पुरुषों को क्यों लगता है कि महिलाओं को समझना जटिल हैं?...


play
user

Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपके सवाल में थोड़ा संशोधन करना चाहता हूं महिलाओं को समझना जटिल नहीं मुझे लगता है कि मेरा को समझना असंभव ऐसे ऐसे तो बता करो HD मुझे लगता है कि महिलाओं को जो सबसे ज्यादा जो आप हमें जो जटिलता लगती है महिलाओं के बारे में किसी मेरी सारी सारी मित्र हैं वह मुझे बताती है कि उनका मूड स्विंग बहुत जल्दी होता है मतलब अगर किसी एक चीज के बारे में सोच रही हैं तू एक ही चीज के बारे में तीन चार चलेगी अलग-अलग रहा है एक ही समय में रख सकती हैं जैसे कि अगर मान लीजिए आपको कोई एक सैंडल पसंद आ रही है तो आप वह चीज ले लेंगे लेकिन कर किसी महिला को एक चैनल पसंद आ रही है तो हो सकता है कि उसमें वह कुछ काम ही निकाल कर दूसरे चैनल को ट्राई करें और फिर वहां पर आपको कम पर चढ़ी हुई होगी क्योंकि उसे 34 सैंडल पसंद ना पसंद आ जाएगी या इसी तरह की चीज अगर उन्हें आइसक्रीम खाने का मन है फिर भी सर्दी पड़ रही है उन्हें जुकाम भी हो रहा है फिर वाली सिम खाने की जिद कर रही हैं आप मैंने एक बार मना कर दिया तो गर्मी में भी आश्रम खाने को मना कर देंगे तो यह उनकी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट की बात है इनकी मूड की बात है और महिलाओं में यह चीज एक साइंटिफिक चलती है कि मैं अपने मन से नहीं बता रहा हूं कि महिलाओं का मूड से काफी जल्दी होता है क्योंकि उन्हें जो चीज पसंद होती है वह चीज वह जल्दी करती हैं चाहे वह भले ही अपनी चीज का ही विरोध क्यों ना करना पड़े चाहे वह मुंह सिंह का ही मतलब कामना क्यों ना करना पड़े चाहे उन्हें बिल्कुल आप अपोजिट फैक्ट्री क्यों ना करना पड़े तो साइंटिफिक चीज है इसमें परेशान होने की बात नहीं है लेकिन कभी-कभी पुरुषों के दिमाग में यह चीज है रुला देती है कि आप अभी 2 मिनट पहले काम नहीं कर रहे थे लेकिन अब करने लगे एकदम से तो आदमी फंस जाता है वह सोचते हैं कि मैं किस बात को फॉलो करूं क्योंकि अभी कुछ समय पहले अलग कर दि अभी कुछ अलग कर रही है तू यह चीज मुझे लगता है कि वह जटिलता के कारण है इसके अलावा मेला बिल्कुल क्लियर होती हैं इसके अलावा जो चीज अच्छी लगती वह करती नहीं रखती नहीं करती और काफी अच्छा भी रहता है लड़की का और मुस्कान का सम्मान कीजिए उन्हें प्यार से बात कीजिए उनकी हर जगह इज्जत कीजिए क्योंकि महिलाओं ने आप को जन्म दिया है और वही आपको आगे बढ़ा रही हैं धन्यवाद

