‘दिल्ली में प्रदूषण दिवाली की रात पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है। ' क्या आप मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए बयान का समर्थन करते हैं?...


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Vinod uttrakhand Tiwari

Author,You Tuber(Thoght Of सक्सेस)

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यस इस बार जो पटाखे चले हैं वह कम चले हैं और समझदारी की बातें की है क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण का है या उनकी स्वच्छता ही मानव जीवन का बढ़ता हुआ इस तरह और मानव जीवन के विकास की अच्छी गति प्राप्त हो सकती है इसलिए पटाखों का जितना कम प्रयोग किया गया बहुत अच्छी बात है और केजरीवाल साहब के बाद बयान का समर्थन करता हूं

haan Yes is baar jo patakhe chale hain vaah kam chale hain aur samajhdari ki batein ki hai kyonki isse paryavaran pradushan ka hai ya unki swachhta hi manav jeevan ka badhta hua is tarah aur manav jeevan ke vikas ki achi gati prapt ho sakti hai isliye patakhon ka jitna kam prayog kiya gaya bahut achi baat hai aur kejriwal saheb ke baad bayan ka samarthan karta hoon

हां यस इस बार जो पटाखे चले हैं वह कम चले हैं और समझदारी की बातें की है क्योंकि इससे पर्याव

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिल्ली में प्रदूषण दिवाली की रात पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है क्या आप मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के द्वारा दिए गए बयान का समर्थन करते हैं लेकिन अरविंद केजरीवाल अगर बोल रहे हैं तो उस बातों में कुछ तो सच्चाई है क्योंकि पिछले 5 वर्षों में जो कोई ध्यान नहीं लगाया जाते दिए पटाखों पर जो ग्रीन पटाखे जलाने की जो मुहिम नहीं चाहिए थी और लेजर शो का आयोजन नहीं किया जाता और ऑडियो उनका भी जो प्रयोग नहीं किया गया था और ₹500 जुर्माना लगता है तो ऑडियो में मिर्ची लगती थी उसकी वजह से लोगों ने गाड़ियों को कम बाहर निकाला जो नंबर और डिजाइन जो होता था वही गाड़ियां सड़क पर ही उसे भी प्रदूषण में कुछ कमी आई और लोगों ने लेकर तो की वजह से पटाखों की प्रदीप काफी कमी आई पटाखे तो उठे हैं लेकिन तब भी पिछले 5 वर्षों की तुलना में प्रदूषण में पिछले 5 वर्षों की तुलना में कम हुआ है इसलिए जैसे पिछली पांच दिवाली पर जितने प्रदूषण के स्तर होते थे वह सर से दिल्ली का इस बार का दिवाली का अवसर पर है उस दिन कमरा था इस बात में सच्चाई है और दिवाली दिल्लीवासी और मुंजा हंसी किस बात का जरूर करें और आगे चलाना चाहिए प्लीज अशोक राम जप अवश्य करना चाहिए जिससे आम जनता पटाखों के प्रति रुचि उनकी थोड़ी कम धन्यवाद

delhi mein pradushan diwali ki raat pichle 5 varshon mein sabse kam hai kya aap mukhyamantri arvind kejriwal ke dwara diye gaye bayan ka samarthan karte hain lekin arvind kejriwal agar bol rahe hain toh us baaton mein kuch toh sacchai hai kyonki pichle 5 varshon mein jo koi dhyan nahi lagaya jaate diye patakhon par jo green patakhe jalane ki jo muhim nahi chahiye thi aur laser show ka aayojan nahi kiya jata aur audio unka bhi jo prayog nahi kiya gaya tha aur Rs jurmana lagta hai toh audio mein mirchi lagti thi uski wajah se logo ne gadiyon ko kam bahar nikaala jo number aur design jo hota tha wahi gadiyan sadak par hi use bhi pradushan mein kuch kami I aur logo ne lekar toh ki wajah se patakhon ki pradeep kaafi kami I patakhe toh uthe hain lekin tab bhi pichle 5 varshon ki tulna mein pradushan mein pichle 5 varshon ki tulna mein kam hua hai isliye jaise pichali paanch diwali par jitne pradushan ke sthar hote the vaah sir se delhi ka is baar ka diwali ka avsar par hai us din kamra tha is baat mein sacchai hai aur diwali dillivasi aur munja hansi kis baat ka zaroor kare aur aage chalana chahiye please ashok ram jap avashya karna chahiye jisse aam janta patakhon ke prati ruchi unki thodi kam dhanyavad

दिल्ली में प्रदूषण दिवाली की रात पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है क्या आप मुख्यमंत्री अरविंद

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स और रविंद्र केजरीवाल जो है वह प्रदूषण का मामला है उसको काफी सीरियस लेते हैं और लगातार लोगों को अगर करते रहते हैं प्रदूषण के बारे में जिसका नतीजा है कि इस बार की तो दिवाली है उसमें जो प्रदूषण है वह पिछले 5 वर्षों में सबसे कम क्रिकेट जो पूरी से पूरी तरह अरविंद केजरीवाल को जाता है उन्होंने कोई टेंशन ना लेने के बजाय सिर्फ लोगों को समझा जिसका काफी अच्छा असर दिखाओ जोर से प्रदूषण काफी कम हुआ तो मेरे हिसाब से तो जो पूरा करेंगे अरविंद केजरीवाल को भी जाता है

hello friends aur ravindra kejriwal jo hai vaah pradushan ka maamla hai usko kaafi serious lete hain aur lagatar logo ko agar karte rehte hain pradushan ke bare mein jiska natija hai ki is baar ki toh diwali hai usme jo pradushan hai vaah pichle 5 varshon mein sabse kam cricket jo puri se puri tarah arvind kejriwal ko jata hai unhone koi tension na lene ke bajay sirf logo ko samjha jiska kaafi accha asar dikhaao jor se pradushan kaafi kam hua toh mere hisab se toh jo pura karenge arvind kejriwal ko bhi jata hai

हेलो फ्रेंड्स और रविंद्र केजरीवाल जो है वह प्रदूषण का मामला है उसको काफी सीरियस लेते हैं औ

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Ajay Pratap Singh

Agriculturist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

समाज में जैसे-जैसे जागरूकता बड़े लोगों ने चेतन का आएगी तो ऐसा होगा वाकई में यह सरकार जो है उनके बीच में अच्छा संदेश देने में सफल रही है अब 1 सालों में सबसे कम रहा है तो अच्छा किया गया अगेन की सरकार आवे तो इससे भी कम करें

samaaj mein jaise jaise jagrukta bade logo ne chetan ka aayegi toh aisa hoga vaakai mein yah sarkar jo hai unke beech mein accha sandesh dene mein safal rahi hai ab 1 salon mein sabse kam raha hai toh accha kiya gaya again ki sarkar aawe toh isse bhi kam karen

समाज में जैसे-जैसे जागरूकता बड़े लोगों ने चेतन का आएगी तो ऐसा होगा वाकई में यह सरकार जो है

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