपको प्रेशर राइज करना पड़ता है क्योंकि आपकी जो जब आप फोल्ड हो कर बैठते हैं तो आपकी आंत और यकृत के बीच में जो जो कनेक्शन होता है वह बंद हो जाता है l जब वह बंद हो जाता है तो आपका जो जहां से आप का एग्जिट होता है पूरा कि पूरी गंदगी तो वह सिस्टम जो ब्लॉक हो जाता तो उसके लिए आपको प्रेशर लगाना पड़ता है l सेम चीज अगर आप वेस्टर्न में देखे तो आप बैठते हैं सारे के सारे कनेक्शन ओपन होते हैं तो आप आराम से अपने आप को साफ कर सकते हैं l तो मुझे लगता है कि अगर इस चीज में देखा जाए तो सच में वेस्टर्न टॉयलेट काफी ज्यादा अच्छे हैं l और हमें यह चीजें थोड़ी एक्सेप्ट करनी चाहिए कि वेस्टर्न टॉयलेट को किस तरह से हमें यूज़ करना चाहिए अगर आपके पास इतनी अवेयरनेस नहीं है तो आप इंडियन टॉयलेट यूज कर सकते हैं लेकिन कोशिश कीजिए वेस्टर्न टॉयलेट की भी आदत डालने की l इसमें कहीं से भी किसी तरीके पश्चिमीकरण की बात नहीं है या फिर मैं आपको इंस्पायर नहीं कर रहा हूं देसी चीज ज्यादा अच्छी है l लेकिन जो चीज हकीकत है वोह हकीकत है l कल को आप को जाकर बीमारियों से अच्छा तुम्हें एक सलाह दूंगा कि आज आप जाकर ऐसे काम किए जिससे कल को आप को बीमारी पैदा ना हो और यह चीज आप खुद एक्सपीरियंस करेंगे l अगर आपने वेस्टर्न और इंडियन टॉयलेट में बैठे होंगे तो क्या आपको कहां पर ज्यादा परेशानी होती है, कहां पर आपको ज्यादा सुविधा लगे l हो सकता है कि शुरुआत में को थोड़ा ओड लगे लेकिन प्रैक्टिस से ही चीजें आती हैं शुरुआत में ओड को तब भी लगा हुआ जब इंडियन टॉयलेट में पहली बार बैठे होंगे, धन्यवाद l

is bare mein zyada salah toh nahi de sakta lekin scientific study yah kehti hai ki bharatiya shauchalay mein baithne se constipation ki jo samasyaen hain l hindustani mein zyada payi jaati hai kyonki wahan par is tarah se baitha jata hai bharatiya shauchalay mein ki wahan par aapko pressure lagana padta hai jabki western shauchalay jo hote hain unmen aapko ek setting system ki jaise baithana baithana padta hai aur wahan par aapko atometikli thoda pressure jenerat ho jata hai l jab aap indian toilet mein baithate hain toh wahan par aapko pressure rahije karna padta hai kyonki aapki jo jab aap fold ho kar baithate hain toh aapki aant aur yakrit ke beech mein jo jo connection hota hai vaah band ho jata hai l jab vaah band ho jata hai toh aapka jo jaha se aap ka exit hota hai pura ki puri gandagi toh vaah system jo block ho jata toh uske liye aapko pressure lagana padta hai l same cheez agar aap western mein dekhe toh aap baithate hain saare ke saare connection open hote hain toh aap aaram se apne aap ko saaf kar sakte hain l toh mujhe lagta hai ki agar is cheez mein dekha jaaye toh sach mein western toilet kaafi zyada acche hain l aur hamein yah cheezen thodi except karni chahiye ki western toilet ko kis tarah se hamein use karna chahiye agar aapke paas itni awareness nahi hai toh aap indian toilet use kar sakte hain lekin koshish kijiye western toilet ki bhi aadat dalne ki l isme kahin se bhi kisi tarike pashchimikaran ki baat nahi hai ya phir main aapko Inspire nahi kar raha hoon desi cheez zyada achi hai l lekin jo cheez haqiqat hai woh haqiqat hai l kal ko aap ko jaakar bimariyon se accha tumhe ek salah dunga ki aaj aap jaakar aise kaam kiye jisse kal ko aap ko bimari paida na ho aur yah cheez aap khud experience karenge l agar aapne western aur indian toilet mein baithe honge toh kya aapko kahaan par zyada pareshani hoti hai kahaan par aapko zyada suvidha lage l ho sakta hai ki shuruat mein ko thoda ode lage lekin practice se hi cheezen aati hain shuruat mein ode ko tab bhi laga hua jab indian toilet mein pehli baar baithe honge dhanyavad l

इस बारे में ज्यादा सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन साइंटिफिक स्टडी यह कहती है कि भारतीय शौचालय

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