मैं हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूँ, मैं अपनी इस आदत को कैसे ठीक करूँ?...


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Dr Kiran Mishra

Psychology Professor

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे अपनी खुद ही बताया कि छोटी छोटी बात तो छोटी-छोटी बात पर इतनी बड़ी परेशानी क्यों हो जाती है वह नहीं होना चाहिए लेकिन अब बोलने से या उसको रोकने से देखो चली तो जाएंगे नहीं अभी परेशानी क्या है कोई शारीरिक परेशानी नहीं है यह बस मानसिक परेशानी है तो छोटी बात पर परेशानी होना उसको कैसे ठीक किया जाए तो सबसे पहली बात है कि क्या वह छोटी बात ठीक से नहीं हो पाती है इसलिए परेशानी होती है आपको या परेशानी इसलिए होती है क्या कोई सी भी बात हो छोटी बातों बड़ी बात तो आपको यह समझ में आता है उसको किया क्या जाए कैसे मैनेज किया जाए ताकि वह रिजल्ट है वैसा हो जैसा आप चाहते हैं यह तो हो गया कि वही काम करने से पहले या छोटी उसे उस बात से पहले आपको क्या करना है उसकी समझ है या नहीं है तो उस पर विचार करके आपको उसको जैसे देना पड़ेगा दूसरी बात यह होगी कि वो काम होने के बाद वह बात होने के बाद आप परेशान रहते हैं तो आप परेशान तब होंगे जब आपने उस काम कोई और चीज के बारे को उस समय तवज्जो नहीं दिया उस टाइम इंर्पोटेंस नहीं दी उस पर फोकस नहीं डाला ए टेंशन नहीं किया उसको उस हिसाब से काम नहीं किया या बात नहीं किया तो अब इसलिए हो सकता है कि बाद में आप उसके बारे में चिंता करें यह सोचा कि शायद मैं इसको ठीक कर सकता था तो चाहे वह काम ठीक हो गया हो या ना हुआ हो आपको सबसे पहले यह देखना पड़ेगा कि क्या उस काम को करते समय आप मन लगाके उसको काम करें या नहीं करें अगर नहीं कर रहे तो हो सके चिंता बढ़ेगी एक चीज सोचिए अगर आपने कोई काम बहुत अच्छे तरीके से किया है और आप खुश हैं करते समय करने से पहले करते समय करने के बाद तो जल्दी ऐसा नहीं हुआ कि उसको लेकर आप परेशान होंगे चिंता करेंगे आपकी परेशानी कब आती है जब आपको लगता है कि जैसा होना था वैसा नहीं हुआ एक्सपेक्टेशन मीट नहीं हुई एक्सपेक्टेशन मीट कराने के लिए आपको उस लेवल का एयरपोर्ट करना पड़ेगा शुरुआत में आपको काम के दौरान देखते रहना पड़ेगा और काम होने के बाद छोड़ देना पड़ेगा

