राहुल गांधी जैसे नेता 2018 के बजट के खिलाफ क्यों हैं?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राहुल गांधी क्या पूरी कांग्रेस पार्टी 2000 बजट के खिलाफ है क्योंकि विपक्ष में और विपक्ष का फर्ज होता है कि वह सरकार की नीतियों के खिलाफ अरे उसकी नाकामी को जागृत करें इसलिए अगर सरकार कितना भी अच्छा काम करें कांग्रेसका दायित्व और विपक्ष की भूमिका निभाना उसकी जरूरत आवश्यक्ता है इसलिए वह भाजपा के द्वारा केंद्र सरकार में किए गए कार्यों का विरोध करती है

rahul gandhi kya puri congress party 2000 budget ke khilaf hai kyonki vipaksh mein aur vipaksh ka farz hota hai ki vaah sarkar ki nitiyon ke khilaf are uski nakami ko jagrit kare isliye agar sarkar kitna bhi accha kaam kare kangresaka dayitva aur vipaksh ki bhumika nibhana uski zarurat avashyakta hai isliye vaah bhajpa ke dwara kendra sarkar mein kiye gaye karyo ka virodh karti hai

राहुल गांधी क्या पूरी कांग्रेस पार्टी 2000 बजट के खिलाफ है क्योंकि विपक्ष में और विपक्ष का

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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस बात का सबसे सिंपल आंसर तो यह है कि कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और विपक्ष के नेता हैं तो उनका उनका ही यह फर्ज बनता है कि वह विरोध करें आप कभी भी देख लीजिए जब अरुण जेटली विपक्ष में थे तो वह भी अच्छे से अच्छे बजट का विरोध करते थे तो आज राहुल गांधी विपक्ष में तो विरोध कर रहे हैं बाकी बजट में क्या अच्छा है क्या बुरा इसको तो हम डिटेल में मालिश कर सकते हैं

is baat ka sabse simple answer to yeh hai ki ki rahul gandhi vipaksh ke neta hain aur vipaksh ke neta hain to unka unka hi yeh farj banta hai ki wah virodh kare chahiye aap kabhi bhi dekh lijiye jab arun jaitley vipaksh mein the to wah bhi acche se acche budget ka virodh karte the to aaj rahul gandhi vipaksh mein to virodh kar rahe hain baki budget mein kya accha hai kya bura isko to hum detail mein maalish kar sakte hain

इस बात का सबसे सिंपल आंसर तो यह है कि कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और विपक्ष के नेता

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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह 2018 का जो बजट है यह बजट मैं समझता हूं कि मिडिल क्लास के लिए तो डेफिनिटेली अच्छा नहीं है किसी भी तरीके की कोई रियायत जो है वह मिडिल क्लास को नहीं दी गई है और इसमें जो भी पैसा गवर्नमेंट खर्चा करने जा रही है हेल्थ सेक्टर में फार्मर की सब्सिडी में या फिर और जो जगह पर खर्चा करने जा रही है वह सारा का सारा खर्चा जो है वह गवर्नमेंट ऑफिसर या जो एम्प्लाइज है सलारिएड एम्प्लाइज उनकी टेक्स्ट मनी से जायेगा I हम लोगो के देश में एक अजीब सा एक सिस्टम चल पड़ा है कि यहां पर टैक्स देने वाला जो होता है उसको कोई भी सरकार से सहूलियत नहीं मिलती बेनिफिट नहीं मिलता है और जो आदमी कोई टैक्स नहीं देता है उसको सारा जो बेनिफिट है वह मिलता है अब जैसे हम मेडिकल का ही ले लीजिये गवर्नमेंट की तरफ जहां पर 50 करोड़ लोगों को मेडिकल बेनिफिट देने की बात कर रही है गवर्नमेंट के खर्चे पे वहीं पर जो गवर्नमेंट ऑफिसर या जो इंपलाई है सलारिएड एम्प्लोयी है उनको ₹15000 का सालाना मेडिकल रैम्बुरसेमेन्ट का टैक्स रिलीफ मिलती थी उसको गवर्नमेंट विथड्रॉ कर लिया है I तो इस तरीके से गवर्नमेंट जो है एक तरीके से रॉबिनहुड का काम कर रही है कि अमीरों से लेकर के गरीबों को दे रही है यह भले ही लोकलुभावन हो सकता है क्योंकि गरीबों की संख्या ज्यादा है लेकिन इसका जो परिणाम अच्छा नहीं होगा क्योंकि जो लोग हैं वह काम करने का जो इंसेंटिव है वह खत्म हो जाएगा और यह पैसा जो लोग के पास में जाएगा वह कोन्सुम्प्शन बेस उनका एक्सपेंडिचर होगा उससे देश का कोई भी डेवलपमेंट संभव नहीं होगा तो राहुल गांधी जिस तरीके से बजट का पेश कर रहे मैं समझता हूं कि बहुत बड़ा सेगमेंट है जो इस बजट का पोज़ कर रहा है और राहुल गांधी उस चीज को इस्तेमाल करना चाहते हैं अपने पॉलिटिकल बेनिफिट के लिए I