main aapke sawaal mein thoda sanshodhan karna chahta hoon mahilaon ko samajhna jatil nahi mujhe lagta hai ki mera ko samajhna asambhav aise aise toh bata karo HD mujhe lagta hai ki mahilaon ko jo sabse zyada jo aap hamein jo jatilata lagti hai mahilaon ke bare mein kisi meri saree saree mitra hain vaah mujhe batati hai ki unka mood swing bahut jaldi hota hai matlab agar kisi ek cheez ke bare mein soch rahi hain tu ek hi cheez ke bare mein teen char chalegi alag alag raha hai ek hi samay mein rakh sakti hain jaise ki agar maan lijiye aapko koi ek sandal pasand aa rahi hai toh aap vaah cheez le lenge lekin kar kisi mahila ko ek channel pasand aa rahi hai toh ho sakta hai ki usme vaah kuch kaam hi nikaal kar dusre channel ko try kare aur phir wahan par aapko kam par chadhi hui hogi kyonki use 34 sandal pasand na pasand aa jayegi ya isi tarah ki cheez agar unhe icecream khane ka man hai phir bhi sardi pad rahi hai unhe zukam bhi ho raha hai phir wali sim khane ki jid kar rahi hain aap maine ek baar mana kar diya toh garmi mein bhi ashram khane ko mana kar denge toh yah unki point of interest ki baat hai inki mood ki baat hai aur mahilaon mein yah cheez ek scientific chalti hai ki main apne man se nahi bata raha hoon ki mahilaon ka mood se kaafi jaldi hota hai kyonki unhe jo cheez pasand hoti hai vaah cheez vaah jaldi karti hain chahen vaah bhale hi apni cheez ka hi virodh kyon na karna pade chahen vaah mooh Singh ka hi matlab kamna kyon na karna pade chahen unhe bilkul aap opposite factory kyon na karna pade toh scientific cheez hai isme pareshan hone ki baat nahi hai lekin kabhi kabhi purushon ke dimag mein yah cheez hai rula deti hai ki aap abhi 2 minute pehle kaam nahi kar rahe the lekin ab karne lage ekdam se toh aadmi fans jata hai vaah sochte hain ki main kis baat ko follow karu kyonki abhi kuch samay pehle alag kar di abhi kuch alag kar rahi hai tu yah cheez mujhe lagta hai ki vaah jatilata ke karan hai iske alava mela bilkul clear hoti hain iske alava jo cheez achi lagti vaah karti nahi rakhti nahi karti aur kaafi accha bhi rehta hai ladki ka aur muskaan ka sammaan kijiye unhe pyar se baat kijiye unki har jagah izzat kijiye kyonki mahilaon ne aap ko janam diya hai aur wahi aapko aage badha rahi hain dhanyavad

मैं आपके सवाल में थोड़ा संशोधन करना चाहता हूं महिलाओं को समझना जटिल नहीं मुझे लगता है कि म

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  146
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Sefali

Media-Ad Sales

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ये जो पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को समझना बहुत जटिल है ये उन की आज की समस्या नहीं है, यह समस्या सदियों की है| जो पुरुषों को लगता है कि वो महिलाओं को समझ नहीं सकते| पर मेरे हिसाब से यह जो है यह मिस कंसेप्शन है| ऐसा सारे पुरुषों के साथ नहीं है बिल्कुल भी| तो मेरे हिसाब से ये जो है कम्युनिकेशन के ऊपर डिपेंड करता है, आपकी कंपेटिबिलिटी के ऊपर डिपेंड करता है कि आप की कितनी ज्यादा समझ है आप जिन भी औरतों को जानते हैं या फिर दोस्त हैं आपकी तो उनकी सोच कैसी है? क्या है? मेरे हिसाब से आप अगर उनको अच्छे से जानते हैं तो उनको समझ पाना बिल्कुल भी जो है डिफिकल्ट नहीं है, बहुत आसान है तो यह कम्युनिकेशन लेवल पर डिपेंड करता है यह चीज|

ye jo purushon ko lagta hai ki mahilaon ko samajhna bahut jatil hai ye un ki aaj ki samasya nahi hai yah samasya sadiyon ki hai jo purushon ko lagta hai ki vo mahilaon ko samajh nahi sakte par mere hisab se yah jo hai yah miss kansepshan hai aisa saare purushon ke saath nahi hai bilkul bhi toh mere hisab se ye jo hai communication ke upar depend karta hai aapki kampetibiliti ke upar depend karta hai ki aap ki kitni zyada samajh hai aap jin bhi auraton ko jante hain ya phir dost hain aapki toh unki soch kaisi hai kya hai mere hisab se aap agar unko acche se jante hain toh unko samajh paana bilkul bhi jo hai difficult nahi hai bahut aasaan hai toh yah communication level par depend karta hai yah cheez

ये जो पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को समझना बहुत जटिल है ये उन की आज की समस्या नहीं है, य

