पद्मावती फिल्म पर बवाल क्यों मचा है?...


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nirurajput

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आपका ट्यूशन है कि पद्मावती फिल्म पालकी मचा तो जो उनके लेखक तेज पद्मावती पर चित्र बनाने वाले वैशाली थे तो वैशाली ने सबसे बड़ी गलती की कि इंसान की सबसे बड़ी भूल की इस पिक्चर को या इस मूवी को इसने मनोरंजन के लिए चुना इस की यह सबसे बड़ी भूल थी इस भूल के कारण पूरे राजपूताने में खलबली मच गई क्योंकि इसने जो पिक्चर बना रहा था उसका मनोरंजन के लिए उसको पेश कर रहा था पिक्चर को लेकिन उसके पीछे पूरे राजपूताना का इतिहास छुपा था पद्मावती की पर तो उसने सबसे बड़ी सबसे बड़ी यही भूल की कि उसने पिक्चर को मनोरंजन के लिए चुना था यह सबसे बड़ी भूल थी और दूसरा इसमें क्या है कि जो किरदार निभा रहे थे उनको और उसको किसी को बाहुबली और तेज दिमाग वाला बताएं लिख रतन जी को रतन सिंह को कमजोर बताया गया है इसमें क्या कदम होती नाचती है क्या हमारे राजपूत ने समाज में या राजपूताने इतिहास में कभी मारे ने कभी नहीं नाचती है लेकिन इसमें नचाया गया है हमारे वहां तो दर्शन आती है और वह भी दासी ऐसी नहीं नाचती की कपड़े पूरे कपड़े होते हैं घुंघट के साथ नाचती है वह हमारे दासी आईना थी वह भी ऐसे नहीं किया से अश्लील कपड़े से कपड़े पहन के नाचती है वह भी घुंघट निकाल के राजस्थानी कपड़े पहन के नाचती है लेकिन इसमें क्या है तो एक तो ना तो उदासी फिल्म बनाती है खुद रह महारानी पद्मावती दार नाचती है वह भी कपड़े पहनेंगे घूंघट निकाले भी यह सबसे बड़ी भूल थी इस माध्यम बसारी को कहना चाहती कि अगर तेरे को तो पैसे कमाने लाइफ में क्यों बिना बात दूसरों के इतिहास को छेड़ा है ऐसे लोगों को क्या रखा है कि इनको इंतजार छेड़ने में क्या मिलता है इन्होंने इतिहास में छेड़ने में इनकी समझ से बाहर होता कि इतिहास होता क्या है आज आप यहां बैठे अपने यहां सब लोग सभी लोग अपने यहां बैठे हैं इस देश में इस देश में जो विदेशी लोग आते किस आधार पर आते किस की कहानियां भारत में कहते नहीं आप भारत की सोने की चिड़िया कहते हैं यहां विदेशी लोग आते यहां विदेशी लोग देखने आते या मस्ती करने आते आते हैं क्योंकि आपने राजस्थान में उसका गौरव छुपा हुआ है महाराजाओं का यहां के किले यहां के कहानियां आप भी सुनाओ आप ही बताओ हम भी जानते हैं कि राजा भी अगर महाराज आए थे उनके पास सब कुछ था पैसे थे स्वयं थे रानियां थी सब कुश्ती जो भी कर सकते थे लेकिन फिर भी वह लड़ाई करते थे उनके पास सब कुछ होते हुए भी वह युद्ध में जाते थे क्योंकि प्रजापति के बारे में सोचते थे उनका कोई ऐसा नहीं था कि कोई अच्छी भावना अच्छी भावना थी तभी वजूद में जाते थे लेकिन उन्होंने किस आधार पर ऐसे इतिहास को गलत बता रहे हैं इसमें सब लोग अपन भी अपन समाज वाले समझते नहीं क्योंकि आज के इतिहास ज्यादा पढ़ते हैं नहीं लोग रुचि रखते नहीं है ज्यादा पर ध्यान नहीं देते तो लोग क्या करता ले कम कर रहे शामिल नहीं हो रहे लेकिन वह भी रहे तो भी वो क्या कहते हो सही ढंग से नहीं हो पाते उनके विचार समझते नहीं है कि आखिर क्या