#Diwali2019: इस साल भी पटाखों से प्रदूषण बहुत बढ़ा है। क्या भारत में पटाखे बैन कर देने चाहिएँ?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि आप प्रदूषण मुक्त भारत बनाना चाहते हैं तो निश्चित रूप से हमें पटा पटाखे अभी यह जनता को भी समझना चाहिए कि जनता बिना सहयोग जनता के बिना सहयोग के यह प्रदूषण मुक्त भारत बनाना बहुत कठिन है जनता की सरकार के प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी पटाखे चलाती है और दिन-रात जंगलों में श्री लंका कांड दिखाइए लकड़ी काटी जा रही है इसलिए जनता की फुर्सत बनाने के लिए मानसिकता बनाएगी तभी जब भारत प्रदूषण मुक्त हो सकता है

yadi aap pradushan mukt bharat banana chahte hain toh nishchit roop se hamein pata patakhe abhi yah janta ko bhi samajhna chahiye ki janta bina sahyog janta ke bina sahyog ke yah pradushan mukt bharat banana bahut kathin hai janta ki sarkar ke pratibandh lagane ke bawajud bhi patakhe chalati hai aur din raat jungalon me shri lanka kaand dikhaiye lakdi kaati ja rahi hai isliye janta ki phursat banane ke liye mansikta banayegi tabhi jab bharat pradushan mukt ho sakta hai

यदि आप प्रदूषण मुक्त भारत बनाना चाहते हैं तो निश्चित रूप से हमें पटा पटाखे अभी यह जनता को

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

2:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल है कि इस साल भी पटाखों से प्रदूषण बहुत बड़ा है तो क्या भारत में पटाखे बैन कर देने चाहिए देखिए मेरी राय में कोई भी चीज एकदम अचानक से करने से ना तो वह चीज समझ में आती है और ना ही किसी को अच्छा लगता है सारी है चेंज की जिसमें हमें हर एक के सेंटीमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए यह बात सच है कि प्रदूषण हो रहा है बताओ उसे लेकिन यह भी बात सच है कि दीवाली जैसे त्यौहार में बहुत से लोगों के अपने सेंटीमेंट्स और खुशी जुड़ी होती है और इसी एक ही त्यौहार पर लोग खुलकर अपनी खुशी का इजहार करते हैं तो अब सड़न आप किसी चीज पर बैन कर दोगे तो एक तो सेंटीमेंट्स एंड हॉट करेंगे लोगों के और दूसरा जो चीज नहीं आपके विश्वास है कि श्रद्धा से और आपकी खुशी से जुड़ सर्टेनली निकाल कर फेंक देने से इसमें आपको रिएक्शन ज्यादा आएंगे बजाय इसके कि लोग इस बात को समझें कैसे प्रदूषण हो रहा है और यह सभी के लिए हानिकारक है मेरी राय में अगर हमें बेस्ट आउट वे में अगर हमें पटाखे बिल्कुल बहन करने के बजाय गवर्मेंट को और एजेंसीज को यह बैठ कर सोचना चाहिए कि पैसे भी क्लाइमेटिक चेंज हो रहा है और हर चीज में एप्लीकेशन है एयर पोलूशन है वाटर पोलूशन हर तरह का तो क्या हमेशा करें जिससे धीरे-धीरे एक ऐसा चेंज लाएं इसके बिना पर हम कुछ और करें तो धार्मिक तरीके से तो दिए जलाते हैं लेकिन पटाखों की जगह कुछ और या फिर इन्वायरमेंट फोटो पटाखे भी खरीदे क्रैकर्स खरीदे जा सकते हैं जिस तरह गणेश चतुर्थी में मिट्टी केक लेकर चीनी मिट्टी के जो है गणेश इस्तेमाल किए और प्लास्टर ऑफ पेरिस के पेंट हटाकर बिल्कुल हर्बल पेंट यूज़ किए गए उसी तरह पटाखों के बारे में भी थोड़ी सी घमंड को चाहिए इन्वेस्टमेंट करें रिसर्च करें क्योंकि हमारे देश में यह त्यौहार सबसे बड़ा है और सबसे ज्यादा लेवल पर मनाया जाता है हर कोई से बनाता है तो इसके अंदर बदलाव लाने के लिए थोड़ी रिसर्च थोड़ा पैसा गवर्मेंट को लगाना चाहिए और यह सोचे कि इसके अंदर ऐसा क्या इसको रिप्लेस करें कैसे महामंडल फ्रेंडली पटाखे लाए ताकि वो जो त्योहार का मजा आए वह भी ना जाए साथ ही साथ आपका वातावरण प्रदूषण पीना हो तो इसको क्या करें इसके लिए थोड़ी रिसर्च थोड़ी मिल झूठ पर बैठकर सोच की जरूरत है एकदम अचानक से चीजें बंद कर देना समस्या का समाधान नहीं है धन्यवाद