dekhe apni khud hi bataya ki choti choti baat toh choti choti baat par itni badi pareshani kyon ho jaati hai vaah nahi hona chahiye lekin ab bolne se ya usko rokne se dekho chali toh jaenge nahi abhi pareshani kya hai koi sharirik pareshani nahi hai yah bus mansik pareshani hai toh choti baat par pareshani hona usko kaise theek kiya jaaye toh sabse pehli baat hai ki kya vaah choti baat theek se nahi ho pati hai isliye pareshani hoti hai aapko ya pareshani isliye hoti hai kya koi si bhi baat ho choti baaton badi baat toh aapko yah samajh mein aata hai usko kiya kya jaaye kaise manage kiya jaaye taki vaah result hai waisa ho jaisa aap chahte hain yah toh ho gaya ki wahi kaam karne se pehle ya choti use us baat se pehle aapko kya karna hai uski samajh hai ya nahi hai toh us par vichar karke aapko usko jaise dena padega dusri baat yah hogi ki vo kaam hone ke baad vaah baat hone ke baad aap pareshan rehte hain toh aap pareshan tab honge jab aapne us kaam koi aur cheez ke bare ko us samay tavajjo nahi diya us time inrpotens nahi di us par focus nahi dala a tension nahi kiya usko us hisab se kaam nahi kiya ya baat nahi kiya toh ab isliye ho sakta hai ki baad mein aap uske bare mein chinta kare yah socha ki shayad main isko theek kar sakta tha toh chahen vaah kaam theek ho gaya ho ya na hua ho aapko sabse pehle yah dekhna padega ki kya us kaam ko karte samay aap man lagake usko kaam kare ya nahi kare agar nahi kar rahe toh ho sake chinta badhegi ek cheez sochiye agar aapne koi kaam bahut acche tarike se kiya hai aur aap khush hain karte samay karne se pehle karte samay karne ke baad toh jaldi aisa nahi hua ki usko lekar aap pareshan honge chinta karenge aapki pareshani kab aati hai jab aapko lagta hai ki jaisa hona tha waisa nahi hua expectation meat nahi hui expectation meat karane ke liye aapko us level ka airport karna padega shuruat mein aapko kaam ke dauran dekhte rehna padega aur kaam hone ke baad chod dena padega

देखे अपनी खुद ही बताया कि छोटी छोटी बात तो छोटी-छोटी बात पर इतनी बड़ी परेशानी क्यों हो जात

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमेशा उत्तर देना चाहूंगी कि हर चीज करने से पहले हमें धैर्य रखना जरूरी है इसके लिए हमें अपने मन को समझाना होगा यह तभी होगा जब हम मेडिटेशन थोड़ा अपने बारे में सोचने में समय व्यतीत करेंगे जैसे जिस चीज से अधिक परेशान होते हो उसका हमसे आप बेहतर है अगर जिस चीज से आपको लगता है कि आप परेशान हो उसी से आपको दूर जाना बेहतर रहेगा

hamesha uttar dena chahungi ki har cheez karne se pehle hamein dhairya rakhna zaroori hai iske liye hamein apne man ko samajhana hoga yah tabhi hoga jab hum meditation thoda apne bare mein sochne mein samay vyatit karenge jaise jis cheez se adhik pareshan hote ho uska humse aap behtar hai agar jis cheez se aapko lagta hai ki aap pareshan ho usi se aapko dur jana behtar rahega

हमेशा उत्तर देना चाहूंगी कि हर चीज करने से पहले हमें धैर्य रखना जरूरी है इसके लिए हमें अपन

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Vaibhav kedia

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वह एक बार में नहीं थी को रखता अगर आपका यह हैबिट बन चुका है तो इसके लिए हमें थोड़ा अपना अपना पर्स समय देना पड़ेगा अपने आप को देखना पड़ेगा कि किस मोमेंट पर आप हो ज्यादा एनवाईयू जाते हो क्या आपको क्या चीज है जो आपको इनवाइट कर देती हूं उसके बाद आपको वहां पर रुकना पड़ेगा तब तुम बच्चे कर खेल रहे हैं छोड़ कर रहा हूं और आपसे ना हो जाते हो तो खुद नेक्स्ट देखना अपने को थोड़ा आप जरूर करना कौन से सूखे होते देखना है कि वह क्या आपको बनाए करता है और फिर और कुछ काम दोनों ना तो आपको छोड़ पाएंगे

vaah ek baar mein nahi thi ko rakhta agar aapka yah habit ban chuka hai toh iske liye hamein thoda apna apna purse samay dena padega apne aap ko dekhna padega ki kis moment par aap ho zyada NYU jaate ho kya aapko kya cheez hai jo aapko invite kar deti hoon uske baad aapko wahan par rukna padega tab tum bacche kar khel rahe hain chod kar raha hoon aur aapse na ho jaate ho toh khud next dekhna apne ko thoda aap zaroor karna kaun se sukhe hote dekhna hai ki vaah kya aapko banaye karta hai aur phir aur kuch kaam dono na toh aapko chod payenge

