हाल के वर्षों में दुकानों में दिवाली की बिक्री क्यों कम हो रही है?...


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मुझे नहीं सकता कि हाल के वर्षों में दिवाली की दुकानों में बिक्री कम हो रही है पूरे विश्व में मंदी का दौर है भारत में तो करोड़ों अरबों रुपए का व्यापारियों से दिवाली में हुआ है हर गांव क्षेत्र में लाखों करोड़ों रुपए का बिजनेस से होता हुआ है तो दिवाली में तो छोटा से छोटा गरीब से गरीब और अमीर शामिल ओमी अच्छे-अच्छे दिवाली मनाता है और भारत में दिवाली का बढ़ा क्रेज है और यहां पर किसी प्रकार का कोई बिजनेस कम हुआ ऐसा तो नहीं दिखाई देता है

mujhe nahi sakta ki haal ke varshon mein diwali ki dukaano mein bikri kam ho rahi hai poore vishwa mein mandi ka daur hai bharat mein toh karodo araboon rupaye ka vyapariyon se diwali mein hua hai har gaon kshetra mein laakhon karodo rupaye ka business se hota hua hai toh diwali mein toh chota se chota garib se garib aur amir shaamil omi acche acche diwali manata hai aur bharat mein diwali ka badha craze hai aur yahan par kisi prakar ka koi business kam hua aisa toh nahi dikhai deta hai

मुझे नहीं सकता कि हाल के वर्षों में दिवाली की दुकानों में बिक्री कम हो रही है पूरे विश्व म

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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हाल के वर्षों में दुकानों में दिवाली की दिखाई क्यों कम हो रही है बिक्री कम होने का एक बड़ा कारण यह है कि लोगों के पास पैसा नहीं है कि वह सामान खरीद सके ज्यादातर सोने की भी चांदी के लिए खरीदी इस बार पिछले वर्षों की भेजा है तुलना में करीबन 50% ही हुई है वह व्हाइट गुड्स की जो टीवी वॉशिंग मशीन ऑल मोबाइल्स यह सब की बिक्री अच्छे हुई है लेकिन वह उसमें इसलिए हुई है क्योंकि उसमें लोन का प्रावधान होता है यह माई पर मिलती है जो चीजें ईएमआई पर मिल रही है और लोगों को जो जरूरत है तो वह चीजें सिंपल दिवाली पर दिखी बाकी पटाखे की बिक्री पर कम हुई है लोगों ने जो बाहर घूमने जाते थे वह उसमें भी बहुत सी कमी आई है इसकी कश्मीर समस्या भी है कि लोग भी कश्मीर जाना नहीं चाहते हैं और हिमाचल प्रदेश सिक्किम गंगटोक उत्तराखंड बरियातू साउथ की तरफ से जाने का रोड का प्रोग्राम होता है लेकिन उसमें भी बहुत ही कमी आई है पिछले वर्षों की तुलना में लोगों के पास पैसे की कमी होने के श्लोक कम होने से यह सब हो रहा है और खरीद सकती इस समय लोगों की काफी कम हो गई है मार्केट में पैसा कम घूम रहा है जो जरूरत है बस उसी चीज की वॉल्यूम खरीदी कर रहे हैं यह अच्छे पानी तो नहीं है अभी कृषि पार्क मार्केट में नहीं आया मकानों के पास पैसा भी पूरी तरह से नहीं आया है वह आने वाले महीने में आएगा उसके बाद कुछ आर्केस्ट्रा हो सकता है कि बड़े मार्केट में और लोगों की खरीदी करने की खरीद सकती बड़े आशा करते हैं कि हमारा 2020 के शुरुआत में सुधार हो मार्केट में और सब व्यापारी लोग की चेहरे पर हंसी आए धन्यवाद

haal ke varshon mein dukaano mein diwali ki dikhai kyon kam ho rahi hai bikri kam hone ka ek bada karan yah hai ki logo ke paas paisa nahi hai ki vaah saamaan kharid sake jyadatar sone ki bhi chaandi ke liye kharidi is baar pichle varshon ki bheja hai tulna mein kariban 50 hi hui hai vaah white goods ki jo TV washing machine all mobiles yah sab ki bikri acche hui hai lekin vaah usme isliye hui hai kyonki usme loan ka pravadhan hota hai yah my par milti hai jo cheezen EMI par mil rahi hai aur logo ko jo zarurat hai toh vaah cheezen simple diwali par dikhi baki patakhe ki bikri par kam hui hai logo ne jo bahar ghoomne jaate the vaah usme bhi bahut si kami I hai iski kashmir samasya bhi hai ki log bhi kashmir jana nahi chahte hain aur himachal pradesh Sikkim gangtok uttarakhand bariyatu south ki taraf se jaane ka road ka program hota hai lekin usme bhi bahut hi kami I hai pichle varshon ki tulna mein logo ke paas paise ki kami hone ke shlok kam hone se yah sab ho raha hai aur kharid sakti is samay logo ki kaafi kam ho gayi hai market mein paisa kam ghum raha hai jo zarurat hai bus usi cheez ki volume kharidi kar rahe hain yah acche paani toh nahi hai abhi krishi park market mein nahi aaya makanon ke paas paisa bhi puri tarah se nahi aaya hai vaah aane waale mahine mein aayega uske baad kuch arkestra ho sakta hai ki bade market mein aur logo ki kharidi karne ki kharid sakti bade asha karte hain ki hamara 2020 ke shuruat mein sudhaar ho market mein aur sab vyapaari log ki chehre par hansi aaye dhanyavad