dekhie chahiye yeh 2018 ka jo budget hai yeh budget main samajhata hoon ki middle kashi ke liye to definiteli accha nahi hai kisi bhi tarike ki koi riyayat jo hai wah middle kashi ko nahi di gayi hai aur isme jo bhi paisa government kharcha karne ja rahi hai health sector mein farmer ki subsidy mein ya phir aur jo jagah par kharcha karne ja rahi hai wah saara ka saara kharcha jo hai wah government officer ya jo employees hai salaried employees unki text money se jayega I hum logo ke desh mein ek ajib sa ek system chal pada hai ki yahan par tax dene wala jo hota hai usko koi bhi sarkar se sahuliyat nahi milti benefit nahi milta hai aur jo aadmi koi tax nahi deta hai usko saara jo benefit hai wah milta hai ab jaise hum medical ka hi le lijiye government ki taraf jaha par 50 crore logo chahiye ko medical benefit dene ki baat kar rahi hai government ke kharche pe wahi par jo government officer ya jo imply hai salaried employee hai unko ₹15000 ka salana medical raimburasement ka tax relief milti thi usko government vithadra kar liya hai I to is tarike se government jo hai ek tarike se rabinhud ka kaam kar rahi hai ki amiron se lekar ke garibon ko de rahi hai yeh bhale hi lokalubhavan ho sakta hai kyonki garibon ki sankhya jyada hai lekin iska jo parinam accha nahi hoga kyonki jo log hai wah kaam karne ka jo insentiv hai wah khatam ho jayega aur yeh paisa jo log ke paas mein jayega wah konsumpshan base unka expenditure hoga usse desh ka koi bhi development sambhav nahi hoga to rahul gandhi jis tarike se budget ka pesh kar rahe main samajhata hoon ki bahut bada segment hai jo is budget ka poz kar raha hai aur rahul gandhi us cheez ko istemal karna chahte hai apne political benefit ke liye I

देखिए यह 2018 का जो बजट है यह बजट मैं समझता हूं कि मिडिल क्लास के लिए तो डेफिनिटेली अच्छा

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो एक दौर चल पड़ा है किसी भी पार्टी द्वारा किसी बजट को हमेशा बुरा बोलने का I ऐसा नहीं है कि 2018 का बेड बहुत ज्यादा अच्छा है बिल्कुल नहीं बजट बिल्कुल अच्छा नहीं आया बिल्कुल एवरेज बजट था उसमें कुछ योजनाएं ऐसी थी जो वर्ल्ड क्लास योजना है जो विश्व में कहीं भी शुरू नहीं हुई है या कुछ योजनाएं जो है थोड़ी सी किसान हितेषी हैं और कुछ योजनाएं जो है वह स्वास्थ्य हितेषी हैं लेकिन मिडिल क्लास के लिए उन्होंने टैक्स स्लैब कम नहीं किये राहुल गांधी जी की जो बात कर रहे हैं आप मुझे लगता है कि मेरे पूरे राजनीति वाली बातें हैं जब भारतीय जनता पार्टी थी विपक्ष में और कांग्रेस पार्टी थी पक्ष में उस समय भी जब टैक्स से बढ़ाए जा रहे थे तब भी वह कह रहे थे कि 500000 कीजिए 500000 कीजिये अरुण जेटली खुद अब सत्ता में है तो खुद तीन लाख पर टिके हुए हैं I तो टैक्स हो जा बजट हो मुझे लगता है कि जिन पार्टियों ने राजनीतिकरण कर रखा है वह तो कुछ भी है कितनी भी अच्छी स्कीम अगर आ जाए या कुछ भी हो जाए वह तो बुराई करना एसेंशियल हो ही गया है क्योंकि सामने वाली पार्टी वोट चाहती है उसे पाने के लिए सामने दूसरी पार्टी का जो पक्ष सामने खड़ा है उसकी गलती निकालनी पड़ेगी और वह गलती निकाली तूने वोट नहीं देंगे इसलिए तो राजनीति में तो बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है चाय अच्छा आए या एवरेज आए वह तो हमेशा उसको बुरा ही कहेंगे धन्यवाद I

