कौन सा अच्छा है - भारतीय शौचालय या पश्चिमी शौचालय?...


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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:46

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस बारे में ज्यादा सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन साइंटिफिक स्टडी यह कहती है कि भारतीय शौचालय में बैठने से कॉन्स्टिपेशन की जो समस्याएं हैं l हिंदुस्तानी में ज्यादा पाई जाती है क्योंकि वहां पर इस तरह से बैठा जाता है भारतीय शौचालय में कि वहां पर आपको प्रेशर लगाना पड़ता है जबकि वेस्टर्न शौचालय जो होते हैं उनमें आपको एक सेटिंग सिस्टम कि जैसे बैठाना बैठना पड़ता है और वहां पर आपको ऑटोमेटिकली थोड़ा प्रेशर जेनेरट हो जाता है l जब आप इंडियन टॉयलेट में बैठते हैं तो वहां पर आपको प्रेशर राइज करना पड़ता है क्योंकि आपकी जो जब आप फोल्ड हो कर बैठते हैं तो आपकी आंत और यकृत के बीच में जो जो कनेक्शन होता है वह बंद हो जाता है l जब वह बंद हो जाता है तो आपका जो जहां से आप का एग्जिट होता है पूरा कि पूरी गंदगी तो वह सिस्टम जो ब्लॉक हो जाता तो उसके लिए आपको प्रेशर लगाना पड़ता है l सेम चीज अगर आप वेस्टर्न में देखे तो आप बैठते हैं सारे के सारे कनेक्शन ओपन होते हैं तो आप आराम से अपने आप को साफ कर सकते हैं l तो मुझे लगता है कि अगर इस चीज में देखा जाए तो सच में वेस्टर्न टॉयलेट काफी ज्यादा अच्छे हैं l और हमें यह चीजें थोड़ी एक्सेप्ट करनी चाहिए कि वेस्टर्न टॉयलेट को किस तरह से हमें यूज़ करना चाहिए अगर आपके पास इतनी अवेयरनेस नहीं है तो आप इंडियन टॉयलेट यूज कर सकते हैं लेकिन कोशिश कीजिए वेस्टर्न टॉयलेट की भी आदत डालने की l इसमें कहीं से भी किसी तरीके पश्चिमीकरण की बात नहीं है या फिर मैं आपको इंस्पायर नहीं कर रहा हूं देसी चीज ज्यादा अच्छी है l लेकिन जो चीज हकीकत है वोह हकीकत है l कल को आप को जाकर बीमारियों से अच्छा तुम्हें एक सलाह दूंगा कि आज आप जाकर ऐसे काम किए जिससे कल को आप को बीमारी पैदा ना हो और यह चीज आप खुद एक्सपीरियंस करेंगे l अगर आपने वेस्टर्न और इंडियन टॉयलेट में बैठे होंगे तो क्या आपको कहां पर ज्यादा परेशानी होती है, कहां पर आपको ज्यादा सुविधा लगे l हो सकता है कि शुरुआत में को थोड़ा ओड लगे लेकिन प्रैक्टिस से ही चीजें आती हैं शुरुआत में ओड को तब भी लगा हुआ जब इंडियन टॉयलेट में पहली बार बैठे होंगे, धन्यवाद l