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  132
WhatsApp_icon
user

Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए थोड़ा वीयर्ड सा सवाल है कि क्यों पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को समझना मुश्किल है? देखिये ऐसा विषय है तो नहीं कि महिलाओं को समझना मुश्किल हो| बट अगर जैसे कि मैंने अपने फ्रेंड से अपने बॉयफ्रेंड से पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि ऐसा इसलिए क्योंकि लड़कियों के मूड स्विंग को हैंडल करना बहुत मुश्किल होता है| उन्हें कोई चीज आज पसंद है तो कल पसंद नहीं होगी और फिर वह एक्सपेक्ट ऐसा करती है लड़कियां कि उनके पार्टनर या कोई भी व्यक्ति जो भी उनके क्लोज है वो अपने आप समझ जाए कि उन्हें अभी ये चीज़ नहीं पसंद जो थोड़ा इंपॉसिबल सा हो जाता है| ऐसा कई बार कुछ केसेस में ऐसा हो जाता है| और मुझे ऐसा लगता है कि बाकी हार्मोनल चेंजेस होते हैं तो वह मूड स्विंग्स या फिर मतलब के टेन्स है क्या है वह सब भी चीज़े डिपेंड करती है कि वो कैसे मूड में है तो वह अच्छा रियेक्ट करेंगी हो सकता है कि अभी बहुत अच्छे मूड में हो फिर उन्हें कोई 2 साल पुरानी बात याद आ जा एकदम से और उनका मूड खराब हो जाए और आपको लगे कि अरे अभी तक तो ठीक थी अब क्या हो गया? तो कभी कभी ऐसी चीज़े भी हो जाती है बट कोई बात नहीं आप उनके साथ रहिए, उनको समझने की कोशिश करते रहिए और महिलाओं को आज तक कोई पुरुष समझ नहीं पाया ढंग से अगर तो मैं 2 मिनट के जवाब में आप को कैसे समझा सकती हूं कि महिलाओं को समझना मुश्किल क्यों है?

dekhiye thoda viyard sa sawaal hai ki kyon purushon ko lagta hai ki mahilaon ko samajhna mushkil hai dekhiye aisa vishay hai toh nahi ki mahilaon ko samajhna mushkil ho but agar jaise ki maine apne friend se apne boyfriend se poocha toh unhone mujhe bataya ki aisa isliye kyonki ladkiyon ke mood swing ko handle karna bahut mushkil hota hai unhe koi cheez aaj pasand hai toh kal pasand nahi hogi aur phir vaah expect aisa karti hai ladkiyan ki unke partner ya koi bhi vyakti jo bhi unke close hai vo apne aap samajh jaaye ki unhe abhi ye cheez nahi pasand jo thoda Impossible sa ho jata hai aisa kai baar kuch cases mein aisa ho jata hai aur mujhe aisa lagta hai ki baki hormonal changes hote hain toh vaah mood swings ya phir matlab ke tens hai kya hai vaah sab bhi chizey depend karti hai ki vo kaise mood mein hai toh vaah accha riyekt karengi ho sakta hai ki abhi bahut acche mood mein ho phir unhe koi 2 saal purani baat yaad aa ja ekdam se aur unka mood kharab ho jaaye aur aapko lage ki are abhi tak toh theek thi ab kya ho gaya toh kabhi kabhi aisi chizey bhi ho jaati hai but koi baat nahi aap unke saath rahiye unko samjhne ki koshish karte rahiye aur mahilaon ko aaj tak koi purush samajh nahi paya dhang se agar toh main 2 minute ke jawab mein aap ko kaise samjha sakti hoon ki mahilaon ko samajhna mushkil kyon hai

देखिए थोड़ा वीयर्ड सा सवाल है कि क्यों पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को समझना मुश्किल है?

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  161
WhatsApp_icon
user

Rajsi

Sports Commentator & Reporter

1:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पुरुषों को लगता है कि औरतों को समझना काफी मुश्किल है और औरतों को लगता है कि पुरुषों को समझना आसान है उसका बहुत ही सिंपल सा कारण है हम सबके सामने गिरीश छाई हुई है आप लोगों की जरूरत से पढ़ा गया सुना होगा कहीं ना कहीं कि अगर आप औरतों से पूछेंगे अगर आप उनसे झूठ बोलेंगे तो उन्हें पता होगा मतलब अगर आपसे कोई औरत कोई सवाल पूछ रही है तो 95% ऑफ उसको उसका जवाब पता है तो आप जरा सोच समझ के बोलिए तो कुछ इसी तरह का मानचित्र सामने आती है कि झूठ बोल सकता है कब नहीं झूठ बोल सकता है यह झूठ होगा कि सच होगा क्या होगा क्या नहीं होगा पूरी सीबीआई जांच को अपने मन में बैठा लेते हैं लेकिन मर्द क्या करते हैं वह इतना सोचते नहीं हैं उनके पास सोचने को और भी बहुत कुछ होता है वह सब फालतू ही होता है लेकिन उनका दिमाग उधर भागता है तो वह थोड़ा सोच समझने की प्रक्रिया पर अगर आप आए तो उसी मामले में औरत मर्द अलग होते हैं और इसीलिए वह समझ नहीं पाते कि औरतें चाहती क्या है जबकि उनके सामने होता है लेकिन ध्यान नहीं दे पाते और वही और समझ जाती क्योंकि वह उनका ध्यान ही हर वक्त मर्दों पर होता है उनके आसपास जोड़ता होते हैं तो यही फर्क है जो जटिल बनाता है पुरुषों के लिए औरतों को समझना पर आसान बनाता है औरतों के लिए मर्दों को समझना

