#RIPSujith: ज़िंदगी की जंग हार गया सुजीत, 72 घंटे बाद बोरवेल से निकाली गई लाश - इसमे सरकार का कितना दोष है?...


play
user

Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

3:16

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुजीत जो बच्चा जिंदगी के जंग हार क्या दुआ वर्ष खंडों के बाद बोरवेल से निकाली गई लाश इसमें सरकार का कितना तो उसे सरकार का इसमें मैं यह कहूंगी इसमें 2 लोगों का दोष है सरकार का तो है बिल्कुल है वह दूसरी हद तक उनके घर वालों का भी हर्बल जैसे इंडिया में एक घर में मतलब आप कहीं भी कोई कंस्ट्रक्शन करते हैं तो बोरवेल की परमिशन भी आपको लेनी होती है और फिर उसमें आप मुंसिपल कॉर्पोरेशन से परमिशन लेते हो तो यह मुझे पता नहीं है ढंग से सूचित के केस में यह घर में कुदरत है कहीं बहुत बड़ी कमर्शियल ज्यादा पर या वो किसी लेबर का बच्चा था लेकिन जहां कहीं भी हो हमारे देश में सेफ्टी स्टैंडर्ड नाम की कोई चीज है ही नहीं जब भी कोई बड़ी बड़ी मार बनती है वह अकेले बार उसी के आसपास छोटी-छोटी झोपड़ियां का एड्रेस कौन से स्टील से यह किसी भी चीज से बना कर में रहने लगते हैं खाने पीने लगते हैं और उसमें उनके बच्चे भी होते हैं पनपते हैं जीते हैं जब तक कि कंस्ट्रक्शन नहीं होता फिर वहां से चले जाते हैं तो इसमें यह प्राइवेटली भी हो या पब्लिक ली हो हर चीज में यह देखना चाहिए कि झूले पर आपके लिए काम कर रहा है आपको इसके एक सेफ्टी स्टैंडर्ड्स इसमें थोड़ा-बहुत लेबल्स को भी यह बताना चाहिए कि अगर वह जहां जिस जगह काम करते हैं और उनके छोटे बच्चे और अगर वो वहीं रहते तो उनको बच्चों से किस चीज से दूर रखा जाए उस साइड में वह कहा ना जाए और इस बात का ध्यान रखा जाए कि उनके बच्चे जो एक कोई भी ऐसी मुश्किल में ना पड़े जैसा यह बच्चा पड़ गया पहली चीज है दूसरा उनके बच्चों पर वह भी ज्यादा मतलब फोकस नहीं करते अपने काम से जाते हैं वापस आते हैं तो बच्चे कहीं भी नहीं तो यह बच्चा तो बोर वाला किरदार हो गया लेकिन उमन देखा गया है कि बच्चे जो है अक्सर सेफ्टी मेजर्स स्टैंडर्ड ना लेने से कोई भी हादसे का शिकार हो सकते गारमेंट का बीच में बहुत बड़ा हाथ है क्योंकि सेफ्टी स्टैंडर्ड आपको घमंड से आते हैं कि जब गवर्मेंट जॉब पास करती है तो उस पर चलना सभी के लिए अनिवार्य है सबको चलना पड़ता है तो कमेंट का काम है कि वह लेबर के लिए जिसे यूनियन बनी है महान लोग भी बनाए उनके परिवार के लोग जो काम में नहीं शामिल चाहे वह घर में बच्चे हो छोटे से बड़े बूढ़े हो कुछ हम भी रहते एक तो उनकी साइट से उनको दूर जगह पर जगह दे रहने के लिए अगर देते हैं तो और दूसरा इस बात का भी हमेशा ध्यान रखें कि जहां काम हो रहा है जहां से पी नहीं है वहां ऐसे किसी को भी ना आने दिया जाए जिसमें उसको किसी तरह का नुकसान पहुंचे तो यह दो मिली-जुली कोशिश से ही ऐसे हाथों से आगे बढ़ सकते हैं इसमें गारमेंट का तो बहुत हद तक उनको लॉक बिल पास करने चाहिए और साथ में खुद लेबरर्स के अंदर यह बात उन्हें बतानी चाहिए कि बच्चों को कैसे इन चीजों से बचाए रखें धन्यवाद

