#Ayodhya: देशभर की मस्जिदों में मुस्लिमों से अपील - फैसला चाहे जो हो, अमन को रखें कायम - आपकी राय?...


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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:53
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अयोध्या मामले में महिला मस्जिदों में मुस्लिमों में अपील फैसला चाहे जो हो अमन को रखे हाय आपकी राय मेरी राय बनासा मुस्लिम यही है कि अमन को हमेशा काम रखना चाहिए क्योंकि हमारे अब इसलिए नहीं कि हम लोग माइनॉरिटी में है इसलिए भी नहीं कि हमें डर के रहना चाहिए इसलिए भी नहीं के मसीहा थे बल्कि इसलिए कि हमारा मजहब मजा में इस्लाम इस्लाम का मीनिंग र र बी ग्रुप में देखा जाए आई और इस्लाम का मीनिंग ही पीस है 30 अमन-चैन है और यह हमारे बस आपकी रूह है जो बहुत कम लोग जानते हैं कि किस नाम से जुड़े हैं जितने भी गलत कोनोटेशंस जितने भी गलत टैगलाइंस लगे हुए हैं उसे लोगों ने इसे बदनाम कर के रख दिया है तो आज जब मुसलमान मस्जिदों में आज बड़े-बड़े उल्ला माही अपील कर रहे हैं वह बहुत अच्छा लगा सुनकर और यही हमारा मजहब है यही हमें कहता है कि हमें अमन और चैन से रहना चाहिए फैसला चाहे जो भी हो क्योंकि यह हमारे मजहब की रूह है हमारे पास झगड़े से ज्यादा अमन और चैन से काम लेने का जो है हुकुम दिया गया है बहुत सी जगह पर बहुत से एग्जांपल के साथ चाहे वह आदेश हो चाहे कुरान हो और जो सही मजहब पर चलते हैं वह एक बहुत ही पीसफुल लोग होते हैं जो मजहब को तोड़ मरोड़ कर अपने हिसाब से चलना चाहते हैं वह उनकी राय कुछ और होती है और यह जानकर बहुत अच्छा लगा और मैं भी यही कहूंगी कि हम सबको मिलकर हमें नहीं खाए में रखना चाहिए फैसला चाहे जो भी हो

ayodhya mamle mein mahila masjidon mein muslimo mein appeal faisla chahen jo ho aman ko rakhe hi aapki rai meri rai banasa muslim yahi hai ki aman ko hamesha kaam rakhna chahiye kyonki hamare ab isliye nahi ki hum log minority mein hai isliye bhi nahi ki hamein dar ke rehna chahiye isliye bhi nahi ke masiha the balki isliye ki hamara majhab maza mein islam islam ka meaning r r be group mein dekha jaaye I aur islam ka meaning hi peace hai 30 aman chain hai aur yah hamare bus aapki ruh hai jo bahut kam log jante hain ki kis naam se jude hain jitne bhi galat connotations jitne bhi galat taiglains lage hue hain use logo ne ise badnaam kar ke rakh diya hai toh aaj jab musalman masjidon mein aaj bade bade ulla maahi appeal kar rahe hain vaah bahut accha laga sunkar aur yahi hamara majhab hai yahi hamein kahata hai ki hamein aman aur chain se rehna chahiye faisla chahen jo bhi ho kyonki yah hamare majhab ki ruh hai hamare paas jhagde se zyada aman aur chain se kaam lene ka jo hai hukum diya gaya hai bahut si jagah par bahut se example ke saath chahen vaah aadesh ho chahen quraan ho aur jo sahi majhab par chalte hain vaah ek bahut hi peaceful log hote hain jo majhab ko tod marod kar apne hisab se chalna chahte hain vaah unki rai kuch aur hoti hai aur yah jaankar bahut accha laga aur main bhi yahi kahungi ki hum sabko milkar hamein nahi khaye mein rakhna chahiye faisla chahen jo bhi ho

अयोध्या मामले में महिला मस्जिदों में मुस्लिमों में अपील फैसला चाहे जो हो अमन को रखे हाय आ

