लोगों को दूसरों की बुराई करने में क्या मज़ा आता है?...


user

Sumit Roy

Consultant Clinical Psychologist

1:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुछ लोग दूसरों को परेशान करके तंग करके चोट पहुंचाकर के खुश महसूस करते हैं उनके अंदर ही उनके और उनके स्वभाव में ही आता है हम नहीं कुछ दिक्कतें हैं जिसके कारण पैदा होता है वह असुरक्षा और लो सेल्फ एस्तीम के कारण से इतने ज्यादा ग्रसित होते हैं कि वह हर छोटे से छोटे कटाक्ष किया जाए किसी को बहुत जल्दी बहुत जल्दी बहुत ज्यादा बुरा लगने लगता है तो वह सब सोचने लगता है कि सारे लोग खराब है और सारे लोग खराब हैं के कारण से उन्हें बहुत ज्यादा एक राशन बहुत ज्यादा तो वह चार दुनिया के प्रतीक दुनिया में अभी आने लगता है और फिर वह मोहित बदला की भावना से ग्रसित हो जाता है वह चाहता है कि सबको वह पेश करें सब को वोट दें और उसका गुस्सा बहुत ज्यादा होता है दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करता क्योंकि वह खुद पीड़ित है इसी से वह खुद खूब ज्यादा हर्ट होता है किस कारण से कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों को बच्चा देने के बाद थोड़ा सा अच्छा महसूस करते हैं यदि बहुत ज्यादा एक गुंठा से पीड़ित होते हैं

kuch log dusro ko pareshan karke tang karke chot pahunchakar ke khush mehsus karte hain unke andar hi unke aur unke swabhav me hi aata hai hum nahi kuch dikkaten hain jiske karan paida hota hai vaah asuraksha aur lo self estim ke karan se itne zyada grasit hote hain ki vaah har chote se chote kataksh kiya jaaye kisi ko bahut jaldi bahut jaldi bahut zyada bura lagne lagta hai toh vaah sab sochne lagta hai ki saare log kharab hai aur saare log kharab hain ke karan se unhe bahut zyada ek raashan bahut zyada toh vaah char duniya ke prateek duniya me abhi aane lagta hai aur phir vaah mohit badla ki bhavna se grasit ho jata hai vaah chahta hai ki sabko vaah pesh kare sab ko vote de aur uska gussa bahut zyada hota hai dusro ko nicha dikhane ki koshish karta kyonki vaah khud peedit hai isi se vaah khud khoob zyada heart hota hai kis karan se kuch log aise hote hain jo dusro ko baccha dene ke baad thoda sa accha mehsus karte hain yadi bahut zyada ek guntha se peedit hote hain

कुछ लोग दूसरों को परेशान करके तंग करके चोट पहुंचाकर के खुश महसूस करते हैं उनके अंदर ही उनक

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  44
WhatsApp_icon
4 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

1:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोगों को दूसरे की बुराई करने में क्या मजा आता है कोई है जो भी उसके जीवन में चीजें होती हैं तो वह क्या करता है कि उसको अच्छी चीजों के लिए खुद जिम्मेदार होता है और जो भी कहीं कोई दिक्कत हुई तो या तो फिर उसकी आर्थिक स्थिति या फिर कोई उसका ऑफिस का वर्कर या फिर कोई उसकी पत्नी या बच्चे के मेंबर या फिर उसके दोस्त और जिसकी उम्र ही कर रहा है वह निकृष्ट आदमी बेकार आदमी इसीलिए क्या है कि खुद को फ्रेश करते करते हैं पता ही नहीं पड़ता कि हम बुराई करने लगते हैं बुराई करने में कैसा होता है कि देखे हमें ऐसे नहीं है तो अपनी खुद की पर्सनैलिटी को बनाना यही मजा आता है और दूसरे को डिफेम करना तो इसमें कुछ बताओ धन्यवाद