वह एक बार में नहीं थी को रखता अगर आपका यह हैबिट बन चुका है तो इसके लिए हमें थोड़ा अपना अपन

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Monica Jain

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप प्यार यह देखिए कि आप बनाई क्यों होते हैं क्या कारण हैं ना ही होने का इसके पीछे क्या यह है कि आप तो अपने ही बात बनाना चाहते हैं क्या आप अपने ही इमो है जो आपके लिए वह इंपॉर्टेंट है इसलिए आप बनाई हो जाते नहीं तो इसका अनाउंस होने का कोई रीज़न नहीं है जी थैंक यू

aap pyar yah dekhiye ki aap banai kyon hote kya karan hain na hi hone ka iske peeche kya yah hai ki aap toh apne hi baat banana chahte kya aap apne hi imo hai jo aapke liye vaah important hai isliye aap banai ho jaate nahi toh iska anauns hone ka koi region nahi hai ji thank you

आप प्यार यह देखिए कि आप बनाई क्यों होते हैं क्या कारण हैं ना ही होने का इसके पीछे क्या यह

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Chandni Anand

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए हमें गुस्सा तब आता है जब हम कुछ चाहते हैं और वह नहीं हो पाते हम कब चाहते हैं जंगली हमें एक्सेप्टेशन कब होती है जब हमारा कुछ रिश्ता होता है किसी के साथ चाय हो पर पर्सनल हो चाहे वह प्रोफेशनल हो तो इस वजह से हमें गुस्सा आता है और हमें यह देखना है कि हम गुस्सा किस वजह से करते हैं उसका सबसे बड़ा कारण है कि जब हम एक रिलेशनशिप में कुछ भी देते हैं तो हमें यह लगता है कि अब हमें भी वापस मिले इस तरह के रिलेशन से बहुत देर तक चल नहीं सकते हैं और आपकी खुशी भी दूसरे पर डिपेंडेंट हो जाती है इससे अच्छा ही होगा कि आप अपना एक सॉन्ग सेल्फ बनाए जिसमें कि आप अपनी खुशी को खुद कंट्रोल कर सके ना कि दूसरे के रियासी आपकी खुशी कंट्रोल हो सके तो इसके लिए मेडिटेशन है बहुत अच्छा टूल है किसी भी तरह का शांति मेडिटेशन आप को हैक कर सकता तो अगर आप दिन में 15 मिनट में डिटेल करेंगे आप अपने आप से कनेक्ट करेंगे आपको अपने आप में खुशियां मिलेंगी ना कि दूसरों के इलेक्शन में कुछ ना मिलेंगे

dekhiye hamein gussa tab aata hai jab hum kuch chahte hai aur vaah nahi ho paate hum kab chahte hai jungli hamein eksepteshan kab hoti hai jab hamara kuch rishta hota hai kisi ke saath chai ho par personal ho chahen vaah professional ho toh is wajah se hamein gussa aata hai aur hamein yah dekhna hai ki hum gussa kis wajah se karte hai uska sabse bada karan hai ki jab hum ek Relationship mein kuch bhi dete hai toh hamein yah lagta hai ki ab hamein bhi wapas mile is tarah ke relation se bahut der tak chal nahi sakte hai aur aapki khushi bhi dusre par dependent ho jaati hai isse accha hi hoga ki aap apna ek song self banaye jisme ki aap apni khushi ko khud control kar sake na ki dusre ke reasi aapki khushi control ho sake toh iske liye meditation hai bahut accha tool hai kisi bhi tarah ka shanti meditation aap ko hack kar sakta toh agar aap din mein 15 minute mein detail karenge aap apne aap se connect karenge aapko apne aap mein khushiya milegi na ki dusro ke election mein kuch na milenge

