क्या आपको लगता है कि भगवान एक भौतिक अंतरिक्ष में रहता है?...


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Avi

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मुझे लगता है कि भगवान 1 घंटे का अंतरिक्ष में रहता है वह इस दुनिया में जैसे ही जैसे हैं वैसे दिखते ही नहीं है लेकिन वह एक बहुत पॉजिटिव एनर्जी होता है जो अपने अंदर होता है अब आप जरा सोचिए कि अगर किसी ने आपको मदद किया तो आप कहते हैं कि वह थैंक गॉड या आप भगवान जैसे मुझे मदद किए थे तो ऐसी बात होती है तो भगवान जरूर ही होता है आपको अगर भगवान में यकीन नहीं है तो बस आपको ही इसमें यकीन करना है कि हमेशा हमारे लिए पॉजिटिव एनर्जी होता है जो इस पूरी दुनिया को बंद कर दे और एक रहता है

haan mujhe lagta hai ki bhagwan 1 ghante ka antariksh mein rehta hai vaah is duniya mein jaise hi jaise hain waise dikhte hi nahi hai lekin vaah ek bahut positive energy hota hai jo apne andar hota hai ab aap zara sochiye ki agar kisi ne aapko madad kiya toh aap kehte hain ki vaah thank god ya aap bhagwan jaise mujhe madad kiye the toh aisi baat hoti hai toh bhagwan zaroor hi hota hai aapko agar bhagwan mein yakin nahi hai toh bus aapko hi isme yakin karna hai ki hamesha hamare liye positive energy hota hai jo is puri duniya ko band kar de aur ek rehta hai

हां मुझे लगता है कि भगवान 1 घंटे का अंतरिक्ष में रहता है वह इस दुनिया में जैसे ही जैसे हैं

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Priyank Chauhan

Jack of all trades

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भारतीय दर्शन में भगवान के स्वरुप को लेकर काफी अलग-अलग धारणाएं हैं पर जो अद्वैत वेदांत है उसके सिद्धांतों की रात से भगवान या फिर ब्राह्मण जो अंतिम अलौकिक शक्ति है वह भौतिक अंतरिक्ष के अंदर भी है और भौतिक अंतरिक्ष के परिधि है और भौतिक अंतरिक्ष में अध्ययन की है कहता है कोई एक जगह नहीं है जो ब्राह्मण को रोक सकती है तो भौतिक अंतरिक्ष खुद भी ब्राह्मण का ही अंग है क्योंकि ब्राह्मण पूरे अंतरिक्ष में विद्यमान है कोई भी ऐसी जगह नहीं है बहुत अंतरिक्ष में जहां ब्राह्मण नहीं है

bharatiya darshan mein bhagwan ke swarup ko lekar kaafi alag alag dharnae hain par jo advait vedant hai uske siddhanto ki raat se bhagwan ya phir brahman jo antim alaukik shakti hai vaah bhautik antariksh ke andar bhi hai aur bhautik antariksh ke paridhi hai aur bhautik antariksh mein adhyayan ki hai kahata hai koi ek jagah nahi hai jo brahman ko rok sakti hai toh bhautik antariksh khud bhi brahman ka hi ang hai kyonki brahman poore antariksh mein vidyaman hai koi bhi aisi jagah nahi hai bahut antariksh mein jaha brahman nahi hai

भारतीय दर्शन में भगवान के स्वरुप को लेकर काफी अलग-अलग धारणाएं हैं पर जो अद्वैत वेदांत है उ

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भगवान अंतरिक्ष में कैसे रह सकते हैं आप भगवान तो हमारे दिल में रहते हैं हमारे साथ हमारे अंदर रहते हैं भगवान अंतरिक्ष में नहीं रहते हैं

bhagwan antariksh mein kaise reh sakte hain aap bhagwan toh hamare dil mein rehte hain hamare saath hamare andar rehte hain bhagwan antariksh mein nahi rehte hain

भगवान अंतरिक्ष में कैसे रह सकते हैं आप भगवान तो हमारे दिल में रहते हैं हमारे साथ हमारे अंद

