गोविंद जायसवाल को UPSC की तैयारी के दौरान किन किन संघर्षों से गुज़रना पड़ा?...


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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:30

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गोविंद जयसवाल निको यूपीएससी की तैयारी के दौरान किन किन वर्षों से गुजारना पशुओं की कहानी बता सकता हूं आप अपने सिंगर कों की कहानी नौटंकी गोविंद जायसवाल कृपया सभी के साथ जो होता है आशीष समस्याएं पारिवारिक समस्याएं और पक्षियों का अवलोकन अनुच्छेद उतना कम समय में क्योंकि जब आदमी कई बच्चियों के प्रशन में होता है तो खुद गीत करना को से बाहर निकलना मुश्किल होता है और कोई भी व्यक्ति एक बार जायसवाल जी से आप संपर्क करके या जयसवाल जी के विषय में आप जितना बेहतर कुछ बता पाएंगे उतना दूसरा आदमी केवल जो कुछ नहीं जाना है सुना है वही परिचय दे पाएंगे टमाटर एक कि आप उनसे तुम पर तो मैं नहीं कहूंगा कि संपर्क करें आप लेकिन आप जानकारी ले सकते

govind jaisawal niko upsc ki taiyari ke dauran kin kin varshon se gujarana pashuo ki kahani bata sakta hoon aap apne singer ko ki kahani nautanki govind jaiswal kripya sabhi ke saath jo hota hai aashish samasyaen parivarik samasyaen aur pakshiyo ka avalokan anuched utana kam samay mein kyonki jab aadmi kai bachiyo ke prashn mein hota hai toh khud geet karna ko se bahar nikalna mushkil hota hai aur koi bhi vyakti ek baar jaiswal ji se aap sampark karke ya jaisawal ji ke vishay mein aap jitna behtar kuch bata payenge utana doosra aadmi keval jo kuch nahi jana hai suna hai wahi parichay de payenge tamatar ek ki aap unse tum par toh main nahi kahunga ki sampark kare aap lekin aap jaankari le sakte

गोविंद जयसवाल निको यूपीएससी की तैयारी के दौरान किन किन वर्षों से गुजारना पशुओं की कहानी बत

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Neeraj Shukla

Philosopher || Avid Reader.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गोविंद जायसवाल जी के पिताजी रिक्शा चलाते थे और हमने बहुत संघर्ष किया गोविंद जायसवाल जी को पढ़ाने के लिए गोविंद जायसवाल जी ने भी बहुत कुछ बर्दाश्त किया काफी इधर-उधर देखे उन्होंने अपने घर में लाइट ना होना देखा और गांव की गरीबी देखी और फिर उन्होंने देखा कि गांव में लोगों के यहां लाइट और मेरे यहां लाइट नहीं है ऐसी चीजों से प्रेरणा मिली थी उन्हें और बाद में उन्होंने इसी चीज का परिवर्तन किया

govind jaiswal ji ke pitaji riksha chalte the aur humne bahut sangharsh kiya govind jaiswal ji ko padhane ke liye govind jaiswal ji ne bhi bahut kuch bardaasht kiya kaafi idhar udhar dekhe unhone apne ghar mein light na hona dekha aur gaon ki garibi dekhi aur phir unhone dekha ki gaon mein logo ke yahan light aur mere yahan light nahi hai aisi chijon se prerna mili thi unhe aur baad mein unhone isi cheez ka parivartan kiya

गोविंद जायसवाल जी के पिताजी रिक्शा चलाते थे और हमने बहुत संघर्ष किया गोविंद जायसवाल जी को