देखिए हमें गुस्सा तब आता है जब हम कुछ चाहते हैं और वह नहीं हो पाते हम कब चाहते हैं जंगली ह

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Rakesh Shandilya

Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपस वाली हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी आदत कैसे ठीक करूं सबसे पहले इस बात को समझ गए कि आप छोटी-छोटी बात पर परेशान जो हो जाते हैं उसके पीछे कारण क्या दिन भर में हजार बातें होती हैं हजार तरह की बातें होती हैं हजार तरह के थॉट्स आते हैं और इतने सारे थॉट चाहते हैं अलग-अलग तरीके की बात होती है और हर छोटी-छोटी बातें कर आप परेशान होंगे तो फिर आपका जीवन कितना कठिन हो सकता है या आप खुद महसूस कर रहे होंगे इसलिए बेहतर यह है कि आप हर बात से परेशान ना हो करके क्योंकि जितने भी बातें होंगी जरूरी नहीं कि हर बात आपको परेशानी करने वाली होगी या तो हो सकता है कि कहीं ना कहीं आप नेगेटिव माहौल में ज्यादा रहते हैं और नेगेटिव माहौल में ज्यादा रहेंगे तो आपको परेशानी निश्चित तौर पर बढ़ेगी ही बढ़ेगी और हर छोटी-छोटी बातें आपको लगेगी कि वह चीजें आपको परेशान कर रही है इसलिए सबसे पहला काम के माहौल पॉजिटिव ढूंढिए आपको जीवन में क्या करना तो पर फोकस करें और जितने भी छोटी-छोटी बातें हैं उसको थोड़ा सा इग्नोर करना शुरु अंबानी जी कि मुझे किसी काम के लिए बाजार जाना है और जाना ही है तो उस बात पर अगर मैं परेशान हो रहा हूं तो बेकार का परेशान होना कि मुझे जाना है अगर उसमें यह सोचो कि मुझे जाना है और मुझे काम करना है तो इसमें परेशानी की क्या बात है तो आप उस परेशानी से बच सकते हैं हर छोटी-छोटी बातों को आप ले कर के अगर आप नाराज हो जाते छोटी बातों में परेशान ना आपके बारे में किसी ने तारीफ नहीं की और आप परेशान हो जाता सोच गलत है इसमें बेहतर यह है कि आप छोटी-छोटी बातों पर परेशान ना हो करके आप यह देखिए कि उस काम को कैसे बेहतर तरीके से निपटाया जाए कोई परेशानी आती है कभी आपको बीमार हो जाता है कोई जॉब है आप जो कर रहे हो वहां पर जॉब सेटिस्फेक्शन नहीं हो रहा है वह एक अलग नहीं लगता है कि आप पॉजिटिव पॉजिटिव सुनिए देखिए पढ़िए आपको खुद ब खुद कुछ दिनों में लगने लगा है कि मुझे परेशानी नहीं हो रही है और उसके लिए हमारे पोर्टल है जिसका नाम है मोटिवेशन tak.com मोटिवेशन tak.com अगर आप करेंगे तो यहां पर बहुत सारे अच्छे थॉट्स आपको मिलेंगे और सारी स्टोरी आपको मिलेगी जो आपको मोटिवेट करेंगे और छोटी-छोटी परेशानियों से बाहर निकालने का रास्ता बताएं की बहुत-बहुत धन्यवाद