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Sefali

Media-Ad Sales

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देखिए जहां तक भगवान जी की बात आती हैं भगवान तो है यह सबको पता है पर कहां है किस रूप में है कौन सी दुनिया में है इसी दुनिया में है वह कहां से देख रहे हैं कहां से हमारे जो है करनी और हमें गाइड कर रहे हैं यह किसी को नहीं पता है जो आपको सही और गलत में और आपका जो है करवा डिसाइड करती है आप जैसा करोगे वैसा भरोगे कहना यह सही होगा जैसा बोओगे वैसा फल पाओगे भी यही है कर्म यही है और जो होगा कि एक अच्छी राह पर चलना एक वह जो भगवान जो रास्ते को गाइड कर रहे हैं उस पथ पर चलना सही को सही का साथ देना पॉजिटिव रहना

dekhiye jaha tak bhagwan ji ki baat aati hain bhagwan toh hai yah sabko pata hai par kahaan hai kis roop mein hai kaun si duniya mein hai isi duniya mein hai vaah kahaan se dekh rahe hain kahaan se hamare jo hai karni aur hamein guide kar rahe hain yah kisi ko nahi pata hai jo aapko sahi aur galat mein aur aapka jo hai karva decide karti hai aap jaisa karoge waisa bharoge kehna yah sahi hoga jaisa booge waisa fal paoge bhi yahi hai karm yahi hai aur jo hoga ki ek achi raah par chalna ek vaah jo bhagwan jo raste ko guide kar rahe hain us path par chalna sahi ko sahi ka saath dena positive rehna

देखिए जहां तक भगवान जी की बात आती हैं भगवान तो है यह सबको पता है पर कहां है किस रूप में है

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विवेक चने की सबसे पहली चीज तो मैं भगवान कोई व्यक्ति है जो बैठकर सब देख रहा है और जिसके हाथ में सब कुछ है मैं इस चीज में बिलीव नहीं करती मेरे हिसाब से कोई स्प्रिचुअल एनर्जी है कोई पॉजिटिव एनर्जी हमारे एनवायरनमेंट में है भगवान कहना उसे ठीक नहीं होगा मुझे ऐसा नहीं लगता कि अगर हमने इस जन्म में कुछ गलत किया है तो भगवान हमें स्वर्ग या नर्क देंगे उस हिसाब से मैं यहां बिलीव नहीं करती पर मैं यह जरूर बिलीव करती की जरूरत एक एनर्जी है एक पॉजिटिव एनर्जी है जो हमें गाइड करती रहती है वह हमारे अंदर से निकलते बनर्जी तो भगवान के एक दूसरे से मिल जाता बिलीव नहीं है इसे डिस्टेंस में कि वह बैठकर हमारे सारे काम देखते रहते हैं अगर वह है तो वह कहीं ना कहीं तो रहते ही होंगे वैसे भी हमें पाकिस्तान इसके बारे में कुछ पता नहीं है कि वहां पर लाइफ कैसी है मार्च के बारे में जाना शुरू किया है लेकिन बहुत रिपेयर 14 कम पहुंच ही नहीं सकते अब तक तो नहीं पहुंच सकते तो हो तो तो

vivek chane ki sabse pehli cheez toh main bhagwan koi vyakti hai jo baithkar sab dekh raha hai aur jiske hath mein sab kuch hai is cheez mein believe nahi karti mere hisab se koi sprichual energy hai koi positive energy hamare environment mein hai bhagwan kehna use theek nahi hoga mujhe aisa nahi lagta ki agar humne is janam mein kuch galat kiya hai toh bhagwan hamein swarg ya nark denge us hisab se main yahan believe nahi karti par main yah zaroor believe karti ki zarurat ek energy hai ek positive energy hai jo hamein guide karti rehti hai vaah hamare andar se nikalte banerjee toh bhagwan ke ek dusre se mil jata believe nahi hai ise distance mein ki vaah baithkar hamare saare kaam dekhte rehte hain agar vaah hai toh vaah kahin na kahin toh rehte hi honge waise bhi hamein pakistan iske bare mein kuch pata nahi hai ki wahan par life kaisi hai march ke bare mein jana shuru kiya hai lekin bahut repair 14 kam pohch hi nahi sakte ab tak toh nahi pohch sakte toh ho toh toh

विवेक चने की सबसे पहली चीज तो मैं भगवान कोई व्यक्ति है जो बैठकर सब देख रहा है और जिसके हाथ

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