is bare mein zyada salah toh nahi de sakta lekin scientific study yah kehti hai ki bharatiya shauchalay mein baithne se constipation ki jo samasyaen hain l hindustani mein zyada payi jaati hai kyonki wahan par is tarah se baitha jata hai bharatiya shauchalay mein ki wahan par aapko pressure lagana padta hai jabki western shauchalay jo hote hain unmen aapko ek setting system ki jaise baithana baithana padta hai aur wahan par aapko atometikli thoda pressure jenerat ho jata hai l jab aap indian toilet mein baithate hain toh wahan par aapko pressure rahije karna padta hai kyonki aapki jo jab aap fold ho kar baithate hain toh aapki aant aur yakrit ke beech mein jo jo connection hota hai vaah band ho jata hai l jab vaah band ho jata hai toh aapka jo jaha se aap ka exit hota hai pura ki puri gandagi toh vaah system jo block ho jata toh uske liye aapko pressure lagana padta hai l same cheez agar aap western mein dekhe toh aap baithate hain saare ke saare connection open hote hain toh aap aaram se apne aap ko saaf kar sakte hain l toh mujhe lagta hai ki agar is cheez mein dekha jaaye toh sach mein western toilet kaafi zyada acche hain l aur hamein yah cheezen thodi except karni chahiye ki western toilet ko kis tarah se hamein use karna chahiye agar aapke paas itni awareness nahi hai toh aap indian toilet use kar sakte hain lekin koshish kijiye western toilet ki bhi aadat dalne ki l isme kahin se bhi kisi tarike pashchimikaran ki baat nahi hai ya phir main aapko Inspire nahi kar raha hoon desi cheez zyada achi hai l lekin jo cheez haqiqat hai woh haqiqat hai l kal ko aap ko jaakar bimariyon se accha tumhe ek salah dunga ki aaj aap jaakar aise kaam kiye jisse kal ko aap ko bimari paida na ho aur yah cheez aap khud experience karenge l agar aapne western aur indian toilet mein baithe honge toh kya aapko kahaan par zyada pareshani hoti hai kahaan par aapko zyada suvidha lage l ho sakta hai ki shuruat mein ko thoda ode lage lekin practice se hi cheezen aati hain shuruat mein ode ko tab bhi laga hua jab indian toilet mein pehli baar baithe honge dhanyavad l

इस बारे में ज्यादा सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन साइंटिफिक स्टडी यह कहती है कि भारतीय शौचालय

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, मुझे लगता है यह पर्सन टू पर्सन वरी करता है l कोई लोगों को भारतीय शौचालय में ज्यादा अच्छे लगते हैं, कुछ लोगों को वेस्टर्न अच्छे लगते हैं l लेकिन अगर क्म्फोर्ट की बात की जाए, आराम की बात की जाए तो मुझे लगता है कि जो वेस्टर्न शौचालय हैं वह भारतीय शौचालय से बहुत ज्यादा कंफर्टेबल है l और स्पेशली वह लोग जो जिनको आर्थराइटिस की प्रॉब्लम होती है, बैठने में दिक्कत होती है तो उनके लिए मुझे लगता है कि सब से कंफर्टेबल अगर कोई टॉयलेटस तो वह आपकी वेस्टर्न टॉयलेट से ठीक है l और हमारे देश के अंदर अब मोस्टली वेस्टर्न टॉयलेट का प्रचलन हो गया है l आप कहीं भी जाएंगे तो आपको मोस्टली वेस्टर्न टॉयलेट से मिलेंगे और जो इंडियन टॉयलेट से वह पिछले टाउन वगैरह में मिल जाती हैं l अब वहां से भी ओब्सोलेट हो रही है l तो मुझे लगता है व्यक्ति को सबसे ज्यादा कम्फर्ट कहीं मिलता है वह मेरी जो पर्सनल ओपिनियन इसके क्वेश्चन के बारे में यही है कि वेस्टर्न टॉयलेट में जो है वह ज्यादा कंफर्टेबल है l

dekhiye mujhe lagta hai yah person to person worry karta hai l koi logo ko bharatiya shauchalay mein zyada acche lagte hai kuch logo ko western acche lagte hai l lekin agar kmfort ki baat ki jaaye aaram ki baat ki jaaye toh mujhe lagta hai ki jo western shauchalay hai vaah bharatiya shauchalay se bahut zyada Comfortable hai l aur speshli vaah log jo jinako arthritis ki problem hoti hai baithne mein dikkat hoti hai toh unke liye mujhe lagta hai ki sab se Comfortable agar koi tayletas toh vaah aapki western toilet se theek hai l aur hamare desh ke andar ab Mostly western toilet ka prachalan ho gaya hai l aap kahin bhi jaenge toh aapko Mostly western toilet se milenge aur jo indian toilet se vaah pichle town vagera mein mil jaati hai l ab wahan se bhi obsolet ho rahi hai l toh mujhe lagta hai vyakti ko sabse zyada comfort kahin milta hai vaah meri jo personal opinion iske question ke bare mein yahi hai ki western toilet mein jo hai vaah zyada Comfortable hai l