yeh to ek daur chal pada hai kisi bhi party dwara kisi budget ko hamesha bura bolne ka I aisa nahi hai ki 2018 ka bed bahut jyada accha hai bilkul nahi budget bilkul accha nahi aaya bilkul average budget tha usamen chahiye kuch yojanaye aisi thi jo world class yojana hai jo vishwa mein kahin bhi shuru nahi hui hai ya kuch yojanaye jo hai thodi si kisan chahiye hiteshi hain aur kuch yojanaye jo hai wah swasthya hiteshi hain lekin middle class ke liye unhone tax slab kum nahi kiye rahul gandhi ji ki jo baat kar rahe hain aap mujhe lagta hai ki mere poore rajneeti wali batein hain jab bhartiya janta party thi vipaksh mein aur congress party thi paksh mein us samay bhi jab tax se badhae ja rahe the tab bhi wah keh rahe the ki 500000 kijiye 500000 kijiye arun jaitley khud ab satta mein hai to khud teen lakh par tike hue hain I to tax ho ja budget ho mujhe lagta hai ki jin partiyon ne rajneetikaran chahiye kar rakha hai wah to kuch bhi hai kitni bhi acchi scheme agar aa jaye ya kuch bhi ho jaye wah to burayi karna iessential ho hi gaya hai kyonki samane wali party vote chahti hai use pane ke liye samane dusri party ka jo paksh samane khada hai uski galti nikalani padegi aur wah galti nikali tune vote nahi denge isliye to rajneeti mein to bahut jyada zaroori ho gaya hai chai accha aaye ya average aaye wah to hamesha usko bura hi kahenge dhanyavad I

यह तो एक दौर चल पड़ा है किसी भी पार्टी द्वारा किसी बजट को हमेशा बुरा बोलने का I ऐसा नहीं ह

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मुझे लगता है कि जो भी पॉलिटिकल पार्टी up पोजीशन में रहती है उसका एक घर में की चाय बजट कैसा भी हो बहुत अच्छा हो एवरेज हो पढ़ाई करनी है क्या भारतीय जनता पार्टी हो चाहे कांग्रेस हो आप देख सकते हैं जब कांग्रेस की पार्टी थी उन्होंने बजट दिया तो भारतीय जनता पार्टी ने उसका विरोध किया अब वह मैटर नहीं करता कि बजट कितना अच्छा था और कितना बेकार तब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में कांग्रेस पोजीशन में तो अपोजीशन का तो यह धर्म के बजट का विरोध करना लेकिन मुझे लगता है कि 2018 का जो बजट उन्होंने दिया क्योंकि सरकार का लास्ट बजट का और लोगों की बहुत उम्मीदें थी इनसे कि कि एक अच्छा ब्लड दिया जाएगा पर्सनली मैं कहूंगा कोई बहुत बेकार बजट दिया और इसमें आम जनता के लिए जो कोमल मैंने उसके लिए कुछ भी नहीं था हालांकि जो BPL लोग हैं और किसानों के लिए किया है यह मैं नहीं मना करता लेकिन लोगों के लिए नहीं किया जो गवर्नमेंट एंप्लाइज हैं और जो आप जो आप कैसे एवरेज हैं उनके लिए कुछ भी नहीं किया सरकार ने

lekin mujhe lagta hai ki jo bhi political party up position mein rehti hai uska ek ghar mein ki chai budget kaisa bhi ho bahut accha ho average ho padhai karni hai kya bhartiya janta party ho chahe congress ho aap dekh sakte hain jab congress ki party thi unhone budget diya to bhartiya janta party ne uska virodh kiya ab wah matter nahi karta ki budget kitna accha tha aur kitna bekar tab bhartiya janta party satta mein congress position mein to apojishan ka to yeh dharm ke budget ka virodh karna lekin mujhe lagta hai ki 2018 ka jo budget unhone diya kyonki sarkar ka last budget ka aur logo chahiye ki bahut ummeden thi inse ki ki ek accha blood diya jayega personally main kahunga koi bahut bekar budget diya aur isme aam janta ke liye jo komal maine uske liye kuch bhi nahi tha halaki jo BPL log hain aur kisano ke liye kiya hai yeh main nahi mana karta lekin logo chahiye ke liye nahi kiya jo government emplaij hain aur jo aap jo aap kaise average hain chahiye unke liye kuch bhi nahi kiya sarkar ne

लेकिन मुझे लगता है कि जो भी पॉलिटिकल पार्टी up पोजीशन में रहती है उसका एक घर में की चाय बज