purushon ko lagta hai ki auraton ko samajhna kaafi mushkil hai aur auraton ko lagta hai ki purushon ko samajhna aasaan hai uska bahut hi simple sa karan hai hum sabke saamne girish chhai hui hai aap logo ki zarurat se padha gaya suna hoga kahin na kahin ki agar aap auraton se puchenge agar aap unse jhuth bolenge toh unhe pata hoga matlab agar aapse koi aurat koi sawaal puch rahi hai toh 95 of usko uska jawab pata hai toh aap zara soch samajh ke bolie toh kuch isi tarah ka manchitra saamne aati hai ki jhuth bol sakta hai kab nahi jhuth bol sakta hai yah jhuth hoga ki sach hoga kya hoga kya nahi hoga puri cbi jaanch ko apne man mein baitha lete hain lekin mard kya karte hain vaah itna sochte nahi hain unke paas sochne ko aur bhi bahut kuch hota hai vaah sab faltu hi hota hai lekin unka dimag udhar bhagta hai toh vaah thoda soch samjhne ki prakriya par agar aap aaye toh usi mamle mein aurat mard alag hote hain aur isliye vaah samajh nahi paate ki auraten chahti kya hai jabki unke saamne hota hai lekin dhyan nahi de paate aur wahi aur samajh jaati kyonki vaah unka dhyan hi har waqt mardon par hota hai unke aaspass Jodta hote hain toh yahi fark hai jo jatil banata hai purushon ke liye auraton ko samajhna par aasaan banata hai auraton ke liye mardon ko samajhna

पुरुषों को लगता है कि औरतों को समझना काफी मुश्किल है और औरतों को लगता है कि पुरुषों को समझ

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  147
WhatsApp_icon
user

Simranpreet Singh

B.Tech in CE from SRM

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये मुझे यह बिल्कुल भी नहीं लगता है कि महिलाओं को समझना जटिल है क्योंकि हम लोग को एक पुरुष होने के नाते अपनी सोच बदलनी होगी, अच्छी सोच रखनी होगी| बात करने का तरीका लड़कियों से अच्छा रखना होगा और अगर हम लोग यह सब कर सकते हैं तो भले ही वह कोई भी रिश्ता क्यों ना हो महिलाओं से, वो सब हम लोग अच्छे से मेंटेन कर सकते हैं| और मैं अपनी पर्सनल एक्सपीरियंस से बताना चाहूंगा, शायद यह बात थोड़ी सी वीयर्डवाली लगे लेकिन लेकिन मेरी स्कूल टाइम से ही लड़कियां ज्यादा दोस्त रही है बजाएं लड़कों के और अभी भी कुछ 4-5 बेस्ट फ्रेंड्स मेरी ऐसी है जिनसे मेरी लगातार बात होती रहती है और मैं उनको काफी अच्छे से समझता भी हूं|

dekhiye mujhe yah bilkul bhi nahi lagta hai ki mahilaon ko samajhna jatil hai kyonki hum log ko ek purush hone ke naate apni soch badalni hogi achi soch rakhni hogi baat karne ka tarika ladkiyon se accha rakhna hoga aur agar hum log yah sab kar sakte hain toh bhale hi vaah koi bhi rishta kyon na ho mahilaon se vo sab hum log acche se maintain kar sakte hain aur main apni personal experience se bataana chahunga shayad yah baat thodi si viyardavali lage lekin lekin meri school time se hi ladkiyan zyada dost rahi hai bajaye ladko ke aur abhi bhi kuch 4 5 best friends meri aisi hai jinse meri lagatar baat hoti rehti hai aur main unko kaafi acche se samajhata bhi hoon

देखिये मुझे यह बिल्कुल भी नहीं लगता है कि महिलाओं को समझना जटिल है क्योंकि हम लोग को एक पु