देखिये, मुझे लगता है यह पर्सन टू पर्सन वरी करता है l कोई लोगों को भारतीय शौचालय में ज्यादा

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, काफी पर्सनल सवाल है यह क्योंकि अगर आप इंडियन टॉयलेट यूज करना चाहते हैं या वेस्टर्न टॉयलेट यह कंप्लीटली आपकी पर्सनल प्रेफरेंस होगी l हाँ, जो फायदा है वह यह कि इंडियन टॉयलेट में जिस पोजीशन में बैठा रहता है वह पोजीशन और काफी बेटर होती है एस कोम्पर तो वेस्टर्न पोजीशन l और बल के आज के वेस्टर्न ठीक क्यों होता है जैसे कि जो बड़े बुजुर्ग होते हैं, जो विकलांग होते हैं माफ़ कीजिएगा दिव्यांग लोग होते हैं या फिर और कुछ प्रॉब्लम होती है उनके लिए वह ज्यादा बैटर रहता है l तो आप इंडियन टॉयलेट यूज कर रहे हैं या वेस्टर्न टॉयलेट यह कंप्लीटली आपके ऊपर डिपेंड करेगा l बाकी हो सकेगा तो इंडियन टॉयलेट ही उसे कीजियेगा वहा कोई प्रॉब्लम नहीं है तो कि वह सादा मेरे हिसाबसे ज्यादा बेटर रहता है l

dekhiye kaafi personal sawaal hai yah kyonki agar aap indian toilet use karna chahte hain ya western toilet yah completely aapki personal prefarens hogi l haan jo fayda hai vaah yah ki indian toilet mein jis position mein baitha rehta hai vaah position aur kaafi better hoti hai s kompar toh western position l aur bal ke aaj ke western theek kyon hota hai jaise ki jo bade bujurg hote hain jo viklaang hote hain maaf kijiega divyang log hote hain ya phir aur kuch problem hoti hai unke liye vaah zyada better rehta hai l toh aap indian toilet use kar rahe hain ya western toilet yah completely aapke upar depend karega l baki ho sakega toh indian toilet hi use kijiyega vaha koi problem nahi hai toh ki vaah saada mere hisabase zyada better rehta hai l

देखिये, काफी पर्सनल सवाल है यह क्योंकि अगर आप इंडियन टॉयलेट यूज करना चाहते हैं या वेस्टर्न

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

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तुम पर मरने से पहले भारतीय शौचालयों में यह होता है कि आप ऐसा कहा जाता है मेरी शॉप में चुनावी है कि बहुत अच्छा क्रिएट होता है वहीं पर जो पश्चिमी जो होते हैं उनमें ऐसा नहीं होता पैसेंजर ने कहा जाता है तो उन्हें यह नहीं होता लेकिन अगर आप पर सफाई का ध्यान रखिए अगर आप तो उसने ऐसा निर्देशन का ध्यान रखिए दो जो बच्चे ने उतारा पर होते हैं तो अपने माइंड में बसते हैं और वेस्टर्न स्टाइल अपने माइंड में भेजते हैं तो दोनों ही बेहतर है लेकिन निर्भर करता है जिस तरह की फिजिकल बॉडी आपकी है जिस तरह क्या बात हुई थी उस करते हो उसके लिए आपको क्या प्रॉब्लम है आप दोनों नहीं इस्तेमाल कर सकते हैं मैसेज जिनके घरों में 2 वर्ष होते हैं वह कोशिश करते हैं कि उनके पास दोनों ही तरह के पार टॉयलेट मौजूद हो घर में चोरी होना भी चाहिए जैसी जिसकी जरूरत है जरा संभल कर चल अगर आप घर में बड़े बूढ़े होंगे तो वह इंडियन में नहीं जा पाएंगे हम को आवेदन के समस्या आएगी तो गोरखपुर में जाना पड़ेगा तो यह समस्या आती है लेकिन दोनों अपनी जगह व्यस्त इंडियन BP