aapas wali har choti choti baat par pareshan ho jata hoon main apni aadat kaise theek karu sabse pehle is baat ko samajh gaye ki aap choti choti baat par pareshan jo ho jaate hai uske peeche karan kya din bhar mein hazaar batein hoti hai hazaar tarah ki batein hoti hai hazaar tarah ke thoughts aate hai aur itne saare thought chahte hai alag alag tarike ki baat hoti hai aur har choti choti batein kar aap pareshan honge toh phir aapka jeevan kitna kathin ho sakta hai ya aap khud mehsus kar rahe honge isliye behtar yah hai ki aap har baat se pareshan na ho karke kyonki jitne bhi batein hongi zaroori nahi ki har baat aapko pareshani karne wali hogi ya toh ho sakta hai ki kahin na kahin aap Negative maahaul mein zyada rehte hai aur Negative maahaul mein zyada rahenge toh aapko pareshani nishchit taur par badhegi hi badhegi aur har choti choti batein aapko lagegi ki vaah cheezen aapko pareshan kar rahi hai isliye sabse pehla kaam ke maahaul positive dhundhiye aapko jeevan mein kya karna toh par focus kare aur jitne bhi choti choti batein hai usko thoda sa ignore karna shuru ambani ji ki mujhe kisi kaam ke liye bazaar jana hai aur jana hi hai toh us baat par agar main pareshan ho raha hoon toh bekar ka pareshan hona ki mujhe jana hai agar usme yah socho ki mujhe jana hai aur mujhe kaam karna hai toh isme pareshani ki kya baat hai toh aap us pareshani se bach sakte hai har choti choti baaton ko aap le kar ke agar aap naaraj ho jaate choti baaton mein pareshan na aapke bare mein kisi ne tareef nahi ki aur aap pareshan ho jata soch galat hai isme behtar yah hai ki aap choti choti baaton par pareshan na ho karke aap yah dekhiye ki us kaam ko kaise behtar tarike se niptaya jaaye koi pareshani aati hai kabhi aapko bimar ho jata hai koi job hai aap jo kar rahe ho wahan par job setisfekshan nahi ho raha hai vaah ek alag nahi lagta hai ki aap positive positive suniye dekhiye padhiye aapko khud bsp khud kuch dino mein lagne laga hai ki mujhe pareshani nahi ho rahi hai aur uske liye hamare portal hai jiska naam hai motivation tak com motivation tak com agar aap karenge toh yahan par bahut saare acche thoughts aapko milenge aur saari story aapko milegi jo aapko motivate karenge aur choti choti pareshaniyo se bahar nikalne ka rasta bataye ki bahut bahut dhanyavad

आपस वाली हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी आदत कैसे ठीक करूं सबसे पहले इस बा

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Sonika Mishra

Research & Poetry

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी इस आदत को कैसे ठीक करूं थोड़ा शोर बनी अपने दिमाग को थोड़ा स्टेबल रखी है और सोचिए की परेशानी है किसी चीज का हल नहीं है उस पर चिंतन कीजिए चिंता मत कीजिए

har choti choti baat par pareshan ho jata hoon main apni is aadat ko kaise theek karu thoda shor bani apne dimag ko thoda stable rakhi hai aur sochiye ki pareshani hai kisi cheez ka hal nahi hai us par chintan kijiye chinta mat kijiye

हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी इस आदत को कैसे ठीक करूं थोड़ा शोर बनी अपने