हाल के वर्षों में दुकानों में दिवाली की दिखाई क्यों कम हो रही है बिक्री कम होने का एक बड़ा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दुकानों में दिवाली की बिक्री कम होने के कई कारण है पहली बात तो दिवाली में साज-सज्जा सजावट के लिए चाइनीस झालर आदि का प्रयोग हम करते हैं इसका बहिष्कार पिछले कई वर्षों से हमारे देश में हो रहा है जो कि चीन ही एकमात्र सुरक्षा परिषद का एहसास था सदस्य है जो हमारे हर मामले में टांग अड़ा आता है और पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश को समर्थन देता है दूसरी बात सुप्रीम कोर्ट से लेकर के सभी जगह इस बात की चर्चा है कि पटाखों पर बैन होना चाहिए पटाखों पर बैन होना चाहिए कुछ हमारे लोगों में जागरूकता भी आई है पटाखों के कारण बच्चों को बीमार लोगों को और हमारे वातावरण को काफी नुकसान पहुंचता है उसकी तेज आवाज उसका धुंआ 74 दिल्ली जैसे सर तो दिवाली के बाद प्रदूषण के स्तर में काफी खतरनाक रूप ले तीसरी बार हम जिन भाइयों को खरीदते हैं मैक्सिमम मिठाईयां दूध से बनी और दिवाली के आसपास कोई दूध का समंदर तो हमारे पास उम्र नहीं पड़ता है तो बहुत सारी नकली चीज बाजार में मिठाइयों के नाम पर मिलावटी चीजें आती है इसको लेकर लोगों के बीच जागरूकता ही है तो कुल मिलाकर इसके तीन कारण हो सकते हैं चाइनीस चीजों का बहिष्कार पटाखों पर बैन या पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर लोगों के बीच जागरूकता तीसरी बात मिठाइयों में मिलावट की चीजों का इस्तेमाल इन्हीं वजह से दुकानों की बिक्री कम हुई है बाकी वक्त आदि के विक्रय में बढ़ोतरी कोई कमी नहीं बहुत धन्यवाद

dukaano mein diwali ki bikri kam hone ke kai karan hai pehli baat toh diwali mein saaj sajja sajawat ke liye Chinese jhallar aadi ka prayog hum karte hai iska bahishkar pichle kai varshon se hamare desh mein ho raha hai jo ki china hi ekmatra suraksha parishad ka ehsaas tha sadasya hai jo hamare har mamle mein taang ada aata hai aur pakistan jaise aatankwadi desh ko samarthan deta hai dusri baat supreme court se lekar ke sabhi jagah is baat ki charcha hai ki patakhon par ban hona chahiye patakhon par ban hona chahiye kuch hamare logo mein jagrukta bhi I hai patakhon ke karan baccho ko bimar logo ko aur hamare vatavaran ko kaafi nuksan pahuchta hai uski tez awaaz uska dhua 74 delhi jaise sir toh diwali ke baad pradushan ke sthar mein kaafi khataranaak roop le teesri baar hum jin bhaiyo ko kharidte hai maximum mithaiyan doodh se bani aur diwali ke aaspass koi doodh ka samundar toh hamare paas umr nahi padta hai toh bahut saree nakli cheez bazaar mein mithaiyon ke naam par milaavati cheezen aati hai isko lekar logo ke beech jagrukta hi hai toh kul milakar iske teen karan ho sakte hai Chinese chijon ka bahishkar patakhon par ban ya patakhon se hone waale pradushan ko lekar logo ke beech jagrukta teesri baat mithaiyon mein milavat ki chijon ka istemal inhin wajah se dukaano ki bikri kam hui hai baki waqt aadi ke vikray mein badhotari koi kami nahi bahut dhanyavad

दुकानों में दिवाली की बिक्री कम होने के कई कारण है पहली बात तो दिवाली में साज-सज्जा सजावट

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