tum par marne se pehle bharatiya shauchalayon mein yah hota hai ki aap aisa kaha jata hai meri shop mein chunavi hai ki bahut accha create hota hai wahi par jo pashchimi jo hote hai unmen aisa nahi hota passenger ne kaha jata hai toh unhe yah nahi hota lekin agar aap par safaai ka dhyan rakhiye agar aap toh usne aisa nirdeshan ka dhyan rakhiye do jo bacche ne utara par hote hai toh apne mind mein baste hai aur western style apne mind mein bhejate hai toh dono hi behtar hai lekin nirbhar karta hai jis tarah ki physical body aapki hai jis tarah kya baat hui thi us karte ho uske liye aapko kya problem hai aap dono nahi istemal kar sakte hai massage jinke gharon mein 2 varsh hote hai vaah koshish karte hai ki unke paas dono hi tarah ke par toilet maujud ho ghar mein chori hona bhi chahiye jaisi jiski zarurat hai zara sambhal kar chal agar aap ghar mein bade budhe honge toh vaah indian mein nahi ja payenge hum ko avedan ke samasya aayegi toh gorakhpur mein jana padega toh yah samasya aati hai lekin dono apni jagah vyast indian BP

तुम पर मरने से पहले भारतीय शौचालयों में यह होता है कि आप ऐसा कहा जाता है मेरी शॉप में चुना

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर भारतीय शौचालय पश्चिमी शौचालय के बीच के पुरम तुलना करें तो उसमें सबसे अच्छा शौचालय जो है वह भारतीय शौचालय क्योंकि भारतीय शौचालय भक्तमाल करते हैं तब आपका बॉडी का कोई भी ऐसा काम नहीं होता है जो कि टॉयलेट सीट को छूता है तो कहा ना कहां पर आपको जो है इन्फेक्शन का रिश्ता था वह भी कम हो जाता है सिर्फ यही नहीं आया आपका प्रोस्टेट ग्लैंड जो है वह यूजीलैंड होता है या बढ़ता है जवाब टॉयलेट पर होते हो तो खाना खाकर आप भारतीय शौचालय इस्तेमाल कर रहे हो तो उसके और चांद से हिंगलाज मेंट ऑफ प्रोस्टेट ग्लैंड कि वह भी कम होंगे और सिर्फ वही नहीं अगर हम देखें तो भारतीय शौचालय होता है उसे एलिमिनेशन में बहुत बिजी होता है बहुत सरल होता है बहुत फास्ट होता पूरी तरीके से कम की राधा तो यह Facebook टेक्निशन से हमको प्रबंध करता है जो कि एक बहुत ही बड़ा फैक्टर होता है कोलोन कैंसर परमेश्वर इंफ्लेमेटरी बोर्ड इसके बीच में सिर्फ यही नहीं आप पेंट करता है नशे खींचना जो कि बिजली होता है और अगर हम देखें तो आपने लड़कियों के लिए भी और जो है वह अच्छा है क्योंकि और कोटिंग जो है वह फाइट करता है पर ईश्वर यूटरस पर जब टॉयलेट इस्तेमाल करते हैं और अगर हम डिलीट को वोट करते हो तो खाना कहां पर यह रिपेयर करता है नाचो डिलीवरी के लिए तो यही कारण है कि भारतीय सर चले जो है वह मशीन शौचालय से अच्छा है और अगर तुलना की जाए तो भारतीय शौचालय इस्तेमाल करने से पश्चिम शौचालय के थे