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नमस्कार मैं राकेश प्रताप सिंह गोविंद जयसवाल का सवाल है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान किन-किन कठिनाइयों या संघर्षों से गुजरना पड़ता है तो जयसवाल जी पहली बात तो यही है कि जब तक आपको सफलता ना मिल जाए तब तक आप संघर्षमय जीवन जिएंगे ठीक है अब बात ही आती है कि आप संघर्ष कर रहे हैं किस तरीके से कर रहे हैं संघर्ष तो वह भी करता है जो फैमिली चला रहा है संघर्ष तो वह भी कर रहा है जब बिजनेस कर रहा है संघर्ष कर रहा है जो अपनी जीविका चलाने के लिए हलवा चला रहा है तो आप संघर्ष की बात मत करिए जब तक आप को सबसे या सफलता न मिल जाए तब सजना हो जाए तब तक यूपीएससी हो या कोई भी कंपटीशन एग्जाम हो तो उसमें संघर्ष ही रहता है और जयसवाल जी यूपीएससी की प्रिपरेशन में संयम और जुनून की बहुत आवश्यकता होती है अगर आपके अंदर कर गुजरने का हौसला है आपके अंदर तो आप यह मानिए कि आप खत्म हो जाएंगे और आपके अंदर अगर लक्ष्य को भेजने में आप की एप्रोच इतनी अच्छी नहीं है तो थोड़ा समय लगेगा लेकिन सफलता जरूर मिलेगी यह तय है अगर इस दौर में है तो इसलिए अपने आप में एक बहुत बड़ा चुनौतीपूर्ण यह यूपीएससी होता है इसमें लगन मेहनत और संयम बनाए रखना सबसे बड़ा संघर्ष है यूपीएससी प्रिपरेशन के दौरान बहुत चीजों से आपको दूर होना पड़ता है दोस्त इधर-उधर टहलना घूमना अधिक समय दर-दर वेस्ट करना यह सब बचाना पड़ता है जो सबसे दूरी कर बनानी पड़ती है समझ रहे हो इसलिए आप जब तक ना सफल हो जाए तब तक आप कुछ कह नहीं सकते समस्त कब तक चलेगा वह कहते ही नहीं है कि हम मिडिल क्लास वालों मोटिवेशन की जरूरत नहीं होती है क्योंकि हमारी फाइनेंसियल कंडीशन ही हमारे हर पल को मोटिवेट करती रहती है तू यहां मोटिवेशन की भी जरूरत नहीं है आपको अगर आप अपने जुनून अपनी लगन अपने आत्मविश्वास से अगर लगे या यूपीएससी में तो आप चला सकते हैं कि सफलता शोर है और आप बता रहे कि बिना संघर्ष के कोई महान भाई होता है तो इसलिए यूपीएससी के डलिया दौरान आप अच्छे से पढ़िए और आप हमें को अच्छे से इलाज कीजिए जयसवाल जी जब आप यूपीएससी के बारे में जानते नहीं थे तो उसमें आपको बहुत बड़ा लग रहा होगा और उस दौरान सोचिए जब नेट या सोशल मीडिया वगैरह कुछ नहीं था उस दौरान लोग तैयारी करते थे किसी को तो यह नहीं पता था दिल सब्जेक्ट के बारे में कितने सब्जेक्ट होने कुछ लोग तो मन बनाते भी थे लेकिन वह इसीलिए हताश हो जाते थे क्योंकि उनके पास उपलब्ध नहीं था सामग्री नहीं थी नहीं थे कोचिंग दूर थी घर में इतना पैसा नहीं था कि वह इन्वेस्ट कर सकें तो पहले से अब सिंपल है कुछ लोगों का मानना है कि अब कठिन हो गया है यार कंपटीशन में हो तो कंप्लीटेड तो बराबर है आपके ठीक है तो इसलिए आप जितना अपने आप को तरह से में इतनी जल्दी सक्सेस आपके कदम चूमेगी ठीक है जय हिंद जय भारत

namaskar main rakesh pratap Singh govind jaisawal ka sawaal hai ki upsc ki taiyari ke dauran kin kin kathinaiyon ya sangharshon se gujarana padta hai toh jaisawal ji pehli baat toh yahi hai ki jab tak aapko safalta na mil jaaye tab tak aap sangharshamay jeevan jeeenge theek hai ab baat hi aati hai ki aap sangharsh kar rahe hain kis tarike se kar rahe hain sangharsh toh vaah bhi karta hai jo family chala raha hai sangharsh toh vaah bhi kar raha hai jab business kar raha hai sangharsh kar raha hai jo apni jeevika chalane ke liye halwa chala raha hai toh aap sangharsh ki baat mat kariye jab tak aap ko sabse ya safalta na mil jaaye tab sajna ho jaaye tab tak upsc ho ya koi bhi competition exam ho toh usme sangharsh hi rehta hai aur jaisawal ji upsc ki preparation me sanyam aur junun ki bahut avashyakta hoti hai agar aapke andar kar guzarne ka hausla hai aapke andar toh aap yah maniye ki aap khatam ho jaenge aur aapke andar agar lakshya ko bhejne me aap ki approach itni achi nahi hai toh thoda samay lagega lekin safalta zaroor milegi yah tay hai agar is daur me hai toh isliye apne aap me ek bahut bada chunautipurn yah upsc hota hai isme lagan mehnat aur sanyam banaye rakhna sabse bada sangharsh hai upsc preparation ke dauran bahut chijon se aapko dur hona padta hai dost idhar udhar tahalana ghumana adhik samay dar dar west karna yah sab bachaana padta hai jo sabse doori kar banani padti hai samajh rahe ho isliye aap jab tak na safal ho jaaye tab tak aap kuch keh nahi sakte samast kab tak chalega vaah kehte hi nahi hai ki hum middle class walon motivation ki zarurat nahi hoti hai kyonki hamari financial condition hi hamare har pal ko motivate karti rehti hai tu yahan motivation ki bhi zarurat nahi hai aapko agar aap apne junun apni lagan apne aatmvishvaas se agar lage ya upsc me toh aap chala sakte hain ki safalta shor hai aur aap bata rahe ki bina sangharsh ke koi mahaan bhai hota hai toh isliye upsc ke daliya dauran aap acche se padhiye aur aap hamein ko acche se ilaj kijiye jaisawal ji jab aap upsc ke bare me jante nahi the toh usme aapko bahut bada lag raha hoga aur us dauran sochiye jab net ya social media vagera kuch nahi tha us dauran log taiyari karte the kisi ko toh yah nahi pata tha dil subject ke bare me kitne subject hone kuch log toh man banate bhi the lekin vaah isliye hathaash ho jaate the kyonki unke paas uplabdh nahi tha samagri nahi thi nahi the coaching dur thi ghar me itna paisa nahi tha ki vaah invest kar sake toh pehle se ab simple hai kuch logo ka manana hai ki ab kathin ho gaya hai yaar competition me ho toh completed toh barabar hai aapke theek hai toh isliye aap jitna apne aap ko tarah se me itni jaldi success aapke kadam choomegi theek hai jai hind jai bharat

नमस्कार मैं राकेश प्रताप सिंह गोविंद जयसवाल का सवाल है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान किन-

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