sujit jo baccha zindagi ke jung haar kya dua varsh khando ke baad borewell se nikali gayi laash isme sarkar ka kitna toh use sarkar ka isme main yah kahungi isme 2 logo ka dosh hai sarkar ka toh hai bilkul hai vaah dusri had tak unke ghar walon ka bhi herbal jaise india mein ek ghar mein matlab aap kahin bhi koi construction karte hai toh borewell ki permission bhi aapko leni hoti hai aur phir usme aap munsipal corporation se permission lete ho toh yah mujhe pata nahi hai dhang se suchit ke case mein yah ghar mein kudrat hai kahin bahut baadi commercial zyada par ya vo kisi labour ka baccha tha lekin jaha kahin bhi ho hamare desh mein safety standard naam ki koi cheez hai hi nahi jab bhi koi baadi badi maar banti hai vaah akele baar usi ke aaspass choti choti jhopdiyan ka address kaunsi steel se yah kisi bhi cheez se bana kar mein rehne lagte hai khane peene lagte hai aur usme unke bacche bhi hote hai panpate hai jeete hai jab tak ki construction nahi hota phir wahan se chale jaate hai toh isme yah privately bhi ho ya public li ho har cheez mein yah dekhna chahiye ki jhule par aapke liye kaam kar raha hai aapko iske ek safety Standards isme thoda bahut labels ko bhi yah bataana chahiye ki agar vaah jaha jis jagah kaam karte hai aur unke chote bacche aur agar vo wahi rehte toh unko baccho se kis cheez se dur rakha jaaye us side mein vaah kaha na jaaye aur is baat ka dhyan rakha jaaye ki unke bacche jo ek koi bhi aisi mushkil mein na pade jaisa yah baccha pad gaya pehli cheez hai doosra unke baccho par vaah bhi zyada matlab focus nahi karte apne kaam se jaate hai wapas aate hai toh bacche kahin bhi nahi toh yah baccha toh bore vala kirdaar ho gaya lekin uman dekha gaya hai ki bacche jo hai aksar safety majors standard na lene se koi bhi haadse ka shikaar ho sakte garment ka beech mein bahut bada hath hai kyonki safety standard aapko ghamand se aate hai ki jab government paas karti hai toh us par chalna sabhi ke liye anivarya hai sabko chalna padta hai toh comment ka kaam hai ki vaah labour ke liye jise union bani hai mahaan log bhi banaye unke parivar ke log jo kaam mein nahi shaamil chahen vaah ghar mein bacche ho chote se bade budhe ho kuch hum bhi rehte ek toh unki site se unko dur jagah par jagah de rehne ke liye agar dete hai toh aur doosra is baat ka bhi hamesha dhyan rakhen ki jaha kaam ho raha hai jaha se p nahi hai wahan aise kisi ko bhi na aane diya jaaye jisme usko kisi tarah ka nuksan pahuche toh yah do mili julie koshish se hi aise hathon se aage badh sakte hai isme garment ka toh bahut had tak unko lock bill paas karne chahiye aur saath mein khud laborers ke andar yah baat unhe batani chahiye ki baccho ko kaise in chijon se bachaye rakhen dhanyavad

सुजीत जो बच्चा जिंदगी के जंग हार क्या दुआ वर्ष खंडों के बाद बोरवेल से निकाली गई लाश इसमें