होता है ऐसे लोगों को मेरे हिसाब से वहीं से काट दिया जाए वहीं से ऐसी फिल्में नाक बनाने वाले होते हैं असली फिल्में ऐसी फिल्में बनाते हैं जो गलत तरीके से किसी के इतिहास के साथ खिलवाड़ करते थे ऐसे लोगों को यही कह देना चाहिए आज हम जैसे हमारे इतिहास को आगे दौरा है जाएगी ऐसी पिक्चरें हमारे जनरेसन भाई को क्या सोचेगी हमको का कहानी सुनाएंगे हमारे राजस्थान में पहले राजा होते थे उनकी रानियां थी उनकी वह युद्ध में जाते थे लेकिन ऐसी पिक्चर आने लगी कि आज बरसात फिल्म एच डी बनाई है अगर यह फिल्में रिलीज हो गई तो कल इनके भाई और आएंगे इनके बाप और आएंगे फिर ऐसी फिल्में चलती रहेगी फिर इनका क्या होगा हमारे आग आगे आने वाली जनरेशन देखी की पिक्चरें तू कहेगी यह गौरा नाच रही है वह राजाओं की रानियां थी फिर क्या उनको जवाब देंगे तू ऐसी एक एक इंसान गलती कर दी उसको सजा सबको मिल जाती अभी इस इंसान के अंदर फिल्म रिलीज हो गई तो कल उनकी और भाई इनके बाप और आएंगे वह पता नहीं कहां कैसी कैसी फिल्म निकाल देंगे सब कुछ आप देना चाहिए क्योंकि इंडिया की जोड़ी है इतिहास पर क्या के इन्होंने छेड़छाड़ की कोई छोटी मोटी नहीं कि मनोरंजन करने की बहुत बड़ी कौन सी तुझे पैसे कमाने है ज्यादा इंसान को तो तुझे क्यों इतने सारे पैसे की लाइफ में इतने पैसों का क्या करेगा बनाने के लिए कोई रुचि नहीं रखता है असली में बनाएं बहुत पैसे कमा लेते हैं कौन सा तुझे मॉडल दिया जाता है कौन सा है तेरे को पुरस्कार दिया जाता जो तू ऐसी फिल्मों को इस तरह से इतिहास को छोड़कर अलग तरह की फिल्में बना रहा है इसलिए इतिहास को ऐसे लोगों को क्या कहते छोड़ना नहीं चाहिए क्योंकि आज यह बना रहे कल हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं इन इंसानों के पास कोई काम है उनको पास कोई अच्छा काम करने के लिए नहीं लोग आज भारत में गरीब वे उनकी सेवा करना यह उनके पास कोई काम नहीं है इनके पास इस फालतू काम है कि कुछ फालतू काम किया जाए अपने देश को कुछ कुछ किया जाए उसके नहीं कर रही है अपने देश को बहुत मिस कर रहे क्योंकि भारत का इतिहास ये तो बाकी देशों का कोई ज्यादा संख्या सही नहीं लेकिन भारत का इतिहास भारत में सबसे पहले राजस्थान का इतिहास राजस्थान में चित्तौड़ का इतिहास है यहां से लोग दुनिया से लिया लोग आते हैं मिट्टी की लेने के लिए आखिर है नमकीन की मीटिंग में सब कुछ है यह क्या समझते हैं कि मिट्टी भी क्या होती है ऐसे लोगों के कारण आज समाज में क्या-क्या नहीं हो रहा है वह यह नहीं दूसरी भी है पहले भी पिक्चर बनी थी उसमें भी शब्द निकलते थे कुछ किलो के बारे में एक बड़े ठाकुर यार आज तो आज राजपूत आदमी थे तो उन्हें गुंडे बना दिए जाते हैं जैसे हम अमरीश पुरी की फिल्म करन अर्जुन ठाकुर होता है फिर क्यों करते हो याद की दुनिया में बहुत शब्द है किशोर नाम की बाबू इस्तेमाल करो क्यों दूसरों की इतिहास को छोड़े जा रहे हो आप

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आपका ट्यूशन है कि पद्मावती फिल्म पालकी मचा तो जो उनके लेखक तेज पद्मावती पर चित्र बनाने वाल

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