sawaal hai ki is saal bhi patakhon se pradushan bahut bada hai toh kya bharat mein patakhe ban kar dene chahiye dekhiye meri rai mein koi bhi cheez ekdam achanak se karne se na toh vaah cheez samajh mein aati hai aur na hi kisi ko accha lagta hai saree hai change ki jisme hamein har ek ke sentiment ka bhi dhyan rakhna chahiye yah baat sach hai ki pradushan ho raha hai batao use lekin yah bhi baat sach hai ki diwali jaise tyohar mein bahut se logo ke apne sentiments aur khushi judi hoti hai aur isi ek hi tyohar par log khulkar apni khushi ka izhaar karte hain toh ab sadan aap kisi cheez par ban kar doge toh ek toh sentiments and hot karenge logo ke aur doosra jo cheez nahi aapke vishwas hai ki shraddha se aur aapki khushi se jud sartenali nikaal kar fenk dene se isme aapko reaction zyada aayenge bajay iske ki log is baat ko samajhe kaise pradushan ho raha hai aur yah sabhi ke liye haanikarak hai meri rai mein agar hamein best out ve mein agar hamein patakhe bilkul behen karne ke bajay government ko aur agencies ko yah baith kar sochna chahiye ki paise bhi klaimetik change ho raha hai aur har cheez mein application hai air pollution hai water pollution har tarah ka toh kya hamesha kare jisse dhire dhire ek aisa change laye iske bina par hum kuch aur kare toh dharmik tarike se toh diye jalate hain lekin patakhon ki jagah kuch aur ya phir environment photo patakhe bhi kharide kraikars kharide ja sakte hain jis tarah ganesh chaturthi mein mitti cake lekar chini mitti ke jo hai ganesh istemal kiye aur plaster of paris ke paint hatakar bilkul herbal paint use kiye gaye usi tarah patakhon ke bare mein bhi thodi si ghamand ko chahiye investment kare research kare kyonki hamare desh mein yah tyohar sabse bada hai aur sabse zyada level par manaya jata hai har koi se banata hai toh iske andar badlav lane ke liye thodi research thoda paisa government ko lagana chahiye aur yah soche ki iske andar aisa kya isko replace kare kaise mahamandal friendly patakhe laye taki vo jo tyohar ka maza aaye vaah bhi na jaaye saath hi saath aapka vatavaran pradushan peena ho toh isko kya kare iske liye thodi research thodi mil jhuth par baithkar soch ki zarurat hai ekdam achanak se cheezen band kar dena samasya ka samadhan nahi hai dhanyavad

सवाल है कि इस साल भी पटाखों से प्रदूषण बहुत बड़ा है तो क्या भारत में पटाखे बैन कर देने चाह

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स देखिए प्रदूषण बड़ा तो है लेकिन उसका उपाय बंद करना नहीं है उसको अब बैंकर के प्रदूषण ठीक नहीं कर सकते कम नहीं कर सकते क्योंकि ऐसा तो है नहीं कि हम रोज ही पटाखे जला रहे हो रोज इतना प्रदूषण हो रहा है पटाखे बंद करने से कोई सजेशन नहीं निकलने वाला हम यह कर सकते हैं कि और कुछ ऐसे पटाखे लाए सुप्रीनो चेतना पोलूशन ना हो या फिर एंड प्रदूषण को खत्म करने के लिए हम ज्यादा ज्यादा पेड़ लगे हम जितने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगा सकते हैं उसने ज्यादा ज्यादा पटाखे फोड़ सकते हैं गर्लफ्रेंड पटाखों के साथ भारतीयों की कुछ फीलिंग से जुड़ी हुई है कुछ भावनाएं जुड़ी हुई है 1 दिन मिलता है लोगों को पटाखे चलाने के लिए और इसके लिए गवर्नमेंट को मना नहीं कर सकती एक राष्ट्रीय त्योहार है जो सूखी मनाने वो कों ह वो मनाई दे अगर पटाखे बंद हो जाते हैं तो मैं ब्लॉक में खरीदे जाएंगे पटाखे और पटाखे फोड़े जाएंगे हम ज्यादा पेड़ लगा सकते हैं और ज्यादा पेड़ लगा सकती है ताकि इससे जो भी प्रदूषण हो रहा है उसका तो इसका क्या प्रभाव है वह बहुत कम होता है अनाबेंड करना ऑप्शन नहीं है फ्रेंड