Romanized Version
Likes  264  Dislikes    views  4064
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रेस्ट इन पीस सुजीत जिंदगी की जंग हार गया 70 घंटे बाद निकाली गई इसमें सरकार का कितना पोस्ट है सुजीत नाम का 2 साल का लड़का 25 अक्टूबर 5:30 बजे शाम को चलते चलते बोरवेल में गिर गया था उस लड़के का नाम सुजीत ट्यूशन ता उम्र 2 साल थी उसके बाद आपात कोशिश करने के बाद और मोदी जी ने भी किया था कि तमिलनाडु के एक बच्चे की पूरी तरह से बचाव हो जाए और वह तमिलनाडु का बच्चा जीवित रहे अब इसमें सरकार का दोस्त यह कह सकते हैं कि पहले से ही अगर सावधानी बरतकर इस ऑपरेशन को फास्ट अगर पहले से किया जाता तो कुछ जान हो सकते थे क्योंकि ज्यादा समय बीत जाने पर ऑक्सीजन की कमी होना स्वाभाविक है और इस तरह केमिस्ट्री दुखद जो है वह पढ़ती हुई है अब उसी प्रकार का दोष कहें या सुबह ट्यूशन किस-किस मक्का या उनके माता-पिता की किस्मत कहां अब क्या कर सकते हैं अब हम शौक के अलावा कुछ और नहीं प्रदर्शित कर सकते लेकिन भविष्य में ऐसी बात के ऐसी दुखद घटना है ना हो उसके लिए बोरवेल के आसपास जो हमें पूरे पी क्वेश्चन रखनी चाहिए ताकि एक्स खुले बच्चा खेलते खेलते लॉजिकल जैसी दुर्घटनाएं धन्यवाद

rest in peace sujit zindagi ki jung haar gaya 70 ghante baad nikali gayi isme sarkar ka kitna post hai sujit naam ka 2 saal ka ladka 25 october 5 30 baje shaam ko chalte chalte borewell mein gir gaya tha us ladke ka naam sujit tuition ta umr 2 saal thi uske baad aapaat koshish karne ke baad aur modi ji ne bhi kiya tha ki tamil nadu ke ek bacche ki puri tarah se bachav ho jaaye aur vaah tamil nadu ka baccha jeevit rahe ab isme sarkar ka dost yah keh sakte hain ki pehle se hi agar savdhani baratakar is operation ko fast agar pehle se kiya jata toh kuch jaan ho sakte the kyonki zyada samay beet jaane par oxygen ki kami hona swabhavik hai aur is tarah chemistry dukhad jo hai vaah padhati hui hai ab usi prakar ka dosh kahein ya subah tuition kis kis makka ya unke mata pita ki kismat kahaan ab kya kar sakte hain ab hum shauk ke alava kuch aur nahi pradarshit kar sakte lekin bhavishya mein aisi baat ke aisi dukhad ghatna hai na ho uske liye borewell ke aaspass jo hamein poore p question rakhni chahiye taki x khule baccha khelte khelte logical jaisi durghatanaen dhanyavad

रेस्ट इन पीस सुजीत जिंदगी की जंग हार गया 70 घंटे बाद निकाली गई इसमें सरकार का कितना पोस्ट

Romanized Version
Likes  60  Dislikes    views  1204
WhatsApp_icon
user

Sachin Sinha

Journalist

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजस्थान भारत सरकार को खुशी है कि साथ में वह विभाग की तुलसी है जो बार-बार बोरवेल को करते हैं बच्चे के सामने का धाम अंबानी ने एहसास का 506 सबसे आप उठाइए के मामले बढ़ते जा रहे जमाने में इस जमाने में हैं और तब से लेकर के याद होगा राजस्थान होना ऐसे ही न जाने कहां-कहां हर बार यह गंदा खुला रखते हैं और एक दूसरे देश को नए प्रश्न उत्तर भोपाल ईपेपर भागलपुर सबसे बड़ा धर्म है यह बोलो तो सरकार दोषी कौन है साथ में लेकिन हो गया जिसको भी ठंडा दिया गया होगा और नियम बनाने चाहिए बहुत खूब खत्म होना चाहिए सरकार को

rajasthan bharat sarkar ko khushi hai ki saath mein vaah vibhag ki tulsi hai jo baar baar borewell ko karte hain bacche ke saamne ka dhaam ambani ne ehsaas ka 506 sabse aap uthaiye ke mamle badhte ja rahe jamane mein is jamane mein hain aur tab se lekar ke yaad hoga rajasthan hona aise hi na jaane kahan kahan har baar yah ganda khula rakhte hain aur ek dusre desh ko naye prashna uttar bhopal ipepar bhagalpur sabse bada dharm hai yah bolo toh sarkar doshi kaun hai saath mein lekin ho gaya jisko bhi thanda diya gaya hoga aur niyam banane chahiye bahut khoob khatam hona chahiye sarkar ko

राजस्थान भारत सरकार को खुशी है कि साथ में वह विभाग की तुलसी है जो बार-बार बोरवेल को करते ह

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  293
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!