dekhiye agar bharatiya shauchalay pashchimi shauchalay ke beech ke puram tulna kare toh usme sabse accha shauchalay jo hai vaah bharatiya shauchalay kyonki bharatiya shauchalay bhaktmaal karte hain tab aapka body ka koi bhi aisa kaam nahi hota hai jo ki toilet seat ko chhuta hai toh kaha na kahaan par aapko jo hai infection ka rishta tha vaah bhi kam ho jata hai sirf yahi nahi aaya aapka prostate gland jo hai vaah yujilaind hota hai ya badhta hai jawab toilet par hote ho toh khana khakar aap bharatiya shauchalay istemal kar rahe ho toh uske aur chand se hinglaj ment of prostate gland ki vaah bhi kam honge aur sirf wahi nahi agar hum dekhen toh bharatiya shauchalay hota hai use elimineshan mein bahut busy hota hai bahut saral hota hai bahut fast hota puri tarike se kam ki radha toh yah Facebook technician se hamko prabandh karta hai jo ki ek bahut hi bada factor hota hai kolon cancer parmeshwar imflemetri board iske beech mein sirf yahi nahi aap paint karta hai nashe khinchana jo ki bijli hota hai aur agar hum dekhen toh aapne ladkiyon ke liye bhi aur jo hai vaah accha hai kyonki aur coating jo hai vaah fight karta hai par ishwar yutaras par jab toilet istemal karte hain aur agar hum delete ko vote karte ho toh khana kahaan par yah repair karta hai nacho delivery ke liye toh yahi karan hai ki bharatiya sir chale jo hai vaah machine shauchalay se accha hai aur agar tulna ki jaaye toh bharatiya shauchalay istemal karne se paschim shauchalay ke the

देखिए अगर भारतीय शौचालय पश्चिमी शौचालय के बीच के पुरम तुलना करें तो उसमें सबसे अच्छा शौचाल

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Sameer Tripathy

Political Critic

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अभी यह सवाल तो अभी आप को सब को अपने आपको पर डिपेंड है आपको किस में कंफर्टेबल लगता है वह आप ही बोल सकते या अभी जिसका हर लोगों का नजरिया अलग होता है l तो मुझे लगता है कि आप पश्चिमी शौचालय थोड़ा आप आपको कंफर्टेबल फील कर आएगा और भारतीय शौचालय में थोड़ा जो बुजुर्ग लोग हैं वह कंफर्टेबल रहते हैं क्योंकि वह पहले से पहले ही यूज़ करते आ रहे l तो पश्चिमी शौचालय का बहुत बड़ा है जो इंप्लीमेंटेशन पूछो उनको पता नहीं होता है नोर्मल्ली तो यह कॉमन सी बात है l तो यह आप ही पहले आपको यह हर किसी का नजरिया अलग है l तो उसमें हम कुछ हम लोग कुछ मुझे बहुत कोई डिफरेंस नहीं है नजर नहीं आता है l कुछ लोगों को पश्चिमी शौचालय पसंद आएगा क्योंकि आजकल के जो नए शौचालय बना है बनाया जा रहा है वह पश्चिमी शौचालय बनाए जा रहे हैं, वह जो इंप्रूवमेंट हो रहा है भारतीय शौचालय से तो बहुत सारे घर में आप देखेंगे पश्चिमी शौचालय तो l

dekhiye abhi yah sawaal toh abhi aap ko sab ko apne aapko par depend hai aapko kis mein Comfortable lagta hai vaah aap hi bol sakte ya abhi jiska har logo ka najariya alag hota hai l toh mujhe lagta hai ki aap pashchimi shauchalay thoda aap aapko Comfortable feel kar aayega aur bharatiya shauchalay mein thoda jo bujurg log hain vaah Comfortable rehte hain kyonki vaah pehle se pehle hi use karte aa rahe l toh pashchimi shauchalay ka bahut bada hai jo implementation pucho unko pata nahi hota hai normally toh yah common si baat hai l toh yah aap hi pehle aapko yah har kisi ka najariya alag hai l toh usme hum kuch hum log kuch mujhe bahut koi difference nahi hai nazar nahi aata hai l kuch logo ko pashchimi shauchalay pasand aayega kyonki aajkal ke jo naye shauchalay bana hai banaya ja raha hai vaah pashchimi shauchalay banaye ja rahe hain vaah jo improvement ho raha hai bharatiya shauchalay se toh bahut saare ghar mein aap dekhenge pashchimi shauchalay toh l

देखिए अभी यह सवाल तो अभी आप को सब को अपने आपको पर डिपेंड है आपको किस में कंफर्टेबल लगता है