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देशभर के मस्जिदों में मुस्लिमों से एक फैसला चाहे जो भी हो अमन को रक्षक आर्यन आपकी देशभक्ति मस्जिदों में मुस्लिमों से ऐसे अपील करने की क्यों जरूरत पड़ती है मुस्लिम भारतीय नहीं है क्या मुस्लिम भारत के बाहर के नागरिक हैं इसलिए ऐसी कोई अपील मेरे हिसाब से नहीं होनी चाहिए क्योंकि हम सब भारतीय हैं चाहे मुस्लिम हो चाहे हिंदू हो चाहे कोई भी हो चाहे किसी भी धर्म से बिलॉन्ग करता हूं किसी विचार में विश्वास रखता लेकिन अगर मस्जिदों में मुस्लिमों से से अपील की जा रही है तो यह मेरे हिसाब से गलत मैसेज जाएगा और इससे धार्मिक भावनाओं को दूसरे धर्मों के लोगों जय हिंदू हैं उसमें गलत मैसेज जाएगा कि अगर मुस्लिम एक हो सकते हैं तो हिंदू एक क्यों नहीं अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ दिया है तो यह धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए यह संयंत्र है किसी भी धर्म के लोगों को इस तरह से नहीं बोलना चाहिए चाहे मर्जी से बोले चाहे हिंदू मंदिरों में से बोले क्या मस्जिद के मौलवी मौलाना अकील करेंगे उनके विरोध में हमारे हिंदू धर्म के जो शंकराचार्य हैं यह बिल्कुल गलत परंपरा हमारे देश में जा रही है और सुप्रीम कोर्ट का जो जो भी फैसला चाहे मंदिर बनाने का हो या मशीन बनाने का हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले कोई भी मस्जिद के मुसलमानों के मौलवियों को या हिंदू के शंकराचार्य को कोई हक नहीं पता कि वह हिंदुस्तान में हमारे देश में इस तरह की भावनाओं को भड़काने का साहस करें इसका मतलब कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले कुछ ना कुछ गलत होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को होने वाले जो रेफरेंडम मिलेगा जो भी परिणाम आएगा उसके पहले हो किसी की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं शांति रखने का मतलब क्या है कि क्यों पागल क्यों क्यों फैसला उनके पक्ष में गलत संदेश जाता है और इसके परिणाम उनको ऐसे सोच कर भी कुछ ऐसा अपील करनी चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट सर्वोपरि है भारत देश में वह न धर्म देता है नशा देखता है कुछ भी नहीं देखता जो भी है बिजनेस उनको अभी तक कर दिए गए हैं जो भी हीरिंग अभी तक हुई है उसके ऊपर से सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी इसलिए हमको शांति सिर्फ मुस्लिमों को नहीं और सिर्फ दो पूरे भारत को शांति रखनी चाहिए कितने सालों से जो फैसला पेंडिंग है उसका कुछ अंकुश निकाला जाए तो फिर बाद में फैसला हो जाने के बाद कम से कम यह तो रहेगा कि मंदिर बनेगा मस्जिद बनेगा जो भी बनेगा लेकिन देश में शांति हो जाए और लोग एक दूसरे को प्रति भाईचारे के साथ रहें यही इंपॉर्टेंट बात है और हमें इसका सम्मान करना चाहिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए धन्यवाद

deshbhar ke masjidon mein muslimo se ek faisla chahen jo bhi ho aman ko rakshak aryan aapki deshbhakti masjidon mein muslimo se aise appeal karne ki kyon zarurat padti hai muslim bharatiya nahi hai kya muslim bharat ke bahar ke nagarik hain isliye aisi koi appeal mere hisab se nahi honi chahiye kyonki hum sab bharatiya hain chahen muslim ho chahen hindu ho chahen koi bhi ho chahen kisi bhi dharm se Belong karta hoon kisi vichar mein vishwas rakhta lekin agar masjidon mein muslimo se se appeal ki ja rahi hai toh yah mere hisab se galat massage jaega aur isse dharmik bhavnao ko dusre dharmon ke logo jai hindu hain usme galat massage jaega ki agar muslim ek ho sakte hain toh hindu ek kyon nahi agar supreme court ka faisla kuch diya hai toh yah dharmik bhavnao ko bhadkaane ke liye yah sanyantra hai kisi bhi dharm ke logo ko is tarah se nahi bolna chahiye chahen marji se bole chahen hindu mandiro mein se bole kya masjid ke maulavi maulana aqeel karenge unke virodh mein hamare hindu dharm ke jo shankaracharya hain yah bilkul galat parampara hamare desh mein ja rahi hai aur supreme court ka jo jo bhi faisla chahen mandir banane ka ho ya machine banane ka ho lekin supreme court ke faisle ke pehle koi bhi masjid ke musalmanon ke maulviyon ko ya hindu ke shankaracharya ko koi haq nahi pata ki vaah Hindustan mein hamare desh mein is tarah ki bhavnao ko bhadkaane ka saahas kare iska matlab ki vaah supreme court ke faisle ke pehle kuch na kuch galat hone ki ashanka vyakt kar rahe hain supreme court ke faisle ko hone waale jo referendum milega jo bhi parinam aayega uske pehle ho kisi ki dharmik bhavnao ko bhadkaane ka prayas kar rahe hain shanti rakhne ka matlab kya hai ki kyon Pagal kyon kyon faisla unke paksh mein galat sandesh jata hai aur iske parinam unko aise soch kar bhi kuch aisa appeal karni chahiye kyonki supreme court sarvopari hai bharat desh mein vaah na dharm deta hai nasha dekhta hai kuch bhi nahi dekhta jo bhi hai business unko abhi tak kar diye gaye hain jo bhi hiring abhi tak hui hai uske upar se supreme court apna faisla sunaegi isliye hamko shanti sirf muslimo ko nahi aur sirf do poore bharat ko shanti rakhni chahiye kitne salon se jo faisla pending hai uska kuch ankush nikaala jaaye toh phir baad mein faisla ho jaane ke baad kam se kam yah toh rahega ki mandir banega masjid banega jo bhi banega lekin desh mein shanti ho jaaye aur log ek dusre ko prati bhaichare ke saath rahein yahi important baat hai aur hamein iska sammaan karna chahiye supreme court ke faisle ka sammaan karna chahiye dhanyavad