hello friends dekhiye pradushan bada toh hai lekin uska upay band karna nahi hai usko ab banker ke pradushan theek nahi kar sakte kam nahi kar sakte kyonki aisa toh hai nahi ki hum roj hi patakhe jala rahe ho roj itna pradushan ho raha hai patakhe band karne se koi suggestion nahi nikalne vala hum yah kar sakte hain ki aur kuch aise patakhe laye suprino chetna pollution na ho ya phir and pradushan ko khatam karne ke liye hum zyada zyada ped lage hum jitne zyada se zyada ped laga sakte hain usne zyada zyada patakhe fod sakte hain girlfriend patakhon ke saath bharatiyon ki kuch feeling se judi hui hai kuch bhaavnaye judi hui hai 1 din milta hai logo ko patakhe chalane ke liye aur iske liye government ko mana nahi kar sakti ek rashtriya tyohar hai jo sukhi manane vo ko h vo manai de agar patakhe band ho jaate hain toh main block mein kharide jaenge patakhe aur patakhe phoden jaenge hum zyada ped laga sakte hain aur zyada ped laga sakti hai taki isse jo bhi pradushan ho raha hai uska toh iska kya prabhav hai vaah bahut kam hota hai anabend karna option nahi hai friend

हेलो फ्रेंड्स देखिए प्रदूषण बड़ा तो है लेकिन उसका उपाय बंद करना नहीं है उसको अब बैंकर के प

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:15

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस साल की पटाखों से प्रदूषण बहुत बड़ा है क्या भारत में पटाखे बहन कर देनी चाहिए देखिए सचित को बैंक कर देंगे फंसे बच्चे का क्या पटाखों से प्रदूषण बनाया अगर दिल्ली में प्रदूषण बड़ा है तो उसके पीछे और भी कारण हरियाणा और पंजाब में जो प्राणी जलाई जाती है उससे भी दिल्ली का प्रदूषण बड़ा है इसलिए पूरे देश में पटाखों को बैंक कर देना यह सही नहीं होगा हां जनजागृति जरूर होनी चाहिए जनजागृति के द्वारा युवाओं को और बच्चों को और सभी नागरिकों को प्रोत्साहित करना चाहिए कि पटाखे वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण करते हैं और सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार 2 घंटे आंसर 10 पटाखे चलाने की अनुमति है लेकिन लोग पूरी रात पटाखे जलाते हैं और पुलिस किसको किसको पकड़ने जाएगी कहां कहां पर है इसलिए पटाखों पर प्रतिबंध लगाना इस महीने में सही लगता है कि लोग समझते नहीं हैं मानते नहीं हैं वह चाहे बच्चे हो या युवा पीढ़ी हो और बहुत तो की बर्बादी भी होती है और क्षणिक आनंद मिलता है इसे पटाखों का उद्योग भी करता हो जाता है और पटाखों के साथ-साथ सिगरेट भी लुक देते हैं लेकिन उससे भी प्रदूषण होता है कार्बन मोनो ऑक्साइड सल्फर डाइऑक्साइड इस अध्यक्षता क्यों सिगरेट से निकलती लेकिन पटाखों से प्रदूषण की वजह से विक्रम कलाकार ना है तो कुछ और रास्ते निकालने पढ़ेंगे गंभीरता से सोचना पड़ेगा आम जनता के बीच चर्चा होनी चाहिए और आम जनता में से सुझाव लेने चाहिए उसके बाद ही कोई ऐसे कदम उठाने चाहिए हालांकि ऐसा देखा गया है कि जिस चीज को बैंक करती है वह चीज का उपयोग धोरे धोरे परिषद चलता है उसके भाव बढ़ जाते हैं इसलिए घर पर राम को पलभर लगाएंगे को पटाखों के बढ़ाओ एक तो बड़े हुए हैं और फिर बाद में ब्लैक मार्केटिंग में लोग पड़े इसलिए सही उपाय लगता है लोगों को उस टाइप करना चाहिए कि पटाखे न जलाएं और इसके लिए हर एक शहर में हर एक नजर बेसर शो का आयोजन होना चाहिए जैसा कि यूरोपियन कंट्री में होता है इससे पटाखे पर बैन लगाने के लिए का निर्देश होगा उसमें लोगों को आनंद आएगा और पटाखों का समय जो है ओलिवर सो देखकर पटाखे कम जलाएंगे धन्यवाद विश यू ऑल द बेस्ट हैप्पी दिवाली

