क्या आरक्षण सही हैं?...


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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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कि जिस प्रकार से भारत की जनसंख्या है और भारत की जनसंख्या देखकर हम एक चीज बता सकते हैं कि भारत की जनसंख्या में बहुत डाइवर्सिटी पाई गई है से कई सारे लोग जो कि बहुत अमीर है और कई सारे लोग जो बहुत गरीब का नाका पर गरीबों को अच्छा एजुकेशन देने के लिए या फिर कह सकते अच्छी और कॉलेजों में भेजने के लिए आरक्षण जरूरी होता है क्योंकि अगर हम देखें तो हमें गरीबों को भी उतना ही अधिकार देना चाहे जितना भी रोको दे पा रहे हैं या फिर हम कह सकते हैं गरीबों को भी देखिए अच्छे-अच्छे कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ने का हक है तो खाना कहां पर गर्म आरक्षण रखते हैं या फिर उनकी फीस कम करने की अगर बात करते हैं तो वह सही है आरक्षण मेरे हिसाब से सही है लेकिन आप जिस प्रकार से अधिक आरक्षण चल रहा है जो कि जातिवाद पर चल रहा है वह सही नहीं है क्योंकि अगर आप सुप्रीम कोर्ट का 1982 का जजमेंट कर जयपुर में स्पष्ट कह दिया था कि कोई भी आरक्षण जो है वह 45% से ज्यादा नहीं जाना चाहिए तो कहां पर 40% का आरक्षण जो है वह बहुत ही अच्छा नहीं होता

ki jis prakar se bharat ki jansankhya hai aur bharat ki jansankhya dekhkar hum ek cheez bata sakte hain ki bharat ki jansankhya mein bahut diversity payi gayi hai se kai saare log jo ki bahut amir hai aur kai saare log jo bahut garib ka naka par garibon ko accha education dene ke liye ya phir keh sakte achi aur collegeon mein bhejne ke liye aarakshan zaroori hota hai kyonki agar hum dekhen toh hamein garibon ko bhi utana hi adhikaar dena chahen jitna bhi roko de paa rahe hain ya phir hum keh sakte hain garibon ko bhi dekhiye acche acche college university mein padhne ka haq hai toh khana kahaan par garam aarakshan rakhte hain ya phir unki fees kam karne ki agar baat karte hain toh vaah sahi hai aarakshan mere hisab se sahi hai lekin aap jis prakar se adhik aarakshan chal raha hai jo ki jaatiwad par chal raha hai vaah sahi nahi hai kyonki agar aap supreme court ka 1982 ka judgement kar jaipur mein spasht keh diya tha ki koi bhi aarakshan jo hai vaah 45 se zyada nahi jana chahiye toh kahaan par 40 ka aarakshan jo hai vaah bahut hi accha nahi hota

कि जिस प्रकार से भारत की जनसंख्या है और भारत की जनसंख्या देखकर हम एक चीज बता सकते हैं कि भ

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:60
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आरक्षण सही तो नहीं है लेकिन और आरक्षण हमारे देश की आवश्यकता है जरूरत है जब आरक्षण को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान में लागू करा था तब उनका इन यह था इसके लिए कि जो नीची जाति के लोग हैं जो उच्च जाति के समानांतर नहीं रह पाते हैं और उनमें बहुत ज्यादा भेदभाव है तो जो नीची जाति के लोगों हैं उन को स्वावलंबी बनाया जाए और उनको एक सामान्य स्तर पर लाया जाए उसके लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी और तब उन्होंने यह भी कहा था कि इसे हर 10 से 1 पर 10 साल के लिए लागू करके और देखा जाए इससे उनकी स्थिति में कितना सुधार आता है और उसके बाद इसे खत्म कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं और आरक्षण को चुनने की जाति के लोग थे उनको इतना फायदा नहीं मिला जितना उन्हें मिलना चाहिए था जिससे उनका जीवन स्तर उच्च होता और वह स्वावलंबी बनते एक ही परिवार के कई लोग

aarakshan sahi toh nahi hai lekin aur aarakshan hamare desh ki avashyakta hai zarurat hai jab aarakshan ko doctor bhimrao ambedkar ne samvidhan mein laagu kara tha tab unka in yah tha iske liye ki jo nichi jati ke log hain jo ucch jati ke samanantar nahi reh paate hain aur unmen bahut zyada bhedbhav hai toh jo nichi jati ke logo hain un ko svaavlambi banaya jaaye aur unko ek samanya sthar par laya jaaye uske liye aarakshan ki vyavastha laagu ki gayi thi aur tab unhone yah bhi kaha tha ki ise har 10 se 1 par 10 saal ke liye laagu karke aur dekha jaaye isse unki sthiti mein kitna sudhaar aata hai aur uske baad ise khatam kar diya jaega lekin aisa hua nahi aur aarakshan ko chunane ki jati ke log the unko itna fayda nahi mila jitna unhe milna chahiye tha jisse unka jeevan sthar ucch hota aur vaah svaavlambi bante ek hi parivar ke kai log

आरक्षण सही तो नहीं है लेकिन और आरक्षण हमारे देश की आवश्यकता है जरूरत है जब आरक्षण को डॉक्ट