logo ko dusre ki burayi karne me kya maza aata hai koi hai jo bhi uske jeevan me cheezen hoti hain toh vaah kya karta hai ki usko achi chijon ke liye khud zimmedar hota hai aur jo bhi kahin koi dikkat hui toh ya toh phir uski aarthik sthiti ya phir koi uska office ka worker ya phir koi uski patni ya bacche ke member ya phir uske dost aur jiski umar hi kar raha hai vaah nikrisht aadmi bekar aadmi isliye kya hai ki khud ko fresh karte karte hain pata hi nahi padta ki hum burayi karne lagte hain burayi karne me kaisa hota hai ki dekhe hamein aise nahi hai toh apni khud ki personality ko banana yahi maza aata hai aur dusre ko defame karna toh isme kuch batao dhanyavad

लोगों को दूसरे की बुराई करने में क्या मजा आता है कोई है जो भी उसके जीवन में चीजें होती हैं

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  475
WhatsApp_icon
play
user

Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही गहरा सवाल पूछा है आपने मैं कोशिश करती हूं इसका मतलब समझाने का आपने बिल्कुल सही कहा है कि लोगों को दूसरों की बुराई करने में बहुत मजा आता है मैंने भी देखा है और मेरे हिसाब से अक्सर वो लोग दूसरों की बुराई ज्यादा करते हैं जो खुद अपने जीवन में अपनी आदतों अपने व्यवहार के प्रति सेटिस्फाइड नहीं होते हैं उनको अपने आप में तसल्ली नहीं है तो वह दूसरों की बुराई करके कहीं ना कहीं अपने मन में यह खुश होते हैं कि मैं उससे अच्छा हूं और वह हमेशा अपने आसपास के लोगों से कंपेयर करके अपने आपको अच्छा प्रूफ करना चाहते हैं इसलिए बुराई करते हैं लेकिन होता उल्टा ही है आप देखें जो इंसान अपनी बुराइयों को एक्सेप्ट कर लेगा कि हां मुझ में यह बुरा है वह कभी दूसरों की बुराई नहीं करेगा अपनी बुराई को छुपाने के लिए लोग दूसरों की बुराई ज्यादा करते हैं ऐसा मेरा विचार है

bahut hi gehra sawaal poocha hai aapne main koshish karti hoon iska matlab samjhaane ka aapne bilkul sahi kaha hai ki logon ko dusron ki burayi karne mein bahut maza aata hai maine bhi dekha hai aur mere hisab se aksar vo log dusron ki burayi zyada karte hain jo khud apne jeevan mein apni aadaton apne vyavhar ke prati setisfaid nahi hote hain unko apne aap mein tasalli nahi hai toh vaah dusron ki burayi karke kahin na kahin apne man mein yah khush hote hain ki main usse accha hoon aur vaah hamesha apne aaspass ke logon se compare karke apne aapko accha proof karna chahte hain isliye burayi karte hain lekin hota ulta hi hai aap dekhen jo insaan apni buraiyon ko except kar lega ki haan mujhse mein yah bura hai vaah kabhi dusron ki burayi nahi karega apni burayi ko chhupaane ke liye log dusron ki burayi zyada karte hain aisa mera vichar hai

बहुत ही गहरा सवाल पूछा है आपने मैं कोशिश करती हूं इसका मतलब समझाने का आपने बिल्कुल सही कहा

Romanized Version
Likes  61  Dislikes    views  1069
WhatsApp_icon
user
0:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे लोग अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालते हैं दूसरों की बुराई करके उनको मजा नहीं आता है जब बस दिन भर में किसी की फ्रस्ट्रेशन नहीं निकली होती है तो किसी की बुराई करके निकालता है तो यह ह्यूमन नेचर है नॉर्मल तो इसी तरीके से होता है

likhe log apni frustration nikalate hain dusron ki burayi karke unko maza nahi aata hai jab bus din bhar mein kisi ki frustration nahi nikli hoti hai toh kisi ki burayi karke nikalata hai toh yah human nature hai normal toh isi tarike se hota hai

लिखे लोग अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालते हैं दूसरों की बुराई करके उनको मजा नहीं आता है जब बस दिन

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  117
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
dusre ki burai ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!