दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित, प्रदूषण ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में - आख़िर लोग कब सीखेंगे?...


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Bhuvi Jain

Engineer, Educator, Writer

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दिल्ली में पॉल्यूशन की वजह से एयर क्वालिटी लेबल्स जो है बेहद गंभीर मतलब एक्सट्रीम लेवल पर पहुंच गई है और ऑलमोस्ट ऐसा सिचुएशन आ गए कि पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित हो चुकी है आखिर लोग कब सीखेंगे लोग में से मैं यह कहूंगी कि पहले गवर्नमेंट को सीखना चाहिए यह है कि जो हेल्प वॉइस में आप सोचें कि एक 28 ईयर ओल्ड की लड़की जो है जो कि कभी जिसमें स्मोक नहीं किया ना कुछ किया उसको लंग कैंसर हो गया तेज पुर का और डॉक्टर जी कहते कि इसलिए हुआ है क्योंकि आपके दिल्ली में इतना पोल्यूशन है कि नॉनस्मोकर के भी लांच जो है रोज 13 सिगरेट के बराबर कि स्मोकिंग करते हैं तब कारण जो कहते हैं चूहे का बल बढ़ने नो फॉर फार्मर्स को कोई एजुकेशन नहीं है इसलिए काम चलाते रहते हैं हरियाणा और पंजाब के फॉर्म में चलाते हैं दिवाली के ताकि कंस्ट्रक्शन वही कल की पॉल्यूशन बहुत रीजंस है लेकिन साल दर साल सेम रिजल्ट की बात होती है और कोई भी ना सेंटर नाइट कमैंट्स जो है वह इस बात के लिए जागते नहीं है और कुछ भी नहीं करते ऑडी बंद कि मैं खा पाटली को शुरू हुआ है दिल्ली में इसमें यह प्रॉब्लम यह है कि जो टू व्हीलर से दे आर द मोस्ट पोल्यूटेड बाइक और इनको कभी भी बॉडी बल्कि में नहीं लाया जाता तो ऑडिबल स्कीम जो है इसके नोट 2019 सक्सेसफुल इंसान को जो प्रॉब्लम सो जा रही है बिकॉज आफ थिस सॉल्यूशन वह है कि क्रॉनिक कफ हैपनिंग आई सोर थ्रोट बदन में दर्द छोटे-छोटे बच्चे नॉनस्मोकर पीपल जो है इनको भी यह सब कुछ होता है आदमियों का चोरवा पेट्स को देखकर आप बैठ मेरे घर में जो डॉग है आजकल उसको बहुत वॉमिटिंग होती उसको बाहर घूमने का शौक है पर उसको फिर उल्टी हो जाती है बाहर घूमता खांसी होती है इनको डॉग उसको यह सब चीजें जरूरी है जब आप बाहर देखते तू अपनी दिखती है जिसका इस पूरे 2 साल दर साल यही चीज हो रही है तो बेसिक के लिए भी नहीं टू गो टू द रूट ऑफ द प्रॉब्लम की जड़ पर जाना है कि है क्या बात जिसकी वजह से यह चीज हो रही है यह सरकार की बेवकूफी जो है 2009 में शुरू हुई है 2009 में पंजाब और हरियाणा के सरकार ने यह डिसाइड किया ग्य छे अप्रैल और मई के महीने में आरा इसको बोया जाता था तो उन्होंने डिसाइड किया कि जो पैड़ी क्रॉप है जब उसको एक पल में में होते हैं तो ड्राई मन सोचे हैं तो फिर पानी बहुत चाहिए होता है इसको तोरा इसके लिए वह जमीन ग्राउंड वाटर का जो पानी जो है फार्मर बहुत इस्तेमाल करता था तो अभी जो ग्राउंड वॉटर है उसका लेवल डिप्लीट होता तू पंजाब और हरियाणा के सरकार ने ऐसा लोन निकाला कि अब अप्रैल और मई में नहीं बोया जाएगा इसका जो है रईस की खेती होएगी अब जुलाई के महीने में जबकि बारिश होने लगती है तो पानी ग्राउंड वाटर नहीं लेंगे तो ग्राउंड वाटर को हम कंफर्म कर सकते हैं अच्छा जब यह करना शुरू किया तो फिर नाचुली जवाब लेट दोगे तो फिर आप आपका वो बच्ची और भी लेट होएगा तो 6 हफ्ते की गीली हो जाती है आगरा इसको मैं चोर होने पर अब्राइज में चोर हो गया हमरा इसको काट दिया सब कुछ हो गया सारा ट्रैक्टर के प्राइस निकाल दिया अब क्या करना है अब अगला राउंड उनको बोला है क्योंकि सरकार इनको को पैसे दे रही है तो उनको बोलना है राइस एक्सपोर्ट हो रहा है हमारे देश में खूब सारा अब क्योंकि जल्दी उनको बोलना है तो अब खेत खाली कैसे करें तो इसलिए स्टेबल बढ़ने होती है इसलिए वे जो जो बच्चा कैसे बोलते हैं जो राजस्थान चावल का उसको चलाते हैं तो इस वजह से 2009 से यह प्रॉब्लम शुरू पर और अक्टूबर और नवंबर के महीने में यह जलाते हैं तब यह चलाने की जो समस्या है यह हवा बहुत कम होती है अक्टूबर-नवंबर में अगर वह यह चीज सीजन का जो चेंज हो गया इनके प्रॉब्लम की वजह से सरकार की गलत इंटरवेंशन गलत रूल की वजह से तो 2009 से यह पोलूशन बढ़ते बढ़ते अब यह सिचुएशन आ गया है कि दिल्ली को सांस में सरकारों के ऊपर यह जिम्मेदारी है कि उनको यह ध्यान करना पड़ेगा कि वापस या तो प्रॉपर साइकिल ठीक करें और थोड़े जो खेत चौकी राइस उगाते हैं उन खेतों में और चीजों को खाएं जो कि अक्टूबर और नवंबर के महीने में जिनके फसल नहीं करते और नाचुली गवर्नमेंट्स को मशीनें देनी पड़ेगी फार्मर्स को जिससे कि वह अपने जो जिस चीज को चलाते हैं उस चीज के छोटे-बड़े किस्स करके और उसका खास बनाएं उसके डिस्पोजेबल प्लेट्स वगैरह बताएं जो भी कहीं पर भी उसको यूज करें लेकिन मन नहीं करे चलाएं नहीं तो डबल बढ़ने का जो मेन रीजन है उसको टैकल करना है कमेंट स्कोर और यह सिर्फ एक दिल्ली गवर्नमेंट एक अकेली नहीं कर सकती है यह दिल्ली गवर्मेंट को पूरा कॉर्पोरेशन चाहिए होगा अपने अगल-बगल के जो स्टेट से पंजाब और हरियाणा के तो इसका यह मतलब है कि इस सेंटर के जो एनवायरमेंट मिनिस्ट्री है उसको इंटरव्यू करना पड़ेगा एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री को इंटरव्यू करके बताना पड़ेगा कि भाई अब टाइम से अब आप अप्रैल और मई के महीने में ही बोलिए और फिर आप ट्राई करिए कि डिफरेंट क्रॉप्स प्रो करें जिसमें की जो भर्ती है उसका पानी जो है वह ठीक से सच लेट हो और फिर धरती का जोरी मैंने सोचा है जो व्हाट्सएप पर आए तो पैसे के लिए ही है कि ग्रोइंग प्लांट पेटर्न्स को ठीक करने पड़ेंगे और गवर्नमेंट का ही प्रॉब्लम है यह सारा कुछ तो है सेंट्रल गवर्नमेंट को ट्रैक करना पड़ेगा क्योंकि एक अकेला दिल्ली स्टेट इस पर बहुत ज्यादा नहीं कर सकता दिल्ली से छोटी सी जगह है हॉस्टल बोर्डिंग दिल्ली में नहीं होती हरियाणा और पंजाब में होती है यह दोनों स्टेट चूहे जून को जागना पड़ेगा तो आखिर लोग कब सीखेंगे यह मैं समझ नहीं पा रही 2009 से प्रॉब्लम है प्रॉब्लम का सलूशन भी बता दिया कि इसलिए यह प्रॉब्लम है फिर भी सरकार कुछ नहीं कर रही दूसरी बात है दिल्ली गवर्मेंट एक किस कर सकती है जोकि स्मॉग टावर से स्मार्ट टावर जो है वह बाहर का जो पोल्यूशन है उसको टाइप करते हैं उसके जो पोलूशन वाले आयन से उनको सेपरेट करते हैं और उनको नीचे दबा देते उनको फिर कंप्रेस करके एक सब चीज बन जाती है दुश्मन टॉवर्स आजकल चाइना ने काफी यूज़ किया है और चाइना को के हवा में सुधार हुआ है दिल्ली भी ट्राई कर सकती है एक 158 2 करोड रुपए का ही सिर्फ औरतें और हर्षवर्धन दिल्ली कान्हा 452 स्मोक टावर जिससे कि पूरे दिल्ली के पॉल्यूशन का प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा

delhi mein pollution ki wajah se air quality labels jo hai behad gambhir matlab extreme level par pohch gayi hai aur alamost aisa situation aa gaye ki public health emergency ghoshit ho chuki hai aakhir log kab sikhenge log mein se main yah kahungi ki pehle government ko sikhna chahiye yah hai ki jo help voice mein aap sochen ki ek 28 year old ki ladki jo hai jo ki kabhi jisme smoke nahi kiya na kuch kiya usko lung cancer ho gaya tez pur ka aur doctor ji kehte ki isliye hua hai kyonki aapke delhi mein itna pollution hai ki nanasmokar ke bhi launch jo hai roj 13 cigarette ke barabar ki smoking karte hai tab karan jo kehte hai chuhe ka bal badhne no for farmers ko koi education nahi hai isliye kaam chalte rehte hai haryana aur punjab ke form mein chalte hai diwali ke taki construction wahi kal ki pollution bahut rijans hai lekin saal dar saal same result ki baat hoti hai aur koi bhi na center night comments jo hai vaah is baat ke liye jagte nahi hai aur kuch bhi nahi karte audi band ki 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दिल्ली में पॉल्यूशन की वजह से एयर क्वालिटी लेबल्स जो है बेहद गंभीर मतलब एक्सट्रीम लेवल पर

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