is saal ki patakhon se pradushan bahut bada hai kya bharat mein patakhe behen kar deni chahiye dekhiye sachit ko bank kar denge fanse bacche ka kya patakhon se pradushan banaya agar delhi mein pradushan bada hai toh uske peeche aur bhi karan haryana aur punjab mein jo prani jalai jaati hai usse bhi delhi ka pradushan bada hai isliye poore desh mein patakhon ko bank kar dena yah sahi nahi hoga haan janajagriti zaroor honi chahiye janajagriti ke dwara yuvaon ko aur baccho ko aur sabhi nagriko ko protsahit karna chahiye ki patakhe vayu pradushan dhwani pradushan karte hain aur supreme court ke order ke anusaar 2 ghante answer 10 patakhe chalane ki anumati hai lekin log puri raat patakhe jalate hain aur police kisko kisko pakadane jayegi kahaan kahaan par hai isliye patakhon par pratibandh lagana is mahine mein sahi lagta hai ki log samajhte nahi hain maante nahi hain vaah chahen bacche ho ya yuva peedhi ho aur bahut toh ki barbadi bhi hoti hai aur kshanik anand milta hai ise patakhon ka udyog bhi karta ho jata hai aur patakhon ke saath saath cigarette bhi look dete hain lekin usse bhi pradushan hota hai carbon mono oxide sulphur dioxide is adhyakshata kyon cigarette se nikalti lekin patakhon se pradushan ki wajah se vikram kalakar na hai toh kuch aur raste nikalne padhenge gambhirta se sochna padega aam janta ke beech charcha honi chahiye aur aam janta mein se sujhaav lene chahiye uske baad hi koi aise kadam uthane chahiye halaki aisa dekha gaya hai ki jis cheez ko bank karti hai vaah cheez ka upyog dhore dhore parishad chalta hai uske bhav badh jaate hain isliye ghar par ram ko palbhar lagayenge ko patakhon ke badhao ek toh bade hue hain aur phir baad mein black marketing mein log pade isliye sahi upay lagta hai logo ko us type karna chahiye ki patakhe na jalaen aur iske liye har ek shehar mein har ek nazar besar show ka aayojan hona chahiye jaisa ki european country mein hota hai isse patakhe par ban lagane ke liye ka nirdesh hoga usme logo ko anand aayega aur patakhon ka samay jo hai oliver so dekhkar patakhe kam jalayenge dhanyavad wish you all the best happy diwali

इस साल की पटाखों से प्रदूषण बहुत बड़ा है क्या भारत में पटाखे बहन कर देनी चाहिए देखिए सचि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रदूषण यदि बहुत देखना है बहुत ही अधिक संख्या में फैल चुका है वह बताओ हमें कुछ सालों के लिए या कुछ समय के लिए से स्वरूप लगानी होगी पटाखों से प्रदूषण को रोकने के लिए हमें करना होगा इसीलिए आप ही ध्यान रखें कि हमारे सबसे बड़ा हमें रोकना जरूरी है तो दिए जलाना जरूरी है तो पता को ब्लू फिल्में चाहिए सरकार को भी प्रदूषण रोकना है या हमें प्रदूषण से बचाव करना है तो हमें पटाखों को कुछ समय के लिए त्यागना होगा उन्हें हटाना होगा यह बहुत सही

pradushan yadi bahut dekhna hai bahut hi adhik sankhya me fail chuka hai vaah batao hamein kuch salon ke liye ya kuch samay ke liye se swaroop lagani hogi patakhon se pradushan ko rokne ke liye hamein karna hoga isliye aap hi dhyan rakhen ki hamare sabse bada hamein rokna zaroori hai toh diye jalaana zaroori hai toh pata ko blue filme chahiye sarkar ko bhi pradushan rokna hai ya hamein pradushan se bachav karna hai toh hamein patakhon ko kuch samay ke liye tyagna hoga unhe hatana hoga yah bahut sahi

प्रदूषण यदि बहुत देखना है बहुत ही अधिक संख्या में फैल चुका है वह बताओ हमें कुछ सालों के लि

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