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नहीं आरक्षण बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि जो आरक्षण के रचयिता थे या नहीं बाबा राव अंबेडकर जी ने आरक्षण बनाया था उन्होंने स्वयं भी बात को कहा था कि आरक्षण हमारे देश में सिर्फ 10 साल तक रहना चाहिए और उसकी बार उसे उसके बाद उसे हटा देना चाहिए क्योंकि उसकी जो जरूरत है वह सिर्फ 10 साल तक है और 10 साल में उन्नाव सभी जो आरक्षित कैटेगरी के जाते हैं उन सभी को बढ़ावा मिल जाएगा जितना उनको जरूरत है और जो चीजें होनी चाहिए आरक्षण से वह सभी 10 साल में हो जाएंगे 10 साल के बाद उसे हटा देना चाहिए परंतु आरक्षण अभी तक चला रहा है और हमारे देश को आजाद हुए 70 साल हो चुके हैं फिर भी आरक्षण चलता चला जा रहा है कोई भी पार्टी उसको हटा नहीं रही है और और हम सभी जानते कि आरक्षण कितना गलत है और आरक्षण की वजह से कम योग्य और काबिलियत रखने वाले लोग होते हैं वह आगे निकल जाते हैं वही और जो सामान्य वर्ग के जो की काबिलियत रखते हैं चीजों की और जो योग्य हैं वह पीछे रह जाते हैं और उनके साथी बिल्कुल भी नहीं आए नहीं हो रहा

ji nahi aarakshan bilkul bhi sahi nahi hai kyonki jo aarakshan ke rachiyata the ya nahi baba rav ambedkar ji ne aarakshan banaya tha unhone swayam bhi baat ko kaha tha ki aarakshan hamare desh mein sirf 10 saal tak rehna chahiye aur uski baar use uske baad use hata dena chahiye kyonki uski jo zarurat hai vaah sirf 10 saal tak hai aur 10 saal mein unnaav sabhi jo arakshit category ke jaate hain un sabhi ko badhawa mil jaega jitna unko zarurat hai aur jo cheezen honi chahiye aarakshan se vaah sabhi 10 saal mein ho jaenge 10 saal ke baad use hata dena chahiye parantu aarakshan abhi tak chala raha hai aur hamare desh ko azad hue 70 saal ho chuke hain phir bhi aarakshan chalta chala ja raha hai koi bhi party usko hata nahi rahi hai aur aur hum sabhi jante ki aarakshan kitna galat hai aur aarakshan ki wajah se kam yogya aur kabiliyat rakhne waale log hote hain vaah aage nikal jaate hain wahi aur jo samanya varg ke jo ki kabiliyat rakhte hain chijon ki aur jo yogya hain vaah peeche reh jaate hain aur unke sathi bilkul bhi nahi aaye nahi ho raha

जी नहीं आरक्षण बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि जो आरक्षण के रचयिता थे या नहीं बाबा राव अंबे

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Rahul kumar

Junior Volunteer

1:13

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण भारत में बिल्कुल सही है लेकिन आरक्षण व्यवस्था भारत में अच्छी नहीं है वह सब से आरक्षण बिल्कुल होना चाहिए आरक्षण तो है जो दबे कुचले लोग है जो आगे नहीं बढ़ पा रहे समाज में उनको उनके लिए एक वरदान की तरह अधिक क्योंकि यह आसन जो हम को सपोर्ट करता है दुनिया में कदम से कदम मिलाकर लोगों के साथ पर है लेकिन यहां पर जो भारत में आरक्षण की जो स्थिति है वह जाति के नाम पर है तू जाति के नाम पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि हर एक जाति में ऊंची लोग हैं कम पैसे वाले लोग हैं ज्यादा पैसे वाले लोग हैं जिनको मदद मिलनी चाहिए प्रोफाइल कुमार नहीं मिल पाई जो बड़ी जाति में उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है वह अपने आप को सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं तो उनको सब मैसेज नहीं मिल रहा है तो आए थे यह कहीं पर कुछ मोटो नहीं रह गया बनाई शंका कोई सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो अगर आरक्षण जाति के नाम से हटाकर अगर आर्थिक व्यवस्था के नाम पर कर दी जाए 8 विषय के तौर पर कर दीजिए ताकि जो है

aarakshan bharat mein bilkul sahi hai lekin aarakshan vyavastha bharat mein achi nahi hai vaah sab se aarakshan bilkul hona chahiye aarakshan toh hai jo dabe kuchle log hai jo aage nahi badh paa rahe samaj mein unko unke liye ek vardaan ki tarah adhik kyonki yah aasan jo hum ko support karta hai duniya mein kadam se kadam milakar logo ke saath par hai lekin yahan par jo bharat mein aarakshan ki jo sthiti hai vaah jati ke naam par hai tu jati ke naam par bilkul nahi hona chahiye kyonki har ek jati mein uchi log hain kam paise waale log hain zyada paise waale log hain jinako madad milani chahiye profile kumar nahi mil payi jo badi jati mein unki aarthik sthiti kamjor hai vaah apne aap ko support nahi kar paa rahe hain toh unko sab massage nahi mil raha hai toh aaye the yah kahin par kuch moto nahi reh gaya banai shanka koi sahi istemal nahi ho raha hai toh agar aarakshan jati ke naam se hatakar agar aarthik vyavastha ke naam par kar di jaaye 8 vishay ke taur par kar dijiye taki jo hai

आरक्षण भारत में बिल्कुल सही है लेकिन आरक्षण व्यवस्था भारत में अच्छी नहीं है वह सब से आरक्ष

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