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Dr Anil Shalwa

Life Coach, Past Life Regression Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप ने सवाल किया है मैं हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी इस आदत को कैसे ठीक करूं लेकिन आप अगर हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाते हैं तो इससे सीधा सीधा यह समझ में आता है क्या बहुत ही इमोशनल इमोशनल इंसान हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाते हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि चीजें उनके हिसाब से चले लेकिन जीवन हमेशा ऐसा नहीं चलता तो जीवन में बहुत से ऐप्स डाउन से आएंगे बहुत सी ऊंच-नीच होगी कई बातें आपके हिसाब से होगी कई बात आपके अगेंस्ट होगी तो बहुत ज्यादा अपेक्षाएं करना कि हर चीज मेरे हिसाब से चले और ऐसे नहीं होती है तो फिर आप दुखी हो जाते हैं तो यही चीज है कि आप छोटी-छोटी बात पर आप परेशान होंगे दुखी होंगे तो आप थोड़ा सा इमोशन को अपने बैलेंस करें इमोशनल हो ना कोई बहुत अच्छी बात नहीं है ठीक है इमोशन जरूरी है लेकिन इमोशन पर भी कंट्रोल होना लिमिट होना जरूरी है क्योंकि सारी जीवन सारी दुनिया आपके हिसाब से नहीं कर सकती सारे लोग आपके हिसाब से नहीं कर सकते हैं तो हर बार जब लोग आपके अगेंस्ट जाएंगे या दुनिया आपके हिसाब से सही नहीं होगी या परिस्थिति आप क्या पोज में होगी तो परेशान होने लगेंगे तो ऐसे ही समझ में आता है कि आपका इमोशनल पाठ ज्यादा डेवलप्ड है तो मेरे ख्याल से एक छोटी चीज आप कर सकते हैं प्राणायाम में आप जो अनुलोम-विलोम हम बताते हैं अनुलोम विलोम ऑफ़ गूगल करके देख सकते हैं अनुलोम विलोम कैसे किया जाता है तो सुबह उठकर आप 5 मिनट अनुलोम-विलोम करें तो आपका जो इमोशनल माइंड ओरजनल माइंड ए लॉजिकल माइंड माइंड बैलेंस होना शुरू हो जाएगा और आपको थोड़ी थोड़ी तकलीफ होना बंद हो जाएगी 5 मिनट किया जाता है और अपनी दिनचर्या में जोड़ें तो आपका इमोशनल माइंड बैलेंस होना शुरू हो जाएगा और छोटी छोटी चीजों से विचलित नहीं होंगे परेशान नहीं होंगे करके देखें अगर आपको और ज्यादा मेरी मदद की जरूरत पड़ती है तो आप मुझे फोन लगा सकते हैं या कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं थैंक यू वेरी मच

aap ne sawaal kiya hai har choti choti baat par pareshan ho jata hoon main apni is aadat ko kaise theek karu lekin aap agar har choti choti baat par pareshan ho jaate hain toh isse seedha seedha yah samajh mein aata hai kya bahut hi emotional emotional insaan har choti choti baat par pareshan ho jaate hain kyonki vaah chahte hain ki cheezen unke hisab se chale lekin jeevan hamesha aisa nahi chalta toh jeevan mein bahut se apps down se aayenge bahut si unch neech hogi kai batein aapke hisab se hogi kai baat aapke against hogi toh bahut zyada apekshayen karna ki har cheez mere hisab se chale aur aise nahi hoti hai toh phir aap dukhi ho jaate hain toh yahi cheez hai ki aap choti choti baat par aap pareshan honge dukhi honge toh aap thoda sa emotion ko apne balance kare emotional ho na koi bahut achi baat nahi hai theek hai emotion zaroori hai lekin emotion par bhi control hona limit hona zaroori hai kyonki saree jeevan saree duniya aapke hisab se nahi kar sakti saare log aapke hisab se nahi kar sakte hain toh har baar jab log aapke against jaenge ya duniya aapke hisab se sahi nahi hogi ya paristithi aap kya pawege mein hogi toh pareshan hone lagenge toh aise hi samajh mein aata hai ki aapka emotional path zyada developed hai toh mere khayal se ek choti cheez aap kar sakte hain pranayaam mein aap jo anulom vilom hum batatey hain anulom vilom of google karke dekh sakte hain anulom vilom kaise kiya jata hai toh subah uthakar aap 5 minute anulom vilom kare toh aapka jo emotional mind orajanal mind a logical mind mind balance hona shuru ho jaega aur aapko thodi thodi takleef hona band ho jayegi 5 minute kiya jata hai aur apni dincharya mein joden toh aapka emotional mind balance hona shuru ho jaega aur choti choti chijon se vichalit nahi honge pareshan nahi honge karke dekhen agar aapko aur zyada meri madad ki zarurat padti hai toh aap mujhe phone laga sakte hain ya comment box mein comment kar sakte hain thank you very match