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Sefali

Media-Ad Sales

1:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, यह दोनों को ही यह दोनों के ही अपने-अपने एडवांटेज और डिसएडवांटेज है l अब हम भारतीय शौचालय की बात करें तो एक तो अगर हाइजीन के मामले में या फिर आप इंफेक्शन वगैरा से बचना चाहते हैं तो मेरे सबसे भारतीय शौचालय जो होता है वह बहुत ज्यादा बैटर होता है l क्योंकि जो है आपका डायरेक्ट स्किन कांटेक्ट जो है वह सिरेमिक के साथ नहीं आता है l तो उस हिसाब से बहुत बेहतर होता है मगर एक चीज है कि जो बुजुर्ग लोग होते हैं उन्हें भारतीय शौचालय उसके इस्तेमाल कर l

dekhiye yah dono ko hi yah dono ke hi apne apne advantage aur disadvantage hai l ab hum bharatiya shauchalay ki baat kare toh ek toh agar hygiene ke mamle mein ya phir aap infection vagera se bachna chahte hain toh mere sabse bharatiya shauchalay jo hota hai vaah bahut zyada better hota hai l kyonki jo hai aapka direct skin Contact jo hai vaah siremik ke saath nahi aata hai l toh us hisab se bahut behtar hota hai magar ek cheez hai ki jo bujurg log hote hain unhe bharatiya shauchalay uske istemal kar l

देखिये, यह दोनों को ही यह दोनों के ही अपने-अपने एडवांटेज और डिसएडवांटेज है l अब हम भारतीय

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इस सवाल का आंसर मतलब हर एक के लिए अलग अलग होगा क्योंकि यह व्यक्ति पर डिपेंड करता है देखा जाए तो अभी भारत के लोगों के लिए मतलब भी पश्चिमी शौचालय है जिसे हम कमोड कहते हैं वह आ चुके हैं असली मतलब अलग यह होता है कि वह एक बैठने का पोषण वहां पर अलग होता है तो फिर मेरे हिसाब से देखा जाए तो बाहर के लोग जो है तो जिनको मतलब अभी पैर की कुछ कमजोरी आ गई है इस ए गुड के दुख रहे हैं तो उनके लिए जो पश्चिमी शौचालय है वह अच्छा है क्योंकि वह मुझे बाहर के शौचालय से बैठ नहीं सकते उनको वह प्रॉब्लम आती है तो इसलिए उनके लिए अच्छा है बट कुछ लोगों के लिए इतने सालों से वही आदत है और फिर मतलब हम को पानी यूज करने का आदत है तो आई थिंक उनके लिए भारतीय शौचालय ही ज्यादा बैटरी लगता है क्योंकि उनको अभी कहीं हो देश में गए तो उनको प्रॉब्लम आ जाता है kick बैटरी मतलब पर वश में सोशल की आदत नहीं होती है इसलिए तो मुझे तो लगता है कि हर व्यक्ति के ऊपर होता है मतलब किस को कौन सा शौचालय अच्छा वीडियो

dekhiye is sawaal ka answer matlab har ek ke liye alag alag hoga kyonki yah vyakti par depend karta hai dekha jaaye toh abhi bharat ke logo ke liye matlab bhi pashchimi shauchalay hai jise hum kamod kehte hain vaah aa chuke hain asli matlab alag yah hota hai ki vaah ek baithne ka poshan wahan par alag hota hai toh phir mere hisab se dekha jaaye toh bahar ke log jo hai toh jinako matlab abhi pair ki kuch kamzori aa gayi hai is a good ke dukh rahe hain toh unke liye jo pashchimi shauchalay hai vaah accha hai kyonki vaah mujhe bahar ke shauchalay se baith nahi sakte unko vaah problem aati hai toh isliye unke liye accha hai but kuch logo ke liye itne salon se wahi aadat hai aur phir matlab hum ko paani use karne ka aadat hai toh I think unke liye bharatiya shauchalay hi zyada battery lagta hai kyonki unko abhi kahin ho desh mein gaye toh unko problem aa jata hai kick battery matlab par vash mein social ki aadat nahi hoti hai isliye toh mujhe toh lagta hai ki har vyakti ke upar hota hai matlab kis ko kaun sa shauchalay accha video

देखिए इस सवाल का आंसर मतलब हर एक के लिए अलग अलग होगा क्योंकि यह व्यक्ति पर डिपेंड करता है

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