देशभर के मस्जिदों में मुस्लिमों से एक फैसला चाहे जो भी हो अमन को रक्षक आर्यन आपकी देशभक्ति

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Dr. Ashwani Kumar Singh

Chairman & Director at VEMS

3:27
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देश भर की मस्जिदों में मुसलमानों से अपील पैसा चाहे जो हो अमन रखें कहना कि 11 दिन पहले देश के बहुत सारे महात्माओं ने साधकों ने भी ऐसी अपील की थी और मुस्लिम मुस्लिम उलेमाओं ने भी मस्जिदों में अपील की है उसकी वजह यह है कि पुराना विवाद चल रहा है और इसके बाद कुछ है वह माली खुराफाती पॉलिटिकल रोटी सेकने वाले लोगों ने स्कूल झार के रखा छोटा कोई और दूसरा क्या है कि कोई देश कानून से चलता है संविधान से चलता है तो जो संविधान और न्याय पीठ है उसको कोई अगर अपना फैसला लेता है तो हर कोई धर्म कोई हो या कोई भी आदमी हो बेटी को संस्थान हो या कोई किसी धर्म का मांगने वाला हो या चाहे हिंदू हो मुसलमान हो इसाई दो सीखो कोई उसको संविधान और कानून के दायरे के अंदर ही चलना पड़ेगा हमारे किसी भी धर्म से यह कर्म से हमारे देश के किसी चीज को नुक्सान पहुंचती है तो हमको संविधान के तहत हम्मा हमको पे सजा लगे इसलिए कोई कोर्ट फैसला करती है तो उसकी किसी के पक्ष में आ गए हिंदू के मुसलमान के पक्ष में उसको फॉलो करना चाहिए बिना किसी विवाद के कितने इनसे स्क्वाड करके रखा है तथाकथित राजनेताओं ने किसी पार्टी का बेटी का नाम लेना सही नहीं है हम लोग केवल एड्रेस कर रहे हैं जो सिचुएशन है तो उसको और यह बहुत बेहतर है अमन के बिना किसी का धर्म बचेगा अनक्कल बचेगा मैं देश जेसीबी घर में अगर किसी भी तरह का हिंसा का सहारा लेता है तो कालक्रम में उसे उस धर्म धर्म शीशे के सारे खत्म हो जाए तो बिना शांति के कुछ हो नहीं सकता मैं देश के अंदर समाज में न परिवार में आपके घर में लड़ाई झगड़े होते तो बार आकर तो नहीं होगी अगर देश है अभी कोई माहोल गड़बड़ी नहीं करेगी और उसका खामियाजा किसी को नहीं मिलेगा सबको मिले इसलिए अमन-चैन तो हमेशा कायम रहनी चाहिए और अगर दोनों जनता की आस्था कोई समस्या नहीं है इन नेताओं के अवसर पर तथाकथित जो अपने अपने हिसाब से किसी चीज की व्याख्या करके अगर कोई गलत चीज है तो बैठ कर बात कर लेना लोगों से समस्या का समाधान तो यह फैसला है और इसके लिए धन्यवाद ले जाना चाहिए शुक्रिया शुभ