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मोदी के कांग्रेस पार्टी के अध्यक्षों प्रेसिडेंट राहुल गांधी जो है उन्होंने 2018 का जो संसदीय बजट है उनके खिलाफ जनों ने विरोध किया है और राहुल गांधी ने ट्वीट करके लिखा है कि 4 साल हो गए लेकिन किसानों को अभी तक केक प्राइस पर नहीं मिला 4 साल हो गए कोई फैंसी स्कीम के साथ कोई मैचिंग बजट नहीं आया 4 साल हो गए लेकिन कोई युवा को नौकरी नहीं मिली और अब से 50 बरस बाकी है तो खाना कब पर राहुल गांधी जैसे नेता जय 2018 के बजट का खिलाफ इसलिए क्योंकि उनका यह मानना है कि बजे जो है यह देश के लोग मुस्लिम करेगा और सिर्फ यही नहीं आऊंगा यह मानना है कि अगर जब सरकार इतना सीरियस थी किसानों के बारे में और उन्हें जगह चाहिए ताकि भारत और सोसाइटी जब आगे बढ़े तो उन्होंने बजे जो 2014 2015 में हिला देना चाहिए था उन्हें चुनाव की 1 साल पहले इस बजट को नहीं लाना चाहता तो का नाका पर यही चीज जो है इसके खिलाफ से राहुल गांधी राहुल गांधी का मानना है कि अगर यही बजट उन्होंने पूरे ₹5 पेमेंट किया रहता तो का नाका पर युवाओं को नौकरी मिल रहे थे और किसान को जो है और हाथ मिले रहती है और उनकी बेरोजगारी में चली गई रे युवा को भी बेरोजगारी नहीं होती तो यही कारण है कि राहुल गांधी जैसे नेता जो है 2018 के बजट के खिलाफ है

modi ke congress party ke adhyakshon president rahul gandhi jo hai unhone 2018 ka jo sansadiya budget hai unke khilaf jano ne virodh kiya hai aur rahul gandhi ne tweet karke likha hai ki 4 saal ho gaye lekin kisano ko abhi tak cake price par nahi mila 4 saal ho gaye koi fainsi scheme ke saath koi matching budget nahi aaya 4 saal ho gaye lekin koi yuva ko naukri nahi mili aur ab se 50 baras baki hai to khana kab par rahul gandhi jaise neta jai 2018 ke budget ka khilaf isliye kyonki unka yeh manana hai ki baje jo hai yeh desh ke log muslim karega aur sirf yahi nahi aaunga yeh manana hai ki agar jab sarkar itna serious thi kisano ke baare mein aur unhen chahiye jagah chahiye taki bharat aur society jab aage badhe to unhone baje jo 2014 2015 mein hila dena chahiye tha unhen chahiye chunav ki 1 saal pehle is budget ko nahi lana chahta to ka naka par yahi cheez jo hai iske khilaf se rahul gandhi rahul gandhi ka manana hai ki agar yahi budget unhone poore ₹5 payment kiya rehta to ka naka par yuvaon ko naukri mil rahe the aur kisan chahiye ko jo hai aur hath mile rehti hai aur unki berojgari mein chali gayi ray yuva ko bhi berojgari nahi hoti to yahi kaaran hai ki rahul gandhi jaise neta jo hai 2018 ke budget ke khilaf hai

मोदी के कांग्रेस पार्टी के अध्यक्षों प्रेसिडेंट राहुल गांधी जो है उन्होंने 2018 का जो संसद

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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राहुल गांधी और जैसे नेता 2018 के बजट के खिलाफ क्यों है मुझे लगता है कि सबसे पहली बात तो यह है वह ऑप्शन एंड पार्टी के हैं वह कांग्रेस से बिलॉन्ग करते तो वह क्यों सहमति देंगे बीजेपी अगर कोई बजट के साथ आता है तो वह विश्वास है कि वह उनके खिलाफ रहेंगे और दूसरी बात यह है यही राहुल गांधी जी के पास मौका है जो है अपनी बात सबके सामने रखने का और जो है अपने लिए जोक एक इंटरव्यू क्रिएट करने का लोगों के मन में 2019 जनरल इलेक्शन अब दूर नहीं तो अभी से और राहुल गांधी शायद तैयारी में है लोगों के मन के अंदर अपना इंफॉर्मेशन फिगर बनाने के लिए

rahul gandhi aur jaise neta 2018 ke budget ke khilaf kyu hai mujhe lagta hai ki sabse pehli baat to yeh hai wah option end party ke hain wah congress se bilang karte to wah kyu sehmati denge bjp agar koi budget ke saath aata hai to wah vishwas hai ki wah unke khilaf rahenge aur dusri baat yeh hai yahi rahul gandhi ji ke paas mauka hai jo hai apni baat sabke samane rakhne ka aur jo hai apne liye joke ek interview create karne ka logo chahiye ke man mein 2019 general election ab dur nahi to abhi se aur rahul gandhi shayad taiyari mein hai logo chahiye ke man ke andar apna information figure banane ke liye

राहुल गांधी और जैसे नेता 2018 के बजट के खिलाफ क्यों है मुझे लगता है कि सबसे पहली बात तो यह

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए राहुल गांधी जैसे नेता 2018 के बजट के लिए खिलाफ है तो मतलब बजट

dekhie rahul gandhi jaise neta 2018 ke budget ke liye khilaf hai to matlab budget

देखिए राहुल गांधी जैसे नेता 2018 के बजट के लिए खिलाफ है तो मतलब बजट

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