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  147
WhatsApp_icon
user

Pragati

Aspiring Lawyer

1:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये मेरे हिसाब से जो पुरुषों का यह परसेप्शन होता है कि महिलाओं को समझना बहुत ही मुश्किल है और महिलाओं को वह नहीं समझ पाते हैं| वह कब क्या सोच रही है? कब क्या कर रही हैं? वह नहीं समझ पाते| तो मेरे हिसाब से और मैं खुद बताना चाहूंगी कि मैं भी एक लड़की हूं और एक महिला भी हूं और मेरे परिवार में जितने भी लोग हैं, वह सब मुझे काफी आसानी से समझते हैं और जो भी मैं अपनी बात कहना चाहती हूं बहुत आसानी से कह देती हूं तो यह जो परसेप्शन है यह बहुत ही गलत है| और यह पहले जमाने मैं इसलिए कहा गया था और बनाया गया था क्योंकि पहले जमाने में महिलाओं को बोलने की ज्यादा आजादी नहीं थी और उन्हें अपनी बातें बहुत ही छोटे, शब्दों में बहुत ही कम शब्दों में बताने को कहा जाता था| तो महिलाएं कई कई बार तो बता भी नहीं पाती थी, समझा भी नहीं पाती थी कि वह क्या कहना चाहती है? क्या नहीं करना चाहती है? तो इसी वजह से पहले जमाने में ऐसा कहा जाता था कि महिलाओं को समझना बहुत ही जटिल काम है और आप उनको समझ नहीं सकते हैं वह कब क्या कर रहीं है? कब क्या नहीं कर रही है? तो मैं पुरुषोको को एक और बात बताना चाहूंगी कि महिलाये जब भी कुछ करती हैं या नहीं करती है तो उसके पीछे भी वह बहुत सोच विचार करके ही उस काम को करती है, तो आप उन्हें समझने के लिए थोड़ी प्रयास करेंगे, थोड़ा ढंग से सोचेंगे तो आप बिल्कुल समझ पाएंगे कि वह ऐसा क्यों कर रही है? क्यों नहीं कर रही है? और उसके अलावा आज की महिला तो बिल्कुल ओपन हो चुकी है| सब लोगों को पूरा-पूरा अधिकार मिल चुके हैं तो काफी हद तक हर महिला जब भी कुछ कहना चाहती है तो वह साफ साफ शब्दों में हर किसी को बता देती है और समझा देती है| तो मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि आज के जमाने में महिलाओं को समझना बिल्कुल भी जटिल काम है|

dekhiye mere hisab se jo purushon ka yah perception hota hai ki mahilaon ko samajhna bahut hi mushkil hai aur mahilaon ko vaah nahi samajh paate hain vaah kab kya soch rahi hai kab kya kar rahi hain vaah nahi samajh paate toh mere hisab se aur main khud bataana chahungi ki main bhi ek ladki hoon aur ek mahila bhi hoon aur mere parivar mein jitne bhi log hain vaah sab mujhe kaafi aasani se samajhte hain aur jo bhi main apni baat kehna chahti hoon bahut aasani se keh deti hoon toh yah jo perception hai yah bahut hi galat hai aur yah pehle jamane main isliye kaha gaya tha aur banaya gaya tha kyonki pehle jamane mein mahilaon ko bolne ki zyada azadi nahi thi aur unhe apni batein bahut hi chote shabdon mein bahut hi kam shabdon mein batane ko kaha jata tha toh mahilaye kai kai baar toh bata bhi nahi pati thi samjha bhi nahi pati thi ki vaah kya kehna chahti hai kya nahi karna chahti hai toh isi wajah se pehle jamane mein aisa kaha jata tha ki mahilaon ko samajhna bahut hi jatil kaam hai aur aap unko samajh nahi sakte hain vaah kab kya kar rahin hai kab kya nahi kar rahi hai toh main purushoko ko ek aur baat bataana chahungi ki mahilaye jab bhi kuch karti hain ya nahi karti hai toh uske peeche bhi vaah bahut soch vichar karke hi us kaam ko karti hai toh aap unhe samjhne ke liye thodi prayas karenge thoda dhang se sochenge toh aap bilkul samajh payenge ki vaah aisa kyon kar rahi hai kyon nahi kar rahi hai aur uske alava aaj ki mahila toh bilkul open ho chuki hai sab logo ko pura pura adhikaar mil chuke hain toh kaafi had tak har mahila jab bhi kuch kehna chahti hai toh vaah saaf saaf shabdon mein har kisi ko bata deti hai aur samjha deti hai toh mujhe aisa bilkul bhi nahi lagta ki aaj ke jamane mein mahilaon ko samajhna bilkul bhi jatil kaam hai

देखिये मेरे हिसाब से जो पुरुषों का यह परसेप्शन होता है कि महिलाओं को समझना बहुत ही मुश्किल

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  196
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
ऊंचे सैंडल वाली मुझे ना समझना वाली ;

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!