desh bhar ki masjidon mein musalmanon se appeal paisa chahen jo ho aman rakhen kehna ki 11 din pehle desh ke bahut saare mahatmaon ne sadhakon ne bhi aisi appeal ki thi aur muslim muslim ulemaon ne bhi masjidon mein appeal ki hai uski wajah yah hai ki purana vivaad chal raha hai aur iske baad kuch hai vaah maali khurafati political roti sekne waale logo ne school tsar ke rakha chota koi aur doosra kya hai ki koi desh kanoon se chalta hai samvidhan se chalta hai toh jo samvidhan aur nyay peeth hai usko koi agar apna faisla leta hai toh har koi dharm koi ho ya koi bhi aadmi ho beti ko sansthan ho ya koi kisi dharm ka mangne vala ho ya chahen hindu ho muslim ho isai do sikho koi usko samvidhan aur kanoon ke daayre ke andar hi chalna padega hamare kisi bhi dharm se yah karm se hamare desh ke kisi cheez ko nuksan pohchti hai toh hamko samvidhan ke tahat hamma hamko pe saza lage isliye koi court faisla karti hai toh uski kisi ke paksh mein aa gaye hindu ke muslim ke paksh mein usko follow karna chahiye bina kisi vivaad ke kitne inse squad karke rakha hai tathakathit rajnetao ne kisi party ka beti ka naam lena sahi nahi hai hum log keval address kar rahe hain jo situation hai toh usko aur yah bahut behtar hai aman ke bina kisi ka dharm bachega anakkal bachega main desh JCB ghar mein agar kisi bhi tarah ka hinsa ka sahara leta hai toh kalkram mein use us dharm dharam shishe ke saare khatam ho jaaye toh bina shanti ke kuch ho nahi sakta main desh ke andar samaj mein na parivar mein aapke ghar mein ladai jhagde hote toh baar aakar toh nahi hogi agar desh hai abhi koi mahol gadbadi nahi karegi aur uska khamiyaja kisi ko nahi milega sabko mile isliye aman chain toh hamesha kayam rehni chahiye aur agar dono janta ki astha koi samasya nahi hai in netaon ke avsar par tathakathit jo apne apne hisab se kisi cheez ki vyakhya karke agar koi galat cheez hai toh baith kar baat kar lena logo se samasya ka samadhan toh yah faisla hai aur iske liye dhanyavad le jana chahiye shukriya shubha

देश भर की मस्जिदों में मुसलमानों से अपील पैसा चाहे जो हो अमन रखें कहना कि 11 दिन पहले देश

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

0:30
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जी हां मेरी भी राय है कि अमन व शांति देश में बनी रहे मुसलमानों को भी पता है गद्य में राम मंदिर ही था पहले तो अगर आपको और सत्यता पता है तो उसे छोड़ देना चाहिए बिल्कुल एक उस भाई का हक है वहां पर और उसे भाई के हक को दे देना चाहिए

ji haan meri bhi rai hai ki aman va shanti desh mein bani rahe musalmanon ko bhi pata hai gadya mein ram mandir hi tha pehle toh agar aapko aur satyata pata hai toh use chod dena chahiye bilkul ek us bhai ka haq hai wahan par aur use bhai ke haq ko de dena chahiye

जी हां मेरी भी राय है कि अमन व शांति देश में बनी रहे मुसलमानों को भी पता है गद्य में राम म

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Ajay Pratap Singh

Agriculturist

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हिंदू ही नहीं फिल्म सभी भारती जितने भी हैं 130 करूंगा सभी लोग न्यायालय के पक्ष में खड़े रहना और जो करना है वह कोर्ट में ही करें सहयोग करें आगे जाएगा मामला आपस में सद्भावना बंद रखें

hindu hi nahi film sabhi bharati jitne bhi hain 130 karunga sabhi log nyayalaya ke paksh mein khade rehna aur jo karna hai vaah court mein hi kare sahyog kare aage jaega maamla aapas mein sadbhavana band rakhen

हिंदू ही नहीं फिल्म सभी भारती जितने भी हैं 130 करूंगा सभी लोग न्यायालय के पक्ष में खड़े रह

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smart king

Student

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आपका क्वेश्चन थे कि आज तो जैसे कि आपका क्वेश्चन से कि अयोध्या देशभर की मस्जिदों में मुस्लिमों से अपील फैसला चाहे जो हो अमन को सबसे कम आपको बता देना चाहता जो खुदा को मंजूर था भगवान को जो मंजूर था वह हो चुका है अब हमारी यह रहे हैं कि आप अनुमान को कायम रखें और ऐसा कोई फैसला ना किया जाए जिससे कि आपस में नहीं आती हो और लड़ाई का काम हो थैंक यू

aapka question the ki aaj toh jaise ki aapka question se ki ayodhya deshbhar ki masjidon me muslimo se appeal faisla chahen jo ho aman ko sabse kam aapko bata dena chahta jo khuda ko manzoor tha bhagwan ko jo manzoor tha vaah ho chuka hai ab hamari yah rahe hain ki aap anumaan ko kayam rakhen aur aisa koi faisla na kiya jaaye jisse ki aapas me nahi aati ho aur ladai ka kaam ho thank you

आपका क्वेश्चन थे कि आज तो जैसे कि आपका क्वेश्चन से कि अयोध्या देशभर की मस्जिदों में मुस्लि

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