आप ने सवाल किया है मैं हर छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाता हूं मैं अपनी इस आदत को कैसे ठीक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत छोटी-छोटी बातों पर परेशान होने काम समस्या है और यह सब के साथ ही होता है ज्यादातर लोग इसे इसे इग्नोर करते क्योंकि उनके पास और भी काम है बहुत सारा करने के लिए कुछ लोग इन्हीं बातों में उलझ कर अपना महत्वपूर्ण समय गवा देते हैं और इन्ही में जीवन भर उलझे रहते हैं छोटी-छोटी बातों में ध्यान ना दें आपको छुट्टी मत परेशान करती है तो उसका तो उस समस्या को छोड़कर कुछ और समझ कुछ और चीज जो आपको अच्छी लगती है वह सुनना शुरू करें गाना पसंद है तो गाना सुनना शुरू कर दे डांस पर डांस करेगी उसको खोलने का तरीका है कि आप उससे डाइवर्ट हो जाए उसे छोड़कर और कोई किताब पढ़ना शुरू कर दीजिए कुछ लिखने लग जाए कुछ दूसरा किसी से बात कीजिए छोटी-छोटी बातों में परेशान नहीं होना चाहिए इन से कुछ मिलता नहीं है कुछ हासिल नहीं होता कि वह अपना मन जो है वह जो अनियंत्रित हो जाता है और जो सबसे बड़ी बात है कि छोटी-छोटी बातों पर परेशान होना खुद के लिए भी अच्छा नहीं होता और जो आपके साथ है आपका परिवार आपके दोस्त आपके काली रात के ऑफिस में कि बॉस आपकी उससे पार्टी आपके सहकर्मी उनके लिए भी अच्छा नहीं होता तो छोटी-छोटी बात होती है उसको खींचकर बहुत लंबा कर देते हो फिर बहुत बड़ा बन जाता है और वह हमारे तनाव का कारण हो जाता है क्योंकि जब हम किसी भी बात को लंबा खींचते हैं उसके की आवश्यकता ही नहीं होती खास काम नहीं है करने के लिए तो छोटी बातों में लोगों आजकल क्या करते हो परेशानी होती है तो लोग परेशानी पैदा करते हैं उनकी बातें होती है आपको ध्यान करना चाहिए ईश्वर में फंसा रखी विश्वास और कि भगवान पर पूरा पूरा इशारा भर साथ देंगे आपको अच्छी राह पर लाने उसके अलावा यदि आप पर विश्वास करते हैं मेडिटेशन करते हैं ना देना चाहूंगी गुरुदेव सदगुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का ध्यान करना शुरू मुझे बहुत सरल ध्यान है उनका विधि जब सब सरल है उससे आपको बहुत मदद मिलेगी और सदगुरुदेव श्री रामलाल ईशा के बारे में कहीं से भी जान सकते हैं बहुत आसान है धर्मेंद्र भाई जी के ऊपर वीडियो है वह भी देख सकते हैं आप ऑटोमेटिक जो काफी होता है गुरुदेव साक्षात जैसे डायरेक्टली जुड़ते हैं विश्वास विश्वास विश्वास होना चाहिए भगवान पर विश्वास कीजिए बाकी विश्वास के योग्य धरती में अभी तो कोई है नहीं ईश्वर पर विश्वास करेंगे तो आपको अवश्य सहायता मिलेगी हर चीज से बाहर निकलने में कोई भी छोटी बातों ईश्वर से कही अपनी परेशानी और किसे चलती हुई बस भगवान से कैसे भूल जाइए उसे भगवान पर छोड़ दीजिए तो आप किसी के भी सामने झूठ की बातों को रखें मुझसे हम नहीं होते हैं क्योंकि हर इंसान को अपनी बात कह नहीं होती है और दूसरे इंसान को वह बात सुननी पड़ती है फिर झगड़े होते हैं और बड़े हो जाते हैं जब भी आपके मन में हो छोटी बहुत परेशान कर दिया आप उसे जाकर आईने में को फिर आपको लगेगा उसकी कोई वैल्यू नहीं है तो मामूली सी बात है और टी सलूशन मांगू क्या हो सकता है ठीक है तो आप उस ईश्वर से कह सकते मंदिर में अपने मंदिर में जाकर के मंदिर में भगवान को मानते उनकी मदद करेंगे बड़ी समस्या है मेरे पापा भी है उनको भी ऐसे समझ गया है वह भी छूट जाता है दूसरे को भी करते हैं और अगर ऐसा नहीं हो तो पूरे घर में आधा का वातावरण हो जाए

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बहुत छोटी-छोटी बातों पर परेशान होने काम समस्या है और यह सब के साथ ही होता है ज्यादातर लोग

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Yogesh Sharma

M.Com Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी लोगों को किसी बात से प्रॉब्लम जब होती है यहां तो वह बात उसके इफेक्ट डाली है या फिर उससे संबंधित कोई बात है यहां पर ऐसी कोई बात जिससे उसको ज्वैलर्स फील हो रही है ठीक है इस बात से लोगों को प्रॉब्लम होती है पूजा उठ कोई प्रश्न है जो कि कहता है कि मैं बहुत बड़ी पोस्ट पर लगूंगा तो जो बंदा यह कहता है कि तुम नहीं लगेगा तो उसके कहने का मतलब यह नहीं कि नहीं लगेगा क्योंकि वह खुद नहीं लग सकता उसकी यह प्रॉब्लम है तो वह क्या कहते हैं कि मैं नहीं लग सकता तो तुम भी नहीं लग सकता यह कुछ लोग ऐसे होते हैं समाज के अंदर देहाती और खराब किस्म के लोग होते हैं जो खुद तो कोई काम करते नहीं और उनको भी नहीं करने देते एनी का मतलब खुद तो आलसी होते हैं वह खुद कोई काम करना नहीं चाहती ना औरों को भी मोटिवेट करते रहते हैं यानी कि ऐसे लोगों से जितना ज्यादा दूर रह सके उतना ज्यादा दूर रहना चाहिए मेरा मानना तो यही है तुझे ज्यादा ख़राब दूरियां बना लेंगे तो उनको भी प्रॉब्लम नहीं होगी और आपको भी कोई प्रॉब्लम उनसे नहीं होगी शुक्रिया

vicky logo ko kisi baat se problem jab hoti hai yahan toh vaah baat uske effect dali hai ya phir usse sambandhit koi baat hai yahan par aisi koi baat jisse usko jwailars feel ho rahi hai theek hai is baat se logo ko problem hoti hai puja uth koi prashna hai jo ki kahata hai ki main bahut badi post par lagunga toh jo banda yah kahata hai ki tum nahi lagega toh uske kehne ka matlab yah nahi ki nahi lagega kyonki vaah khud nahi lag sakta uski yah problem hai toh vaah kya kehte hain ki main nahi lag sakta toh tum bhi nahi lag sakta yah kuch log aise hote hain samaj ke andar dehati aur kharab kism ke log hote hain jo khud toh koi kaam karte nahi aur unko bhi nahi karne dete any ka matlab khud toh aalsi hote hain vaah khud koi kaam karna nahi chahti na auron ko bhi motivate karte rehte hain yani ki aise logo se jitna zyada dur reh sake utana zyada dur rehna chahiye mera manana toh yahi hai tujhe zyada kharab duriyan bana lenge toh unko bhi problem nahi hogi aur aapko bhi koi problem unse nahi hogi shukriya

विकी लोगों को किसी बात से प्रॉब्लम जब होती है यहां तो वह बात उसके इफेक्ट डाली है या फिर उ

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